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		<title>Mega Daily News</title>
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		<![CDATA[
		Mega Daily News		]]>
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		<link>https://megadailynews.com/</link>
		<lastBuildDate>Wed, 22 Apr 2026 06:45:25 +0530</lastBuildDate>
		<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 06:45:25 +0530</pubDate>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश के लिए BJP का खास मंथन, चार श्रेणी में होगा सीटों का बंटवारा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>मध्यप्रदेश. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने कमर कस लिया है. बुधवार को केंद्रीय चुनाव समिति की करीब चार घंटे तक बैठक चली जिसमें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की विधानसभा की सीटों पर चर्चा हुई. चार घंटे के मंथन के बाद छत्तीसगढ़ की सीटों को चार श्रेणियों में बांटा गया है. इस बैठक में सीईसी के सभी 15 सदस्य मौजूद थे. यहां सबसे पहले छत्तीसगढ़ के बारे में बात करेंगे. </p>
चार कैटेगरी में सीटों का बंटवारा
<p>छत्तीसगढ़ में विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं और इन्हें चार कैटेगरी ए, बी, सी और डी में रखा गया है. ए कैटेगरी में उन सीटों को शामिल किया गया है जहां पार्टी को हर दफा जीत हासिल हुई है. बी कैटेगरी में उन सीटों को रखा गया जहां पार्टी को हार और जीत दोनों मिली है. सी कैटेगरी में उन सीटों को शामिल किया गया है जहां पार्टी कमजोर है और अंतिम कैटेगरी यानी डी में वो सीटें हैं जिन पर बीजेपी को कभी जीत नहीं हासिल हुई. बताया जा रहा है कि बी और सी कैटेगरी की सीटों पर सीईसी में गंभीर मंथन किया गया. इन दोनों श्रेणी में 22 सीटें हैं. इसके अलावा डी कैटेगरी में पांच सीटें हैं.करीब 2 घंटे छत्तीसगढ़ की सीटों पर चर्चा की गई. खासतौर से कमजोर सीटों पर किस तरह से चुनावी प्रचार और अन्य तरीकों को जमीनों पर उतारा जाए चर्चा का खास केंद्र रहा. बताया जा रहा है कि जिन सीटों पर बीजेपी कमजोर है उन पर पार्टी नए उम्मीदवारों को मौका दे सकती है</p>
सिर्फ एमपी में सत्ता में बीजेपी
<p>छत्तीसगढ़ के साथ साथ मध्य प्रदेश पर भी चर्चा की गई. मध्य प्रदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान के चेहरे पर लड़ाई को आगे बढ़ाया जाएगा. इस वर्ष के अंत में राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम और तेलंगाना में चुनाव होने हैं और बीजेपी सिर्फ मध्य प्रदेश में सत्ता में है.</p>
<p> </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/bjps-special-brainstorming-for-chhattisgarh-madhya-pradesh-seats-will-be-divided-in-four-categories						]]>
					</link>
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					<pubDate>Thu, 17 Aug 2023 09:15:32 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[लोकसभा की सदस्यता जाने के बाद राहुल गांधी को छोड़ना होगा सरकारी बंगला]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 22 अप्रैल तक उन्हें आवंटित सरकारी बंगला खाली करना होगा.  लोकसभा की आवास समिति ने सोमवार को अपना फैसला दिया, जिसके बाद लोकसभा सचिवालय ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखा. राहुल को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा प्राप्त है और वह 2005 से 12 तुगलक लेन बंगले में रह रहे हैं. </p>
<p>राहुल गांधी को भेजे गए इस नोटिस में यह कहा गया है कि लोकसभा सचिवालय ने 24 मार्च 2023 को एक नोटिफिकेशन जारी कर 23 मार्च 2023 से उनकी लोकसभा की सदस्यता को रद्द कर दिया गया है, इसलिए 17वीं लोकसभा के सांसद के तौर पर उन्हें अलॉट किए गए 12 तुगलक लेन के सरकारी आवास में अब वह सिर्फ अधिकतम एक महीने यानी 22 अप्रैल 2023 तक ही रह सकते हैं. नोटिस में कहा गया है कि उनको आवंटित किए गए इस सरकारी आवास का आवंटन 23 अप्रैल 2023 से रद्द किया जाता है इसका तात्पर्य बिल्कुल स्पष्ट है कि राहुल गांधी को 22 अप्रैल 2023 तक अपना यह सरकारी आवास खाली करना होगा.</p>
<p><strong>किसे मिलता है सरकारी बंगला?</strong></p>
<p>-सरकारी बंगला राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट के जज, सांसदों और ब्यूरोक्रेट्स को लुटियंस जोन में सरकारी बंगाली आवंटित किए जाते हैं.</p>
<p>- इन सरकारी आवासों के आवंटन, रख-रखाव और किराए का काम डायरेक्टोरेट ऑफ एस्टेट देखता है. इसे साल 1922 में बनाया गया था, जो शहरी आवास मंत्रालय के अधीन आता है.</p>
<p>- दिल्ली में सरकारी आवास आवंटित करने के लिए अलॉटमेंट ऑफ गवर्नमेंट रेसिडेंस 1963 है. इसमें दिल्ली का मतलब वो इलाका है जो केंद्र सरकार के अधीन आता है. इन बंगलों का बंटवारा सैलरी और सीनियॉरिटी के आधार पर होता है.</p>
<p>-लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को आवास बांटने का काम दोनों सदनों की हाउसिंग कमेटी करती है. टाइप IV से टाइप VIII के आवास सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और राज्य मंत्रियों को दिए जाते हैं.</p>
<p>- पहली बार चुने गए सांसदों को टाइप IV के बंगले मिलते हैं. एक से ज्यादा बार चुने गए सांसद को टाइप VIII बंगला दिया जाता है.</p>
<p><strong>कब खाली कराए जाते हैं ये बंगले?</strong></p>
<p>- एक अधिकारी ने बताया कि सदस्यता खत्म होने के बाद सांसद को एक महीने के अंदर सरकारी बंगला खाली करना होता है. </p>
<p>- राहुल गांधी को 23 मार्च को सूरत की एक अदालत ने सजा सुनाई. कोर्ट के इस फैसले के बाद उनकी सदस्यता खत्म हो गई थी. इसलिए बंगला खाली करने के लिए उन्हें 22 अप्रैल तक का समय दिया गया है.</p>
<p>- नेताओं से बंगले खाली कराने के मकसद से 2019 में मोदी सरकार एक कानून लेकर आई थी. इसके मुताबिक, समय पर बंगले खाली न करने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है. </p>
<p>- इसके अलावा इसमें ये भी प्रावधान है कि नोटिस मिलने के तीन दिन बाद सरकार बंगला खाली करवाने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhi-will-have-to-leave-the-government-bungalow-after-losing-the-membership-of-the-lok-sabha						]]>
					</link>
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					<pubDate>Wed, 29 Mar 2023 00:51:26 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[लोकसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू, बीजेपी को हराने के लिए विपक्ष ने बनाया यह प्लान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है और इसे देखते हुए विपक्ष रणनीति बनाने में जुट गया है. क्षेत्रीय ताकतों सहित सभी प्रमुख विपक्षी दल सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से बाहर करने के लिए एक बड़ी राजनीतिक लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं. इसके लिए पिछले कुछ सालों से विपक्षी दलों के कई स्थानीय, क्षेत्रीय या राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन नियमित अंतराल पर आयोजित किए जा रहे हैं. इससे कभी इनके एकजुट होने की उम्मीद बढ़ रही है, तो कभी धूमिल हो रही है.</p>
<p><strong>2024 के लिए इस योजना पर काम कर रहा है विपक्ष</strong></p>
<p>इसी क्रम में हाल ही में तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का प्रयास है, जो भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) से समान दूरी रखने पर सहमत हुए हैं.</p>
<p>ममता बनर्जी जल्द ही बीजू जनता दल के अध्यक्ष और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (Naveen Patnaik), भारत राष्ट्र समिति के अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) और अन्य नेताओं को भी शामिल करने की योजना बना रही हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र का विपक्षी मोर्चा, महा विकास अघाड़ी (एमवीए) जिसमें कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना-यूबीटी शामिल हैं, जो इस घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं.</p>
<p><strong>बीजेपी से मुकाबला या कांग्रेस को नुकसान?</strong></p>
<p>कुछ वरिष्ठ नेता इस बात पर विचार कर रहे हैं कि ये नए गठजोड़ भाजपा (BJP) का मुकाबला करने के लिए बन रहे हैं, या कांग्रेस (Congress) को नुकसान पहुंचाने के लिए. आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक जैसे अन्य दक्षिणी राज्यों की कई पार्टियां, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की जनता दल-यू और बिहार में राष्ट्रीय जनता दल, आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य क्षेत्रीय ताकतें भी इस पर नजर रखे हैं. एमवीए नेताओं, विशेष रूप से एनसीपी और शिवसेना-यूबीटी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस को बाहर करने से कोई विपक्षी एकता संभव नहीं है.</p>
<p><strong>विपक्ष के विफल होने पर BJP को होगा फायदा!</strong></p>
<p>ऐसी भी आशंका हैं कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के लिए कुछ बड़े राजनीतिक या आर्थिक सनसनीखेज कदम का सहारा ले सकती है, जो हिंदुत्व पर संदेह करने वाले लोगों को आकर्षित करने में मदद कर सकती है. वहीं, कांग्रेस व शिवसेना यूबीटी का मानना है कि अगर विपक्ष एक होने में विफल होता है, तो इसका सीधा लाभ भाजपा को मिलेगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/countdown-to-lok-sabha-elections-begins-opposition-made-this-plan-to-defeat-bjp						]]>
					</link>
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					<pubDate>Mon, 20 Mar 2023 11:54:27 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ममता बनर्जी के इस आरोप से उड़ेगी कांग्रेस की नींद]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>लोकसभा चुनाव 2024 में अब करीब एक साल का समय बचा है और अभी से ही राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है. इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को 'हीरो' बनाने की कोशिश कर रही है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मुर्शिदाबाद जिले में पार्टी की आंतरिक बैठक में कार्यकर्ताओं को फोन पर संबोधित करते हुए बनर्जी ने ये बात कही. बता दें कि मुर्शिदाबाद जिले की आंतरिक बैठक रविवार शाम को बहरमपुर पार्टी कार्यालय में हुई.</p>
<p><strong>ज्वलंत मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है बीजेपी: ममता</strong></p>
<p>ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा है कि बीजेपी राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा ब्रिटेन में की गई टिप्पणियों के लिए संसद की कार्यवाही बाधित कर उन्हें 'हीरो' बनाने की कोशिश कर रही है ताकि ज्वलंत मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा से लड़ने में नाकाम रही है और पश्चिम बंगाल में भाजपा के साथ उसकी मौन सहमति है.</p>
<p><strong>बीजेपी राहुल को बना रही विपक्षी खेमे का हीरो: ममता</strong></p>
<p>टीएमसी के मुर्शिदाबाद जिला प्रमुख एवं सांसद अबू ताहिर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के हवाले से कहा, 'भाजपा अपने हितों की पूर्ति के लिए ऐसा कर रही है ताकि अन्य विपक्षी दल आम लोगों से जुड़े मुद्दों को नहीं उठा सकें. वे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को विपक्षी खेमे का ‘हीरो’ बनाना चाहते हैं.'</p>
<p><strong>कांग्रेस के साथ समन्वय का सवाल ही नहीं: टीएमसी</strong></p>
<p>तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने स्पष्ट कर दिया कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के राजनीतिक रुख को देखते हुए उसके साथ किसी तरह के तालमेल की जरूरत नहीं है. हाल ही में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की अध्यक्षता में तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व की बैठक में यह निर्णय लिया गया. लोकसभा में तृणमूल नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने बैठक के बाद बताया था कि भाजपा के एक आदर्श विपक्ष के रूप में कांग्रेस की भूमिका संदिग्ध नहीं है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/this-allegation-of-mamata-banerjee-will-give-congress-sleepless-nights						]]>
					</link>
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					<pubDate>Mon, 20 Mar 2023 11:49:58 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[JDU विधायक ने दिया बीजेपी सरकार को समर्थन, हैरान-परेशान नितीश कुमार ने लिया ये कड़ा फैसला]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>नागालैंड में जनता दल (यू) के जीते हुए उम्मीदवार ज्वेंगा सेब ने ऐलान किया कि वो राज्य में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की गठबंधन सरकार को समर्थन करेंगे. हाल ही में संपन्न नागालैंड विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने 8 सीटों पर चुनाव लड़ा और एक जीतने में सफल रही. पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक ज्वेंगा सेब ने बीजेपी को बिना शर्त समर्थन दिया. उनके इस फैसले पर जेडीयू ने कड़ा कदम उठाते हुए नागालैंड इकाई को भंग कर दिया है. </p>
<p>जेडीयू के आधिकारिक प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा, हमारी पार्टी सिद्धांतवादी है. हम हर चुनाव नीतीश कुमार के चेहरे पर लड़ते हैं और मतदाताओं का उन पर भरोसा है. यही वजह है कि हम दूसरे राज्यों में भी चुनाव जीत रहे हैं. नागालैंड के मतदाता भी नीतीश कुमार और जेडीयू की नीतियों से प्रेरित थे और इसलिए उन्होंने हमारे उम्मीदवार को वोट दिया. अब, उम्मीदवार ने बीजेपी को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया है, यह हमारी नीति और रणनीति के खिलाफ है. इसलिए, पार्टी ने नागालैंड इकाई को भंग करने का फैसला किया है. अभिषेक झा ने कहा, नीतीश कुमार ने बिहार में महागठबंधन का ढांचा तैयार किया है और वे देश में विपक्षी एकता के लिए भी प्रयास कर रहे हैं. इसलिए, बीजेपी डरी हुई है और विपक्ष को चोट पहुंचाने का प्रयास कर रही है.</p>
<p><strong>पार्टी के अध्यक्ष ने क्या कहा? </strong></p>
<p>जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने साफ कर दिया कि यह निंदनीय है, पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी. यही वजह है कि जेडीयू ने फैसला लिया कि नागालैंड वाले मामले पर तुरंत पूरे संगठन को ही बर्खास्त कर दिया जाए. ललन सिंह ने कहा कि बिना हम लोगों के सहमति के नागालैंड के प्रदेश अध्यक्ष और जीते हुए विधायक ने अपना समर्थन बीजेपी को दिया जो घोर अनुशासनहीनता है. हमारी पार्टी का साफ मानना है कि हम बीजेपी का समर्थन नहीं करेंगे. इस के पहले भी दूसरे जगह हमारे जीते हुए विधायकों को बीजेपी ने शामिल करा लिया था. बीजेपी ने मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में यही किया था. </p>
<p>वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साथ छोड़ने वाले उपेंद्र कुशवाहा को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने को लेकर ललन सिंह ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. 2015 का विधानसभा चुनाव याद कीजिए उस समय यह सब एनडीए के साथ थे. जिनको इन्होंने वाई प्लस की सुरक्षा दी है वह कितनी सीट लड़े और कितनी जीते. शून्य पर आउट हुए थे. ललन सिंह ने कहा उपेंद्र कुशवाहा केंद्र सरकार की गोद में गए हैं, उनका स्तुति नहीं करेंगे तो क्या मिलना है उनको.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/jdu-mla-gave-support-to-bjp-government-shocked-nitish-kumar-took-this-tough-decision						]]>
					</link>
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					<pubDate>Thu, 09 Mar 2023 23:33:59 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[होली: जब ढोलक की थाप पर अटल बिहारी वाजपेयी के साथ थिरके थे मोदी, दोनों नेताओं ने खूब उड़ाया था रंग गुलाल]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>होली (Holi 2023) के रंगों से भारतीय राजनीति का गलियारा भी अछूता नहीं रहा। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) से लेकर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) तक अलग-अलग अंदाज में होली मनाते रहे हैं। जहां लालू यादव को कुर्ता-फाड़ होली खेलते देखा जा चुका है। वहीं प्रधानमंत्री रहते हुए अटल बिहारी वाजपेयी पीएम आवास में ही होली का मज़मा जमाते थे। एक मौका ऐसा भी आया था, जब अटल बिहारी वाजपेयी के निवास स्थान पर नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी जमकर होली मनाई थी।</p>
1999 की होली
<p>साल 2014 में अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को जन्मदिन की बधाई देते हुए अपने पर्सनल ब्लॉग पर उनके साथ बिताए समय को याद किया था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में एक तस्वीर होली की थी। तस्वीर में नरेंद्र मोदी और अटल बिहारी वाजपेयी डांस करते नजर आ रहे हैं। दोनों का चेहरा गुलाल से रंगा हुआ दिख रहा है। बगल में एक व्यक्ति ढोलक पर थाप देता मालूम पड़ रहा है।</p>
<p>यह तस्वीर साल 1999 की है। तब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे और नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री भी नहीं बने थे। 9 मार्च, 1999 को अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री आवास पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया था।</p>
<p>आयोजन में जमकर रंग-गुलाल उड़ाए गए थे। कुछ लोग मदमस्त होकर ढोल मजीरे बज रहे थे, जिसकी धुन पर पहले तो अटल बिहारी वाजपेयी अकेले थिरकते रहे। लेकिन थोड़ी देर में उनका साथ देने के लिए नरेंद्र मोदी और विजय गोयल भी आ गए। तस्वीर में देखा जा सकता है कि सब ने मिलकर खूब झूमे थे।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/holi-when-modi-danced-with-atal-bihari-vajpayee-on-the-beats-of-dholak-both-the-leaders-had-a-lot-of						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/holi-when-modi-danced-with-atal-bihari-vajpayee-on-the-beats-of-dholak-both-the-leaders-had-a-lot-of</guid>
					<pubDate>Tue, 07 Mar 2023 11:14:54 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[महागठबंधन में तकरार, नितीश के बीजेपी में जाने के आसार, इशारों-इशारों में दिया ये संकेत]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>बिहार में महागठबंधन में क्या सबकुछ ठीक चल रहा है या नहीं? बिहार से लेकर दिल्ली के सियासी हलकों में आजकल यह सवाल लोग पूछने लगे हैं. दरअसल पिछले कुछ दिनों में नीतीश कुमार ने ऐसे संकेत दिए हैं कि अगर जरुरत पड़ी तो वह फिर से यू-टर्न मारते हुए बीजेपी के साथ जा सकते हैं.</p>
<p>बताया जा है कि महागठबंधन में शामिल सभी सातों दलों के बीच मतभेद उभर रहे हैं. खासतौर से आरजेडी-जेडीयू के बीच यह दूरियां तेजी से बढ़ रही है. आरजेडी के नेता बार-बार कह रहे हैं कि नीतीश कुमार को सीएम की कुर्सी छोड़कर दिल्ली की सियासत करनी चाहिए. हालांकि मौके की नजाकत को समझते हुए पाला बदलने में माहिर नीतीश कुमार आरजेडी को बराबर इशारों इशारों में बता रहे हैं कि वह कभी भी नए साथी ढूंढ सकते हैं.</p>
<p>जानते हैं पिछले कुछ दिनों में ऐसा क्या हुआ जिससे लग रहा है कि नीतीश और बीजेपी ज्यादा दूरिया नहीं हैं.</p>
<p><strong>‘अमित शाह का फोन आया’</strong></p>
<p>हाल ही में नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें कॉल किया था. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के राज्यपाल बदलने वाले हैं और नए राज्यपाल के तौर पर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की नियुक्ती होगी, इस बात की जानकारी उन्हें पहले से थी.</p>
<p><strong>‘राजनाथ सिंह ने दी फोन कर बधाई’</strong></p>
<p>इसी तरह नीतीश कुमार ने ये भी बताया था कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जन्मदिन पर बधाई देने के लिए उन्हें फोन किया था. पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार को जन्मदिन की बधाई दी थी.</p>
<p>तमिलनाडु की घटना पर डिप्टी सीएम और सीएम का अलग-अलग रुख</p>
<p>बिहार में मजदूरों पर हुए कथित हमले को लेकर भी तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार का रुख अलग-अलग दिखा. जहां डिप्टी सीएम ने हमले की किसी भी घटना को खारिज कर दिया वहीं सीएम नीतीश ने चार सदस्यीय टीम बनाकर मामले की जांच के लिए तमिलनाडु भेज दिया.</p>
<p><strong>नीतीश का बीजेपी नेता के घर जाना</strong></p>
<p>इस सब के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के पिता के श्राद्ध कर्म में शामिल होने के लिए कटिहार गए. सीएम प्रसाद के घर पर करीब घंटे भर तक रहे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/disagreement-in-the-grand-alliance-nitishs-chances-of-joining-bjp-this-was-indicated-in-gestures						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/disagreement-in-the-grand-alliance-nitishs-chances-of-joining-bjp-this-was-indicated-in-gestures</guid>
					<pubDate>Sun, 05 Mar 2023 11:03:50 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बीजेपी के 'MY समीकरण' से निपटने के लिए अखिलेश यादव ने किया ये बड़ा ऐलान, क्या लगेगी नैया पार]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कहते हैं कि दिल्ली की कुर्सी का रास्ता यूपी से होकर ही गुजरता है. इस बीच, समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है. सपा ने खास रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. लेकिन सपा और उसके चीफ अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के लिए सबसे बड़ा चैलेंज बीजेपी का MY समीकरण बना हुआ है. बीजेपी का MY समीकरण यानी मोदी-योगी की जोड़ी से पार पाना अखिलेश के लिए बड़ी चुनौती है. हालांकि, अखिलेश यादव ऐलान कर चुके हैं कि उनकी पार्टी सपा राज्य की सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वह खुद भी लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं. आइए जानते हैं कि बीजेपी के एमवाई समीकरण से निपटने के लिए सपा किस रणनीति पर काम कर रही है.</p>
<p><strong>अखिलेश यादव ने किया ये बड़ा ऐलान</strong></p>
<p>समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में कहा कि सपा और उसका गठबंधन यूपी में 80 की 80 लोकसभा सीटें लड़ेगा. मैनपुरी उपचुनाव में बीजेपी की जो हार हुई, उसका आकलन वह अभी तक नहीं कर पाई है. 2024 लोकसभा चुनाव के लिहाज से अखिलेश का ये बयान काफी अहम माना जा रहा है.</p>
<p><strong>शिवपाल के आने से क्या होगा फायदा?</strong></p>
<p>बता दें कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव साथ आ चुके हैं. शिवपाल यादव को पार्टी संगठन के काम का लंबा अनुभव है. अखिलेश इसका फायदा ले सकते हैं. सपा का साथ ओपी राजभर की पार्टी एसबीएसपी और निषाद पार्टी छोड़ चुकी है, उनकी भरपाई और अन्य छोटे दलों से संपर्क साधने के लिए अखिलेश, शिवपाल की मदद ले सकते हैं.</p>
<p><strong>बीजेपी के MY समीकरण का कैसे करेगी सामना?</strong></p>
<p>बीजेपी के एमवाई समीकरण को चुनौती देने के लिए पश्चिमी यूपी में मजबूत राष्ट्रीय लोकदल और चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी पर ध्यान केंद्रित किए हुए है. समाजवादी पार्टी तमाम एंटी बीजेपी छोटे दलों को साथ लेकर लोकसभा चुनाव 2024 में उतर सकते हैं. हालांकि, सपा के पास बीजेपी जितनी बड़ी संगठनात्मक मशीनरी नहीं है. जहां बीजेपी के पास नेताओं के नाम पर कई बड़े चेहरे हैं, वहीं सपा एक ही नेता के नाम पर चुनाव लड़ती है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/akhilesh-yadav-made-this-big-announcement-to-deal-with-bjps-my-equation						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/akhilesh-yadav-made-this-big-announcement-to-deal-with-bjps-my-equation</guid>
					<pubDate>Sun, 05 Mar 2023 10:57:31 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[संजय राउत ने सुपारी देकर मारने का सनसनीखेज आरोप लगाया, इस नेता ने बताया उन्हें 'मानसिक रूप से बीमार']]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>शिवसेना के ठाणे से सांसद श्रीकांत शिंदे, जो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे हैं, ने गुरुवार को शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत को 'मानसिक रूप से बीमार' और तत्काल चिकित्सा उपचार की जरूरत बताई. श्रीकांत शिंदे ने संजय राउत पर पलटवार किया. संजय राउत ने दो दिन पहले उन्हें मारने की सुपारी देने का सनसनीखेज आरोप लगाया था.</p>
<p>शिंदे ने कहा, मेरी पूरी सहानुभूति उनके (राउत) के साथ है. मैं उनके लिए बहुत चिंतित हूं. उन्हें सिजोफ्रेनिया जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हैं. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के रोजाना सुबह के मनोरंजन के लिए राउत जरूरी हैं- राज्य सरकार और उसके प्रमुख नेताओं पर हमला करने के लिए शिवसेना-यूबीटी नेता की हर रोज प्रथागत मीडिया ब्रीफिंग चलती है, चाहे वह देश में कहीं भी हों.</p>
<p>हालांकि, संजय राउत के आरोप की पृष्ठभूमि के खिलाफ सीएम शिंदे ने आश्चर्य जताया कि क्या शिवसेना-यूबीटी सांसद ने केवल सहानुभूति हासिल करने के लिए मौत की धमकी का दावा किया था, लेकिन आश्वासन दिया कि सरकार अभी भी मुद्दों की जांच करेगी और उचित कदम उठाएगी.</p>
<p>एक दिन पहले, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी जांच का वादा किया था और कांग्रेस के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण द्वारा उठाई गई धमकियों की आशंका के बीच राउत के लिए पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. संजय राउत के आरोपों से नाराज शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने पिछले दो दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में उनके खिलाफ कई पुलिस शिकायतें और मानहानि के मामले दर्ज किए हैं, जबकि ठाणे पुलिस की एक टीम बुधवार को नासिक में यात्रा के दौरान उनका बयान दर्ज करने गई थी. संजय राउत ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें अपने खिलाफ दर्ज मामलों की चिंता नहीं है और वह सरकार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/sanjay-raut-made-a-sensational-allegation-of-killing-by-giving-supari-this-leader-called-him-mentall						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/sanjay-raut-made-a-sensational-allegation-of-killing-by-giving-supari-this-leader-called-him-mentall</guid>
					<pubDate>Thu, 23 Feb 2023 23:36:56 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[केंद्र सरकार को निशाना बना रहे राहुल गांधी पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हमला बोला]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीनी आक्रामकता को लेकर केंद्र सरकार को निशाना बना रहे राहुल गांधी पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हमला बोला है. विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगलवार को राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय सेना को चीन द्वारा सेना की तैनाती के जवाब में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भेजा था. राहुल गांधी ने नहीं. जयशंकर ने कहा कि विपक्ष को ईमानदारी से देखना चाहिए कि 1962 में क्या हुआ था.</p>
<p>एएनआई से बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार ने सीमा के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए बजट को पांच गुना बढ़ा दिया है. मंत्री ने यह भी कहा कि जिस इलाके में चीनी पैंगोंग झील पर पुल बना रहे हैं, वह 1962 के युद्ध के बाद से चीन के अवैध कब्जे में है.</p>
<p>जयशंकर ने कहा कि वह क्षेत्र वास्तव में चीनी नियंत्रण में कब आया? उन्हें (कांग्रेस को) 'सी' से शुरू होने वाले शब्दों को समझने में कुछ समस्या होनी चाहिए. मुझे लगता है कि वे जानबूझकर स्थिति को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं. चीनी पहली बार 1958 में वहां आए और कब्जा कर लिया. यह कब्जा अक्टूबर 1962 में हुआ था. अब आप 2023 में मोदी सरकार को एक पुल के लिए दोषी ठहराने जा रहे हैं, जिस पर चीनियों ने 1962 में कब्जा कर लिया था और आपके पास यह कहने की ईमानदारी नहीं है कि यह वह जगह है जहां यह हुआ था.</p>
<p>जयशंकर ने आगे कहा कि राजीव गांधी 1988 में बीजिंग गए...1993 और 1996 में समझौतों पर हस्ताक्षर किए. मुझे नहीं लगता कि उन समझौतों पर हस्ताक्षर करना गलत था. सीमा को स्थिर करने के लिए उन्होंने ऐसा किया. उन्होंने यह भी कहा कि मांगें वाजिब नहीं हैं, केंद्र सरकार किसी समझौते पर नहीं आ पाएगी.</p>
<p>कांग्रेस के इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि मोदी सरकार चीन के मुद्दे पर रक्षात्मक और प्रतिक्रियाशील है? जयशंकर ने दावों को खारिज करते हुए कहा कि वर्तमान में चीन की सीमा पर शांतिकाल की सबसे बड़ी तैनाती है. उन्होंने कहा, 'अगर मुझे चीन की इस बात का सार निकालना है, तो कृपया इस नैरेटिव को न खरीदें कि कहीं सरकार बचाव की मुद्रा में है...कहीं हम उदार हो रहे हैं. मैं लोगों से पूछता हूं कि क्या हम उदार हो रहे थे और भारतीय सेना को किसने भेजा एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर. राहुल गांधी ने उन्हें (भारतीय सेना) नहीं भेजा. नरेंद्र मोदी ने उन्हें भेजा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/foreign-minister-s-jaishankar-attacked-rahul-gandhi-who-is-targeting-the-central-government						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/foreign-minister-s-jaishankar-attacked-rahul-gandhi-who-is-targeting-the-central-government</guid>
					<pubDate>Wed, 22 Feb 2023 02:15:54 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बीजेपी ने बनाया मूड 2024 के चुनाव में इसे बनाया सबसे बड़ा एजेंडा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने साल 2024 के आम चुनाव का सबसे बड़ा एजेंडा सेट कर दिया है. हो सकता है कि आपके दिमाग में वो मुद्दा राम मंदिर का हो, जो अगले साल जनवरी में दर्शनों के लिए खोल दिया जाएगा. लेकिन, राम मंदिर नहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने Uniform Civil Code यानी समान नागरिक संहिता को लागू करना, अपना सबसे बड़ा मुद्दा बताया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जनसंघ के जमाने से ही भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से जुड़े 3 सबसे बड़े मुद्दे रहे हैं.</p>
<p><strong>भारतीय जनता पार्टी के 3 सबसे बड़े मुद्दे</strong></p>
<p><strong>पहला मुद्दा-</strong> राम मंदिर निर्माण. इसके लिए बीजेपी ने एक लंबी लड़ाई लड़ी. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और यहीं से राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया. एक तरह से बीजेपी को अपने पहली वैचारिक मुद्दे पर जीत हासिल की.</p>
<p><strong>दूसरा मुद्दा-</strong> इसी तरह से बीजेपी के लिए दूसरा मुद्दा कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया जाना था. जनसंघ के जमाने से ही इसका विरोध लगातार होता आया और आखिरकार 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया.</p>
<p><strong>तीसरा मुद्दा-</strong> बीजेपी के लिए तीसरा सबसे बड़ा मुद्दा देश में समान नागरिक संहिता लागू होना है. यानी कुछ ऐसे नियमों का बनाया जाना, जो हर धर्म, वर्ग और जाति पर समान रूप से लागू हो. इस दिशा में अब बीजेपी ने काम करना शुरू कर दिया है.</p>
<p><strong>अमित शाह ने अब खुलकर कह दी ये बात</strong></p>
<p>गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने इसको लेकर इशारों-इशारों में तो कई बार कहा है, लेकिन पहली बार शाह ने कोल्हापुर में एक मंच से ये कह दिया कि देश में बीजेपी शासित राज्य UCC की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. अमित शाह का ये कहना, देश के कट्टरपंथियों और UCC का विरोध करने वालों को मिर्ची की तरह लगा है. अमित शाह ने डंके की चोट पर कहा कि जिन मुद्दों को लेकर जनता से वादे किए, वो वादे पूरे किए गए. अनुच्छेद 370 हटाना या ट्रिपल तलाक खत्म करना जैसे फैसलों पर सरकार को बहुत विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन ये फैसले लिए गए. अब यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने की बात की जा रही है. अमित शाह भी दावा कर रहे हैं कि बीजेपी शासित राज्य इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. तो माना जा रहा है कि वर्ष 2024 के आम चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा यही रहने वाला है.</p>
<p><strong>UCC को लेकर BJP पहले ही ले चुकी है कई फैसले</strong></p>
<p>अगर हम देखें तो UCC को लेकर बीजेपी पहले से ही कई फैसले ले चुकी है. इसमें ट्रिपल तलाक एक बड़ा मुद्दा रहा, जिसमें मुस्लिम महिलाओं को मौखिक रूप से तीन बार तलाक बोल देने से तलाक नहीं माना जा रहा है. पहले ऐसा नहीं था. इस कदम को UCC के साथ जोड़कर देखा जा सकता है, क्योंकि तलाक के मामले में अब सभी धर्म और जातियों के लिए एक तरह का कानून है. इसी तरह से बीजेपी ने शादी की उम्र को लेकर भी एक ऐसा फैसला लिया, जिसको UCC के प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है. बीजेपी सरकार ने शादी की उम्र को सभी धर्मों के लड़के-लड़कियों को एक समान यानी 21 वर्ष कर दी है. पहले ऐसा नहीं था. तो एक तरह से UCC बनाना और लागू करने से पहले प्रयोग के तौर पर कुछ नियमों को लागू कर दिया गया है.</p>
<p><strong>बीजेपी शासित कई राज्यों ने उठाए UCC को लेकर कदम</strong></p>
<p>अमित शाह ने UCC का मुद्दा यूं ही नहीं उठाया है, बीजेपी शासित कई राज्यों ने UCC को लेकर कुछ ऐसे कदम उठाए हैं, जिसकी वजह से UCC का विरोध करने वालों को अमित शाह की बातों डर से लगने लगा है. समान नागरिक संहिता को लेकर ज्यादातर बीजेपी शासित राज्यों ने UCC लागू करने को लेकर गंभीरता दिखाई है. जैसे- उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता के लिए एक समिति का गठन किया है. ये समिति प्रदेशभर के लोगों से UCC लागू करने को लेकर सुझाव ले रही है. गुजरात सरकार ने भी समान नागरिक संहिता को लागू करने को लेकर एक समिति बनाई है। ये समिति भी इसको लेकर स्टडी कर रही है. उत्तर प्रदेश, असम, कर्नाटक और हरियाणा की बीजेपी सरकारों ने भी अपने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर कदम उठाए हैं. पिछले साल हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने भी राज्य में UCC लागू करने की बात कही थी. एक तरह से देखा जाए तो समान नागरिक संहिता, धीरे-धीरे, अगले चुनाव में केंद्र सरकार का मुख्य चुनावी मुद्दा हो सकता है. यही वजह है कि समान नागरिक संहिता का विरोध करने वाले लोग परेशान हैं.</p>
<p><strong>संविधान भी कहता है- किसी से नहीं किया जाना चाहिए भेदभाव</strong></p>
<p>देश में ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो विरोध के नाम पर देश के संविधान की बात करते हैं. समान नागरिक संहिता का विरोध भी ये लोग संविधान के नाम पर करने की बात कहते हैं. तो यहां आपको और UCC का विरोध करने वालों को संविधान के अनुच्छेद 15 के बारे में बताना चाहते हैं. संविधान का अनुच्छेद 15 कहता है कि- देश में किसी के भी साथ धर्म, जाति, नस्ल,लिंग और जन्मस्थान के नाम पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए. संविधान की ये धारा बताती है कि देश में बनने वाला कोई भी कानून देश के हर नागरिक पर समान रूप से लागू होना चाहिए, वो किसी धर्म या जाति में भेदभाव करने वाला नहीं होना चाहिए. समान नागरिक संहिता में भी कुछ ऐसे नियम होंगे जो हर धर्म,जाति और वर्ग पर एक समान लागू होंगे.</p>
<p><strong>UCC आने के बाद क्या होगा सुधार</strong></p>
<p>यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ ही है, कि ये सभी धार्मिक समुदाय पर लागू होने वाला 'एक देश एक नियम' वाला कानून होगा. सामान्य तौर पर ये ऐसे नियम होंगे, जिसमें शादी, तलाक, जमीन जायदाद के हिस्से जैसे मुद्दों पर एक जैसा नियम पूरे देश पर लागू होगा. फिर चाहे व्यक्ति किसी भी जाति या धर्म से जुड़ा हो. इसके आने के बाद माना जा रहा है कि भारत की महिलाओं की स्थिति में सुधार होगा. कुछ समुदाय के पर्सनल लॉ में महिलाओं के अधिकार सीमित हैं. UCC के लागू होने के बाद शादी, पिता की संपत्ति पर अधिकार और गोद लेने से संबंधित मुद्दों पर एक जैसे नियम लागू होंगे.</p>
<p><strong>ब्रिटिश हुकूमत के दौर से हो रही है UCC की मांग</strong></p>
<p>ऐसा नहीं है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने का मामला बीजेपी सरकार उठा रही है. समान नागरिक संहिता बनाए जाने की मांग ब्रिटिश हुकूमत के दौर से हो रही है. ब्रिटिश काल में यूनिफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा सबसे पहले उठा था. वर्ष 1835 में ब्रिटिश हुकूमत के दौरान एक रिपोर्ट पेश की गई थी. इस रिपोर्ट में अपराध और सबूत को लेकर देशभर में एक  जैसा कानून बनाने की बात कही गई थी. वर्ष 1840 में इस कानून को लागू कर दिया गया, लेकिन हिंदुओं और मुस्लिमों के पर्सनल लॉ को इससे अलग रखा गया. यहीं से यूनिफॉर्म सिविल कोड की मांग उठने लगी थी.</p>
<p>साल 1941 में  बीएन राव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई, इस कमेट में हिंदू समुदाय के लिए समान नागरिक संहिता बनाने की बात कही गई, वर्ष 1948 में पहली बार संविधान सभा के सामने हिंदू कोड बिल पेश हुआ. 'हिंदू कोड बिल' का मकसद हिंदू महिलाओं को बाल विवाह, सती प्रथा, घूंघट प्रथा जैसे गलत रिवाजों से बचाना था. यहां गौर करने वाली बात ये है कि 'यूनिफॉर्म सिविल कोड' लाने के नाम पर 'हिंदू कोड बिल' लाया गया, जिसमें हिंदू समुदाय के लिए पूरे देश में एक समान नियम बनाया गया, यहां कहीं भी मुस्लिम कोड बिल या देश के हर नागरिक पर लागू होने वाला नियम नहीं लाया गया. उस वक्त ये माना गया कि बंटवारे के बाद जो मुस्लिम समुदाय भारत में रुका था, उनमें असुरक्षा का भाव था. उन्हें संतुष्ट करने के नाम पर ही यूनिफॉर्म सिविल कोड के बजाए हिंदू कोड बिल लाया गया.</p>
<p>यही वजह रही कि तब जनसंघ के नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी और करपात्री महाराज समेत कई नेताओं ने 'हिंदू कोड बिल' का विरोध किया. विरोध की वजह से उस वक्त इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया. हालांकि 10 अगस्त 1951 को भीमराव अंबेडकर ने एक पत्र लिखकर जवाहर लाल नेहरू पर दबाव बनाया तो वो तैयार हो गए. राजेंद्र प्रसाद समेत पार्टी के कई सांसदों ने उनका विरोध किया था. इसके बाद वर्ष 1955 और 1956 में जवाहर लाल नेहरू ने इस कानून को 4 हिस्सों में बांटकर संसद में पास करवाया.</p>
<p><strong>जो 4 कानून बने वो थे</strong></p>
<p>- हिंदू मैरिज एक्ट 1955</p>
<p>- हिंदू सक्सेशन एक्ट 1956</p>
<p>- हिंदू एडॉप्शन एंट मेंटेनेंस एक्ट 1956</p>
<p>- हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट 1956</p>
<p>यहां पर थक हार कर नेहरू सरकार ने देश के हर धर्म और जाति पर लागू होने वाला समान कानून नहीं बनाया, बल्कि हिंदू समुदाय के लिए अलग-अलग तरह के चार कानून बना दिया. जबकि होना यही चाहिए था कि देश में जब कोई कानून बन रहा है तो वो हर तरह से सभी धर्म और जाति पर समान रूप से लागू होना चाहिए.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/bjp-created-mood-made-it-the-biggest-agenda-in-2024-elections						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/bjp-created-mood-made-it-the-biggest-agenda-in-2024-elections</guid>
					<pubDate>Tue, 21 Feb 2023 12:00:24 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[वो नॉन पॉलिटिकल नेता हैं, बाप और चाचा की कमाई पर मुख्यमंत्री बन गए....राजभर]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कई प्रकार के राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं. इस चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में भी सियासी उठापटक जारी है. कभी अखिलेश यादव के दोस्त रहे ओम प्रकाश राजभर अब नया ठिकाना खोज रहे हैं. हालांकि, पूरी संभावना है कि वो चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी का चोला पहन लेंगे. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बीजेपी के साथ हाथ मिलाने से लेकर अखिलेश यादव को घेरने तक के सवाल पर खुलकर बातचीत की. इस दौरान ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला. </p>
<p>उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव नॉन पॉलिटिकल यानी अपरिपक्व नेता हैं. विरासत में बाप और चाचा की मेहनत की कमाई पर मुख्यमंत्री बन गए. साथ ही उन्होंने जातिगत राजनीति को खत्म करने के लिए कहा कि इसके लिए तहसीलों में जातिगत प्रमाणपत्र बनाना बंद करें. ये जब तक बनता रहेगा तब तक जाति की राजनीति रहेगी. राजभर ने कहा कि जब जातियां अशिक्षित थीं तब लोग इनका फायदा उठा पाते थे. लेकिन जैसे-जैसे में वो पढ़ने-लिखने लगे, उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी होने लगी. उन्होंने कहा, 'हजारों यादव बीजेपी का झंडा टांगकर घूम रहे हैं. फिर कहां जातिवाद है? हजारों-हजार जातियों के नेता भारतीय जनता पार्टी का झंडा टांगकर घूम रहे हैं.'</p>
<p>बीजेपी से हाथ मिलाने के सवाल पर राजभर ने कहा कि राजनीति में संभावनाएं बरकरार रहती हैं. जब महबूबा मुफ्ती और बीजेपी का कश्मीर में गठबंधन हो सकता है. बीजेपी के समर्थन पर मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बन सकते हैं. नीतीश कुमार ने कहा था कि हम राजनीति से संन्यास ले लेंगे लेकिन लालू यादव के साथ नहीं जाएंगे, लेकिन आज देखो वो दोनों साथ हैं. बीजेपी से हाथ मिलाने के मामले में कौन अछूत है. </p>
<p>उन्होंने कहा कि कौन जानता है कि कल मेरा गठबंधन अखिलेश यादव, नीतीश कुमार, कांग्रेस और तमाम पार्टियों के साथ हो जाए. अखिलेश यादव को राजभर जैसा वफादार और मेहनती दोस्त नहीं मिलने वाला है, जो उनको वोट दिला सके. हम साथ आए तो अखिलेश अपने गढ़ में हार गए लेकन पूर्वांचल में एक भी सीट बीजेपी के खाते में नहीं जाने दी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/he-is-a-non-political-leader-became-the-chief-minister-on-the-earnings-of-his-father-and-unclerajbha						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/he-is-a-non-political-leader-became-the-chief-minister-on-the-earnings-of-his-father-and-unclerajbha</guid>
					<pubDate>Mon, 20 Feb 2023 09:43:28 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ओवैसी के घर पर अज्ञात लोगों ने फेंके पत्थर, पुलिस ने की मामले की छानबीन]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के घर पर हमला किया गया है. हमला दिल्ली में अशोका रोड स्थित आवास पर हुआ है. घर पर कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंके हैं. असदुद्दीन ओवैसी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है. वारदात के बाद ओवैसी के घर पुलिस अधिकारी पहुंचे हैं. शिकायत के मुताबिक, जब ओवैसी रात में घर लौटे तो देखा कि उनके घर पर शाम को पत्थरबाजी हुई है.</p>
<p><strong>ओवैसी के घर पर अज्ञात लोगों ने फेंके पत्थर</strong></p>
<p>दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पत्थर फेंके जाने की वजह से असदुद्दीन ओवैसी के घर की खिड़कियों के शीशे टूट गए हैं. वारदात के बाद ओवैसी ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में ओवैसी ने कहा कि उनके दिल्ली स्थित आवास पर कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थरबाजी की है.</p>
<p><strong>रविवार शाम ओवैसी के आवास पर पत्थरबाजी</strong></p>
<p>पुलिस को दी गई शिकायत में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ये हमला रविवार शाम करीब 5 बजकर 30 मिनट पर हुआ. वारदात की खबर मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की. एडिशनल डीसीपी भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/unidentified-people-threw-stones-at-owaisis-house-police-probing-the-matter						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/unidentified-people-threw-stones-at-owaisis-house-police-probing-the-matter</guid>
					<pubDate>Mon, 20 Feb 2023 09:16:10 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर साधा निशाना और खेला हिन्दुत्त्व कार्ड कहा- धनुष चुरा सकते हैं, दिल में बैठे राम नहीं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चुनाव आयोग की ओर से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुआई वाले धड़े को असली शिवसेना घोषित करने और धनुष-बाण का निशान आवंटित करने के बाद महाराष्ट्र की सियासत ने नया मोड़ ले लिया है. पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला है. उनके धड़े के नेता संजय राउत भी लगातार केंद्र पर निशाना साध रहे हैं. रविवार को उद्धव ठाकरे ने कहा, बीजेपी को लगा वे अकेले सत्ता संभाल लेंगे. मेरे घर गृह मंत्री अमित शाह आए मुझे बातें कीं. उनसे मैंने अपने दिल की बात कही. अपने पिता के आखिरी दिनों की बातों को याद किया और बताया कि मैंने बाला साहेब को वादा किया था कि हमारा मुख्यमंत्री होगा. तब अमित शाह बोले ठीक है. अब क्या हुआ? अमित शाह के दूध का दूध पानी का पानी वाले बयान पर उन्होंने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट का फैसला बाकी है. पानी नहीं हुआ इन्होंने दूध में नमक डाला है.</p>
<p> उद्धव ने आगे कहा, जनता की अदालत सबसे बड़ी है. वही लोकतंत्र है लेकिन इन्हें यह मंजूर नहीं. ये सभी भेड़िए हैं, कुता नहीं कह सकता क्योंकि वे वफादार होते हैं. सेंट्रल एजेंसियों को भेड़ियों की तरह छोड़ देते हैं. फिर बोलते हैं मैं अकेला लड़ रहा हूं. आज देश कमज़ोर हो रहा है और यह हम सबका कर्तव्य है कि हम देश को बचाएं. अपने पिता बालासाहेब ठाकरे को याद करते हुए उद्धव ने कहा, आज सब शतरंज बन चुका है. उसमें भी नियम होता था. मेरे पिता ने प्रमोद महाजन को कहा था कि एक दिन देश हिंदू बन कर वोट करेगा. अब हिंदू जाग चुके हैं, जो ऐसे लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं तभी उनकी आंखों में धूल झोंकी जा रही है. चुनावों के दौरान सभी मुद्दे आते हैं.</p>
<p>उन्होंने कहा, जिसने मुझे, बाला साहेब को धोखा दिया उनका क्या करना चाहिए. मैं सीएम नहीं बनना चाहता था. कांग्रेस एनसीपी ने कहा कि आप सीएम बनो तभी सरकार बनेगी. अगर ये (बीजेपी) मुझे धोखा नहीं देते तो हो सकता है उनका ही सीएम होता. ठाकरे ने कहा, मुझे नकाब की जरूरत नहीं है. पिता ने सिखाया है कि जैसे हो लोगों के बीच जाओ. कल ये हमारी मशाल भी ले सकते हैं, मैं इसके लिए तैयार हूं. लेकिन इन्होंने हमारी निशानी चुराई है. धनुष चुरा सकते हैं लेकिन दिल में बैठे राम को नहीं. </p>
<p>पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री की सोच है कि सभी राज्य मेरे सामने कटोरा लेकर खड़े रहें. इसको हुकुमशाही कहते हैं. जीएसटी जैसा कानून यही है. राज्यों का पैसा अपनी जेब में रख कर किसी राज्य का विकास कैसे होगा. सभी उद्योग राज्य के बाहर ले जा रहे हैं. उद्धव इनके बीच आ रहा है इसलिए उद्धव को उखाड़ फेंको.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/uddhav-thackeray-targeted-the-bjp-and-played-the-hindutva-card-said-dhanush-can-steal-ram-is-not-sit						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/uddhav-thackeray-targeted-the-bjp-and-played-the-hindutva-card-said-dhanush-can-steal-ram-is-not-sit</guid>
					<pubDate>Mon, 20 Feb 2023 02:21:51 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सर्वे: अभी चुनाव तो कांग्रेस और बीजेपी में से किसे कितने सीटे मिलेगी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारत में अगला लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) 2024 में होगा. इसको लेकर सर्वे लगातार किए जा रहे हैं. लोकसभा चुनाव को लेकर किए गए नए सर्वे में सामने आया है कि अगर अभी चुनाव हों तो बीजेपी की बंपर जीत हो सकती है. बीजेपी (BJP) के नेतृत्व वाला गठबंधन एनडीए (NDA) आराम से बहुमत पा सकता है. इस सर्वे में कांग्रेस (Congress) के नेतृत्व वाले गठबंधन यूपीए (UPA) के लिए भी अच्छी खबर है. सर्वे के मुताबिक, यूपीए का ग्राफ ऊपर जा सकता है. कांग्रेस+ की सीटें बढ़ सकती हैं. कई राज्यों में कांग्रेस+ का जादू चल सकता है. आइए जानते हैं कि लोकसभा चुनाव के ताजा सर्वे में किस पार्टी को कितनी सीटें मिल रही हैं.</p>
<p><strong>अभी चुनाव तो BJP+ को कितनी सीटें?</strong></p>
<p>सर्वे के मुताबिक, अभी लोकसभा चुनाव हों तो बीजेपी+ को 298 सीटों पर जीत मिल सकती हैं. वहीं, कांग्रेस+ की लोकसभा सीटें भी बढ़ती नजर आ रही हैं. सर्वे के अनुसार, कांग्रेस+ को 153 सीटों पर जीत हासिल हो सकती है. वहीं, अन्य दल 92 सीटों पर सिमट सकते हैं. कई राज्यों में कांग्रेस+ और बीजेपी+ की सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है.</p>
<p><strong>बढ़ सकता है कांग्रेस+ का ग्राफ</strong></p>
<p>बता दें कि पिछले साल अगस्त महीने में भी सर्वे किया गया था. उस सर्वे में बीजेपी+ को 307 सीटें मिलने का अनुमान था. वहीं, कांग्रेस+ को 125 सीटें मिलने की बात कही गई थी. वहीं, अन्य पार्टियों के खाते में 111 सीटें जाने का अनुमान लगाया गया था. हालांकि, पहले के मुकाबले बीजेपी+ की सीटें कम होती नजर आ रही हैं.</p>
<p><strong>BJP+ के वोट प्रतिशत में इजाफा</strong></p>
<p>वोट प्रतिशत की बात करें तो जनवरी, 2023 में किए गए सर्वे में कांग्रेस+ के वोट प्रतिशत में इजाफा देखा जा रहा है. सर्वे के मुताबिक, अभी चुनाव हुए तो कांग्रेस+ को 29 फीसदी वोट मिल सकते हैं. वहीं, बीजेपी+ के वोट प्रतिशत में भी बढ़ोतरी हो सकती है. बीजेपी 43 प्रतिशत वोट पा सकती है. वहीं, अगस्त, 2022 में हुए सर्वे में बीजेपी+ को 41 तो कांग्रेस+ को 28 फीसदी वोट मिलते दिख रहे थे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/survey-elections-now-who-will-get-how-many-seats-between-congress-and-bjp						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/survey-elections-now-who-will-get-how-many-seats-between-congress-and-bjp</guid>
					<pubDate>Sun, 19 Feb 2023 10:26:15 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अब इस सपा सांसद के बिगड़े बोल, कहा-भारत न हिंदू राष्ट्र था और न कभी होगा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी के नेताओ में सनातन धर्म का अपमान करने की होड़ लगी हुई है. अभी तक पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ही रामचरितमानस के बहाने हिंदू धर्म को टारगेट कर रहे थे. अब विवादित नेता और पार्टी के संभल जिले से सांसद शफीकुर्रहमान बर्क (Shafiqur Rahman Barq) भी इस दौड़ में उतर आए हैं. उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि हिंदुस्तान न कभी हिंदू राष्ट्र था, न है और न ही कभी हिंदू राष्ट्र बन सकेगा. बर्क ने दावा किया कि केवल मुसलमान ही नहीं बल्कि हिंदुस्तान में रहने वाले लोग बाकी लोग भी कभी हिंदू राष्ट्र स्वीकार नही करेंगे.</p>
<p><strong>'दुनिया में असली मजहब केवल इस्लाम'</strong></p>
<p>समाजवादी पार्टी के सांसद बर्क (Shafiqur Rahman Barq) के जहरीले बोल केवल यहीं तक नहीं रुके. उन्होंने कहा कि दुनिया में असली मजहब केवल इस्लाम है, जिसे अल्लाह ने बनाया है. बाकी सब बाद में पैदा हुए पंथ हैं. शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि कुरान शरीफ दुनियावी नहीं बल्कि आसमानी किताब है, जिससे करोड़ों लोग आगे बढ़ने की प्रेरणा लेते हैं. इस किताब में कोई बदलाव नहीं हो सकता और जो ऐसा करने की सोचेगा, उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. </p>
<p><strong>'भारत न हिंदू राष्ट्र था और न कभी होगा'</strong></p>
<p>शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि साधु संतो को इस्लाम धर्म पर टिप्पणी करने और फतवे देने का कोई हक नहीं है. सपा सांसद शफीकुर्ररहमान बर्क (Shafiqur Rahman Barq) ने जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्र नंद गिरी के भारत को हिंदू राष्ट्र (Hindu Rashtra) घोषित किए जाने के बयान पर भड़कते हुए बयान देकर कहा कि भारत न कभी हिंदू राष्ट्र था, न हिंदू राष्ट्र है और न ही कभी हिंदू राष्ट्र बन सकेगा. देश के मुसलमान ही नहीं बल्कि भारत में रहने वाले अन्य लोग भी भारत को हिंदू राष्ट्र के तौर पर स्वीकार नहीं करेंगे. </p>
<p><strong>'ऐसे लोग और कुछ नहीं कर सकते'</strong></p>
<p>बर्क के इस बयान पर उत्तराखंड में रुड़की के जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतीन्द्र नंद गिरी ने प्रतिक्रिया दी है. महामंडलेश्वर ने कहा कि बर्क (Shafiqur Rahman Barq) जैसे लोग सिर्फ विवादित बयान ही दे सकते हैं, वे और नहीं कर सकते. इन लोगों में कोई ताकत नहीं है. इनके सामने ही अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है. कश्मीर से धारा 370 भी हटा दी गई है. अब आगे देश भी हिंदू राष्ट्र (Hindu Rashtra) बनेगा. </p>
<p><strong>भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र: मनोज तिवारी</strong></p>
<p>वहीं दिल्ली से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि भारत तो पहले से ही मूलतः हिन्दू राष्ट्र (Hindu Rashtra) है. हमारी संस्कृति पूरब से पश्चिम तक एक है. केवल भाषा ही भिन्न है. ये बहुत लोगों का मत हो सकता है, इसे तूल देने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि हम संविधान का पालन करते हैं और उसी को अपना मार्गदर्शक मानते हैं. खजुराहो के होटल में आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल में मनोज तिवारी ने यह बयान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने के बयान पर दिया. </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/now-the-words-of-this-sp-mp-have-deteriorated-said-india-was-neither-a-hindu-nation-nor-will-it-ever						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/now-the-words-of-this-sp-mp-have-deteriorated-said-india-was-neither-a-hindu-nation-nor-will-it-ever</guid>
					<pubDate>Sun, 19 Feb 2023 10:00:21 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[जेडीयू नेता ने दिया अजीबोगरीब बयान, कहा मुसलमानों को दें सेना में 30 फीसदी नौकरी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता और पूर्व एमएलसी गुलाम रसूल बलियावी ने सेना को लेकर अजीबोगरीब बयान दिया है. उन्होंने सेना में मुसलमानों के लिए 30 प्रतिशत नौकरियों की मांग की. बलियावी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'अगर पीएम मोदी पाकिस्तान से निपटने से डर रहे हैं, तो सेना में मुसलमानों को 30% नौकरियां दें. जब पाकिस्तान भारत को मिसाइलों से धमका रहा था तो उसका जवाब देने नागपुर से कोई बाबा नहीं आया. वह एक मुसलमान का बेटा था जिसका नाम एपीजे अब्दुल कलाम है.”</p>
<p>बलियावी मरकजी इरादा-ए-शरिया के कार्यक्रम में बोल रहे थे. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने दावा किया कि बाबा रामदेव भारतीय नहीं हैं और पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा से उनके संबंध हैं. उन्होंने इस बात की जांच की मांग की कि बाबा रामदेव ने इतनी बड़ी संपत्ति कहां से जमा की. उन्होंने दवाओं और अन्य उत्पादों के उत्पादन सहित बाबा रामदेव के व्यवसायों की जांच की भी मांग की.</p>
<p>आयोजन के दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर भी सवाल उठाए. उन्होंने हिंदू नेता को निशाना बनाया और दावा किया कि यह अज्ञात है कि बाबा बागेश्वर कहां से आए थे. "हम उसे नहीं जानते. हम केवल संविधान और न्यायपालिका को जानते हैं. हमारे देश में ऐसे विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं है. कपड़े और श्रृंगार हमें विचलित नहीं कर सकते.”</p>
<p>यहां यह उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना में जाति या धर्म आधारित चयन की कोई अवधारणा नहीं है. सैनिकों को केवल योग्यता के आधार पर चुना जाता है और ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो मुसलमानों को, या किसी को भी, भारतीय सेना में काम करने के लिए आवेदन करने से रोकता है, अगर वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं.</p>
<p><strong>बलियावी के विवादास्पद बयानों का इतिहास</strong></p>
<p>गुलाम रसूल बलियावी का विवादित बयान देने का इतिहास रहा है. 20 जनवरी को बलियावी ने धमकी दी थी कि अगर पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने वाली कोई टिप्पणी की गई तो मुसलमान शहरों को कर्बला में बदल देंगे. उन्होंने कहा था, "हम कर्बला मैदान में हैं ... यदि आप हमारे पैगंबर का अपमान करते हैं, तो हम शहरों को कर्बला में बदल देंगे." उन्होंने आगे कहा था, 'मैं किसी पार्टी का नाम नहीं लेना चाहता. एक भी तथाकथित सेक्युलर नेता ने इस पागल औरत की गिरफ्तारी की मांग नहीं की.” यह स्पष्ट नहीं है कि वह किसका जिक्र कर रहे थे, लेकिन वह संभवतः अब निलंबित भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बारे में बात कर रहे थे.</p>
<p>जनवरी 2022 में उन्होंने सूर्य नमस्कार का विरोध करते हुए कहा था कि 'अल्लाह ने सूरज को जन्म दिया, हम उसकी पूजा नहीं कर सकते'.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/jdu-leader-gave-a-strange-statement-said-give-30-percent-jobs-in-the-army-to-muslims						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/jdu-leader-gave-a-strange-statement-said-give-30-percent-jobs-in-the-army-to-muslims</guid>
					<pubDate>Tue, 14 Feb 2023 01:12:48 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[उद्धव ठाकरे के बड़े बोल, हिन्दुत्व पर बीजेपी पर साधा निशान कहीं ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>मुंबई में एक कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे ने उत्तर भारतीयों को संबोधित करते हुए भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मैं हिंदू हृदय सम्राट बालासाहब ठाकरे का बेटा हूं, हिन्दुत्व क्या है यह मुझे बताना है. हिंदुत्व के मुद्दे को लेकर हमारी कुछ पुराने दोस्तों से दोस्ती हुई थी (बीजेपी) लेकिन बदले में हमें क्या मिला?</p>
<p>उद्धव ने कहा कि बाला साहब ठाकरे ने हमें कभी नहीं सिखाया की मुस्लिमों से दुश्मनी करो, लेकिन भाजपा का हिंदुत्व मानने लायक नहीं, उनका हिंदुत्व असली हिंदुत्व नहीं है. हम यहां आपके पास आए तो दूसरी और एक पार्सल वापस भेजा गया (राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर निशाना). कल मोदी मुंबई आए थे, रोटी बनाना सीख कर गए हैं. आपने तस्वीरें देखी होंगी. बोहरा समाज हमारे भी साथ है. लेकिन अगर कल मैं ऐसा कुछ करूंगा तो यही लोग कहेंगे कि मैंने हिंदुत्व छोड़ दिया है. पर खुद रोटी बनाने गए, और खुद को बड़ा दिल वाला बताया.</p>
<p>उन्होंने सवाल किया कि हमारा दिल बड़ा नहीं क्या? अब यहां आया हूं तो कहेंगे की उत्तर भारतीयों के पीछे लगा हूं. मराठियों के मुद्दे को छोड़ चुका हूं. हमने हिंदू-मुस्लिम में कभी भेद भाव नहीं किया. हम कहां जायेंगे यह कौन बताएगा. कोरोना काल में हमने कभी हिंदू मुस्लिम, उत्तर भारतीय नहीं किया. अगर हिंदुत्व की ऐसी ही राजनीति चलती रही तो एक समय के बाद हमें शर्मिंदगी महसूस होगी की हम हिंदू हैं.</p>
<p>कुछ सालों तक इनमें इतनी हिम्मत नहीं थी कि यह खुद को हिंदू कह सकें. मेरे पिता ने तब कहा कि गर्व से कहो हम हिंदू हैं. राम मंदिर का मुद्दा हमने उठाया. 2018 में मैं मुखमंत्री नहीं था तब मैं शिवनेरी से एक मुट्ठी मिट्टी लेकर अयोध्या गया था, शिवाजी की जन्मभूमि की मिट्टी राम जन्मभूमि ले गया. और तभी राम मंदिर का फैसला आया मैं मुखमंत्री बना. मैंने कभी जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया. उनकी तोड़ने की राजनीति अंग्रेजों की राजनीति है और वे हमेशा भेदभाव करते हैं.</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह हिंदुत्व नहीं है और हमारा सपना क्या है. मैं यहां आपको उकसाने नहीं आया हूं, पर आपकी आंखें खोलने आया हूं. हमारा हिंदुत्व सही प्रकार है और हम मानते हैं कि अन्याय न करें और यदि अन्याय हो तो सहें भी नहीं. हम हमेशा के लिए आपस में नहीं लड़ सकते. जब हिंदू सो रहे थे तो मेरे पिता ने उन्हें जगाया और अब हम क्या कर रहे हैं. अब हमारा समर्थन करने वाले मुसलमान भी हमारे साथ हैं. </p>
<p>ठाकरे ने कहा कि मैं जैन समुदाय में भी गया था. उन्होंने कहा कि हम आपको खून देंगे लेकिन मैंने कहा कि सिर्फ वोट दो, मैं सुभाष बोस नहीं हूं कि मुझे खून दो... वह अलग समय था... आज हम आजाद हैं लेकिन आजादी के बाद भी देखो क्या हो रहा है. मैं जल्द ही बड़ी रैली करूंगा और लोग कहते हैं कि हमें शिवसेना की वापसी चाहिए. मैं इन लोगों को चुनाव के लिए चुनौती देता हूं - बीएमसी, विधानसभा या यहां तक ​​कि लोकसभा यह हमसे लड़कर दिखाएं. जब वे मेरी चुनौती स्वीकार नहीं कर सकते तो वे कैसे कह सकते हैं कि वे हिंदू नेता हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/uddhav-thackerays-big-words-this-is-a-simple-mark-on-bjp-on-hindutva						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/uddhav-thackerays-big-words-this-is-a-simple-mark-on-bjp-on-hindutva</guid>
