दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर प्रवीण यादव को गिरफ्तार किया है. गैंगस्टर प्रवीण यादव पहले राजेश बवानिया, नीतू दाबोदिया, अशोक प्रधान जैसे गिरोहों से जुड़ा रहा है. डीसीपी जसमीत सिंह ने बताया कि प्रवीण को पकड़ने के लिए हमारी टीम कई दिनों से काम कर रही थी. प्रवीण पुलिस से बचने के लिए हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में अपने ठिकाने बदलता रहा है.
एक लाख का इनामी है प्रवीण
गैंगस्टर प्रवीण यादव पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. इंस्पेक्टर शिव कुमार को 14 अगस्त को विशेष सूचना मिली कि प्रवीण यादव महरौली की तरफ मारुति बलेनो कार में आएगा और 14 अगस्त को सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच चौधरी जगत सिंह रोड होते हुए घिटोरनी गांव की तरफ अपने जानकार से मिलने जाएगा. इसके बाद ही पुलिस ने प्रवीण को पकड़ने की तैयारी शुरू कर दी. स्पेशल सेल के अधिकारियों ने प्रवीण को रुकने के लिए कहा लेकिन आरोपी ने भागने की कोशिश की. प्रवीण को पकड़ने के लिए पुलिस ने उसे घेर लिया. पुलिस का कहना है कि प्रवीण ने अपनी पिस्टल निकाली और पुलिस पर गोली चला दी. उसके बाद पुलिस की ओर से दो राउंड फायरिंग की गई और प्रवीण को पकड़ लिया.
दो दशक में 20 से भी ज्यादा मामले
प्रवीण अपराध की दुनिया में बहुत पहले से एक्टिव है. वह 27 साल से अपराधिक कार्यों में शामिल है. उस पर दिल्ली में हत्या के 2, हत्या के प्रयास के 4 और डकैती, जबरन वसूली के 20 से ज्यादा मामले दर्ज है. उसे समयपुर बादली में अपराधी घोषित कर रखा है. पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रवीण यादव के पास से 4 कारतूस के साथ .32 की एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद की गई है.
पंप पर हुई बहस, चला दी गोली
प्रवीण ने साल 2021 में दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक लॉ स्टूडेंट को गोली मार दी थी. जिससे उस शख्स की मौत हो गई थी. प्रवीण तब से ही फरार था. मामला 9 अप्रैल 2021 का है तब प्रवीण सीएनजी पंप पर गैस भरवा रहा था. उसी समय 18 साल का अर्जुन (लॉ स्टूडेंट) अपने चचेरे भाई यश के साथ कार में सीएनजी भरवा रहा था. इसी दौरान प्रवीण की अर्जुन के साथ बहस हो गई. प्रवीण ने अपनी कार से पिस्टल निकाल कर उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी और उसके बाद फरार हो गया. फायरिंग में अर्जुन के भाई यश को भी गोली लगी थी.