Breaking News
Cooking Oil Price Reduce : मूंगफली तेल हुआ सस्ता, सोया तेल की कीमतों मे आई 20-25 रुपये तक की भारी गिरावट PM Kisan Yojana : सरकार किसानों के खाते में भेज रही 15 लाख रुपये, फटाफट आप भी उठाएं लाभ Youtube से पैसे कमाने हुए मुश्किल : Youtuber बनने की सोच रहे हैं तो अभी जान लें ये काम की बात वरना बाद में पड़ सकता है पछताना गूगल का बड़ा एक्शन, हटाए 1.2 करोड़ अकाउंट, फर्जी विज्ञापन दिखाने वाले इन लोगो पर गिरी गाज Business Ideas : फूलों का बिजनेस कर गरीब किसान कमा सकते है लाखों रुपए, जानें तरीका
Saturday, 20 July 2024

India

बढ़ते सांप्रदायिक हिंसाओं की घटनाओं में कठोर एक्शन की मांग को लेकर विपक्षी नेता एक साथ आए, दोषियों को मिले सजा

17 April 2022 09:08 AM Mega Daily News
सांप्रदायिक,शांति,हिंसा,विपक्षी,लोगों,सद्भाव,संयुक्त,हमारे,चिंतित,चुप्पी,दोहराते,घटनाओं,विपक्ष,ध्रुवीकरण,वर्गों,opposition,leaders,came,together,demand,strict,action,increasing,incidents,communal,violence,culprits,punished

देश में सांप्रदायिक हिंसाओं की घटनाओं के मामले में कठोर एक्शन की मांग के साथ तमाम विपक्षी नेता एक साथ आ गए हैं. इनमें सोनिया गांधी, शरद पवार, ममता बनर्जी, एमके स्टालिन, हेमंत सोरेन, तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेता शामिल हैं. इन विपक्षी नेताओं ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने और सांप्रदायिक हिंसा के अपराधियों को कड़ी सजा देने की संयुक्त अपील जारी की.

साझा बयान में कही ये बात

संयुक्त विपक्ष की ओर से बयान में कहा गया है कि जिस तरह से हमारे समाज का ध्रुवीकरण करने के लिए सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान के वर्गों द्वारा जानबूझकर भोजन, पोशाक, आस्था, त्योहारों और भाषा से संबंधित मुद्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उससे हम बेहद दुखी हैं.

इस बात से चिंतित है विपक्ष

साझा बयान में कहा गया है कि हम उन लोगों द्वारा देश में अभद्र भाषा की बढ़ती घटनाओं से बेहद चिंतित हैं, जिन्हें आधिकारिक संरक्षण प्राप्त है और जिनके खिलाफ कोई सार्थक और कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है.

सांप्रदायिक हिंसा की कड़ी निंदा

हम देश के कई राज्यों में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं. हम गहराई से चिंतित हैं, क्योंकि रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि जिन क्षेत्रों में ये घटनाएं हुई हैं, वहां एक भयावह पैटर्न है. सांप्रदायिक हिंसा फैलाने वाले आक्रामक सशस्त्र धार्मिक जुलूसों से पहले भड़काऊ भाषण दिए गए.

PM की चुप्पी पर हैरान

बयान में यह भी कहा गया है कि हम प्रधानमंत्री की चुप्पी पर हैरान हैं, जो कट्टरता फैलाने वालों के शब्दों और कार्यों के खिलाफ बोलने में विफल रहे हैं और जो अपने शब्दों और कार्यों से हमारे समाज को उकसाते और भड़काते हैं. यह चुप्पी इस तथ्य का वाक्पटु प्रमाण है कि इस तरह की निजी सशस्त्र भीड़ आधिकारिक संरक्षण की विलासिता का आनंद लेती है.

जहरीली विचारधाराओं से मुकाबले की कही बात

हम सदियों से भारत को परिभाषित और समृद्ध बनाने वाले सामाजिक सद्भाव के बंधन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने के अपने सामूहिक संकल्प को दोहराते हैं. हम उन जहरीली विचारधाराओं का मुकाबला करने और उनका सामना करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं जो हमारे समाज में विभाजन की जड़ें जमाने का प्रयास कर रही हैं. हम अपने दृढ़ विश्वास को दोहराते हैं कि हमारा देश तभी समृद्ध होगा जब वह अपनी कई विविधताओं का सम्मान, समायोजन और जश्न मनाएगा.

पूरे देश में शांति की अपील

हम लोगों के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को तेज करने की इच्छा रखने वालों के भयावह उद्देश्य को विफल करने की अपील करते हैं. हम देशभर में अपनी सभी पार्टी इकाइयों से शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए स्वतंत्र रूप से और संयुक्त रूप से काम करने का आह्वान करते हैं.

whatsapp share facebook share twitter share telegram share linkedin share
Related News
Latest News