					<pubDate>Mon, 13 Feb 2023 09:23:38 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[2024 चुनाव जीतने के लिए सपा ने बनाया फुल प्रूफ प्लान, बीजेपी के पास नहीं है इसकी काट]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>सपा (SP) के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के चाचा शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने खुलासा किया है कि समाजवादी पार्टी ने 2024 के चुनाव में बीजेपी (BJP) को रोकने की रणनीति बना ली है. आगामी लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Chunav) में बीजेपी का रथ रोकने के लिए सपा हर स्तर पर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है. बीजेपी की अलोकतांत्रिक और जन विरोधी नीतियों का जमकर विरोध करेंगे. आने वाले समय में बीजेपी की तानाशाही के खिलाफ समाजवादी पार्टी सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी. जब हम सरकार में थे तो विपक्षी नेताओं का कभी बिना वजह उत्पीड़न नहीं हुआ. बीजेपी ये याद रखे कि सपा भी सरकार में रही है. लोकतंत्र में विपक्ष के नेताओं का उत्पीड़न और दमन ठीक नहीं है.</p>
<p><strong>नाम बदलने की राजनीति पर रिएक्शन</strong></p>
<p>वहीं, लक्ष्मण जी की भव्य प्रतिमा के लखनऊ में अनावरण पर भी सपा नेता शिवपाल यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जी के आदर्शों पर नहीं चलते हैं. केवल उनकी प्रतिमा लगाने से कुछ नहीं होगा. फिर शिवपाल यादव से पूछा गया कि लखनऊ का नाम बदलकर लक्ष्मणपुरी करने की मांग की जा रही है.</p>
<p><strong>बीजेपी पर साधा निशाना</strong></p>
<p>शहरों के नाम बदलने की मांग के सवाल पर रिएक्शन देते हुए सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव ने कहा कि किसी जगह का नाम बदलने से कोई लाभ नहीं होने वाला है. काम करना जरूरी है. बीजेपी को जनता के हितों के लिए काम करना चाहिए.</p>
<p><strong>SP मौर्य के बयान पर क्या कहा?</strong></p>
<p>इसके अलावा रामचरितमानस पर की गई स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वह सभी धर्मग्रंथों को मानते हैं. वह कभी भी किसी धर्मग्रंथ के खिलाफ ना थे, ना हैं और ना आगे कभी होंगे. शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान व्यक्तिगत है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/sp-made-full-proof-plan-to-win-2024-elections-bjp-has-no-cut						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/sp-made-full-proof-plan-to-win-2024-elections-bjp-has-no-cut</guid>
					<pubDate>Mon, 13 Feb 2023 08:45:47 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ममता की पार्टी को दिया नया नाम, बताया TMC का मतलब]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को प.बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. बीजेपी अध्यक्ष ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को आतंक, माफिया और भ्रष्टाचार का पर्याय करार दिया. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने TMC पर पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लागू होने में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं करने का आरोप लगाया. टीएमसी के शासन में राज्य के ठहर जाने का दावा करते हुए नड्डा ने कहा कि भाजपा ममता बनर्जी के जंगलराज को खत्म करेगी.</p>
<p>उन्होंने कहा, 'जब पीएमएवाई का ऑडिट किया जा रहा है तब बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आ रही हैं. इससे पता चला है कि जिन लोगों के पास तीन मंजिला-दो मंजिला मकान हैं, उन्हें इस योजना के तहत मकान मिले हैं. पश्चिम बंगाल में यह स्थिति है.' नड्डा ने यह भी कहा कि महिला मुख्यमंत्री होने के बाद भी पश्चिम बंगाल महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों की सूची में टॉप पर है. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा,  'टीएमसी यानी टेरर (आतंक), माफिया और करप्शन (भ्रष्टाचार) है. पश्चिम बंगाल में हर जगह भ्रष्टाचार है. चाहे एसएससी भर्ती हो या किसी अन्य प्रकार की भर्ती, नौकरियां बेची जा रही हैं.'</p>
<p>वहीं शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि बीजेपी नेता अलग राज्य की मांग उठाकर उत्तरी बंगाल के लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने जोर दिया है कि भाजपा राज्यों के विभाजन के खिलाफ है. राज्य के उत्तरी जिले कूचबिहार के मथभंगा में बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल के विभाजन की कभी अनुमति नहीं देगी. उन्होंने कहा, 'असम के मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि वे कभी राज्य का विभाजन नहीं करेंगे, जबकि पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता अलग राज्य की राग अलाप रहे हैं. ये लोग आपको (जनता को) बेवकूफ बना रहे हैं.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/bjp-president-jp-nadda-gave-a-new-name-to-mamtas-party-told-the-meaning-of-tmc						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/bjp-president-jp-nadda-gave-a-new-name-to-mamtas-party-told-the-meaning-of-tmc</guid>
					<pubDate>Sun, 12 Feb 2023 22:34:02 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[वरुण गाँधी ने किया खुलासा, मोदी सरकार में अब तक क्यों नहीं मिला मंत्री पद]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद वरुण गांधी (Varun Gandhi) के राजनीतिक भविष्य को लेकर लगातार चर्चा हो रही है. बीजेपी छोड़कर कांग्रेस (Congress) और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) जॉइन करने की अटकलें लगाई जा रही है, लेकिन इस बीच वरुण गांधी ने मोदी सरकार (Modi Govt) में मंत्री पद नहीं मिलने को लेकर बड़ा खुलासा कर दिया है. बता दें कि वरुण गांधी लगातार तीन बार से सांसद हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके पास कोई मंत्री पद नहीं है.</p>
<p><strong>दो बार मिला था मंत्री बनने का ऑफर: वरुण गांधी</strong></p>
<p>अब वरुण गांधी (Varun Gandhi) ने खुलासा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के दोनों कार्यकाल के दौरान उन्हें मंत्री बनने का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया. वरुण गांधी ने इस बात का खुलासा किया. उन्होंने कहा, 'मैंने दोनों बार मंत्री पद ठुकराया है, लेकिन इस बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं है.' </p>
<p><strong>मंत्री पद ठुकराने पर क्या कोई हुआ था वरुण से नाराज?</strong></p>
<p>जब वरुण गांधी (Varun Gandhi) से यह पूछा गया कि क्या मंत्री पद ठुकराने की वजह से किसी को बुरा लगा था या कोई नाराज हुआ था? इस पर वरुण ने कहा, 'अगर आप किसी बात को सम्मानपूर्वक कहते हैं और उनका सम्मान बनाए रखते हैं तो वह बात किसी को बुरी नहीं लगती है. हालांकि, इसके साथ ही आपकी बात में कोई तर्क होना चाहिए.'</p>
<p><strong>मंत्री बनने के बाद वरुण गांधी किस काम पर करते फोकस?</strong></p>
<p>शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर वरुण गांधी (Varun Gandhi) कौन सा काम करते. इस पर वरुण ने कहा, 'शिक्षा मंत्री बनते तो सबसे पहले पाठ्यक्रम में बदलाव करते और टीचर्स की संख्या को बढ़ाते. इसके साथ ही लोगों को कुशल बनाने पर पैसा खर्च करते. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया में 94 प्रतिशत लोग कुशल हैं, जबकि भारत में यह संख्या सिर्फ 4 प्रतिशत ही है. इसके साथ ही वरुण गांधी ने आगे कहा कि वो देश में दक्षिण कोरिया और जर्मनी की तरह वोकेशनल एजुकेशन में वृद्धि करते और सरकारी नौकरी बढ़ाने की कोशिश करते, क्योंकि मौजूदा समय 79 प्रतिशत संविदा की नौकरियां हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/varun-gandhi-revealed-why-hasnt-got-a-ministerial-post-in-the-modi-government-yet						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/varun-gandhi-revealed-why-hasnt-got-a-ministerial-post-in-the-modi-government-yet</guid>
					<pubDate>Sun, 12 Feb 2023 15:10:09 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इस वजह से राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा बीच में ही छोड़ने वाले थे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के सी वेणुगोपाल ने पार्टी नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की तारीफ करते हुए कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के शुरुआती दिनों में ऐसी स्थिति आ गई थी कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने घुटने की गंभीर समस्या की वजह से किसी और को यात्रा का नेतृत्व देने पर विचार किया था.</p>
<p><strong>प्रियंका गांधी ने कही थी ये बात</strong></p>
<p>राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले वेणुगोपाल ने कहा कि स्थिति ऐसी उत्पन्न हो गई थी कि प्रियंका गांधी को भी कहना पड़ा था कि उनके भाई गंभीर दर्द की वजह से राष्ट्रव्यापी पैदल मार्च से हट सकते हैं और यात्रा की कमान वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को दे सकते हैं.</p>
<p>‘भारत जोड़ यात्रा’ में शामिल यात्रियों को सम्मानित करने के लिए केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बताया, ‘उनके (राहुल गांधी) घुटने का दर्द और बढ़ गया जब यात्रा कन्याकुमारी से शुरू होने के बाद तीसरे दिन केरल में दाखिल हुई. उन्होंने मुझे घुटने के दर्द की गंभीरता बताने के लिए बुलाया और सुझाव दिया कि किसी अन्य नेता के नेतृत्व में यात्रा को जारी रखा जाए.’</p>
<p><strong>सामने आया था राहुल गांधी का वीडियो</strong></p>
<p>इसी पूरी यात्रा के दौरान सामने आई घटनाओं की सिलसिलेवार जानकारी देते हुए वेणुगोपाल ने बताया कि सात सितंबर 2022 को कन्याकुमारी से यात्रा शुरू हुई और केरल में दाखिल हुई. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के बिना यात्रा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए अकल्पनीय थी. कांग्रेस नेता ने बताया कि राहुल गांधी की तरफ से सुझाए गए एक फिजियोथेरेपिस्ट भी उनकी यात्रा में शामिल हुए और उनके इलाज से दर्द ठीक हो गया. राहुल गांधी ने खुद केरल में अपने घुटने की समस्या के बारे में पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान बात की और कहा कि जब भी उन्हें यह मुश्किल होती है तो उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता का सहारा मिल जाता है. कांग्रेस नेताओं से बातचीत के दौरान उनकी इस चर्चा का वीडियो वायरल हुआ था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/because-of-this-rahul-gandhi-was-about-to-leave-the-bharat-jodo-yatra-midway						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/because-of-this-rahul-gandhi-was-about-to-leave-the-bharat-jodo-yatra-midway</guid>
					<pubDate>Sun, 12 Feb 2023 14:58:02 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस कलेश: पायलट ने पकड़ी अपनी अलग राह, किया ये काम]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' भले ही राजस्थान से शांतिपूर्ण तरीके से गुजरी हो, लेकिन गहलोत और पायलट खेमों में फूट लगातार बढ़ती दिख रही है, क्योंकि दोनों समूहों के बीच वाकयुद्ध में कोई कमी नहीं आई है. हाल ही में जहां गहलोत ने अपने एक वीडियो में पायलट को पार्टी में बड़ा कोरोना करार दिया, वहीं पायलट ने पेपर लीक को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए. बयानों की यह तीखी जंग राहुल गांधी की यात्रा के राजस्थान से शांतिपूर्ण ढंग से गुजरने के तुरंत बाद शुरू हुई, जब सभी की निगाहें आलाकमान पर थीं कि क्या वह राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के संबंध में कोई फैसला लेगा.</p>
<p><strong>पायलट ने किए किसान सम्मेलन</strong></p>
<p>हालांकि, इंतजार के बाद जब दिल्ली से किसी भी बदलाव या कार्रवाई का कोई संकेत नहीं मिला, तो सचिन पायलट ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में अपने किसान सम्मेलन शुरू किए, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी. इनमें से एक सम्मेलन में, पायलट ने अशोक गहलोत सरकार पर बिना नाम लिए हमला किया और कहा कि राज्य को हाल ही में रिपोर्ट किए गए भर्ती परीक्षा पेपर लीक के पीछे 'बड़ी मछलियों' के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.</p>
<p>इसके जवाब में राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने जो कार्रवाई की है वह इस घोटाले के सरगनाओं के खिलाफ है. गहलोत ने विपक्ष के आरोपों का भी खंडन किया कि उनकी पार्टी के नेता या सरकारी अधिकारी भर्ती पेपर लीक में शामिल थे.</p>
<p>दोनों खेमों में दरार दिखाने वाली अगली घटना में एक वीडियो सामने आया. इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री को कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाया गया है कि महामारी के बाद एक 'बड़ा कोरोना' कांग्रेस में घुस गया. यह दिखाता है कि पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं है. जबकि गहलोत ने कोई नाम नहीं लिया, इस टिप्पणी को पायलट से जोड़ा गया था.</p>
<p><strong>'युवा पीढ़ी के बारे में सोचना चाहिए'</strong></p>
<p>पायलट ने बदले में गहलोत पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बुजुर्गों को युवा पीढ़ी के बारे में सोचना चाहिए और युवाओं को न्याय मिलना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि नेताओं को कभी भी विरोधियों के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जो वे खुद नहीं सुन सकते.</p>
<p>इस बीच, कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर जनवरी में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के लिए जयपुर में थे. इस दौरान उन्होंने कहा था, 'हमें अपने पार्टी सहयोगियों पर निर्देशित करने से पहले शब्दों को ध्यान से तौलना चाहिए. मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने अपने 14 साल के राजनीतिक करियर में कभी किसी के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया. एक-दो बार मैंने कहा कि मैं कीचड़ में कुश्ती नहीं लड़ना चाहता.'</p>
<p><strong>सबकी नजरें आलाकमान पर</strong></p>
<p>जनवरी में ये टकराव पार्टी को परेशान करता रहा. राजस्थान के पार्टी प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एक बार फिर घोषणा की कि राजस्थान पर कोई भी फैसला 30 जनवरी को राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के पूरा होने के बाद लिया जाएगा. उम्मीद की जा रही थी कि गहलोत बजट पेश करेंगे और फिर कुछ घोषणा हो सकती है.</p>
<p>हालांकि एक बार फिर इंतजार शुरू हो गया है कि 25 सितंबर की घटना के बाद आलाकमान कोई कार्रवाई करता है या नहीं, जब गहलोत खेमे के विधायकों ने नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आलाकमान की बैठक के हटकर बैठक बुलाई थी.</p>
<p>बताया गया कि बैठक में 91 से अधिक विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, हाल ही में हाई कोर्ट में यह पेश किया गया था कि 81 विधायकों ने इस्तीफा दिया था और उनके इस्तीफे स्वैच्छिक नहीं थे और इसलिए उन्हें अध्यक्ष की ओर से खारिज कर दिया गया था.</p>
<p>उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर कोर्ट से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था, क्योंकि 91 विधायकों के इस्तीफे पर फैसला तीन महीने बाद भी स्पीकर के पास लंबित था. कोर्ट ने अध्यक्ष से जवाब मांगा और जवाब आया कि इस्तीफे स्वैच्छिक नहीं थे. इससे एक बार फिर अटकलों का दौर शुरू हो गया.</p>
<p><strong>पायलट-गहलोत के बीच सत्ता का टकराव</strong></p>
<p>यह कोई रहस्य नहीं है कि राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रमुख पायलट का कुछ समय से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ सत्ता का टकराव चल रहा है. राज्य कांग्रेस इकाई गुटबाजी से परेशान है. पायलट ने 16 जनवरी को अपनी यात्रा शुरू की और बीकानेर और हनुमानगढ़ में किसानों के साथ बैठकें कीं. इन बैठकों ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर राज्य में सत्ता परिवर्तन का आह्वान करने के लिए दबाव डाला.</p>
<p>अब, जब राजस्थान से भारत जोड़ो यात्रा के निकले हुए दो महीने होने वाले हैं, हर कोई यह देखने के लिए इंतजार कर रहा है कि क्या कोई बदलाव होगा या चीजें वैसे ही चलती रहेंगी. पायलट को क्या भूमिका मिलेगी, यह सवाल राजनीतिक गलियारों में पूछा जा रहा है, लेकिन कोई नेता नहीं बोलेगा. सब यही कहते हैं, 'प्रतीक्षा करें और देखें.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/congress-conflict-pilot-took-his-own-path-did-this-work						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/congress-conflict-pilot-took-his-own-path-did-this-work</guid>
					<pubDate>Sun, 12 Feb 2023 02:11:32 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी की दहाड़, पूछा- नेहरू सरनेम इस्तेमाल करने पर शर्म क्यों]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी (Narendra Modi) ने गुरुवार को गांधी फैमिली के सदस्यों पर सीधा हमला बोलते हुए पूछा कि उन्हें नेहरू उपनाम (Nehru Surname) का इस्तेमाल करने में शर्म क्यों आती है. PM मोदी ने सहकारी संघवाद के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकारों ने कई क्षेत्रीय दलों के प्रतिनिधित्व वाली राज्य सरकारों को गिराने के लिए संविधान के अनुच्छेद 356 का कम से कम 90 बार इस्तेमाल किया.</p>
<p><strong>विपक्ष को दिलाई याद</strong></p>
<p>मोदी ने आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी ने अकेले अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल राज्यों में क्षेत्रीय दलों की सरकारों को गिराने के लिए 50 बार किया. उन्होंने DMK, TDP और लेफ्ट पार्टियों के साथ शरद पवार की NCP जैसे दलों पर कांग्रेस के साथ गठबंधन करने पर भी सवाल उठाया और उन्हें याद दिलाया कि देश की सबसे पुरानी पार्टी ने अतीत में उनकी भी सरकारें गिरा दी थीं.</p>
<p><strong>600 सरकारी योजनाएं सिर्फ गांधी-नेहरू परिवार के नाम </strong></p>
<p>राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 600 सरकारी योजनाएं सिर्फ गांधी-नेहरू परिवार के नाम पर हैं. उन्होंने कहा कि किसी कार्यक्रम में अगर नेहरू के नाम का उल्लेख नहीं होता है तो कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं और उनका लहु एकदम गर्म हो जाता है कि नेहरू जी का नाम क्यों नहीं दिया.</p>
<p><strong>कोई नेहरू सरनेम रखने से डरता क्यों है?</strong></p>
<p>उन्होंने कहा, 'मुझे ये समझ नहीं आता है कि उनकी पीढ़ी का कोई व्यक्ति नेहरू सरनेम रखने से डरता क्यों है . क्या शर्मिंदगी है नेहरू सरनेम रखने से. क्या शर्मिंदगी है. इतना बड़ा महान व्यक्तित्व अगर आपको मंजूर नहीं है, परिवार को मंजूर नहीं है और हमारा हिसाब मांगते रहते हो.'</p>
<p><strong>राज्यों के अधिकारों की धज्जियां उड़ाने का इतिहास</strong></p>
<p>मोदी ने कहा कि जो लोग आज विपक्ष में बैठे हैं उन्होंने तो राज्यों के अधिकारों की धज्जियां उड़ा दी थीं. उन्होंने कहा, 'जरा इतिहास उठा करके देख लीजिए, वो कौन पार्टी थी, वो कौन सत्ता में बैठे थे, जिन्‍होंने अनुच्छेद 356 का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किया. 90 बार चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया. कौन हैं वो, कौन हैं जिन्होंने किया, कौन हैं जिन्होंने किया, कौन हैं जिन्होंने किया.'</p>
<p>मोदी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने तो अनुच्छेद 356 का 50 बार उपयोग किया.</p>
<p><strong>पहली चुनी हुई सरकार को घर भेज दिया गया</strong></p>
<p>उन्होंने कहा, 'केरल में आज जो लोग इनके साथ खड़े हैं जरा याद कर लीजिए... केरल में वामपंथी सरकार चुनी गई जिसे पंडित नेहरू पसंद नहीं करते थे. कुछ ही कालखंड के अंदर चुनी हुई पहली सरकार को घर भेज दिया.'</p>
<p>द्रमुक के सदस्यों से प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में एमजीआर और करुणानिधि जैसे दिग्गजों की सरकारों को भी कांग्रेस ने गिराया.</p>
<p>उन्होंने कहा, 'एमजीआर की आत्म देखती होगी आप कहां खड़े हो.' मोदी ने कहा कि 1980 में शरद पवार महाराष्ट्र के मुख्‍यमंत्री बने लेकिन उनकी सरकार को भी गिरा दिया गया था और आज वो कांग्रेस के साथ खड़े हैं.</p>
<p><strong>'हर क्षेत्रीय नेता को उन्होंने परेशान किया'</strong></p>
<p>उन्होंने कहा, 'हर क्षेत्रीय नेता को उन्होंने परेशान किया.' प्रधानमंत्री ने कहा कि एनटीआर की सरकार को तो तब गिराने का प्रयास किया गया जब अस्वस्थता की हालत में अमेरिका गए थे.</p>
<p>उन्होंने कहा, 'ये कांग्रेस की राजनीति का स्तर था. अखबार निकाल कर देख लीजिए, हर अखबार लिखता था कि राजभवनों को कांग्रेस के दफ्तर बना दिए गए थे.'</p>
<p>उन्होंने कहा कि 2005 में झारखंड में राजग के पास ज्यादा सीटें थीं लेकिन राज्यपाल ने संप्रग को शपथ के लिए बुला लिया था‌ और 1982 में हरियाणा में भाजपा और देवीलाल की पार्टी के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन था लेकिन उसके बावजूद राज्यपाल ने कांग्रेस को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया.</p>
<p>उन्होंने कहा, 'ये कांग्रेस का अतीत है और आज वह देश को गुमराह करने की बातें कर रहे हैं.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/prime-minister-narendra-modis-roar-asked-why-ashamed-of-using-nehru-surname						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/prime-minister-narendra-modis-roar-asked-why-ashamed-of-using-nehru-surname</guid>
					<pubDate>Fri, 10 Feb 2023 12:01:18 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अमित शाह ने राहुल गाँधी को पप्पू कहने पर जताया ऐतराज, अधीर रंजन चौधरी से कही ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 'पप्पू' शब्द को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को सलाह देते नजर आए. दरअसल, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए सदन में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने देश की आर्थिक नीति, चीनी सेना के अतिक्रमण और न्यायालय पर दवाब डालने का आरोप लगाते हुए मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा.</p>
<p>अपने भाषण के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने राहुल गांधी के मंगलवार को दिए गए भाषण की जबरदस्त अंदाज में तारीफ करते हुए कहा कि ये लोग ( भाजपा ) राहुल गांधी को पप्पू साबित करने की कितनी भी कोशिश करें लेकिन, उन्होंने (राहुल गांधी ) इन्हें ही (भाजपा ) पप्पू साबित कर दिया.</p>
<p><strong>अमित शाह ने किया ऐतराज</strong></p>
<p>अधीर रंजन चौधरी के इस भाषण पर तुरंत ऐतराज जताने के लिए सदन में मौजूद गृह मंत्री अमित शाह खड़े हो गए. अमित शाह ने अधीर रंजन चौधरी के भाषण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे माननीय सांसद जी को पप्पू नहीं कह सकते हैं.</p>
<p>इससे पहले चीनी सेना के अतिक्रमण के आरोपों को लेकर भी अमित शाह और अधीर रंजन चौधरी के बीच कई बार नोक-झोंक हुई. अधीर रंजन चौधरी ने 1962 में चीन के साथ हुई लड़ाई के मौके पर सदन में अटल बिहारी वाजपेयी की मांग पर जवाहर लाल नेहरू द्वारा चर्चा कराने का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार आज चीनी अतिक्रमण को लेकर सदन में चर्चा तक नहीं करा रही है. </p>
<p>इस पर प्रतिवाद करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस समय खामियां थी, इस समय खामियां नहीं हैं. उस समय की सरकार देश की हजारों एकड़ भूमि हार कर आई थी तब सदन में चर्चा हुई थी.  इसके बाद भी अधीर कई रिपोर्टों का हवाला देते हुए भारतीय भूमि पर चीनी अतिक्रमण की बात कहते रहे. इस पर एक बार फिर से कड़ा ऐतराज जताते हुए अमित शाह ने सदन में खड़े होकर कहा कि सदन में जो बातें बोली जाती है वो रिकॉर्ड में चला जाता है. इस तरह की बातें सदन में नहीं कहनी चाहिए। उन्हें ( अधीर ) जो बोलना है बोले लेकिन यह स्पष्ट कर दें कि वो ये सारी बातें अखबार के हवाले से बोल रहे हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/amit-shah-objected-to-calling-rahul-gandhi-pappu-said-this-to-adhir-ranjan-chowdhary						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/amit-shah-objected-to-calling-rahul-gandhi-pappu-said-this-to-adhir-ranjan-chowdhary</guid>
					<pubDate>Thu, 09 Feb 2023 02:20:19 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राहुल गांधी के आरोपों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे दिया जवाब]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो वक्तव्य दिया उसमें सच्चाई नहीं थी और वह उद्योगपति गौतम अडानी का बचाव कर रहे हैं.  उन्होंने संसद भवन परिसर में कहा, भाषण में सच्चाई नहीं है. अगर (अडानी) मित्र नहीं हैं तो यह कह देते कि जांच होगी. </p>
<p><strong>राहुल गांधी ने क्या कहा?</strong></p>
<p>राहुल गांधी ने कहा, शेल कंपनियां और बेनामी संपत्तियां राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय हैं. भारत के बुनियादी ढांचे से जुड़ा विषय हैं. ये बहुत बड़ा घपला है. इस बारे में प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा.  उन्होंने आरोप लगाया, प्रधानमंत्री उनका (अडानी) बचाव कर रहे हैं. मैं समझता हूं. इसका कारण है. </p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को कहा कि दुनिया में कोरोना महामारी सहित अनेक संकटपूर्ण हालात के बीच देश को जिस तरह से संभाला गया, उससे पूरा देश आत्मविश्वास से भर रहा है एवं पूरे विश्व में भारत को लेकर सकारात्मकता, आशा और भरोसा है. उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विपक्षी कांग्रेस पर भी निशाना साधा.</p>
<p><strong>पीएम मोदी ने क्या कहा था? </strong></p>
<p>इससे पहले उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 तक का समय आजादी के इतिहास में सबसे अधिक घोटालों का दशक रहा है और संप्रग सरकार के इन दस साल के कार्यकाल में कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर कोने में भारत के लोग असुरक्षित महसूस करते थे. पीएम मोदी ने 2जी, सीडब्ल्यूजी और अन्य घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि इन दस साल में वैश्विक मंचों पर भारत की साख इतनी कमजोर हो गई थी कि दुनिया उसकी बात सुनने को तैयार नहीं थी.</p>
<p>उन्होंने कहा कि दुनिया में सौ साल बाद कोरोना जैसी महामारी आई, विश्व बंटा हुआ है, ऐसी स्थिति में भी राजग सरकार के कार्यकाल में देश को जिस तरह से संभाला गया, उससे पूरा देश आत्मविश्वास से भर रहा है एवं पूरे विश्व में भारत को लेकर सकारात्मकता, आशा और भरोसा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि संप्रग सरकार के दस साल का कार्यकाल जहां ‘लॉस्ट डिकेड’ था, वहीं 2030 तक का दशक ‘इंडियाज डिकेड’ होगा.</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज जब कई देशों में भीषण महंगाई, बेरोजगारी, खाने-पीने का संकट है और अपने पड़ोस में भी ऐसे हालात हैं, ऐसी स्थिति में कौन हिंदुस्तानी इस बात पर गर्व नहीं करेगा कि ऐसे समय में भी देश दुनिया की पांचवीं अर्थव्यवस्था है. उन्होंने कहा कि आज राष्ट्र के रूप में गौरव पूर्ण अवसर हमारे सामने हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के पूरे अभिभाषण में जो बातें कही गई हैं वे 140 करोड़ देशवासियों के लिए उत्सव का अवसर हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/this-is-how-prime-minister-narendra-modi-responded-to-rahul-gandhis-allegations						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/this-is-how-prime-minister-narendra-modi-responded-to-rahul-gandhis-allegations</guid>
					<pubDate>Thu, 09 Feb 2023 01:44:27 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राहुल गांधी ने मोदी पर किया करारा हमला तो स्मृति ईरानी ने यूं दिया जवाब, की बोलती बंद]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर संसद में करारा हमला बोला ऐसा पलटवार करते हुए बीजेपी के नेताओं ने कांग्रेस पर आरोपों की झड़ी लगा दी इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर राहुल गांधी के हमले को लेकर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि जिन्हें अमेठी ने 'मैजिक' दिखाया है उन्होंने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया. उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए यह आरोप भी लगाया कि 'परिवार' ने अमेठी में कई ऐसी जमीनों को अपने कब्जे में ले लिया, जिन्हें फाउंडेशन या फैक्टरी के लिए आवंटित किया गया था. उनका इशारा गांधी परिवार की तरफ था. स्मृति ईरानी ने कहा कि आज एक सज्जन जिन्हें अमेठी ने ‘मैजिक’ दिखाया और चार विधानसभा सीट पर जिनकी जमानत जब्त हुई है उन्होंने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया.</p>
<p>केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का इशारा 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी लोकसभा सीट पर राहुल गांधी की हार और अपनी जीत की ओर था. उन्होंने महिला स्वयंसेवी समूहों के लिए आवंटन का उल्लेख करते हुए कहा कि साल 2009 से साल 2014 के बीच स्वयंसेवी समूहों को करीब 80 हजार करोड़ रुपये की राशि दी गई. साल 2014 से साल 2022 तक यह राशि बढ़ाकर 4.93 लाख करोड़ रुपये की गई.</p>
<p>स्मृति ईरानी ने कहा कि साल 1981 में एक फाउंडेशन ने अमेठी में 40 एकड़ की जमीन ली. वहां पर कहा गया कि हम अमेठी की जनता के लिए मेडिकल कॉलेज बना देंगे. 623 रुपये किराया दिया गया, उस जमीन पर परिवार ने अपने लिए गेस्टहाउस बनवा लिया. उन्होंने दावा किया कि अमेठी में ‘गांधी परिवार’ के अस्पताल ने एक व्यक्ति का इलाज नहीं किया और वापस लौटा दिया क्योंकि उसके पास आयुष्मान भारत का कार्ड था. बाद में उस व्यक्ति की मौत हो गई.</p>
<p>स्मृति ईरानी ने आगे कहा कि अमेठी में एक फैक्टरी के लिए जमीन ली गई. अचानक यह जमीन फाउंडेशन को दी गई. बाद में परिवार ने जमीन खाली नहीं की. किसान अदालत जाता है और जमीन खाली करने का आदेश लाता है. आज भी वो जमीन पर बैठे हुए हैं. आज ये गरीब की बात करते हैं. उन्होंने कहा कि हज की नई नीति कल आई है, जब कांग्रेस सरकार थी, तब हज के लिए आवेदन के वास्ते पैसा देना पड़ता था. अब किसी को आवेदन का पैसा नहीं देना पड़ेगा, यह मोदी सरकार ने सुनिश्चित किया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीति के कारण हज पर प्रतिव्यक्ति 50 हजार रुपये की बचत हो रही है.</p>
<p>ईरानी ने कहा कि महिलाओं से जुड़े बजट में 130 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. स्मृति ईरानी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कुछ पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी जी ने संकल्प किया है, इसलिए वह कीमत चुकाते हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhi-made-a-befitting-attack-on-modi-smriti-irani-replied-like-this-stopped-speaking						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhi-made-a-befitting-attack-on-modi-smriti-irani-replied-like-this-stopped-speaking</guid>
					<pubDate>Wed, 08 Feb 2023 10:17:18 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अडानी मुद्दे पर BJP और कांग्रेस में छिड़ा वाक्युद्ध, कही ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारतीय जनता पार्टी के नेता सुनील जाखड़ और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के बीच सोमवार को वाक्युद्ध छिड़ गया. दरअसल, जाखड़ ने अडाणी मुद्दे पर तिवारी द्वारा लिखे गए लेख को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कांग्रेस को ‘विभाजित घर’ करार दिया. अडानी-हिंडनबर्ग विवाद के बीच जाखड़ ने तिवारी और कांग्रेस पर कटाक्ष किया और कहा कि एक और कारण बताओ नोटिस आसन्न है. दरअसल, कांग्रेस ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पटियाला से पार्टी सांसद परणीत कौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया हुआ है.</p>
<p>आनंदपुर साहिब से सांसद तिवारी ने जाखड़ पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह कभी भी समग्र रूप से कुछ भी समझने की कोशिश नहीं करते हैं और इस तरह अपना वक्त बर्बाद करते हैं.”</p>
<p>भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य जाखड़ ने कहा, “ कांग्रेस- एक विभाजित घर है. यह सरकार पर साठगांठ का आरोप लगाती है, जबकि पार्टी के पंजाब के सांसद एक लेख में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को भारत की बढ़ती रणनीतिक निपुणता को नुकसान पहुंचने की भू-राजनीतिक साज़िश के तौर पर बताया गया है. श्रीमती परणीत कौर के बाद एक और कारण बताओ नोटिस आसन्न है.”</p>
<p>कांग्रेस ने तीन फरवरी को परनीत कौर को निलंबित कर दिया था और उनसे यह भी बताने को कहा था कि उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी से निष्कासित क्यों नहीं किया जाना चाहिए.</p>
<p>जाखड़ के ट्वीट पर तिवारी ने कहा कि भाजपा नेता कभी भी समग्र रूप से कुछ भी समझने की कोशिश नहीं करते हैं और इस तरह अपना वक्त बर्बाद करते हैं और उन्होंने अपने लेख में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के लिए साफ तौर पर मामला बनाया है. इसपर जाखड़ ने कहा कि उनका निशाना कांग्रेस पर था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/war-of-words-broke-out-between-bjp-and-congress-on-adani-issue-said-this						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/war-of-words-broke-out-between-bjp-and-congress-on-adani-issue-said-this</guid>
					<pubDate>Tue, 07 Feb 2023 08:49:02 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[जेडीयू के उपेंद्र कुशवाहा ने नितीश कुमार और लालू प्रसाद पर जोरदार सियासी हमला बोला, कही ऐसी बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन में शामिल जनता दल (यूनाइटेड) संसदीय दल के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राजद प्रमुख लालू प्रसाद पर भी जोरदार सियासी हमला बोला. उन्होंने कहा कि इन दोनों ने बिहार में करीब 35 साल तक शासन किया, लेकिन अति पिछड़ों को हक मारी गई. एक परिवार को बढ़ाने का काम हुआ. कभी भी सत्ता पर अति पिछड़ों को मजबूत हिस्सेदारी नहीं दी गई.</p>
<p>पटना में जगदेव प्रसाद की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुशवाहा ने राजद और नीतीश कुमार पर जोरदार निशाना साधते हुए कहा कि राजद के नेता आज अगड़े, पिछड़े और 90 प्रतिशत शोषित की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत है कि 32 साल से इन्हीं लोगों की सरकार है. इन लोगों ने पिछड़े लोगों को क्या दिया है.</p>
<p><strong>'केवल एक परिवार का शासन चल रहा'</strong></p>
<p>कुशवाहा ने कहा कि पहले 15 साल और अब 17 साल में अतिपिछड़ों की हकमारी हुई है. राजद के लोग 10 फीसदी लोगों के शासन की बात कह रहे. आज भी 10 फीसदी लोग ही सत्ता में बने हुए हैं. केवल एक परिवार का शासन चल रहा है.</p>
<p>उन्होंने कहा कि उस दौर में सत्ता का हस्तांतरण केवल एक ही परिवार के सत्ता में बने रहने के लिए नहीं हुआ था. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजद ने कभी इस 90 प्रतिशत की चिंता करने की बात नहीं की. उन्होंने तो यहां तक कहा कि जगदेव प्रसाद की जयंती मनाने से रोकने की कोशिश की गई.</p>
<p>उन्होंने गुरुवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए एक बार फिर से कहा कि आखिर जदयू और राजद में क्या डील हुई, यह तो बताना चाहिए. उन्होंने जदयू से किसी प्रकार की नाराजगी से इंकार करते हुए कहा कि वे तो जदयू के मजबूत करने की बात कर रहे हैं और इसी में लगे हुए हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/jdus-upendra-kushwaha-made-a-strong-political-attack-on-nitish-kumar-and-lalu-prasad-said-such-a-thi						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/jdus-upendra-kushwaha-made-a-strong-political-attack-on-nitish-kumar-and-lalu-prasad-said-such-a-thi</guid>
					<pubDate>Fri, 03 Feb 2023 02:30:19 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राहुल की भारत जोड़ो यात्रा खत्म, अब आगे करेंगे ये काम]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा रविवार को समाप्त हो गई. इस दौरान उन्होंने श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र पर हमला बोला. राहुल ने कहा कि यात्रा में बहुत कुछ सीखने को मिला. इसका लक्ष्य लोगों को जोड़ना था, नफरत खत्म करना था. लोगों की बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली. ये मेरी जिंदगी का सबसे गहरा और अच्छा अनुभव रहा है. यात्रा यहीं खत्म नहीं हो रही ये पहला कदम है, शुरुआत है. </p>
<p>कांग्रेस सांसद ने कहा, विपक्ष की पार्टियों में जो एकता आती है वो बातचीत से आती है. ये कहना कि विपक्ष बिखरा हुआ है, ठीक नहीं है. विपक्ष में मतभेद जरूर हैं मगर विपक्ष एक साथ लड़ेगी. ये विचारधारा की लड़ाई है. एक तरफ RSS-BJP वाले हैं और दूसरी तरफ गैर RSS-BJP वाले हैं.</p>
<p>जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी राहुल गांधी ने केंद्र पर तंज कसा. उन्होंने कहा, घाटी में टारगेट कीलिंग, ब्लास्ट हो रहे हैं. अगर सुरक्षा व्यवस्था इतनी ही अच्छी है तो BJP, लाल चौक से जम्मू तक यात्रा क्यों नहीं करती, गृह मंत्री अमित शाह जम्मू से कश्मीर तक यात्रा क्यों नहीं करते? मुझे नहीं लगता यहां की सुरक्षा व्यवस्था ठीक है. आगे राहुल ने कहा, मैं सेवानिवृत्त जवानों और लद्दाखियों से मिला, उन्होंने कहा कि चीन ने हमारे 2000 वर्ग किमी ज़मीन ले ली है, भारत के कई पेट्रोलिंग पॉइंट्स अब चीन के हाथों में हैं. सरकार का इन बातों को नकारना खतरनाक है, ये चीन के आत्मबल को और बढ़ाएगा.</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने एक वैकल्पिक नजरिया दिया है. बीजेपी और आरएसएस ने नफ़रत का विजन दिया है और हमारा विजन प्यार का विजन है. मैं नफरत के बाज़ार में प्यार की दुकान खोलना चाहता हूं. जब उनसे नई यात्रा को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, अभी नई यात्रा का कोई प्लान नहीं है. मगर यात्रा साउथ से नॉर्थ गई. लेकिन इसका इफेक्ट पूरे देश में है. क्योंकि ये एक विजन है. लेकिन सोचेंगे, मेरे पास 2,3 आइडिया हैं. राहुल ने कहा, मेरे मुताबिक देश की पॉलिटिकल क्लास और जनता में थोड़ी दूरी पैदा हो गई है. पूरा का पूरा कम्युनिकेशन मीडिया के जरिए होता है. पहले कम्युनिकेशन बिना भेदभाव के होता था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/rahuls-bharat-jodo-tour-is-over-now-he-will-do-this-work						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/rahuls-bharat-jodo-tour-is-over-now-he-will-do-this-work</guid>
					<pubDate>Mon, 30 Jan 2023 01:54:41 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सपा के इस नेता ने रामचरितमानस पर बयां देकर पार्टी को नुकसान पहुंचाया, नहीं मिला पार्टी का साथ]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>रामचरितमानस पर समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर विवाद गहराता जा रहा है. मौर्य को उनकी ही पार्टी सपा का साथ नहीं मिल रहा. विपक्ष भी लगातार स्वामी प्रसाद मौर्य को इस बयान के लिए घेर रहा है. हाल ही में सपा में अपनी पार्टी का विलय करने वाले शिवपाल यादव ने भी मौर्य के बयान पर अपना पक्ष रखा है. उन्होंने उनके बयान से असहमति जताई है.</p>
<p>शिवपाल यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से असहमति जताते हुए कहा कि हम राम-कृष्ण के आदर्शों पर चलने वाले लोग हैं. शिवपाल सिंह यादव ने रामचरितमानस पर अपनी पार्टी के विधान परिषद सदस्य स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादास्पद बयान से असहमति जताते हुए मंगलवार को कहा कि यह उनका (मौर्य) ‘निजी बयान’ है और हम भगवान राम और कृष्ण के आदर्शों पर चलने वाले लोग हैं.</p>
<p>इटावा जिले के जसवंनगर विधानसभा क्षेत्र पहुंचे शिवपाल ने मौर्य के विवादित बयान के बारे में पूछे जाने पर पत्रकारों से कहा, “यह उनका व्यक्तिगत बयान है, न कि पार्टी का. हम लोग भगवान राम और कृष्ण के आदर्शों पर चलने वाले लोग हैं.” यह पूछे जाने पर कि क्या मौर्य के बयान से पार्टी को राजनीतिक नुकसान होगा, शिवपाल ने कहा, “यह उनका निजी बयान था, न कि पार्टी का.” सपा नेता ने खुद ही सवाल किया, “क्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोग भगवान राम के आदर्शों का पालन करते हैं?”</p>
<p>गौरतलब है कि मौर्य ने रविवार को कहा था, “धर्म का वास्तविक अर्थ मानवता के कल्याण और उसकी मजबूती से है. अगर रामचरितमानस की किन्हीं पंक्तियों के कारण समाज के एक वर्ग का जाति, वर्ण और वर्ग के आधार पर अपमान होता हो, तो यह निश्चित रूप से धर्म नहीं, बल्कि अधर्म है.” उन्होंने आरोप लगाया था, “रामचरितमानस की कुछ पंक्तियों में कुछ जातियों जैसे कि तेली और कुम्हार का नाम लिया गया है. इससे इन जातियों के लाखों लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं.”</p>
<p>मौर्य ने मांग की थी, “रामचरितमानस के आपत्तिजनक अंश, जो जाति, वर्ण और वर्ग के आधार पर समुदायों का अपमान करते हैं, उन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.” उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मौर्य पिछले साल हुए राज्य विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़ सपा में शामिल हो गए थे. उन्होंने कुशीनगर जिले की फाजिलनगर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे. हालांकि, सपा ने बाद में उन्हें विधान परिषद का सदस्य बना दिया था.</p>
<p>शिवपाल ने दावा किया, “भाजपा के खिलाफ माहौल है और लोग सपा के साथ आ रहे हैं. भविष्य में हमें भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकना है और राज्य में सपा की सरकार वापस लानी है.” सपा के खिलाफ मुखर रहने वाले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर शिवपाल ने कहा, “वो बड़बोले हैं और अभी मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में आए थे, लेकिन जनता ने उन्हें सबक सिखा दिया. आगे भी हम उन्हें (केशव प्रसाद मौर्य) बताएंगे कि चुनाव कैसे लड़ा जाता है.”</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/this-sp-leader-harmed-the-party-by-commenting-on-ramcharitmanas-did-not-get-the-support-of-the-party						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/this-sp-leader-harmed-the-party-by-commenting-on-ramcharitmanas-did-not-get-the-support-of-the-party</guid>
					<pubDate>Wed, 25 Jan 2023 02:23:58 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राजनितिक अटकले: वरुण गाँधी कभी भी जा सकते है कांग्रेस में]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद वरुण गांधी (Varun Gandhi) के भविष्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है, लेकिन अभी तक उन्होंने कुछ भी साफ नहीं किया है. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने हाल ही में वरुण को लेकर बड़ा बयान दिया था और कहा था कि हमारी विचारधारा अलग है. इसके बाद कहा जाने लगा था कि वरुण गांधी के लिए कांग्रेस में एंट्री के रास्ते बंद हो गए हैं. हालांकि, वरुण के लिए अब भी सभी रास्ते बंद नहीं हुए हैं और उनकी अब भी कांग्रेस (Congress) पार्टी में एंट्री हो सकती है.</p>
<p><strong>कांग्रेस में एंट्री के लिए वरुण गांधी के पास बचा आखिरी रास्ता</strong></p>
<p>राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भले ही वरुण गांधी (Varun Gandhi) से अलग विचारधारा की बात की हो, लेकिन अब भी उनकी कांग्रेस में एंट्री पार्टी महासचिव और चचेरी बहन प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के जरिए हो सकती है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि इसको लेकर दोनों के बीच बातचीत भी चल रही है.</p>
<p><strong>भाई-बहन के बीच राजनीतिक मुद्दों पर होने लगी है बात</strong></p>
<p>कहा जाता है कि रुण गांधी (Varun Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) शुरुआत से ही एक-दूसरे के करीबी रहे हैं. अलग विचारधारा के बावजूद भाई-बहन के बीच हमेशा से पारिवारिक मामलों पर बात होती रहती थी. हालांकि, अब दोनों के बीच राजनीतिक मामलों पर भी बात होने लगी है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दोनों राजनीतिक हालातों को लेकर एक-दूसरे के साथ अपने विचार साझा करने लगे हैं.</p>
<p><strong>वरुण लगातार अपनी ही सरकार के खिलाफ बनाते रहे हैं निशाना</strong></p>
<p>वरुण गांधी (Varun Gandhi) पिछले कुछ सालों से लगातार अपनी ही सरकार के खिलाफ निशाना साधते रहे हैं. वरुण गांधी महंगा, किसानों के मुद्दे और बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर सवाल उठाते रहे हैं. हालांकि, उन्होंने अपने बयानों में कभी भी अपनी पार्टी के किसी नेता पर निशाना नहीं साधा और किसी का नाम नहीं लिया है.</p>
<p><strong>कैसा रहा है वरुण गांधी का राजनीतिक करियर?</strong></p>
<p>वरुण गांधी (Varun Gandhi) के राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 1999 में हुई थी, जब उन्होंने अपनी मां मेनका गांधी के लिए लोकसभा चुनाव में प्रचार करना शुरू किया. इसके बाद साल 2004 में वरुण गांधी की एंट्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) में हुई और 2009 में पहली बार पीलीभीत से लोकसभा चुनाव का टिकट मिला, जहां से उन्होंने जीत दर्ज की. इसके बाद वरुण गांधी साल 2014 और 2019 में भी पीलीभीत से लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/political-speculation-varun-gandhi-can-join-congress-anytime						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/political-speculation-varun-gandhi-can-join-congress-anytime</guid>
					<pubDate>Tue, 24 Jan 2023 10:28:13 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[दिग्विजय सिंह ने फिर छेड़ा राग सर्जिकल स्ट्राइक, कहा- ‘नहीं दिया कभी कोई सबूत’]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सर्जिकल स्ट्राइक की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि मोदी जी ने सर्जिकल स्ट्राइक करवाने की बात कही लेकिन कभी उसका प्रमाण नहीं दिया.</p>
<p>मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘बीजेपी की नीति है झूठ बोलो, ज़ोर से बोलो, बार-बार बोलो...जिससे सिर्फ हिन्दू-मुसलमान की लड़ाई होती रहे...अगर प्रधानमंत्री जी को पाकिस्तान से इतनी नाराज़गी है तो बिना बुलाए नवाज़ शरीफ के घर शादी कार्यक्रम में क्यों पहुंच जाते हैं. यहां तक पुलवामा हमले की जानकारी पीएम ने देश के सामने और या संसद के सामने नहीं रखी.’</p>
<p><strong>370 हटने से आतंकवाद खत्म नहीं हुआ</strong></p>
<p>इससे पहले रविवार को दिग्विजय सिंह ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाए जाने के बावजूद वहां पर आतंकवाद अब भी खत्म नहीं हुआ है. सिंह ने कहा कि राजौरी जिले के डांगरी गांव सहित हाल में हुए आतंकवादी हमले चिंताजनक हैं.</p>
<p>दिग्विजय सिंह ने यह टिप्पणी जम्मू स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में आतंकवाद के पीड़ितों से मुलाकात के बाद की. इस दौरान सिंह के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा भी थे.</p>
<p>दिग्विजय सिंह कहा,‘सबसे पहले हम राजौरी के डांगरी गांव और जम्मू के नरवाल में हुए आतंकवादी हमलों की निंदा करते हैं. जम्मू-कश्मीर की स्थिति वह नहीं है जो अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद बताई जा रही थी. लक्षित हत्याएं और बम धमाके एक बार फिर शुरू हो गए हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/digvijay-singh-once-again-started-raging-surgical-strike-said-never-given-any-evidence						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/digvijay-singh-once-again-started-raging-surgical-strike-said-never-given-any-evidence</guid>
					<pubDate>Tue, 24 Jan 2023 01:26:28 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA['मोदी है तो मुमकिन है’ केवल भारत का नारा नहीं, बल्कि एक वैश्विक मंत्र बना...योगी आदित्‍यनाथ]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं को विजेता के भाव रूपी विरासत को संभालने का मंत्र देते हुए कहा कि ‘आज मोदी है तो मुमकिन है’ केवल भारत का नारा नहीं, बल्कि एक वैश्विक मंत्र बन गया है.</p>
<p>लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी की एक दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए योगी ने भारत की जी-20 अध्यक्षता और उत्तर प्रदेश के चार शहरों में होने वाली समूह की बैठकों का जिक्र करते हुए कहा, 'हम सब विजेता के भाव से आगे बढ़ें, हमारे पास अनेक संभावनाएं आएंगी.'</p>
<p><strong>ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट की चर्चा</strong></p>
<p>उन्होंने 10 से 12 फरवरी के बीच आयोजित होने वाले ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट की चर्चा करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी अपने कर कमलों से इसे आगे बढ़ाएंगे. उत्तर प्रदेश नए निवेश के गंतव्य के रूप में उभरकर सामने आ रहा है. बीजेपी के एक-एक कार्यकर्ता को अपनी टीम के साथ आगे आने की आवश्यकता है.'</p>
<p>योगी ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा, 'दुनिया में जहां भी संकट खड़ा हो रहा है, वहां का हर व्यक्ति आज उम्‍मीद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर देख रहा है. जो नारा 2019 में लगा था कि ‘मोदी है तो मुमकिन है’, वो आज केवल भारत का नारा नहीं, बल्कि वैश्विक मंत्र बन गया है. G-20 की अध्यक्षता इसका उदाहरण है.'</p>
<p><strong>UP में G-20 के 11 सम्मेलन</strong></p>
<p>उन्होंने कहा, 'मोदी जी ने जी-20 के साथ प्रत्येक भारतवासी को जोड़ने का कार्य किया है. आगरा, लखनऊ, वाराणसी और गौतमबुद्धनगर में जी-20 से संबंधित 11 सम्मेलन होने हैं.'</p>
<p>भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की विरासत का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा, 'कल आपने प्रयागराज में मौनी अमावस्या के स्नान को देखा होगा. दो करोड़ से अधिक श्रद्धालु वहां पहुंचे थे. अगर इस सामर्थ्‍य को पिछली सरकारों ने समझने का प्रयास किया होता और इसे सम्‍मान देने का कार्य किया होता तो उन्हें दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़तीं.'</p>
<p>उन्होंने कहा कि विरासत को जो भी सम्मान देगा, समृद्धि उसके लिए द्वार खोलेगी और जो भी उसे अपमानित करेगा, उसे दर-दर की ठोकरें खानी पड़ेंगी.</p>
<p><strong>नए संकल्प के साथ आगे बढ़ें: योगी</strong></p>
<p>प्रदेश में 7 माह बाद हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, 'यह हम सबके उत्साह और उमंग का क्षण है. आज से सात माह पूर्व जब हम मई 2022 में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के अवसर पर मिले थे, तो उस समय हम लोग प्रदेश में नयी सरकार के गठन के एक नए उत्साह के साथ एकत्र हुए थे और नए संकल्प के साथ आगे बढ़े थे.'</p>
<p>उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में पहली बार कोई सरकार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में आई है. यह बीजेपी जैसे दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के उत्साह और उमंग का परिणाम था.'</p>
<p>योगी ने कहा कि विजेता के रूप में कार्य कैसे होना चाहिए, यह बीजेपी बहुत अच्‍छी तरीके से जानती है और करती है.</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो उपचुनाव आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा क्षेत्र में संपन्न हुए और विधानसभा चुनाव की तर्ज पर तमाम विश्लेषकों के पूर्वानुमानों को ध्वस्त करते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिश्रम और मोदी जी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में पार्टी ने दोनों उपचुनावों में जीत हासिल कर विजेता की अपनी भूमिका को बरकरार रखा.</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, 'आज जब हम 7 महीने बाद फिर से एकत्र हुए हैं, तो देश के प्रमुख राज्य गुजरात में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत और वहां सातवीं बार पार्टी की सरकार बनना, हमें एक नए उत्साह, एक नए उमंग के साथ प्रेरित करता है. विजेता के रूप में कैसे कार्य करना चाहिए, यह उत्साह व उमंग हम सबके सामने है.'</p>
<p>नगरीय निकाय चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को सजग करते हुए योगी ने कहा, '762 नगर निकायों में चुनाव होने हैं. ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आयोग की रिपोर्ट आते ही चुनाव की घोषणा हो जाएगी. 2014, 2017, 2019, 2022 की तरह ही नगर निकाय चुनावों में भी बीजेपी का परचम लहराता हुआ नजर आना चाहिए.'</p>
<p><strong>लोकसभा चुनाव  2024 का लक्ष्य</strong></p>
<p>इससे पहले, अपने अध्‍यक्षीय भाषण में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश की सभी 80 सीटों को जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया. प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री जनरल वी के सिंह, पंकज चौधरी, संजीव बालियान, कौशल किशोर, साध्‍वी निरंजन ज्‍योति, भानु प्रताप वर्मा और प्रदेश के प्रमुख पदाधिकारी समेत 700 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/modi-hai-to-mumkin-hai-became-not-only-indias-slogan-but-a-global-mantra-yogi-adityanath						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sun, 22 Jan 2023 21:42:41 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बिगड़े बोल: सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, 'रामचरितमानस पर बैन लगे, इसमें सब बकवास...']]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी के नेता और एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य के एक बयान पर बवाल मच गया है. उन्होंने रामचरितमानस को लेकर विवादित दिया है. उन्होंने कहा है कि तुलसीदास की रामायण को प्रतिबंधित करना चाहिए. जिस दकियानूसी साहित्य में पिछड़ों और दलितों को गाली दी गई हो उसे प्रतिबंधित होना चाहिए. स्वामी प्रसाद मौर्य ने आगे कहा, अगर सरकार तुलसीदास की रामायण को प्रतिबंधित नहीं कर सकती तो उन श्लोकों को रामायण से निकालना चाहिए.</p>
<p>स्वामी प्रसाद ने कहा कि कई करोड़ लोग रामचरितमानस नहीं पढ़ते. सब बकवास है. अपनी खुशी के लिए तुलसीदास ने यह लिखा है. स्वामी प्रसाद इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने कहा कि सरकार को इस पुस्तक को ही बैन कर देना चाहिए. सपा नेता ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि तुलसीदास की रामायण में कुछ ऐसे अंश हैं, जिन पर हमें आपत्ति है. किसी भी धर्म में किसी को गाली देने का हक नहीं है. तुलसीदास की रामायण में चौपाई है. इसमें वह शुद्रों को अधम जाति का होने का सर्टिफिकेट दे रहे हैं.  </p>
<p>आगे स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, ब्राह्मण भले ही दुराचारी, लंपट, अनपढ़ या गंवार हो, लेकिन वह ब्राह्मण है तो उसे पूजनीय कहा गया है. मगर शुद्र कितना भी पढ़ा-लिखा या फिर ज्ञानी हो उसका सम्मान मत करिए. क्या यही धर्म है? अगर धर्म यही है तो ऐसे धर्म को मैं नमस्कार करता हूं. जो धर्म हमारा सत्यानाश चाहता है, ऐसे धर्म का सत्यानाश हो. मौर्य ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि धर्म के ठेकेदार ही धर्म का सौदा कर रहे हैं, यह देश का दुर्भाग्य है. समाज सुधारकों की कोशिशों से ही देश आज तरक्की की राह पर है. लेकिन दकियानूसी सोच वाले बाबा समाज में अंधविश्वास, ढकोसला और रूढ़िवादी परंपराओं को फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. मौर्य ने तंज कसते हुए कहा कि अगर बाबा के ही पास सारी बीमारियों का इलाज है तो सरकार ने बेकार में ही अस्पताल और मेडिकल कॉलेज चला रही है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/spoiled-words-sp-leader-swami-prasad-maurya-said-ramcharitmanas-should-be-banned-it-is-all-nonsense						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/spoiled-words-sp-leader-swami-prasad-maurya-said-ramcharitmanas-should-be-banned-it-is-all-nonsense</guid>
					<pubDate>Sun, 22 Jan 2023 20:38:16 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[2024 के लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने बनाई रणनीति, बनाया ये प्लान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारतीय जनता पार्टी की कार्यकारिणी बैठक में 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा की गई. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली स्थित पार्टी के मुख्यालय में चल रही इस बैठक में चुनावी रोडमैप को फाइनल करने को लेकर चर्चा जारी है. इस बैठक में लोकसभा की 160 कमजोर सीटों पर पकड़ मजबूत बनाने के लिए पार्टी ने प्लान तैयार कर लिया है. </p>
<p>चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर लोकसभा की इन 160 सीटों पर संगठन को मजबूत करने के तरीकों और यहां सरकार द्वारा किए गए कामों की समीक्षा की गई. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस बैठक में पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम और परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम की ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए भी प्लान तैयार किया गया. </p>
<p>साथ ही बैठक के आगे की एजेंडे पर भी चर्चा की गई. इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत सभा राष्ट्रीय पदाधिकारी, सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महासचिव शामिल हुए हैं. हालांकि, दो दिन चलने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की औपचारिक शुरुआत आज यानी सोमवार की शाम को 4 बजे होगी. पीएम मोदी की मौजूदगी में दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में इस बैठक की शुरुआत होगी.</p>
<p>इस बैठक में मोदी सरकार के सभी मंत्री, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, संगठन महामंत्री/संगठन मंत्री, भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व उप-मुख्यमंत्री, विभिन्न राज्यों के नेता प्रतिपक्ष समेत राष्ट्रीय कार्यकारिणी के मेंबर मौजूद रहेंगे.</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी रोड शो करते हुए दिल्ली के पटेल चौक से बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे. इस बैठक में अलग-अलग राज्यों में होने वाली विधानसभा चुनावों के साथ ही 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा होगी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/bjp-made-a-strategy-for-the-2024-lok-sabha-elections-made-this-plan						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/bjp-made-a-strategy-for-the-2024-lok-sabha-elections-made-this-plan</guid>
					<pubDate>Tue, 17 Jan 2023 01:52:34 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इस नेता ने किया बड़ा दावा, अगले लोकसभा चुनाव में बीजेपी बहुमत नहीं हासिल कर पाएगी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस (Congress) पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए 2019 की तरह एकतरफा यानी लैंड स्लाइड विक्ट्री हासिल करना लगभग  ‘नामुमकिन’ सा होगा. केरल (Kerala) से सांसद थरूर ने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि बहुत हद तक मुमकिन है कि अगले साल 2024 में देश में होने जा रहे आम संसदीय चुनावों (General Election 2024) भारतीय जनता पार्टी को बहुमत न मिले. </p>
<p><strong>2019 की तुलना में इतनी सीटें हार सकती है बीजेपी</strong></p>
<p>हाईली एजुकेटेड सांसद थरूर ने अपने संबोधन के बीच ये दावा भी किया है कि सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी अगले लोकसभा चुनावों में पिछले नतीजों की तुलना में इस बार करीब ‘50 सीटें’ हार सकती है. </p>
<p><strong>केरल लिट फेस्ट में बांधा समां</strong></p>
<p>तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर यहां केरल साहित्य महोत्सव (Kerala Literature festival) में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘अगर आप देखें कि उन्होंने (BJP) 2019 में कितना अच्छा प्रदर्शन किया, उनके पास हरियाणा, गुजरात और राजस्थान में लगभग सभी सीटें थीं. बंगाल में 18 सीटें थीं.</p>
<p><strong>'अब वैसा नतीजा दोहराना आसान नहीं'</strong></p>
<p>उन्होंने महोत्सव में एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘जब बीजेपी कई राज्यों की सत्ता को खो सकती है तो केंद्र की सत्ता को खोना भी कोई असंभव बात नहीं है. इसलिए अब वैसे नतीजों को दोहरा पाना नामुमकिन है और बहुत मुमकिन है कि बीजेपी साल 2024 में बहुमत हासिल नहीं कर पाए.’</p>
