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Friday, 01 March 2024

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उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहने के निर्देश के बावजूद TMC के दो सांसदों ने किया मतदान

07 August 2022 10:07 AM Mega Daily News
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहने के निर्देश के बावजूद बंगाल के कांथी से सांसद व भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी ने शनिवार को मतदान किया। शिशिर के साथ उनके सांसद पुत्र दिव्येंदु अधिकारी ने भी संसद भवन में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए दोपहर में मतदान किया। दिव्येंदु तमलुक से सांसद हैं।

गौरतलब है कि तृणमूल ने उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहने का पहले ही फैसला किया था। इस बीच लोकसभा में तृणमूल संसदीय दल के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने बीते चार अगस्त को सांसद शिशिर अधिकारी को पत्र लिखकर पार्टी के निर्देशों का पालन करने और वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने को कहा था। सुदीप ने इस पत्र की प्रति लोकसभा स्पीकर को भी भेजी थी। परंतु इसके बावजूद उन्होंने मतदान किया।

बता दें कि शिशिर अधिकारी साल 2019 में टीएमसी के टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए थे। 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने टीएमसी का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। हालांकि, शिशिर अधिकारी ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया था। इसी तरह उनके पुत्र दिव्येंदु अधिकारी भी टीएमसी से दूरी बनाकर चल रहे हैं।

इधर, पार्टी की मनाही के बावजूद उपराष्ट्रपति चुनाव में पिता-पुत्र द्वारा मतदान करने पर तृणमूल ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। लोकसभा में तृणमूल संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि यदि थोड़ी सी भी नैतिकता है तो दोनों को पहले सांसद पद से इस्तीफा देना चाहिए। इसके बाद उन्हें जो दल करना है वह करें।

बता दें कि शिशिर अधिकारी की संसद सदस्यता खारिज करने के लिए भी तृणमूल ने पिछले साल ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आवेदन किया था। सुदीप बंद्योपाध्याय ने दलबदल विरोधी कानून के तहत शिशिर की लोकसभा सदस्यता खारिज करने के लिए पत्र लिखा था। यह मामला फिलहाल लोकसभा की प्रिविलेज एंड एथिक्स कमेटी के विचाराधीन है।

तृणमूल का दावा है कि पिछले साल बंगाल विधानसभा चुनाव के समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूर्व मेदिनीपुर जिले में चुनाव प्रचार के लिए सभा करने आए थे। उस सभा में शिशिर अधिकारी शामिल हुए थे। वहीं पर वे भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि शिशिर अधिकारी ने हाल में भी दावा किया है कि वे तृणमूल में ही हैं।

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