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		<title>Mega Daily News</title>
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		<![CDATA[
		Mega Daily News		]]>
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		<lastBuildDate>Wed, 22 Apr 2026 03:57:02 +0530</lastBuildDate>
		<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 03:57:02 +0530</pubDate>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इस प्लान से बीजेपी लगाएगी सत्ता की हैट्रिक, जाने क्या है मिशन १६०]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हाल ही में पूर्वोत्तर के 3 राज्यों नागालैंड, मेघालय और त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव खत्म हुए हैं जिसमें बीजेपी (BJP) और उसके सहयोगी दलों ने मिलकर सत्ता में वापसी की है. पूर्वोत्तर के चुनाव खत्म होने के बाद भारतीय जनता पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) की तैयारियों में लग चुकी है. साल 2024 में आने वाले चुनाव को लेकर देश की ज्यादातर राजनीतिक पार्टियां एक्टिव मोड में नजर आ रही हैं. बीजेपी के वरिष्ठ नेता बड़े-बड़े मंचों से आने वाले लोकसभा चुनाव की ओर इशारा करते रहते हैं.</p>
<p><strong>ये बीजेपी की तैयारी</strong></p>
<p>अभी की तैयारियों को देखकर लग रहा है कि सत्ताधारी पार्टी बीजेपी 2024 के चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी. भारतीय जनता पार्टी के सबसे बड़े नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद 2024 के चुनाव के लिए 100 रैलियां करेंगे और इन रैलियों के पूरा करने का समय दिसंबर 2023 तय किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन रैलियों के जरिए उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत में खासकर 160 निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी की पहुंच बढ़ाने को लेकर टारगेट किया जाएगा. इसके अलावा कई बड़ी परियोजनाओं के ऐलान भी किया जाएंगे. इन रैलियों के माध्यम से महिलाओं और अल्पसंख्यकों तक अपनी पहुंच को और भी मजबूत करने पर बीजेपी ध्यान देगी.</p>
<p><strong>इन पर होगी खास नजर</strong></p>
<p>अगर आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी जीत हासिल करती है तो वह इस चुनाव में जीत का हैट्रिक लगाएगी यानी कि भारतीय जनता पार्टी तीसरी बार केंद्र में अपनी सरकार का गठन करेगी. भारतीय जनता पार्टी इन दिनों दक्षिण के राज्यों को साधने की कोशिश में है. जिससे वह 2024 के लोकसभा चुनाव में फायदा उठा सके. सूत्रों की माने तो भारतीय जनता पार्टी साल 2024 के चुनाव को लेकर तमिलनाडु और केरल पर भी ज्यादा फोकस करेंगे. बीजेपी की महिला मोर्चा विंग देश की महिलाओं तक अपनी पहुंच को बढ़ाएगी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/with-this-plan-bjp-will-make-a-hat-trick-of-power-know-what-is-mission-160						]]>
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					<pubDate>Wed, 08 Mar 2023 21:32:27 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[Election Results 2023: पूर्वोत्तर के सभी तीन राज्यों में सरकार बनाएगी बीजेपी?, जानिए]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p><strong>Election Results 2023:</strong> त्रिपुरा(Tripura), मेघालय (Meghalaya) और नागालैंड (Nagaland) में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। रुझानों में नगालैंड और त्रिपुरा में भाजपा वापसी करती दिख रही है। वहीं, मेघालय में पेंच फंसा है। यहां किसी भी दल को बहुमत मिलता नहीं दिखाई दे रहा है। वहीं त्रिपुरा और मेघालय में नतीजों से पहले दोनों राज्यों में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना के कारण सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों खेमों में बैठकें हुईं, जबकि भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व और पूर्वोत्तर में वरिष्ठ नेता अगले कदमों पर विचार कर थे। हालांकि त्रिपुरा में भाजपा बहुमत की तरफ बढ़ रही है। वहीं मेघालय में सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) शुरुआती रुझानों में आगे चल रही है, लेकिन उसे 60 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत मिलेगा या नहीं यह स्पष्ट नहीं है।</p>