<p><strong>सुर्खियों में रहते हैं थरूर</strong></p>
<p>कांग्रेस नेता ने आगे ये कहा है कि पुलवामा हमलों और बालाकोट हमले के बाद बीजेपी को 2019 के चुनाव में अंतिम समय में एक जबरदस्त फायदा हुआ जो 2024 में दोहराया नहीं जाएगा और विपक्ष को भी इस बार काफी फायदा होगा. </p>
<p>थरूर से जब पूछा गया कि क्या विपक्षी दल, जो बीजेपी को बहुमत हासिल नहीं करने देंगे, वो खुद एकजुट रह पाएंगे. इस सवाल पर कांग्रेस नेता गोलमोल जवाब देते हुए कहा इसका जवाब देना असंभव है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/this-leader-made-a-big-claim-bjp-will-not-be-able-to-get-majority-in-the-next-lok-sabha-elections						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/this-leader-made-a-big-claim-bjp-will-not-be-able-to-get-majority-in-the-next-lok-sabha-elections</guid>
					<pubDate>Sat, 14 Jan 2023 11:57:15 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए कई आर्मी ऑफिसर तो BJP ने उठाया भ्रष्टाचार का ये मुद्दा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा हरियाणा में 130 किमी का सफर तय कर चुकी है. रविवार के दिन इस यात्रा में पूर्व आर्मी चीफ जनरल दीपक कपूर शामिल हुए. राहुल की ये यात्रा करनाल से शुरू हुई. इस दिन कई पूर्व आर्मी ऑफिसर उनकी यात्रा में शामिल हुए. जवाब में बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने सवाल उठाना शुरूूकर दिए. उन्‍होंने कहा है कि महाराष्ट्र के आदर्श घोटाले में पूर्व सेना प्रमुख को आरोपी बनाया गया था. वे राहुल गांधी के साथ यात्रा में शामिल हुए हैं आपको बता दें ये घोटाला 2011 में सामने आया था. </p>
<p><strong>बीजेपी आईटी सेल के मुखिया ने उठाए सवाल </strong></p>
<p>अमित मालवीय जो बीजेपी के आईटी सेल के मुखिया हैं, उन्‍होंने कहा है कि जनरल दीपक कपूर को आदर्श घोटाले में आरोपी बनाया गया था, लेकिन वे भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ नजर आ रहे हैं. कड़ाके की ठंड में कोहरे और सर्दी के बीच ये यात्रा रविवार के सुबह करनाल के नीलोखेड़ी क्षेत्र में दोद्वा से शुरू हुई थी. यहां ये से इस यात्रा ने कुरुक्षेत्र जिले में प्रवेश किया. आपको बता दें कि करनाल, हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर का निर्वाचन क्षेत्र है. यहां भी राहुल गांधी एक बार फिर से टीशर्ट में नजर आए. इस दौरान राहुल गांधी के साथ सेना के कई रिटायर ऑफिसर थे. </p>
<p><strong>आर्मी ऑफिसर का हुजूम उमड़ा</strong></p>
<p>कांग्रेस ने यात्रा के बारे में बताया है कि रविवार के दिन कई पूर्व सेना के ऑफिसर यात्रा में शामिल हुए थे. इसमें पूर्व प्रमुख जनरल दीपक कपूर, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल आर. के. हुड्डा, सेवानिवृत्त एयर मार्शल पी. एस. भंगू, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डी.डी.एस. संधू, रिटायर्ड मेजर जनरल रिटायर्ड सिंह चौधरी, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल वी. के. नरूला, रिटायर्ड मेजर जनरल धर्मेंद्र सिंह,  रिटायर्ड कर्नल पुष्पेंद्र सिंह,  रिटायर्ड कर्नल जितेंद्र गिल, रिटायर्ड मेजर जनरल बिशंबर दयाल और रिटायर्ड कर्नल रोहित चौधरी भी राहुल गांधी के साथ यात्रा में शामिल हुए. कांग्रेस की तरफ से इस यात्रा की तस्वीरें भी पोस्‍ट की गई. जिसमें राहुल गांधी के साथ पूर्व आर्मी चीफ दीपक कपूर भी दिख रहे हैं. आपको बता दें कि जनरल दीपक कपूर 30 सितंबर 2007 को आर्मी चीफ बने थे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/many-army-officers-participated-in-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-bjp-raised-this-issue-of-corrupti						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/many-army-officers-participated-in-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-bjp-raised-this-issue-of-corrupti</guid>
					<pubDate>Mon, 09 Jan 2023 11:52:19 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[UPA अध्यक्ष सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती, राहुल को छोड़ प्रियंका भारत जोड़ो यात्रा से लौटीं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को दिल्ली के सर गंगा राम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. हॉस्पिटल के चेयरमैन (बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट) डॉ. अजय स्वरूप ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा, UPA अध्यक्ष सोनिया गांधी को आज हमारे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वायरल रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन की निगरानी और इलाज के लिए उन्हें चेस्ट मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया है. इस बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी राहुल गांधी के नेतृत्व में जारी भारत जोड़ो यात्रा से वापस लौट गई हैं. </p>
<p>अस्पताल में भर्ती कराने के समय सोनिया गांधी की पुत्री प्रियंका गांधी उनके साथ थीं. सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी की तबीयत मंगलवार से खराब थी जिस कारण राहुल गांधी और प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के प्रवेश करने पर सात किलोमीटर चलने के बाद मंगलवार शाम दिल्ली लौट आए थे. पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ आज सुबह छह बजे बागपत के मवीकलां से फिर शुरू हुई. हालांकि प्रियंका गांधी बुधवार को राहुल गांधी के साथ पदयात्रा में शामिल नहीं हुईं.</p>
<p>कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने बताया कि राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सुबह दिल्ली से मवीकलां पहुंचे और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक यात्रा छह बजे से एक बार फिर शुरू की गई. हालांकि, प्रियंका सुबह यात्रा में शामिल नहीं हुईं.</p>
<p><strong>गुरुवार को हरियाणा रवाना होगी यात्रा</strong></p>
<p>कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा मंगलवार दोपहर बाद गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुई थी. यह यात्रा बागपत से शामली होते हुए गुरुवार को हरियाणा की ओर रवाना हो जाएगी. </p>
<p>गौरतलब है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सैलाब दिल्ली के कश्मीरी गेट से मंगलवार सुबह रवाना हुआ था. राहुल और प्रियंका मंगलवार को भारत जोड़ो यात्रा के गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते समय सात किलोमीटर की पदयात्रा कर दिल्ली लौट गए थे. कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया, गाजियाबाद में लोनी बॉर्डर पर प्रवेश करने के बाद सात किलोमीटर की पदयात्रा करने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दिल्ली लौट गए थे. </p>
<p>अचानक वापस जाने का कारण पूछने पर सिद्दीकी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. उन्होंने यह जरूर कहा कि बुधवार को राहुल और प्रियंका सुबह दिल्ली से सीधे बागपत आएंगे और यात्रा तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी. कांग्रेस के व्यापक जनसंपर्क अभियान वाली भारत जोड़ो यात्रा सात सितंबर 2022 को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी और उसके बाद यह अपने पहले चरण में तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से होकर गुजर चुकी है.</p>
<p>यात्रा उत्तर प्रदेश में लगभग तीन दिन रहेगी और उसके बाद गुरुवार शाम को हरियाणा के पानीपत में प्रवेश करेगी. इसके बाद पंजाब से होते हुए यह एक दिन हिमाचल प्रदेश से गुजरेगी और उसके बाद जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करेगी, जहां इसका समापन होगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/upa-chairperson-sonia-gandhi-hospitalized-leaving-rahul-priyanka-returned-from-bharat-jodo-yatra						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/upa-chairperson-sonia-gandhi-hospitalized-leaving-rahul-priyanka-returned-from-bharat-jodo-yatra</guid>
					<pubDate>Thu, 05 Jan 2023 01:46:35 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सुर्खियों में छाए राहुल गांधी को विपक्ष का पीएम उम्मीदवार बनाए जाने की मांग, सीएम नीतीश कुमार ने कही ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भाजपा के खिलाफ विपक्ष का प्रहार जारी है. कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के चलते सुर्खियों में छाए राहुल गांधी को विपक्ष का पीएम उम्मीदवार बनाए जाने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को स्पष्ट किया कि राज्य में उनकी सहयोगी कांग्रेस द्वारा अगले आम चुनाव में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने पर जोर देने से उन्हें कोई समस्या नहीं है. जदयू नेता ने यहां एक समारोह से इतर पत्रकारों से बात करते हुए यह भी दोहराया कि वह शीर्ष पद के लिए ''दावेदार नहीं'' हैं. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा का विरोध करने वाली पार्टियों को एकजुट करने की अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की.</p>
<p>नीतीश कुमार मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के हाल के उस बयान के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे कि गांधी 2024 के लोकसभा चुनावों में "विपक्ष के पीएम चेहरा" होंगे.</p>
<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राहुल गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. कमलनाथ ने कांग्रेस की देशव्यापी भारत जोड़ो यात्रा का नेतृत्व करने के लिए गांधी की सराहना करते हुए कहा कि वह सत्ता के लिए नहीं बल्कि देश के आम लोगों के लिए राजनीति कर रहे हैं.</p>
<p>उन्होंने कहा, "जहां तक 2024 के लोकसभा चुनाव का सवाल है, राहुल गांधी न सिर्फ विपक्ष का चेहरा होंगे, बल्कि उनके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार भी होंगे." उन्होंने ने यह भी कहा कि दुनिया के इतिहास में किसी ने भी इतनी लंबी पदयात्रा नहीं की है. कांग्रेस नेता ने कहा कि गांधी परिवार के अलावा किसी अन्य परिवार ने देश के लिए इतनी कुर्बानियां नहीं दी हैं. उन्होंने कहा, "राहुल गांधी सत्ता के लिए राजनीति नहीं करते हैं, बल्कि देश की जनता के लिए करते हैं."</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/demand-to-make-rahul-gandhi-the-pm-candidate-of-the-opposition-in-headlines-cm-nitish-kumar-said-thi						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/demand-to-make-rahul-gandhi-the-pm-candidate-of-the-opposition-in-headlines-cm-nitish-kumar-said-thi</guid>
					<pubDate>Sun, 01 Jan 2023 02:10:56 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राहुल गाँधी इन खूबियों वाली लड़की से करेंगे शादी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वह शादी के लिए ऐसी लड़की चाहेंगे जिसमें उनकी दादी इंदिरा गांधी और मां सोनिया गांधी की खूबियां मिली-जुली हों. उन्होंने एक यू-ट्यूब चैनल के साथ इंटरव्यू में यह टिप्पणी की. राहुल गांधी से उनकी दादी के साथ रिश्ते के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, वह मेरे जीवन का प्यार थीं. वह मेरी दूसरी मां थीं. </p>
<p><strong>राहुल गांधी ने और क्या कहा? </strong></p>
<p>यह पूछे जाने पर कि क्या वह इंदिरा गांधी जैसी खूबियों वाली किसी लड़की के साथ शादी करना चाहेंगे तो राहुल गांधी ने कहा, यह दिलचस्प सवाल है. मैं ऐसी लड़की पसंद करूंगा जिसमें मेरी दादी और मां की खूबियां मिली-जुली हों.</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्हें कोई ‘पप्पू’ बोलता है तो उन्हें बुरा नहीं लगता क्योंकि यह सब दुष्प्रचार का हिस्सा है तथा ऐसा बोलने वाले अपने आप में परेशान और डरे हुए होते हैं. उन्होंने कहा, यह दुष्प्रचार का हिस्सा है. जो बोल रहा है, उसके अंदर डर है, उसके जीवन में कुछ नहीं है, उसके रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं. उसे मुझे गाली देने की जरूरत है, तो गाली दे मैं, स्वागत करूंगा.</p>
<p>कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, मैं किसी से नफरत नहीं करता. आप मुझे गाली दो... मैं आपसे नफरत नहीं करूंगा. उन्होंने इस साक्षात्कार में गाड़ियों और बाइक के बारे में भी विस्तार से चर्चा की और बताया कि उनके पास अपनी कोई कार नहीं है, लेकिन उनकी मां के पास एक कार है.</p>
<p>उन्होंने कहा, मैं लंदन में रहता था तो ‘आरएस 20’ बाइक चलाता था, वो मेरे जीवन का एक प्यार है.  राहुल गांधी का कहना था कि वह साइकिल चलाना पसंद करते हैं तथा कभी उन्हें लैम्ब्रेटा (स्कूटर) पसंद थी. उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब भी इलेक्ट्रिक वाहनों और ड्रोन के मामले में पीछे है क्योंकि इसके लिए यहां जरूरी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं. </p>
<p>बता दें कि राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो यात्रा पर हैं. कन्याकुमारी से सात सितंबर को शुरू हुई भारत जोड़ो यात्रा अब तक तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा से गुजर चुकी है और फिलहाल दिल्ली में विश्राम के दौर में है. जनवरी के शुरू में यात्रा के उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब होते हुए जम्मू-कश्मीर जाने का कार्यक्रम है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhi-will-marry-a-girl-with-these-qualities						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhi-will-marry-a-girl-with-these-qualities</guid>
					<pubDate>Thu, 29 Dec 2022 01:54:42 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने क्यों कहा, नितीश कुमार दिल्ली में बीजेपी के साथ और बिहार में महागठबंधन के साथ हैं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चर्चित रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा कहा. उन्होंने कहा कि समाज में कोई आदमी इस बात पर कभी विशवास नहीं कर सकता कि नीतीश कुमार नहीं बदलेंगे. उन्होंने कहा कि वे दिल्ली में बीजेपी के साथ और बिहार में महागठबंधन के साथ हैं.</p>
<p><strong>प्रशांत किशोर ने और क्या कहा?</strong></p>
<p>जन सुराज पदयात्रा के 87 वें दिन कोईलहरा पंचायत में आम सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि लगभग 3 महीने से बिहार में पैदल चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि गांव के लोग बता रहे हैं कि गांव में गली और नाली की स्थिति खराब है. सड़कों पर इतनी धूल है कि खांसी नहीं रुकती.</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन गालियों में आपके बच्चे बड़े हो रहे हैं. इन धूल से उनके फेफड़ों में क्या दशा होती होगी जरा सोचिए. उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि नीतीश कुमार फिर पलटी मारेंगे. समाज में कोई आदमी इस बात पर कभी विश्वास नहीं कर सकता कि नीतीश कुमार नहीं बदलेंगे. वो दिल्ली में बीजेपी के साथ और बिहार में महागठबंधन के साथ हैं.</p>
<p>प्रशांत किशोर ने कहा कि विरोधियों का कहना है कि मैं पदयात्रा में हो रहे खर्च का पैसा कहां से ला रहा हूं. उन्होंने कहा कि 6 बड़े राज्यों में मुख्यमंत्री बनाने की लिए अपना कंधा लगाया है, तो क्या आज मुझे 100 गाड़ी और 5 सौ लड़के रखने के लिए पैसा नहीं मिलेगा?</p>
<p>उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मेरे विरोधियों के आंखों पर शक का चश्मा लगा हुआ है, मैंने अगर ह्रदय फाड़ के दिखा दिया तो भी उन्हें यकीन नहीं होगा. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि महागठबंधन वाले बीजेपी को नहीं हरा सकते. प्रशांत किशोर ने कहा कि दो-दो उप-चुनाव में महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/why-did-strategist-prashant-kishor-say-nitish-kumar-is-with-bjp-in-delhi-and-with-grand-alliance-in-						]]>
					</link>
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					<pubDate>Wed, 28 Dec 2022 01:56:18 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[लोकसभा चुनाव में इस सीट से चुनाव लड़ेंगी प्रियंका गांधी, दोनों भाई-बहन को मिली यह जिम्मेदारी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस (Congress) खास प्लान बना रही है. कांग्रेस पार्टी अगले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के बीच जिम्मेदारी बांटने वाली है. बताया जा रहा है कि राहुल दक्षिण भारत की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि प्रियंका गांधी उत्तर भारत में पार्टी की कमान संभालेंगी. बता दें कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) नए साल में उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी और यहां तीन दिनों तक चलेगी. इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी शामिल होंगी.</p>
<p><strong>लोकसभा चुनाव में इस सीट से चुनाव लड़ेंगी प्रियंका गांधी!</strong></p>
<p>प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान जमकर प्रचार किया था और इसका फायदा कांग्रेस पार्टी को मिला. हिमाचल में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी अगले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच जिम्मेदारी बांटने की रणनीति पर काम कर रही है. कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के बेहद करीबी पत्रकार हिसाम सिद्दीकी कहते हैं कि राहुल गांधी दक्षिण भारत की जिम्मेदारी संभालेंगे और केरल की वायनाड सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं, जबकि प्रियंका उत्तर भारत में पार्टी की कमान संभालेंगी और रायबरेली सीट से चुनाव लड़ सकती हैं.</p>
<p><strong>उत्तर भारत में भी सक्रिय रहेंगे राहुल गांधी</strong></p>
<p>कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) दक्षिण भारत की जिम्मेदारी संभालेंगे, इसका मतलब यह नहीं है कि वो उत्तर भारत के राज्यों में प्रचार नहीं करेंगे. वह उत्तर भारत में भी प्रचार करेंगे, हालांकि कमान उनकी बहन प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के हाथ में होगी. पार्टी के नेताओं के अनुसार, कांग्रेस पार्टी इस बार उत्तर प्रदेश पर फोकस करना चाहती है और प्रियंका गांधी अब पूरी तरह से यूपी में पार्टी को मजबूत करने में जुटेंगी.</p>
<p><strong>बीजेपी की रणनीति को ध्वस्त करने में जुटेंगी प्रियंका</strong></p>
<p>प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) की पीआर टीम के लोगों का भी दावा है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अब दक्षिण भारत में और प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश सहित पूरे उत्तर में कमान संभालेंगी. प्रियंका गांधी लखनऊ और दिल्ली में रहते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की रणनीति को ध्वस्त करने में जुटेंगी.</p>
<p>उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भले की कांग्रेस पार्टी को लाभ नहीं हुआ, लेकिन प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) की मेहनत में कोई कमी नहीं रही थी. पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रियंका गांधी के कमान संभालने पर पार्टी को यूपी सहित पूरे उत्तर भारत में लाभ होगा. वहीं, राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के चलते दक्षिण भारत में पार्टी का परचम फहराएगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/priyanka-gandhi-will-contest-from-this-seat-in-the-lok-sabha-elections-both-siblings-got-this-respon						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/priyanka-gandhi-will-contest-from-this-seat-in-the-lok-sabha-elections-both-siblings-got-this-respon</guid>
					<pubDate>Tue, 27 Dec 2022 10:02:51 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने हाथों से शिवराज सरकार के मंत्री को चप्पल क्यों पहनाई, वजह जानकर आप भी रह जायेंगे हैरान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अपने जिले में खराब सड़कों के लिए चप्पल-जूते त्यागकर नंगे पांव चलने वाले मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने 66 दिनों बाद चप्पल पहन ली है. मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर में सड़कों की खराब हालत की वजह से नाराज हो गए थे और चप्पल-जूते पहनना छोड़ दिया था. अब उन्होंने नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निवेदन पर चप्पल पहन लिया है.</p>
<p>जिन खस्ताहाल सड़कों के लिए तोमर ने चप्पलों का त्याग किया था अब उनका काम पूरा होने के कागार पर है. इस बात की जानकारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी है. उन्होंने कहा कि वो सड़कें अब शानदार बनने वाली हैं.</p>
<p>दरअसल, 20 अक्टूर 2022 को मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपने गृह नगर ग्वालियर में बड़ा फैसला लेते हुए ऐलान किया था, ‘लोगों को परेशानी हो रही है. सड़कों को सही करने के लिए सरकार ने समय रहते पैसा दिया और अधिकारियों को इसे तुरंत सही करने के लिए कहा. जिन लोगों ने उन्हें चुना है, उनके सामने मैं सार्वजनिक रूप से स्वीकारता हूं कि सड़कों का काम नहीं हुआ है और इसके लिए मैं माफी मांगता हूं.’</p>
<p>ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा था, ‘जनता को जो परेशानी हो रही है, उसका मुझे भी अहसास होना चाहिए. इसलिए जब तक ग्वालियर की ये तीन सड़कों (लक्ष्मण तलैया, गेंडे वाली सड़क और अस्पताल रोड) को बनाकर तैयार नहीं कराया जाएगा, तब तक मैं जूते-चप्पल नहीं पहनूंगा.’</p>
<p><strong>सिंधिया ने रखी तोमर के सामने चप्पल</strong></p>
<p>उनके इस फैसले के बाद नगर निगम की नींद टूटी और शहर के कई इलाकों में सड़कों की मरम्मत और उन्हें बनाने का काम शुरू किया गया. पिछले 66 दिनों में इन सड़कों को सही करने का काम किया गया है जो कि अब पूरा होने वाला है. ज्योतिरादित्य सिंधिया रविवार को ग्वालियर आए थे. इस दौरान उन्होंने ऊर्जा मंत्री तोमर के सामने चप्पल रखी और उनसे पहनने के लिए निवेदन किया. सिंधिया के द्वारा चप्पल रखे जाने के बाद ऊर्जा मंत्री ने चप्पलों को पहन लिया.</p>
<p>तोमर के चप्पल पहनने पर सिंधिया ने कहा, ‘प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जिन सड़कों के काम के लिए चप्पलें छोड़ी थीं, वो उन सड़कों का काम पूरा होने वाला है. इन सड़कों को बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंजूरी दे दी थी और अब शानदार सड़कें बन रही हैं. जल्दी ही इन सड़कों का उद्घाटन भी किया जाएगा.’</p>
<p>इस मौके पर चप्पल पहनने के बाद ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा, ‘क्षेत्र की जिस जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा, अब वो अच्छी सड़कों पर चल सकेंगे. इसमें उन्हें खुशी मिल रही है.’</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/why-did-jyotiraditya-scindia-wear-slippers-to-the-minister-of-shivraj-government-with-his-own-hands-						]]>
					</link>
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					<pubDate>Mon, 26 Dec 2022 09:49:51 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राहुल गांधी ने लाल किले से भरी हुंकार, कहा- मेरी छवि बिगाड़ने के लिए BJP ने करोड़ों खर्च किए]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) शनिवार को दिल्ली पहुंची. भारत जोड़ो यात्रा का नेतृत्व कर रहे राहुल गांधी को दिल्ली में लोगों का बढ़चढ़कर साथ मिला. इस दौरान जानेमाने अभिनेता कमल हासन भी राहुल के साथ भारत जोड़ो यात्रा में चले. जिसके बाद राहुल गांधी ने लाल किले से लोगों को संबोधित किया. उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि भारत जोड़ो यात्रा का लक्ष्य नफरत को मिटाना है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने मेरे खिलाफ साजिश रची. मेरी छवि खराब करने के लिए भाजपा ने करोड़ों रुपये खर्च किए.</p>
<p><strong>लाल किले से राहुल का भाजपा पर हमला</strong></p>
<p>भारत जोड़ो यात्रा के शनिवार को नई दिल्ली के लाल किले पहुंचने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने समर्थकों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, 'यह पीएम मोदी की नहीं बल्कि अंबानी और अडानी की सरकार है.' उन्होंने कहा कि भारत फैली नफरत को हम मिटाएंगे. भाजपा और आरएसएस मिलकर नफरत फैला रहे हैं.</p>
<p><strong>दिल्ली में कुछ दिन रुक सकती है भारत जोड़ो यात्रा</strong></p>
<p>राहुल गांधी ने कहा कि सैंकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर देश में कहीं भी हिंसा, नफरत नहीं देखी, लेकिन हर वक्त टीवी पर देखते हैं. भाजपा सरकार देश में वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए हिंदुओं और मुसलमानों के बीच नफरत फैला रही है. बता दें कि भारत जोड़ो यात्रा के नई दिल्ली में अगले नौ दिनों तक रुकने की संभावना है.</p>
<p><strong>अटल जी को श्रद्धांजलि</strong></p>
<p>इससे पहले दिल्ली में राहुल को सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, रॉबर्ट वाड्रा समेत तमाम कांग्रेस नेताओं का साथ मिला. राहुल गांधी कुछ ही देर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की समाधि पर श्रद्धांजलि देने जाएंगे. राहुल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री की समाधि पर भी श्रद्धांजलि देने जाएंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhi-roared-from-the-red-fort-said-bjp-spent-crores-to-tarnish-my-image						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhi-roared-from-the-red-fort-said-bjp-spent-crores-to-tarnish-my-image</guid>
					<pubDate>Sat, 24 Dec 2022 23:39:02 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पीएम मोदी की ड्रेस को लेकर अपमानजनक बात कहने वाले इस नेता ने मांगी माफ़ी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>शिलांग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहने गए पारंपरिक पहनावे पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता कीर्ति आजाद ने माफी मांगी है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मेरी बातों का गलत अर्थ निकाला गया. इसके बाद भी मेरी बातों से जिन लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, उनसे मैं माफी मांगता हूं. </p>
<p>दरअसल, पीएम मोदी 18 दिसंबर को शिलांग के दौरे पर गए थे. इस दौरान एक जनसभा को संबोधित करने से पहले उन्होंने खासी पोशाक पहना था, जो कि वहां का पारंपरिक ड्रेस है. इसे जिमफोंग कहा जाता है. कीर्ति आजाद ने पीएम मोदी की तस्वीर के साथ वैसी ही ड्रेस में एक महिला की तस्वीर शेयर की थी.</p>
<p>इस पोस्ट में दोनों तस्वीरों के साथ कीर्ति आजाद ने अपमानजनक बातें भी लिखी थीं, जिस पर विवाद खड़ा हो गया. भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अर्नेस्ट मॉवरी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पहने गए ड्रेस का मजाक उड़ाना बहुत दुखद है. पीएम जब भी हमारे राज्य का दौरा करते हैं तो पारंपरिक ड्रेस पहनकर उसका सम्मान करते हैं. वो उसे गर्व से धारण करते हैं.’</p>
<p>मेघालय, असम और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने भी कीर्ति आजाद की आलोचना की और उनसे माफी मांगने को कहा. हालांकि, मामला बढ़ता देख कीर्ति ने अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया. और माफी मांगते हुए लिखा कि मुझे देश की विविध संस्कृतियों पर गर्व है और उनके प्रति सम्मान भी है. अनजाने में मेरे द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर मुझे खेद है. कीर्ति ने अपनी प्रतिज्ञा दोहराने की बात कहते हुए ट्वीट किया कि वो संवैधानिक मूल्यों का हमेशा ख्याल रखेंगे.</p>
<p>उन्होंने एक और ट्वीट किया और लिखा, 'मैंने ड्रेस का अपमान नहीं किया है, मुझे भी इससे प्यार है. मैं यह बताने की कोशिश कर रहा था कि हमारे प्रधानमंत्री फैशन स्टेटमेंट बनाना पसंद करते हैं. वो ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ते.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/this-leader-apologized-for-saying-derogatory-things-about-pm-modis-dress						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/this-leader-apologized-for-saying-derogatory-things-about-pm-modis-dress</guid>
					<pubDate>Sat, 24 Dec 2022 10:18:25 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चाचा शिवपाल की पार्टी का सपा में विलय के बाद भी, चाचा-भतीजे के बीच सबकुछ ठीक नहीं हुआ]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के चीफ अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के चाचा शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) अपनी पार्टी प्रसपा का विलय सपा में कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उनको भतीजे ने पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी है. इस वजह से सवाल उठने लगे हैं कि क्या अखिलेश और शिवपाल के बीच सब ठीक है और अगर ऐसा नहीं है तो अभी तक उन्हें कोई जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई है. हाल के दिनों में कई कार्यक्रमों में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव साथ में नजर आए लेकिन जब भी अखिलेश से शिवपाल को सपा में जिम्मेदारी को लेकर सवाल पूछा गया, उन्होंने जवाब नहीं दिया.</p>
<p><strong>चाचा के साथ पर क्या बोले अखिलेश यादव?</strong></p>
<p>बता दें कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और शिवपाल यादव उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में चौधरी चरण सिंह की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में साथ नजर आए. इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि गुजरात मॉडल को मैनपुरी मॉडल ने फेल कर दिया. यह समाजवादियों के लिए बड़ी जीत है. यह तब हुआ जब नेता जी हमारे बीच में नहीं हैं. चाचा अब साथ आ गए हैं. हम लोग अब 2024 और 2027 दोनों जीतेंगे.</p>
<p><strong>बीजेपी पर अखिलेश ने साधा निशाना</strong></p>
<p>सपा मुखिया अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग क्या-क्या सपने देखते थे? उन्होंने कहा कि आजमगढ़ हरा दिया, अब मैनपुरी भी हरा देंगे. हमारे सीएम करहल गए थे. अच्छा हुआ वो जसवंतनगर नहीं आए क्योंकि सीएम ये जानते नहीं कि जसवंतनगर-मैनपुरी के लोग स्प्रिंग के जैसे हैं, उनको जितना दबाओगे, वो उतना उछलेंगे.</p>
<p><strong>चाचा शिवपाल यादव ने कही ये बात</strong></p>
<p>गौरतलब है कि मैनपुरी के कार्यक्रम में सपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री शिवपाल यादव ने मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में जीत के लिए वोटर्स और कार्यकतार्ओं का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि हम समाजवादी पार्टी के नेताओं के उत्पीड़न को रोकेंगे और संघर्ष करेंगे</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/even-after-the-merger-of-uncle-shivpals-party-with-sp-all-is-not-well-between-uncle-and-nephew						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/even-after-the-merger-of-uncle-shivpals-party-with-sp-all-is-not-well-between-uncle-and-nephew</guid>
					<pubDate>Sat, 24 Dec 2022 10:04:58 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[स्मृति ईरानी ने राहुल गाँधी से क्यों पूछा यह सवाल, अमेठी से लड़ना पक्का समझूं भागेंगे तो नहीं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने यूपी कांग्रेस नेता अजय राय पर निशाना साधा है. बता दें राय ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर एक विवादित बयान दिया. उन्होंने कहा कि वह (ईरानी) अपने निर्वाचन क्षेत्र अमेठी में केवल ‘लटके झटके’ दिखाने आती हैं. </p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘सुना है राहुल गांधी जी आपने अपने किसी प्रांतीय नेता से अभद्र तरीके से 2024 में अमेठी से लड़ने की घोषणा करवाई है. तो क्या आपका अमेठी से लड़ना पक्का समझूं? दूसरी सीट पर तो नहीं भागेंगे? डरेंगे तो नहीं??’ आपको और मम्मी जी को अपने नारी द्वेषी गुंडों के लिए एक नया भाषण लेखक लाने की जरूरत है.’</p>
<p>बीजेपी ने अजय राय की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता आनंद दुबे ने लखनऊ में कहा कि जिस पार्टी ने देश को महिला पीएम दी हो, उसके नेता की ऐसी टिप्पणी निश्चित रूप से शर्मनाक है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली भाषा हमेशा महिला विरोधी रही है.</p>
<p><strong>क्या कहा था राय ने?</strong></p>
<p>यूपी कांग्रेस नेता अजय राय ने पत्रकारों से बातचीत में यह विवादित टिप्पणी की थी. उनसे राहुल गांधी के अमेठी से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने से जुड़ा सवाल पूछा गया था. इस अजय राय ने कहा, ‘यह (अमेठी) गांधी परिवार की सीट रही है. राहुल जी वहां से लोकसभा सदस्य रहे हैं. राजीव (गांधी) जी और संजय (गांधी) जी ने भी इस क्षेत्र की सेवा की है.‘</p>
<p>राय ने कहा, ‘अब आप जितनी फैक्ट्रियां देखते हैं, उनमें से ज्यादातर बंद होने की कगार पर हैं. जगदीशपुर औद्योगिक क्षेत्र में आधी फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं. स्मृति ईरानी यहां आती हैं, ‘लटका-झटका’ दिखाती हैं और चली जाती हैं.’ उन्होंने कहा, ‘(अमेठी) सीट निश्चित रूप से गांधी परिवार की है और यह रहेगी. वहां के कार्यकर्ताओं और हम सभी की मांग है कि वह (राहुल गांधी) वहां (अमेठी) से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ें.’</p>
<p>बता दें 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने बड़ा उल्टफेर करते हुए राहुल गांधी को हरा दिया था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/why-did-smriti-irani-ask-rahul-gandhi-this-question-if-i-am-sure-to-contest-from-amethi-will-he-run-						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/why-did-smriti-irani-ask-rahul-gandhi-this-question-if-i-am-sure-to-contest-from-amethi-will-he-run-</guid>
					<pubDate>Tue, 20 Dec 2022 00:52:08 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भारत-चीन टेंशन के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान, बैन करो उसका सामान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>सीमा पर जारी भारत-चीन टेंशन (India-China Dispute) के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) का बयान सामने आया है. अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि चीन (China) हमको आंखें दिखा रहा है. जब तब हमला कर रहा है. लेकिन भारत सरकार कह रही है कि सब ठीक है. केंद्र सरकार को सख्त रवैया दिखाना चाहिए. हमें चीन के सामान को खरीदना बंद करना चाहिए. मैं केंद्र सरकार से चीन के सामान के इम्पोर्ट पर बैन लगाने की मांग करता हूं.</p>
<p><strong>चीन के सामान पर लगे बैन</strong></p>
<p>सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि क्या हम भारत में ये सब सामान नहीं बना सकते? हम चीन से चप्पल क्यों खरीदें? चीन के सामान पर बैन लगना ही चाहिए. चीन से इम्पोर्ट बंद करके उसको औकात दिखा देंगे. चीन जिस तरह से हमारे ऊपर छोटे-बड़े हमले कर देता है. हमारी सेना के जवान सीमा पर चीन का डटकर मुकाबला कर रहे हैं. अपनी जान तक दे रहे हैं. कई जवानों ने अपनी जान दी. उसके बावजूद सुनने में आता है कि चीन इतने किमी अंदर घुस गया.</p>
<p><strong>केंद्र सरकार पर केजरीवाल का निशाना</strong></p>
<p>दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इतना कुछ होने के बाद भी भारत सरकार कहती है कि सब ठीक है. मीडिया-सोशल मीडिया में भी आता है कि सरकार ठीक कह रही है. अब एक तरफ चीन हमें आंखें दिखा रहा है, हमारा सैनिक सीमा पर चीन का डटकर मुकाबला कर रहा है. अपनी जान तक दे रहा है. दूसरी तरफ, हम चीन को इसका इनाम देते जा रहे हैं. उसको आंख दिखाने के बजाय हम उसको इनाम दे रहे हैं, उससे और सामान खरीद रहे हैं.</p>
<p><strong>चीन से इम्पोर्ट पर केजरीवाल का तंज</strong></p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि 2020-21 में हम लोगों ने चीन का 65 बिलियन डॉलर यानी करीब सवा 5 लाख करोड़ रुपये का सामन खरीदा. चीन ने जब और आंख दिखाई तो हमने अगले साल 95 बिलियन डॉलर्स यानी करीब साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये का सामान खरीदा. केंद्र पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि आपको तो उनका सामान खरीदना बंद करना चाहिए था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/delhi-chief-minister-arvind-kejriwals-statement-amid-india-china-tension-ban-his-goods						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/delhi-chief-minister-arvind-kejriwals-statement-amid-india-china-tension-ban-his-goods</guid>
					<pubDate>Sun, 18 Dec 2022 21:07:00 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बीजेपी विधायकों को सताने लगा मध्य प्रदेश में गुजरात फार्मूला लागू करने का डर]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात विधानसभा चुनाव में नतीजों ने भले ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) को उत्साह से भर दिया हो लेकिन मध्य प्रदेश (MP) में पार्टी विधायकों और नेताओं के एक धड़े को यह डर है कि गुजरात, जहां पिछले साल पूरा मंत्रिमंडल बदल दिया गया था और कई मौजूदा विधायकों को टिकट से वंचित कर दिया था, की रणनीति यहां भी दोहराई न जाए.</p>
<p><strong>विधायकों में फॉर्मूला दोहराने का डर</strong></p>
<p>मध्य प्रदेश में 2023 के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और पार्टी के कई विधायक राज्य में सत्ता विरोधी लहर को दूर करने के लिए ‘गुजरात फार्मूले’ के यहां अपनाने को लेकर चिंतित दिखाई दिए.गौरतलह है कि भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश में करीब 20 साल से सत्ता में है.</p>
<p><strong>मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में गुजरात फार्मूला </strong></p>
<p>बीजेपी के एक पदाधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, ‘कृषि के लिए जमीन तैयार करने और खेतों की जुताई एवं नए बीज बोने से पहले हमें बासी जड़ों को हटाने की जरुरत है जिसे हम मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में गुजरात फार्मूला कह सकते हैं.’</p>
<p>हाल में  बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ‘गुजरात फार्मूले’ के बारे में संवाददाताओं के सवाल पर विस्तार से बताए बिना कहा, ‘न केवल मध्यप्रदेश बल्कि इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा.’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘गुजरात एक आदर्श राज्य बन गया है. सात बार जीतने के बाद भी  बीजेपी के पक्ष में वोट शेयर बढ़ा है. आजादी के बाद से ऐसा किसी राज्य में पहली बार हुआ है.’</p>
<p><strong>पार्टी नेताओं का आंकलन</strong></p>
<p>पश्चिम बंगाल के प्रभारी महासचिव रह चुके विजयवर्गीय ने कहा कि कम्युनिस्टों ने लंबे समय तक (34 साल तक) पूर्वी राज्य (पश्चिम बंगाल) में शासन किया लेकिन हर चुनाव में उनका वोट प्रतिशत घटता रहा.</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘इसके विपरीत  बीजेपी का वोट प्रतिशत 1995 (गुजरात में जब पार्टी सत्ता में आई) 42 से बढ़कर अब 54 प्रतिशत हो गया है. जो लोग (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी को गाली देते हैं उन्हें उनके काम और राजनीति से सीखना चाहिए.' हिमाचल प्रदेश में बीजेपी सत्ता कायम नहीं रख सकी, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सत्ताधारी दल हर पांच साल में बदल जाता है. हाल में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आई है.</p>
<p><strong>बीजेपी ने गुजरात में क्या किया?</strong></p>
<p>गुजरात में  बीजेपी ने एक साल पहले सितंबर में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रुपाणी और उनके मंत्रिमंडल को बदल दिया और भूपेंद्र पटेल को नया मुख्यमंत्री बनाया था. इसके अलावा दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव में  बीजेपी ने अपने 45 विधायकों की जगह नए चेहरों को चुनाव में उतारा. नए लोगों में से दो को छोड़कर बाकी सभी विजयी रहे. बड़े पैमाने में पर बदलाव करने के बाद  बीजेपी ने गुजरात में रिकॉर्ड जीत के साथ 182 सीटों में से 156 पर जीत हासिल की और लगातार सातवीं बार राज्य में चुनाव जीता.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/fear-of-implementing-gujarat-formula-in-madhya-pradesh-haunts-bjp-mlas						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/fear-of-implementing-gujarat-formula-in-madhya-pradesh-haunts-bjp-mlas</guid>
					<pubDate>Sun, 18 Dec 2022 20:34:47 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भारत सरकार सोई हुई है और चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है, राहुल गांधी का आरोप]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को दावा किया कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है, जबकि सरकार सोई हुई है और इस खतरे को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रही है. गांधी द्वारा सरकार पर निशाना साधे जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कांग्रेस नेता पर देश में भ्रम फैलाने और सैनिकों का मनोबल गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया. भाजपा ने कहा कि यह जवाहरलाल नेहरू का 1962 का भारत नहीं है. गांधी की ओर से यह आलोचना ऐसे समय की गई जब आज दिन में पहले थलसेना की पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आर पी कलिता ने कहा कि देश की उत्तरी सीमा से सटे सीमा क्षेत्रों में स्थिरता है और वहां भारतीय सशस्त्र बलों का मजबूत नियंत्रण है. उन्होंने कहा है कि हम सभी परिस्थितियों और आकस्मिक चीजों से निपटने के लिए तैयार हैं.</p>
<p><strong>संवाददाता सम्मेलन राहुल गांधी ने दिया बयान</strong></p>
<p>गांधी ने कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' के 100 दिन पूरे होने पर जयपुर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर पर भी निशाना साधा और कहा कि वह टिप्पणियां करते रहते हैं लेकिन उन्हें अपनी समझ को गहरा करने की जरूरत है. गांधी ने मीडिया को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें यकीन है कि पत्रकार उनसे सचिन पायलट और अशोक गहलोत से लेकर हर चीज के बारे में पूछेंगे लेकिन चीन पर एक सवाल नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि चीन के खतरे को लेकर मैं स्पष्ट हूं और मैं इसको लेकर दो-तीन साल से कह रहा हूं लेकिन केंद्र सरकार उसको छिपाने की कोशिश कर रही है. सरकार उसको नजरअंदाज कर रही है मगर उस खतरे को न तो छुपाया जा सकता है और न ही उसकी अनदेखी की जा सकती है. राहुल गांधी का इशारा अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ हुई झड़प की ओर था.</p>
<p><strong>राहुल गांधी ने लगाया ये आरोप </strong></p>
<p>राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चीन, भारत की सीमा पर युद्ध की तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी पूरी तैयारी चल रही है, उनका (चीन) लद्दाख की तरफ और अरुणाचल की तरफ पूरी आफेंसिव प्रिपेरेशन (युद्ध की तैयारी) चल रही है. हिन्दुस्तान की सरकार सोई हुई है. उन्होंने कहा कि बात को हिन्दुस्तान की सरकार सुनना नहीं चाहती है. मगर उनकी (चीन) तैयारी चल रही है, तैयारी युद्ध की है, तैयारी कोई घुसपैठ की नहीं है, तैयारी युद्ध की है. राहुल ने आगे कहा कि अगर कोई भी इन बातों को समझता है. अगर आप उनके हथियारों का पैटर्न (स्वरूप) देख लें. वो क्या कर रहे हैं, वहां पर. वे युद्ध की तैयारी कर रहे हैं और हमारी सरकार उस बात को छुपाती है और उस बात को शायद स्वीकार नहीं कर पा रही है.</p>
<p><strong>केंद्र सरकार पर साधा निशाना</strong></p>
<p>इस मामले पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह हो क्यों रहा है, क्योंकि हिन्दुस्तान की सरकार 'इवेंट बेस्ड' काम करती है. हिन्दुस्तान की सरकार स्ट्रेजेकली (रणनीतिक रूप से) काम नहीं करती. 'इवेंट बेस्ड' (कार्यक्रम आधारित) काम करती है. वे केंद्र सरकार वाले सोचते हैं कि भैया यहां पर एक इवेंट (कार्यक्रम) करो. यहां पर एक और इवेंट करो, मगर जब अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बात होती है. जियो स्ट्रेटेजी (भू-रणनीति) की बात होती है, वहां पर इवेंट काम नहीं करता है. वहां पर शक्ति काम करती है. कांग्रेस नेता ने कहा कि मैंने तीन-चार बार बोला है. सावधान रहना चाहिए. जो हो रहा है, उसको समझना चाहिए. उनकी ओर से बयानबाजी होती रहती है. मैं देखता हूं विदेश मंत्री बोलते रहते हैं. मगर शायद उनको अपनी समझ गहरी करनी चाहिए.</p>
<p><strong>अमित मालवीय ने दिया जवाब</strong></p>
<p>भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि गांधी को छोड़कर हर गर्वित भारतीय ने भारतीय सैनिकों द्वारा चीनी सैनिकों की पिटाई करने वाले वीडियो देखे हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारतीय सैनिकों की वीरता पर संदेह करना जारी रखे हुए हैं क्योंकि उन्होंने चीनियों के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, उनके परिवार ने चीनी आतिथ्य का आनंद लिया है और आरजी (राजीव गांधी) फाउंडेशन ने धन प्राप्त किया है. भाजपा प्रवक्ता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी को लगता है कि चीन के साथ निकटता होनी चाहिए. अब उनकी इतनी नजदीकियां बढ़ गई हैं कि उन्हें पता है कि चीन क्या करेगा. उन्होंने कहा कि अपनी यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने देश में भ्रम फैलाने और भारतीय सैनिकों का मनोबल गिराने के लिए भारतीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों के बारे में टिप्पणी की है. यह उनके परनाना नेहरू का भारत नहीं है जिन्होंने चीन के हाथों 37,000 वर्ग किलोमीटर जमीन गंवा दी थी. राठौर ने दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह मोदी का भारत है, यह नया भारत है. अब अगर कोई देश के खिलाफ आंख उठाता है, तो उसे करारा जवाब मिलता है. राठौर ने कहा कि गांधी को खुद को 'फिर से लॉन्च' करने के प्रयास में राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. </p>
<p><strong>जनरल आर पी कलिता ने दिया बड़ा बयान</strong></p>
<p>थलसेना की पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आर पी कलिता ने शुक्रवार को कहा कि देश की उत्तरी सीमा से सटे सीमा क्षेत्रों में स्थिरता है और वहां भारतीय सशस्त्र बलों का मजबूत नियंत्रण है. अरुणाचल प्रदेश में तवांग शहर के उत्तर-पूर्व में स्थित सीमावर्ती क्षेत्र यांगत्से में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के एक सप्ताह बाद कलिता ने यह बात कही. इस क्षेत्र पर चीन की सेना ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ (पीएलए) ने 1962 में भी हमला किया था. कलिता ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर विभिन्न बिंदुओं को लेकर दोनों देशों की सेनाओं की अलग-अलग अवधारणाएं हैं और इनमें से आठ क्षेत्रों की दोनों पक्षों ने पहचान की है. उन्होंने कहा कि पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में इनमें से एक क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की जिसका भारतीय बलों ने बहुत मजबूती से जवाब दिया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/indian-government-is-asleep-and-china-is-preparing-for-war-alleges-rahul-gandhi						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/indian-government-is-asleep-and-china-is-preparing-for-war-alleges-rahul-gandhi</guid>
					<pubDate>Sun, 18 Dec 2022 01:47:55 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में पायलट के क्षेत्र में लोगों का हुजूम उमड़ा, गहलोत खेमा टेंशन में]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा इस समय राजस्थान के दौसा में है और यहां लोगों का हुजूम उनके साथ नजर आ रहा है. दौसा को सचिन पायलट का इलाका माना जाता है. यहां से वो सांसद भी रहे हैं. जैसे ही राजस्थान के दौसा में राहुल गांधी का काफिला प्रवेश किया, उनके साथ भारी संख्या में लोग जुड़ते चले गए. दौसा की यात्रा के वीडियो भी सोशल पर काफी तेजी से शेयर किए जा रहे हैं. राजस्थान कांग्रेस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की तलखियों के मद्देनजर दौसा में राहुल की यात्रा के नजारों को काफी अहम माना जा रहा है. इसे सचिन पायलट की ताकत के तौर पर देखा जा रहा है.</p>
<p>आगे-आगे राहुल गांधी के साथ सचिन पायलट कदमताल करते दिखते हैं और उनके पीछे हजारों की संख्या में लोगों का रैला नजर आता है. पायलट के इलाके में राहुल को भारी समर्थन मिलता देख सीएम गहलोत और उनके खेमे में टेंशन हो सकती है. दरअसल, हमेशा से ये देखा जाता रहा है कि सचिन पायलट को जमीन से काफी समर्थन मिलता रहा है.</p>
<p>मिलनसार प्रवृति के नेता पायलट को राजस्थान का सबसे मजबूत जमीनी नेता माना जाता है. यही कारण है कि उनके क्षेत्र में राहुल गांधी की यात्रा के पहुंचते ही लाखों की संख्या में लोग यात्रा के संग हो लिए. हाथों में पार्टी का झंडा लिए जनता अपने नेता का समर्थन करती नजर आई. इसे सचिन पायलट के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है.</p>
<p><strong>सचिन पायलट ने शेयर किया वीडियो</strong></p>
<p>सचिन पायलट ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, 'भारत जोड़ो यात्रा के 100वें दिन, आज मेरे पूर्व संसदीय क्षेत्र दौसा में गर्मजोशी से भाग लेने के लिए सभी साथियों का आभार.'</p>
<p>इससे पहले दौसा में राहुल गांधी एक किसान के घर रुके और वहां मशीन चलाकर हाथ से चारा काटा. अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों, किसानों समेत कई वर्गों के लोगों से मुलाकात की. राहुल गांधी की इस यात्रा के 100 दिन पूरे हो गए हैं. इस मौके पर राहुल गांधी आज संगीत कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/people-gathered-in-pilots-area-during-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-gehlot-camp-in-tension						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/people-gathered-in-pilots-area-during-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-gehlot-camp-in-tension</guid>
					<pubDate>Sat, 17 Dec 2022 00:43:21 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार को बताया अहंकारी और कहा सर्वनाश तय]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>शिवहर में जन सुराग पार्टी के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जैसा संवेदनहीन इंसान नहीं देखा. उन्होंने वर्ष 2014 - 15 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मदद करने पर अफसोस जाहिर किया.</p>
<p><strong>'अहंकारी इंसान का सर्वनाश होना तय है'</strong></p>
<p>प्रशांत किशोर ने कहा कि अहंकारी इंसान का सर्वनाश होना तय है. कोरोना महामारी के दौरान जब बिहार के लाखों लोग भूख से बिलबिला रहे थे और पैदल अपने घर लौट रहे थे तो उस वक्त भी नीतीश कुमार अपने घर से नहीं निकले थे. इतना ही नहीं छपरा में शराब से हो रही मौतों पर भी नीतीश कुमार ने अपनी संवेदना नहीं जताई.</p>
<p>प्रशांत किशोर ने जेडीयू और आरजेडी के विलय से जुड़े सवाल पर कहा कि नीतीश कुमार आरजेडी के साथ कभी सहज नहीं रह सकते. यह उनकी मुख्यमंत्री पद पर बने रहने की यह मजबूरी है.</p>
<p><strong>विवादों में नीतीश कुमार</strong></p>
<p>बता दें नीतीश कुमार इन दिनों अपने विवादित बयानों के लेकर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में बने हुए हैं. ये बयान उन्होंने बिहार में जहरीली शराब से हो रही मौतों को लेकर दिए हैं. पूर्ण शराबबंदी लागू कर चुके बिहार के सारण जिले में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या गुरुवार को बढ़कर 26 हो गई.</p>
<p>इससे पहले बुधवार को जब विधानसभा में विपक्ष ने जहरीली शराब से हो रही मौतों का मुद्दा उठाया तो नीतीश कुमार बीजेपी पर भड़क गए. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुआ था.</p>
<p>गौरतलब है कि नीतीश कुमार नीत सरकार ने अप्रैल 2016 से बिहार में शराब उत्पादन, खरीद, बिक्री, सेवन आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/election-strategist-prashant-kishor-called-nitish-kumar-arrogant-and-said-apocalypse-is-fixed						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/election-strategist-prashant-kishor-called-nitish-kumar-arrogant-and-said-apocalypse-is-fixed</guid>
					<pubDate>Sat, 17 Dec 2022 00:20:20 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सीमा पर चीन की आक्रमकता को कांग्रेस ने मुद्दा बनाया, पूछे सरकार से एक के बाद एक कई सवाल]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>सीमा पर चीन की आक्रमकता के खिलाफ केंद्र सरकार की रणनीति को लेकर कांग्रेस नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार हमलावर है. कांग्रेस का आरोप है कि जिस देश की सेना हमारी सीमा में घुसकर अतिक्रमण करने की कोशिश करती है, हमारी सरकार उसी देश के साथ इंपोर्ट बढ़ा देती है. लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चीन के साथ इंपोर्ट क्यों बढ़ा रही है, इस पर उसे संसद में श्वेतपत्र पेश करना चाहिए.</p>
<p>चौधरी ने कहा, ‘‘सरकार की मंशा क्या है. हम चाहते हैं कि सरकार इस बाबत सदन में एक श्वेतपत्र पेश करे.’’ उन्होंने कहा कि भारत का अमेरिका के साथ व्यापार घटा है इसके बावजूद सरकार चीन के साथ व्यापार कर उसे लाभ पहुंचाने में लगी है.</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘जब चीन की सरकार भारत को तबाह करने की कोशिश कर रही है तो चीन की मदद करने की क्या जरूरत है? हम सरकार से इस सवाल का जवाब चाहते हैं. हमारे प्रधानमंत्री चीन को लाल आंखें कब दिखाएंगे.’’</p>
<p>इधर, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सवाल दागते हुए सरकार से पूछा कि चीन के साथ सीमा विवाद के मुद्दे पर सरकार बहस करने से क्यों भाग रही है. उन्होंने कहा कि ऐसी कौन सी मजबूरी है कि पीएम मोदी चीन के खिलाफ कुछ भी नहीं बोल पा रहे.</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘सैन्य विशेषज्ञों ने सरकार को चेतावनी दी थी कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 15 क्षेत्रों के नाम बदल दिए हैं, एक गांव बसा लिया है, लेकिन सरकार चुप क्यों है? सरकार की चुप्पी के पीछे क्या कारण है?’’</p>
<p><strong>चुनाव के लिए चीनी कंपनी का हुआ इस्तेमाल?</strong></p>
<p>पवन खेड़ा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, बीजेपी ने उस कंपनी की चुनावों में मदद ली जिसे केंद्र सरकार ने देश के लिए खतरा बताया था. यही नहीं, सीमा से सटे इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका भी ऐसी कंपनी को दिया गया जिसे वर्ल्ड बैंक, अमेरिका और यूरोप ने बैन कर दिया था.</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा विवाद पर सरकार आंख मूंदकर बैठी है, लेकिन हम आंख नहीं मूंद सकते. अगर हमने आंख मूंद लिया तो बॉडर पर कुछ भी बचने लायक नहीं होगा. पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चीन के मुद्दे पर सरकार चर्चा तक नहीं करना चाहती. पीएम मोदी का मुंह भी जब खुलता है तो चीन को क्लीनचिट दे देते हैं.</p>
<p>खेड़ा ने कहा कि इससे पहले जब साल 2020 में उन्होंने जो क्लीनचिट दिया, देश उसका भुगतान अभी तक कर रहा है. उन्होंने कहा कि चीन ये समझ गया है कि भारत के पीएम मोदी के लिए उनकी छवि ही सबकुछ है. वो अपनी छवि को सबसे ऊपर मानते हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/congress-made-chinas-aggression-on-the-border-an-issue-asked-many-questions-to-the-government-one-af						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/congress-made-chinas-aggression-on-the-border-an-issue-asked-many-questions-to-the-government-one-af</guid>
					<pubDate>Fri, 16 Dec 2022 00:27:25 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[तवांग सेक्टर में चीन के साथ झड़प के बाद बीजेपी की बैठक में पीएम मोदी ने राजनाथ सिंह को अपने पास खड़ा कर विपक्ष को दिया बड़ा संदेश]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में चीन के साथ जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों में बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने अपने हाव-भाव से संकेत दिया है कि सरकार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मजबूती से खड़ी है.</p>
<p><strong>पीएम मोदी से दूर खड़े थे राजनाथ सिंह </strong></p>
<p>दरअसल संसद के शीतकालीन सत्र के बीच आज बीजेपी संसदीय दल की बैठक हुई. गुजरात में बड़ी जीत के बाद हुई इस बैठक में पीएम मोदी का जोरदार स्वागत हुआ. इस दौरान धड़ाधड़ पीएम मोदी की तस्वीरें क्लिक की जा रही थीं. तभी पीएम मोदी ने दो कदम दूर खड़े राजनाथ सिंह को साथ आने का इशारा किया. राजनाथ कुछ समझ पाते उससे पहले ही पीएम ने उनका हाथ पकड़ा और अपने बगल में खड़ा कर लिया.</p>
<p>अब फ्रेम में पीएम मोदी के साथ राजनाथ भी आ गए. इस दौरान पीएम मोदी ने राजनाथ की पीठ पर हाथ भी रखा. मानो वो कह रहे हों कि सरकार आपके साथ है. ये तस्वीर इसलिए भी खास है क्योंकि ये ऐसे वक्त में आई जब रक्षा मंत्री विपक्ष के निशाने पर हैं.</p>
<p>दरअसल ऐसे मौके कम ही आते हैं जब पीएम मोदी किसी को खींचकर अपने साथ खड़ा करते हैं. ऐसा तभी होता है जब वो कोई बड़ा संदेश देना चाहते हैं.  इस बार भी उन्होंने यही करने की कोशिश की और बिना कुछ बोले ही दुनिया और खासकर विपक्ष को ये संदेश दे दिया कि सरकार चट्टान की तरह रक्षा मंत्री के साथ खड़ी है.</p>
<p><strong>क्या हुआ था तवांग में?</strong></p>
<p>बता दें कि भारतीय सेना ने सोमवार को बताया था कि भारतीय और चीनी सैनिकों की तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से घायल हो गए. पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध के बीच गत शुक्रवार को इस संवेदनशील सेक्टर (तवांग) में एलएसी पर यांग्त्से के पास झड़प हुई.</p>
<p>इस घटना के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद के दोनों सदनों में बयान दिया. उन्होंने कहा,  चीन के सैनिकों ने नौ दिसंबर को तवांग सेक्टर में यांग्त्से क्षेत्र में यथास्थिति बदलने का एकतरफा प्रयास किया जिसका भारत के जवानों ने दृढ़ता से जवाब दिया और उन्हें लौटने के लिए मजबूर किया. </p>
<p>रक्षा मंत्री ने यह भी सूचना दी थी कि इस झड़प में किसी भी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है. उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे को चीनी पक्ष के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है और इस तरह की कार्रवाई के लिये मना किया गया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/after-the-skirmish-with-china-in-tawang-sector-pm-modi-gave-a-big-message-to-the-opposition-by-makin						]]>
					</link>
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					<pubDate>Wed, 14 Dec 2022 23:28:12 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद बिहार में राजनीति गर्म]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ने के ऐलान के बाद सूबे में राजनीति गर्म हो गई है. नीतीश कुमार के फैसले को लेकर सत्तारुढ़ दल जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा बयान दिया है. उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार के फैसले पर सवाल उठाया है. </p>
<p><strong>उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा? </strong></p>
<p>जेडीयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि सबसे पहले बिहार के तमाम राजनीतिक दलों को यह समझना चाहिए कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस ऐलान के बाद तेजस्वी यादव ने क्या कुछ कहा. कुशवाहा ने कहा, तेजस्वी यादव ने साफतौर पर कहा कि अभी वह लोकसभा चुनाव यानी 2024 के चुनाव के बारे में सोच रहे हैं. अभी उनका फोकस लोकसभा चुनाव पर है, इसलिए वर्तमान में महागठबंधन के लिए लोकसभा चुनाव महत्पूर्ण है.</p>
<p>उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि  हम लोग फिलहाल 2025 विधानसभा चुनाव के बारे में सोच भी नहीं रहे हैं. जेडीयू और आरजेडी के विलय के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इसमें कहीं भी कोई भी सच्चाई नहीं है. इसको लेकर पार्टी में कभी को चर्चा नहीं हुई. उन्होंने यह भी कहा कि आगे ऐसा कुछ भी होता है तो यह आत्मघाती कदम होगा.</p>
<p><strong>नीतीश कुमार ने क्या कहा था?</strong></p>
