Breaking News
Cooking Oil Price Reduce : मूंगफली तेल हुआ सस्ता, सोया तेल की कीमतों मे आई 20-25 रुपये तक की भारी गिरावट PM Kisan Yojana : सरकार किसानों के खाते में भेज रही 15 लाख रुपये, फटाफट आप भी उठाएं लाभ Youtube से पैसे कमाने हुए मुश्किल : Youtuber बनने की सोच रहे हैं तो अभी जान लें ये काम की बात वरना बाद में पड़ सकता है पछताना गूगल का बड़ा एक्शन, हटाए 1.2 करोड़ अकाउंट, फर्जी विज्ञापन दिखाने वाले इन लोगो पर गिरी गाज Business Ideas : फूलों का बिजनेस कर गरीब किसान कमा सकते है लाखों रुपए, जानें तरीका
Thursday, 18 July 2024

India

CBI की स्पेशल कोर्ट ने मुंबई बम बिस्फोट के आरोपी अबू सलेम सहित 2 आरोपियों को 3 साल की जेल की सजा सुनाई, ये थे आरोप

29 September 2022 12:51 AM Mega Daily News
पासपोर्ट,प्राप्त,न्यायालय,विशेष,दंडाधिकारी,तरीके,विरुद्ध,मुंबई,सीबीआई,फर्जी,मामले,आरोपियों,मोहम्मद,परवेज,दिनांक,,cbis,special,court,sentenced,2,accused,including,abu,salem,mumbai,bomb,blasts,3,years,jail,allegations

सीबीआई मामलों के विशेष दंडाधिकारी, लखनऊ ने फर्जी तरीके से पासपोर्ट प्राप्त करने से संबधिंत मामले में दो आरोपियों (अबू सलेम एवं मोहम्मद परवेज आलम) को तीन वर्ष की साधारण कारावास की सजा सुनाई. सीबीआई ने दिनांक 16 अक्टूबर 1997 को श्री अबू सलेम अब्दुल कयूम अंसारी और अन्यों के विरुद्ध मामला दर्ज किया. 

फर्जी तरीके से पाए पासपोर्ट

बता दें कि यह आरोप है कि वर्ष 1993 में बॉम्बे बम विस्फोट के बाद, अबू सलेम फरार था और उसने देश से भागने के उद्देश से अकील अहमद आजमी के नाम पर पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ से धोखाधड़ी कर पासपोर्ट प्राप्त कर लिया. उनकी पत्नी समीरा जुमानी ने भी कपटपूर्ण तरीके से सबीना आजमी के नाम से पासपोर्ट प्राप्त कर लिया. पासपोर्ट एजेंट, मोहम्मद परवेज आलम के माध्यम से उक्त पासपोर्ट प्राप्त किया गया था. अबू सलेम एवं उनकी पत्नी समीरा जुमानी फरार थे.

मुंबई बम बिस्फोट में आरोपी था अबू सलेम

जांच के बाद तारीख 1 जुलाई 1999 को विशेष न्यायिक दंडाधिकारी, सीबीआई, लखनऊ के न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया. अबू सलेम अब्दुल कयूम अंसारी बंबई बम विस्फोट से जुड़े एक अन्य मामले में भी फरार आरोपी था. विचारण अदालत ने उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था. उनके विरुद्ध गिरफ्तारी का गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था. आई पी एस जी (इंटरपोल) ने अबू सलेम के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस कंट्रोल (Red Corner Notice Control) भी जारी किया था.

जब मुंबई कोर्ट में अबू सलेम को किया गया पेश

18 सितंबर 2002 को अबू सलेम को लिस्बन (पुर्तगाल) में हिरासत में लिया गया. लिस्बन की अपीलीय न्यायालय व पुर्तगाल के संवैधानिक न्यायालय में चली लंबी कार्यवाही के बाद अबू सलेम के प्रत्यर्पण की अनुमति दी गई और उसकी हिरासत दिनांक 10 नवंबर 2005 को भारतीय अधिकारियों को सौंप दी गई. अबू सलेम को भारत लाया गया और 11 नवंबर 2005 को नामित अदालत, मुंबई के समक्ष पेश किया गया और उसके बाद विशेष दंडाधिकारी, सीबीआई, लखनऊ के माननीय न्यायालय में पेश किया गया.

विचारण अदालत ने दोनों आरोपियों को कसूरवार पाया और उन्हें दोषी ठहराया.

whatsapp share facebook share twitter share telegram share linkedin share
Related News
Latest News