<p>सुबह 11 बजे नागालैंड में रुझान के मुताबिक, राष्ट्रीय जनतांत्रिक प्रगतिशील पार्टी (एनडीपीपी)-बीजेपी गठबंधन को स्पष्ट बढ़त दिखाई दे रही थी, जिसके पास 60 में से 41 सीटें थीं। त्रिपुरा में भाजपा 30 सीटों के आसपास बढ़त बनाए हुए है।</p>
<p>वहीं नतीजों का रूझान भाजपा की ओर होने से पार्टी नेता इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के एजेंडे की जीत बता रहे हैं, क्योंकि इसका मतलब होगा कि पार्टी अल्पसंख्यक, आदिवासी विरोधी होने के आरोपों और आंतरिक कलह के बावजूद जीतने में कामयाब रही है। इससे भाजपा को तत्काल लाभ के अलावा इस साल बड़े चुनावी मौसम से पहले एक बड़ी शुरुआत मिलेगी। जिसमें कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी मतदान होगा।</p>
<p>तीन राज्यों में पार्टी के अभियान में रहे केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर का कहना है कि भाजपा का प्रदर्शन विपक्ष के ईसाई विरोधी और आदिवासी विरोधी होने के दावों के लिए एक झटका है। चंद्रेशेखर का कहना है कि रुझान बताते हैं कि भाजपा के विकास के एजेंडे ने विपक्ष के अभियान के ध्वस्त कर दिया और भाजपा ने विपक्ष की रणनीति का मजबूती से मुकाबला किया।</p>
<p>चंद्रशेखर ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि शशि थरूर जैसा नेता जो भाजपा के बारे में गलत सूचना फैला रहे थे और ईसाई मतदाताओं में डर पैदा कर रहे थे। कांग्रेस को खारिज कर नागाओं ने कांग्रेस की दशकों पुरानी विरासत और उनके झूठ को खारिज कर दिया है।</p>
<p>पार्टी सूत्रों का कहना है कि असम के मुख्यमंत्री और पूर्वोत्तर में भाजपा के मुख्य रणनीतिकार, हिमंत बिस्वा सरमा, यह सुनिश्चित करने के लिए बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं कि भाजपा तीनों राज्यों में सरकार का हिस्सा है, जैसा कि वर्तमान में है। मतगणना से एक दिन पहले मंगलवार की रात सरमा ने गुवाहाटी में एनपीपी के कोनराड संगमा के साथ बैठक की थी। एग्जिट पोल और मतगणना के बीच में एनपीपी आगे चल रही है। पिछले हफ्ते सरमा ने देबबर्मा के साथ बातचीत की थी, जिन्होंने अपनी ग्रेटर टिप्रालैंड की मांग के आधार पर किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन करने से इनकार कर दिया था। हालांकि चुनाव से पहले पिछले कुछ दिनों में देबबर्मा ने अपने रुख में नरमी दिखाई थी।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/election-results-2023-will-bjp-form-government-in-all-three-states-of-northeast						]]>
					</link>
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					<pubDate>Thu, 02 Mar 2023 17:12:40 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बीजेपी के गढ़ में लगी सेंध नितिन गडकरी और फडणवीस की प्रतिष्ठा लगी दांव पर]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उम्मीदवार ज्ञानेश्वर म्हात्रे को कोंकण मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी घोषित किया गया. नागपुर मंडल शिक्षक सीट पर बीजेपी समर्थित उम्मीदवार को विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के हाथों हार का सामना करना पड़ा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.</p>
<p>उन्होंने कहा कि एमवीए समर्थित उम्मीदवार सुधाकर अडबले ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नागोराव गनार को हराकर नागपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की. बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी गनार इस सीट से मौजूदा एमएलसी हैं.</p>
<p><strong>फडणवीस और गडकरी का है गृह जिला</strong></p>
<p>नागपुर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह जिला है. तीन अन्य सीट औरंगाबाद, मंडल शिक्षाक निर्वाचन क्षेत्र, अमरावती और नासिक मंडल स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतगणना जारी है. विधानमंडल के उच्च सदन की सभी पांच सीट के लिए मतदान 30 जनवरी को हुआ और मतगणना गुरुवार सुबह शुरू हुई.</p>
