Breaking News
Cooking Oil Price Reduce : मूंगफली तेल हुआ सस्ता, सोया तेल की कीमतों मे आई 20-25 रुपये तक की भारी गिरावट PM Kisan Yojana : सरकार किसानों के खाते में भेज रही 15 लाख रुपये, फटाफट आप भी उठाएं लाभ Youtube से पैसे कमाने हुए मुश्किल : Youtuber बनने की सोच रहे हैं तो अभी जान लें ये काम की बात वरना बाद में पड़ सकता है पछताना गूगल का बड़ा एक्शन, हटाए 1.2 करोड़ अकाउंट, फर्जी विज्ञापन दिखाने वाले इन लोगो पर गिरी गाज Business Ideas : फूलों का बिजनेस कर गरीब किसान कमा सकते है लाखों रुपए, जानें तरीका
Wednesday, 17 April 2024

India

एक जिद, जिससे लाखों लोगों को करोड़ों का फायदा हुआ

31 May 2022 01:22 AM Mega Daily News
रुपये,स्वामी,रेलवे,उन्हें,आवेदन,उन्होंने,लड़ाई,उपयोगकर्ताओं,आरटीआई,आईआरसीटीसी,इंजीनियर,करोड़,मंजूरी,‘जीएसटी’,व्यवस्था,,stubbornness,due,lakhs,people,benefited,crores

कोटा के एक व्यक्ति ने रेलवे से 35 रुपये वापस पाने के लिए पांच साल तक लड़ाई लड़ी और अंतत: जीत हासिल की. उनकी इस जीत से करीब तीन लाख लोगों को भी फायदा हुआ. कोटा के रहने वाले इंजीनियर सुरजीत स्वामी ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन के तहत उन्हें मिले जवाब के हवाले से बताया कि रेलवे ने आईआरसीटीसी के 2.98 लाख उपयोगकर्ताओं को 2.43 करोड़ रुपये वापस करने की मंजूरी दी है. 

रेलवे से 35 रुपये की लड़ाई

स्वामी ने कहा कि उन्होंने सेवा कर के तौर पर वसूले गए 35 रुपये वापस पाने के लिए आरटीआई के तहत करीब 50 आवेदन दायर किए और चार सरकारी विभागों को पत्र लिखे. रेलवे ने ‘जीएसटी’ व्यवस्था लागू होने से पहले टिकट रद्द कराने के बावजूद सेवा कर वसूल लिया था. स्वामी ने दावा किया कि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी)ने उनके आरटीआई आवेदन के जवाब में कहा कि 2.98 लाख उपयोगकर्ताओं को प्रत्येक टिकट पर 35 रुपये वापस मिलेंगे जो कुल 2.43 करोड़ रुपये होते हैं. 

2017 में बुक कराया था टिकट

स्वामी ने कहा, 'पैसे वापसी की मांग को लेकर मैंने बार-बार ट्वीट किए, मैंने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, जीएसटी परिषद और वित्त मंत्री को टैग किया जिसने 2.98 लाख उपयोगकर्ताओं को 35-35 रुपये वापस दिलाने में अहम भूमिका निभाई.' इंजीनियर ने दो जुलाई 2017 को यात्रा करने के लिए उस साल अप्रैल में स्वर्ण मंदिर मेल में यहां से दिल्ली तक का रेलवे टिकट बुक किया था. 

2019 में वापस मिले 33 रुपये

देश भर में एक जुलाई से ‘जीएसटी’ की नयी व्यवस्था लागू हो गई थी. हालांकि, उन्होंने टिकट रद्द कर दिया था, जिसकी कीमत 765 रुपये थी और उन्हें 100 रुपये की कटौती के साथ 665 रुपये वापस मिले जबकि उनके 65 रुपये कटने चाहिए थे. उन्होंने कहा कि उनसे सेवा कर के रूप में 35 रुपये की अतिरिक्त राशि वसूल की गई, हालांकि उन्होंने माल और सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले टिकट रद्द करा दिया था. 

स्वामी ने रेलवे और वित्त मंत्रालय को आरटीआई आवेदन भेजकर 35 रुपये वापस लेने की अपनी लड़ाई शुरू की. आरटीआई आवेदन के जवाब में आईआरसीटीसी ने कहा था, '35 रुपये वापस कर दिए जाएंगे.' स्वामी ने कहा कि उन्हें एक मई 2019 को 33 रुपये वापस मिले और दो रुपये की कटौती की गई. इसके बाद स्वामी ने अगले तीन साल तक दो रुपये वापस लेने की लड़ाई लड़ी और पिछले शुक्रवार को उन्हें कामयाबी मिली और उन्हें दो रुपये भी वापस मिल गए.

535 रुपये पीएम केयर्स फंड में दान किए

स्वामी के मुताबिक, आईआरसीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें सूचित किया, 'रेलवे बोर्ड ने सभी उपयोगकर्ताओं (2.98 लाख) को 35 रुपये वापस करने की मंजूरी दे दी है और पैसा जमा करने की प्रक्रिया चल रही है और सभी यात्रियों को धीरे-धीरे उनका पैसा वापस मिल जाएगा.' स्वामी ने कहा कि इसके बाद उन्होंने 535 रुपये प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान कर दिए.

whatsapp share facebook share twitter share telegram share linkedin share
Related News
Latest News