<p>नीतीश कुमार ने मंगलवार को संकेत दिया कि वह प्रदेश की कमान राजद के युवा नेता तथा राज्य के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सौंप सकते हैं. सत्तारूढ़ महागठबंधन के विधायकों की हुR बैठक से निकले नेताओं ने इस बारे में जानकारी दी. नीतीश ने एक बार फिर इस बात से इंकार किया कि वह अगले लोकसभा चुनावों के लिए प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं. हालंकि, उन्होंने कहा कि एकजुट विपक्ष 2024 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी को हरा सकता है.</p>
<p>नीतीश के बयान के बाद बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा, मैं भविष्य पर टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन मुझे कहना होगा कि नीतीश कुमार हमारे 'अभिभावक' हैं और हम उनके नेतृत्व में काम कर रहे हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/politics-heats-up-in-bihar-after-tejashwi-yadavs-announcement-to-contest-elections						]]>
					</link>
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					<pubDate>Wed, 14 Dec 2022 23:18:01 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बीजेपी ने गुजरात में रिकॉर्ड जीत के बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया, इन चेहरों को मिल सकती है कैबिनेट में जगह]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात में रिकॉर्ड सीटों के साथ जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी के हौसले बुलंद हैं. पार्टी ने शनिवार को अपना विधायक दल का नेता भी चुन लिया और अब 12 दिसंबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह का इंतजार है. गुजरात के कार्यवाहक मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को बीजेपी ने विधायक दल का नेता चुन लिया. इसके बाद पटेल ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मिलकर गुजरात में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल भी भूपेंद्र पटेल के साथ राजभवन तक गए. विधायक दल के नेता के रूप में चुने जाने के तुरंत बाद पटेल राजभवन पहुंचे थे.</p>
<p>182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा में बीजेपी को 156 सीटों पर जीत मिली है. बंपर जीत के बाद पार्टी की तरफ से सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया गया है. अब गुजरात में सबसे ज्यादा किसी चीज की चर्चा है तो वो ये कि पटेल के कैबिनेट में किन चेहरों को जगह मिलेगी.</p>
<p>गुजरात के संभावित कैबिनेट की लिस्ट सामने आई है. इस लिस्ट में हर्ष सांघवी, अल्पेश ठाकोर, जीतू वाघाणी, किरीटसिंह राणा और कनू देसाई समेत कुल 25 नाम शामिल हैं. हालांकि, इस लिस्ट में हार्दिक पटेल का नाम नहीं होना हैरान करता है.</p>
<p><strong>संभावित कैबिनेट में कौन से चेहरे शामिल?</strong></p>
<p>गुजरात की नई कैबिनेट में कई युवा चेहरों को शामिल किए जाने की बातें जोरों पर हैं. संभावित कैबिनेट लिस्ट के मुताबिक किरीट सिंह राणा, कनू देसाई, ऋषिकेश पटेल, कुंवरजी बावलिया, रमनलाल वोरा, गणपत वसावा, नरेश पटेल, हर्ष सांघवी, बालकृष्ण शुक्ला को कैबिनेट में जगह मिल सकती है. इनके अलावा जयेश रादडिया, शंभुप्रसाद टुंडिया, मौलू बेरा, अल्पेश ठाकोर, जीतू वाघाणी, मनीषा वकील और भानु बाबरिया के नामों पर भी चर्चा हुई.</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, गुजरात के नई कैबिनेट में हीरा सोलंकी, दर्शना वाघेला, शंकर चौधरी, निकुल पटेल, पंकज देसाई, दर्शना देशमुख, पीसी बरंडा, जगदीश विश्वकर्मा और कौशिक वेकरिया भी नई कैबिनेट में मंत्री बन सकते हैं.</p>
<p><strong>गुजरात के 18वें सीएम के रूप में शपथ लेंगे पटेल</strong></p>
<p>भूपेंद्र पटेल 12 दिसंबर को 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गांधीनगर में नए सचिवालय के पास हेलीपैड मैदान में किया जाएगा. पार्टी ने पटेल को विधानसभा चुनाव से एक साल पहले ही मुख्यमंत्री बनाया था. उन्होंने विजय रूपाणी की जगह ली थी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/bjp-stakes-claim-to-form-government-after-record-victory-in-gujarat-these-faces-may-get-place-in-cab						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sun, 11 Dec 2022 21:03:15 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सुखविंदर सिंह सुक्खू के सीएम के रूप में शपथ से पहले प्रतिभा सिंह का बयान सामने आया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में आज (रविवार को) दोपहर 1.30 बजे कांग्रेस (Congress) नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhwinder Singh Sukhu) सीएम के रूप में शपथ लेंगे. उनके साथ डिप्टी सीएम के तौर पर मुकेश अग्निहोत्री (Mukesh Agnihotri) और कई मंत्री शपथ लेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह (Virbhadra Singh) की पत्नी और प्रदेश कांग्रेस चीफ प्रतिभा सिंह (Pratibha Singh) भी सीएम पद की दावेदार थीं, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने सुक्खू को सीएम बनाने का फैसला किया है. सुक्खू के शपथ ग्रहण से पहले प्रतिभा सिंह का बयान सामने आया है और उन्होंने कहा है कि वो शपथ ग्रहण में जरूर जाएंगी.</p>
<p><strong>प्रतिभा सिंह का बड़ा बयान</strong></p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने कहा है कि मुझे सुक्खू के शपथ ग्रहण समारोह में क्यों शामिल नहीं होना चाहिए. मैं जरूर जाऊंगी. वो आज सीएम पद की शपथ ले रहे हैं, वहां मौजूद रहना मेरी ड्यूटी है.</p>
<p><strong>हिमाचल सीएम का शपथ ग्रहण आज</strong></p>
<p>बता दें कि हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रिज़ मैदान में शपथ ग्रहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया है. कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में कुल 68 सीटों में से 40 सीटें जीती हैं. वहीं, बीजेपी ने 25 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की है. कांग्रेस के पास हिमाचल विधानसभा में बहुमत है.</p>
<p><strong>चौथी बार के MLA आज लेंगे सीएम पद की शपथ</strong></p>
<p>आलाकमान का फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री पद की रेस में आगे रहीं प्रतिभा सिंह ने कहा कि हम शीर्ष नेतृत्व के फैसले को कबूल करते हैं. जान लें कि 4 बार के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू आज हिमाचल प्रदेश 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. वहीं, 60 साल के मुकेश अग्निहोत्री भी डिप्टी पद की शपथ लेंगे. वो भी चार बार से विधायक हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/pratibha-singhs-statement-surfaced-before-sukhwinder-singh-sukhus-oath-as-cm						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/pratibha-singhs-statement-surfaced-before-sukhwinder-singh-sukhus-oath-as-cm</guid>
					<pubDate>Sun, 11 Dec 2022 16:41:12 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बीजेपी ने क्यों बताया दिल्ली नगर निगम का मेयर किस पार्टी से होगा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दिल्ली (Delhi) के नगर निगम चुनाव (MCD) में आम आदमी पार्टी (AAP) की झाड़ू ऐसी चली कि 15 साल से निगम की सत्ता में काबिज बीजेपी (BJP) बस 104 वार्ड जीत सकी है. वहीं 'आप' ने 250 में से 134 वार्डों पर परचम लहराते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मेयर कौन होगा और किस पार्टी का होगा. दरअसल नतीजों वाले दिन बीजेपी नेताओं के इस बयान कि 'मेयर तो बीजेपी से होगा' ने बहुत से लोगों की धड़कने बढ़ा दी थीं. यानी इस सवाल के जवाब को लेकर सस्पेंस गहरा गया था. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि बीजेपी ने मन बदल लिया है.</p>
<p><strong>अगला मेयर 'AAP' का: आदेश गुप्ता</strong></p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा है कि बीजेपी, दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी में एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी. आदेश गुप्ता ने कहा, 'दिल्ली साफ-सुथरी हो और एमसीडी अच्छा काम करे, बस यही हमारी प्राथमिकता होगी. यानी उन्होंने कह दिया है कि अगला मेयर अब आम आदमी पार्टी (AAP) से होगा.</p>
<p>दरअसल तकनीकि रूप से दल-बदल का कानून नगर निगम चुनावों पर लागू नहीं होता है इसलिए कयास लग रहे थे कि नतीजों के दिन बीजेपी नेताओं ने जो कहा था कि दिल्ली में मेयर बीजेपी का होगा वो बात सच साबित हो सकती है. लेकिन अब आदेश गुप्ता के बयान से लगता है कि दिल्ली बीजेपी ने अब अपने पुराने बयान से यू-टर्न लेते हुए अपना मन बदल दिया है.</p>
<p><strong>मेयर की चयन प्रकिया</strong></p>
<p>अभी तक दिल्ली में मेयर का चुनाव इसी तरीके से होता आया है. जिसको एमसीडी चुनावों में ज्यादा सीटें मिलती हैं वो अपना मेयर उम्मीदवार चुन लेता है. मेयर का चुनाव हर साल होता है ऐसे में सत्ताधारी दल अपनी पार्टी के सीनियर नेताओं को बारी-बारी से मेयर के लिए नामांकित करता है और बाकी पार्टी के पार्षद पार्टी लाइन के मुताबिक वोट करके अपना मेयर चुन लेते हैं. </p>
<p><strong>क्यों था सस्पेंस?</strong></p>
<p>2022 के नतीजों में मामला काफी करीबी रहा ऐसे में पॉलिटिकल पंडित क्रॉस वोटिंग के कयास लगा रहे थे. ऐसा इसलिए क्योंकि मेयर के लिए होने वाला चुनाव पार्टी लाइन पर नहीं होता. वहां पार्षद किसी पार्टी का नहीं बल्कि व्यक्तिगत अधिकार रखता है. वोटिंग की पूरी प्रक्रिया भी गुप्त मतदान पर आधारित होती है. बैलट पेपर में मेयर उम्मीदवारों के नाम होते हैं और हर पार्षद बिना पार्टी के आधार पर अपने पसंदीदा कैंडिडेट को गुप्त रूप से वोट कर सकता है. आखिर में बैलट पेपरों को फिर से बैलट बॉक्स में डाल दिया जाता है और काउंटिग से पहले उसे ठीक से मिलाया जाता है ताकि किसने किसे वोट किया ये पता नहीं लगाया जा सके. अगर किसी प्रकार ये पता भी चल जाए कि किस पार्षद ने क्रॉस वोटिंग की है तो भी उस पार्षद की सदस्यता नहीं जा सकती है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/why-did-bjp-tell-from-which-party-the-mayor-of-municipal-corporation-of-delhi-will-be						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/why-did-bjp-tell-from-which-party-the-mayor-of-municipal-corporation-of-delhi-will-be</guid>
					<pubDate>Sat, 10 Dec 2022 10:52:26 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[हिमाचल में मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस नेताओं में रेस शुरू, ये है CM के दावेदार]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के विजयी होने के साथ ही मुख्यमंत्री पद के लिए नेताओं में रेस शुरू हो गई है. विवाद की आशंका के चलते प्रियंका गांधी ने दावेदारों की लिस्ट के साथ 8 प्वाइंट्स में सारी जानकारी मांगी है.</p>
<p>बताया जा है कि प्रियंका को भेजे जाने वाली लिस्ट में सभी दावेदारों के प्रदर्शन की पूरी डिटेल होगी, जैसे- चुनाव में उनका क्या प्रभाव रहा है, कितने अंतर से वे जीते आदि. लिस्ट मिलने के बाद ही आलाकमान हिमाचल की कमान संभाले हुए पार्टी के दिग्गज नेताओं के जरिए अपना फैसला सुनाएगा.</p>
<p>गौरतलब है कि कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू और मौजूदा विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री पीएम पद की रेस में शामिल हैं. कांग्रेस के लिए एक ऐसे नेता का मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में चुनाव करना चुनौतीपूर्ण है, जो पार्टी को आगे ले जाते हुए उसे एकजुट रख सके.</p>
<p><strong>प्रतिभा सिंह का नाम सबसे आगे</strong></p>
<p>प्रतिभा सिंह को इस दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है. हालांकि प्रतिभा सिंह ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन उन्होंने राज्य भर में पार्टी के लिए व्यापक चुनाव प्रचार किया. वह फिलहाल मंडी से सांसद हैं. वह निवर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले मंडी से लोकसभा उपचुनाव जीती थीं.</p>
<p>प्रतिभा सिंह के साथ पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की विरासत भी है, जिन्होंने चार दशक से अधिक समय तक प्रदेश में कांग्रेस की कमान संभाली थी.  पार्टी सूत्रों ने दावा किया कि प्रतिभा सिंह को ज्यादातर विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जो वीरभद्र सिंह के प्रति निष्ठावान रहे हैं. वीरभद्र सिंह लंबे समय तक इस पहाड़ी राज्य में कांग्रेस के निर्विवाद नेता रहे थे.</p>
<p><strong>अन्य उम्मीदवारों को भी हैं उम्मीदें</strong></p>
<p>प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य भी शिमला ग्रामीण से विधायक निर्वाचित हुए हैं और वह भी मुख्यमंत्री पद के लिए आशावान हैं. हालांकि, कई लोग उन्हें इस शीर्ष पद के लिए बहुत कम उम्र का मानते हैं.</p>
<p>नदौन से विधायक सुक्खू और हरोली के विधायक अग्निहोत्री को उम्मीद है कि पार्टी आलाकमान उनके काम को ध्यान में रखेगा. अग्निहोत्री ब्राह्मण नेता हैं, जबकि सुक्खू राज्य में प्रभावशाली ठाकुर समुदाय से हैं. </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/race-begins-among-congress-leaders-for-the-post-of-chief-minister-in-himachal-this-is-the-cms-conten						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/race-begins-among-congress-leaders-for-the-post-of-chief-minister-in-himachal-this-is-the-cms-conten</guid>
					<pubDate>Sat, 10 Dec 2022 10:46:39 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[शिवसेना के मुखपत्र सामना ने भी मोदी के तारीफ के पूल बंधे, कही ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात (Gujarat) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. बीजेपी ने गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 (Gujarat Assembly Election 2022) में 182 में से 156 सीटों पर जीत दर्ज की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के गृह राज्य में इतनी बड़ी जीत मिलने के बाद हर कोई बीजेपी की तारीफ कर रहा है. इस बीच, खबर सामने आई है कि शिवसेना के मुखपत्र सामना में भी पीएम मोदी की तारीफ की गई है. सामना की संपादकीय में गुजरात के अंदर मोदी लहर के करिश्मे की तारीफ हुई है.</p>
<p><strong>सामना में पीएम मोदी की तारीफ</strong></p>
<p>शिवसेना के मुखपत्र सामना में गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया. सामना की संपादकीय में कहा गया कि गुजरात में सिर्फ मोदी लहर से जीत मिली. हालांकि, हिमाचल प्रदेश और एमसीडी में बीजेपी की हार पर सवाल भी उठाए गए. सामना में कहा गया कि वहां मोदी मैजिक नहीं चला.</p>
<p><strong>सामना में कई बार की गईं तल्ख टिप्पणियां</strong></p>
<p>जान लें कि पिछले काफी समय से सामना में बीजेपी और पीएम मोदी को लेकर कई तल्ख टिप्पणियां की गईं. इसीलिए गुजरात में जीत के बाद सामना की संपादकीय में पीएम मोदी की तारीफ होना चौंकाने वाला है.</p>
<p><strong>गुजरात में BJP की रिकॉर्डतोड़ जीत</strong></p>
<p>बता दें कि गुजरात में भारतीय जनता पार्टी ने 156 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं, कांग्रेस महज 17 सीटों पर सिमट गई. इसके अलावा आप को गुजरात में 5 सीटों पर जीत मिली. समाजवादी पार्टी भी 1 सीट पर जीत गई और अन्य उम्मीदवार 3 सीटों पर विजयी हुए.</p>
<p>गौरतलब है कि इस साल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मत प्रतिशत में भी पिछली बार के मुकाबले 4 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. बीजेपी को इस बार के विधानसभा चुनाव में 53 फीसदी वोट मिले. वहीं, कांग्रेस महज 27 प्रतिशत वोट पाकर रह गई. वहीं, आप के पक्ष में 13 फीसदी लोगों ने वोट डाले.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/shiv-senas-mouthpiece-saamana-also-tied-pools-of-praise-for-modi-said-this						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/shiv-senas-mouthpiece-saamana-also-tied-pools-of-praise-for-modi-said-this</guid>
					<pubDate>Sat, 10 Dec 2022 02:27:17 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[आम आदमी पार्टी को मिला राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा, जाने कैसे बनती है राष्ट्रीय पार्टी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी आज राष्ट्रीय पार्टी बन गई है. इस बात की जानकारी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दी है. उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों ने आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी बना दिया है. जितने वोट गुजरात में AAP को मिले हैं उसके हिसाब से केजरीवाल की पार्टी अब राष्ट्रीय पार्टी बन गई है. महज 10 सालों में आम आदमी पार्टी देश की चंद राष्ट्रीय पार्टियों में शामिल हो गई है.</p>
<p>केजरीवाल ने गुजरात के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'मैं जितनी बार गुजरात गया, मुझे बहुत प्यार मिला. मैं आप सभी का आभारी रहूंगा. गुजरात बीजेपी का गढ़ माना जाता है. हम उस किले को भेदने में सफल रहे. गुजरात में हमें 13 फीसदी वोट मिले हैं.'</p>
<p>केजरीवाल ने कहा, 'लाखों की संख्या में गुजरात के लोगों ने हमें वोट किया है. आपके समर्थन से इस बार किला भेदने में सफल रहे हैं और अगली बार किला जीतने में सफलता प्राप्त करेंगे. हमने पूरा कैंपेन सकारात्मक तरीके से चलाया. किसी को गाली नहीं दी. सिर्फ काम पर बात की. यही चीज हमे दूसरी पार्टियों से अगल करती है. अभी तक बाकी की पार्टियां धर्म, जाति की राजनीति करती रही हैं. यह पहली बार है जब कोई पार्टी काम की बात कर रही है.'</p>
<p><strong>देश में कितनी राष्ट्रीय पार्टियां?</strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी देश की 8वीं राष्ट्रीय पार्टी बन गई है. इससे पहले देश में 7 राष्ट्रीय पार्टियां थीं, जिसमें कांग्रेस, बीजेपी, बीएसपी, सीपीआई, सीपीएम, एनसीपी और टीएमसी का नाम शामिल था. राष्ट्रीय पार्टियों के अलावा देश में राज्य स्तर की पार्टियां और क्षेत्रीय स्तर की पार्टियां होती हैं. सभी के पैमाने भी अलग-अलग होते हैं.</p>
<p><strong>कैसे मिलता है राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा?</strong></p>
<p>किसी भी राजनीतिक पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए कई मानक पूरे करने होते हैं. हालांकि, इसके लिए दो तरीके हैं जिससे किसी भी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है. एक ये कि अगर किसी पार्टी की लोकसभा में 4 सदस्य हों और लोकसभा चुनाव में उसे 6 परसेंट वोट मिला हो तो वो राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त कर लेती है. वहीं, दूसरा तरीका ये है कि 4 राज्यों के विधानसभा चुनावों में 6 फीसदी से ज्यादा वोट शेयर मिला हो. </p>
<p><strong>आम आदमी पार्टी की कहां कितने वोट?</strong></p>
<p>राष्ट्रीय पार्टी बन चुकी AAP की दिल्ली, पंजाब और दिल्ली एमसीडी में सरकार है. वहीं, गोवा में भी आम आदमी पार्टी के दो विधायक हैं. गोवा के विधानसभा चुनावों में AAP को दो सीटों पर जीत के साथ-साथ 6.77 फीसदी वोट प्राप्त हुए थे. अब गुजरात में भी आम आदमी पार्टी को करीब 13 फीसदी वोट मिल चुके हैं. इस तरह चार राज्यों में उसके 6 फीसदी से ज्यादा हो गए हैं और वो 8वीं राष्ट्रीय पार्टी बन गई है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/aam-aadmi-party-got-the-status-of-national-party-know-how-national-party-is-formed						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sat, 10 Dec 2022 02:16:56 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गहलोत के तीखे बयानों ने आहत सचिन पायलट ने चला बड़ा दांव, CM बदलने के लिए सुझाया 'पायलट' फॉर्मूला]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हाल ही में राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत के तीखे बयानों ने आहत सचिन पायलट (Sachin Pailot) ने कांग्रेस आलाकमान पर एक बार फिर मुख्यमंत्री बदलने के लिए दबाव बनाना तेज कर दिया है. इस बीच राजस्थान कांग्रेस संकट को लेकर पार्टी के सीनियर नेता केसी वेणुगोपाल को राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा तक राजनीतिक संघर्ष विराम सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है.</p>
<p><strong>आलाकमान की मुसीबत बना मामला</strong></p>
<p>राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा दिसंबर के पहले हफ्ते में राजस्थान पहुंचेगी. इससे पहले, सीएम गहलोत और सचिन पायलट के बीच राजनीतिक लड़ाई पार्टी के लिए सिरदर्द बन गई है. सूत्रों के मुताबिक संकट के वर्तमान हालातों से निपटने के लिए पार्टी संगठन के महासचिव केसी वेणुगोपाल 29 नवंबर को जयपुर जा रहे हैं.</p>
<p>सूत्रों ने ये भी बताया कि इस दौरान वेणुगोपाल गहलोत और पायलट दोनों से अलग-अलग बात कर मसले का हल निकालने की भी कोशिश करेंगे और भारत जोड़ो यात्रा के दौरान किसी भी तरह की बयानबाजी या अनुशासनहीनता से दूर रहने की कड़ी चेतावनी भी देंगे. हालांकि मीडिया से बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, 'राजस्थान कांग्रेस में कोई संघर्ष नहीं है. पार्टी भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से अपनी ताकत दिखाएगी.'</p>
<p><strong>CM बदलने का पायलट फॉर्मूला!</strong></p>
<p>गहलोत खेमे की तरफ से लगातार हो रहे अपमान के बाद पायलट एक बार फिर से आक्रामक होकर पार्टी आलाकमान पर राजस्थान में सरकार का चेहरा बदलने का दबाव बना रहे हैं. उन्होंने इस बीच आलाकमान से सीएम कैंडिडेट को लेकर कांग्रेस पार्टी के विधायकों के बीच गुप्त मतदान कराने का फार्मूला सुझाते हुए अगले नेता पर फैसला लेने की बात कही है. सूत्रों का दावा है कि पायलट ने यहां तक कह दिया है कि अगर अशोक गहलोत को हटा भी दिया जाता है तब भी सरकार नहीं गिरेगी.</p>
<p>गुजरात में अगले हफ्ते वोटिंग है, गहलोत वहां के प्रभारी हैं. ऐसे में पार्टी न तो राजस्थान की सत्ता, हाथ से फिसलने देना चाहती है और न ही गुजरात को लेकर कोई रिस्क लेना चाहती है. सूत्रों के मुताबिक पार्टी खड़गे गुजरात चुनाव के बाद राजस्थान का मसला सुलझाने के मूड में हैं. यही वजह है कि हाईकमान के दूत के रूप में संगठन के महासचिव को हालात पर काबू पाने और सत्ता संघर्ष की आग बुझाने के लिए जयपुर भेजा जा रहा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/hurt-by-gehlots-sharp-statements-sachin-pilot-made-a-big-bet-suggested-pilot-formula-to-change-cm						]]>
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					<pubDate>Sat, 26 Nov 2022 12:03:52 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गद्दार कहने पर सचिन ने गहलोत को दिया ये करारा जवाब]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने सचिन पायलट को ‘गद्दार’ (Gaddar) करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2020 में पार्टी के खिलाफ बगावत की थी और उनकी सरकार गिराने की कोशिश की थी इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री (CM) नहीं बनाया जा सकता है. इस तीखे हमले के बाद एक बार फिर से राजस्थान कांग्रेस की आपसी तकरार चरम पर दिख रही है.</p>
<p>गहलोत और पायलट के बीच जारी जुबानी जंग एक बार फिर पार्टी की अंतरकलह को सरेआम उजागर कर रही है. राजस्थान में कांग्रेस पार्टी में आंतरिक कलह और बढ़ती नजर आ रही है जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा भी कुछ दिन में राजस्थान में आने वाली है.</p>
<p><strong>गद्दार कभी सीएम नहीं हो सकता: गहलोत</strong></p>
<p>गहलोत ने यह आरोप भी लगाया कि जब पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस के कुछ विधायक गुरुग्राम के एक रिसॉर्ट में एक महीने से अधिक समय तक रहे थे. राजस्थान के CM ने दावा किया कि उनके पास इस बात का सबूत है कि पायलट समेत प्रत्येक विधायक को 10-10 करोड़ रुपये दिये गये थे. उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान को यदि लगता है तो 102 विधायकों में से पायलट को छोड़कर किसी को भी उनकी जगह मुख्यमंत्री बना सकता है.</p>
<p>गहलोत ने कहा, ‘विधायक कभी उसे स्वीकार नहीं करेंगे जिसने बगावत की हो और जिसे गद्दार कहा गया हो. वो भला मुख्यमंत्री कैसे बन सकता है? विधायक ऐसे आदमी को मुख्यमंत्री कैसे स्वीकार करेंगे. मेरे पास सबूत है कि कांग्रेस सरकार गिराने के लिए गुरुग्राम के रिसॉर्ट में ठहरे विधायकों को 10-10 करोड़ रुपये दिये गये थे.’</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसा उदाहरण कहीं देखने को नहीं मिलेगा जहां प्रदेश में पार्टी का अध्यक्ष वहां की सरकार को गिराने की कोशिश कर रहा हो और जिसे प्रदेश अध्यक्ष तथा उप मुख्यमंत्री दोनों पद गंवाने पड़े हों.</p>
<p><strong>पायलट का पलटवार</strong></p>
<p>गहलोत के तीखे हमले पर पलटवार करते हुए पूर्व डिप्टी CM पायलट ने कहा कि गहलोत जैसे कद वाले किसी नेता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता. उन्होंने कहा कि इस तरह कीचड़ उछालने से कुछ हासिल नहीं होगा और कांग्रेस में सभी की जिम्मेदारी राजस्थान में फिर से पार्टी की सरकार लाने के लिए संगठन को मजबूत करने की है. </p>
<p>पायलट ने कहा, ‘नाम लेकर कीचड़ उछालने और आरोप लगाने से कुछ हासिल नहीं होगा.’ उन्होंने कहा कि यह बीजेपी को हराने के लिए उसके खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का तथा राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने का समय है.</p>
<p>मध्य प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा में बृहस्पतिवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ पैदल चलने वाले पायलट ने कहा कि वह कभी इस तरह की भाषा का उपयोग नहीं करते. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को गुजरात में विधानसभा चुनाव पर ध्यान देना चाहिए जहां वह पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक हैं.</p>
<p><strong>गहलोत अनुभवी नेता: जयराम रमेश</strong></p>
<p>इस बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने कहा कि पायलट के साथ गहलोत के मतभेद को इस तरह सुलझाया जाएगा कि पार्टी मजबूत हो. कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने कहा, ‘अशोक गहलोत वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं. उन्होंने अपने कनिष्ठ सहयोगी सचिन पायलट के साथ जो मतभेद जाहिर किये हैं, उन्हें इस तरह से सुलझाया जाएगा कि कांग्रेस पार्टी मजबूत हो. इस समय हर कांग्रेस कार्यकर्ता की जिम्मेदारी पहले ही व्यापक रूप से सफल भारत जोड़ो यात्रा को उत्तर भारत के राज्यों में और अधिक प्रभावशाली बनाने की है.’</p>
<p><strong>बीजेपी ने साधा निशाना</strong></p>
<p>राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने इन आरोपों का खंडन किया कि 2020 में कांग्रेस विधायकों को दल बदल के लिए पैसे देने में बीजेपी शामिल थी. इन बयानों के बाद प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ ने इसे गहलोत की तरफ़ से 'कांग्रेस तोड़ो यात्रा' की शुरूआत बताया है. राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस की अंतर्कलह फिर से जगजाहिर हो गई है. राठौड़ ने कहा कि अब तय है कि 4 साल से चल रही मुख्यमंत्री की कुर्सी की लड़ाई का अंत सरकार की विदाई के साथ ही खत्म होगा. </p>
<p>ये बयान ऐसे समय में भी आये हैं जब गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अपने चरम पर है और गहलोत राज्य में पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/sachin-gave-a-befitting-reply-to-gehlot-on-being-called-a-traitor						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 25 Nov 2022 09:53:23 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अखिलेश यादव 2024 के चुनाव में इस सीट से लड़ेंगे, 2 साल पहले ही अखिलेश ने ठोकी ताल]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2024 का लोकसभा चुनाव कन्नौज सीट से लड़ने के संकेत दिए हैं. अखिलेश  यादव ने कन्नौज में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा 'क्यों, क्या करेंगे खाली बैठकर? हमारा तो काम ही है चुनाव लड़ना. जहां हम पहला चुनाव लड़े थे, वहां फिर से चुनाव लड़ेंगे.</p>
<p>अखिलेश यादव से संवाददाताओं ने पूछा था कि कन्नौज से पहले सांसद रहीं डिम्पल यादव अब मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव लड़ रही हैं, ऐसे में क्या 2024 में वह खुद कन्नौज से लड़ेंगे. सपा अध्यक्ष पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता के पुत्र के तिलक समारोह में शिरकत करने आए थे. </p>
<p><strong>'कन्नौज की जनता ने हमेशा प्यार दिया'</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि कन्नौज उनकी कर्मभूमि है और कन्नौज के लोगों ने उन्हें तीन बार सांसद के रूप में चुना है. उन्होंने कहा, यहां की जनता ने मुझे हमेशा स्नेह और प्यार दिया है इसलिए मैं कन्नौज को कभी नहीं छोड़ सकता.</p>
<p>फिलहाल अखिलेश यादव करहल सीट से विधायक हैं. गौरतलब है कि उन्होंने जनप्रतिनिधि के तौर पर अपना सफर वर्ष 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट से ही शुरू किया था. उस वर्ष इस लोकभा सीट पर उपचुनाव में जीत हासिल कर वह पहली बार सांसद बने थे. उसके बाद 2004 और 2009 में भी वह कन्नौज से ही सांसद चुने गए थे. वर्ष 2012 में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.</p>
<p>वर्ष 2012 में ही कन्नौज लोकसभा उपचुनाव में उनकी पत्नी डिम्पल यादव ने जीत हासिल की थी. वह 2014 के आम चुनाव में भी कन्नौज से सांसद चुनी गईं थीं. हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में डिम्पल को भाजपा के सुब्रत पाठक के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था. डिम्पल को अब सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के कारण रिक्त हुई मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव में पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है. इसी उपचुनाव के लिए मतदान आगामी पांच दिसंबर को होगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/akhilesh-yadav-will-contest-from-this-seat-in-2024-elections-akhilesh-beat-him-2-years-ago						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 25 Nov 2022 00:12:43 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[‘भारत जोड़ो यात्रा’ का ‘स्वागत’, ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस टिपण्णी के ये मायने निकाले जा रहें हैं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली जा रही ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का ‘स्वागत’ करने वाली केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की टिप्पणी में क्या कोई संदेश छिपा है?  दरअसल यह सवाल तब से उठने लगा है कि जब कांग्रेस की इस यात्रा ने बुधवार सुबह महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश में प्रवेश किया. बीजेपी नेता सिंधिया ने इस यात्रा के संदर्भ में कहा था, ‘‘मध्य प्रदेश में सभी का स्वागत है.’</p>
<p>अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने को कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का ‘स्वागत’ करने वाली केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की टिप्पणी उनके ‘घर वापसी’ का संकेत हो सकती है. पार्टी के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को यह बात कही.</p>
<p><strong>सिंधिया ने थाम लिया था बीजेपी का हाथ</strong></p>
<p>भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के पूर्व सदस्य सिंधिया ने मार्च, 2020 में पार्टी का साथ छोड़ने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा था. हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति (एचपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस के प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौड़ ने कहा, ‘यह घर वापसी का संकेत हो सकता है.’</p>
<p><strong>‘जनता भाजपा सरकार से नाखुश’</strong></p>
<p>राठौड़ ने इस बात पर जोर दिया कि हाल में हुए हिमाचाल प्रदेश विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान को बदलाव का संकेत है और जनता भाजपा सरकार से नाखुश है. उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगी.</p>
<p>राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस द्वारा राज्य में कीमतों में वृद्धि, महंगाई और कुशासन आदि का मुद्दा उठाए जाने के बाद पिछले साल विधानसभा की तीन और लोकसभा की एक सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को मिली हार के साथ ही उनकी हार की पटकथा लिख गई थी.</p>
<p>यह पूछे जाने पर हिमाचल प्रदेश में पार्टी के सत्ता में आने पर मुख्यमंत्री कौन होगा, उन्होंने कहा कि राज्य का नया मुख्यमंत्री कौन होगा यह फैसला पार्टी के विधायक और पार्टी आला कमान करेगी.</p>
<p><strong>‘हमें अपने सदस्यों की वफादारी पर भरोसा’</strong></p>
<p>वहीं विधायकों की खरीद-फरोख्त पर राठौड़ ने कहा, ‘ऐसा बिलकुल संभव है, लेकिन हमें अपने सदस्यों की वफादारी पर पूरा भरोसा है.’ उन्होंने पार्टी के नेताओं से अनुशासित रहने की अपील करते हुए कहा कि आगे तमाम चुनौतियां आने वाली हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/welcome-to-bharat-jodo-yatra-the-meaning-of-this-comment-of-jyotiraditya-scindia-is-being-extracted						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/welcome-to-bharat-jodo-yatra-the-meaning-of-this-comment-of-jyotiraditya-scindia-is-being-extracted</guid>
					<pubDate>Thu, 24 Nov 2022 23:10:01 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा ने राहुल गांधी की तुलना सद्दाम हुसैन से क्यों की, आओ जानते है इसके पीछे का कारण]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसा है. उन्होंने राहुल गांधी की तुलना इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन से की है. हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, राहुल गांधी का चेहरा सद्दाम हुसैन की तरह लगने लगा है. उन्होंने ये बयान मंगलवार को गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान कही. </p>
<p><strong>ये है सीएम हिमंता का पूरा बयान</strong></p>
<p>राहुल गांधी पर तंज कसते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, गांधी वंशज की छवि महात्मा गांधी या सरदार पटेल जैसी होनी चाहिए न कि पूर्व इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन की. सीएम हिमंता ने कहा, अभी मैंने देखा है कि उनका(राहुल गांधी) चेहरा भी बदल गया है. चेहरा बदलना कोई बुरी बात नहीं है. आपको अगर चेहरा बदलना ही है तो वल्लभ भाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू या फिर गांधी जी जैसा कर लो लेकिन आपका चेहरा सद्दाम हुसैन जैसा क्यों होता जा रहा है. </p>
<p>राहुल गांधी पर आगे हमला करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, राहुल गांधी गुजरात में दिखाई भी नहीं देते हैं. आजकल एक अतिथी के रूप में आए हैं. हिमाचल में चुनाव खत्म हो गया पर वे वहां भी नहीं गए थे. जिन प्रदेशों में चुनाव नहीं है, राहुल गांधी वहीं जाते हैं. सीएम ने कहा, जहां चुनाव हैं वो(राहुल गांधी) वहां नहीं जाते हैं क्योंकि उनको हारने का डर है. वो जानते हैं कि मैं जहां जाऊंगा वहीं हार जाऊंगा, मेरे जीतने की उम्मीद नहीं है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/why-did-assam-chief-minister-himanta-biswa-compare-rahul-gandhi-with-saddam-hussain-lets-know-the-re						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/why-did-assam-chief-minister-himanta-biswa-compare-rahul-gandhi-with-saddam-hussain-lets-know-the-re</guid>
					<pubDate>Wed, 23 Nov 2022 02:10:53 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गाँधी ने क्यों कहा-नोटों से बापू की तस्वीर हटाई तो होंगे आभारी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने सोमवार को कहा कि अगर भारतीय मुद्रा नोटों से बापू की तस्वीर हटा दी जाती है तो वह NDA सरकार के आभारी होंगे. उन्होंने कहा, "अगर वे महात्मा गांधी की तस्वीर करेंसी नोटों से हटाते हैं, तो मैं वर्तमान सरकार का आभारी रहूंगा, क्योंकि यह सिर्फ एक तस्वीर है और मोहनदास करमचंद गांधी या उनकी आत्मा नहीं है, न ही यह किसी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करती है."</p>
<p>उन्होंने वडोदरा में एक सवाल के जवाब में कहा, "बापू एक विचारधारा थे, उस विचारधारा को अमर रहना चाहिए, हमें करेंसी नोटों पर उनकी तस्वीर की जरूरत नहीं है. अगर सरकार बापू की तस्वीर हटाती है, तो मैं पहली और आखिरी बार इस सरकार का समर्थन करूंगा." </p>
<p>तुषार गांधी ने यह भी कहा कि जब से सत्ताधारी दल सत्ता में आया है, तब से वह इतिहास को फिर से लिखने में लगा हुआ है और सरकारी मशीनरी उस इतिहास को मिटाने में एक्टिव है, जिसे सत्ताधारी नापसंद करते हैं. उन्होंने कहा, "महात्मा गांधी की हत्या के पीछे जो लोग थे, अगर वे महात्मा गांधी की तारीफ नहीं करते हैं और उनके बारे में अच्छा नहीं बोलते हैं, तो यह समझ में आता है."</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/why-did-mahatma-gandhis-great-grandson-tushar-gandhi-say-would-be-grateful-if-bapus-picture-is-remov						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/why-did-mahatma-gandhis-great-grandson-tushar-gandhi-say-would-be-grateful-if-bapus-picture-is-remov</guid>
					<pubDate>Tue, 22 Nov 2022 11:48:25 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[नगर निगम के चुनाव में टिकट वितरण के मुद्दे पर पिटे विधायक गुलाब सिंह यादव]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दिल्ली नगर निगम (MCD) के चुनाव में टिकट वितरण के मुद्दे पर कहासुनी और झड़प का मामला सामने आया है. इस घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी के विधायक गुलाब सिंह यादव (Gulab Singh Yadav) के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और हाथापाई की है. राष्ट्रीय राजधानी के एक सीनियर पुलिस अफसर ने ये जानकारी दी.</p>
<p><strong>आप की प्रतिक्रिया का इंतजार</strong></p>
<p>हालांकि आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से इस घटना पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है. पुलिस उपायुक्त (द्वारका) एम हर्षवर्धन ने बताया कि टिकट वितरण के मुद्दे पर कहासुनी हुई जिसके फलस्वरूप कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने यादव के साथ कथित धक्कामुक्की की थी.</p>
<p><strong>बयान के आधार पर होगी कार्रवाई</strong></p>
<p>द्वारका जिले के डीसीपी ने कहा, ‘उनका मेडिकल परीक्षण किया गया है लेकिन कोई अंदरूनी चोट नहीं मिली. अब उनके बयान के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.’</p>
<p><strong>विपक्ष ने साधा निशाना</strong></p>
<p>इस मारपीट के पूरे घटनाक्रम को लेकर बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) ने इस घटना को लेकर आप पर निशाना साधा है. वहीं पिटने वाले विधायक गुलाब यादव ने टिकट बेचने और अन्य सभी तरह के आरोपों से साफ इनकार कर दिया है.</p>
<p><strong>कैसे बिगड़ी बात?</strong></p>
<p>विधायक गुलाब सिंह यादव सोमवार रात करीब 8 बजे श्याम विहार में अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे. उस दौरान यह घटनाक्रम सामने आया. दरअसल एक चुनावी बैठक के बीच वहां अचानक हंगामा शुरू हो जाता है. जिसके बाद आम आदमी पार्टी के कुछ भड़के कार्यकर्ता विधायक के साथ बदसलूकी और मारपीट शुरू कर देते हैं. इस दौरान उनका कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की होती है, जैसे ही वो बाहर निकलने की कोशिश करते हैं, तो कार्यकर्ता उनका पीछा करते हैं. आखिर में विधायक को मौका देखकर वहां से भागना पड़ता है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/mla-gulab-singh-yadav-beaten-on-the-issue-of-ticket-distribution-in-municipal-elections						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/mla-gulab-singh-yadav-beaten-on-the-issue-of-ticket-distribution-in-municipal-elections</guid>
					<pubDate>Tue, 22 Nov 2022 11:38:50 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने गडकरी को रखा शिवाजी की श्रेणी में, 'आप' ने दर्ज किया विरोध]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एक ऐसा बयान दिया है जिस पर विवाद खड़ा हो गया है. एक कार्यक्रम में उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को पुराने युग की बात बताया और कहा कि नितिन गडकरी आज के युग के नायक हैं. इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी ने कोश्यारी के इस्तीफे की मांग की है. </p>
<p>भगत सिंह कोश्यारी ने कहा, हम जब पढ़ते थे मिडिल स्कूल, हाई स्कूल में तो  हमारे टीचर पूछते थे आपके फेवरेट हीरो कौन है, तो कोई सुभाष चंद्र बोस, कोई गांधी जी तो कोई नेहरू का नाम लेता था. जिसे जो अच्छा लगता था वह उसका नाम लेता था. मुझे ऐसा लगता है कि आज अगर आपसे कोई पूछे की आपके पसंदीदा लीडर कौन हैं तो आपको बाहर जाने की जरूरत नहीं है, यहीं महाराष्ट्र में ही मिल जाएंगे। शिवाजी तो पुराने युग की बात है, नए युग में डॉ. अंबेडकर से नितिन गडकरी तक यहीं मिल जाएंगे.</p>
<p>केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार को मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भगत सिंह कोश्यारी बोल रहे थे. इस कार्यक्रम में कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी मौजूद रहे.</p>
<p>राज्यपाल के इस बयान पर आम आदमी पार्टी ने निशाना साधा. आम आदमी पार्टी की नेता प्रीति मेनन ने ट्वीट कर कहा, 'हम मांग करते हैं कि कोश्यारी माफी मांगें और इस्तीफा दें. अगर वह यह नहीं समझते कि हम महाराष्ट्रीयन शिवाजी महाराज को अपना नायक क्यों मानते हैं, तो उन्हें जाने की जरूरत है. हमें बाबासाहब पर उनकी सलाह की भी आवश्यकता नहीं है, उन्हें गडकरी के समान श्रेणी में रखना भयावह है!'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/maharashtra-governor-bhagat-singh-koshyari-puts-gadkari-in-the-category-of-shivaji-aap-registers-pro						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sun, 20 Nov 2022 01:23:10 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[विवादित बयान: इस मुस्लिम नेता ने श्रद्धा मर्डर केस के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दिल्ली में हुए श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Murder Case) ने पूरे देश को झकझोर दिया है. आरोपी आफताब (Aftab) ने श्रद्धा के 35 टुकड़े किए और उनको महरौली के जंगल समेत अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया. श्रद्धा के शव के टुकड़ों की तलाश में पुलिस अभी तक जुटी हुई है. इस बीच, असम (Assam) में एआईयूडीएफ (AIUDF) के विधायक अमीनुल इस्लाम (Aminul Islam) का श्रद्धा हत्याकांड को लेकर विवादित बयान सामने आया है. विधायक अमीनुल इस्लाम ने कहा कि मोदी सरकार के कारण श्रद्धा जैसा केस हुआ.</p>
<p><strong>अमीनुल इस्लाम को मोदी सरकार पर आरोप</strong></p>
<p>एआईयूडीएफ (AIUDF) विधायक अमीनुल इस्लाम ने कहा कि मोदी सरकार आने से पहले ऐसी घटनाएं नहीं होती थीं कि किसी के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए. बीजेपी विकास के नाम पर वोट नहीं मांगती है. नरेंद्र मोदी ज्यादा दिन रहेंगे तो ऐसे केस हर शहर में होते रहेंगे.</p>
<p><strong>आफताब ने किए श्रद्धा के 35 टुकड़े</strong></p>
<p>पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा आरोपी आफताब की लिवइन पार्टनर थी. दोनों दिल्ली के छतरपुर इलाके में रहते थे. 18 मई, 2022 को आफताब ने श्रद्धा की गला घोंटकर से हत्या कर दी. इसके बाद उसने श्रद्धा के शव को छिपाने के लिए आरी से उसके 35 टुकड़े किए और उन्हें घर में करीब 3 सप्ताह तक रखा. शव के टुकड़े ना सड़ें, इसके लिए आफताब ने एक नया फ्रिज भी खरीदा.</p>
<p><strong>महरौली के जंगल में फेंके शव के टुकड़े</strong></p>
<p>आरोप के अनुसार, आफताब ने श्रद्धा के शव के टुकड़ों को महरौली के जंगल में फेंका. हालांकि, बाद में जांच में सामने आया है कि श्रद्धा के शव के टुकड़े आफताब ने कई जगहों पर फेंके. शुक्रवार को शव के टुकड़ों की तलाश में पुलिस हरियाणा के गुरुग्राम भी गई थी.</p>
<p><strong>आफताब का होगा नार्को टेस्ट</strong></p>
<p>बता दें कि पुलिस ने आरोप लगाया था आरोपी आफताब जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. जिसके बाद कोर्ट ने आफताब के नार्को टेस्ट की इजाजत दे दी. अब नार्को टेस्ट की मदद से आफताब से सच उगलवाया जाएगा और श्रद्धा मर्डर केस की सच्चाई सामने आएगी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/controversial-statement-this-muslim-leader-blamed-modi-government-for-shraddha-murder-case						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/controversial-statement-this-muslim-leader-blamed-modi-government-for-shraddha-murder-case</guid>
					<pubDate>Sat, 19 Nov 2022 12:16:01 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात चुनाव: अहमद पटेल की गैर मौजूदगी ने कांग्रेस की चिंता बढ़ाई]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p> गुजरात में चुनाव हो रहे हैं हालांकि कांग्रेस पहली बार पार्टी के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले अहमद पटेल बिना मैदान में उतरी है. गुजरात चुनाव में अहमद पटेल फैक्टर का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2017 के चुनाव में बीजेपी 100 से भी कम सीटों पर सिमट कर रह गई थी. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का देहांत 25 नवंबर 2020 को हुआ था.</p>
<p>आज अहमद पटेल जी के जाने के बाद उनकी अहमियत समझ में आ रही है. आज अहमद पटेल जी होते तो गाड़ियां भी खड़ी करने की जगह नहीं होती और वो कांग्रेस के सबसे बड़े स्टार प्रचारक होते. जब अहमद पटेल चुनाव रणनीति बनाते थे तो हम बाहर से ही उन्हें देखते थे.’</p>
<p><strong>‘आम वर्कर को ग्राउंड पर बहुत दिक्कत आ रही है’</strong></p>
<p>मुमताज ने कहा, ‘2017 में अहमद पटेल ने राजसभा की सीट जिस तरह से जीती थी, वो शानदार कामयाबी थी. इसके बाद ही चुनावों में कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था. इस बार के चुनावों के माहौल में बहुत अंतर है, आम वर्कर को ग्राउंड पर बहुत दिक्कत आ रही है. कांग्रेस शायद एक बेहतर रणनीति बना सकती थी, आज अहमद पटेल जी के होने से फर्क ज़रूर पड़ता.’</p>
<p>मुमताज ने कहा, ‘तैयारियां तो की गई हैं लेकिन कहीं ना कहीं फ़ैसला लेने में देरी हुई है. अगर उम्मीदवारों को पहले से वक्त दिया जाता तो उनके लिए चुनावों में तैयारी करने में आसानी होती. पार्टी आलाकमान की तरफ से टिकट फाइनल करने में ही देरी कर दी गई. ये हमारी सबसे बड़ी कमजोरी है.’ उन्होंने कहा, ‘आप पार्टी, AIMIM के होने से भी कुछ सीटों पर चिंता बढ़ रही है. हालांकि कांग्रेस फिर भी इनके मुकाबले मजबूत है.</p>
<p><strong>‘केजरीवाल परसेप्शन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं’</strong></p>
<p>मुमताज ने, ‘अरविंद केजरीवाल परसेप्शन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. दिल्ली चलाना एक अलग बात है, पंजाब में तो दिख ही रहा है कि क्या हालत हो गए हैं. गुजरात की वजह से कभी लक्ष्मी, गणेश की फोटो छापने की बात करते है, कभी फ्री रेवड़ियों की बात करते हैं, वो थोड़े कंफ्यूज हैं.’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस का ग्राउंड पर काम चालू है, लोकल मुद्दों पर चुनाव लड़ना चाहिए. बड़े लीडर्स भीड़ तो इकट्ठा कर लेंगे, लेकिन चुनाव लोकल कार्यकर्ता ही लड़ता है. कांग्रेस में अभी तक किसी बड़े नेता का प्रचार ना करना चिंता कीबात तो है लेकिन कार्यकर्ता पूरी कोशिश कर रहा है.’</p>
<p>गुजरात में बिलकिस बानो के अपराधियों को छोड़े जाने के मामले पर उन्होंने कहा, ‘हमने तो आवाज उठाई है लेकिन आप पार्टी कहीं नज़र नही आई है.’ राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा किसी अलग वजह से शुरू की थी, उसका चुनावों से लेना देना नही है. कांग्रेस में ओर भी बड़े चेहरे हैं जो पार्टी के लिए काम कर सकते हैं.’</p>
<p><strong>क्या ओवैसी की वजह से मुस्लिम वोट बंट रहे है?  </strong></p>
<p>इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘अगर आज अहमद पटेल जी होते तो वो सबको जोड़कर चलते थे, आज बिल्कुल अलग माहौल होता. टिकट फाइनल होने में इतना वक्त नहीं लगता, रूठे लोगों को जल्दी से मना लिया जाता. इसकी वजह से कांग्रेस को बहुत दिक्कत आई है. आखिरी वक्त में टिकट फाइनल करने से उम्मीदवार के लिए बहुत परेशानी होती है, ये सिस्टम बदलने की ज़रूरत है. पार्टी में पावर स्ट्रगल ख़त्म होना चाहिए. नए युवा चेहरों को सामने लाना चाहिए, तब कांग्रेस की तस्वीर बदलनी सम्भव हो पाएगी. सेवादल को दोबारा से रिवाइव करने की ज़रूरत है.’</p>
<p>मुमताज ने कहा, ‘कांग्रेस में नेताओं को गैर जिम्मेदाराना बयान से बचना चाहिए, इससे नुकसान होता है. गलतियां हो जाती हैं. कांग्रेस का टोटल रिवाइवल होना बेहद ज़रूरी है. जो नेता जनता को भरोसा दिला सके, ऐसे लोगों को आगे लाना ज़रूरी है. राहुल गांधी जैसे बड़े नेताओं को चुनाव प्रचार के थोड़ा जल्दी उतरना चाहिए था.’</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/gujarat-elections-absence-of-ahmed-patel-raises-concern-of-congress						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/gujarat-elections-absence-of-ahmed-patel-raises-concern-of-congress</guid>
					<pubDate>Sat, 19 Nov 2022 00:36:34 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, गुजरात में 10 बार विधायक रहे इस नेता ने बीजेपी से हाथ मिलाया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से राज्य में सियासी उठापठक जारी है. इस क्रम में कांग्रेस को मंगलवार को बड़ा झटका लगा है. चुनाव से पहले विपक्षी कांग्रेस को झटका देते हुए वरिष्ठ विधायक मोहन सिंह राठवा ने पार्टी और विधायक पद से इस्तीफा देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है. 78 वर्षीय राठवा ने अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर को भेजा. दिग्गज आदिवासी नेता राठवा विधानसभा के दस बार सदस्य हैं और वर्तमान में मध्य गुजरात में छोटा उदयपुर (एसटी) निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. 2012 से पहले, उन्होंने छोटा उदयपुर जिले में पावी-जेटपुर (एसटी) निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था.</p>
<p><strong>राठवा ने की थी ये घोषणा</strong></p>
<p>हाल ही में राठवा ने घोषणा की थी कि वह अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए टिकट नहीं मांगेंगे, बल्कि चाहते थे कि पार्टी उनके बेटे राजेंद्र सिंह राठवा को उनकी सीट से मैदान में उतारे. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नारन राठवा ने भी कथित तौर पर अपने बेटे के लिए उसी सीट से टिकट मांगा है. गुजरात में दो चरणों में एक और पांच दिसंबर को मतदान होगा. मतों की गिनती आठ दिसंबर को होगी.</p>
<p><strong>भाजपा से मिलेगा टिकट?</strong></p>
<p>अपना त्याग पत्र भेजने के बाद, राठवा अहमदाबाद में गुजरात भाजपा कार्यालय पहुंचे. जहां उन्हें राज्य महासचिव भार्गव भट्ट और प्रदीप सिंह वाघेला ने पार्टी में शामिल किया. समारोह में राठवा के बेटे राजेंद्र सिंह और रंजीत सिंह भी भाजपा में शामिल हुए. यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा उन्हें विधानसभा चुनाव के लिए टिकट देगी, राठवा ने दावा किया कि वे इस बारे में 100 प्रतिशत आश्वस्त हैं. राठवा ने भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि हालांकि, मैंने टिकट नहीं मांगा है. मैं अब बूढ़ा हो रहा हूं. मेरा बेटा राजेंद्रसिंह एक इंजीनियर है. वह बीई सिविल है. उसे लग रहा था कि हमें भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए.</p>
<p><strong>क्यों लिया कांग्रेस छोड़ने का फैसला?</strong></p>
<p>यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने कांग्रेस इसलिए छोड़ दी क्योंकि पार्टी ने उनके बेटे को टिकट नहीं दिया? राठवा ने जवाब दिया कि कांग्रेस के निर्णय लेने से पहले उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी नहीं कहा कि वे मेरे बेटे को टिकट नहीं देंगे. मैंने कांग्रेस के इस बारे में कुछ भी कहने से पहले फैसला किया. मैं हमारे आदिवासी क्षेत्रों में भाजपा सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कार्यों से प्रभावित था. यही कारण है कि मैंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/big-blow-to-congress-this-leader-who-was-mla-for-10-times-in-gujarat-joined-hands-with-bjp						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/big-blow-to-congress-this-leader-who-was-mla-for-10-times-in-gujarat-joined-hands-with-bjp</guid>
					<pubDate>Wed, 09 Nov 2022 09:35:00 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने वाले सांसद राहुल गांधी और उनकी पार्टी संकट में फंसी, ट्विटर हैंडल तक पर लगी रोक, जाने क्या है कारण]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस का खोया हुआ वजूद वापस पाने के लिए भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने वाले सांसद राहुल गांधी और उनकी पार्टी संकट में फंस गए हैं. बेंगलुरु में राहुल गांधी समेत 3 लोगों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट में मुकदमा दर्ज हो गया है. साथ ही कोर्ट ने 'भारत जोड़ो यात्रा' और कांग्रेस के ट्विटर हैंडल पर रोक लगाने का आदेश भी जारी किया है. अब इस मामले में 21 नवंबर को सुनवाई होगी. उसी में पता चलेगा कि कोर्ट इस मामले में अगला कदम क्या उठाती है.</p>
<p><strong>वीडियोज में KGF Part-2 के गानों का इस्तेमाल</strong></p>
<p>बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) के दौरान KGF Part-2 के गानों का इस्तेमाल किया गया. इस पर आपत्ति जताते हुए MTR Music co ने बेंगलुरु में FIR दर्ज करवाई थी. इस एफआईआर में राहुल गांधी समेत 3 लोगों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने कंपनी के आरोपों की जांच करते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी से इन्वेस्टिगेशन में सहयोग करने को कहा है. साथ ही उनसे ट्विटर हैंडल पर इस्तेमाल किए गए तीनों वीडियोज के बारे में भी जानकारी मांगी है.</p>
<p><strong>कांग्रेस और 'भारत जोड़ो यात्रा' ट्विटर हैंडल पर रोक</strong></p>
<p>वहीं इसी प्रकरण में सोमवार को बेंगलुरु की कोर्ट ने सुनवाई हुई. मामले को सुनने के बाद अदालत ने ट्विटर को निर्देश दिया Indian National Congress और 'भारत जोड़ो यात्रा' में इस्तेमाल 3 वीडियो, जिनमे इन गानों का इस्तेमाल हुआ है, उन्हें डिलीट किया जाए. कोर्ट ने ये भी आदेश दिया कि मामले की अगली सुनवाई तक दोनों अकाउंट को सस्पेंड कर दिया जाए. अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तारीख तय की है. </p>
<p><strong>कांग्रेस और 'भारत जोड़ो यात्रा' ट्विटर हैंडल पर रोक</strong></p>
<p>वहीं इसी प्रकरण में सोमवार को बेंगलुरु की कोर्ट ने सुनवाई हुई. मामले को सुनने के बाद अदालत ने ट्विटर को निर्देश दिया Indian National Congress और 'भारत जोड़ो यात्रा' में इस्तेमाल 3 वीडियो, जिनमे इन गानों का इस्तेमाल हुआ है, उन्हें डिलीट किया जाए. कोर्ट ने ये भी आदेश दिया कि मामले की अगली सुनवाई तक दोनों अकाउंट को सस्पेंड कर दिया जाए. अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तारीख तय की है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/mp-rahul-gandhi-and-his-party-who-started-the-bharat-jodo-yatra-are-in-trouble-even-the-twitter-hand						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/mp-rahul-gandhi-and-his-party-who-started-the-bharat-jodo-yatra-are-in-trouble-even-the-twitter-hand</guid>
					<pubDate>Mon, 07 Nov 2022 23:54:30 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चिराग पासवान कर सकते है NDA में वापसी, बिना शर्त भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देंगे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के पूर्व अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात के बाद बड़ा ऐलान कर दिया है और कहा है कि बिहार में दो विधानसभा क्षेत्रों में 3 नवंबर को होने वाले उपचुनाव (Bihar Assembly Bypoll) में वे बिना शर्त भारतीय जनता पार्टी (BJP) का समर्थन देंगे.</p>
<p><strong>चिराग पासवान की NDA में दोबारा होगी वापसी?</strong></p>
<p>चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने भले ही उपचुनाव में बिना शर्त भारतीय जनता पार्टी (BJP) को समर्थन देने का ऐलान किया है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने साफ किया है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल नहीं होने वाले हैं. चिराग ने कहा, 'बिहार में दो विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी को बिना शर्त समर्थन है और इसका यह मतलब नहीं है कि एनडीए में शामिल होने वाले हैं.'</p>
<p>चिराग पासवान (Chirag Paswan) से जब पूछा गया था कि क्या उन्होंने अपने चाचा पशुपति कुमार पारस और चचेरे भाई प्रिंस राज, जिन्होंने पिछले साल विद्रोह कर दिया था, द्वारा नियंत्रित प्रतिद्वंद्वी गुट राष्ट्रीय लोजपा के राजग से निष्कासन की अपनी पहले की जिद छोड़ दी है? इस पर उन्होंने कहा, 'लोजपा (रामविलास) मोकामा और गोपालगंज उपचुनाव में भाजपा का समर्थन कर रही है. बिहार के हित में यह फैसला लिया गया है.' उन्होंने आगे कहा, 'आने वाले दिनों में एनडीए का स्वरूप क्या होगा, यह हम नहीं कह सकते.' बता दें कि चिराग अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) द्वारा स्थापित पार्टी के एक अलग समूह के प्रमुख हैं.</p>
<p><strong>चिराग ने एनडीए से क्यों बना ली थी दूरी?</strong></p>
<p>जमुई के युवा सांसद चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के खिलाफ बगावत की थी. उन्होंने भाजपा को अपनी सरकार बनाने में मदद करने का संकल्प लिया था, लेकिन जब बीजेपी ने उनके विद्रोही चाचा पशुपति कुमार पारस को केंद्र में मंत्रिमंडल में स्थान दिया तो उनका पार्टी से मोहभंग हो गया. चाचा-भतीजे में विवाद के बाद पार्टी के विभाजन को मान्यता दी गई थी.</p>
<p><strong>अमित शाह के संपर्क में है चिराग पासवान</strong></p>
<p>39 वर्षीय सांसद चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने दिल्ली से पटना पहुंचने पर उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने की घोषणा करते हुए कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के साथ शनिवार की रात लंबी बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया. बताया जा रहा है कि अमित शाह के साथ चिराग पासवान काफी समय से संपर्क में हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/chirag-paswan-can-return-to-nda-will-support-bharatiya-janata-party-unconditionally						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/chirag-paswan-can-return-to-nda-will-support-bharatiya-janata-party-unconditionally</guid>
					<pubDate>Tue, 01 Nov 2022 12:13:29 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सरकारी पदों पर रहते राजनीतिक गतिविधियों में लगे रहने वालों के खिलाफ हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, राजस्थान सरकार को नोटिस भेजा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>सरकारी पदों पर रहते राजनीतिक गतिविधियों में लगे रहने वाले संबित पात्रा, इकबाल सिंह लालपुरा, जस्मिन शाह, डॉ. चंद्रभान सिंह के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल हुई है. याचिका पर कल सुनवाई होगी.  हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, राजस्थान सरकार समेत इन चारों लोगों को नोटिस भेजा है. </p>
<p><strong>किसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है?</strong></p>
<p>• 1) संबित पात्रा 2. इकबाल सिंह लालपुरा 3. जस्मिन शाह 4. डॉ. चंद्रभान सिंह </p>
<p>सरकारी पार्टी- 1. केंद्र सरकार (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) 2. दिल्ली सरकार 3. राजस्थान सरकार</p>
<p><strong>आरोप क्या है?</strong></p>
<p>• राजनीतिक पार्टियों में आधिकारिक पदों पर रहने वाले व्यक्तियों को नियमों का उल्लघंन कर नियमित रूप से सरकारी पदों पर नियुक्त किया जा रहा है.</p>
<p>- इसका नीति निर्माण पर व्यापक प्रभाव पड़ता है. यह राजनीतिक पद के दुरुपयोग के समान है. साथ ही सरकारी खजाने को भारी नुकसान होने की संभावना है. </p>
<p><strong>प्रमुख तर्क क्या हैं?</strong></p>
<p>-आईपीसी की धारा 21(12) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 2(सी) में अभिव्यक्ति की परिभाषा के अनुसार नामित प्रतिवादी पब्लिक सर्वेंट हैं.</p>
<p>- सरकारी पदों पर नियुक्त होने के बाद भी वे तटस्थता के सिद्धांत का उल्लंघन करते हुए राजनीतिक गतिविधियों में लगे रहते हैं.</p>
<p>- सरकारी अधिकारियों की राजनीतिक तटस्थता का सिद्धांत उनको राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने से रोकता है.</p>
