Mega Daily News
Breaking News

Religious / विधिपूर्वक गणेश जी की पूजा करने से विघ्नहर्ता गणेश उनके सभी दुख हर लेते हैं

विधिपूर्वक गणेश जी की पूजा करने से विघ्नहर्ता गणेश उनके सभी दुख हर लेते हैं
Mega Daily News July 07, 2022 01:25 AM IST

हिंदू धर्म में गणेश पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश पूजा से ही की जाती है. बुधवार का दिन गणेश जी को समर्पित है. विधिपूर्वक गणेश जी की पूजा करने से विघ्नहर्ता गणेश उनके सभी दुख कर लेते हैं. 

सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है. बुधवार का दिन प्रथम पूजनीय गणेश जी को समर्पित है. इस दिन विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करने से उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. साथ ही गणपति प्रसन्न होकर भक्तों के सभी कष्ट हर लेते हैं. जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है, उन्हें बुधवार के दिन विशेष रूप से पूजा करने की सलाह दी जाती है. इससे उनका बुध दोष खत्म हो जाता है.  आज हम जानेंगे बुधवार के दिन किस तरह भगवान गणेश की पूजा करने से शारीरिक, आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं. आइए जानते हैं भगवान गणेश जी पूजा की सही विधि और उपाय. 

बुधवार को इस विधि से करें गणेश पूजा और उपाय 

- बुधवार के दिन सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद गणेश जी की पूजा करें.इससे भगवान गणेश भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं. 

- व्यक्ति का बुध कमजोर होने पर व्यक्ति को हरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए. साथ ही, पास में हरे रंग का रुमाल भी रख लें. इस दिन किसी व्यक्ति को हरे मूंग की दाल और हरे कपड़े दान करें. 

- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाना लाभदायी होता है. गणपति के मस्तक पर सिंदूर का तिलक लगाएं. ऐसा करने से व्यक्ति को सभी कार्यों में सफलता मिलती है. साथ ही, आर्थिक रूप से उन्नति मिलती है. 

- शास्त्रों के अनुसार गणेश जी को लड्डू या मोदक अति प्रिय हैं. इसलिए बुधवार के दिन भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं. इससे व्यक्ति के जीवन में आने वाली सभी समस्याएं दूर होती हैं. 

- मान्यता है कि भगवान गणेश की शमी के पत्ते अर्पित करने से व्यक्ति का तनाव और मानसिक समस्याएं दूर होती हैं. बुद्धि का विकास होता है. 

- इस दिन गणेश जी के बीज मंत्र “ॐ गं गणपतये नमः “का जाप करें. 

गणेश जी की पूजा विधि

बुधवार के दिन प्रात: उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद पूजा आरंभ करें. पहले गणेश जी का ध्यान करें और फिर पूजा की शुरुआत करें. अगर बुघवार को व्रत रखने की सोच रहे हैं, तो विधि पूर्वक व्रत का संकल्प लें. पूजा के लिए पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं. फिर गणेश जी को पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली लाल, चंदन, मोदक आदि अर्पित करें. गणेश जी को सूखा सिंदूर मस्तक पर लगाएं. फिर गणेश जी की आरती करें और गणेश मंत्रों का जाप करें. इस दौरान दुर्वा घास का प्रयोग करें. मान्यता है कि दुर्वा अर्पित करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं. 

RELATED NEWS