<p>बीजेपी उम्मीदवार म्हात्रे को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली पार्टी बालासाहेबांची शिवसेना का समर्थन प्राप्त था, जिन्होंने कोंकण सीट पर एमवीए समर्थित उम्मीदवार बलराम पाटिल को हरा दिया. कोंकण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के परिणामों की घोषणा करने वाले रिटर्निंग ऑफिसर और डिवीजनल कमिश्नर महेंद्र कल्याणकर ने कहा कि म्हात्रे को 20,683 वोट मिले, जबकि पाटिल को 10,997 वोट मिले.</p>
<p>ज्ञानेश्वर म्हात्रे ने कहा कि मतदाताओं और भाजपा-बालासाहेबंची शिवसेना नेताओं को उनकी जीत को संभव बनाने के लिए उनके सभी प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया और शिक्षकों के लिए काम करने का वादा किया.  वहीं पीडब्ल्यूपी-एमवीए उम्मीदवार पाटिल ने कहा कि हालांकि, लोगों की पसंद मुझे पूरी तरह से स्वीकार्य है और मैं म्हात्रे को उनकी जीत के लिए बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि वह पहले की तरह शिक्षण समुदाय के लिए काम करना जारी रखेंगे.</p>
<p>औरंगाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उम्मीदवार विक्रम काले पहले दौर की मतगणना के बाद आगे चल रहे हैं. पांच परिषद सदस्यों का छह साल का कार्यकाल (शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से तीन और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से दो) सात फरवरी को समाप्त हो रहा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/bjps-bastion-breached-nitin-gadkari-and-fadnaviss-reputation-at-stake						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 03 Feb 2023 02:20:44 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ममता बनर्जी ने कांग्रेस से गठबंधन तोडा, इस राज्य में अलग लड़ेगी चुनाव]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>त्रिपुरा विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने कांग्रेस गठबंधन को झटका दे दिया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने त्रिपुरा चुनाव में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन में शामिल नहीं होने का ऐलान किया है. टीएमसी नेता ने इस बात की जानकारी दी है. तृणमूल कांग्रेस की त्रिपुरा यूनिट के प्रेसिडेंट पीयूष कांति बिस्वास ने कहा कि ममता बनर्जी त्रिपुरा में पार्टी के उम्मीदवारों के प्रचार के लिए 6 फरवरी को पहुंचेंगी और रोड शो करेंगी.</p>
<p>बिस्वास ने कहा, ‘त्रिपुरा में होने वाले विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस माकपा-कांग्रेस गठबंधन के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी.' उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी के शासन वाली त्रिपुरा में परेशानी झेलने वाले कई कांग्रेसी और उनके कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी को वोट नहीं देंगे.</p>
<p>विस्वास ने कहा कि त्रिपुरा में भी माकपा-कांग्रेस के गठबंधन का वही हाल होगा जो 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उनका हुआ था. यही कारण है कि टीएमसी इस गठबंधन से दूरी बनाए रखेंगे. बिस्वास ने कहा कि त्रिपुरा में टीएमसी उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जहां सफल होने की संभावना है. साथ ही उन्होंने कहा कि गठबंधन के लिए अन्य पार्टियों के दरवाजे खुले हुए हैं.</p>
<p>बिस्वास ने कहा, ‘ममता बनर्जी छह फरवरी को प्रचार के लिए त्रिपुरा पहुंचेंगी और अगले दिन रोड शो में शामिल होंगी.’ ममता बनर्जी के अलावा पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव, अभिषेक बनर्जी यहां चुनाव प्रचार के लिए दो फरवरी को पहुंचेंगे. </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘अभिषेक बनर्जी त्रिपुरा के धर्मनगर और सिपाहीजाला जिले में दो चुनावी रैलियां करेंगे.’ उन्होंने बताया कि पार्टी के कई अन्य दिग्गज नेता भी त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए कोलकाता से यहां आएंगे. बता दें कि त्रिपुरा में 16 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/mamata-banerjee-breaks-alliance-with-congress-will-contest-elections-separately-in-this-state						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sun, 22 Jan 2023 21:12:26 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बीजेपी ने बनाया लोकसभा चुनाव में हैट्रिक लगाना का प्लान, काम करें '160' का नया फॉर्मूला]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) के लिए अब करीब डेढ़ साल का समय बचा है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तैयारियां तेज कर दी है. बीजेपी ने लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के लिए गेम प्लान बनाया है और इसके लिए 160 का नया फॉर्मूला लेकर आई है. भाजपा के संगठनात्मक नेताओं ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) से मुलाकात की और चुनाव को लेकर अब तक की कवायद का जायजा लेने के साथ ही भविष्य के रोडमैप पर चर्चा की.</p>
<p><strong>क्या है BJP का 160 का नया फॉर्मूला?</strong></p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (BJP) लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Election 2024) के लिए कठिन मानी जाने वाली 160 लोकसभा सीटों का चुनाव किया है, जिसे जीतने पर पार्टी का फोकस होगा. इससे पहले पार्टी ने 144 सीटों को चुना था, जिनमें से ज्यादातर सीटों पर 2019 में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. अब बिहार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के साथ गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी ने कठिन सीटों की संख्या बढ़ाकर 160 कर दिया है. </p>
<p><strong>पटना और हैदराबाद में विस्तारकों के लिए प्रशिक्षण शिविर</strong></p>
<p>सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिहार और तेलंगाना में विस्तार पर खासा जोर लगा रही है. पार्टी ने पटना और हैदराबाद में अपने 'विस्तारकों' के लिए दो-दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया है, जिनके पास लोकसभा सीट का पूर्णकालिक प्रभार है. सूत्रों ने बताया कि बिहार की बैठक 21 और 22 दिसंबर को प्रस्तावित है, जबकि हैदराबाद में 28 और 29 दिसंबर को बैठक होने की संभावना है. पटना में होने वाली बैठक में 90 लोकसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है, जबकि हैदराबाद की बैठक के एजेंडे में 70 सीटें होंगी.</p>
<p><strong>2019 में बीजेपी को इन सीटों पर मिली थी हार</strong></p>
<p>देश के विभिन्न राज्यों की इन कठिन सीटों पर साल 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अधिकांश में हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि, अब बीजेपी ने ऐसी सीटों की जो नई लिस्ट तैयार की है, उनमें कुछ ऐसी सीटें हैं, जहां पार्टी ने जीत दर्ज की थी, लेकिन पार्टी का मानना है कि ये क्षेत्र स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक कारकों की वजह से चुनौती बने हुए हैं.</p>
<p><strong>बीजेपी-जेडीयू ने साथ में लड़ा था चुनाव</strong></p>
<p>साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) और नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू (JDU) ने बिहार में 17-17 सीट पर चुनाव लड़ा था. बीजेपी ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि जेडीयू के खाते में 16 सीटें आई थी. इसके अलावा अन्य 6 सीटों पर बीजेपी की सहयोगी और रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने जीत दर्ज की थी.</p>
<p><strong>लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी का गेमप्लान</strong></p>
<p>सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) इन 160 सीटों पर मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने और संगठनात्मक तंत्र का विस्तार करने के लिए काम कर रही है. इसके लिए पार्टी ने बड़ी संख्या में केंद्रीय मंत्रियों को इस कवायद में शामिल करने का मसौदा तैयार किया है. पार्टी के शीर्ष नेता नियमित रूप से इन सीट पर पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा भी करते हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