<p>- करदाताओं के पैसे से पब्लिक सर्वेंट के वेतन, भत्तों और अनुलाभों का आनंद लेने और पक्षपातपूर्ण गतिविधियों के कारण सरकारी खजाने को भारी नुकसान होगा.</p>
<p>- वे राजनीतिक दलों का प्रचार भी कर रहे हैं और अपने राजनीतिक लाभ और राजनीतिक एजेंडे के लिए सार्वजनिक कार्यालय का उपयोग कर रहे हैं.</p>
<p>-इस उल्लंघन के विशिष्ट उदाहरण संबित पात्रा हैं, जो कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता होने के साथ-साथ भारतीय पर्यटन विभाग निगम (आईटीडीसी) के अध्यक्ष हैं. उन्होंने बड़े स्तर पर खुद को भाजपा के प्रवक्ता के रूप में पेश किया है, खासकर सोशल मीडिया पर.</p>
<p>- इसके अलावा इकबाल सिंह लालपुरा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) के अध्यक्ष हैं. जबकि भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड के सदस्य भी हैं. उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों के लिए एनसीएम कार्यालय का इस्तेमाल किया है. कांग्रेस और आप सहित विपक्षी दलों पर हमला करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. इस तरह के कार्यों के लिए एनसीएम के परिसर का इस्तेमाल किया है.</p>
<p>- जस्मिन शाह, दिल्ली के डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन की वाइस चेयरमैन हैं और आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता भी हैं. उन्होंने विभिन्न वीडियो में आम आदमी पार्टी का समर्थन किया है और भाजपा की आलोचना की है.</p>
<p>- डॉ. चंद्रभान, बीस सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन और समन्वय समिति के उपाध्यक्ष हैं. इसके अलावा राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी हैं. उन्होंने राजनीतिक जुड़ाव, कांग्रेस के भीतर अपनी स्थिति के बारे में खुलकर बात कर भाजपा की आलोचना की है.</p>
<p>- जनहित याचिका में इन सभी चार व्यक्तियों के कार्यों की वीडियो ग्राफिक गवाही पेश की गई है.</p>
<p>- प्रतिवादी सरकारों को इन व्यक्तियों को उनके पदों से हटाना चाहिए, क्योंकि वे पब्लिक सर्वेंट रहते हुए राजनीतिक दलों में आधिकारिक पदों पर रहकर जानबूझकर तटस्थता के सिद्धांत की अनदेखी कर रहे हैं.</p>
<p>-राजनीतिक दलों में सरकारी पदों पर बैठे व्यक्तियों की लोक सेवक के रूप में नियुक्ति के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया जाना चाहिए.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/high-court-sent-notice-to-central-government-delhi-government-rajasthan-government-against-those-eng						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 28 Oct 2022 11:18:03 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बीजेपी विधायक ललन पासवान ने हिन्दू देवी-देवताओं पर दिया विवादित बयान, पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूंका पुतला]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>बिहार में भागलपुर की पीरपैंती से बीजेपी के विधायक ललन पासवान (Lalan Paswan) ने हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर विवादित बयान दिया है, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने एक एक कर मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi), मां सरस्वती और बजरंग बली पर विवादित टिप्पणियां कीं. कहा कि मुसलमान धन की देवी लक्ष्मी की पूजा नहीं करते हैं, फिर भी वे करोड़पति और अरबपति हैं. हनुमान जी शक्ति के देवता हैं लेकिन अमेरिका में उनकी पूजा नहीं होती, फिर भी वह दुनिया में महाशक्ति हैं. </p>
<p><strong>'मुसलमान सरस्वती को नहीं मानते तो क्या वे विद्वान नहीं'</strong></p>
<p>ललन पासवान (Lalan Paswan) इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने कहा कि मुसलमान मां सरस्वती की पूजा नहीं करते. फिर भी क्या वे विद्वान नहीं हैं. ललन पासवान ने कहा, 'पूरी बात धार्मिक आस्था से जुड़ी है. अगर आप माने तो यह देवी हैं और अगर नहीं तो यह सिर्फ पत्थर की मूर्ति है. यह हमारे ऊपर है कि हम देवी-देवताओं में विश्वास करें या न करें. हमें तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए वैज्ञानिक आधार पर सोचना होगा.'</p>
<p><strong>'अमेरिका में बजरंग बली का मंदिर नहीं फिर भी वह महाशक्ति'</strong></p>
<p>बिहार के भागलपुर से BJP MLA ललन पासवान  (Lalan Paswan) ने कहा कि मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) धन की देवी है लेकिन मुस्लिम भाई लक्ष्मी पूजा नहीं करते तो क्या वो अरबपति नहीं होते हैं. मुस्लिम भाई सरस्वती पूजा नहीं करते है तो क्या उन्हें बुद्धि नहीं होतीं. अमेरिका में बजरंगबली का मंदिर नहीं है. वहां बजरंगबली की पूजा भी नहीं होती तो क्या अमेरिका शक्तिशाली राष्ट्र नहीं है. सब कुछ मानने पर है जिस दिन मानना छोड़ देंगे, वैसे ही सब खत्म हो जाएगा. वहीं उन्होंने अपने फ़ेसबुक वाल पर भी धर्म के बारे में एक एक बाद एक कई पोस्ट किए हैं जिसके बाद से सोशल मीडिया पर बवाल जारी है. </p>
<p><strong>पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूंक दिया अपने विधायक का पुतला</strong></p>
<p>सोशल मीडिया पर लोग दो धड़ा में बंट गए हैं. एक धड़ा ललन पासवान (Lalan Paswan) के समर्थन मे है तो दूसरा धड़ा उनके विरोध में है. विधायक का विवादित बयान सामने आने के बाद खुद उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ही उनका पुतला दहन कर दिया. भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री मुन्ना सिंह ने कहा कि ऐसे विधायक पर भाजपा शीर्ष नेतृत्व कार्रवाई कर पार्टी से बहिष्कृत करे वर्ना हम लोग पार्टी छोड़ देंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/bjp-mla-lalan-paswan-gave-controversial-statement-on-hindu-deities-party-workers-burnt-effigies						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 21 Oct 2022 23:10:05 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[विवादित बयान: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने गीता के उपदेशों की तुलना जिहाद से की]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने एक ऐसा बयान दिया है जिसपर विवाद हो सकता है. उन्होंने कहा, जिहाद सिर्फ कुरान में नहीं, गीता में भी है. शिवराज पाटिल ने कहा, महाभारत में श्रीकृष्ण जी ने भी अर्जुन को जिहाद का पाठ पढ़ाया था. पूर्व गृह मंत्री ने ये बयान गुरुवार को दिल्ली में एक किताब के विमोचन के मौके पर दिया.</p>
<p><strong>शिवराज पाटिल ने क्या कहा? </strong></p>
<p>शिवराज पाटिल ने कहा, जिहाद सिर्फ कुरान में नहीं, बल्कि गीता में भी है. तमाम कोशिशों के बाद भी अगर कोई स्वच्छ विचार को नहीं समझता तो शक्ति का उपयोग करना चाहिए. कांग्रेस नेता ने कहा, महाभारत के अंदर जो गीता का भाग है, उसमें भी जिहाद है. महाभारत में श्रीकृष्ण जी ने भी अर्जुन को जिहाद का पाठ पढ़ाया था.</p>
<p>बता दें कि शिवराज पाटिल की गिनती कांग्रेस के सीनियर नेताओं में होती है. वह महाराष्ट्र से आते हैं. शिवराज पाटिल लातूर से सांसद रह चुके हैं. 2014 के बाद से इस सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है. बीजेपी यहां पर निकाय का चुनाव भी जीतती रही है. </p>
<p>शिवराज पाटिल 1980 से कई बार केंद्र में मंत्री रहे.  26/11 मुंबई आतंकी हमले के समय वह गृह मंत्री थे. 2010 में शिवराज पाटिल को पंजाब का राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का प्रशासक नियुक्त किया गया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/controversial-statement-senior-congress-leader-and-former-home-minister-shivraj-patil-compared-the-t						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 21 Oct 2022 01:58:43 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर का दावा, नीतीश कुमार फिर बीजेपी से हाथ मिलाएंगे!]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>बिहार में सियासी उलटफेर के बाद अब एक बार फिर अटकलें लगाई जा रही हैं नीतीश कुमार पाला पदल सकते हैं. राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा किया है. प्रशांत किशोर ने कहा है कि मौका मिलने पर नीतीश कुमार फिर भाजपा के साथ जा सकते हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा के संपर्क में हैं. अगर स्थिति की मांग हुई तो वह फिर से उस (भाजपा) पार्टी के साथ गठजोड़ कर सकते हैं.</p>
<p><strong>जदयू ने प्रशांत किशोर के दावे को बताया गलत</strong></p>
<p>जदयू ने प्रशांत किशोर की इस टिप्पणी को खारिज करते हुए इसे भ्रामक बताया और कहा कि इसका मकसद भ्रम फैलाना है. किशोर इन दिनों बिहार में पदयात्रा कर रहे हैं और उनकी इस यात्रा को सक्रिय राजनीति में आने के पहले के कदम के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि कुमार ने जद (यू) सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के जरिए भाजपा के साथ संवाद के लिए एक रास्ता खुला रखा है.</p>
<p><strong>'नीतीश भाजपा से हाथ नहीं मिलाएंगे'</strong></p>
<p>इस संबंध में हरिवंश ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. लेकिन उनकी पार्टी ने इस दावे को खारिज करते हुए जोर दिया कि कुमार फिर कभी भाजपा से हाथ नहीं मिलाएंगे. किशोर ने कहा, "जो लोग यह सोच रहे हैं कि नीतीश कुमार भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय गठबंधन बनाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं, वे यह जानकर चकित रहे जाएंगे कि उन्होंने भाजपा के साथ रास्ता खुला रखा है. वह अपनी पार्टी के सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी के जरिए भाजपा के संपर्क में हैं."</p>
<p><strong>जदयू ने की प्रशांत किशोर की खिंचाई</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि हरिवंश को इस कारण से अपने पद से इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया है, जबकि जद (यू) भाजपा से अलग हो गई है. उन्होंने कहा, "लोगों को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि जब भी ऐसी कोई परिस्थिति आती है, तो वह भाजपा की ओर वापस जा सकते हैं और उसके साथ काम कर सकते हैं." जद (यू) ने किशोर की खिंचाई की और पार्टी प्रवक्ता के. सी. त्यागी ने कहा कि कुमार ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वह अपने जीवन में फिर कभी भाजपा से हाथ नहीं मिलाएंगे.</p>
<p><strong>पीके के दावे का खंडन</strong></p>
<p>त्यागी ने कहा, "हम उनके दावे का खंडन करते हैं. कुमार 50 साल से अधिक समय से सक्रिय राजनीति में हैं जबकि किशोर छह महीने से हैं. किशोर ने भ्रम फैलाने के लिए इस प्रकार की भ्रामक टिप्पणी की है." किशोर ने अपनी पदयात्रा दो अक्टूबर को पश्चिम चंपारण के भितिहरवा स्थित गांधी आश्रम से शुरू की थी. वह व्यवस्था में ‘बदलाव’ की खातिर लोगों के समर्थन के लिए अगले 12-15 महीनों में 3,500 किलोमीटर की यात्रा करेंगे. वह करीब 18 महीने जद (यू) में थे. उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून जैसे विवादास्पद कदमों पर भाजपा को समर्थन देने के लिए कुमार की तीखी आलोचना की थी. उसके बाद उन्हें 2020 में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. कुमार उस समय भाजपा के सहयोगी थे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/political-strategist-prashant-kishor-claims-nitish-kumar-will-join-hands-with-bjp-again						]]>
					</link>
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					<pubDate>Thu, 20 Oct 2022 10:14:51 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[शरद पवार, एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस तीनों एक मंच पर, इसे लेकर शिंदे ने ठाकरे पर कसा ये तंज]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने बुधवार को मुंबई क्रिकेट संघ (MCA) के चुनावों की पूर्व संध्या पर आयोजित विशेष रात्रि भोज में शिरकत की और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde), उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता आशीष शेलार के साथ मंच साझा किया.</p>
<p><strong>उड़ सकती है कुछ लोगों की नींद: एकनाथ शिंदे</strong></p>
<p>शरद पवार (Sharad Pawar) के साथ मंच साझा करने को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने उद्धव ठाकरे गुट पर निशाना साधा और कहा कि इससे कुछ लोगों की रातों की नींद उड़ सकती है. हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की ओर इंगित टिप्पणी माना जा रहा है.</p>
<p>मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने इस मौके पर कहा, 'शरद पवार (Sharad Pawar), देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) और शेलार एक ही मंच पर... इससे कुछ लोगों की रातों की नींद उड़ सकती है. लेकिन, यह राजनीति करने की जगह नहीं है. हम सभी खेल के प्रशंसक और समर्थक हैं. इसलिए हम अपने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद खेल के विकास के लिए साथ आए हैं.'</p>
<p><strong>सत्ता परिवर्तन के बाद पहली मुलाकात</strong></p>
<p>महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) और शरद पवार (Sharad Pawar) की पहली मुलाकात है. बता दें कि कुछ महीने पहले एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के साथ बगावत कर भाजपा के सहयोग से नई सरकार का गठन किया था. इससे पहले महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस के गठबंधन की सरकार थी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/sharad-pawar-eknath-shinde-and-devendra-fadnavis-all-on-the-same-stage-shinde-took-a-jibe-at-thacker						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/sharad-pawar-eknath-shinde-and-devendra-fadnavis-all-on-the-same-stage-shinde-took-a-jibe-at-thacker</guid>
					<pubDate>Thu, 20 Oct 2022 09:59:54 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव की मतगणना आज, 24 साल बाद मिलेगा गांधी परिवार के बाहर नेता]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बुधवार को मतगणना होगी और इसी के साथ 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर कोई नेता देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष चुना जाएगा. पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के एक पदाधिकारी ने बताया कि मतगणना बुधवार सुबह 10 बजे से आरंभ होगी और उसके लिये सारी तैयारी पूरी कर ली गई है.</p>
<p>उन्होंने कहा, देश के सभी मतदान केंद्रों से मतपेटियां कांग्रेस मुख्यालय लाई गईं हैं. इन्हें कांग्रेस मुख्यालय के भीतर बने स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है. पार्टी मुख्यालय में ही मतगणना होगी.  माना जा रहा है कि मतगणना के मौके पर दोनों उम्मीदवारों के एजेंट के अलावा उनके समर्थक भी कांग्रेस मुख्यालय पहुंचेंगे.</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं समेत करीब 9500 डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) ने पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान किया था. कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने बताया था कि करीब 96 प्रतिशत मतदान हुआ, हालांकि पूरे आंकड़े आने के बाद इसमें कुछ बदलाव हो सकता है.</p>
<p>मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर इस चुनाव में उम्मीदवार हैं. गांधी परिवार से करीबी और कई वरिष्ठ नेताओं के समर्थन के चलते खड़गे की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है. मतदान से पहले सोनिया गांधी ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा था, मैं इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रही थी.</p>
छठी बार अध्यक्ष पद के लिए हुआ चुनाव 
<p>कांग्रेस के करीब 9900 डेलीगेट पार्टी प्रमुख चुनने के लिए मतदान करने के पात्र थे. कांग्रेस मुख्यालय समेत लगभग 68 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ. कांग्रेस पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए अब तक 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए हैं. इस बार पूरे 22 वर्षों के बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो रहा है.</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस चुनाव से 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर कोई नेता देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष चुना जाएगा. इससे पहले सीताराम केसरी गैर-गांधी अध्यक्ष रहे थे. थरूर ने निर्वाचकों से ‘‘बदलाव अपनाने’’ का साहस दिखाने का आह्वान करते हुए रविवार को कहा था कि वह जिन बदलावों के बारे में सोच रहे हैं, उनमें पार्टी के ‘‘मूल्यों’’ में कोई बदलाव नहीं होगा और केवल लक्ष्य पाने के तरीकों में परिवर्तन आएगा.</p>
<p>वहीं, खड़गे ने रविवार को कहा था कि अगर वह अध्यक्ष बनते हैं तो उन्हें पार्टी के मामलों में गांधी परिवार की सलाह और सहयोग लेने में कोई झिझक नहीं होगी, क्योंकि उस परिवार ने काफी संघर्ष किया है और पार्टी के विकास में बड़ा योगदान दिया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/counting-of-votes-for-the-post-of-congress-president-today-24-years-later-leaders-outside-the-gandhi						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/counting-of-votes-for-the-post-of-congress-president-today-24-years-later-leaders-outside-the-gandhi</guid>
					<pubDate>Wed, 19 Oct 2022 09:11:01 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गांधी परिवार के साथ बदलते रिश्ते पर कहीं ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि गांधी परिवार के साथ उनका रिश्ता "जीवन भर के लिए समान" रहेगा. उन्होंने कहा, '19 अक्टूबर के बाद भी गांधी परिवार से मेरा रिश्ता वैसा ही रहेगा, जैसा पिछले 50 साल से था, यह मैं पक्के तौर पर कह सकता हूं.’ बता दें सोमवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए वोट डाले गए. वोटों की गिनती 19 अक्टूबर को होगी. मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर हैं.</p>
<p>हालिया राजनीतिक घटनाक्रम से गांधी परिवार से गहलोत के रिश्ते पहले जैसे नहीं रहने संबंधी अटकलों के बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कहा, "विनोबा भावे ने एक बार कहा था कि गीता माता के साथ उनका रिश्ता तर्क से परे है. गांधी परिवार के साथ भी मेरा वही रिश्ता है और जीवन भर ऐसा ही रहेगा." वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनावों के मद्देनजर गांधी परिवार के साथ अपने संबंधों के बारे में अटकलों पर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे.</p>
<p>राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को जयपुर में कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में अपना वोट डाला. गहलोत पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे और मतदान किया. गहलोत ने वोट डालते हुए एक तस्वीर भी ट्वीट की.</p>
<p><strong>अध्यक्ष पद के लिए सबसे आगे थे गहलोत</strong></p>
<p>गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सबसे आगे थे, लेकिन राजनीतिक घटनाक्रम 25 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास पर कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक आयोजित करने के पार्टी के कदम के साथ तेजी से बदला. इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले पार्टी की 'एक आदमी, एक पद' लाइन के तहत मुख्यमंत्री को बदलने की कवायद के रूप में देखा गया.</p>
<p>हालांकि, बैठक नहीं हो सकी क्योंकि गहलोत के वफादार विधायकों ने समानांतर बैठक की और सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने के किसी भी कदम के विरोध में अध्यक्ष सी पी जोशी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. बाद में गहलोत ने सीएलपी की बैठक में प्रस्ताव पारित नहीं हो पाने के लिए दिल्ली में सोनिया गांधी से माफी मांगी और कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगे.</p>
<p>इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया. गहलोत खड़गे के प्रस्तावकों में शामिल थे. राज्य की राजनीतिक स्थिति और हाल ही में कांग्रेस की 'एक आदमी, एक पद' लाइन को लागू करने को लेकर हुए घटनाक्रम पर, गहलोत ने कहा कि खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव जीतेंगे और इसका जवाब देंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/rajasthan-chief-minister-ashok-gehlot-said-this-on-the-changing-relationship-with-the-gandhi-family						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/rajasthan-chief-minister-ashok-gehlot-said-this-on-the-changing-relationship-with-the-gandhi-family</guid>
					<pubDate>Tue, 18 Oct 2022 01:33:55 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ईडी के राजनीतिक इस्तेमाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कह दी ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को अमेरिका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईडी पर खुलकर बात की. उन्होंने इसे पूरी तरह से स्वतंत्र संस्था बताया. साथ ही राजीनित के लिए ईडी और अन्य जांच एजेंसियों के इस्तेमाल करने की बातों को भी गलत बताया. उन्होंने इस बाद से साफ इनकार किया कि ईडी का उपयोग एक राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है.</p>
<p><strong>बेवजह सवालों में आ जाती है ईडी</strong></p>
<p>अपने आधिकारिक अमेरिकी यात्रा पर मीडिया से बातचीत के दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा, ईडी जो करता है उसमें पूरी तरह से स्वतंत्र है, यह एक ऐसी एजेंसी है जो विधेय अपराधों को फॉलो करती है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग पर सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इन संस्थानों का इस्तेमाल निजी पूजीं के वर्गों के साथ-साथ नागरिक समाजों के लिए भी किया जाता है. उन्होंने कहा 'कोई भी केस जिसमें ईडी एंट्री लेती है, उसमें आप देखेंगे कि उन अपराधों में पहले ही कोई अन्य एजेंसी जांच कर रही होती है फिर चाहे वह सीबीआई हो या कोई अन्य एजेंसी, लेकिन ईडी की कार्रवाई हर बार निशाने पर आ जाती है. ईडी कभी भी पहले किसी क्राइम सीन में नहीं घुसती है. ईडी जहां जाती है वहां जब्त किए गए कैश, गोल्ड और जूलरी की मात्रा की वजह से वह मीडिया की सुर्खियों में आ जाती है.</p>
<p><strong>G20 पर भी वित्त मंत्री ने की खुलकर बात</strong></p>
<p>निर्मला सीतारमण ने प्रेस ब्रीफिंग में G20 की चुनौतियों पर भी बात की. उन्होंने कहा, 'हमने कई G20 सदस्यों के साथ चर्चा की है. इन चर्चाओं के दौरान,  हमने पूरे साल आने वाली चुनौतियों और चिंताओं पर फोकस किया है. हम ऐसे समय में इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं जब इसके सदस्य देशों के सामने बहुत सारी चुनौतियां हैं. हमें सभी सदस्यों के साथ मिलकर काम करना होगा मैं वास्तव में सभी प्रतिनिधिमंडलों के अधिकारियों की रात भर के काम के लिए सराहना करती हूं जो उन्होंने कुछ हासिल करने के लिए किया है.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/finance-minister-nirmala-sitharaman-said-this-on-the-political-use-of-ed						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/finance-minister-nirmala-sitharaman-said-this-on-the-political-use-of-ed</guid>
					<pubDate>Sun, 16 Oct 2022 11:35:12 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सपा नेता मुलायम सिंह यादव की तेरहवीं नहीं होगी, ये है इसका मुख्य कारण]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का सोमवार (10 अक्टूबर) को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह 82 वर्ष के थे. सैफई की परंपरा के मुताबिक मुलायम सिंह यादव की तेरहवीं नहीं की जाएगी. इसके बदले 11वें दिन केवल हवन और पाठ होगा.</p>
<p>सपा नेता और पूर्व एमएलसी सुनील सिंह साजन के मुताबिक नेताजी की तेरहवीं नहीं होगी. उसके स्थान पर 21 अक्टूबर को शांति पाठ और हवन होगा. बता दें हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसकी आत्मा की शांति के लिए 13 वें दिन एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है जिसे तेहरवीं कहते हैं.</p>
<p><strong>सैफई में नहीं है तेहरवीं मनाने की परंपरा</strong></p>
<p>सैफई और उसके आस-पास के क्षेत्र में तेहरवीं करने की परंपरा काफी समय पहले ही खत्म हो चुकी है. स्थानीय लोगों का मानना है कि तेरहवीं का भोज करने से गरीब लोगों पर खासा आर्थिक बोझ पड़ता है. इसी को देखते हुए सैफई गांव ने तेरहवीं नहीं करने का फैसला बहुत पहले ले लिया था.</p>
<p>साजन के मुताबिक मुलायम सिंह यादव और अन्य समाज सुधारकों की वजह से ही यह परंपरा खत्म हुई है. वह बताते हैं कि जब मुलायम सिंह जब राजनीति में आए तो उन्होंने अन्य समाज सुधारकों के साथ इस परंपरा को खत्म करने की शुरुआत की.</p>
<p><strong>तेहरवीं मनाने से गरीबों पर पड़ता था आर्थिक बोझ</strong></p>
<p>साजन के मुताबिक 13वें दिन भोज का कार्यक्रम रखने से गरीब वर्ग पर बहुत अधिक बोझ पड़ता था. यही वजह थी की इस परंपरा को खत्म करने की आवश्यकता समाज सुधारकों ने महसूस की. उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे तेरहवीं के कार्यक्रम के स्थान पर लोग शांति पाठ करने लगे. इसलिए नेताजी की तेहरवीं नहीं की जाएगी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/sp-leader-mulayam-singh-yadav-will-not-have-thirteenth-this-is-the-main-reason						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/sp-leader-mulayam-singh-yadav-will-not-have-thirteenth-this-is-the-main-reason</guid>
					<pubDate>Sat, 15 Oct 2022 12:15:53 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[शपथ पर घिरे केजरीवाल के मंत्री : हिंदू धर्म के किसी भी देवी-देवता को नहीं मानूंगा, BJP बोली-तुरंत बर्खास्त करें]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>केजरीवाल सरकार में समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के ऐसी सभा में शामिल होने (जहां हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानने की शपथ दिलाई जा रही थी) का मामला तूल पकड़ लिया है। बीजेपी इस पूरे मामले पर आम आदमी पार्टी पर हमलावर है। वहीं विवाद बढ़ता देख कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम की ओर से सफाई दी गई है। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजेंद्र पाल गौतम से नाराज हैं। बीजेपी ने राजेंद्र पाल गौतम को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।</p>
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राजेंद्र पाल गौतम से जुड़ा क्या है पूरा मामला
<p>हिंदू देवी-देवताओं को न मानने वाले वीडियो पर दिल्ली के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम बीजेपी के निशाने पर हैं। बताया जा रहा है कि विजयादशमी के दिन दिल्ली के करोलबाग स्थित आम्बेडकर भवन में राजेंद्र पाल गौतम की उपस्थिति में यह कार्यक्रम हुआ। वीडियो में बौद्ध संत लोगों को शपथ दिला रहे हैं। जिस वक्त यह शपथ दिलाई जा रही थी उस वक्त मंच पर राजेंद्र पाल गौतम भी मौजूद थे।</p>
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<p>जो शपथ दिलाई दी जा रही है उसमें… मैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश को कभी ईश्वर नहीं मानूंगा। और ना ही उनकी पूजा करूंगा। मैं राम और कृष्ण को ईश्वर नहीं मानूंगा और ना ही उनकी कभी पूजा करूंगा। मैं गौरी गणपति आदि हिंदू धर्म के किसी भी देवी देवताओं को नहीं मानूंगा और ना ही उनकी पूजा करूंगा। इस वीडियो को बीजेपी नेताओं की ओर से ट्वीट कर उन पर निशाना साधा गया है। विवाद बढ़ने के बाद मंत्री राजेंद्र पाल गौतम की ओर से सफाई भी पेश की गई है।</p>
<p><em>“1956 से आजतक देश और दुनिया में बौद्ध धर्म की दीक्षा ली जाती है। नागपुर में जहां बाबा साहेब ने दीक्षा ली थी वहां हर साल कार्यक्रम आयोजित होता है। बाबा साहेब आम्बेडकर ने जब दीक्षा ली थी तो उन्होंने 22 प्रतिज्ञा ली थी। किसी की आस्था या धर्म को ठेस पहुंचाना मकसद नहीं है। भारत में दलितों के साथ उत्पीड़न बढ़ गया इसलिए आज ये दीक्षा का चलन बढ़ गया है।”</em></p>
<p>बीजेपी नेता हरीश खुराना ने भी वीडियो ट्वीट कर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। विश्व हिंदू परिषद ने भी इस को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। VHP प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली के मंत्री स्वयं हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ दिला रहे हैं।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/kejriwals-ministers-on-oath-i-will-not-believe-in-any-deity-of-hindu-religion-bjp-bids-to-sack-it-im						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/kejriwals-ministers-on-oath-i-will-not-believe-in-any-deity-of-hindu-religion-bjp-bids-to-sack-it-im</guid>
					<pubDate>Fri, 07 Oct 2022 21:50:38 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष: थरूर के वार पर खड़गे का पलटवार कहा, पार्टी के विचारों को मजबूती देने के लिए उतरा हूं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए प्रचार तेज हो गया है. पार्टी के दो दिग्गज नेता शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे मैदान में हैं. दोनों की ओर से चुनाव को लेकर बयानबाजी जारी है. लोकसभा सांसद शशि थरूर ने रविवार को जहां यह कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेता पार्टी में बदलाव नहीं ला सकते हैं. वहीं खड़गे ने कहा मैं किसी के विरोध में नहीं उतरा हूं. मैं सिर्फ कांग्रेस में मजबूती लाने के लिए और पार्टी के विचारों को मजबूती देने के लिए उतरा हूं</p>
<p>नागपुर में थरूर ने कहा, ‘हम दुश्मन नहीं हैं, यह युद्ध नहीं है. यह हमारी पार्टी के भविष्य का चुनाव है. खड़गे जी कांग्रेस पार्टी के टॉप 3 नेताओं में आते हैं. उनके जैसे नेता बदलाव नहीं ला सकते और मौजूदा व्यवस्था को जारी रखेंगे. पार्टी कार्यकर्ताओं की उम्मीद के मुताबिक बदलाव मैं लाऊंगा.’</p>
<p>इससे पहले महात्मा गांधी के 153वीं जयंती के अवसर पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने वर्धा में सेवाग्राम कुटिया का दौरा किया. थरूर ने वर्धा में महात्मा गांधी द्वारा स्थापित आश्रम में 'बापू कुटी' में अंबर चरखा भी चलाया..</p>
<p><strong>‘पार्टी में बदलाव नहीं होगा तो आगे कैसे बढ़ेंगे’</strong></p>
<p>थरूर ने कहा, ‘पिछले कुछ सालों से कार्यकर्ताओं से मैंने सुना कि हमारी पार्टी में बदलाव नहीं होगा तो हम आगे कैसे बढ़ेंगे? इसलिए मैं आगे आया. 2014 और 2019 में हमारी पार्टी को केवल 19% वोट मिलें. अगर हम इस वोट को नहीं बढ़ाएंगे तो 2024 में अधिक वोट कैसे आएंगे.’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘मैं मानता हूं कि कांग्रेस हाईकमान ने जो तय किया कि हम चुनाव करवाकर ही पार्टी के भविष्य को तय करेंगे, यह बहुत अच्छा निर्णय है.’</p>
<p><strong>थरूर को कांग्रेस ने दिया ये जवाब</strong></p>
<p>वहीं पार्टी अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनने के बाद पहली बार संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए 80 वर्षीय खड़गे ने वह किसी के विरोध में नहीं, बल्कि पार्टी को मजबूत बनाने और उसकी विचारधारा को आगे ले जाने के लिए मैदान में उतरे हैं.</p>
<p>खड़गे ने थरूर का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘मैं किसी के विरोध में नहीं उतरा हूं. मैं सिर्फ कांग्रेस में मजबूती लाने के लिए और पार्टी के विचारों को मजबूती देने के लिए उतरा हूं. चाहे, महात्मा गांधी के विचार हों, पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचार हों या बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के विचार हों, मैं इन विचारों को आगे ले जाने के लिए चुनाव लड़ रहा हूं.’’</p>
<p><strong>थरूर और खड़गे में मुकाबला</strong></p>
<p>गौरतलब है कि झारखंड के पूर्व मंत्री के. एन. त्रिपाठी का नामांकन पत्र शनिवार को खारिज होने के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष पद के चुनाव में अब मुकाबला खड़गे और थरूर के बीच होगा.</p>
<p>कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है. जरूरत पड़ने पर चुनाव 17 अक्टूबर को कराया जाएगा. मतगणना 19 अक्टूबर को होगी और नतीजे उसी दिन घोषित किए जाएंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/kaun-banega-congress-president-kharges-counterattack-on-tharoors-attack-said-i-have-come-to-strength						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/kaun-banega-congress-president-kharges-counterattack-on-tharoors-attack-said-i-have-come-to-strength</guid>
					<pubDate>Sun, 02 Oct 2022 21:08:51 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मांगी माफ़ी, साथ लाये पायलट की शिकायत वाला लेटर]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने गुरुवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Soniya Gandhi) से मुलाकात की. सोनिया गांधी से मिलने उनके आवास जाते समय रास्ते में गहलोत का मीडिया के कैमरों से सामना हुआ. इस दौरान गहलोत के हाथ में एक कागज था, जिसमें पायलट गुट की 'गुंडागर्दी' का विवरण था, भाजपा के साथ मिलीभगत से लेकर पार्टी छोड़ने तक की कई बातें लिखी हुई थीं. गहलोत ने हाथ से लिखा एक पेपर लिया था, जिसमें माफी के साथ पायलट के खिलाफ आरोप थे.</p>
<p><strong>पेपर में लिखा था 102 बनाम 18</strong></p>
<p>पेपर में लिखा था कि सचिन पायलट पार्टी छोड़ देंगे, इसमें '102 बनाम 18' भी लिखा था, यानी गहलोत को 102 विधायकों का समर्थन है, जबकि पायलट के पास केवल 18 विधायक हैं, जो उनका समर्थन कर रहे हैं. कागज के ऊपर लिखा था, जो हुआ वह बहुत दुखद है, मैं भी बहुत दुखी और आहत हूं.</p>
<p><strong>पायलट गुट के खिलाफ आरोपों की थी सीरीज</strong></p>
<p>कागज में पायलट गुट के खिलाफ आरोपों की एक सीरीज थी. हालांकि, इनमें से आधे पॉइंट ही कैमरे में देखे जा सके क्योंकि बाकी गहलोत के हाथ से कवर थे. गहलोत ने लिखा था, पहला प्रदेश अध्यक्ष, जिन्होंने पद पर रहते हुए बगावत की.'</p>
<p><strong>पुष्कर की घटना का भी जिक्र </strong></p>
<p>पेपर में ये भी लिखा था, हमारे पास 102 विधायक हैं, जबकि पायलट के पास केवल 18 हैं. भाजपा ने विधायकों को 10-50 करोड़ रुपये की पेशकश की है. आरोपों में पुष्कर की घटना का भी जिक्र है. पुष्कर में राज्य मंत्री अशोक चंदना पर जूते फेंके गए, जबकि पायलट के पक्ष में नारेबाजी की गई.</p>
<p><strong>अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से किया इनकार</strong></p>
<p>गौरतलब है कि बीते गुरुवार को अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद ऐलान किया कि वो कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा, 'पिछले 50 साल में मैंने कांग्रेस पार्टी में वफादार सिपाही के रूप में काम किया. आलाकमान ने पूरा विश्वास करके मुझे जिम्मेदारी दी.' वहीं, आज उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावक के तौर पर उनका नामांकन कराया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/ashok-gehlot-apologizes-to-sonia-gandhi-brought-with-him-a-letter-containing-the-pilots-complaint						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/ashok-gehlot-apologizes-to-sonia-gandhi-brought-with-him-a-letter-containing-the-pilots-complaint</guid>
					<pubDate>Sat, 01 Oct 2022 00:06:55 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अशोक गहलोत ने खोया गाँधी परिवार का भरोसा, हाईकमान से मिल रहें है किसी बड़े उलटफेर के संकेत]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष (Congress President Election 2022) कौन होगा, इसे लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है. अभी तक इस पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) अब सीएम के मुद्दे पर अड़ जाने की वजह से इस रेस में पिछड़ते दिख रहे हैं. इस मुद्दे पर पार्टी हाई कमान को अपनी सफाई देने के लिए अशोक गहलोत बुधवार रात दिल्ली पहुंच गए. वहीं पार्टी नेतृत्व ने मध्य प्रदेश के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह को भी दिल्ली बुलाया है, जिससे किसी बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं. </p>
<p><strong>आज सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे सीएम गहलोत</strong></p>
<p>बुधवार रात दिल्ली पहुंचे अशोक गहलोत आज दिन में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे. इस बैठक में पार्टी के सीनियर लीडर और अनुशासनात्मक कमेटी के प्रभारी ए के एंटनी भी मौजूद रहेंगे. इस बैठक में पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चर्चा होगी. साथ ही अशोक गहलोत राजस्थान में घट रहे राजनीतिक प्रकरण को लेकर सोनिया गांधी को विस्तृत जानकारी देंगे.</p>
<p>इससे पहले दिल्ली पहुंचने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने हवाई अड्डे पर मीडिया से बात की. उन्होंने कहा, 'मैं गुरुवार को इस मुद्दे पर सोनिया गांधी से मुलाकात करूंगा. जहां तक पार्टी में अनुशासन की बात है. मैं इंदिरा जी के समय से देखता आ रहा हूं. कांग्रेस में हमेशा अनुशासन रहा है. इसलिए पार्टी के चाहे 44 सांसद आएं या 52, पूरे देश में यही एकमात्र राष्ट्रीय पार्टी है. सोनिया गांधी जी की नेता हैं. हम सब उनके नेतृत्व में काम करते हैं. पूरे देश में कांग्रेस सोनिया गांधी जी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है.' </p>
<p><strong>घर की बात है, सुलझा लेंगे- सीएम अशोक गहलोत</strong></p>
<p>गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा, 'पार्टी आज संकट में हैं. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मीडिया का अपना दृष्टिकोण हो सकता है. हम सब को यह चिंता है कि देश किस दिशा में जा रहा है. इस चिंता को लेकर राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं. राजस्थान के राजनीतिक घटनाक्रम पर सीएम गहलोत ने कहा, ये घर की बातें हैं. इंटरनल पॉलिटिक्स में ये सब चलता रहता है. हम सब इसे सॉल्व कर लेंगे. मेरे हिसाब से, आने वाले वक्त में फैसले होंगे.' </p>
<p>बताते चलें कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव (Congress President Election 2022) में नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर तय की गई है. इस पद के लिए शशि थरूर ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर कर रखा है. वहीं गांधी परिवार की ओर से राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) का नाम चल रहा था. लेकिन अभी तक किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है. राजस्थान में सीएम पद की कमान सचिन पायलट के हाथ में जाने से रोकने के लिए समर्थक विधायकों के जरिए दी जा रही इस्तीफे की धमकी से पार्टी आलाकमान नाराज बताया जाता है. </p>
<p><strong>कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव मे हो सकता है उलटफेर</strong></p>
<p>सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की इस हठधर्मिता को सीधे गांधी परिवार की प्रतिष्ठा पर चोट माना जा रहा है. माना जा रहा है कि राजस्थान प्रकरण (Rajasthan Political Crisis) से गांधी फैमिली का अब अशोक गहलोत से भरोसा डगमगा गया है और वैकल्पिक प्लान के तहत मध्य प्रदेश से पार्टी के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह को दिल्ली बुलाया गया है. माना जा रहा है कि बड़ा उलटफेर करते हुए गांधी परिवार दिग्विजय सिंह को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़वा सकता है. वहीं पार्टी के राष्ट्रीय सचिव केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम भी चर्चा में चल रहे हैं. </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/ashok-gehlot-lost-the-trust-of-gandhi-family-getting-signs-of-any-major-upset-from-the-high-command						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/ashok-gehlot-lost-the-trust-of-gandhi-family-getting-signs-of-any-major-upset-from-the-high-command</guid>
					<pubDate>Thu, 29 Sep 2022 09:36:40 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बसपा अपनी नेता मायावती को मुख्यमंत्री नहीं प्रधानमंत्री बनाना चाहती हैं, विपक्षी गठबंधन से रखी यह शर्त]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>लोकसभा चुनाव के लिए सियासी दलों ने खेमेबंदी अभी से शुरू कर दी है. इस बीच बसपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मवीर चौधरी ने कहा कि बसपा 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए विपक्षी गठबंधन में शामिल हो सकती है. लेकिन शर्त यह है कि गठबंधन सहयोगी मायावती को अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने के लिए तैयार हों. उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम निर्णय बहनजी (मायावती) ही लेंगी.</p>
<p><strong>लोकसभा चुनाव को लेकर बसपा का बड़ा बयान</strong></p>
<p>धर्मवीर चौधरी ने कहा कि अगर विपक्षी दल बसपा के पास सम्मानजनक तरीके से पहुंचते हैं और पार्टी प्रमुख को अपने एजेंडे से अवगत कराते हैं, तो पार्टी को उनके साथ गठबंधन करने में कोई नुकसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के पास मायावती के कद का कोई नेता नहीं है. वह अखिल भारतीय अपील वाली एक बड़ी नेता हैं.</p>
<p><strong>अखिलेश यादव पर क्या बोली बसपा</strong></p>
<p>अखिलेश यादव के साथ गठबंधन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने कहा कि मायावती जी अखिलेश यादव से कहीं बड़ी नेता हैं. वह चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रही हैं, जबकि अखिलेश केवल एक बार इस पद पर रहे हैं. मायावती बड़े दिल वाली नेता हैं और दूसरों की गलतियों को माफ कर देती हैं. अगर अखिलेश उन्हें साफ दिल से नेता के रूप में स्वीकार करते हैं, तो हम उनका फूलों से स्वागत करेंगे.</p>
<p><strong>मायावती ने जाहिर की थी नाराजगी</strong></p>
<p>बता दें कि बसपा को विशेष रूप से टीएमसी और एनसीपी द्वारा बुलाई गई विपक्षी पार्टियों की बैठकों से बाहर रखा गया था. विपक्षी दलों की यह बैठक राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति पदों के लिए अपने उम्मीदवारों का फैसला करने के लिए हुई थी. तब मायावती ने विपक्ष के व्यवहार को लेकर एक ट्वीट कर सार्वजनिक रूप से अपना गुस्सा जाहिर किया था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/bsp-wants-to-make-its-leader-mayawati-the-prime-minister-not-the-chief-minister-this-condition-kept-						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/bsp-wants-to-make-its-leader-mayawati-the-prime-minister-not-the-chief-minister-this-condition-kept-</guid>
					<pubDate>Thu, 29 Sep 2022 01:34:39 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सभी विपक्षी नेताओं को नितीश ने बताया 2024 में बीजेपी को हराने का मूलमंत्र]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हरियाणा के फतेहाबाद में रविवार को विपक्ष के बड़े-बड़े नाम एक ही मंच पर नजर आए. मौका था पूर्व उप-प्रधानमंत्री देवीलाल की 109 वीं जयंती समारोह का. एनसीपी प्रमुख शरद पवार, जेडी (यू) नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आरजेडी नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, शिरोमणि अकाली दल के एसएस बादल और माकपा के सीताराम येचुरी समारोह में शामिल हुए. ये सभी आईएनएलडी के अध्यक्ष ओपी चौटाला के निमंत्रण पर यहां पहुंचे थे.</p>
<p>इस मौके पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा, ‘बिहार में आज 7 पार्टियां एक साथ काम कर रही हैं. उनके पास (बीजेपी) 2024 का चुनाव जीतने का कोई मौका नहीं है.’</p>
<p><strong>‘तीसरे मोर्च का सवाल नहीं’</strong></p>
<p>नीतीश कुमार ने कहा, ‘मैं पीएम उम्मीदवार नहीं हूं; तीसरे मोर्चे का सवाल नहीं, कांग्रेस समेत एक मोर्चा हो, तो हम 2024 में भाजपा को हरा सकते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मैं कांग्रेस सहित सभी दलों से एक साथ आने की अपील करूंगा और तभी वे (भाजपा) 2024 के लोकसभा चुनाव में बुरी तरह हारेंगे.’</p>
<p><strong>‘अब कोई एनडीए नहीं है’</strong></p>
<p>बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने इस मौके पर एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा, ‘अब कोई एनडीए नहीं है; शिवसेना, अकाली दल, जेडी (यू) जैसे भाजपा सहयोगियों ने लोकतंत्र को बचाने के लिए इसे छोड़ दिया है.’</p>
<p><strong>‘सभी के लिए काम करने का समय आ गया’</strong></p>
<p>एनसीपी चीफ शरद पवार ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘2024 में सरकार परिवर्तन सुनिश्चित करने की दिशा में सभी के लिए काम करने का समय आ गया है.’ उन्होंने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा,  ‘किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन सरकार ने बहुत लंबे समय तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया.सरकार ने किसान नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने का वादा किया, लेकिन पूरा नहीं किया.’</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/nitish-told-all-opposition-leaders-the-key-to-defeat-bjp-in-2024						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/nitish-told-all-opposition-leaders-the-key-to-defeat-bjp-in-2024</guid>
					<pubDate>Sun, 25 Sep 2022 21:39:20 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के लिए आज होगा कांग्रेस पार्टी में मंथन, राहुल गांधी, सोनिया-गहलोत संग आज करेंगे बैठक]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) अब केरल के त्रिशूर पहुंच चुकी है. हालांकि, आज इस यात्रा में आराम का दिन है और इस बीच राहुल गांधी (Rahul Gandhi) दिल्ली आ गए हैं. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी आज (23 सितंबर) सोनिया गांधी और प्रियंका के साथ बैठक करेंगे. बैठक में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) भी शामिल होंगे.  बताया जा रहा है कि राहुल गांधी और अशोक गहलोत एक ही चार्टर प्लेन से दिल्ली आए हैं.</p>
<p><strong>राजस्थान के नए मुख्यमंत्री पर लग सकती है मुहर</strong></p>
<p>राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और अशोक गहलोत के साथ होने वाली बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि राजस्थान की कमान किसे सौंपी जाए, क्योंकि अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) कांग्रेस के अगले अध्यक्ष की रेस में हैं. सूत्रों के अनुसार, आज की बैठक में राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है.</p>
<p><strong>क्या सचिन पायलट बनेंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री?</strong></p>
<p>राजस्थान के पंचायती राज और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राजेंद्र गुढा (Rajendra Guda) ने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने की स्थिति में यदि सचिन पायलट (Sachin Pilot) को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो वह और अन्य पांच विधायक विरोध नहीं करेंगे. गुढा उन छह विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने बसपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी.</p>
<p><strong>गहलोत के करीबी माने जाते हैं राजेंद्र गुढा</strong></p>
<p>राजेंद्र गुढा (Rajendra Guda) मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के करीबी माने जाते हैं. हालांकि, गुढा ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में अपना रुख साफ करते हुए संकेत दिए हैं कि वे किसी चेहरे के साथ नहीं है. गुढा ने कहा, 'कांग्रेस के हमारे नेता.. सोनिया जी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जो फैसला करेंगे उसको सारे लोग स्वीकार करेंगे.. और इसमें किन्तु-परन्तु की कोई बात नहीं है.'</p>
<p><strong>आलाकमान का फैसला मंजूर होगा : मंत्री राजेंद्र गुढा</strong></p>
<p>राजेंद्र गुढा (Rajendra Guda) ने जयपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'हम सभी छह विधायक आज कांग्रेसी हैं.. कांग्रेस के सदस्य हैं और विधानसभा में भी कांग्रेस के सदस्य हैं, तो जो भी सोनिया जी, राहुल जी, प्रियंका जी फैसला करेंगे.. हम उस फैसले का स्वागत करेंगे.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/today-there-will-be-a-brainstorming-in-the-congress-party-for-the-new-chief-minister-of-rajasthan-wi						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 23 Sep 2022 11:45:32 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[शिवाजी पार्क में ही दशहरा रैली करने को लेकर उद्धव और शिंदे गुट आमने-सामने]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के नेतृत्व वाली शिवसेना (Shiv Sena) ने मंगलवार को दो टूक कहा कि वह पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान में करेगी, भले ही ब्रहनमुंबई नगर निगम (BMC) इसके लिए अपनी मंजूरी दे या नहीं। मुंबई के पूर्व महापौर मिलिंद वैद्य के नेतृत्व में शिवसेना नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर निकाय के अधिकारियों से मुलाकात की और रैली आयोजित करने की अनुमति के लिए उनके आवेदन की वस्तुस्थिति के बारे में जानकारी मांगी।</p>
<p><strong>दशहरा रैली के लिए शिवाजी पार्क में इकट्ठा होंगे बाला साहेब के शिवसेना कार्यकर्ता</strong></p>
<p>मिलिंद वैद्य ने कहा कि प्रशासन को या तो हमें अनुमति देनी होगी या मना कर देना चाहिए। स्थिति साफ तो करनी ही चाहिए। वैसे हम शिवाजी पार्क में रैली करने के लिए अपने फैसले पर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमें जवाब नहीं मिला तो बाला साहेब के शिवसेना कार्यकर्ता दशहरा रैली के लिए शिवाजी पार्क में इकट्ठा होंगे। ठाकरे के नेतृत्व वाले धड़े और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुट दोनों ने ही मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क में दशहरा रैली आयोजित करने की अनुमति मांगी है। शिवसेना अपनी स्थापना के समय से ही शिवाजी पार्क पर दशहरा रैली करती आ रही है।</p>
<p><strong>शिंदे गुट ने भी शिवसेना के पारंपरिक रैली स्थल शिवाजी पार्क का दावा नहीं छोड़ा नहीं </strong></p>
<p>बीएमसी ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया है। दोनों गुटों ने विकल्प के रूप में बांद्रा कुर्ला कांप्लैक्स (बीकेसी) के एमएमआरडीए मैदान में रैली करने की अनुमति के लिए भी आवेदन किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को बांद्रा कुर्ला कांप्लैक्स (बीकेसी) मैदान में दशहरा रैली करने की अनुमति मिल गई है, लेकिन उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को अभी तक किसी मैदान की अनुमति नहीं मिली है। शिंदे गुट ने भी शिवसेना के पारंपरिक रैली स्थल शिवाजी पार्क का दावा भी अभी छोड़ा नहीं है। </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/uddhav-and-shinde-faction-face-to-face-for-holding-dussehra-rally-in-shivaji-park-itself						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/uddhav-and-shinde-faction-face-to-face-for-holding-dussehra-rally-in-shivaji-park-itself</guid>
					<pubDate>Wed, 21 Sep 2022 10:02:28 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA['आप' ने गुजरात में भाजपा और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला, कहा भाजपा हमसे डरी हुई है]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की ओर से आयोजित किए गए राष्ट्रीय जनप्रतिनिधि सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने भाजपा और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर भ्रष्टाचार से लड़ने के नाम पर आप को "कुचलने" की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को गुजरात चुनावों में हार का डर है। केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार उनकी पार्टी के मंत्रियों और नेताओं को भ्रष्टाचार के झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रही है क्योंकि भाजपा "आप की बढ़ती लोकप्रियता को पचा नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि ये लोग अमानतुल्लाह खान के बाद अब मनीष सिसोदिया और कैलाश गहलोत को भी पकड़ेंगे।</p>
<p><strong>'भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बड़ी-बड़ी पार्टियों से लड़ रही AAP'</strong></p>
<p>सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, "देश आजाद हुआ है मगर इन लोगों ने संविधान के चीथड़े उड़ा दिए। नवंबर माह में भारत का संविधान बना था और इसी नवंबर में दिल्ली में आम आदमी पार्टी बनी है। देश के 20 राज्यों में आज हमारे 1400 से अधिक प्रतिनिधि हैं। 10 साल में हमारी छोटी सी पार्टी बड़ी-बड़ी पार्टियों से भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लड़ रही है।</p>
<p>आप की चार बातें देश में लोगों को पसंद आ रही हैं और ये इन लोगों के गले नही उतर रही हैं। हमारी ईमानदारी, शिक्षा, स्वास्थ्य पर किए गए काम की पूरे देश में चर्चा हो रही है।"</p>
<p><strong>'आज दो किस्म की हो रही राजनीति'</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि ये कहते हैं कि फ्री की सुविधाएं जनता को नहीं मिलनी चाहिए। आज दो किस्म की राजनीति हो रही है। एक वह है जो अपना घर भरती है और दूसरी है जनता के लिए काम करती है। ये हमारी पार्टी को रोकना चाहते हैं। इनका मकसद है कि आप को कुचल दो। ये हमारे विधायक के पीछे पड़े हैं।</p>
<p><strong>संबोधन की खास बातें-</strong></p>
<p>सत्येंद्र जैन किसी अन्य देश में होते तो उन्हें भारत रत्न मिलता, मगर उन्हें जेल में उन्होंने डाला हुआ है। जज पूछ रहे हैं कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ कुछ सुबूत तो दे दो, मगर केंद्र सरकार यह कह रहे हैं कि जज बदल दो।</p>
<p>कल अमानतुल्लाह को पकड़ लिया गया। उनके यहां कुछ नही मिला तो अब कह रहे हैं कि अमानतुल्लाह के सहयोगी के यहां मिला है। जबकि अमानतुल्लाह का उससे कोई लेना देना नहीं है।</p>
<p>इन्होंने मनीष सिसोदिया के यहां छापा मारा, वहां कुछ नहीं मिला। ये आप के सभी विधायकों को जेल में डालेंगे। अभी सिसोदिया को भी पकड़ेंगे और कैलाश गहलोत को भी पकड़ेंगे।</p>
<p>सभी विधायकों को जेल जाने के लिए 3 से 4 माह की हिम्मत जुटा लेनी है। उसके बाद कुछ नहीं होगा। अभी सभी हिम्मत जुटा लो।</p>
<p>प्रधानमंत्री के सलाहकार हीरेन जोशी गुजरात में मीडिया के लोगों को धमकी दे रहे हैं कि आप को नहीं दिखाना है, उन्हे धमकी भरी गालियां लिखकर मैसेज कर रहे हैं। हमारी गुजरात में खबरें नहीं छप रही हैं।</p>
<p>वहां मीडिया चैनल वाले हमारे नेताओं को डिबेट में नहीं बुलाते हैं। उन्हें समझ लेना चाहिए कि जिस दिन किसी मीडिया वाले ने उनकी बातें इंटरनेट मीडिया पर डाल दीं तो मुंह दिखाने के लायक नहीं बचेंगे।</p>
<p>हमारी मुहिम में जुड़ने के किए हमारे मोबाइल नंबर पर 9510001000 मिस्ड काल दें। केजरीवाल ने कहा कि मेक इंडिया नंबर एक के लिए हमारे साथ आएं।</p>
<p>भाजपा देशभर में विधायकों को खरीद रही है। आपरेशन लोटस चलाया जा रहा है। इन्होंने अभी तक देश भर में 800 करोड़ खर्च कर विधायक खरीदे हैं, मगर हमारा एक विधायक नहीं खरीद पाए हैं।</p>
<p>सम्मेलन में राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने दो प्रस्ताव रखे। एक प्रस्ताव में भारत को दुनिया का नंबर एक देश बनाना है और दूसरा प्रस्ताव ऑपरेशन लोटस को सफल नहीं होने देना है।</p>
<p><strong>पंजाब में फेल हुआ BJP का ऑपरेशन लोटस- मंत्री हरपाल सिंह</strong></p>
<p>पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ऑपरेशन लोटस पर बात रखते हुए कहा कि ऑपरेशन लोटस को पंजाब में भी पहुंचाया गया, मगर वहां भी सफल नहीं हो सका है और इसे हम पंजाब में सफल नहीं देंगे। भाजपा देश के लिए खतरा बनी हुई है। सीबीआई और ईडी से डराकर विधायकों को खरीदा जा रहा है।</p>
<p>देश भर में इन्होंने ऑपरेशन लोटस सफल कर लिया, पंजाब में भी हमारे 10 विधायकों से भी संपर्क किया गया है। हमारी सरकार ने इस मामले में मोहाली में एक मुकदमा किया है। जल्द ही हम ऐसे लोगों को बेनकाब करेंगे।</p>
<p><strong>'भाजपा ने देश की हालत खराब की'</strong></p>
<p>पंजाब से कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि 2014 में देश में कांग्रेस के कीचड़ को देखते हुए जनता ने भाजपा को चुना और नरेन्द्र मोदी को चुना, लोगों को उम्मीद थी की अब कुछ सुधार होगा, मगर इन लोगों ने देश की हालत और खराब कर दी है। जहां इनकी सरकार नही बनती है, विधायकों को खरीद ले रहे हैं। मगर अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने इसे फेल कर दिया।</p>
<p>भाजपा ने पंजाब में 117 सीटों में से 2 सीटें जीती हैं, मगर अब पंजाब में विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। जिसमें कभी कामयाब नही होंगे। अरविंद केजरीवाल ने आज देश से भ्रष्टाचार का कीचड़ साफ करने के लिए झाड़ू उठा ली है। इसका खौफ भाजपा की आंखों में साफ दिखाई देता है।</p>
<p><strong>'गोवा में भाजपा को हुआ AAP की ताकत का अहसास'</strong></p>
<p>गोवा से विधायक बेंजी बेगस ने कहा कि भाजपा ने गोवा में ऑपरेशन लोटस चला कर कांग्रेस के 11 विधायकों में से आठ को अपनी पार्टी में शामिल करा लिया। मगर हमें नहीं छू पाए हैं और न ही छू पाएंगे। हम दो विधायकों ने गोवा की विधानसभा में भाजपा को आप की ताकत का अहसास कराया हुआ है।</p>
<p><strong>20 राज्यों से दिल्ली पहुंचे AAP नेता</strong></p>
<p>आप के राष्ट्रीय जनप्रतिनिधि सम्मेलन में 20 राज्यों से लगभग 1400 से अधिक जनप्रतिनिधि शामिल होने पहुंचे हैं। देश भर में आम आदमी पार्टी के चुने गए जनप्रतिनिधियों का यह पहला राष्ट्रीय जनप्रतिनिधि सम्मेलन है। सम्मेलन में देश भर में चुने आप के विधायक, राज्यसभा सांसद, पार्षद, जिला पंचायत सदस्य, चेयरमैन, मेयर, ब्लॉक प्रमुख समेत अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।</p>
<p><strong>पंजाब के मुख्यमंत्री नहीं हुए शामिल</strong></p>
<p>विदेश में होने के कारण पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इस सम्मेलन में शामिल नहीं हो सकेंगे। हालांकि पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा सम्मेलन में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से आप को मजबूत होने का संदेश जाएगा।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/aap-fiercely-attacked-bjp-and-central-government-in-gujarat-said-bjp-is-scared-of-us						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/aap-fiercely-attacked-bjp-and-central-government-in-gujarat-said-bjp-is-scared-of-us</guid>
					<pubDate>Mon, 19 Sep 2022 09:30:53 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[मोदी के जन्मदिन पर चीते लाकर छोड़ने पर अखिलेश यादव ने कसा तंज और कह दी ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के जन्मदिन पर आज नामीबिया (Namibia) से 8 चीते लाए गए. इन्हें मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में सुबह पीएम मोदी ने ही छोड़ा. कहा गया कि 70 साल बाद देश में चीतों का आगमन हुआ है. ऐसे में यह तो लगभग असंभव है कि पीएम मोदी कोई काम करें और सवाल न उठें. </p>
<p><strong>अखिलेश यादव ने कसा तंज</strong></p>
<p>इसे लेकर राजनीति भी होने लगी है. समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने चीतों का एक वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा है. वीडियो में दिख रहा है कि चीते पिंजरे में बंद है और उसकी आवाज सुनने को मिल रही है. ये आवाज बहुत हद तक बिल्ली से मिलती है. इसी को लेकर अखिलेश ने इस चीते के जरिए बीजेपी (BJP) पर तंज कसा और कहा कि 'सबको इंतज़ार था दहाड़ का… पर ये तो निकला बिल्ली मौसी के परिवार का.'</p>
<p><strong>सुबह से ही तंज कस रहे हैं सपा प्रमुख</strong></p>
<p>गौरतलब है कि जहां एक ओर कई नेताओं ने पीएम मोदी के जन्मदिन पर बधाई दी तो वहीं अखिलेश सुबह से चीतों के कदम की आलोचना करने में लगे हुए हैं. इससे पहले भी जब अखिलेश यादव ने एक कार्टून के जरिए लंपी वायरस से परेशान गायों की तुलना चीतों से करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा था. उन्होंने एक कार्टून को शेयर किया, जिसमें लिखा था अगले जन्म मोह गैया ना कीजो, मोहे चीता कीजो.</p>
<p><strong>लंपी से परेशान गायों की चीतों से की तुलना</strong></p>
<p>अखिलेश यादव ने इस कार्टून के जरिए देशभर में लंपी वायरस की वजह से गोवंश की हो रही मौत को लेकर सवाल उठाए. दरअसल यूपी समेत देश के  कई राज्यों में इस समय लंपी वायरस का कहर देखने को मिल रहा है. इसकी वजह से अब तक हजारों गायों की मौत हो चुकी हैं. जिसकी वजह से किसानों में काफी डर देखने को मिल रहा है. </p>
