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Saturday, 20 July 2024

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केंद्र सरकार को निशाना बना रहे राहुल गांधी पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हमला बोला

22 February 2023 01:45 AM Mega Daily News
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पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीनी आक्रामकता को लेकर केंद्र सरकार को निशाना बना रहे राहुल गांधी पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हमला बोला है. विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगलवार को राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय सेना को चीन द्वारा सेना की तैनाती के जवाब में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भेजा था. राहुल गांधी ने नहीं. जयशंकर ने कहा कि विपक्ष को ईमानदारी से देखना चाहिए कि 1962 में क्या हुआ था.

एएनआई से बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार ने सीमा के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए बजट को पांच गुना बढ़ा दिया है. मंत्री ने यह भी कहा कि जिस इलाके में चीनी पैंगोंग झील पर पुल बना रहे हैं, वह 1962 के युद्ध के बाद से चीन के अवैध कब्जे में है.

जयशंकर ने कहा कि वह क्षेत्र वास्तव में चीनी नियंत्रण में कब आया? उन्हें (कांग्रेस को) 'सी' से शुरू होने वाले शब्दों को समझने में कुछ समस्या होनी चाहिए. मुझे लगता है कि वे जानबूझकर स्थिति को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं. चीनी पहली बार 1958 में वहां आए और कब्जा कर लिया. यह कब्जा अक्टूबर 1962 में हुआ था. अब आप 2023 में मोदी सरकार को एक पुल के लिए दोषी ठहराने जा रहे हैं, जिस पर चीनियों ने 1962 में कब्जा कर लिया था और आपके पास यह कहने की ईमानदारी नहीं है कि यह वह जगह है जहां यह हुआ था.

जयशंकर ने आगे कहा कि राजीव गांधी 1988 में बीजिंग गए...1993 और 1996 में समझौतों पर हस्ताक्षर किए. मुझे नहीं लगता कि उन समझौतों पर हस्ताक्षर करना गलत था. सीमा को स्थिर करने के लिए उन्होंने ऐसा किया. उन्होंने यह भी कहा कि मांगें वाजिब नहीं हैं, केंद्र सरकार किसी समझौते पर नहीं आ पाएगी.

कांग्रेस के इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि मोदी सरकार चीन के मुद्दे पर रक्षात्मक और प्रतिक्रियाशील है? जयशंकर ने दावों को खारिज करते हुए कहा कि वर्तमान में चीन की सीमा पर शांतिकाल की सबसे बड़ी तैनाती है. उन्होंने कहा, 'अगर मुझे चीन की इस बात का सार निकालना है, तो कृपया इस नैरेटिव को न खरीदें कि कहीं सरकार बचाव की मुद्रा में है...कहीं हम उदार हो रहे हैं. मैं लोगों से पूछता हूं कि क्या हम उदार हो रहे थे और भारतीय सेना को किसने भेजा एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर. राहुल गांधी ने उन्हें (भारतीय सेना) नहीं भेजा. नरेंद्र मोदी ने उन्हें भेजा.

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