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					<pubDate>Tue, 20 Dec 2022 11:01:53 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी का ये हाल रहा, ओवैसी ने ये संकल्प लिया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Election) में असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी ऑल इडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की करारी हार हुई है. एआईएमआईएम ने चुनावी मैदान में 13 उम्मीदवार उतारे थे और वे सभी हार गए. नतीजे आने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में अपनी पार्टी एआईएमआईएम के खराब प्रदर्शन से वो निराश नहीं है. उन्होंने भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात में अपने संगठन को मजबूत करने के लिए और काम करने का संकल्प लिया. बता दें कि ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने गुजरात में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन एआईएमआईएम के खाते में एक भी सीट नहीं आई.</p>
<p><strong>गुजरात में हार पर ओवैसी का रिएक्शन</strong></p>
<p>गुजरात विधानसभा का रिजल्ट जारी होने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर पार्टी की तरफ से पोस्ट हुए एक वीडियो में कहा कि गुजरात के विधानसभा चुनाव में पहली बार एआईएमआईएम ने हिस्सा लिया. 13 विधानसभा सीटों पर हमारे उम्मीदवार थे. नतीजों में हमको कामयाबी नहीं मिली. मगर इसके बावजूद हमारे हौसले पस्त नहीं हैं और ना ही हमारे हौसलों को पस्त होने की जरूरत है.</p>
<p><strong>मजलिस को मजबूत करने का संकल्प</strong></p>
<p>ओवैसी ने आगे कहा कि सबने मिलकर मेहनत की. जिन वोटर्स ने मजलिस को वोट किया, मैं उनको धन्यवाद देता हूं. दिन-रात मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद देता हूं. हम लोग बैठेंगे, बात करेंगे और अपनी कमजोरियों को दूर करेंगे. आगे भी मजलिस को लेकर आगे बढ़ते रहेंगे और मजबूती हासिल करेंगे.</p>
<p><strong>ओवैसी ने जनता के फैसले को किया स्वीकार</strong></p>
<p>एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अपनी कोशिशों को लेकर आगे बढ़ते रहना है. जनवरी के पहले हफ्ते में मैं दोबारा गुजरात में आऊंगा और तमाम कार्यकर्ताओं से मुलाकात करूंगा. अपनी पार्टी मजलिस को और आगे लेकर जाएंगे. ये आवाम का फैसला है, हम उसकी इज्जत करते हैं.</p>
<p>गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने रिकॉर्डतोड़ जीत दर्ज की है. बीजेपी ने गुजरात में 156, कांग्रेस ने 17, आप ने 5, सपा ने 1 और अन्य उम्मीदवारों ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/this-is-the-condition-of-asaduddin-owaisis-party-in-gujarat-owaisi-took-this-pledge						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/this-is-the-condition-of-asaduddin-owaisis-party-in-gujarat-owaisi-took-this-pledge</guid>
					<pubDate>Fri, 09 Dec 2022 11:32:47 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चुनाव रिजल्ट : गुजरात में बीजेपी का चमत्कारी प्रदर्शन, कांग्रेस-आप नहीं दिखी दौड़ में]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए काउंटिंग शुरू हो गई है. चंद पल बीते थे कि रुझानों में बीजेपी ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि उसने सबको पीछे छोड़ दिया. खबर लिखे जाने तक बीजेपी 126 सीटों पर आगे थी. जबकि कांग्रेस 51 और आम आदमी पार्टी 3 सीटों पर आगे है. अन्य 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. बीजेपी नेता हार्दिक पटेल वीरमगाम सीट से आगे चल रहे हैं. जबकि भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा भी  जामनगर नॉर्थ सीट से आगे हैं. 182 विधानसभा सीटों के लिए गुजरात में 1और 5 दिसंबर को चुनाव हुए थे, जिसके नतीजे आज घोषित किए जा रहे हैं.</p>
<p><strong>आप ने किया था जोरदार प्रचार</strong></p>
<p>गुजरात को बीजेपी का गढ़ कहा जाता है. इसलिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने यहां आक्रामक प्रचार किया था. पूरे देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बीजेपी के किले में अरविंद केजरीवाल की आप सेंध लगा पाएगी या नहीं. अगर ऐसा होता है तो इससे 2024 लोकसभा चुनावों की दशा और दिशा भी तय होगी. राज्य में सरकार बनाने के लिए 92 सीटों की जरूरत है. एग्जिट पोल में बीजेपी 117 से 151 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है. जबकि कांग्रेस को 16 से 51 सीट मिल सकती हैं. जबकि आप के खाते में 2-13 सीट आ सकती हैं. </p>