<p>उल्लेखनीय है कि इन दोनों ट्वीट्स के बीच में अखिलेश ने भी प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई दी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/akhilesh-yadav-took-a-jibe-at-modis-birthday-after-leaving-him-with-a-cheetah-and-said-this-thing						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/akhilesh-yadav-took-a-jibe-at-modis-birthday-after-leaving-him-with-a-cheetah-and-said-this-thing</guid>
					<pubDate>Sun, 18 Sep 2022 00:08:39 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA['भारत जोड़ो यात्रा' के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जबरन वसूली के आरोप लगे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) निकाली जा रही है। इस यात्रा का आगाज खोई सियासी जमीन को तलाश करने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के मकसद से हुआ है। हालांकि, यात्रा के साथ नए-नए विवाद भी जुड़ रहे हैं। दरअसल, केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जबरन वसूली के आरोप लगे हैं।</p>
<p>कोल्लम जिले में एक सब्जी दुकानदार ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर धमकाने का आरोप लगाया है। सब्जी दुकानदार का आरोप है कि कोल्लम में भारत जोड़ो अभियान के लिए कांग्रेस फंड इकट्ठा कर रही है। इसके तहत दो हजार रुपये मांगे गए थे। पैसे ना देने पर उसके साथ मारपीट की गई। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है।</p>
<p><strong>सब्जी दुकानदार ने लगाए गंभीर आरोप</strong></p>
<p>सब्जी दुकानदार ने बताया, 'कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक दल मेरी दुकान पर आया और भारत जोड़ो यात्रा के लिए चंदा मांगने लगा। मैंने 500 रुपये दिए, लेकिन वे लोग 2 हजार रुपये मांगने लगे। पैसे ना देने पर उन्होंने मेरा तराजू और सब्जियां फेंक दी।'</p>
<p><strong>तीन कार्यकर्ता निलंबित</strong></p>
<p>वहीं, वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई हुई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सुधाकरन ने सब्जीवालों से मारपीट के चलते तीन कार्यकर्ताओं पार्टी से निलंबित कर दिया है। उन्होंने इसको लेकर एक ट्वीट भी किया है।</p>
<p><strong>कोल्लम से शुरू हुआ यात्रा का दूसरा चरण</strong></p>
<p>बता दें कि भारत जोड़ो यात्रा का दूसरा चरण केरल के कोल्लम जिले से शुक्रवार को शुरू हुआ। यात्रा में केरल के विपक्ष के नेता वीडी सतीशन, महासचिव केसी वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीताला, के मुरलीधरन, एनके प्रेमचंद्रन शामिल हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी जिले के नींदकारा में यात्रा के ठहराव के दौरान कार्यकर्ताओं, उद्यमियों और पार्टी सहयोगियों के साथ बातचीत करेंगे।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/congress-workers-accused-of-extortion-for-bharat-jodo-yatra						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/congress-workers-accused-of-extortion-for-bharat-jodo-yatra</guid>
					<pubDate>Sat, 17 Sep 2022 01:23:44 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात में 'आप' का बड़ा दांव, राघव देंगे बीजेपी को बड़ा घाव]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत के अहम सूत्रधार और सह-प्रभारी रहे राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को गुजरात में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. बता दें कि राघव चड्ढा युवाओं के बीच खास लोकप्रिय हैं. वो इससे पहले भी दिल्ली और पंजाब में अहम पदों पर काम कर चुके हैं. </p>
<p><strong>गुजरात में AAP खेलने जा रही बड़ा दांव</strong></p>
<p>गौरतलब है कि राघव चड्ढा कुशल राजनीतिज्ञ और प्रशासक माने जाते हैं. राघव की एंट्री के बाद गुजरात के शहरी और ग्रामीण इलाकों और युवाओं के बीच आम आदमी पार्टी जोर-शोर से उतरने की तैयारी में है.</p>
<p><strong>गुजरात को ऐसे नेता की जरूरत</strong></p>
<p>सूत्रों का कहना है कि गुजरात में आम आदमी पार्टी का अच्छा फीडबैक मिल रहा है. गुजरात के लोग ऐसे भरोसेमंद चेहरे पर विश्वास जताना चाहते हैं, जो खुद में सक्षम हो, न कि बाकी पार्टियों के रिमोट कंट्रोल्ड नेताओं की तरह इशारों पर चलते हों.</p>
<p><strong>गुजरात में सक्रिय हैं राघव चड्ढा</strong></p>
<p>राघव चड्ढा लगातार गुजरात में ऐक्टिव हैं और ट्विटर पर भी वो लगातार सक्रिय है. वह बीच-बीच में गुजरात का दौरा कर रहे हैं और चुनाव को लेकर बैठकें भी कर रहे हैं. वह पंद्रह दिन पहले भी गुजरात पहुंचे थे और उन्होंने बीजेपी पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि विधानसभा चुनाव में लड़ाई भारतीय जनता पार्टी के 'फर्जी गुजरात मॉडल' और 'केजरीवाल के असली शासन मॉडल' के बीच होगी.</p>
<p><strong>गुजरात भाजपा पर हमलावर</strong></p>
<p>इससे पहले गुजरात आप महासचिव मनोज सोराठिया पर सूरत में करीब 10 लोगों के एक समूह ने कथित रूप से हमला किया था. तब राघव चड्ढा ने बीजेपी को निशाने पर लिया था. वह लगातार गुजरात के हालात पर नजर बनाए हैं और गुजरात को लेकर ट्वीट भी कर रहे हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/aaps-big-bet-in-gujarat-raghav-will-give-big-wound-to-bjp						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/aaps-big-bet-in-gujarat-raghav-will-give-big-wound-to-bjp</guid>
					<pubDate>Fri, 16 Sep 2022 01:48:08 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[हिंदी में लोगों को संबोधित करने में मुझे कंपकंपी होती है....वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि हिंदी बोलने से उन्हें कंपकंपी छूट जाती है और वह झिझक के साथ भाषा बोलती हैं. एक कार्यक्रम में निर्मला सीतारमण ने एक पूर्व वक्ता की घोषणा का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका (सीतारमण का) संबोधन हिंदी में होगा. जिन परिस्थितियों के कारण यह स्थिति बनी उनका जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, हिंदी में लोगों को संबोधित करने से मुझे कंपकंपी होती है, </p>
<p><strong>'हिंदी के खिलाफ हिंसक विरोध भी देखा'</strong></p>
<p>निर्मला सीतारमण ने कहा कि वह तमिलनाडु में पैदा हुईं और हिंदी के खिलाफ आंदोलन के बीच कॉलेज में पढ़ीं तथा हिंदी के खिलाफ हिंसक विरोध भी देखा. केंद्रीय कैबिनेट मंत्री ने दावा किया कि हिंदी या संस्कृत को दूसरी भाषा के रूप में चुनने वाले छात्रों, यहां तक कि मेधा सूची में आने वाले छात्रों को भी राज्य सरकार द्वारा उनकी पसंद की भाषा के कारण छात्रवृत्ति नहीं मिली.</p>
<p>उन्होंने कहा कि वयस्क होने के बाद एक व्यक्ति के लिए एक नई भाषा सीखना मुश्किल है, लेकिन वह अपने पति की मातृभाषा तेलुगु सीख सकीं, लेकिन पिछली घटनाओं के कारण हिंदी नहीं सीख पाईं. उन्होंने स्वीकार किया , मैं बेहद संकोच के साथ हिंदी बोलती हूं. उन्होंने माना कि इससे वह जिस प्रवाह से बोल सकती थीं वह प्रभावित होता है.</p>
<p>वित्त मंत्री ने हालांकि हिंदी में ही अपना भाषण दिया जो 35 मिनट से अधिक समय तक चला.निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत पहले ही दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थान हासिल कर सकता था, लेकिन समाजवाद के आयातित दर्शन के चलते ऐसा नहीं हो सका जो केंद्रीकृत योजना पर निर्भर था. </p>
<p>उन्होंने 1991 की तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों को आधे-अधूरे सुधार करार दिया, जहां अर्थव्यवस्था सही तरीके से नहीं बल्कि आईएमएफ द्वारा लगाई गई सख्ती के अनुसार खोली गई थी. उन्होंने कहा, जब तक भाजपा के अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री पद ग्रहण नहीं किया तब तक कोई प्रगति नहीं हुई और बुनियादी ढांचे के निर्माण, सड़कों और मोबाइल टेलीफोन पर उनके द्वारा दिये गये ध्यान ने हमें बहुत मदद की.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/i-shudder-to-address-people-in-hindifinance-minister-nirmala-sitharaman						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/i-shudder-to-address-people-in-hindifinance-minister-nirmala-sitharaman</guid>
					<pubDate>Fri, 16 Sep 2022 01:26:06 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भारत जोड़ो यात्रा में बच्चों के राजनीतिक दुरुपयोग के मामले में पार्टी और नेता राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने चुनाव आयोग से कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' में 'बच्चों का कथित रूप से राजनीतिक साधन के रूप में दुरुपयोग करने' के मामले में पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई तथा जांच करने को कहा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी और जवाहर बाल मंच राजनीतिक मंशा से बच्चों को लक्षित कर रहे हैं और उन्हें राजनीतिक गतिविधियों में शामिल कर रहे हैं।</p>
<p><strong>NCPCR ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा</strong></p>
<p>आयोग ने अनुसार शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 'इंटरनेट मीडिया पर कई तकलीफदेह तस्वीरें और वीडियो हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि 'भारत जोड़ो, बच्चे जोड़ो' नारे के तहत बच्चों को लक्षित किया जा रहा है और राजनीतिक एजेंडे के साथ बच्चों को उनके अभियान में शामिल कराया जा रहा है।' एनसीपीसीआर ने कहा है कि यह चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है, जिनमें कहा गया है कि केवल वयस्क ही किसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा हो सकते हैं।</p>
<p><strong>राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के साधन के रूप में बच्चों के इस्तेमाल को बाल शोषण बताया</strong></p>
<p>आयोग ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा है, 'यह बाल अधिकारों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन है। राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के साधन के रूप में बच्चों का इस्तेमाल बाल शोषण है जिसका उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है और यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के खिलाफ है।' आयोग ने पत्र में आगे लिखा है, 'इसलिए आपसे अनुरोध है कि इस मामले को देखें तथा घटनाक्रम की पूरी पड़ताल करें और शिकायत में जिस राजनीतिक दल और उसके सदस्यों का उल्लेख किया गया है उनके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाए।'कांग्रेस की कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यह भारत जोड़ो यात्रा सात सितबंर को शुरू हुई थी।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/complaint-against-party-and-leader-rahul-gandhi-in-the-case-of-political-abuse-of-children-in-bharat						]]>
					</link>
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					<pubDate>Wed, 14 Sep 2022 01:01:29 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भाजपा का पलटवार: अरुणाचल और मणिपुर के बाद अब दमन और दीव में जदयू की पूरी इकाई भाजपा में शामिल हुई]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जनता दल-यूनाइटेड (JDU) को एक और झटका दिया है।नीतीश कुमार की पार्टी की दमन और दीव इकाई का सोमवार को भाजपा में विलय हो गया। दमन और दीव के जदयू के 17 जिला पंचायत सदस्यों में से 15 और राज्य जदयू की पूरी इकाई आज भाजपा में शामिल हो गई। नेताओं ने यह कदम नीतीश कुमार के भाजपा छोड़ने के फैसले के खिलाफ उठाया है।</p>
<p><strong>भाजपा का कटाक्ष- बाहुबली चुनने का असर</strong></p>
<p>भाजपा ने ट्वीट कर निशाना साधा कि बिहार में हमने विकास को गति दी थी लेकिन जेडीयू ने 'बाहुबली' को चुना, जिससे उन्हीं के नेता अब नाराज हैं। ट्वीट के जरिए भाजपा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जेडीयू ने राजद के साथ जाकर बाहुबलियों का साथ दिया है, वहीं भाजपा राज्य का विकास कर रही थी।</p>
<p><strong>अरुणाचल और मणिपुर में पहले ही लग चुका झटका</strong></p>
<p>कुछ दिनों पहले ही अरुणाचल प्रदेश में जदयू के एक बड़े विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे और हाल ही में मणिपुर के 7 में से 5 विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया था। जनता दल (यूनाइटेड) के पांच विधायकों का पिछले सप्ताह भाजपा पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा की उपस्थिति में सत्तारूढ़ दल भाजपा में विलय हो गया था। मणिपुर विधानसभा सचिवालय के एक बयान के अनुसार, ख. जायकिशन सिंह, नगुरसंगलूर सनाटे, मोहम्मद अचब उद्दीन, थंगजाम अरुणकुमार और एलएम खौटे सत्तारूढ़ दल भाजपा में शामिल हो गए हैं।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/bjps-counterattack-after-arunachal-and-manipur-now-the-entire-unit-of-jdu-in-daman-and-diu-joined-th						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/bjps-counterattack-after-arunachal-and-manipur-now-the-entire-unit-of-jdu-in-daman-and-diu-joined-th</guid>
					<pubDate>Tue, 13 Sep 2022 09:21:57 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[शिवसेना ने किया दावा कि गोधरा केस में शरद पवार की वजह से अमित शाह को जमानत मिल पाई थी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>शिवसेना (Shiv Sena) ने अपने मुखपत्र सामना (Saamana) में संपादकीय (Editorial)  के माध्यम से हाल ही में हुए केंद्र गृह मंत्री अमित शाह  (Amit Shah) के मुंबई (Mumbai) दौरे की आलोचना की है. संपादकीय में कहा कि अमित शाह ‘मिशन मुंबई’ के लिहाज से मुंबई पहुंचे थे ना की गणपति बप्पा के दर्शन के लिए. बीजेपी और शाह पर निशाना साधते हुए लेख कहता है, 'आज भाजपा (BJP) महाराष्ट्र (Maharashtra) से उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और शरद पवार (Sharad Pawar) के नाम को मिटाना चाहती है लेकिन यही अमित शाह और मोदी भूल रहे हैं की कैसे गोधरा कांड के दौरान शरद पवार ने उनकी मदद की थी.'</p>
<p><strong>‘अमित शाह का महाराष्ट्र का कृतज्ञ होना चाहिए’</strong></p>
<p>संपादकीय में कहा गया, 'अमित शाह बार-बार शिवसेना के संदर्भ में जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. यह उनके मन में महाराष्ट्र के प्रति नफरत को दर्शाता है. वास्तव में तो उन्हें महाराष्ट्र और मराठी लोगों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए. केंद्र की ‘यूपीए’ सरकार जब मोदी और अमित शाह के पीछे हाथ धोकर पड़ी थी तो उस दौरान मोदी और पवार के बीच बेहत संवाद होने की वजह से अमित शाह को गोधरा कांड के एक मामले में जमानत मिली थी.'</p>
<p>संपादकीय में आगे लिखा- 'यह कोई रहस्योद्घाटन नहीं, बल्कि सच्चाई है. एक और मामले में बालासाहेब ने अमित शाह की मदद के लिए 'सरकार' की तरह काम किया. सिर्फ संजय राउत ही इसके बारे में ज्यादा लिख सकते हैं. शरद पवार और उद्धव ठाकरे इसके बारे में ज्यादा बता सकते हैं.'</p>
<p><strong>‘ठाकरे परिवार को बदनाम करने की मची है होड़’</strong></p>
<p>शिवसेना मुखपत्र में कहा गया, 'वर्तमान में शिवसेना और ठाकरे परिवार को बदनाम करने की होड़ मची है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गणपति दर्शन के लिए मुंबई में आए और उन्होंने शिवसेना के प्रति नफरत का प्रदर्शन किया, जिसे संपूर्ण महाराष्ट्र ने देखा. मुंबई में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के समक्ष उन्होंने बंद कमरे में भाषण दिया, जो कि सार्वजनिक हो गया..'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/shiv-sena-claims-amit-shah-got-bail-because-of-sharad-pawar-in-godhra-case						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/shiv-sena-claims-amit-shah-got-bail-because-of-sharad-pawar-in-godhra-case</guid>
					<pubDate>Sun, 11 Sep 2022 21:17:51 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस में एक और टूट का खतरा, पार्टी के कई विधायक दे सकते हैं दगा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>'दोहरे इंजन वाली राजनीतिक ट्रेन' को पकड़ने के दो असफल प्रयासों के साथ गोवा में कांग्रेस के विधायकों (Goa Congress MLA's) ने एक बार फिर से पाला बदलने में दिलचस्पी दिखाई है. कहा जा रहा है कि पार्टी के कई विधायकों ने अभी अपनी उम्मीद नहीं छोड़ी है. इससे पहले दोनों मौकों पर उन्होंने कथित तौर पर सत्तारूढ़ बीजेपी (BJP) में शामिल होने का फैसला तो कर किया, लेकिन इसके लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सके.</p>
<p><strong>गोवा कांग्रेस में पहले भी हो चुकी है टूट</strong></p>
<p>10 जुलाई, 2019 को बीजेपी सरकार के अंतिम कार्यकाल के दौरान विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर के साथ कांग्रेस के 10 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे. हालांकि कावलेकर और छह अन्य राजनेता फरवरी 2022 में हुए विधानसभा चुनाव हार गए. जैसा कि वरिष्ठों द्वारा पार्टियों को बदलने का उदाहरण स्थापित किया गया था. वहीं 2022 में चुने गए नए चेहरों के साथ कांग्रेस के कुछ पुराने चेहरों ने 10 जुलाई 2022 को दलबदल का प्रयास किया था.</p>
<p><strong>आठवें विधायक की तलाश जारी!</strong></p>
<p>इन विधायकों का 'दलबदल' मोड में एक और कदम भी गणेश चतुर्थी के दौरान विफल हो गया, क्योंकि वो अपने लिए उस 'आठवें' विधायक का इंतजाम नहीं कर सके, जिसका होना बहुत जरूरी था. आपको बता दें कि 40 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 11 विधायक हैं और दो-तिहाई बहुमत के लिए 8 विधायकों की जरूरत है. कांग्रेस के एक केंद्रीय नेता ने आईएएनएस से कहा कि संख्या की कमी के कारण उनका दूसरा प्रयास भी विफल रहा.</p>
<p><strong>बीजेपी नेता चाहते हैं कि न टूटे कांग्रेस</strong></p>
<p>दिलचस्प बात यह है कि न केवल कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि पाला बदलने के मूड में एकदम तैयार बैठे ये कथित बागी विधायक पार्टी में बने रहें, बल्कि बीजेपी के कुछ मंत्री भी ऐसा ही चाहते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि नए लोगों को समायोजित करने के लिए उन्हें कैबिनेट से हटाया जा सकता है.</p>
<p><strong>दिगंबर कामत और माइकल लोबो का दिल्ली दौरा</strong></p>
<p>हाल ही में, ऐसी खबरें आई थीं कि कांग्रेस विधायक दिगंबर कामत और माइकल लोबो, जिनके खिलाफ पार्टी ने पार्टी को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए अयोग्यता नोटिस दिया है और वे बीजेपी नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली में थे. हालांकि, दोनों ने इसका खंडन करते किया.</p>
<p>9 जुलाई, 2022 को इन अटकलों के बीच कि कांग्रेस के कुछ विधायक दिल्ली में डेरा डाले हुए थे और बीजेपी नेताओं के साथ अपने पाले में शामिल होने के लिए बातचीत कर रहे थे, कांग्रेस गोवा डेस्क के प्रभारी दिनेश गुंडू राव ने कहा था कि वे सिर्फ अफवाहें थीं.</p>
<p>दिनेश गुंडू राव ने 10 जुलाई को दावा किया था कि बीजेपी कांग्रेस में दो-तिहाई विभाजन की कोशिश कर रही है. इसको लेकर राव ने कहा, 'बड़ी रकम की पेशकश के बावजूद, हमारे छह विधायक डटे हुए हैं. मुझे उन पर गर्व है. बीजेपी कांग्रेस में दो-तिहाई विभाजन की कोशिश कर रही थी, इसलिए कम से कम 8 विधायकों को पार्टी छोड़नी पड़ी.'</p>
<p><strong>गोवा बीजेपी ने खारिज किए आरोप</strong></p>
<p>गोवा में 11 जुलाई को बीजेपी इकाई ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था कि वे कांग्रेस विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, बीजेपी के गोवा डेस्क प्रभारी सी.टी रवि ने 28 मई को कहा था कि विपक्ष के पांच विधायक सत्ताधारी पक्ष में शामिल होने के इच्छुक हैं.</p>
<p>कांग्रेस ने 11 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत और माइकल लोबो के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए विधानसभा अध्यक्ष के पास अयोग्यता याचिका भी दायर की थी. यह बताता है कि कांग्रेस खेमे में 'सब ठीक नहीं है' और उन्हें उन विधायकों पर कोई भरोसा नहीं है जिन्हें वे 'दलबदलू' के रूप में देखते हैं. वहीं दिनेश गुंडू राव के साथ कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक के 11 या 12 सितंबर को विपक्ष के नेता का चयन करने और राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए गोवा आने की संभावना है. वे भविष्य में अपने विधायकों को 'डबल इंजन' ट्रेन में चढ़ने से भी रोकेंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/there-is-a-danger-of-another-breakdown-in-the-congress-many-party-mlas-can-give-up						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/there-is-a-danger-of-another-breakdown-in-the-congress-many-party-mlas-can-give-up</guid>
					<pubDate>Sun, 11 Sep 2022 20:26:16 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद 10 दिन में करेंगे नई पार्टी का ऐलान, ऐसी होगी उनकी नई पार्टी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हाल में कांग्रेस छोड़ने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने रविवार को कहा कि वह 10 दिन के भीतर अपनी नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा करेंगे और जोर दिया कि इसकी विचारधारा ‘आजाद’ होगी. जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नए राजनीतिक दल का एजेंडा जम्मू कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली और लोगों की नौकरी तथा भूमि अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा.</p>
<p><strong>10 दिन में होगा ऐलान</strong></p>
<p>आजाद ने 26 अगस्त को कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कश्मीर घाटी में अपनी पहली जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं अपने सहयोगियों को धन्यवाद देता हूं, जो मेरे साथ खड़े हैं और मेरी नई पार्टी का आधार हैं, जिसकी घोषणा अगले 10 दिन के भीतर की जाएगी.’</p>
<p>उत्तरी कश्मीर के बारामूला में डाक बंगला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आजाद ने कहा कि उनकी नई पार्टी अपने नाम की तरह अपनी विचारधारा और सोच में ‘आजाद’ होगी. उन्होंने कहा, ‘मेरी पार्टी आजाद होगी. मेरे कई सहयोगियों ने कहा कि हमें पार्टी का नाम आजाद रखना चाहिए. लेकिन, मैंने कहा कभी नहीं. लेकिन, इसकी विचारधारा स्वतंत्र होगी, जो किसी अन्य में शामिल या विलय नहीं होगी. ऐसा मेरी मृत्यु के बाद हो सकता है, लेकिन तब तक नहीं.’</p>
<p><strong>बताया नई पार्टी का एजेंडा</strong></p>
<p>आजाद ने कहा कि जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने और लोगों की नौकरी और भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने पर जोर दिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘मेरी पार्टी विकासोन्मुखी होगी. इसका एजेंडा लोगों को रोजगार के अवसर प्रदन करना होगा.’ आजाद (73) ने कहा कि वह किसी भी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं हैं, चाहे वह राष्ट्रीय हो या क्षेत्रीय. उन्होंने कहा, ‘विभिन्न दलों में कई लोग मेरे दोस्त हैं.’</p>
<p><strong>आजाद ने तोड़ा था कांग्रेस से नाता</strong></p>
<p>बता दें कि आजाद ने 26 अगस्त को कांग्रेस के साथ अपने पांच दशक लंबे संबंध को तोड़ते हुए कहा कि पार्टी ‘पूरी तरह खत्म हो चुकी है.’ उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर पार्टी के पूरे परामर्श तंत्र को ‘ध्वस्त’ करने का आरोप लगाया था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/former-union-minister-ghulam-nabi-azad-will-announce-new-party-in-10-days-this-will-be-his-new-party						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/former-union-minister-ghulam-nabi-azad-will-announce-new-party-in-10-days-this-will-be-his-new-party</guid>
					<pubDate>Sun, 11 Sep 2022 20:15:32 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[देश चलने के लिए असदुद्दीन ओवैसी को चाहिए एक कमजोर प्रधानमंत्री]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने भाजपा (BJP) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि भारत को अब एक कमजोर प्रधानमंत्री की जरूरत है। हमने एक शक्तिशाली प्रधानमंत्री देखा है, अब हमें एक कमजोर पीएम की जरूरत है ताकि वह कमजोरों की मदद कर सके। एक शक्तिशाली पीएम केवल शक्तिशाली की मदद कर रहा है। देश को एक 'खिचड़ी' (बहुदलीय) सरकार की भी जरूरत है।'</p>
<p><strong>'306 सांसद, फिर भी कहते हैं सिस्टम काम नहीं करने देता'</strong></p>
<p>एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी (AIMIM Chief Owaisi) ने आगे कहा, 'भाजपा के पास करीब 306 सांसद हैं, लेकिन पीएम अब भी शिकायत करते हैं कि सिस्टम उन्हें काम नहीं करने देता... गरीबों, किसानों और युवाओं की मदद करने के लिए आप और क्या ताकत चाहते हैं? बेहतर होगा कि एक 'खिचड़ी' सरकार बने और एक कमजोर पीएम सत्ता में आए, ताकि देश के गरीबों को फायदा हो सके।'</p>
<p><strong>'देश उन्हें देख रहा है'</strong></p>
<p>ओवैसी ने कहा, 'जब हम अल्पसंख्यक समुदायों के विकास और उनके लिए न्याय की बात करते हैं, तो हमारे खिलाफ बकवास की जाती है। यह एक तरह से पाखंड है कि आज धर्मनिरपेक्षता के विशेषज्ञ के रूप में पेश करने वाले तय करेंगे कि कौन धर्मनिरपेक्ष है और कौन साम्प्रदायिक। देश उन्हें देख रहा है।'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/asaduddin-owaisi-needs-a-weak-pm-to-run-the-country						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/asaduddin-owaisi-needs-a-weak-pm-to-run-the-country</guid>
					<pubDate>Sun, 11 Sep 2022 12:22:17 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष: राहुल गांधी ने लिया अंतिम फैसला जल्द ही इसका ऐलान करेंगे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कई दिनों से अटकलों का बाजार गर्म है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चुनाव लड़ने को लेकर अभी तक संशय बना हुआ है। इस बीच आज राहुल ने खुद बताया है कि उन्होंने पार्टी के अगले अध्यक्ष बनने को लेकर अपना फैसला कर लिया है और वह जल्द ही इसका ऐलान भी करेंगे। राहुल ने कहा कि वे चुनाव होने पर ही इसका जवाब देंगे।</p>
<p><strong>राहुल बोले- फैसला ले चुका हूं</strong></p>
<p>भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल से इसके संबंध में जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैंने अपना फैसला कर लिया है, मैं बहुत स्पष्ट हूं और जब कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव होगा तो मैं जवाब दूंगा।' राहुल ने संवाददाताओं से कहा कि जल्द बहुत स्पष्ट हो जाएगा कि पार्टी चुनाव होंगे तो मैं अध्यक्ष बनूंगा या नहीं। कृपया उस दिन की प्रतीक्षा करें।" बता दें कि राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 2019 में पद से इस्तीफा दे दिया था। </p>
<p><strong>अशोक गहलोत भी रेस में</strong></p>
<p>राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे गिने जा रहे हैं।हालांकि गहलोत हर बार चुनाव लड़ने को मना करते रहे हैं। अशोक गहलोत का कहना है कि कांग्रेस के ज्यादातर नेता राहुल को ही अध्यक्ष बनता देखना चाहते हैं। </p>
<p><strong>चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं राहुल!</strong></p>
<p>कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष पद संभालने की पैरवी की है। हालांकि राहुल शुरुआत से ही अध्यक्ष बनने के इच्छुक नहीं हैं। राहुल गैर गांधी परिवार से कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने पर अड़े हैं।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/kaun-banega-congress-president-rahul-gandhi-took-the-final-decision-will-announce-it-soon						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/kaun-banega-congress-president-rahul-gandhi-took-the-final-decision-will-announce-it-soon</guid>
					<pubDate>Sat, 10 Sep 2022 11:07:50 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर चिंता, मधुसूदन मिस्त्री को लिखा पत्र]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर चिंता जाहिर करते हुए पार्टी के पांच सांसदों ने पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री को एक संयुक्त पत्र लिखा है। इन्होंने अध्यक्ष का चुनाव करने वाले प्रदेश निर्वाचक मंडल के प्रतिनिधियों की सूची साझा करने की मांग उठाई है। इन सांसदों में असंतुष्ट खेमे के 23 सदस्यों में शामिल शशि थरूर और मनीष तिवारी के साथ कार्ति चिदंबरम भी शामिल हैं।</p>
<p>कांग्रेस के लिए परेशानी की बात यह है कि इन सांसदों ने यह मुद्दा ऐसे समय उठाया है जब राहुल गांधी पार्टी के मौजूदा राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं। समझा जाता है कि कांग्रेस के इन नेताओं ने मधुसूदन मिस्त्री को यह चिट्ठी भारत जोड़ो यात्रा से ठीक एक दिन पहले लिखी और शुक्रवार देर शाम पार्टी के सियासी गलियारों से इसका मजमून सामने आया।</p>
<p><strong>हमारी मांग को किया जा रहा है गलत तरीके से पेश</strong></p>
<p>थरूर, मनीष के साथ इस साझा पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में असम के दो लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई और अब्दुल खालिक शामिल हैं। हालांकि पहले कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के सभी 9,000 से अधिक निर्वाचक मंडल की सूची सार्वजनिक रूप से जारी करने की मांग उठाने के बाद अब प्रदेश निर्वाचक मंडल की सूची मुहैया कराए जाने की मांग अपेक्षाकृत नरम है।</p>
<p>इनका कहना है कि यदि सूची को सार्वजनिक होने से विरोधी इसका दुरुपयोग कर सकते हैं तो इसे पार्टी में अंदरूनी तौर पर मुहैया कराया जाना चाहिए। बता दें कि मिस्त्री ने कहा था कि संगठन चुनाव पार्टी का आंतरिक मामला है और सूची सार्वजनिक होने पर विरोधी उन तक पहुंचने का प्रयास कर सकते हैं और ऐसे में निर्वाचक मतदाता सूची का दुरुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रदेश कांग्रेस कार्यालयों में यह सूची मौजूद है और जिसे वहां जाकर देखा जा सकता है। </p>
<p>मिस्त्री को लिखे उनके पत्र में कहा गया है कि हमारा पक्‍का मत है कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रतिनिधियों की एक सूची प्रदान करनी चाहिए जो निर्वाचक मंडल बनाते हैं।</p>
<p><strong>मतदाता सूची उपलब्‍ध कराई जाए</strong></p>
<p>सांसदों ने कहा कि यह सूची उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि कौन उम्मीदवार नामित करने का हकदार है और कौन वोट देने का हकदार है। उन्होंने कहा कि यदि सीईए को सार्वजनिक रूप से मतदाता सूची जारी करने के संबंध में कोई चिंता है, तो उसे सभी मतदाताओं और संभावित उम्मीदवारों के साथ इस जानकारी को सुरक्षित रूप से साझा करने के लिए एक तंत्र स्थापित करना चाहिए।</p>
<p>देश भर में मतदाता सूची को सत्यापित करने के लिए निर्वाचकों और उम्मीदवारों से सभी 28 पीसीसी और 9 केंद्र शासित प्रदेशों की इकाइयों में जाने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। सांसदों ने कहा कि यह चुनाव प्रक्रिया से किसी भी तरह की अनुचित मनमानी को दूर करेगा।</p>
<p><strong>चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता के बारे में चिंतित</strong></p>
<p>पत्र में कहा गया है कि जब तक पारदर्शिता के बारे में हमारी चिंता की यह मांग पूरी होती है, इसके जरिये किसी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में एक अनिवार्य शर्त को पूरा किया जाएगा। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संसद सदस्य के रूप में, वे हमारी पार्टी के अध्यक्ष के लिए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता के बारे में चिंतित हैं। मनीष तिवारी ने तब इस पर असहमति जताते हुए कहा था कि क्लब के चुनाव में भी ऐसा नहीं होता। ऐसा हुआ तो कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठेंगे। शशि थरूर और मनीष तिवारी उन जी- 23 के उन नेताओं के समूह में शामिल थे, जिन्होंने 2020 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी। शशि थरूर पार्टी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/concern-about-transparency-and-fairness-in-the-election-process-of-congress-president-letter-to-madh						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/concern-about-transparency-and-fairness-in-the-election-process-of-congress-president-letter-to-madh</guid>
					<pubDate>Sat, 10 Sep 2022 11:02:38 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[नितीश कुमार ने प्रशांत किशोर पर लगाया बीजेपी की मदद करने का आरोप, कही ऐसी बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  (Nitish Kumar) ने अपनी दिल्ली की राजनीतिक यात्रा के तीसरे दिन बुधवार को शरद पवार, दीपंकर भट्टाचार्य समेत कई नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद पत्रकारों द्वारा विपक्षी दलों की एकता से जुड़े सवाल पर नीतीश कुमार ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में सभी विपक्षी दल एकजुट हैं। राज्य के सात विपक्षी दल एकसाथ हैं। अब भारतीय जनता पार्टी अकेली पड़ गई है, जिसके चलते भाजपा के वरिष्ठ नेता बेमतलब की बयानबाजी करते रहते हैं। सीएम नीतीश कुमार ने इस दौरान प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) पर भी प्रतिक्रिया दी है। </p>
<p><strong>बीजेपी की मदद करने का होगा मन</strong></p>
<p>दिल्ली में पत्रकारों से बातचीज के दौरान पत्रकारों ने जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछा कि प्रशांत किशोर का कहना है कि बिहार में हुए बदलाव का देश में कोई असर नहीं पड़ेगा। इस पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि वे (प्रशांत किशोर) मेरे साथ आए थे ना। बिहार में जो करना है, वो करे। प्रदेश में 2005 से क्या काम हो रहा है ऐसे लोगों को कुछ पता भी है। नीतीश कुमार ने कहा कि अगर कोई इस तरह की बात कहता है तो इसका मतलब यही है कि उसे बीजेपी के साथ रहने का मन होगा या फिर भाजपा की मदद करने की इच्छा होगी। </p>
<p><strong>'मेरे खिलाफ अनाप-शनाप बोलने पर मिलेगी जगह'</strong></p>
<p>महागठबंधन की सरकार बनने के बाद बीजेपी लगातार सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर है। भाजपा से राज्यसभा सांसद सुशील मोदी के बयानों पर उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ अनाप-शनाप बोलने पर हो सकता है उनकी पार्टी उन्हें कोई जगह दे दे।</p>
<p><strong>'अगले चुनाव में चल जाएगा पता'</strong></p>
<p>सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि मैं काम करने में यकीन करता हूं। हमलोग लगातार बिहार में काम कर रहे हैं। हमसे अलग होने के बाद बीजेपी की क्या हालत हुई। 2015 बीजेपी को कितनी सीटें मिली थी। पिछले लोकसभा चुनाव में हमलोग साथ थे, तब जाकर इतनी सीटें मिली थीं। अगले चुनाव में सब पता चल जाएगा।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/nitish-kumar-accuses-prashant-kishor-of-helping-bjp-said-such-a-thing						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/nitish-kumar-accuses-prashant-kishor-of-helping-bjp-said-such-a-thing</guid>
					<pubDate>Fri, 09 Sep 2022 09:45:43 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2024 में बीजेपी से मुकाबले के लिए इन विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात की]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली के दौरे पर हैं. वह यहां पर विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. उन्होंने बुधवार को NCP प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की और कहा कि 2024 के चुनावों के लिए उनके गठबंधन के नेता का फैसला बाद में किया जाएगा. नीतीश कुमार ने सभी गैर बीजेपी दलों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यह मुख्य मोर्चा होगा न कि तीसरा मोर्चा है. नीतीश कुमार ने कई गैर-बीजेपी नेताओं से मुलाकात के बाद यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बातचीत विस्तृत और सकारात्मक रही.</p>
<p>उन्होंने कहा, यदि विभिन्न राज्यों में सभी गैर-बीजेपी दल एक साथ आते हैं, तो 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए एक ऐसा माहौल बनेगा जिसके बाद चीजें एकतरफा नहीं रहेंगी. मैंने जिस किसी से भी बात की, उसके साथ सकारात्मक चर्चा हुई. तीसरे मोर्चे की बात पर उन्होंने कहा,जब भी कोई कहता है कि तीसरा मोर्चा बनाने की जरूरत है, तो मैं हमेशा कहता हूं कि चलो 'मुख्य मोर्चा' बनाते हैं. जब भी ऐसा होगा, वह मुख्य मोर्चा होगा, तीसरा मोर्चा नहीं.</p>
<p>'बीजेपी जनता के लिए कुछ नहीं कर रही'</p>
<p>इससे पहले दिन में नीतीश कुमार ने बीजेपी से मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों को एक साझा मंच पर लाने के प्रयासों के तहत एनसीपी के प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की और कहा कि 2024 के चुनावों के लिए उनके गठबंधन के नेता का फैसला बाद में किया जाएगा. </p>
<p>विपक्षी गठबंधन की व्यापक रूपरेखा के बारे में नीतीश कुमार ने कहा कि पहले साथ आना जरूरी है. नीतीश कुमार ने भाकपा (माले) के नेता दीपांकर भट्टाचार्य से भी मुलाकात की.जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ एक विकल्प पेश करने का उचित समय आ गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी जनता के लिए कुछ नहीं कर रही है. </p>
<p>नीतीश कुमार ने शरद पवार के साथ 30 मिनट चली बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, पवार और मैं दोनों उन विपक्षी ताकतों को एकजुट करना चाहते हैं, जो बीजेपी के साथ नहीं हैं.  गठबंधन के नेता का फैसला बाद में किया जा सकता है. पहले एक साथ आना जरूरी है. </p>
<p>बिहार में बीजेपी से नाता तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और अन्य दलों के साथ सरकार बनाने के बाद नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजधानी के अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान विपक्षी नेताओं से मिल रहे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री कुमार ने सोमवार को कांग्रेस के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी. उन्होंने मंगलवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रमुख ओ.पी. चौटाला, समाजवादी पार्टी (सपा) के संरक्षक मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की थी.</p>
<p>बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के लिए एक बार फिर दिल्ली आएंगे, जो निजी कारणों से विदेश यात्रा पर हैं.नीतीश कुमार ने अपने सबसे पुराने सहयोगियों में से भाकपा (माले) के नेता दीपांकर भट्टाचार्य से मुलाकात के बाद कहा, मैं दिल्ली में सभी लोगों से मिला हूं और उनमें से कई लोगों ने मुझे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से बाहर आने के लिए धन्यवाद दिया है. हर कोई चाहता है कि हर राज्य में एकता हो और आने वाले दिनों में देश में ऐसा माहौल बनेगा.</p>
<p>नीतीश कुमार ने कहा कि हर कोई विपक्षी एकता की बात कर रहा है और देश के लिए एक चेहरे से ज्यादा एक संयुक्त मोर्चे की जरूरत है. उन्होंने कहा, सबको एहसास है कि जिनके हाथ में सत्ता है, वे देश में हर जगह नुकसान पहुंचा रहे हैं. बिहार विधानसभा में वाम दलों के 16 विधायक बाहर से नीतीश सरकार का समर्थन कर रहे हैं. इनमें भाकपा (माले) के 12, भाकपा और माकपा के दो-दो विधायक शामिल हैं.</p>
<p>भाकपा (माले) के महासचिव से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार ने कहा, बिहार में सात राजनीतिक दल एकजुट हैं और हम मिलकर सरकार चला रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ सिर्फ बीजेपी है.  उन्होंने कहा, हमने आम सहमति से राज्य के विकास के लिए कैसे काम किया जाए, समाज के हर वर्ग का उत्थान कैसे किया जाए और लोगों के कल्याण के लिए काम कैसे किया जाए, इस पर चर्चा की.</p>
<p>भट्टाचार्य ने कहा कि उन्होंने इस बात पर भी चर्चा की कि देश में बीजेपी के “बुलडोजर राज” को रोकने के लिए एकजुट विपक्ष को कैसे काम करना चाहिए. भट्टाचार्य ने कहा, यह अच्छा है कि नीतीश जी विपक्ष को एक साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं. जिस तरह से बीजेपी भारत को एक दलीय राष्ट्र बनाने की कोशिश कर रही है, हमें लोकतंत्र को कमजोर करने के बीजेपी के प्रयास को विफल करने के लिए एक साथ मिलकर लड़ना होगा.</p>
<p>नीतीश कुमार भले ही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनने के कयासों को लगातार खारिज कर रहे हों, लेकिन उनकी पार्टी के भीतर इस बात को लेकर आवाज उठ रही है कि कुमार अपने विशाल अनुभव और साफ-सुथरी छवि के कारण विपक्षी नेतृत्व की कमान संभालने के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं. प्रधानमंत्री बनने की उनकी आकांक्षाओं के बारे में पूछे जाने पर नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा था, यह ठीक नहीं है. मैं इस पद का दावेदार नहीं हूं और न ही मैं इसका इच्छुक हूं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/bihar-chief-minister-nitish-kumar-met-leaders-of-these-opposition-parties-to-take-on-bjp-in-2024						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/bihar-chief-minister-nitish-kumar-met-leaders-of-these-opposition-parties-to-take-on-bjp-in-2024</guid>
					<pubDate>Thu, 08 Sep 2022 02:03:06 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[विपक्षी दल 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटें, देशभर के किसानों को मुफ्त बिजली-पानी देने का वादा किया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>विपक्षी दल 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं. एक तरफ नीतीश कुमार एकजुटता बनाने के मकसद से दिल्ली दौरे पर हैं तो दूसरी ओर टीआरएस के चीफ ने अभी से आम चुनावों के लिए बहुत बड़े वादे का ऐलान कर दिया है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने सोमवार को ऐलान किया कि अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में गैर-बीजेपी सरकार सत्ता में आती है तो देश भर के किसानों को मुफ्त बिजली-पानी की सप्लाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने निजामाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर किसानों को खेतों में पंप सेंटों पर मीटर लगाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया.</p>
<p><strong>देशभर के किसानों को देंगे फ्री बिजली</strong></p>
<p>केसीआर ने कहा, 'इस देश के सभी किसान 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद गैर-भाजपाई झंडा फहराएंगे. हम इस गरीब विरोधी, किसान विरोधी, मजदूर विरोधी सरकार को केंद्र से बेदखल कर देंगे और हमारी अपनी सरकार राष्ट्रीय स्तर में भी सत्ता में आएगी. मैं देश भर के किसानों को खुशखबरी दे रहा हूं कि अगर आप एक गैर-भाजपा सरकार को चुनेंगे तो तेलंगाना की तरह पूरे देश के किसानों को मुफ्त बिजली और पानी दिया जाएगा.'</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस देश में ऐसा कोई राज्य नहीं है जो किसानों सहित सभी को 24 घंटे बिजली सप्लाई करता हो. केसीआर ने कहा कि तेलंगाना एकमात्र ऐसा राज्य भी है जो हर दलित परिवार को 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देता है. एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार फर्टिलाइजर , डीजल और अन्य जरूरी सामानों की लागत बढ़ाकर किसानों के लिए कृषि कार्य को मुश्किल बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि कृषि भूमि को छीनकर कॉरपोरेट के हवाले किया जा सके.</p>
<p><strong>केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप</strong></p>
<p>केसीआर के नाम से मशहूर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने एनपीए के नाम पर 12 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को बट्टे खाते में डाल दिया है, जबकि वह देश के सभी किसानों को मुफ्त बिजली-पानी देने को तैयार नहीं है, जिसमें केवल 1.45 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे. केसीआर ने जनता से पूछा कि क्या उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में उतरना चाहिए? इस सवाल के जवाब में लोगों के समर्थन पर उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए लड़ाई तेलंगाना से शुरू होनी चाहिए. केसीआर ने कहा कि देश को ऐसी सरकार की जरूरत नहीं है जो विपक्षी दलों को बांटती है और सरकार गिराने के लिए मवेशियों की तरह विधायकों को खरीदती है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/opposition-parties-should-prepare-for-the-2024-lok-sabha-elections-promising-to-provide-free-electri						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/opposition-parties-should-prepare-for-the-2024-lok-sabha-elections-promising-to-provide-free-electri</guid>
					<pubDate>Tue, 06 Sep 2022 01:17:32 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस को बड़ा झटका: राहुल गांधी के गुजरात दौरे से पहले यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह वाघेला ने पार्टी छोड़ी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात कांग्रेस में जारी उठा-पटक थमने का नाम ही नहीं ले रही है। कुछ ही माह पहले गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हर्दिक पटेल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। इसी हलचल के बीच अब गुजरात यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह वाघेला (Vishwanathsinh Vaghela) ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस पद से इस्तीफा देने के बाद इसे देश के सबसे पुराने राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के लिए राज्य में एक बड़ा झटका के रूप में माना जा रहा है।</p>
<p><strong>राहुल गांधी से गुजरात दौरे से पहले आया इस्तीफा</strong></p>
<p>कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को गुजरात का दौरा करने वाले हैं और वाघेल का इस्तीफा उनके दौरे से एक दिन पहले आया है। वाघेला ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर को पत्र लिखकर इस्तीफा दे दिया।</p>
<p><strong>इससे पहले भी कई नेता छोड़ चुके हैं कांग्रेस का दामन</strong></p>
<p>हाल ही के महीनों में गुजरात कांग्रेस के कई नेताओं ने कांग्रेस छोड़ा है। गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हर्दिक पटेल ने कुछ ही माह पहले पार्टी को अलविदा कह दिया था। राजिंदर प्रसाद और कई हाई- प्रोफाइल नेताओं ने भी कांग्रेस का दामन छोड़ अन्य पार्टियों में शामिल हो गए। कांग्रेस नेता राजिंदर प्रसाद ने दो सितंबर को पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। केंद्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहने वाले दिग्गज कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया था।</p>
<p><strong>कांग्रस भारत जोड़ो यात्रा में व्यस्त</strong></p>
<p>कांग्रेस पार्टी एक ओर भारत जोड़ो यात्रा की तैयारी करने में लगी है वहीं दूसरी तरफ पार्टी के नेता कांग्रस छोड़ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस अपने ही नेताओं को एकजुट करने के लिए संघर्ष कर रही है। पेशे से वकील जयवीर शेरगिल ने भी 24 अगस्त को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देते हुए पार्टी पर कई आरोप लगाए थे। मालूम हो कि इस साल की शुरुआत में वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/big-blow-to-congress-youth-congress-president-vishwanath-singh-vaghela-quits-party-ahead-of-rahul-ga						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/big-blow-to-congress-youth-congress-president-vishwanath-singh-vaghela-quits-party-ahead-of-rahul-ga</guid>
					<pubDate>Mon, 05 Sep 2022 09:30:14 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस की महंगाई पर हल्ला बोल रैली से एक बात साफ़ हो गई कि अध्यक्ष भले ही कोई भी हो, पार्टी का नेतृत्व तो राहुल ही करेंगे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस की महंगाई पर हल्ला बोल रैली में असंतुष्ट जी 23 खेमे के नेता साफ तौर पर किनारे रहे तो पार्टी नेतृत्व के प्रति निष्ठा रखने वाले नेताओं के साथ अपने सूबों में दमखम रखने वाले मजबूत नेताओं को पूरी तवज्जो मिली। रैली के दौरान राहुल गांधी के अलावा 15 नेताओं को मंच से भाषण देने का मौका मिला। मगर इसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडडा के अलावा असंतुष्ट खेमे के किसी अन्य नेता को यह मौका नहीं मिला।</p>
<p>वैसे रामलीला मैदान की रैली में कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की अगुआई को लेकर जिस तरह की गर्मजोशी और अंदाज-ए-बयां का इजहार किया, उसका संदेश साफ था कि भले ही उनके पार्टी अध्यक्ष बनने की तस्वीर साफ होने में अभी कुछ दिन बाकी हैं मगर पार्टी के नेता-कार्यकर्ताओं की नजर में कांग्रेस के 'लीडर' तो राहुल ही हैं।</p>
<p><strong>अशोक गहलोत और भूपेंद्र हुडडा की भीड़ जुटाने में रही अहम भूमिका</strong></p>
<p>महंगाई पर हल्ला बोल रैली में जुटी भारी भीड़ में सबसे अहम योगदान हरियाणा और राजस्थान का रहा। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट तथा भूपेंद्र सिंह हुडडा और उनके बेटे दीपेंद्र हुडडा के मंच पर आने के दौरान भीड़ के उत्साह इसे बयान कर रहे थे। कांग्रेस नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी राहत की बात रही कि जी 23 के नेताओं में शामिल रहे भूपेंद्र सिंह हुडडा ने रैली की कामयाबी में न केवल अपना जोर लगाया बल्कि मंच पर राहुल गांधी को पार्टी का नेता बताते हुए जिंदाबाद के नारे भी लगाए। हुडडा जब रैली में बोल रहे थे, उसी बीच राहुल मंच पर पहुंचे तो भीड़ ने जबरदस्त जोश और उत्साह से उनका स्वागत किया और तब हुडडा ने भी इसमें अपना सुर मिलाया।</p>
<p><strong>असंतुष्ट नेता रहे किनारे, निष्ठावान नेताओं को मिली पूरी तवज्जो</strong></p>
<p>खास बात यह है कि कांग्रेस छोड़ने वाले दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद से हुडडा की मुलाकात पर सवाल उठाने वाली हरियाणा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा भी इस दौरान मंच पर बैठी हुई थीं। रैली को संबोधित करने के लिए कांग्रेस ने नेताओं-वक्ताओं का चयन अपनी सियासत को साधने के लिहाज से किया था। वक्ताओं के इस क्रम में राहुल गांधी से ठीक पहले अशोक गहलोत बोले और इसका संदेश कांग्रेस में साफ है कि पार्टी में फिलहाल गांधी परिवार के बाद सबसे बड़ा कद राजस्थान के मुख्यमंत्री का ही है। इसी तरह गुलाम नबी आजाद की भरपायी के लिए मंच पर तारिक अनवर और जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष वकार रसूल को बोलने का मौका दिया गया। हिमाचल प्रदेश के चुनाव को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह तो सीमायी प्रांत पंजाब में नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा को मंच से रूबरू होने का अवसर मिला। मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की पार्टी में अपनी अहमियत है और ऐसे में उनका संबोधन स्वाभाविक था।</p>
<p><strong>राहुल गांधी हैं पार्टी के नेतृत्व का सिरमौर</strong></p>
<p>असंतुष्ट खेमे के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा को कार्यसमिति के सदस्य के नाते रैली में आने का न्यौता भेजा गया था मगर वे इसमें शामिल नहीं हुए। इसी तरह अभी दो दिन पहले भाजपा में जाने की अटकलों को लेकर चर्चा में आए महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने मंच से केंद्र को घेर कर पार्टी नेतृत्व को कांग्रेस नहीं छोड़ने का एक तरह से भरोसा दिया। हल्ला बोल रैली में कांग्रेस नेताओं ने बेशक महंगाई को लेकर मोदी सरकार पर जमकर तीर चलाए। मगर इस दौरान रैली में बोलने वाले लगभग सभी नेताओं ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रुप से यही संदेश दिया कि राहुल गांधी पार्टी के नेतृत्व का सिरमौर हैं।</p>
<p><strong>आस-पास लगे पोस्टरों ओर बड़े-बड़े कटआउट में राहुल गांधी की अहमियत</strong></p>
<p>गौरव गोगोई ने यह कहकर कि कोई एक व्यक्ति देश में है जो मोदी सरकार से बिना डरे लड़ सकता है तो वह राहुल गांधी हैं, इसकी शुरूआत की तो फिर तारिक अनवर, सचिन पायलट, हुडडा, अंधीर रंजन चौधरी से लेकर अशोक गहलोत सबने मोदी सरकार के खिलाफ जारी कांग्रेस की लड़ाई में राहुल के नेतृत्व की जरूरत को बयान करने में हिचक नहीं दिखाई। रैली मैदान और आस-पास लगे पोस्टरों ओर बड़े-बडे कटआउट के साथ कार्यकर्ताओं के अंदाज-ए-बयान में राहुल गांधी कांग्रेस की इस रैली की जिस तरह सबसे अहम धुरी नजर आ रहे थे उसका संदेश साफ था कि चाहे अध्यक्ष पद की तस्वीर साफ होने में कुछ दिन बाकी हैं मगर कांग्रेसजनों की नजर में उनके लीडर तो राहुल ही हैं।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/one-thing-became-clear-from-the-rally-on-the-inflation-of-congress-that-whoever-the-president-may-be						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/one-thing-became-clear-from-the-rally-on-the-inflation-of-congress-that-whoever-the-president-may-be</guid>
					<pubDate>Mon, 05 Sep 2022 09:25:46 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[महंगाई के विरुद्ध कांग्रेस की हल्ला बोल रैली में राहुल गांधी की जुबान फिसली, भाजपा को मिला तंज कसने का मौका]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>महंगाई के विरुद्ध कांग्रेस की हल्ला बोल रैली में आंकड़े देते हुए एक जगह राहुल गांधी की जुबान फिसल गई, लेकिन उन्होंने तुरंत ही सुधार कर लिया। बाद में उनके भाषण का जुबान फिसलने वाला अंश ही इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया। राहुल ने 2014 में रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, सरसों का तेल, आटा से लेकर दूध तक की कीमतों और मौजूदा समय में हुई जबरदस्त वृद्धि के आंकड़ों के सहारे सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी कहते थे कि 70 साल में कांग्रेस ने क्या किया, तो हम कहेंगे कि कांग्रेस ने इतनी महंगाई हिंदुस्तान को नहीं दिखाई।</p>
<p>रैली में राहुल ने कहा, 'मेरे पास 2014 के आंकड़े हैं जब एलपीजी सिलेंडर की कीमत 410 रुपये हुआ करती थी, आज वह 1,050 रुपये का है। पेट्रोल 70 रुपये प्रति लीटर था, जो आज लगभग 100 रुपये प्रति लीटर है। डीजल 55 रुपये प्रति लीटर था, वह आज 90 रुपये प्रति लीटर है। सरसों का तेल 90 रुपये प्रति लीटर था, वह आज 200 रुपये प्रति लीटर है। दूध 35 रुपये प्रति लीटर था जो आज 60 रुपये प्रति लीटर है।' इसी क्रम में वह बोल गए कि आटा 22 रुपये प्रति लीटर था जो आज 40 रुपये प्रति लीटर है, लेकिन उन्होंने इसमें तुरंत सुधार किया और बोले, 'ओह, प्रति किलोग्राम।' भाजपा ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल को यह भी नहीं पता कि आटा ठोस है या तरल।</p>
<p>राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कांग्रेस की महंगाई पर हल्ला बोल रैली में उमड़ी भीड़ के जोश के बीच राहुल ने मोदी सरकार पर आक्रामक हमलों की बौछार करने में कोई कोताही नहीं बरती। गुलाम नबी आजाद के पार्टी छोड़ने के बावजूद रैली के उत्साह और कांग्रेस नेताओं की गांधी परिवार के प्रति दिखी पूर्ण लामबंदी ने राहुल की कन्याकुमारी से कश्मीर तक 3,500 किलोमीटर की भारत जोड़ो यात्रा के सियासी तेवर और कलेवर की दिशा भी तय कर दी।</p>
<p>विदेश प्रवास से लौटने के बाद रैली में सरकार पर हल्ला बोलते हुए राहुल ने कहा कि देश में नफरत और डर बढ़ता जा रहा है। भाजपा और आरएसएस के नेता देश को बांटते हैं और जानबूझकर भय पैदा करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि महंगाई एवं बेरोजगारी और नफरत व भय से कौन सा देश मजबूत होगा। इसका फायदा देश के दुश्मनों विशेषकर चीन व पाकिस्तान को होगा और प्रधानमंत्री मोदी ने देश को कमजोर करने का काम किया है।</p>
<p>मोदी सरकार के उद्योगपतियों अदाणी और अंबानी से कथित जुड़ाव को लेकर हमला करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मौजूदा माहौल का पूरा फायदा दोनों उद्योगपति उठा रहे हैं। एयरपोर्ट, पोर्ट, सड़कों से लेकर सेलफोन और तेल सब कुछ इन्हीं दो व्यक्तियों के हाथों में जा रहा है। नोटबंदी के जरिये आम लोगों का पैसा निकालकर उद्योपतियों के लाखों करोड़ रुपये माफ किए गए और दूसरी तरफ एमएसएमई और छोटे कारोबारियों को बर्बाद कर दिया गया। महंगाई के साथ 40 साल में इतनी ज्यादा बेरोजगारी की बड़ी वजह यह भी है। जनता इस दोहरी चोट की मार सह रही है।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhis-tongue-slipped-in-congresss-halla-bol-rally-against-inflation-bjp-got-a-chance-to-taun						]]>
					</link>
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					<pubDate>Mon, 05 Sep 2022 09:15:47 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राहुल गांधी ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दिल्ली (Delhi) के रामलीला मैदान में महंगाई, बेरोजगारी और आवश्यक वस्तुओं पर माल एवं सेवा कर (GST) में बढ़ोतरी को लेकर आज कांग्रेस की रैली हुई. यह रैली 7 सितंबर से कन्याकुमारी से कश्मीर तक विपक्षी पार्टी की 3,500 किलोमीटर की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से पहले आयोजित हुई, जहां से सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला.</p>
<p><strong>देश में नफरत का माहौल</strong></p>
<p>इस आयोजन में राहुल गांधी ने बीजेपी (BJP) की केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और मंच से पीएम मोदी (PM Modi) को निशाने पर लेते हुए कहा, 'देश में बीजीपी की सरकार आने के बाद माहौल बिगड़ गया है. बीजेपी सरकार आने के बाद देश में नफरत बढ़ी है और सरकार देश के दो बड़े उद्योगपतियों को फायदा दिलाने का काम कर रही है.'</p>
<p><strong>'पेट्रोल-गैस के दाम बढ़ाए'</strong></p>
<p>रामलीला मैदान से राहुल गांधी ने बीजेपी को ललकारते हुए कहा कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें चरम पर पहुंच गई है. केंद्र सरकार देश की जनता को राहत देने के बजाए लोगों को बेकार के मुद्दों में भटका रही है. </p>
<p><strong>'पीएम मोदी ने देश को कमजोर किया'</strong></p>
<p>अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा, 'कांग्रेस देश को जोड़ती है और बीजेपी देश को तोड़ती है. इस समय पूरे देश में महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है. लोग इन चीजों पर बोल भी नहीं सकते हैं. हमारी कांग्रेस की यूपीए सरकार ने देश को बचाया है. अगर यूपीए की सरकार की मनरेगा जैसी योजनाएं नहीं लाई होती तो देश में आग लग गई होती. हमारी कांग्रेस सरकार ने सालों तक बड़े तरीके से देश चलाया है इसलिए हम लोग संविधान को बचाने और देश को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. कांग्रेस पार्टी और उसका कार्यकर्ता ही देश को बचा सकता है. कांग्रेस पार्टी की विचारधारा ही देश को प्रगति पर ला सकती है क्योंकि केंद्र की सत्ता में बैठे पीएम मोदी ने देश को कमजोर करते हुए संवाद के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं.' </p>
<p><strong>विचारधारा की लड़ाई जीतेंगे: राहुल गांधी</strong></p>
<p>राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि विचारधारा की लड़ाई में कांग्रेस पार्टी और उसके लोग बीजेपी और आरएसएस (RSS) की विचारधारा को एक दिन हराकर ही दम लेंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhi-attacked-the-central-government-fiercely-on-the-issues-of-inflation-and-unemployment						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhi-attacked-the-central-government-fiercely-on-the-issues-of-inflation-and-unemployment</guid>
					<pubDate>Mon, 05 Sep 2022 00:09:13 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[विपक्ष को एकजुट करने के लिए नीतीश कुमार की चौंका देने वाली योजना, ये है उनका प्लान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>2024 में होने वाले आम चुनाव को लेकर विपक्षी एकता को एकजुट करने के प्रयास में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चौंका देने वाली योजना सामने आई है. नीतीश कुमार पूरे देश का दौरा कर विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश करेंगे. बिहार के मुख्यमंत्री ने शनिवार को विपक्षी एकता का आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा को विकल्प की तलाश करने वाले लोगों के कल्याण के लिए पार्टियों को अपने मतभेदों को दफनाने की जरूरत है.</p>
<p><strong>जदयू की कार्यकारिणी में अहम फैसला</strong></p>
<p>जनता दल (यूनाइटेड) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने दावा किया कि उनका एकमात्र लक्ष्य विपक्षी दलों को एकजुट करना है. पार्टी ने बाद में उन्हें इस एकता को स्थापित करने के लिए काम करने के लिए अधिकृत किया. बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया जिसमें आरोप लगाया गया कि भाजपा सरकार के तहत देश में एक 'अघोषित आपातकाल' है जो जांच एजेंसियों का 'दुरुपयोग' करके विपक्षी आवाजों को 'चुप' करने की कोशिश कर रही है.</p>
