Breaking News
माधुरी दीक्षित के साथ जब इस अभिनेता ने कर दी थी गलत हरकत, फुट-फुटकर रोई थी माधुरी हेमा मालिनी और धर्मेंद्र पर टूटा दुखो का पहाड़, बेटी को लेकर आयी बेहद बुरी खबर, पूरा परिवार सदमे में मात्र 417 रुपये का निवेश बना सकता है करोड़पति, हो जायेंगे मालामाल, ऐसे समझे इन्वेस्टमेंट गणित Ration Card New Rule : मुफ्त राशन पर बदल गया नियम, गेहूं और चावल के लिए जरूरी करें यह काम Gold-Silver Price Today : सुबह – सुबह धड़ाम हुए सोने के दाम, खरीददारी करने टूटे लोग, गिरकर 47 हजार के नीचे पहुंच रेट
Friday, 01 March 2024

Astrology

वास्तु सलाह : सीढ़ियों की सही दिशा लाती है घर में सुख शांति और समृद्धि

29 April 2022 08:54 AM Mega Daily News
सीढ़ियों,सीढ़ियां,निर्माण,दीवार,पूर्वउत्तर,सीढ़ी,पूर्वी,स्थान,लेकिन,उत्तरी,बनवाएं,लक्ष्मी,आग्नेय,दक्षिण,पश्चिम,,vastu,advice,right,direction,stairs,brings,happiness,peace,prosperity,house

अधिकांश भवनों में देखा गया है कि लोग सीढ़ियों का निर्माण कुछ इस तरह से कराते हैं कि सीढ़ियां अधिक जगह घेरे हुए होती हैं. इस रिक्त पड़े स्थान को लोग विभिन्न कार्यों के लिए इस्तेमाल करते हैं. जैसे किचन, पूजा गृह, स्टोर रूम आदि. लेकिन यह ठीक नहीं है. सीढ़ियों का निर्माण इस तरह करवाना चाहिए कि वे कम से कम स्थान घेरे. ईशान कोण (पूरब-उत्तर) बहुत ही नाजुक और पवित्र स्थान होता है. ईशान कोण (पूर्व-उत्तर) पर सीढ़ी न तो उत्तरी दीवार पर बनवाएं और न ही पूर्वी दीवार पर. ईशान कोण (पूर्व-उत्तर) लक्ष्मी का सबसे अधिक प्रिय स्थल है. ईशान कोण (पूर्व-उत्तर) में ही संस्कार और लक्ष्मी होती है. इस जगह पर सीढ़ियों का निर्माण वर्जित है.

ऐसे बनवाएं सीढ़ियां

वास्तु शास्त्र में सीढ़ियों के लिए शुभ-स्थान एवं दिशाएं निर्धारित हैं. आग्नेय कोण की पूर्वी दीवार या दक्षिण दिशा में बीचों-बीच सीढ़ियों का निर्माण हो सकता है. पूर्वी दीवार से यदि ऊपर की ओर सीढ़ी गयी हो, तो उसकी छत का दरवाजा उत्तर दिशा की ओर रखें. पश्चिम दिशा में भी सीढ़ी वायव्य कोण में पश्चिमी दीवार से ऊपर चढ़ा कर बनाया जा सकता है. उपरोक्त दिशाओं में ही अगर जरूरत हो, तो घुमावदार सीढ़ियां बनवा सकते हैं. घुमावदार सीढ़ियों का निर्माण ऐसा होना चाहिए, जो घड़ी की सुई की दिशा में ऊपर चढ़ा जा सके. 

ईंट-सीमेंट की सीढ़ियां ही सही 

लोग आजकल धातु जैसे स्टील या एलुमिनियम की सीढ़ियां बनवा रहे हैं. लेकिन यह ठीक नहीं हैं. खासतौर पर धातु की सीढ़ियां वायव्य और आग्नेय में बनवाना बहुत ज्‍यादा हानिकारक होता है. सीढ़ियां ईंट और सीमेंट की ही बनवाना शुभ फलदायी होता है.

भवन के प्रवेश द्वार में जाने के लिए बाहर की सीढ़ियों की सर्वोत्तम दिशा ईशान कोण (पूर्व-उत्तर) होता है. ईशान कोई की उत्तरी या पूर्वी दीवार पर बने प्रवेश-द्वार से नीचे की ओर सीढ़ी का निर्माण लाभकारी होता है. दक्षिण और पश्चिम में ऊंचे चबूतरे बनाने से भी धन में वृद्धि होती है.

whatsapp share facebook share twitter share telegram share linkedin share
Related News
Latest News