<p><strong>सारे सेंटर्स पर लगे हैं सीसीटीवी</strong></p>
<p>गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी. भारती ने कहा कि कुल 3,16,06,968 वोटों की गिनती की जाएगी. उन्होंने कहा कि 182 मतगणना पर्यवेक्षक, 182 चुनाव अधिकारी, 494 सहायक चुनाव अधिकारी, 78 अतिरिक्त चुनाव अधिकारी, 71 अतिरिक्त चुनाव अधिकारी इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम हैं. सभी मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. कुल 4,91,35,400 योग्य मतदाताओं में से 64.33 प्रतिशत ने मतदान किया, जिनमें से 1,69,26,152 पुरुष और 1,46,80,371 महिलाएं थीं.</p>
<p>2017 के आम चुनावों में, 68.39 प्रतिशत मतदान के साथ 2,94,64,326 वोट पड़े थे, जिनमें से बीजेपी को 1,47,24,031, 49.05 प्रतिशत वोट और 99 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस को 1,24,37,661, 41.44 फीसदी और 77 सीटें मिली थीं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/election-result-miraculous-performance-of-bjp-in-gujarat-congress-aap-not-seen-in-race						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/election-result-miraculous-performance-of-bjp-in-gujarat-congress-aap-not-seen-in-race</guid>
					<pubDate>Thu, 08 Dec 2022 12:23:21 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चुनाव नतीजे: हिमाचल प्रदेश में BJP-कांग्रेस में कांटे की टक्कर]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आना शुरू हो गए हैं. शुरुआती रुझानों में बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर नजर आ रही है. कभी बीजेपी आगे हो रही है, कभी कांग्रेस. खबर लिखे जाने तक रुझानों में बीजेपी कांग्रेस से पीछे चल रही है. बीजेपी 32 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. वहीं कांग्रेस 35 सीटों पर आगे है. अन्य का खाता नहीं खुल पाया है. </p>
<p><strong>12 नवंबर को हुआ था मतदान</strong></p>
<p>बता दें कि हिमाचल में 12 नवंबर को मतदान हुआ था, जहां ईवीएम में 24 महिलाओं समेत 412 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत कैद हो गई. चुनाव में 75.60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसने 2017 के 75.57 प्रतिशत के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. 59 जगहों के 68 केंद्रों पर सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हुई. ये नतीजे मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, उनके 10 मंत्री के अलावा कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री और राज्य कांग्रेस के पूर्व प्रमुख सुखविंदर सुक्खू की सियासी किस्मत का फैसला करेंगे. बता दें कि ठाकुर ने 'रिवाज बदलेगा' के नारे के साथ अपने अभियान की अगुआई की, जैसा कि हाल ही में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के चुनावों में बीजेपी सरकारों ने दोहराया है.</p>
<p><strong>1985 के बाद से किसी सरकार ने नहीं की वापसी</strong></p>
<p>गौरतलब है कि इस छोटे से पहाड़ी राज्य में 1985 के बाद से किसी भी सत्ताधारी दल की सत्ता में वापसी नहीं हुई है. तब से दोनों चिरप्रतिद्वंद्वी- कांग्रेस और बीजेपी ने बारी-बारी से आठ कार्यकालों में राज्य पर शासन किया. जयराम ठाकुर सिराज विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं. यहां उन्होंने 1998 से लगातार पांच बार चुनाव जीता. चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा ने घोषणा की था कि अगर पार्टी जीतती है तो वह मुख्यमंत्री होंगे.ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने मौजूदा बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर की भविष्यवाणी की है. अनुमान लगाया गया है कि राज्य में बीजेपी को अधिकतम 40 सीटें मिल सकती हैं, जो 68 सदस्यीय सदन में आधे रास्ते के निशान 34 से सिर्फ छह सीटें ज्यादा हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/election-results-bjp-congress-close-fight-in-himachal-pradesh						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/election-results-bjp-congress-close-fight-in-himachal-pradesh</guid>