<p><strong>भाजपा पर साधा निशाना</strong></p>
<p>केंद्र की भाजपा सरकार असहमति के लोकतांत्रिक अधिकार को 'देशद्रोह' करार दे रही है. प्रस्ताव में कहा गया है कि देश भाजपा के विकल्प की तलाश कर रहा है. सभी विपक्षी दलों को अपने मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने की जरूरत है.</p>
<p><strong>केंद्र और भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप</strong></p>
<p>इसमें भाजपा पर देश में सांप्रदायिक उन्माद भड़काने का भी आरोप लगाया. प्रस्ताव में कहा गया कि अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है. समाज में असहिष्णुता और उग्रवाद बढ़ा है. दलितों और आदिवासियों को परेशान किया जा रहा है. पार्टी ने सत्तारूढ़ भाजपा को उसकी सत्तावादी प्रवृत्तियों के लिए भी नारा दिया और दिल्ली और झारखंड सहित कई राज्यों में गैर-भाजपा सरकारों को अस्थिर करने के लिए सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/nitish-kumars-shocking-plan-to-unite-the-opposition-this-is-his-plan						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/nitish-kumars-shocking-plan-to-unite-the-opposition-this-is-his-plan</guid>
					<pubDate>Sun, 04 Sep 2022 01:08:41 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात चुनाव: अरविन्द केजरीवाल अब गुजरात के किसानों को बाटेंगे मुफ्त की रेवड़ी, किए ये 6 बड़े वादे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पंजाब में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद अब आम आदमी पार्टी की नजर आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव पर है. यही वजह है कि पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेता गुजरात का दौरा कर कई रैलियों को संबोधित कर चुके हैं. केजरीवाल ने गुजरात के किसानों के लिए बड़ा वादा किया है. उन्होंने गुजरात चुनाव से पहले छह गारंटी का ऐलान किया और कहा कि अगर उनकी पार्टी राज्य की सत्ता में आती है तो किसानों का कर्ज माफ किया जायेगा. उन्होंने देवभूमि द्वारका जिले के द्वारका शहर में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि AAP की सरकार बनती है तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों से उपज खरीदने के लिए एक सिस्टम भी बनाया जाएगा.</p>
<p><strong>किसानों को गारंटी के साथ मिलेगी MSP</strong></p>
<p>दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जमीन का एक नया सर्वे करने का भी वादा किया क्योंकि किसान हाल में बीजेपी सरकार द्वारा किए गए सर्वे से खुश नहीं हैं. केजरीवाल ने कहा, ‘हालांकि हर साल एमएसपी की घोषणा की जाती है, लेकिन कृषि उपज उस कीमत पर नहीं बेची जाती है. यह मेरी गारंटी है कि अगर किसानों को कोई अन्य खरीदार नहीं मिलता है तो हमारी सरकार उपज एमएसपी पर खरीदेगी. हम पांच कृषि उपज जैसे गेहूं और धान के साथ शुरुआत करेंगे और फिर इसमें और उपज जोड़ेंगे.’</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य में अगर आम आदमी पार्टी की सरकार आई तो किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘मुझे पता चला कि गुजरात में किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए रात में बिजली मिलती है. अगर ‘आप’ सत्ता में आती है, तो हम दिन में बिजली देंगे, वह भी 12 घंटे के लिए. हम इस सरकार की ओर से किए गए भूमि सर्वेक्षण को भी रद्द कर देंगे और फिर से सर्वे का आदेश देंगे.’ केजरीवाल ने कहा कि किसानों को सिर्फ रात में सिंचाई के लिए बिजली देना गलत है जबकि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल को 24 घंटे बिजली मिल सकती है.</p>
<p><strong>किसानों के लिए मुआवजे का ऐलान</strong></p>
<p>गुजरात के किसानों से संबंधित एक और विवादास्पद मुद्दा उठाते हुए केजरीवाल ने अपनी तीसरी गारंटी के रूप में बीजेपी सरकार द्वारा हाल में किए गए भूमि सर्वेक्षण को रद्द करने का वादा किया. केजरीवाल ने अपनी चौथी गारंटी के रूप में वादा किया कि दिल्ली की तरह गुजरात के किसानों को विभिन्न आपदाओं के कारण फसल का नुकसान होने की स्थिति में 20,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा मिलेगा. उन्होंने कहा, ‘मेरी पांचवी गारंटी है कि सरकार बनने के एक साल के भीतर हम नर्मदा बांध प्रोजेक्ट के कमान क्षेत्र में आने वाले हर गांव को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएंगे.’</p>
<p>दिल्ली के मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए अपनी छठी गारंटी के रूप में गुजरात के किसानों के लिए कर्ज माफी का वादा किया. दिल्ली विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव हासिल करने के एक दिन बाद केजरीवाल ने दावा किया कि भाजपा ने AAP के हर विधायक को पाला बदलने के लिए 20 करोड़ रुपये की पेशकश की थी. द्वारका में सभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि बीजेपी ने अब तक देशभर में 277 विधायकों को 6,500 करोड़ रुपये खर्च करके खरीदा है.</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की बीजेपी सरकार विपक्षी दलों के विधायकों को खरीदने के लिए धन जुटाने की खातिर नियमित अंतराल पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा करती है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘ दिल्ली में भी ऐसा ही करने की कोशिश की, और उन्होंने AAP के हर विधायक को पाला बदलने के लिए 20 करोड़ रुपये की पेशकश की और वे हमारे विधायकों को खरीदने के लिए 800 करोड़ रुपये खर्च करने को तैयार थे.’ बीजेपी ने आप नेता की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/gujarat-elections-arvind-kejriwal-will-now-distribute-free-revdi-to-the-farmers-of-gujarat-made-thes						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/gujarat-elections-arvind-kejriwal-will-now-distribute-free-revdi-to-the-farmers-of-gujarat-made-thes</guid>
					<pubDate>Sat, 03 Sep 2022 01:31:10 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बहुत जल्द बिहार में दिखेगा नया मुख्यमंत्री, सुशील मोदी का दावा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुझ पर दया न दिखाएं, पहले अपनी कुर्सी बचाएं। नीतीश कुमार की कुर्सी कभी भी जा सकती है, चूंकि लालू प्रसाद की पार्टी ने पहले से अपनी सरकार बनाने की रणनीति तैयार कर रखी है। राजद की सरकार बनाने में महज दो-चार विधायकों की उन्हें जरूरत है। वह सोमवार को गया परिसदन में पत्रकारों से बात कर रहे थे। </p>
<p><strong>बोले कभी भी बदल सकता है सियासी समीकरण</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि गठबंधन भाजपा ने नहीं तोड़ा, बल्कि खुद नीतीश कुमार ने तोड़ा है और लालू-राबड़ी आवास पर जाकर शरणागत हो गए हैं। मुख्यमंत्री कौन है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। चूंकि मुख्यमंत्री की चाबी लालू और राबड़ी के आवास पर है। तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूरा प्रपंच रचा गया है। विधानसभा में राजद के अध्यक्ष हैं। राजद के पास पहले से अन्य दलों को मिलाकर 115 विधायक हैं, विधानसभा अध्यक्ष जब चाहे राजद को सदन में बहुमत दिला सकते हैं। बहुमत के लिए 122 विधायकों की जरूरत है। बहुत जल्द बिहार में नया मुख्यमंत्री देखने को मिल सकता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, हम भविष्यवक्ता नहीं हैं। राजनीतिक घटनाक्रम से स्पष्ट है कि तेजस्वी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाने के लिए लालू प्रसाद ने पूरा खेल किया है। </p>
<p><strong>2024 की तैयारी में अभी से जुटी भाजपा</strong></p>
<p>सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री की कुर्सी का सपना देखना छोड़ दें क्योंकि 2024 में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही रहेंगे। लोकसभा चुनाव, 2024 की तैयारी को लेकर भाजपा अभी से जुट गई है, समीकरण तैयार करने में लगी है। इससे पहले उन्होंने भाजपा जिला कार्यालय में संगठन के जिलास्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की। सोमवार को संघ परिवार की बैठक पंजाबी धर्मशाला में हुई। इसमें आरएसएस व सहयोगी संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी शामिल हुए। </p>
<p><strong>माफी मांगें मुख्यमंत्री </strong></p>
<p>सुशील मोदी ने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। बीते दिनों विष्णुपद मंदिर में गैर हिंदू के प्रवेश पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जान-बूझकर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए अपने साथ गैर हिंदू को मंदिर के गर्भगृह में ले गए थे। इस मामले में न तो मंत्री को कोई गिला है और न ही मुख्यमंत्री को। मुख्यमंत्री ने हिंदुओं के अनादर की साजिश रची थी, उन्हें माफी मांगनी चाहिए।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/very-soon-a-new-chief-minister-will-be-seen-in-bihar-claims-sushil-modi						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/very-soon-a-new-chief-minister-will-be-seen-in-bihar-claims-sushil-modi</guid>
					<pubDate>Tue, 30 Aug 2022 09:33:53 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष:पार्टी नेताओं ने अध्यक्ष पद के लिए इन नेताओं को बताई अपनी पहली पसंद बताई]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने रविवार को पार्टी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव के तारीख की घोषणा कर दी है. कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 17 अक्टूबर को होगा और मतगणना के साथ नतीजे की घोषणा दो दिन बाद 19 अक्टूबर को होगी. कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की ऑनलाइन बैठक में चुनाव कार्यक्रम को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई. गुलाम नबी आजाद के अचानक इस्तीफे और उनके चुभने वाले पत्र के बाद पार्टी द्वारा यह बड़ा कदम सामने आया है. सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद अब पार्टी नेताओं ने अध्यक्ष पद के लिए अपनी पहली पसंद बताई है.</p>
हरीश रावत ने इस नाम पर लगाई मुहर
<p>बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा कि राहुल गांधी जल्द ही अगले कांग्रेस अध्यक्ष होंगे. उन्होंने कहा कि जल्द ही राहुल जी कांग्रेस के अध्यक्ष होंगे. हम सभी पार्टी कार्यकर्ता उम्मीद करते हैं और राहुल गांधी से कांग्रेस अध्यक्ष का पद स्वीकार करने का अनुरोध करते हैं. ऑनलाइन सीडब्ल्यूसी बैठक की अध्यक्षता सोनिया गांधी ने की. वो अभी स्वास्थ्य जांच के लिए विदेश में हैं. पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी सोनिया गांधी के साथ हैं.</p>
सलमान खुर्शीद के लिए राहुल एकमात्र पसंद
<p>वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने भी रविवार को कहा कि पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी 'पहली' और 'एकमात्र' पसंद हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद यह बात कही. खुर्शीद ने यह भी कहा कि विदेश से आने के बाद गांधी को अध्यक्ष पद संभालने के लिए मनाने की कोशिश की जाएगी. यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी पार्टी नेताओं की पसंद हैं, तो खुर्शीद ने कहा, 'सच कहूं तो जिस किसी से भी मैंने बात की है या जिनकी राय को मैंने महसूस किया है, उसके हिसाब से वह पहली और एकमात्र (पसंद) हैं.'</p>
'राहुल गांधी को शीर्ष पद पर देखना चाहते हैं'
<p>कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य खुर्शीद ने कहा कि इससे ज्यादा बातचीत नहीं हुई...हमें इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है कि वह हमारा अनुरोध स्वीकार करेंगे या नहीं. आज इस पर बात करना संभव नहीं था क्योंकि यह बैठक केवल कार्यक्रम को लेकर थी और ऐसा करना बहुत मुश्किल था क्योंकि यह एक हाईब्रिड बैठक थी. खुर्शीद ने कहा कि जब वह वापस आएंगे तो मुझे यकीन है कि हम उन्हें मनाना चाहेंगे. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता तथा नेता, पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा व्यक्त की गई भावना को साझा करते हैं, जिन्होंने शनिवार को कहा था कि राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालने के लिए मनाया जाएगा क्योंकि पार्टी में उनके अलावा ऐसा कोई नहीं है, जिसकी पूरे भारत में अपील है. खुर्शीद ने कहा कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता राहुल गांधी को शीर्ष पद पर देखना चाहते हैं.</p>
17 अक्टूबर को होगा चुनाव
<p>बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव के लिए अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की जाएगी. जबकि नामांकन दाखिल करना 24 सितंबर से शुरू होगा और 30 सितंबर तक चलेगा. चुनाव 17 अक्टूबर को होगा और इसके नतीजे 19 अक्टूब को आएंगे पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने सीडब्ल्यूसी की लगभग 30 मिनट की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/kaun-banega-congress-president-party-leaders-told-these-leaders-their-first-choice-for-the-post-of-p						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/kaun-banega-congress-president-party-leaders-told-these-leaders-their-first-choice-for-the-post-of-p</guid>
					<pubDate>Mon, 29 Aug 2022 00:17:38 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस छोड़ो अभियान: आजाद के इस्तीफे के बाद छह पूर्व विधायकों और मंत्रियों ने भी पार्टी से इस्तीफा दिया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबीन गुलाम नबी आजाद के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस में भगदड़ मच गई है। पहले से कमजोर पड़ चुकी पार्टी और बिखर  गई। आजाद के समर्थन में तत्काल छह पूर्व विधायकों और मंत्रियों ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अभी और भी नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। कांग्रेस के लिए जम्मू कश्मीर में यह कठिन घड़ी है। मौजूदा हालात को देखते हुए श्रीनगर में पार्टी की आपातकालीन बैठक हुई।</p>
<p>कांग्रेस के जिन छह पूर्व विधायकों और पूर्व मंत्रियों ने गुलाम नबी आजाद के समर्थन में पार्टी छोड़ी है, इनमें पांच ने सामूहिक इस्तीफा दिया है। जबकि एक पूर्व मंत्री ने अलग से त्यागपत्र दिया है। सामूहिक इस्तीफा देने वाले कांग्रेस नेताओं में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर रहे जीएम सरूरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मौजूदा उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री हाजी अब्दुल रसीद, पूर्व विधायक और विधान परिषद सदस्य मो. अमीन भट, अनंतनाग के मौजूदा जिला प्रधान और पूर्व विधायक गुलजार अहमद वानी और पार्टी के मौजूदा एसटी सेल के चेयरमेन पूर्व विधायक चौधरी मोहम्मद अहरम शामिल हैं।</p>
<p>इनके सामूहिक इस्तीफे के कुछ ही देर बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आरएस चिब का त्यागपत्र भी सामने आ गया। चिब ने सोनिया गांधी के नाम लिखे त्यागपत्र में लिखा है कि पिछले दशकों में जम्मू-कश्मीर ने जो उथल-पुथल देखी है, उसे ध्यान में रखते हुए लोगों को बेहतर भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन करने के लिए गुलाम नबी आजाद जैसे निर्णायक और मजबूत नेता की आवश्यकता है। मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी अब उस भूमिका को निभाने में सक्षम नहीं है। पार्टी के प्रमुख लोगों के बीच मतभेद बढ़ रहा है। इसलिए मुझे लगता है कि कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से मेरा इस्तीफा सबसे अच्छा विकल्प है।</p>
<p>कल पूर्व मंत्री जुगलकिशोर भी देंगे इस्तीफा : आजाद समर्थक छह कांग्रेस नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद यह सिलसिला अभी रुकने वाला नहीं है। पूर्व मंत्री जुगल किशोर शर्मा ने भी शनिवार को इस्तीफा देने की घोषणा की है। उनके साथ कुछ और भी वरिष्ठ नेता पार्टी से किनारा कर सकते हैं। यानी आने वाले कुछ दिन कांग्रेस पर भारी रहेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार छह नेताओं के इस्तीफा देने के बाद जम्मू कश्मीर में आजाद समर्थक सौ से अधिक नेता व व कार्यकर्ता अगले दो दिनों में आजाद के समर्थन में इस्तीफा देने की तैयारी में हैं।</p>
<p>करीब दस नेता डटे हैं दिल्ली में : जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस के करीब दस नेता इस समय दिल्ली में डटे हैं। उन्होंने आजाद के इस्तीफा देने के बाद दिल्ली में उनके आवास पर हुई बैठक में हिस्सा भी लिया है। उन नेताओं में विक्रम मल्होत्रा, जीएम सरूरी आदि मुख्य थे। वहीं जम्मू में कांग्रेस के नेताओं की बैठकों का सिलसिला जारी है। इस बीच कांग्र्रेस के कार्यवाहक प्रधान रमण भल्ला ने पार्टी नेताओं से बैठक कर उपजे हालात पर चर्चा की। भल्ला, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर के समर्थक हैं।</p>
<p>पूर्व एमएलसी का दावा, 70 प्रतिशत नेता व कार्यकर्ता इस्तीफा देने को तैयार : ऐसे हालात में पूर्व एमएलसी नरेश गुप्ता का कहना है कि जम्मू कश्मीर कांग्रेस के सत्तर प्रतिशत नेता व कार्यकर्ता गुलाम नबी आजाद के समर्थन में इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जागरण को बताया कि आजाद के इस्तीफा देने से न सिर्फ जम्मू कश्मीर अपितु पूरे देश में कांग्रेस कमजोर हुई है। वहीं आजाद समर्थक पूर्व उपमुख्यमंत्री ताराचंद का कहना है कि पार्टी नेता व कार्यकर्ता आजाद के इस्तीफा देने से उपजे हालात में जल्द जम्मू में बैठक कर आगे की रणनीति बनाएंगे।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/quit-congress-campaign-after-azads-resignation-six-former-mlas-and-ministers-also-resigned-from-the-						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/quit-congress-campaign-after-azads-resignation-six-former-mlas-and-ministers-also-resigned-from-the-</guid>
					<pubDate>Sat, 27 Aug 2022 08:37:41 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष: राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत या किसी और वरिष्‍ठ नेता को सौंपी जाएगीकांग्रेस की कमान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस पार्टी का अगला अध्‍यक्ष कौन होगा? क्‍या राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस की कमान सौंपी जाएगी या किसी और वरिष्‍ठ नेता पर दांव खेला जाएगा? क्‍या राहुल गांधी एक बार फिर कांग्रेस अध्‍यक्ष का पद संभालने के लिए तैयार होंगे? सोनिया गांधी से मिलने के बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म है कि अशोक गहलोत कांग्रेस के नए अध्‍यक्ष बन सकते हैं। हालांकि, अशोक गहलोत के हालिया बयान से लगता है कि वह कांग्रेस अध्‍यक्ष पद की रेस से बाहर हो गए हैं। उन्‍होंने बताया कि कांग्रेस अध्‍यक्ष पद पर कौन काबिज हो सकता है, किसके लिए पिच तैयार की जा रही है।</p>
<p>अशोक गहलोत से जब पिछले दिनों पूछा गया था कि क्‍या वह कांग्रेस के अगले अध्‍यक्ष बनने जा रहे हैं, तो उन्‍होंने इससे इनकार नहीं किया था। हालांकि, उन्‍होंने हां भी नहीं कहा था, लेकिन इतना जरूर बोले थे कि पार्टी उन्‍हें जो जिम्‍मेदारी देगी उसे पूरी निष्‍ठा के साथ पूरी करेंगे।</p>
<p>लेकिन हाल ही में राजस्‍थान के बांरा जिले के अंता में राजस्‍थान के सीएम ने कहा कि 28 अगस्त को चुनाव का कार्यक्रम घोषित होगा। उसमें तय होगा कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया क्‍या होगी। मैं आपके बीच हूं। मैं आप लोगों से दूर नहीं हूं। मैं इस प्रदेश से अंतिम सांस तक दूर रहने वाला नहीं हूं। चाहें कोई जिम्मेदारी हो। चाहे कुछ भी करूं। मेरे जेहन के अंदर जिस प्रदेश में अंदर पैदा हुआ। जहां के हालात मैंने बचपन से देखें। उससे दूर नहीं रहने वाला।</p>
<p>सीएम गहलोत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के संविधान के अनुसार, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पूर देश के पीसीसी डेलीगेट्स द्वारा किया जाता है। पूरे देश के पीसीसी डेलीगेट्स द्वारा राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के पक्ष में प्रस्ताव भिजवाया जा रहा है। लगभग 9 हजार डेलीगेट्स पार्टी में है।</p>
<p>अशोक गहलोत ने साफ कर दिया है कि वह राजस्‍थान से बाहर नहीं जाना चाहते हैं। ऐसे में कांग्रेस पार्टी को अब कोई अन्‍य विकल्‍प खोजना होगा। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी चाहती हैं कि अशोक गहलोत कांग्रेस की कमान संभालें। लेकिन अशोक गहलोत राजस्‍थान की कमान सचिन पायलट को सौंपने के मूड में नहीं हैं। सचिन पायलट और अशोक गहलोत में पिछले काफी समय से राजस्‍थान में खींचतान चल रही है।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/who-will-become-the-congress-president-chief-minister-of-rajasthan-ashok-gehlot-or-any-other-senior-						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/who-will-become-the-congress-president-chief-minister-of-rajasthan-ashok-gehlot-or-any-other-senior-</guid>
					<pubDate>Sat, 27 Aug 2022 08:17:47 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[फोगाट की मौत के मामले में गुरुवार को गोवा पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया, भाई ने PA पर लगाए गंभीर आरोप]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>BJP नेता और टिक-टॉक स्टार सोनाली फोगाट की मौत के मामले में गुरुवार को गोवा पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया. यह केस सोनाली के भाई रिंकू ढाका की शिकायत पर दर्ज कराया गया. इसमें सोनाली के PA सुधीर सांगवान और उसके साथी सुखविंदर पर हत्या का शक जताया गया. ऐसे में शाम को पुलिस ने PA सुधीर सांगवान को गिरफ्तार कर लिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मानें तो सोनाली के शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं. पोस्टमॉर्टम होने के बाद सुधीर और सुखविंदर के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत FIR दर्ज की गई.</p>
भाई ने PA पर लगाए गंभीर आरोप
<p>उल्लेखनीय है कि टिकटॉक स्टार और बीजेपी नेता सोनाली फोगाट की मौत सवालों में उलझती जा रही है. परिवार वाले पहले ही हत्या की आशंका जता रहे थे. अब सोनाली के भाई रिंकू ने इस मामले को नया ही मोड़ दे दिया है. सोनाली के छोटे भाई रिंकू ढाका ने अपनी बहन के PA सुधीर सांगवान और उसके दोस्त सुखविंदर पर सोनाली के खाने में नशीला पदार्थ देकर उससे दुष्कर्म करने और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए हैं. इस बारे में रिंकू ने एक लिखित शिकायत गोवा पुलिस को देकर कार्रवाई करने की मांग की है. </p>
<p>रिंकू ने अपनी शिकायत में लिखा है कि सोनाली के पीए सुधीर ने तीन साल पहले हिसार स्थित घर पर सोनाली को नशीला पदार्थ खाने में मिलाकर खिलाया और दुष्कर्म किया. उसने इसका वीडियो भी बना लिया था. उसी वीडियो को दिखाकर वो सोनाली को ब्लैकमेल करके बार-बार दुष्कर्म करता रहा.</p>
संपत्ति हड़पना चाहता था PA 
<p>सोनाली के भाई रिंकू ढाका ने और भी सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. रिंकू का दावा है कि सुधीर ने सोनाली की संपत्ति हड़पने के लिए और राजनीतिक षड्यंत्र रचते हुए दोस्त सुखविंदर के साथ मिलकर उसकी हत्या की है. उसी ने सोनाली की मौत की खबर परिवार को दी थी. उसके बाद जब कॉल किया गया तो सुधीर ने फोन नहीं उठाया. उसने अपना और सोनाली का फोन बंद कर दिया था.</p>
<p>बता दें कि सोनाली का पोस्टमॉर्टम दोपहर पौने 12 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक चला. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सोनाली के शरीर पर कई 'ब्लंट कट' होने का जिक्र किया गया है. आसान भाषा में इसे ‘गुम चोट’ कह सकते हैं. मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, ये चोट किसी लाठी-डंडे से मारी गईं या घूंसों से यह पता करना बेहद मुश्किल होता है. सोनाली के शरीर पर ये चोट मारने वाला कोई एक्सपर्ट रहा होगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/in-the-case-of-phogats-death-goa-police-registered-a-case-of-murder-on-thursday-brother-made-serious						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/in-the-case-of-phogats-death-goa-police-registered-a-case-of-murder-on-thursday-brother-made-serious</guid>
					<pubDate>Thu, 25 Aug 2022 23:55:33 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस झटका, जयवीर शेरगिल ने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दिया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल (Jaiveer Shergill) ने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे अपने त्याग पत्र में शेरगिल ने कई सवाल भी उठाए हैं। उन्होंने इस्तीफे में लिखा कि मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि निर्णय लेना अब जनता और देश के हितों के लिए नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के स्वार्थी हितों से प्रभावित है, जो चाटुकारिता में लिप्त हैं और लगातार जमीनी हकीकत की अनदेखी कर रहे हैं।</p>
पत्र में जयवीर शेरगिल ने क्या कहा
<p>शेरगिल ने इस्तीफे में लिखा कि प्राथमिक कारण यह है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वर्तमान निर्णय निर्माताओं की विचारधारा और दूरदृष्टि अब युवाओं और आधुनिक भारत की आकांक्षाओं के अनुरूप नहीं है। मुझे यह कहते हुए दुख होता है कि निर्णय लेना अब जनता और देश के हित के लिए नहीं है। मैं नैतिक रूप से इसे स्वीकार नहीं कर सकता।</p>
कांग्रेस पार्टी का पक्ष रखते थे जयवीर शेरगिल
<p>बता दें कि 39 वर्षीय जयवीर शेरगिल भारत के सर्वोच्च न्यायालय में पेशे से वकील हैं और कांग्रेस के प्रवक्ता के तौर पर पार्टी का पक्ष टीवी चैनलों पर होने वाली बहस में रखते रहे हैं। वह पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सबसे कम उम्र के प्रवक्ताओं में से एक हैं और पंजाब के लिए कांग्रेस लीगल सेल के सह-अध्यक्ष के रूप में नियुक्त होने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति भी रहे हैं। उन्होंने दो साल 2008-09 की अवधि के लिए इंटरनेशनल बार एसोसिएशन के लिए यंग इंडिया प्रतिनिधि के रूप में भी काम किया है।</p>
पंजाब के रहने वाले हैं जयवीर शेरगिल
<p>जयवीर शेरगिल का जन्म पंजाब के जालंधर के रहने वाले हैं। उनके पिता मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामलों के विशेषज्ञ वकील राजेश्वर सिंह शेरगिल हैं। जयवीर ने सेंट जोसेफ बॉयज स्कूल और एपीजे स्कूल, जालंधर से पढ़ाई की है। उन्होंने पश्चिम बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज से 2006 में कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की है। जयवीर शेरगिल छात्र संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।</p>
कांग्रेस को पहले भी लगा है बड़ा झटका
<p>जयवीर शेरगिल का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब कई नेताओं ने कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़ दिया है। बीते दिनों में पार्टी छोड़ने वाले प्रमुख नेताओं में ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद शामिल हैं। सिंधिया इस समय मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं। जबकि जितिन प्रसाद, यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/congress-setback-jaiveer-shergill-resigns-as-national-spokesperson-of-congress-party						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/congress-setback-jaiveer-shergill-resigns-as-national-spokesperson-of-congress-party</guid>
					<pubDate>Thu, 25 Aug 2022 11:23:03 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[आम आदमी पार्टी की शराब नीति को मुद्दा बनाएगी बीजेपी, दिल्ली की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में जन चौपाल लगाएगी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p><strong>Delhi BJP Campaign in 70 Assembly Seats:</strong> दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी को घेरने के लिए अब नया दांव चला है। बीजेपी आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के खिलाफ बुधवार (24 अगस्त) से शराब नीति को खत्म करने में ‘भ्रष्टाचार’ के खिलाफ अपना अभियान तेज करेगी और इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए राजधानी की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में जन चौपाल लगाएगी। इसके पहले सीबीआई ने शराब नीति को लागू करने में कथित भ्रष्टाचार को लेकर राजधानी में उनके और कई आबकारी अधिकारियों के खिलाफ एक मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर सहित 31 स्थानों पर छापेमारी की थी।</p>
<p>दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि पार्टी के वॉलंटियर्स सभी वार्डों में इस संदेश के साथ जाएंगे कि दिल्ली सरकार की शराब नीति का उद्देश्य राजस्व को कम करना और शराब की बिक्री को बढ़ावा देना है। जो कि एक बड़े पैमाने का भ्रष्टाचार है। गुप्ता ने आगे कहा, “पार्टी के कार्यकर्ता ‘आप’ के भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रचार करने के लिए तैयार हैं। हम बूथ स्तर तक ये बात जनता को समझाएंगे।”</p>
पटपड़गंज से शुरू होगा अभियानः BJP
<p>बीजेपी महासचिव हर्ष मल्होत्रा ​​ने बताया कि ये अभियान हम दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज से शुरू करेंगे और फिर अन्य विधानसभाओं में भी इसका आयोजन किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया,’अभी तक केजरीवाल सरकार के ‘भ्रष्टाचार’ पर चर्चा मीडिया में होने वाली बहस तक ही सीमित थी, लेकिन अब बीजेपी ने इसे दिल्ली की जनता के सामने उठाने का फैसला किया है।’</p>
केंद्रीय नेतृत्व की AAP के खिलाफ अभियान पर कड़ी नजर
<p>BJP के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि ‘आप’ के खिलाफ अभियान पर केंद्रीय नेतृत्व भी कड़ी नजर रख रहा है। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा की दिल्ली इकाई को अपनी संचार रणनीति में सुधार करने और आप के खिलाफ एक नैरेटिव बनाने के लिए शीर्ष से स्पष्ट निर्देश मिले हैं। उन्होंने ये भी बताया कि हाल के दिनों में दिल्ली बीजेपी ऐसा करने में असफल रही है।</p>
BJP भेद देगी ‘आप’ का कवच
<p>बीजेपी ने आम आदमी पार्टी के कवच को भेदने के लिए कहा हम उस जगह वार करने के लिए तैयार हैं जो आप को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाला है। सत्तारूढ़ पार्टी एंटी करप्शन मूमेंट से पैदा हुई है और दावा करती है कि वो एक ईमानदार पार्टी है। बीजेपी प्रवक्ता हरीश खुराना ने कहा हम राजधानी भर में “‘आप’ के भ्रष्टाचार” के पोस्टर लगाने जा रहे हैं। बीजेपी ने बताया कि उन्हें राज्य ईकाई की शराब नीति को लेकर आम आदमी पार्टी से राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली की बहस नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
Manoj Tiwari ने कसा ‘आप’ पर तंज
<p>बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा,“हम पहले भी अतीत में आम आदमी पार्टी को शिक्षा पर बेनकाब करते रहे हैं … लेकिन अब हम शराब नीति पर उनका जवाब चाहते हैं … ये तो बिलकुल वैसे ही है कि हम पूछ रहे आपके पिताजी का क्या नाम है और वो बता रहे हैं मेरे दादाजी का ये नाम है (यह ऐसा है जैसे मैं पूछ रहा हूं उनके पिता के नाम के बारे में, और वो बता रहे हैं अपने दादा जी के बारे हैं)।”</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/bjp-will-make-aam-aadmi-partys-liquor-policy-an-issue-will-set-up-jan-choupal-in-all-70-assembly-con						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/bjp-will-make-aam-aadmi-partys-liquor-policy-an-issue-will-set-up-jan-choupal-in-all-70-assembly-con</guid>
					<pubDate>Wed, 24 Aug 2022 11:17:46 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी ने राकेश टिकैत को बताया दो कौड़ी का आदमी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत पर टिप्पणी की है। दरअसल, उन्होंने कहा कि टिकैत दो कौड़ी के आदमी हैं। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसको लेकर लोग कई तरह के कमेंट करते नजर आ रहे हैं। विपक्षी दलों के नेताओं ने इसको लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है।</p>
<p><strong>टेनी ने दिया ऐसा बयान</strong></p>
<p>केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टेनी अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आपकी ताकत के दम पर कितने भी राकेश टिकैत जैसे कोई भी आया, कोई कुछ नहीं कर पाया। मैं अच्छे से जानता हूं कि , उसने दो बार चुनाव लड़ा और दोनों बार जमानत जब्त हो गई। मैं ऐसे लोगों का जवाब नहीं देता हूं, मैंने अपने जीवन में कोई गलत काम नहीं किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं सही के लिए लड़ रहा हूं और 100 रुपए में एक पैसे का भी गलत काम नहीं किया है।</p>
<p><strong>लोगों के रिएक्शन</strong></p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने अजय मिश्रा टेनी के वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि लखीमपुर वाले। समाजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडल से इस वीडियो के साथ लिखा गया – इसके बाद भी अगर टेनी अपने पद पर बना हुआ है तो ये संपूर्ण जाट समाज और किसानों का अपमान है। यही भाजपा सरकार का चाल चरित्र और निंदनीय चेहरा है। पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने कमेंट किया कि राकेश टिकैत दो कौड़ी का आदमी है… बोला, अजय मिश्र टेनी। और खुद?</p>
<p>ललन कुमार नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा कि सुनिए पीएम नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को, जिनके बेटे ने किसानों को पूछना था और जो खुद हत्याकांड के मुख्य अपराधी हैं। सत्ता का नशा इसे कहते हैं, आखिर ऐसे अपराधी को जेल में डालेंगे? धीरेंद्र प्रताप सिंह नाम के एक यूजर कमेंट करते हैं, ‘ अन्नदाताओं की तुलना कुत्तों से करने वाले व भारतीय किसान के नेता राकेश टिकैत को दो कौड़ी का आदमी बोल रहे हैं केंद्रीय मंत्री। मंत्री जी यह वही टिकैत हैं, जिन्होंने आपके आका को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया, आप किस खेत की मूली हो? जितेंद्र गौतम नाम के एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा – एक मंत्री की कैसी भाषा शैली है?</p>
<p><strong>राकेश टिकैत ने अजय मिश्र टेनी को जेल भेजे जाने की मांग की है</strong></p>
<p>लखीमपुर खीरी में पिछले दिनों किसान नेता राकेश टिकैत ने संयुक्त किसान मोर्चा के 33 किसान संगठनों के नेताओं के साथ सरकार से मांग की थी कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय टेनी को बर्खास्त किया जाए और एमएसपी पर कमेटी बनाई जाए। 3 दिन से ज्यादा चलने वाले इस धरना प्रदर्शन के दौरान टिकैत ने कहा था कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे भी वापस लिए जाएं।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/union-minister-of-state-for-home-ajay-kumar-mishra-teni-told-rakesh-tikait-a-man-of-two-pennies						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/union-minister-of-state-for-home-ajay-kumar-mishra-teni-told-rakesh-tikait-a-man-of-two-pennies</guid>
					<pubDate>Wed, 24 Aug 2022 02:19:19 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने लगाया आरोप,  बीजेपी ने AAP विधायकों को 5-5 करोड़ रुपये का ऑफर दिया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि दिल्ली में सरकार गिराने के लिए बीजेपी की ओर से ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाया गया था, लेकिन ये ऑपरेशन सफल नहीं हुआ। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि बीजेपी ने AAP विधायकों को 5-5 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था।</p>
<p>सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर आरोप लगाते हुए दावा किया, “बीजेपी के नेताओं द्वारा AAP विधायकों को फोन किये जा रहे हैं कि आप हमारे साथ आ जाइए। 5-5 करोड़ रुपये के ऑफर दिए जा रहे हैं। पहले 2014 में AAP ने ऑपरेशन लोटस का पर्दाफाश किया था। अब 2022 में फ़िर फेल करेंगे।”</p>
<p>सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा, “ऑपरेशन लोटस क्या है? बीजेपी मुख्यालय से ऑपरेशन लोटस चलाया जाता है। जिस भी राज्य में जनता बीजेपी को हरा देती है, वहां बीजेपी दूसरी पार्टियों के एमएलए ख़रीद कर सरकार बना लेती है। मध्य प्रदेश, गोवा, कर्नाटक के बाद पिछले महीने महाराष्ट्र में शिव सेना से विधायकों को तोड़ कर बीजेपी ने सरकार बनाई।”</p>
<p>सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी बीजेपी पर आरोप लगाते हुए ऑपरेशन लोटस फेल बताया था। उन्होंने मनीष सिसोदिया के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा था, “इसका मतलब सीबीआई -ईडी की रेड का शराब नीति और भ्रष्टाचार से कोई लेना देना नहीं? ये रेड केवल दिल्ली में AAP की सरकार गिराने के लिए की गयी? जैसे इन्होंने दूसरे राज्यों में किया है। ऑपरेशन लोटस फेल हो गया।”</p>
<p>बता दें कि सोमवार को उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था, “मेरे पासका संदेश आया है। AAP तोड़कर भाजपा में आ जाओ, सारे सीबीआई, ईडी के केस बंद करवा देंगे। मेरा भाजपा को जवाब- मैं महाराणा प्रताप का वंशज हूं, राजपूत हूं। सर कटा लूंगा लेकिन भ्रष्टाचारियों -षड्यंत्रकारियों के सामने झुकूंगा नहीं। मेरे ख़िलाफ़ सारे केस झूठे हैं। जो करना है कर लो।”</p>
<p>सिसोदिया ने एक अन्य ट्वीट में दावा किया कि बीजेपी ने उन्हें सीएम कैंडिडेट बनाने का ऑफर दिया। उन्होंने लिखा था, “मुझे सीएम कैंडिडेट बनाने के ऑफर पर बीजेपी को मेरा संदेश- अरविंद केजरीवाल जी मेरे राजनैतिक गुरु है, उनसे कभी ग़द्दारी नहीं करूँगा। मैं सीएम बनने नहीं आया, मेरा सपना है कि देश के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, तभी तो भारत नंबर एक देश बनेगा। पूरे देश में ये काम केवल केजरीवाल जी कर सकते हैं।”</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/aap-leader-saurabh-bhardwaj-alleged-bjp-offered-rs-5-5-crore-to-aap-mlas						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/aap-leader-saurabh-bhardwaj-alleged-bjp-offered-rs-5-5-crore-to-aap-mlas</guid>
					<pubDate>Wed, 24 Aug 2022 02:06:31 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सपा नेता नारद राय ने भाजपा सरकार ‘गिराने’ को लेकर दिया बड़ा बयान कहा, अखिलेश यादव जी को मन बनाने की देरी है]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री ने दावा किया है कि यूपी में भाजपा के कई विधायक सरकार से नाराज है, जिस दिन अखिलेश यादव मन बना लेंगे उस दिन प्रदेश में सरकार गिर जायेगी। सपा नेता और पूर्व मंत्री नारद राय का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। योगी सरकार को लेकर दिए गये बयान पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।</p>
सपा नेता ने किया सरकार गिराने का दावा
<p>सपा नेता और पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा कि अखिलेश यादव जी जिस दिन मन बना लेंगे, पंद्रह दिन के अंदर सरकार गिर जायेगी। भाजपा के करीब 150 विधायक और मंत्री नाराज हैं। ब्रजेश जी का चेहरा देखा है आप लोगों ने, ट्रांसफर को लेकर जो विवाद हुआ, क्या उनके अंदर घाव नहीं है।</p>
ब्रजेश पाठक, जितेन्द्र प्रसाद का दिया हवाला
<p>सपा नेता ने कहा कि जब योगी जी मुख्यमंत्री बने हैं, उनसे कोई नेता खुश नहीं है। ब्रजेश पाठक, स्वतंत्र देव सिंह, जितेन्द्र प्रसाद के साथ जो व्यवहार हो रहा है, उससे सरकार गिराने में देर नहीं लगेगी.. बस अखिलेश यादव जी को मन बनाने की देरी है। सपा नेता के इस बयान पर सोशल मीडिया पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।</p>
<p>पंकज वर्मा नाम के यूजर ने लिखा योगी सरकार को हलवा समझ रखा है क्या? ममता त्रिपाठी नाम की यूजर ने लिखा कि तो कहिए अखिलेश जी को कि मन बनाए, टाइम पास के लिए राजनीति कर रहे हैं क्या वो? फुल टाइम पेशा है उनका, राजनीति की मंज़िल सत्ता प्राप्ति ही तो होती है।</p>
<p>उदय भानु नाम के यूजर ने लिखा कि इसका मतलब तो यही हुआ कि सपा भाजपा की बी टीम है और भाजपा सपा को लाभ पहुचा रही है, इसीलिए अखिलेश भईया मन ही मन भाजपा को सपोर्ट कर रहे हैं और सरकार गिराने का मन नहीं बना रहे हैं। राजेंद्र शर्मा नाम के यूजर ने लिखा कि अभी मन न बनाने का क्या कारण है नारद जी? चुनाव के वक्त तो पूरा मन बना कर रैलियां कर रहे थे, अब अचानक मन से उतर गया सीएम पद।</p>
<p>बता दें कि समाजवादी पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश में सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। इसी से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नारद राय चंदौली पहुंचे थे जहां उन्होंने भाजपा सरकार को ‘गिराने’ को लेकर बड़ा बयान दिया। </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/sp-leader-narad-rai-made-a-big-statement-about-toppling-the-bjp-government-said-akhilesh-yadav-ji-ha						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/sp-leader-narad-rai-made-a-big-statement-about-toppling-the-bjp-government-said-akhilesh-yadav-ji-ha</guid>
					<pubDate>Wed, 24 Aug 2022 01:55:36 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[डीडी न्यूज के कार्यक्रम दो टूक पर शो का नाम ‘आप के पाप’ रखने पर भड़के संजय सिंह, कही ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>मनीष सिसोदिया इस वक्त सीबीआई जांच के घेरे में हैं। उनके घर पर सीबीआई छापेमारी भी कर चुकी है। AAP का दावा है कि जल्द ही सीबीआई उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है। मनीष सिसोदिया पर लगाए गए आरोपों और उस पर मचे बवाल पर डीडी न्यूज पर एक डिबेट शो आयोजित किया गया, जिसके नाम को लेकर आप सांसद संजय सिंह भड़क गए!</p>
डीडी न्यूज के कार्यक्रम पर भड़के संजय सिंह
<p>संजय सिंह ने डीडी न्यूज के इस प्रोग्राम के ट्वीट को शेयर कर लिखा कि डीडी न्यूज तो कभी ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करती थी। आप एक सरकारी चैनल हैं, आपको अपनी निष्पक्षता कायम रखनी चाहिये। उम्मीद करता हूं कि सदन में मेरे सवालों का जवाब ज़रूर देगा डीडी न्यूज का प्रशासन।</p>
कार्यक्रम के नाम पर खड़ा हुआ विवाद
<p>बता दें कि डीडी न्यूज के कार्यक्रम दो टूक कार्यक्रम का नाम ‘आप के पाप’ रखा गया। इसी पर संजय सिंह ने आपत्ति जताई। इस शो के एंकर पत्रकार अशोक श्रीवास्तव हैं। डीडी न्यूज के शो को लेकर मचे बवाल और संजय सिंह के ट्वीट पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।</p>
<p>महेश कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि निश्चिंत रहो, तुम्हारे हर सवाल का जवाब दिया जाएगा लेकिन तुम भी जनता और लोगों के सवालों का जवाब दो। फिलहाल तो आप जांच एजेंसियों के ही जवाब दे दो, वही ही काफी है और हां, देश की जनता मूर्ख नहीं है। अभिषेक सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि आप भाषा और मर्यादा की बात करोगे? जो राज्यसभा में सभापति टेबल पर चढ़कर सरकारी कागज फाड़ता हो, तू-तड़ाक बोलता हो।</p>
<p>ईश्वर नाम के यूजर ने लिखा कि पाप तो ये मीडिया वाले कर रहे हैं, ये इतने अंधे हो गये हैं कि सच इनको नजर नहीं आ रहा। यदि ‘आप’ पार्टी गलत रहती तो दिल्ली आज इतना विकसित नहीं होता। एक यूजर ने लिखा कि राज्यसभा का सदस्य तो सभापति पर कागज का गोला भी तो नहीं फेंकता, अपने क्यों फेंका था?</p>
<p>बता दें कि दिल्ली आबकारी नीति को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं। जब सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू की है तो आप नेता भाजपा और सरकार पर भड़क गये हैं। आप नेताओं का कहना है कि भाजपा, अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता से डर गई है। यही वजह है कि अब वह AAP के पीछे पड़ी हुई है।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/sanjay-singh-was-furious-for-naming-the-show-aap-ke-pap-on-dd-news-program-bluntly-said-this						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/sanjay-singh-was-furious-for-naming-the-show-aap-ke-pap-on-dd-news-program-bluntly-said-this</guid>
					<pubDate>Wed, 24 Aug 2022 01:42:28 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अखिलेश के बाद अब तेजस्वी यादव ने इस नेता को बताया PM मजबूत उम्मीदवार]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>2024 में होने वाले आम चुनावों को लेकर सियासी गलियारों में अभी से हलचल देखने को मिल रही है. कल शनिवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विपक्ष के प्रधानमंत्री उम्मीदवार को लेकर तीन नाम गिनाए थे. उन्होंने ममता बनर्जी, केसी राव और शरद पवार को मजबूत पीएम उम्मीदवार बताया था. अब बिहार के डिप्टी सीएम ने भी विपक्ष के पीएम उम्मीदवार को लेकर अपनी पसंद जाहिर की है. राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को कहा कि यदि विपक्ष विचार करता है, तो नीतीश कुमार एक मजबूत उम्मीदवार हो सकते हैं.</p>
'विपक्षी एकता के लिए शुभ संकेत'
<p>राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता ने कहा कि जद (यू), राजद, कांग्रेस और अन्य दलों के एकजुट होने से महागठबंधन सरकार का सत्ता में आना विपक्षी एकता के लिए शुभ संकेत है. यह संकेत देता है कि अधिकांश विपक्षी दल देश के सामने बड़ी चुनौती, भाजपा के आधिपत्य को पहचानते हैं, जहां पैसे, मीडिया और (प्रशासनिक) मशीनरी शक्ति के बल पर, वे भारत से सभी विविधता को खत्म करने के लिए दृढ़ हैं. समाज के साथ-साथ राजनीतिक स्पेक्ट्रम से भी.</p>
हमें केंद्र से कुछ मिला है?
<p>तेजस्वी यादव ने कहा कि यह राज्यों के स्तर पर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय और विकास के मुद्दों का भी सवाल है. सहकारी संघवाद की उनकी सभी बातों के लिए, भाजपा की कोशिश लगातार क्षेत्रीय असमानताओं को नजरअंदाज करने की रही है. बिहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता है. लेकिन क्या हमें केंद्र से कुछ मिला है ... बिल्कुल नहीं.</p>
नीतीश कुमार को लेकर क्या बोले तेजस्वी?
<p>उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय दलों और अन्य प्रगतिशील राजनीतिक समूहों को अपने संकीर्ण लाभ और हानि से परे देखना होगा और गणतंत्र को बचाना होगा. यह पूछे जाने पर कि क्या नीतीश कुमार 2024 के चुनावों के लिए प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए सबसे उपयुक्त हैं और क्या वह विपक्ष के उम्मीदवार हो सकते हैं? इसके जवाब में तेजस्वी ने कहा, 'मैं यह सवाल माननीय नीतीश जी पर छोड़ता हूं. मैं पूरे विपक्ष की ओर से बोलने का दावा नहीं कर सकता, हालांकि माना जाए तो आदरणीय नीतीश जी निश्चित रूप से एक मजबूत उम्मीदवार हो सकते हैं.'</p>
तेजस्वी ने की नीतीश की तारीफ
<p>तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछले 50 वर्षों से वह (नीतीश कुमार) एक सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता रहे हैं, उन्होंने जेपी और आरक्षण आंदोलनों में भाग लिया है. उनके (नीतीश कुमार) पास 37 साल से अधिक का विशाल संसदीय और प्रशासनिक अनुभव है और उन्हें जमीनी स्तर पर और साथ ही अपने साथियों के बीच अपार सद्भावना मिली हुई है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/after-akhilesh-now-tejashwi-yadav-told-this-leader-pm-strong-candidate						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/after-akhilesh-now-tejashwi-yadav-told-this-leader-pm-strong-candidate</guid>
					<pubDate>Mon, 22 Aug 2022 01:23:26 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस पार्टी के नए अध्यक्ष का इंतजार होगा खत्म, इस तारीख तक होगा ऐलान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस को लंबे समय से एक नए अध्यक्ष का इंतजार है. इसे लेकर पार्टी में कई दिनों से मंथन चल रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया के क्रम में रविवार को पार्टी की बड़ी बैठक हुई. इसमें पार्टी के चुनाव प्राधिकरण ने कहा कि 20 सितंबर तक एक नए पार्टी प्रमुख के चुनाव के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा सकता है. पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की अंतिम तारीख को मंजूरी देना कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) पर निर्भर है, जो 21 अगस्त से 20 सितंबर के बीच कोई भी दिन हो सकता है.</p>
20 सितंबर तक हो सकती है अहम घोषणा
<p>सीडब्ल्यूसी ने फैसला किया था कि 16 अप्रैल से 31 मई, 2022 तक ब्लॉक समितियों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक-एक सदस्य के लिए चुनाव होंगे. जिला कमेटी के अध्यक्ष और कार्यकारिणी का चुनाव एक जून से 20 जुलाई के बीच, पीसीसी प्रमुखों और एआईसीसी के सदस्यों का चुनाव 21 जुलाई से 20 अगस्त 2022 के बीच और एआईसीसी के अध्यक्ष का चुनाव 21 अगस्त से 20 सितंबर के बीच होगा.</p>
सामने आई ये बड़ी जानकारी
<p>इसपर मिस्त्री ने कहा कि हम शेड्यूल के साथ चल रहे हैं. हम पहले ही पार्टी नेतृत्व को चुनाव कार्यक्रम भेज चुके हैं और सीडब्ल्यूसी की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं, जो कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की अंतिम तारीख तय करेगी. यह पूछे जाने पर कि क्या प्रखंड, जिला और प्रदेश कांग्रेस समितियों के स्तर पर संगठनात्मक चुनाव संपन्न हो गए हैं, उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. हालांकि, मिस्त्री ने कहा कि चुनाव प्राधिकरण एआईसीसी प्रतिनिधियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है जो पार्टी के शीर्ष पद के लिए महत्वपूर्ण चुनाव में मतदान करेंगे.</p>
जी-23 नेताओं की पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर
<p>उन्होंने कहा कि कार्य समिति द्वारा सटीक तारीख को अंतिम रूप दिया जाएगा, इसके लिए बैठक जल्द ही होगी. सोनिया गांधी और पार्टी कह रही है कि 20 सितंबर तक कांग्रेस को अपना नया अध्यक्ष मिल जाएगा. इस बीच, यह पता चला है कि जी-23 चुनाव प्रक्रिया और इसकी पारदर्शिता पर कड़ी नजर रख रहा है. राज्यसभा में विपक्ष के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद और उनके डिप्टी आनंद शर्मा के अलावा भूपिंदर सिंह हुड्डा और मनीष तिवारी सहित प्रमुख दिग्गजों का समूह ब्लॉक से सीडब्ल्यूसी स्तर तक सही चुनाव पर जोर दे रहा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/the-wait-for-the-new-president-of-the-congress-party-will-be-over-will-be-announced-by-this-date						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/the-wait-for-the-new-president-of-the-congress-party-will-be-over-will-be-announced-by-this-date</guid>
					<pubDate>Mon, 22 Aug 2022 01:01:52 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ममता बनर्जी से मिले, आधे घंटे की बातचीत के बाद अटकलों का बाजार गर्म हुआ]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य सुब्रह्मण्यम स्वामी ने गुरुवार को राज्य सचिवालय नबान्ना में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के कट्टर आलोचक वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी से करीब आधे घंटे तक बात की। हालांकि यह पता नहीं चल पाया है कि दोनों नेताओं के बीच किस मुद्दे पर चर्चा हुई। हालांकि अटकलें लगाई जाने लगी हैं कि कहीं पूर्व राज्यसभा सदस्य तृणमूल कांग्रेस में तो शामिल नहीं होने जा रहे।</p>
<p>बता दें कि सुब्रह्मण्यम स्वामी पिछले साल के अंत में बंगाल आना था। उन्होंने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी थी लेकिन उस समय वह राज्य में नहीं आ पाए थे। सुब्रह्मण्यम स्वामी को हमेशा तृणमूल नेत्री की तारीफ करते देखा गया है। सुब्रह्मण्यम स्वामी खासतौर पर केंद्र की आर्थिक नीतियों का विरोध करते नजर आए हैं। पिछले अप्रैल में उन्होंने टिप्पणी की थी कि मोदी सरकार देश की अर्थव्यवस्था से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक हर चीज में पूरी तरह से विफल रही है।</p>
<p>ट्विटर पर उन्होंने लिखा था कि पिछले आठ वर्षों में हमने देखा है कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आर्थिक विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रहे हैं। वरन साल 2016 से विकास दर घटने लगी है। राष्ट्रीय सुरक्षा से भी गंभीर रूप से समझौता किया गया है। मोदी चीन से भी अनभिज्ञ हैं।</p>
<p>दरअसल, सुब्रह्मण्यम स्वामी को दो बार केंद्रीय कैबिनेट की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन वह पीएम मोदी की नई कैबिनेट में फिट नहीं हुए। आलोचकों का दावा है कि इसीलिए वह नरेन्‍द्र मोदी पर सवाल उठाने से नहीं चूकते हैं। इससे पहले भी उन्हें अपनी पसंद का मंत्रालय नहीं मिलने पर सरकार की आलोचना करते हुए देखा गया था। पिछले साल सुब्रह्मण्यम स्वामी को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति से हटाना पड़ा था। इसके बाद से उन्होंने विरोध के स्वर तेज कर दिए हैं। </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/bjp-leader-subramanian-swamy-meets-mamta-banerjee-after-half-an-hours-conversation-the-market-of-spe						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/bjp-leader-subramanian-swamy-meets-mamta-banerjee-after-half-an-hours-conversation-the-market-of-spe</guid>
					<pubDate>Fri, 19 Aug 2022 01:40:22 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भाजपा संसदीय बोर्ड से नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान बाहर, सियासी अटकले तेज]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भाजपा ने अपनी सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई यानी संसदीय बोर्ड में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) को जगह नहीं दी। इससे सियासी अटकले तेज हो गई हैं। हालांकि इन अटकलों पर विराम लगाते हुए भाजपा ने दावा किया कि उसका पुनर्गठित संसदीय बोर्ड पार्टी की संगठनात्मक क्षमता और विविधता का परिचायक है।</p>
अनुभव को महत्‍व देती है पार्टी 
<p>समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा सूत्रों ने कहा कि नया पुनर्गठित संसदीय बोर्ड दिखाता है कि पार्टी पुराने कार्यकर्ताओं को कैसे पुरस्कृत करती है और उनके अनुभव को महत्व देती है। बी. एस. येदियुरप्पा (BS Yeddyurappa), सत्यनारायण जटिया (Satyanarayan Jatia), के. लक्ष्मण (L. Laxman) जैसे नेताओं ने पार्टी को मौजूदा मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। उनका सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय में शामिल किया जाना दिखाता है कि पार्टी अपने सम्मानित कार्यकर्ताओं को महत्व देती है।</p>
इस बार विविधता पर जोर 
<p>भाजपा सूत्रों ने नवगठित संसदीय बोर्ड के विविधता की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसमें विविधता पर जोर दिया गया है। सर्बानंद सोनोवाल पूर्वोत्तर से हैं तो दूसरी ओर एल. लक्ष्मण और बी. एस. येदियुरप्पा दक्षिण से हैं, जबकि इकबाल सिंह लालपुरा (Iqbal Singh Lalpura) एक सिख समुदाय से हैं। सुधा यादव (Sudha Yadav) जमीनी नेता हैं जिनके पति कारगिल (Kargil) में शहीद हो गए थे। सुधा यादव (Sudha Yadav) को शामिल करना महिलाओं और सशस्त्र बलों के कर्मियों के परिवारों के प्रति उनके अत्यधिक सम्मान को दर्शाता है। </p>
जेपी नड्डा ने चौंकाया 
<p>गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी संगठन की पूरी केंद्रीय टीम बनाने में थोड़ी देर जरूर की लेकिन जब बनाया तो चौंका दिया। पार्टी की शीर्ष नीति निर्णायक इकाई, संसदीय बोर्ड में लगभग उसी तरह भारी बदलाव किया जिस तरह केंद्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति में किया था। पारंपरिक रूप से चल रही अलिखित लाइन से परे हटते हुए संसदीय बोर्ड को बिल्कुल नया रूप दे दिया जिसमें पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी को भी जगह नहीं मिली।</p>
मौजूदा फैसले से दिया बड़ा संदेश 
<p>वर्तमान सदस्य और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी बाहर हो गए। जबकि कर्नाटक में भाजपा के बड़े नेता बीएस येदियुरप्पा, तेलंगाना के पूर्व अध्यक्ष के. लक्ष्मण, पंजाब के इकबाल सिंह लालपुरा, असम से आनेवाले केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल जैसे लोगों को शामिल कर देश के हर कोने को प्रतिनिधित्व दिया गया। परोक्ष रूप से यह संदेश भी दे दिया गया कि मुख्यमंत्री संसदीय बोर्ड में नहीं होंगे। ऐसी परंपरा कुछ वक्त पहले तक थी।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/nitin-gadkari-and-shivraj-singh-chouhan-out-of-bjp-parliamentary-board-political-speculation-intensi						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/nitin-gadkari-and-shivraj-singh-chouhan-out-of-bjp-parliamentary-board-political-speculation-intensi</guid>
					<pubDate>Thu, 18 Aug 2022 11:17:13 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चुनाव विश्लेषक प्रशांत किशोर ने बिहार की नई सरकार पर साधा निशाना और उड़ाया मजाक]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>बिहार में एक बार फिर महागठबंधन की सरकार बनने के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम है. इस बीच नेताओं में जुबानी जंग भी तेज हो गई है. भाजपा के साथ-साथ अब चुनाव विश्लेषक प्रशांत किशोर ने भी बिहार की नई सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 लाख नौकरी के वादे का मजाक उड़ाया है. नीतीश कुमार ने महागठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेने के बाद वादा किया था कि बिहार के युवाओं को 20 लाख नौकरी की सौगात दी जाएगी. </p>
प्रशांत किशोर ने उड़ाया नीतीश के वादे का मजाक
<p>नीतीश कुमार ने कहा था कि बिहार में कम से कम 10 लाख सरकारी नौकरियां और अतिरिक्त 10 लाख 'रोजगार के अवसर' पैदा किए जाएंगे. नीतीश के नौकरी के वादे पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर सरकार अगले दो से तीन वर्षों में 5 से 10 लाख के बीच भी रोजगार के अवसर सृजित करती है तो वह अपना जन सूरज अभियान समाप्त कर देंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें (नीतीश कुमार) नेता मान लूंगा.</p>
'अभी कई बार बिहार की राजनीति घूमेगी'
<p>अपने जन सुराज अभियान के तहत समस्तीपुर पहुंचे प्रशांत किशोर ने बुधवार को महागठबंधन सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो नियोजित शिक्षक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, उन्हें तो समय पर सरकार वेतन दे नहीं पा रही और नई नौकरियां कहां से दे पाएगी. प्रशांत किशोर ने दावा करते हुए कहा कि आने वाले समय में राजनीतिक उठापटक अभी और होगी. अभी हमको आए हुए 3 महीने ही हुए और बिहार की राजनीति 180 डिग्री घूम गई. अगला विधानसभा चुनाव आते-आते अभी कई बार बिहार की राजनीति घूमेगी.</p>
'फेवीकोल लगाकर कुर्सी पर बैठे नीतीश'
<p>उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार 'फेवीकोल' लगाकर अपनी कुर्सी पर बैठ गए हैं और बाकी की पार्टियां कभी इधर तो कभी उधर होती रहती हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि जनता ने इस सरकार को वोट नहीं दिया था. ये सरकार जुगाड़ पर चल रही है, इसे जनता का विश्वास प्राप्त नहीं है. उन्होंने 2005 से 2010 के बीच एनडीए सरकार के काम की प्रशंसा भी की.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/election-analyst-prashant-kishor-targeted-and-made-fun-of-the-new-government-of-bihar						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/election-analyst-prashant-kishor-targeted-and-made-fun-of-the-new-government-of-bihar</guid>
					<pubDate>Thu, 18 Aug 2022 01:20:26 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[प्रधानमंत्री के भाई-भतीजावाद के सवाल पर राहुल गांधी का 'नो कमेंट्स', सोनिया गाँधी ने ये कहा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से दिए गए भाषण पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद दो बड़ी चुनौतियां हैं जिनका देश आज सामना कर रहा है. इसी बारे में पर जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं.'</p>
सोनिया गांधी ने कहा- आत्ममुग्ध सरकार 
<p>15 अगस्त के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश ने इन 75 वर्षों में अनेक उपलब्धियां हासिल की, लेकिन आज की ‘आत्ममुग्ध सरकार’ स्वतंत्रता सेनानियों के महान बलिदानों और देश की गौरवशाली उपलब्धियों को तुच्छ साबित करने पर तुली हुई है.</p>
राहुल ने झाड़ा पलड़ा
<p>हालांकि राहुल गांधी ने कुछ नहीं कहा. वो इस दौरान पीएम के भाषण पर टिप्पणी करने से बचे. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान भी स्पष्ट मना कर दिया और शुभकामनाएं देकर आगे बढ़ गए.</p>
आखिर ऐसा क्या कह गए पीएम मोदी?
