Breaking News
Cooking Oil Price Reduce : मूंगफली तेल हुआ सस्ता, सोया तेल की कीमतों मे आई 20-25 रुपये तक की भारी गिरावट PM Kisan Yojana : सरकार किसानों के खाते में भेज रही 15 लाख रुपये, फटाफट आप भी उठाएं लाभ Youtube से पैसे कमाने हुए मुश्किल : Youtuber बनने की सोच रहे हैं तो अभी जान लें ये काम की बात वरना बाद में पड़ सकता है पछताना गूगल का बड़ा एक्शन, हटाए 1.2 करोड़ अकाउंट, फर्जी विज्ञापन दिखाने वाले इन लोगो पर गिरी गाज Business Ideas : फूलों का बिजनेस कर गरीब किसान कमा सकते है लाखों रुपए, जानें तरीका
Wednesday, 17 July 2024

Auto and tech

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा अब डॉक्टर्स करेंगे बीमारी का इलाज

12 May 2022 01:55 AM Mega Daily News
डॉक्टर,बीमारी,कंप्यूटर,टेक्नोलॉजी,लेकिन,साथसाथ,भूमिका,पढ़ता,सेंटर,एनालिसिस,विश्लेषण,टेस्ट,जरूरत,स्पीड,डॉक्टर्स,doctors,cure,disease,artificial,intelligence,treat

आपके इलाज में डॉक्टर के साथ-साथ इंजीनियर (Engineer) की भी बड़ी अहमियत होती है. वर्ल्ड टेक्नोलॉजी डे (World Technology Day) पर मेडिकल साइंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की महत्वपूर्ण भूमिका है. 

कंप्यूटर भी पढ़ता है रिपोर्ट्स

आपको एक ऐसे डायग्नोस्टिक सेंटर (Diagnostic Center) में ले चलते हैं जहां आपके एक्स रे और सीटी स्कैन को डॉक्टर के साथ-साथ कंप्यूटर भी पढ़ता है. ऐसा एनालिसिस भारत (India) में एकाध सेंटर में ही मौजूद है. दुनिया के कुछ विकसित देश ऐसी एआई तकनीक को इस्तेमाल करते हैं. कंप्यूटर (Computer) आपकी बीमारी का विश्लेषण करता है और उस हिस्से को हाइलाइट कर देता है जहां बीमारी फैली है. 

कैसे काम करता है ये सिस्टम?

अगर बीमारी (Disease) गंभीर है तो कंप्यूटर सभी टेस्ट में से उस व्यक्ति के टेस्ट को सबसे ऊपर ले आता है जिसे तुरंत देखे जाने की जरूरत है. लेकिन यहीं डॉक्टर (Doctor) की भूमिका अहम हो जाती है. कई रिजल्ट ऐसे होते हैं जिसमें सॉफ्टवेयर का विश्लेषण (Software Analysis) और डॉक्टर की सोच एक नहीं होती. इसे कहते हैं वैलिडेशन यानी सिस्टम ने बताया कि बीमारी है लेकिन डॉक्टर के मुताबिक बीमारी नहीं है.

इलाज की बढ़ सकती है स्पीड

लिहाजा डॉक्टर्स मानते हैं कि टेक्नोलॉजी इलाज (Treatment) की स्पीड बढ़ा सकती है और डेटा का एनालिसिस दे सकती है. टेक्नोलॉजी डॉक्टर का जीवन आसान बना सकती है लेकिन पूरी तरह से एआई (AI) पर निर्भर हो पाने में कई साल लगेंगे. अभी उस वक्त के आने में काफी समय है जब डॉक्टर्स यकीन से कह सकेंगे कि अब उनकी जरूरत नहीं है.

whatsapp share facebook share twitter share telegram share linkedin share
Related News
Latest News