					<pubDate>Thu, 08 Dec 2022 12:20:28 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात- हिमाचल के चुनाव के नतीजे आज, जाने किसकी बनेगी सरकार]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दिल्ली एमसीडी के चुनाव का नतीजा आने के बाद अब सबकी नजरें गुजरात और हिमाचल प्रदेश असेंबली के चुनाव  परिणामों पर टिक गई हैं. ये नतीजे आज घोषित किए जाएंगे. इन 2 राज्यों के चुनाव नतीजों से कई ऐसी चीजें होने जा रही हैं, जो भविष्य में देश की राजनीतिक दशा-दिशा तय कर सकती हैं. इन चुनावों के नतीजों पर कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है. ऐसे में यह चुनाव परिणाम कुछ दिग्गजों को ऊपर पायदान पर पहुंचाने तो कुछ को नीचे गिराने वाला भी साबित हो सकता है. </p>
<p><strong>गुजरात में 2 चरणों में हुए थे चुनाव</strong></p>
<p>अगर गुजरात (Gujarat Assembly Election Result 2022) की बात करें तो वहां पर कुल 182 सीटे हैं, जिनके लिए दो चरणों में 1 और 5 दिसंबर को वोटिंग हुई थी. अभी तक के चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस की सीधी टक्कर होती आई थी लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी के उतरने से मामला त्रिकोणात्मक हो गया. कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि AAP ने चुनाव मैदान में उतरने से सीधे तौर पर उन्हें नुकसान हुआ है. विपक्षी वोट बंटने से पूरे प्रदेश में बीजेपी की राह आसान हो गई. </p>
<p><strong>लगातार 7वीं बार बीजेपी की सरकार? </strong></p>
<p>एग्जिट पोल के नतीजों में बीजेपी को 117 से लेकर 151 सीटों पर जीत की संभावना जताई गई है. वहीं कांग्रेस को 16 से 51 और आम आदमी पार्टी को 2 से 13 सीटे मिलने की उम्मीद की गई है. राज्य में सरकार बनाने के लिए 92 सीटों की जरूरत होती है. अगर एग्जिट पोल के अनुमानों को सच मानें तो बीजेपी लगातार सातवीं बार गुजरात में अपनी सरकार बनाने जा रही है. ऐसा होने पर वह लगातार एक राज्य में इतना लंबे वक्त तक शासन करने वाली देश की एकमात्र पार्टी बन जाएगी. </p>
<p><strong>इन चेहरों की प्रतिष्ठा दांव पर</strong></p>
<p>राजनीतिक पंडितों के मुताबिक इस चुनाव में AAP के सीएम पद के उम्मीदवार इसुदान गढ़वी, युवा नेता हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर, जिग्नेश मेवाणी और भूपेंद्र पटेल की प्रतिष्ठा दांव पर है. उनके समेत कुल 1621 उम्मीदवारों की किस्मत का आज फैसला होने जा रहा है. सबसे ज्यादा प्रतिष्ठा का सवाल पीएम मोदी की साख का है. गुजरात बीजेपी का सबसे मजबूत गढ़ और पीएम मोदी का गृह राज्य है. अगर बीजेपी अपने इसी मजबूत गढ़ में हार जाती है तो पीएम मोदी की छवि को धक्का पहुंचेगा, जिससे वर्ष 2024 में उसकी राहें मुश्किल हो सकती हैं. </p>
<p><strong>हिमाचल प्रदेश के नतीजों पर असमंजस</strong></p>
<p>गुजरात के साथ ही हिमाचल प्रदेश असेंबली चुनाव के नतीजे (Himachal Pradesh Assembly Election Result 2022) भी आज ही घोषित किए जाएंगे. राजनीतिक पंडितों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हर 5 साल में सत्ता बदलने का ट्रेंड जारी रहेगा या बीजेपी इस बार कोई चमत्कार करने जा रही है. राज्य में असेंबली की कुल 68 सीटें हैं, जिन पर 412 उम्मीदवार खड़े थे. इनमें सीएम जयराम ठाकुर, पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह समेत राज्य के कई सीनियर नेता शामिल हैं. कांग्रेस इन चुनावों में जहां अपनी सत्ता की वापसी की उम्मीद जता रही है. वहीं बीजेपी नेताओं को उम्मीद है कि इस राज्य का ट्रेंड बदलेगा और पार्टी के विकासवादी एजेंडे की बदौलत प्रदेश में फिर से बीजेपी की सरकार बनेगी. अब दोनों में से किसकी उम्मीद पूरी होती है, इसके लिए आपको आज दोपहर तक इंतजार करना पड़ेगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/gujarat-himachal-election-results-today-know-whose-government-will-be-formed						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/gujarat-himachal-election-results-today-know-whose-government-will-be-formed</guid>