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 76वें स्वतंत्रता दिवस पर सोमवार को कहा कि आज जब देश ‘अमृत काल’ में प्रवेश कर रहा है तो भ्रष्टाचार और परिवारवाद दो ऐसी प्रमुख चुनौतियां हैं जो राजनीति तक ही सीमित नहीं हैं. उन्होंने देशवासियों से इन विकृतियों से नफरत करने और अगले 25 सालों में ‘विकसित भारत’ सुनिश्चित करने के लिए ‘पंच प्रण’ लेने का आह्वान किया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhis-no-comments-on-pms-question-of-nepotism-sonia-gandhi-said-this						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/rahul-gandhis-no-comments-on-pms-question-of-nepotism-sonia-gandhi-said-this</guid>
					<pubDate>Mon, 15 Aug 2022 21:42:07 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[मुख्तार अब्बास नकवी का विपक्ष पर कटाक्ष, कहा बिना रिक्ति के ही विपक्ष ने दो दर्जन पीएम उम्मीदवारों की सूची तैयार की]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष का मजाक उड़ाते हुए कहा कि रिक्ति के बिना ही विपक्ष ने दो दर्जन पीएम उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के पीएम उम्मीदवार पद के लिए नीतीश कुमार, ममता बनर्जी और अब अखिलेश यादव के नाम भी सामने आ रहे हैं. यूपी के रामपुर में सभा को संबोधित करते हुए नकवी ने कहा कि मोदी-फोबिया की राजनीतिक बीमारी से पीड़ित लोग जल्द ही गायब हो जाएंगे. बता दें कि ममता बनर्जी और नीतीश कुमार के पीएम उम्मीदवारी की अटकलें लंबे समय से चल रही हैं. इस लिस्ट में अखिलेश यादव का नाम पहली बार सामने आया है. खबरें ये भी आती रही हैं कि अखिलेश राज्य की राजनीति छोड़ दिल्ली का रुख करने का विचार कर रहे हैं.</p>
नकवी का विपक्ष पर निशाना
<p>उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए, भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 'मोदी फोबिया की राजनीतिक बीमारी' से पीड़ित लोग जल्द ही गायब हो जाएंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि 'निराशावादी राजनीतिक खिलाड़ियों' का ढोंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी मेहनत और ईमानदारी को कभी नहीं हरा सकता है.</p>
पीएम की तारीफ में पढ़े कसीदे
<p>विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए, भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने (विपक्ष) पहले ही दो दर्जन प्रधानमंत्री उम्मीदवारों की प्रतीक्षा सूची तैयार कर ली है. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसे 'वैनिटी विदाउट वेकेंसी' कहा जाता है. नकवी ने कहा कि तमाम ‘राजनीतिक असहिष्णुता और फर्जी आरोपों’ के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी लगातार और कर्मठता से ‘समावेशी सशक्तिकरण’ की प्रतिबद्धता की दिशा में काम कर रहे हैं.</p>
रामपुर में 'तिरंगा पतंग कार्यक्रम'
<p>उन्होंने कहा कि मोदी के लिए देश की सुरक्षा और गरिमा 'राष्ट्र नीति' है जबकि हर जरूरतमंद का कल्याण 'राष्ट्रधर्म' है. अपने रामपुर दौरे के दौरान, नकवी ने महात्मा गांधी स्टेडियम में 'तिरंगा पतंग कार्यक्रम' में भाग लिया. इस कार्यक्रम में तिरंगे के सम्मान में 75 पतंगें उड़ाई गईं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/mukhtar-abbas-naqvi-took-a-dig-at-the-opposition-said-the-opposition-prepared-a-list-of-two-dozen-pm						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/mukhtar-abbas-naqvi-took-a-dig-at-the-opposition-said-the-opposition-prepared-a-list-of-two-dozen-pm</guid>
					<pubDate>Sun, 14 Aug 2022 02:15:37 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[घबराएं 11 विपक्षी दलों ने BJP के खिलाफ बनाया नया प्लान, ये मुद्दे रहेंगे केंद्र में]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस अब भाजपा और केंद्र सरकार नए सिरे से घेरने की तैयारी में जुट गई है. इस क्रम में कांग्रेस ने 10 और विपक्षी दलों का समर्थन जुटाया है. देश में बीते दिनों हुए बड़े घटनाक्रमों में से केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई सुर्खियों में छाई रही. जिसके बाद से कांग्रेस और विपक्षी दल केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर हैं. इसे लेकर कांग्रेस और 10 विपक्षी दलों के नेताओं ने शनिवार को कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली केंद्र सरकार का विरोध करना जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), धनबल और मीडिया का दुरुपयोग किए जाने के खिलाफ लड़ेंगे.</p>
कांग्रेस को मिला इन सियासी दलों का साथ
<p>कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तेलंगाना राष्ट्र समिति, राष्ट्रीय लोक दल, वेलफेयर पार्टी और स्वराज इंडिया के नेताओं ने एक प्रस्ताव में यह दावा भी किया कि मौजूदा केंद्र सरकार ने लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती पैदा कर दी है.</p>
ईवीएम को लेकर केंद्र पर निशाना
<p>इन दलों के एक सम्मेलन में तीन प्रस्ताव पारित किए. पहला प्रस्ताव, ईवीएम और ‘वीवीपैट’ (वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) को लेकर था. इन दलों ने दावा किया कि ईवीएम को लेकर यह आकलन नहीं किया जा सकता कि इनमें छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है.</p>
धनबल और बाहुबल का आरोप
<p>दूसरे प्रस्ताव में कहा गया है कि चुनावों में बड़े पैमाने पर धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल किया जाता है जिससे चुनाव की शुचिता नष्ट हो रही है. उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक चंदे के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड की व्यवस्था खत्म की जानी चाहिए.</p>
जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
<p>विपक्षी दलों ने तीसरे प्रस्ताव में दावा किया कि मीडिया और संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से ध्रुवीकरण किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ऑनलाइन फर्जी खबरों पर अंकुश लगाने में विफल रहा है. इन दलों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/dont-panic-11-opposition-parties-have-made-a-new-plan-against-bjp-these-issues-will-remain-in-the-ce						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/dont-panic-11-opposition-parties-have-made-a-new-plan-against-bjp-these-issues-will-remain-in-the-ce</guid>
					<pubDate>Sun, 14 Aug 2022 02:09:11 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राजनाथ सिंह की टूक, कहा भारत ने चीन को अपने क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया, विपक्ष इसपर राजनीति न करें]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारत-चीन सीमा क्षेत्र से सटे इलाकों में चीन की अवैध गतिविधियां अक्सर उजागर  विपक्ष को देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सियासत न करने के लिए कहा है. विपक्ष लंबे समय से भारतीय सीमा में कथित चीनी घुसपैठ को लेकर केंद्र पर हमला करता रहा है. राजनाथ सिंह ने दो टूक कहा है कि भारत ने चीन को अपने क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया है. </p>
चीन को लेकर राजनाथ सिंह ने कह दी ये बात
<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत ने चीन को अपने क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया और राजनीतिक दलों को देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जो भी कहा जाए, भारत ने अपनी जमीन पर किसी को भी अतिक्रमण नहीं करने दिया. सिंह ने कहा कि सरकार ने भारत के लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और जो भी देश की शांति एवं सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसे करारा जवाब दिया जाएगा.</p>
विपक्ष पर बरसे रक्षा मंत्री
<p>उन्होंने कहा, 'इस मामले में कई घटनाएं हुईं, जिन्हें हम केवल दो-तीन लोग ही जानते हैं. मैं उन विवरणों का खुलासा नहीं कर सकता लेकिन हमने उन्हें अपने क्षेत्र में घुसपैठ नहीं करने दी.' सिंह ने राजनीतिक दलों से मुद्दों का राजनीतिकरण न करने की अपील की. रक्षा मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों को नवीनतम हथियारों और प्रौद्योगिकी से लैस किया जा रहा है तथा वे भविष्य के सभी खतरों से निपटने के लिए तैयार हैं. उन्होंने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके मंत्रालय ने स्वदेशी हथियारों के निर्माण के लिए कई सुधार किए हैं.</p>
रक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ रहा भारत
<p>सिंह ने कहा, 'पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा किए गए उपायों के कारण, भारत दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातकों में जगह पाने के लिए छलांग लगा चुका है. इस दशक के अंत तक, भारत न केवल अपने लिए रक्षा उपकरण बनाएगा, बल्कि मित्र देशों की जरूरतों को भी पूरा करेगा.' सिंह मुगल काल के राजपूत सेनापति वीर दुर्गादास राठौर की प्रतिमा के अनावरण समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि भाजपा जो कहती है वह करती है.</p>
राजपूत सेनापति की 385वीं जयंती
<p>राजपूत सेनापति की 385वीं जयंती पर जोधपुर के सलवां कलां गांव में राठौर की प्रतिमा का अनावरण करते हुए सिंह ने कहा, 'कहा जाता है कि राजनीतिक नेताओं की कथनी और करनी में अंतर होता है.' उन्होंने अपने संबोधन में कहा, 'लेकिन भाजपा जो कहती है वह करती है. हमें यह प्रेरणा वीर दुर्गादास राठौर जैसे धरती के सपूतों से मिलती है.' प्रतिमा की स्थापना की प्रशंसा करते हुए सिंह ने कहा कि राठौर हमेशा धार्मिक सौहार्द के लिए खड़े रहे. सिंह ने कहा, ‘हमें ऐसे समय में उनसे सीखने की जरूरत है जब कुछ ताकतें हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दरार को बढ़ाने की साजिश कर रही हैं.’ इससे पहले, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्यसभा सदस्य राजेंद्र गहलोत और अन्य भाजपा नेताओं ने यहां हवाई अड्डे पर रक्षा मंत्री का स्वागत किया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/rajnath-singh-said-india-did-not-allow-china-to-enter-its-territory-opposition-should-not-do-politic						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/rajnath-singh-said-india-did-not-allow-china-to-enter-its-territory-opposition-should-not-do-politic</guid>
					<pubDate>Sun, 14 Aug 2022 01:30:22 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बिहार में ऐसा क्या हुआ सरकार,  बीजेपी गई हार, महागठबंधन ने पहनाया नितीश को मुख्यमंत्री का हार]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने मंगलवार को अपनी 21 महीने पुरानी सरकार का स्ट्रक्चर बदल लिया. उन्होंने बीजेपी का साथ छोड़कर एक बार फिर लालू प्रसाद यादव की RJD की लालटेन थाम ली. ये भूल कर कि लालू यादव के बेटों से परेशान होकर उन्होंने महागठबंधन का साथ छोड़ा था, नीतीश ने फिर भतीजे तेजस्वी यादव को गले लगा लिया. बिहार की राजनीति में नीतीश और बीजेपी के बीच धुआं तो तीन दिन से उठ रहा था. लेकिन इसकी लपटें आज सुबह तेजी से उठीं, जब खबर आई कि नीतीश JDU विधायकों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहे हैं और उसमें कोई बड़ा फ़ैसला होने वाला है.</p>
नीतीश ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा
<p>बैठक में क्या होने वाला है, इसकी पुष्टि थोड़ी देर में उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने और लालू यादव की बेटियों ने भी अपने ट्वीट से कर दी. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के फैसले का अंदाजा तो बीजेपी को भी था, इसलिए बिहार के जो बीजेपी नेता दिल्ली में थे, वो भी फटाफट पटना पहुंच गए. JDU की बैठक हुई तो नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे और राज्यपाल फागू चौहान को अपना इस्तीफ़ा सौंपकर आ गए.</p>
<p>बाहर निकलकर नीतीश (Nitish Kumar) ने कहा कि NDA का साथ छोड़ना पूरी पार्टी का फ़ैसला है. इसके बाद नीतीश कुमार सीधे राबड़ी देवी के घर पहुंचे. वहां पर उनके पुराने साथी पलक पांवड़े बिछाकर स्वागत के लिए तैयार बैठे थे. RJD के सारे विधायक वहां पहले से जमा थे. सबने मिलकर नीतीश कुमार को महागठबंधन का नेता चुना.</p>
<p>इसके बाद शाम को नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एक बार फिर राजभवन पहुंचे. इस बार तेजस्वी यादव भी उनके साथ थे. दोनों नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर उन्हें 164 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा और नई सरकार बनाने का दावा पेश किया.</p>
आज तेजस्वी के साथ फिर लेंगे शपथ
<p>अब नीतीश कुमार (Nitish Kumar) आज दोपहर को 2 बजे राजभवन में फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. वो आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे. साथ में तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी. तेजस्वी भी दूसरी बार बिहार के डिप्टी सीएम बनेंगे.</p>
<p>अगर आपसे भारतीय राजनीति में इस्तेमाल होने वाले पांच सबसे लोकप्रिय और फैशनेबल शब्द पूछे जाएं तो इनमें एक शब्द नैतिकता भी होगा.</p>
<p>ये वो शब्द है, जिसकी हर नेता दुहाई देता है. जबकि राजनीति के शब्दकोष में नैतिकता की कोई स्पष्ट परिभाषा है ही नहीं और इसी का लाभ राजनेता उठाते हैं. जैसे एक बार फिर नीतीश कुमार ने उठाया. वर्ष 2015 में उन्होंने RJD के साथ मिलकर महागठबंधन बनाया और बिहार में सरकार बनाई. लेकिन 20 महीने बाद ही वर्ष 2017 में  RJD का उन्होंने साथ छोड़ दिया और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली. इसके बाद वर्ष 2020 में बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा. अब ठीक 21 महीने बाद बीजेपी का साथ छोड़कर फिर से RJD के साथ गठबन्धन कर लिया.</p>
वर्ष 2015 में छोड़ दिया था तेजस्वी का साथ
<p>अब आप इसे राजनैतिक अनैतिकता नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे. लेकिन नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अगर चाहें तो कल इसे भी नैतिकता का चोला पहना सकते हैं. वो कह सकते हैं कि 10 साल में किसी भी सरकार के दो टर्म होते हैं. इस लिहाज़ से उन्होंने पांच साल 23 दिन सरकार चलाकर बीजेपी के साथ टर्म पूरा कर लिया है और 2015 का जो टर्म RJD के साथ उन्होंने आधा ही पूरा किया था, बाक़ी का आधा अब पूरा करने जा रहे हैं. राजनीति में कुछ भी संभव है.</p>
<p>हम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के बीजेपी का साथ छोड़ने के कारणों पर भी बात करेंगे. लेकिन उससे पहले आपको बताते हैं कि बिहार विधानसभा में संख्या बल क्या है और अब नीतीश कुमार के पास क्या नंबर हैं.</p>
<p>बिहार विधानसभा में कुल सदस्यों की कुल संख्या 243 है. और एक पद खाली होने से मौजूदा संख्या 242 रह गई है. इनमें बहुमत साबित करने के लिए 122 सदस्यों की ज़रूरत है. इनमें बीजेपी के पास 77 विधायक हैं, RJD के पास 79, जेडीयू के पास 45, कांग्रेस के पास 19, लेफ्ट पार्टियों के पास 16, जीतन राम मांझी की HAM पार्टी के पास 4 विधायक और AIMIM का एक विधायक और एक विधायक निर्दलीय है.</p>
नीतीश कुमार को 7 पार्टियों का मिला समर्थन
<p>ये तो बिहार विधानसभा का कुल संख्या गणित है. अब आपको बताते हैं कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के साथ नया संख्या बल किस तरह का है. नीतीश कुमार ने जो नया बहुमत राज्यपाल को बतायास उसमें कुल सात पार्टियों के नाम हैं.</p>
<p>नीतीश ने जिन 164 विधायकों के समर्थन का दावा किया है, उनमें सबसे ज़्यादा 79 विधायक आरजेडी के हैं, खुद उनकी पार्टी जेडीयू के 45 विधायक हैं, 3 लेफ्ट पार्टियों के 16 विधायक हैं, कांग्रेस के 19 विधायक हैं, HAM पार्टी के 4 और एक निर्दलीय विधायक हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/what-happened-in-bihar-government-bjp-lost-mahagathbandhan-made-nitish-the-chief-ministers-defeat						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/what-happened-in-bihar-government-bjp-lost-mahagathbandhan-made-nitish-the-chief-ministers-defeat</guid>
					<pubDate>Thu, 11 Aug 2022 01:47:40 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद विपक्ष पर भड़की मार्गरेट अल्वा, कहा उनकी साख को ठेस पहुंचा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>शनिवार को उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा अपने सहयोगियों पर ही भड़क गईं। उन्होंने विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कुछ विपक्षी दलों ने भाजपा का समर्थन किया जिससे उनकी साख को ठेस पहुंचा है। हालांकि उन्होंने इससे पहले एनडीए के जगदीप धनखड़ को चुनाव जीतने पर बधाई दी।</p>
एकजुट विपक्ष के विचार पटरी से उतरे
<p>अल्वा ने ट्वीट कर कहा, धनखड़ को उपराष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई! यह चुनाव विपक्ष के लिए एक साथ काम करने, अतीत को पीछे छोड़ने और एक-दूसरे के बीच विश्वास बनाने का अवसर था। दुर्भाग्य से, कुछ विपक्षी दलों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को समर्थन करने का विकल्प चुना, जो एकजुट विपक्ष के विचार को पटरी से उतार दिया है। उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी दलों द्वारा भाजपा को समर्थन से विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा है।</p>
लोकतंत्र को मजबूत करने की लड़ाई जारी रहेगी
<p>अल्वा ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि ऐसा करके इन पार्टियों और उनके नेताओं ने अपनी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया है। यह चुनाव खत्म हो गया है। हमारे संविधान की रक्षा, हमारे लोकतंत्र को मजबूत करने और संसद की गरिमा को बहाल करने की लड़ाई जारी रहेगी।</p>
कई दलों ने दिया भाजपा का साथ
<p>गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ शनिवार को भारत के नए उपराष्ट्रपति चुने गए। उन्हें विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के खिलाफ 528 वोट मिले, वहीं अल्वा को 182 वोट मिले। बता दें कि कई विपक्षी दलों ने धनखड़ का समर्थन किया है, इनमें जनता दल (यूनाइटेड), वाइएसआरसीपी, बीएसपी, एआईएडीएमके और शिवसेना शामिल है।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/after-the-declaration-of-the-results-of-the-vice-presidential-election-margaret-alva-got-angry-on-th						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/after-the-declaration-of-the-results-of-the-vice-presidential-election-margaret-alva-got-angry-on-th</guid>
					<pubDate>Sun, 07 Aug 2022 11:31:46 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहने के निर्देश के बावजूद TMC के दो सांसदों ने किया मतदान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहने के निर्देश के बावजूद बंगाल के कांथी से सांसद व भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी ने शनिवार को मतदान किया। शिशिर के साथ उनके सांसद पुत्र दिव्येंदु अधिकारी ने भी संसद भवन में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए दोपहर में मतदान किया। दिव्येंदु तमलुक से सांसद हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि तृणमूल ने उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहने का पहले ही फैसला किया था। इस बीच लोकसभा में तृणमूल संसदीय दल के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने बीते चार अगस्त को सांसद शिशिर अधिकारी को पत्र लिखकर पार्टी के निर्देशों का पालन करने और वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने को कहा था। सुदीप ने इस पत्र की प्रति लोकसभा स्पीकर को भी भेजी थी। परंतु इसके बावजूद उन्होंने मतदान किया।</p>
<p>बता दें कि शिशिर अधिकारी साल 2019 में टीएमसी के टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए थे। 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने टीएमसी का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। हालांकि, शिशिर अधिकारी ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया था। इसी तरह उनके पुत्र दिव्येंदु अधिकारी भी टीएमसी से दूरी बनाकर चल रहे हैं।</p>
<p>इधर, पार्टी की मनाही के बावजूद उपराष्ट्रपति चुनाव में पिता-पुत्र द्वारा मतदान करने पर तृणमूल ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। लोकसभा में तृणमूल संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि यदि थोड़ी सी भी नैतिकता है तो दोनों को पहले सांसद पद से इस्तीफा देना चाहिए। इसके बाद उन्हें जो दल करना है वह करें।</p>
<p>बता दें कि शिशिर अधिकारी की संसद सदस्यता खारिज करने के लिए भी तृणमूल ने पिछले साल ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आवेदन किया था। सुदीप बंद्योपाध्याय ने दलबदल विरोधी कानून के तहत शिशिर की लोकसभा सदस्यता खारिज करने के लिए पत्र लिखा था। यह मामला फिलहाल लोकसभा की प्रिविलेज एंड एथिक्स कमेटी के विचाराधीन है।</p>
<p>तृणमूल का दावा है कि पिछले साल बंगाल विधानसभा चुनाव के समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूर्व मेदिनीपुर जिले में चुनाव प्रचार के लिए सभा करने आए थे। उस सभा में शिशिर अधिकारी शामिल हुए थे। वहीं पर वे भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि शिशिर अधिकारी ने हाल में भी दावा किया है कि वे तृणमूल में ही हैं।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/despite-instructions-to-abstain-from-voting-in-the-vice-presidential-election-two-tmc-mps-voted						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/despite-instructions-to-abstain-from-voting-in-the-vice-presidential-election-two-tmc-mps-voted</guid>
					<pubDate>Sun, 07 Aug 2022 10:37:45 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अमित शाह ने विरोधी दलों पर साधा निशाना, पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की भी की आलोचना]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोदी सरकार की जमकर तारीफ की है। शाह ने विरोधी दलों पर निशाना भी साधा है। अमित शाह ने कहा कि बीते आठ सालों में मोदी सरकार ने समावेशी और सभी तक पहुंचने वाली सरकार दी। शाह ने इस दौरान पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में नीतिगत पंगुता थी, जिसके कारण कई घोटाले हुए।</p>
<p>बता दें कि शाह देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित 'संकल्प से सिद्धि' कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, 'बीते आठ सालों में पीएम मोदी ने सर्व स्पर्शी, सर्व समावेशी सरकार दी है। देश में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहां सुधार नहीं हुए और हमने पूरे समाज की भलाई की शपथ ली है।'</p>
'पहले हर मंत्री खुद को पीएम मानता था'
<p>अप्रत्यक्ष रूप से पूर्ववर्ती यूपीए सरकार का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि 2014 से पहले एक समय था जब नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं माना जाता था, क्योंकि हर मंत्री का मानना था कि वह खुद प्रधानमंत्री है। शाह ने आगे कहा कि तब देश में नीतिगत पंगुता थी और 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले हुए थे। शाह ने ये भी कहा कि उस समय घोर पूंजीवाद और महंगाई चरम पर थी।</p>
2014 में सर्वसम्मति से लिया गया सरकार बनाने का निर्णय
<p>साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत को लेकर शाह ने कहा कि इन घटनाक्रमों ने देश को बहुमत के साथ सरकार बनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया।1</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/amit-shah-targeted-the-opposition-parties-also-criticized-the-previous-upa-government						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/amit-shah-targeted-the-opposition-parties-also-criticized-the-previous-upa-government</guid>
					<pubDate>Fri, 05 Aug 2022 11:20:58 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[महंगाई और बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस आज देशव्यापी प्रदर्शन करेगी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर आज कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी। कांग्रेस ने आज देशव्यापी प्रदर्शन बुलाया है। कांग्रेस कार्यकर्ता आज देश के कई हिस्सों में केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे। प्रदर्शन में कांग्रेस के तमाम सांसद भी हिस्सा लेंगे। कांग्रेस सांसद संसद भवन से विजय चौक तक मार्च निकालेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस पीएम आवास का घेराव भी करेगी।</p>
<p>कांग्रेस नेता अल्का लांबा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी राजभवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरा देश महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है। कांग्रेस भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ईडी का गलत इस्तेमाल कर विपक्ष को दबाना चाहती है, लेकिन हम डरने वाले नहीं है।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/congress-will-hold-nationwide-protest-today-regarding-inflation-and-unemployment						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/congress-will-hold-nationwide-protest-today-regarding-inflation-and-unemployment</guid>
					<pubDate>Fri, 05 Aug 2022 11:07:13 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[मानहानि केस : स्मृति ईरानी या उनकी बेटी के नाम पर किसी बार का लाइसेंस नहीं - दिल्ली हाईकोर्ट]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ( Smriti Irani) के दो करोड़ के मानहानि मामल में दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने आदेश जारी किया है. कोर्ट ने आदेश में कहा है कि पहली नजर में ये साबित हुआ है कि स्मृति ईरानी या उनकी बेटी के नाम पर किसी बार का लाइसेंस नहीं है. ना ही वो रेस्टोरेंट और बार की मालिक हैं. </p>
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<p>स्मृति ईरानी या उनकी बेटी ने कभी भी लाइसेंस के लिए आवेदन भी नहीं दिया है.हाईकोर्ट ने कहा कि गोवा सरकार द्वारा दिया गया शो कॉज नोटिस भी स्मृति ईरानी या उनकी बेटी के नाम पर नहीं जारी किया गया है. पहली नजर में ये लगता है कि याचिकाकर्ता स्मृति ईरानी ने जो कागजात पेश किए हैं वो उनके पक्ष को मजबूत करते हैं.</p>
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<p>कोर्ट ने अपने आदेश में ये कहा कि अगर कांग्रेस नेताओं द्वारा किये गए ट्वीट/पोस्ट को सोशल मीडिया पर रहने देते हैं तो उससे स्मृति ईरानी और उनके परिवार की छवि को गहरा नुकसान पहुंचेगा.</p>
<p>उच्च न्यायालय के आदेश के पैरा नंबर 28 में ये लिखा है कि कांग्रेस नेता जयराम नरेश, पवन खेड़ा और नेटा डिसूजा ने अन्य के साथ मिलकर एक साजिश रची और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उनकी बेटी के खिलाफ दुर्भावना के साथ आक्रामक और तीखी बातें कहीं कोर्ट ने कहा कि तीनों ही नेताओं ने एक साथ मिलकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उनकी बेटी की सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई.</p>
<p>पैरा 29 में कहा गया है कि वादी द्वारा दायर किए गए विभिन्न दस्तावेजों और प्रतिवादी संख्या 1, 2, 3 द्वारा किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंशों को देखने के बाद, मेरा प्रथम दृष्टया विचार है कि वादी के खिलाफ वास्तविक तथ्यों की पुष्टि किए बिना निंदनीय और अपमानजनक आरोप लगाए गए हैं. प्रतिवादी संख्या 1, 2 और 3 द्वारा किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विभिन्न ट्वीट्स और री-ट्वीट के मद्देनजर वादी और उसके परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है.</p>
<p>शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश, पवन खेड़ा और नेटा डिसूजा को ट्विट हटाने को कहा था. उन्होंने 24 घंटे के भीतर ट्वीट हटाने के आदेश दिये थे. हाईकोर्ट ने कहा था कि अगर वो ट्वीट हटाने में विफल रहे तो सोशल मीडिया कंपनी हटाए.</p>
<p>बता दें कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दो करोड़ रुपये की मानहानि के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में सिविल सूट दाखिल किया है. दरअसल हाईकोर्ट ने इस मामले में कांग्रेस नेताओं को समन जारी करके 18 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है. अगली सुनवाई 15 नवंबर को होगी.</p>
<p> </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/defamation-case-no-bar-license-in-the-name-of-smriti-irani-or-her-daughter-delhi-high-court						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/defamation-case-no-bar-license-in-the-name-of-smriti-irani-or-her-daughter-delhi-high-court</guid>
					<pubDate>Tue, 02 Aug 2022 12:51:11 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[झारखंड : कांग्रेस के तीन विधायक गिरफ्तार, भारी मात्रा में कैश मिलने के बाद पार्टी से भी सस्पेंड]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>झारखंड के जिन तीन विधायकों (Jharkhand Congress MLAs) के पास से भारी मात्रा में कैश मिला था, कांग्रेस ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. साथ ही इस मामले में हावड़ा की जिला अदालत ने झारखंड के तीनों विधायकों को 10 दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेजने का निर्देश दिया है. कांग्रेस ने झारखंड के अपने तीन विधायकों, इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल को सस्पेंड कर दिया है. इन तीनों विधायकों को कल पश्चिम बंगाल में उनके वाहन में भारी मात्रा में नकदी मिलने के बाद हिरासत में लिया गया था. वही बंगाल पुलिस ने कैश बरामदगी मामले में इन तीन विधायकों और दो अन्य को गिरफ्तार भी कर लिया है. </p>
<p>कांग्रेस ने शनिवार को तीन विधायकों के पकड़े जाने के बाद बीजेपी पर झारखंड में उसकी गठबंधन सरकार को गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया था. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तीनों विधायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.</p>
<p>विधायक अनूप सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के साथ अरगोड़ा थाने में सरकार को अस्थिर करने को लेकर केस दर्ज कराया है. जेपीसीसी अध्यक्ष ने पुष्टि करते हुए कहा है कि झारखंड सरकार को अस्थिर करने के मामले में रांची में एफआईआर दर्ज कराई गई है.</p>
<p>झारखंड कांग्रेस के महासचिव एवं प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा है कि, ''आने वाले दिनों में कोई भी जनप्रतिनिधि, पार्टी का जिम्मेदार पदाधिकारी या कोई भी कार्यकर्ता हो, हर किसी की जानकारी हमारे पास है. जो कोई भी इससे जुड़ा हुआ या लिप्त पाया जाता है, पार्टी उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी.'' </p>
<p>कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को ट्विटर पर लिखा था, ‘‘झारखंड में भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस' आज रात हावड़ा में बेनकाब हो गया. दिल्ली में ‘हम दो' का ‘गेम प्लान' झारखंड में भी वही करना है जो उन्होंने महाराष्ट्र में ई-डी जोड़ी लगाकर किया था.''</p>
<p>झारखंड के कांग्रेस के तीन विधायकों के वाहन से शनिवार को रात में पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई थी. पुलिस ने एक खुफिया सूचना के आधार पर जिस वाहन में विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्चाप और नमन बिक्सल कोंगरी सवार थे, उसे पांचला पुलिस थाना क्षेत्र के रानीहाती में राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर रोका था.</p>
<p>हावड़ा की एसपी स्वाति भांगलिया के मुताबिक, उन्हें सटीक सूचना मिली थी कि काले रंग की एक कार में भारी मात्रा में पैसा ले जाया जा रहा है. इस पर वाहनों की तलाशी शुरू कर दी और एक कार को रोका, जिसमें तीन विधायक सवार थे. कार से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई. उन्होंने कहा, नकदी गिनने के लिए मशीन मंगवाई गई. विधायकों से धन के स्रोत और इसे कहां ले जाया जा रहा था, इसके बारे में पूछताछ की जा रही है.</p>
<p>पुलिस के अनुसार एसयूवी में विधायकों के अलावा दो अन्य लोग भी बैठे हुए थे. इस कार के एक बोर्ड पर कांग्रेस के चुनाव चिह्न के साथ ही ‘‘विधायक जामताड़ा झारखंड'' लिखा हुआ था. अंसारी जामताड़ा, जबकि कच्चाप रांची जिले के खिजरी और कोंगारी सिमडेगा कोलेबिरा से विधायक हैं.</p>
<p>कांग्रेस की झारखंड इकाई ने दावा किया कि भारी मात्रा में यह नकदी हेमंत सोरेन सरकार को गिराने की बीजेपी की साजिश का हिस्सा है. कांग्रेस राज्य में लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ सोरेन सरकार का हिस्सा है.</p>
<p>झारखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु टिर्की ने कहा था कि, ऐसा लगता है कि यह बीजेपी की साजिश है. हेमंत सोरेन सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही बीजेपी उसे अस्थिर करने का प्रयास कर रही है. अगर हम देखें कि महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों में क्या हुआ तो यह साफ हो जाएगा कि बीजेपी सरकारों को सत्ता से बाहर करने के लिए धन का प्रयोग करती है.</p>
<p>टिर्की ने कहा कि, ‘‘मैं पार्टी आलाकमान से इन तीन विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध करता हूं, ताकि पार्टी के अन्य सदस्यों को कड़ा संदेश दिया जा सके.'' गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी पाए जाने के बाद हाल ही में टिर्की को विधायक पद से अयोग्य करार दिया गया था.</p>
<p>बीजेपी की झारखंड इकाई के अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को बताना चाहिए कि उन्हें इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से मिली. कांग्रेस के बयान का समर्थन करते हुए पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दावा किया कि विधायकों की खरीद-फरोख्त तथा झामुमो के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार को संभावित रूप से सत्ता से बाहर करने की अफवाहों के बीच नकदी बरामद की गई है.</p>
<p>झारखंड के निर्दलीय विधायक सरयू रॉय ने कांग्रेस से यह बताने को कहा है कि क्या विधायक नकदी लेकर झारखंड लौट रहे थे या झारखंड से किसी और राज्य में जा रहे थे. उन्होंने पूछा, धन का स्रोत कौन-सा राज्य है-असम, बंगाल या झारखंड?</p>
<p>पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा ने इस मामले की विस्तृत जांच की मांग की है. उन्होंने कहा, ‘‘ईडी अधिकारी, क्या आप इस मामले का संज्ञान ले रहे हैं या मामला इतना गंभीर नहीं है? झारखंड के तीन विधायक जिस कार में सवार थे, उसमें से बरामद नकदी को गिनने के लिए मशीनें मंगवाई गई हैं.''</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/jharkhand-three-congress-mlas-arrested-suspended-from-party-after-getting-huge-amount-of-cash						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/jharkhand-three-congress-mlas-arrested-suspended-from-party-after-getting-huge-amount-of-cash</guid>
					<pubDate>Tue, 02 Aug 2022 01:04:32 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[2024 में भी मोदी के नेतृत्व में बीजेपी लड़ेगी चुनाव, BJP के अगले PM पद के उम्मीदवार होंगे मोदी, नीतीश को लेकर अमित शाह ने कह दी बड़ी बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>2024 लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी अभी से ही कमर कस चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और जीत हासिल करने की दिशा में प्रयास करें। अमित शाह ने कहा कि 2024 में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ही होंगे। इस बात की जानकारी बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में गृह मंत्री अमित शाह ने पटना में देशभर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं संग संकल्प भी लिया।</p>
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2024 में भी नरेंद्र मोदी ही होंगे BJP के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार
<p>बीजेपी नेता अरुण सिंह ने बताया कि संयुक्त राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बूथ स्तर पर दलितों, आदिवासियों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) जैसे कमजोर वर्गों के लिए मोदी के राजनीतिक समर्थन को लेकर जन जागरूकता बढ़ाएं।</p>
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<p>केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं से अमृत महोत्सव ( स्वतंत्रता के 75 साल ) के मद्देनजर देशभक्ति की भावना फैलाने के लिए नौ से 12 अगस्त तक, चार दिन समर्पित करें। अरुण सिंह ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं से यह भी कहा गया है कि वे 2024 के चुनावों की तैयारी शुरू कर दें और प्रधानमंत्री मोदी की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी सुनिश्चित करें। उन्हें पिछली बार की तुलना में अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य दिया गया है।</p>
सभी को साथ लेकर चलती है बीजेपी
<p>गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 300 से अधिक सीटें जीती थीं। अरुण सिंह ने कहा कि शाह ने कार्यकर्ताओं से आम लोगों को अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी को केंद्रीय कैबिनेट में अब तक का सबसे बेहतर प्रतिनिधित्व जैसे तथ्यों से अवगत कराने के लिए भी कहा। ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोगों का प्रतिनिधित्व भी बढ़ गया है। द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचन का जिक्र करते हुए कहा अमित शाह ने इस बात पर जोर दिया कि बीजेपी समाज के सभी वर्गों के हितों का प्रतिनिधित्व करने में विश्वास करती है। वंचितों को आखिरकार उनका हक मिल रहा है, इसके लिए मोदी जी को धन्यवाद। एक आदिवासी महिला शीर्ष संवैधानिक पद पर पहुंच गई हैं।</p>
2025 विधानसभा चुनाव बीजेपी JDU के साथ लड़ेगी
<p>अरुण सिंह सिंह ने कहा कि इस बैठक में केरल, तमिलनाडु, मिजोरम और मेघालय जैसे दूर-दराज के राज्यों सहित देश भर से 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि बीजेपी गठबंधन धर्म में विश्वास करती है। हम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू (JDU) के साथ गठबंधन में आम चुनाव और 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।</p>
पटना में बीजेपी के सभी मोर्चे के बैठक
<p>गौरतलब है कि बीजेपी संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेने के लिए गृह मंत्री अमित शाह पटना पहुंचे थे। ज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्होंने शिरकत किया। इस कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। पटना आगमन पर अमित शाह का एयरपोर्ट पर पहले से मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। गौरतलब है कि गृहमंत्री बनने के बाद अमित शाह पहली बार पटना आए थे।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/in-2024-also-bjp-will-contest-elections-under-the-leadership-of-modi-modi-will-be-the-next-pm-candid						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/in-2024-also-bjp-will-contest-elections-under-the-leadership-of-modi-modi-will-be-the-next-pm-candid</guid>
					<pubDate>Mon, 01 Aug 2022 19:20:35 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पार्टी तो क्या अब परिवार भी नहीं संभल रहा ठाकरे से, बाल ठाकरे के पोते की एकनाथ शिंदे गुट में एंट्री]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>महाराष्ट्र में शिवसेना पर कब्जा करने के बाद अब एकनाथ शिंदे ठाकरे परिवार को अपने खेमे में लेने की जुगत में हैं. इस कड़ी में उन्होंने शुक्रवार को ठाकरे परिवार के सदस्य निहार ठाकरे से मुलाकात की. इस मौके पर निहार ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को समर्थन देने का वादा किया. निहार ठाकरे दिवंगत बिंदुमाधव ठाकरे के पुत्र हैं जो शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के सबसे बड़े बेटे थे. इस तरह से वह पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के भतीजे और राज्य के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे के चचेरे भाई हैं.</p>
शिंदे के नेतृत्व में करेंगे राजनीति
<p>निहार ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी के नेता हर्षवर्धन पाटिल की बेटी अंकिता से शादी की है और शिंदे के नेतृत्व में अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत करने की संभावना तलाश रहे हैं.निहार ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी के नेता हर्षवर्धन पाटिल की बेटी अंकिता से शादी की है और शिंदे के नेतृत्व में अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत करने की संभावना तलाश रहे हैं. मुख्यमंत्री शिंदे के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि निहार ठाकरे इस मुलाकात के बाद अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत मुख्यमंत्री के नेतृत्व में करेंगे. निहार ठाकरे अब तक राजनीति से दूर रहे हैं. लेकिन अब उन्हें आदित्य ठाकरे की काट के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि वह भी शिंदे गुट के युवा शिवसैनिकों का चेहरा हो सकते हैं. </p>
<p>इससे पहले बाल ठाकरे की बहू और फिल्म निर्माता स्मिता ठाकरे ने शिंदे से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद स्मिता ने शिंदे को पुराना शिवसैनिक बताया था. स्मिता ठाकरे, शिंदे से मिलने वाली ठाकरे परिवार की पहली सदस्य थीं. यह मुलाकात दक्षिण मुंबई के सरकारी गेस्ट हाउस में थी, जिसके बाद स्मिता ने कहा कि एकनाथ शिंदे एक पुराने शिवसैनिक हैं जो मुख्यमंत्री बन गए हैं. हालांकि उन्होंने इसे सिर्फ एक शिष्टाचार मुलाकात बताया था.</p>
ठाकरे की बहू ने भी की थी मुलाकात
<p>स्मिता ठाकरे एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और राजनीति में नहीं हैं. वह बाल ठाकरे के बेटे जयदेव ठाकरे की पत्नी हैं. एकनाथ शिंदे ने पिछले महीने शिवसेना के करीब 40 विधायकों के साथ पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी थी. उन्होंने 30 जून को बीजेपी के समर्थन से राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इस सरकार में देवेंद्र फडणवीस को डिप्टी सीएम बनाया गया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/even-the-family-is-not-taking-care-of-thackeray-even-now-entry-of-bal-thackerays-grandson-in-eknath-						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/even-the-family-is-not-taking-care-of-thackeray-even-now-entry-of-bal-thackerays-grandson-in-eknath-</guid>
					<pubDate>Sat, 30 Jul 2022 01:57:31 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[President Of India : द्रौपदी मुर्मू को 'राष्ट्रपत्नी' बोलने पर संसद में भारी हंगामा, अधीर रंजन के बोल पर बुरी फंसी कांग्रेस]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>महाहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 'राष्ट्रपत्नी' बोलने पर संसद में भारी हंगामा हुआ है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को दिल्ली में पार्टी के एक प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति के लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया था। इसे अब भाजपा ने मुद्दा बना लिया है। संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और स्मृति इरानी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। स्मृति इरानी ने कहा कि इसके लिए कांग्रेस को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। इस बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे के चलते 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। भाजपा का कहना है कि इस मामले में सोनिया गांधी को माफी मांगनी चाहिए।</p>
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<p>स्मृति इरानी ने कहा कि कांग्रेस नेता का बयान बताता है कि उनकी पार्टी की सोच क्या है। उन्होंने कहा कि अधीर रंजन चौधरी जी ने राष्ट्रपति जी को राष्ट्र की पत्नी बताकर अपनी सोच उजागर की है। यह सभी जानते हैं कि कांग्रेस की सोच आदिवासी विरोधी है और महिलाओं के खिलाफ है। अधीर रंजन चौधरी ही नहीं कांग्रेस को भी इस पर माफी मांगनी चाहिए। लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक में भाजपा ने इस मसले को पूरी ताकत के साथ उठाया है। राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोर्चा संभाला और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी महिला विरोधी है और सेक्सिस्ट है।</p>
माफी की मांग पर बोले अधीर- सिर्फ एक बार गलती से निकल गया शब्द
<p>इस बीच अधीर रंजन चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि अचानक उनके मुंह से यह शब्द निकल गया था। उनकी कोई गलत मंशा नहीं थी। माफी के सवाल पर अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि चूक से एक शब्द निकल गया था। मैंने पहले राष्ट्रपति कहा और साथ-साथ में राष्ट्रपत्नी शब्द निकल गया। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कल और परसों लगातार हम लोग जब विजय चौक की तरफ प्रदर्शन कर रहे थे तो हमसे पूछा गया कि आप कहां जाना चाहते हैं तो मैंने कहा था कि राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं।</p>
अधीर रंजन बोले- पत्रकार को ढूंढकर सफाई देना चाहता था, पर मिले नहीं
<p>राष्ट्रपति बोलने के तुरंत बाद निकल गया कि राष्ट्रपत्नी से मिलना चाहते हैं। मेरी टिप्पणी के बाद पत्रकार तुरंत निकल गए, मैं उन्हें मिलकर बताना चाहता था, लेकिन वह मिले ही नहीं। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सिर्फ एक बार ऐसा शब्द निकल गया और चूक हुई है। लेकिन सत्ताधारी दल तिल का ताड़ बनाने की कोशिश में जुटा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक बार बात निकली है और चूक हुई है। इसके लिए मुझे फांसी पर लटकाना है तो लटका दो।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/president-of-india-huge-uproar-in-parliament-for-calling-draupadi-murmu-national-wife-congress-stuck						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 29 Jul 2022 13:51:25 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[UP BJP President : भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दौड़ हुई तेज, ये छह माने जा रहे प्रमुख दावेदार]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>स्वतंत्रदेव सिंह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफे के बाद पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ तेज हो गई है। इस दौड़ में ब्राह्मण नेताओं में पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, कन्नौज के सांसद एवं प्रदेश महामंत्री सुब्रत पाठक, अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम, नोएडा के सांसद डॉ. महेश शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक प्रमुख दावेदार हैं। </p>
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<p>सूत्रों के मुताबिक सरकार का खेमा पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा के पक्ष में है। पार्टी के एक राष्ट्रीय महामंत्री श्रीकांत शर्मा की पैरवी कर रहे हैं। वहीं बुधवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर हुई पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में बतौर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव शामिल हुए। यदि शुक्रवार तक नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा नहीं हुई तो 29 से 31 जुलाई तक चित्रकूट में होने वाले तीन दिवसीय प्रशिक्षिण शिविर में भी स्वतंत्रदेव बतौर प्रदेश अध्यक्ष शामिल होंगे। </p>
पिछड़े वर्ग से केशव के नाम की भी चर्चा
<p>भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पिछड़े वर्ग से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का नाम भी चर्चा में है। बीते दिनों केशव की दो दिवसीय दिल्ली यात्रा के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के नेताओं से मुलाकात के बाद से लखनऊ से दिल्ली तक केशव को फिर संगठन की कमान सौंपने की चर्चा है। केशव के नेतृत्व में भी भाजपा ने 2017 में 325 सीटें जीतने का रिकॉर्ड बनाया था। </p>
<p>वहीं पिछड़े वर्ग में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी की दावेदारी है। दलित वर्ग में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं इटावा के सांसद रामशंकर कठेरिया भी इस दौड़ में हैं। पार्टी के एक पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं आरएसएस प्रचारक उनकी पैरवी कर रहे हैं। प्रदेश महामंत्री अश्विनी त्यागी, अमरपाल मौर्य भी दावेदार है।   </p>
<p> </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/up-bjp-president-the-race-for-the-post-of-state-president-in-bjp-intensified-these-six-are-believed-						]]>
					</link>
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					<pubDate>Thu, 28 Jul 2022 17:46:52 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांवड़ यात्रा के बाद ओवैसी ने क्यों कहा, अब तो मुसलमानों के घर पर बुलडोजर नहीं चलना चाहिए]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर कांवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. उनपर फूल बरसाए गए. कांवड़ियों के गर्मजोशी से स्वागत पर AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि अब तो मुसलमानों के घर पर बुलडोजर नहीं चलना चाहिए.  </p>
ओवैसी ने और क्या कहा? 
<p>कांवड़ यात्रा के बारे में कई न्यूज रिपोर्टों को साझा करते हुए ओवैसी ने कहा, अगर कोई मुसलमान कुछ मिनटों के लिए भी खुली जगह में नमाज़ अदा करता है, तो यह एक विवाद हो जाता है. मुसलमानों को पुलिस की गोलियों, हिरासत में संघर्ष, एनएसए, यूएपीए, लिंचिंग, बुलडोजर का सामना करना पड़ रहा है. सिर्फ मुसलमान होने के कारण. </p>
<p>ओवैसी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश में मुसलमानों द्वारा सार्वजनिक स्थान पर नमाज अदा करने की कई घटनाएं सामने आई हैं और गिरफ्तारियां भी की गई हैं. लुलु मॉल विवाद के बाद कई मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया है. गोरखपुर में एक सरकारी अधिकारी के आवास के सामने एक बुजुर्ग को नमाज अदा करते पकड़ा गया. एक अन्य हालिया घटना में मेरठ के एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में कथित तौर पर नमाज अदा करते हुए एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया. </p>
<p>ओवैसी ने कहा,  पुलिस वाले कांवड़िया पर फूल बरसा रहे हैं, पैरों पर लोशन लगा रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने कांवड़ियों को परेशान न करने के लिए लोहारों को उनके रास्ते से हटा दिया, यूपी सरकार ने उनके रास्ते में मांस पर प्रतिबंध लगा दिया. क्या यह रेवाड़ी संस्कृति नहीं है? पीएम मोदी ने हाल ही में 'रेवाड़ी संस्कृति' के बारे में बात की और कहा कि रियायतों की यह संस्कृति देश के लिए बहुत खतरनाक है. </p>
<p>एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा, कांवड़ियों की भावनाएं इतनी मजबूत हैं कि वे एक मुस्लिम पुलिस अधिकारी का नाम तक बर्दाश्त नहीं कर सकते. यह भेद क्यों? एक से नफरत और दूसरे से प्यार क्यों? एक धर्म और बुलडोजर के लिए ट्रैफिक डायवर्ट क्यों करें अन्य के लिए?</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/why-did-owaisi-say-after-kanwar-yatra-now-bulldozers-should-not-run-at-the-homes-of-muslims						]]>
					</link>
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					<pubDate>Wed, 27 Jul 2022 11:47:37 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA['कलेजे पर पत्थर रखकर एकनाथ शिंदे को बनाया मुख्यमंत्री', महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख का बयान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र में भाजपा और शिंदे की गठबंधन सरकार है। भले ही देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में सरकार में काम करना कबूल लिया हो लेकिन प्रदेश भाजपा प्रमुख के गले से अभी तक यह बात नहीं उतर पाई है। चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस की जगह एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला पार्टी ने कलेजे पर पत्थर रखकर लिया था।</p>
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<p>महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल पनवेल में राज्य भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित कर थे। उस वक्त उन्होंने यह बातें कही। चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाना निश्चित था लेकिन पार्टी को भारी मन से एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाना पड़ा। पाटिल ने हालांकि फिर सफाई देते हुए कहा कि यह फैसला सही संदेश देने के लिए लिया गया है। </p>
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<p>बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में सबसे बड़ी एकल पार्टी भाजपा ने 30 जून को उस वक्त पूरे देश को आश्चर्यचकित कर दिया जब पार्टी की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि एकनाथ शिंदे ही महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री होंगे। फडणवीस ने आगे कहा था कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार का विकास होगा और भाजपा उनके साथ हमेशा कदम-कदम पर रहेगी।</p>
<p>प्रदेश कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए चंद्रकांत पाटिल ने कहा, “हमें एक ऐसा नेता देने की आवश्यकता है जो सही संदेश दे और प्रदेश की राजनीति में स्थिरता सुनिश्चित करे। केंद्रीय नेतृत्व और देवेंद्र जी ने भारी मन से एकनाथ शिंदे को सीएम के रूप में समर्थन देने का फैसला किया। हम नाखुश थे लेकिन निर्णय को स्वीकार करने का फैसला किया।”</p>
<p>गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे की शिवसेना से 40 विधायकों को अपने पाले में करने में कामयाब रहे और उद्धव ठाकरे की महा विकास अघाड़ी सरकार को गिरा दिया। शुरुआत से चर्चा आम थी कि शिंदे भाजपा के साथ गठबंधन में सरकार बनाएंगे। ऐसे कयास थे कि देवेंद्र फडणवीस सीएम होंगे और शिंदे डिप्टी सीएम। लेकिन, भाजपा ने बड़ा उलटफेर करते हुए शिंदे को प्रदेश की कमान सौंप दी और फडणवीस को डिप्टी सीएम।</p>
फडणवीस को पीएम ने मनाया था
<p>मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि देवेंद्र फडणवीस भी पार्टी हाईकमान के इस फैसले से नाखुश थे। खुद प्रेस कांफ्रेंस के वक्त जब उन्होंने यह घोषणा की तो शिंदे भी उनकी तरफ देखते रह गए। फडणवीस ने पहले सरकार में रहने से साफ इनकार कर दिया था लेकिन, फिर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और पीएम नरेंद्र मोदी के आग्रह पर माने।</p>
नहीं टिकेगी शिंदे सरकारः आदित्य ठाकरे
<p> एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवसेना के नेता आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे सरकार ज्यादा देर तक प्रदेश में नहीं टिक पाएगी। उन्होंने महाराष्ट्र में मध्यावती चुनाव की भविष्यवाणी भी की।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/eknath-shinde-was-made-chief-minister-by-placing-stones-on-his-liver-statement-of-maharashtra-bjp-ch						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/eknath-shinde-was-made-chief-minister-by-placing-stones-on-his-liver-statement-of-maharashtra-bjp-ch</guid>
					<pubDate>Tue, 26 Jul 2022 13:07:57 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सिंधिया मेरे बेटे जैसे, उनसे कोई दुश्मनी नहीं, उनके सीएम बनने से मुझे कोई दिक्कत नहीं थी, दिग्विजय सिंह ने महाराज को बताया कुर्सी का प्रेमी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से किसी झगड़े से इनकार किया है। सिंधिया को अपने बेटे जैसा बताते हुए दिग्विजय ने कहा है कि उनके पिता माधवराव को कांग्रेस में लाने में उनकी बड़ी भूमिका थी। वे तो ज्योतिरादित्य को मुख्यमंत्री बनाने के भी पक्ष में थे, लेकिन पिछला लोकसभा चुनाव हारने के बाद वे डिप्रेशन में चले गए थे। उन्होंने तो कमलनाथ और सिंधिया के बीच समझौता कराने की भी कोशिश की, लेकिन सिंधिया अति महत्वाकांक्षा के शिकार हो गए। वे कुर्सी से दूर नहीं रह सकते। इसलिए कांग्रेस छोड़ बीजेपी में चले गए।</p>
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<p>दिग्विजय ने मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के पतन के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया को जिम्मेदार बताया। दिग्विजय ने कहा कि बीजेपी ने कांग्रेस छोड़ने वाले हर विधायक को 20 से 35 करोड़ रुपये दिए और सिंधिया ने सौदा पटाया।</p>
<p>GOOGLEADBLOCK</p>
<p>दिग्विजय ने नेशनल हेराल्ड केस में ईडी की कार्रवाई को साजिश करार दिया है। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में दिग्विजय ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में पैसों का कोई लेन-देन नहीं हुआ। ईडी इस मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी से पूछताछ कर चुकी है जबकि उनके खातों से न पैसे निकले, न ही खातों में पैसे जमा हुए। ऐसे में इस मामले में पैसों की चोरी या गबन का आरोप निराधार है। यह केवल गांधी-नेहरू परिवार को बदनाम करने की साजिश है।</p>
<p> सवाल-जवाब के दौरान दिग्विजय ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमले किए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पहले फैसले लेते हैं, फिर उस पर सोचते हैं। इसलिए उनके फैसलों के उल्टे नतीजे सामने आते हैं। दिग्विजय ने नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के मुद्दों पर केंद्र सरकार को जमकर घेरा।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/scindia-like-my-son-there-is-no-enmity-with-him-i-had-no-problem-with-him-becoming-cm-digvijay-singh						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/scindia-like-my-son-there-is-no-enmity-with-him-i-had-no-problem-with-him-becoming-cm-digvijay-singh</guid>
					<pubDate>Mon, 25 Jul 2022 12:53:01 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[नूपुर शर्मा को लेकर आया सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मिली राहत]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पैगंबर मोहम्मद के ऊपर आपत्तिजनक बयान के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने फिलहाल उनकी गिरफ़्तारी पर 10 अगस्त तक रोक लगा दी है। इसी दिन कोर्ट आगे की सुनवाई भी करेगा। इसके अलावा कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को नोटिस भी भेजे हैं। यह नोटिस उन राज्यों में जारी किए गए हैं जहां-जहां नूपुर के खिलाफ केस दर्ज है।</p>
<p>GOOGLEADBLOCK</p>
सुप्रीम कोर्ट ने दी नूपुर शर्मा को राहत
<p>कोर्ट ने अपने नोटिस में कहा कि नूपुर शर्मा के विरुद्ध दर्ज सभी केसों को एक ही स्थान पर ट्रांसफर किया जाए। ताकि उन्हें हर राज्य के चक्कर नहीं लगाने पड़े। बताया जा रहा है कि राज्यों और केंद्र से इस नोटिस का जवाब आने के बाद कोर्ट नूपुर के सभी केसों को एक ही जगह पर ट्रांसफर करने को लेकर फैसला सुना सकता है।</p>
<p>दरअसल नूपुर शर्मा ने इस संबंध में याचिका भी दायर की थी। इसमें उन्होंने अपने खिलाफ अलग-अलग जगहों पर दर्ज सभी 9 एफआईआर को एक ही जगह ट्रांसफर करने की गुहार लगाई थी। इससे उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में बार-बार यात्रा नहीं करनी होगी। इस पर कोर्ट ने भी कहा कि हम अपने पीछे आदेश में संशोधन करते हैं। हम भी नहीं चाहते कि आप हर अदालत के चक्कर लगाओ।</p>
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वकील बोला- नूपुर को मिल रही जान से मारने की धमकी
<p>इस केस की सुनवाई के दौरान नूपुर शर्मा के वकील मनिंदर सिंह ने ये भी कहा कि मेरी मुवक्किल को जान का खतरा है। उन्हें कई जगहों से जान से मानरे की हें धमकियां मिल रही हैं। इसके जवाब में कोर्ट ने कानूनी विकल्पों को बरकरार रखने की बात कही। सुनवाई के दौरान अजमेर दरगाह के खादिम सलमान चिश्ती के बयान का भी जिक्र हुआ।</p>

<p dir="ltr" lang="en">Adv Maninder Singh appearing for Nupur Sharma submits that there are serious threats to her life.<br />Bench while dictating the order also took notes of Salman Chishti, viral statement killing the petitioner. Court also noted that a man from UP also threatened to behead petitioner.</p>
<p>— ANI (@ANI)</p>

<p><br />गौरतलब है कि सलमान चिश्ती ने नूपुर को मौत के घाट उतारने वाले शख्स को एक नया घर देने की घोषणा की थी। हालांकि इसका वीडियो वायरल होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। बताते चलें कि इसके पहले उत्तर प्रदेश के एक शख्स ने भी नूपुर को जान से मारने की धमकी दी थी। इसका जिक्र भी सुनवाई में हुआ।</p>
क्या है पूरा मामला?
<p>बता दें कि अभी दिल्ली, यूपी, बंगाल और महाराष्ट्र में नूपुर शर्मा के विरुद्ध 9 एफआईआर दर्ज हैं। इस विवाद की शुरुआत 27 मई को तब हुई जब नूपुर ने एक टीवी शो में पैगंबर मोहम्मद के ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इसके बाद देशभर के मुस्लिम लोगों और संगठनों ने इसका विरोध किया था। यहां तक कि कुछ इस्लामिक देशों ने भी इसकी आलोचना की थी। विवाद को बढ़ता देख भाजपा ने भी नूपुर का साथ छोड़ दिया। बाद में उन्हें पार्टी से निकाल भी दिया।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/supreme-courts-big-decision-regarding-nupur-sharma-got-relief						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/supreme-courts-big-decision-regarding-nupur-sharma-got-relief</guid>
					<pubDate>Wed, 20 Jul 2022 13:33:15 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राजभर के बाद अब आजम खान ने भी साधा अखिलेश यादव पर निशाना, कह दी ऐसे बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>यूपी में समाजवादी पार्टी के बीच सबकुछ ठीक नहीं है. पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर SBSP प्रमुख ओमप्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) के बाद सपा के सीनियर नेता आजम खान (Azam Khan) ने भी इशारों-इशारों में बड़ा हमला बोला है. राजभर के अखिलेश यादव को AC कमरे से निकलने की सलाह वाले बयान को लेकर आजम खान ने इशारों में कहा है कि उन्होंने भी कभी अखिलेश यादव को धूप में खड़ा नहीं देखा है, जिस दिन धूप में खड़ा देखेंगे उस दिन सलाह जरूर देंगे.</p>
सपा के अंदर नहीं चल रहा सबकुछ ठीक
<p>सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर दिए गए आजम खान के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. दरअसल मंगलवार की देर रात आजम खान प्रयागराज पहुंचे थे. यहां पर उन्होंने अपने कई करीबी नेताओं के घर जाकर मुलाकात की.</p>
योगी सरकार पर भी साधा निशाना
<p>मीडिया से बातचीत के दौरान आजम खान मौजूदा सरकार पर भी इशारों में निशाना साधते नजर आए. प्रयागराज पहुंचने के सवाल पर आजम खान ने कहा कि हम बाइज्जत शहरी नहीं हैं और आपका यह शहर बाइज्जत शहर है. हम मुर्गी के डकैत हैं, भैंस के डकैत है, बकरी के डकैत है, किताब के डकैत है, फर्नीचर के डकैत हैं और हम 10 बार के विधायक हैं. दो बार के एमपी, 4 बार के मिनिस्टर और एक बार लीडर अपोजिशन रहे हैं.</p>
'हम इंसाफ के लिए यहां आएं हैं'
<p>उन्होंने आगे कहा, 'हमारी असिस्टेंट प्रोफेसर पत्नी, दो बार का एमएलए और गलगोटिया यूनिवर्सिटी से एमटेक किया हुआ बेटा और हम तीनों ने मिल कर शराब की दुकान लूटी है. 1,69,00 का डाका मारा है. इस व्यवस्था का स्टेटस यह है. इस लिए हम इंसाफ के लिए यहां आएं हैं.' सपा नेता आजम खान ने कहा कि यह शहर इंसाफ का जिला है, यहां से इंसाफ बंटता है. हम डकैत उससे अभी महरुम है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/political-news/after-rajbhar-now-azam-khan-also-targeted-akhilesh-yadav-said-such-a-thing						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/political-news/after-rajbhar-now-azam-khan-also-targeted-akhilesh-yadav-said-such-a-thing</guid>
					<pubDate>Wed, 20 Jul 2022 12:00:06 +0530</pubDate>
				</item>

				</channel>
</rss>