Breaking News
माधुरी दीक्षित के साथ जब इस अभिनेता ने कर दी थी गलत हरकत, फुट-फुटकर रोई थी माधुरी हेमा मालिनी और धर्मेंद्र पर टूटा दुखो का पहाड़, बेटी को लेकर आयी बेहद बुरी खबर, पूरा परिवार सदमे में मात्र 417 रुपये का निवेश बना सकता है करोड़पति, हो जायेंगे मालामाल, ऐसे समझे इन्वेस्टमेंट गणित Ration Card New Rule : मुफ्त राशन पर बदल गया नियम, गेहूं और चावल के लिए जरूरी करें यह काम Gold-Silver Price Today : सुबह – सुबह धड़ाम हुए सोने के दाम, खरीददारी करने टूटे लोग, गिरकर 47 हजार के नीचे पहुंच रेट
Saturday, 24 February 2024

Political News

केंद्र सरकार को निशाना बना रहे राहुल गांधी पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हमला बोला

22 February 2023 01:45 AM Mega Daily News
जयशंकर,सरकार,गांधी,राहुल,मंत्री,नियंत्रण,उन्हें,कब्जा,उन्होंने,एलएसी,केंद्र,विदेश,नरेंद्र,भारतीय,तैनाती,foreign,minister,jaishankar,attacked,rahul,gandhi,targeting,central,government

पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीनी आक्रामकता को लेकर केंद्र सरकार को निशाना बना रहे राहुल गांधी पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हमला बोला है. विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगलवार को राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय सेना को चीन द्वारा सेना की तैनाती के जवाब में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भेजा था. राहुल गांधी ने नहीं. जयशंकर ने कहा कि विपक्ष को ईमानदारी से देखना चाहिए कि 1962 में क्या हुआ था.

एएनआई से बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार ने सीमा के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए बजट को पांच गुना बढ़ा दिया है. मंत्री ने यह भी कहा कि जिस इलाके में चीनी पैंगोंग झील पर पुल बना रहे हैं, वह 1962 के युद्ध के बाद से चीन के अवैध कब्जे में है.

जयशंकर ने कहा कि वह क्षेत्र वास्तव में चीनी नियंत्रण में कब आया? उन्हें (कांग्रेस को) 'सी' से शुरू होने वाले शब्दों को समझने में कुछ समस्या होनी चाहिए. मुझे लगता है कि वे जानबूझकर स्थिति को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं. चीनी पहली बार 1958 में वहां आए और कब्जा कर लिया. यह कब्जा अक्टूबर 1962 में हुआ था. अब आप 2023 में मोदी सरकार को एक पुल के लिए दोषी ठहराने जा रहे हैं, जिस पर चीनियों ने 1962 में कब्जा कर लिया था और आपके पास यह कहने की ईमानदारी नहीं है कि यह वह जगह है जहां यह हुआ था.

जयशंकर ने आगे कहा कि राजीव गांधी 1988 में बीजिंग गए...1993 और 1996 में समझौतों पर हस्ताक्षर किए. मुझे नहीं लगता कि उन समझौतों पर हस्ताक्षर करना गलत था. सीमा को स्थिर करने के लिए उन्होंने ऐसा किया. उन्होंने यह भी कहा कि मांगें वाजिब नहीं हैं, केंद्र सरकार किसी समझौते पर नहीं आ पाएगी.

कांग्रेस के इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि मोदी सरकार चीन के मुद्दे पर रक्षात्मक और प्रतिक्रियाशील है? जयशंकर ने दावों को खारिज करते हुए कहा कि वर्तमान में चीन की सीमा पर शांतिकाल की सबसे बड़ी तैनाती है. उन्होंने कहा, 'अगर मुझे चीन की इस बात का सार निकालना है, तो कृपया इस नैरेटिव को न खरीदें कि कहीं सरकार बचाव की मुद्रा में है...कहीं हम उदार हो रहे हैं. मैं लोगों से पूछता हूं कि क्या हम उदार हो रहे थे और भारतीय सेना को किसने भेजा एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर. राहुल गांधी ने उन्हें (भारतीय सेना) नहीं भेजा. नरेंद्र मोदी ने उन्हें भेजा.

whatsapp share facebook share twitter share telegram share linkedin share
Related News
Latest News