Mega Daily News
Breaking News

Health / AIIMS की स्टडी में खुलासा: मुंह की सफाई से कैंसर का खतरा होगा कम, दांतों में भी आएगी चमक

AIIMS की स्टडी में खुलासा: मुंह की सफाई से कैंसर का खतरा होगा कम, दांतों में भी आएगी चमक
Mega Daily News July 08, 2025 01:13 PM IST

Cancer Causes And AIIMS Research: कैंसर की बीमारी का संबंध सिर्फ खान-पान या लाइफस्टाइल से नहीं है। हम कैसे रहते हैं, हम कितना हाइजीन मेंटेन करते हैं और सही से दांतों की सफाई करते हैं या नहीं, इस पर भी निर्भर करता है। हाल ही में हुई एम्स की रिसर्च में इस बारे में बताया गया है कि कैंसर को हराना खासतौर पर मुंह के कैंसर की रोकथाम के लिए हमें माउथ हेल्थ यानी ओरल हेल्थ को सही रखना जरूरी होता है। कैंसर का हाइजीन से गहरा नाता है इसलिए इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

क्या कहती है रिसर्च?

नई रिसर्च में इस बात के बारे में बताया गया है कि मुंह की सफाई से न सिर्फ दिल, डायबिटीज और गर्भावस्था पर असर पड़ता है बल्कि यह कैंसर से लड़ने में भी हमारी मदद करता है। एम्स, दिल्ली के ऑन्कोलॉजी विभाग की स्टडी में इस बात को साफ तौर पर बताया गया है कि जो मुंह की सफाई सही तरीके से करते हैं, उन कैंसर मरीजों की रिकवरी भी बेहतर तरीके से होती है। साथ ही, कैंसर होने की संभावनाएं भी कम होती हैं। रिसर्च के मुताबिक, हेड एंड नेक कैंसर की संभावना भी हमारे अच्छे ओरल हेल्थ से कम हो जाती है।

कैंसर के इलाज में मुंह की सफाई क्यों जरूरी?

कैंसर का इलाज करवाते समय रेडिएशन थेरेपी ली जाती है। यह थेरेपी इतनी स्ट्रांग होती है कि मुंह के गुड बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं, जिससे ओरल हेल्थ और बिगड़ जाती है। इससे डेंटल प्रॉबलम्स भी हो सकती है। इसलिए, इस समय उन्हें अपने इलाज के साथ-साथ सही ओरल हाइजीन मेंटेन करना होता है।

कैसे मेंटेन होगी सही ओरल हेल्थ?

इसके लिए रिसर्च टीम बताती हैं कि बच्चों को शुरू से ही अच्छी ब्रशिंग हैबिट्स सिखाना बेहतर तरीका है। वहीं, बच्चों और बड़ों के लिए ब्रशिंग प्रोग्राम शुरू किए जा सकते हैं, जो उन्हें ओरल हेल्थ के बारे में बता सके। ब्रश करने के सही तरीकों को समझाना और सिखाना एक प्रोसेस है, जिसे किसी डेंटिस्ट द्वारा सीखा जा सकता है। मगर किसी भी तरह की ओरल हेल्थ प्रॉब्लम का इलाज करने के लिए सरकार को आसान और सस्ते टेस्ट का विकास कर सकती है।

ओरल कैंसर के संकेत

  • मुंह में घाव और गले में गांठ होना।
  • मुंह के अंदर लाल धब्बे और चकत्ते।
  • निगलने और चबाने में कठिनाई होना।
  • आवाज में बदलाव होना।
  • ढीले दांत।
  • वेट लॉस होना।

RELATED NEWS