					<pubDate>Thu, 08 Dec 2022 10:59:28 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[दिल्ली के एमसीडी चुनाव में 'आप' को मिली सफलता, जानिए किस पार्टी के कितने उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा पाए]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने 250 वार्ड में से 134 पर जीत हासिल की. इसी के साथ 15 साल से एमसीडी में काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का सफाया हो गया है. वह 104 सीट जीतने में ही सफल हुई. आप की प्रचंड जीत में भी उसके तीन उम्मीदवार फिसड्डी साबित हुए. वे अपनी जमानत तक नही बचा पाए.</p>
<p><strong>बीजेपी के 10 उम्मीदवार जमानत नहीं बचा पाए</strong></p>
<p>वहीं, इस चुनाव में सबसे बुरा हाल कांग्रेस का रहा. उसे महज 9 सीटों पर जीत मिली और उसके 188 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आने वाली बीजेपी के 10 उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा पाए. </p>
<p>बता दें कि दिल्ली नगर निगम चुनाव में आप ने बहुमत के आंकड़े को पार करते हुए 134 सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि बीजेपी ने 104 सीट व कांग्रेस ने 9 सीटों पर विजय हासिल की है. तीन निर्दलीय भी निर्वाचित हुए हैं.</p>
<p>राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को दोपहर तीन बजे के बाद सभी 250 सीटों पर मतगणना संपन्न होने का ऐलान किया. वहीं, इससे पहले एमसीडी चुनाव मतगणना के नतीजों में आम आदमी पार्टी को सफलता मिलने के साथ ही पार्टी के यहां स्थित दफ्तर पर जश्न शुरू हो गया. आप के दफ्तर पर जुटे कार्यकर्ताओं-समर्थकों ने पार्टी के झंडे लहराये और ढोल-नंगाड़ों की थाप पर नृत्य शुरू कर दिया. इस दौरान मिठाई भी बांटी गई.</p>
<p>आप नेता गोपाल राय, आतिशी और दुर्गेश पाठक सहित समर्थकों और अन्य नेता पार्टी कार्यालय में जश्न में शामिल हुए. कार्यालय के बाहर सड़कों पर समर्थक ‘आप’ के आधिकारिक चुनावी गीत ‘एमसीडी में अरविंद केजरीवाल’ पर झूमते नजर आए. एमसीडी चुनावों में ‘आप’ की पहली जीत का जश्न मनाया जा रहा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/aap-got-success-in-delhis-mcd-elections-know-how-many-candidates-of-which-party-could-not-save-their						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/aap-got-success-in-delhis-mcd-elections-know-how-many-candidates-of-which-party-could-not-save-their</guid>
					<pubDate>Thu, 08 Dec 2022 00:00:47 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[5 साल सत्ता में रहने के बाद भी एमसीडी में हर साल चुना जाता है नया मेयर]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नगर निगम चुनाव (MCD Elecion) के नतीजे आज (5 दिसंबर) आएंगे और चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए 42 मतगणना केंद्र बनाए हैं. बता दें कि इस बार चुनावी मैदान में दिल्ली के 250 वार्ड में कुल 1349 उम्मीदवार मैदान में थे और इसके लिए सीधे तौर पर चुनाव होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिल्ली नगर निगम के मेयर (MCD Mayor) का चुनाव कैसे होगा और मेयर का कार्यकाल कितने साल का होता है?</p>
<p><strong>दिल्ली में हर साल चुना जाता है नया मेयर</strong></p>
<p>दिल्ली नगर निगम का चुनाव (MCD Election) 5 साल में होता है और हर 5 साल में पार्षद चुने जाते हैं, लेकिन मेयर का चुनाव सीधे तौर पर नहीं होता है. मेयर का चुनाव (MCD Mayor Elecion) पार्षदों द्वारा किया जाता है और हर साल नया मेयर चुना जाता है. एमसीडी चुनाव में जिस पार्टी को बहुमत मिलता है, उसका कार्यकाल 5 साल का होता है. जबकि, महापौर यानी मेयर का कार्यकाल एक साल का ही होता है.</p>
<p><strong>पहली बार ऐसे चुना जाता है मेयर</strong></p>
<p>दिल्ली नगर निगम का चुनाव (MCD Election) के नतीजे आने के बाद जिस पार्टी को बहुमत मिलता है, मेयर उसी पार्टी का बनता है. चुनाव के नतीजे आने के बाद जब सदन की पहली बैठक होती है, तब मेयर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होती है. चुने गए पार्षदों में से कुछ पार्षद मेयर पद के लिए नामांकन करते हैं और फिर पार्षद ही मेयर का चुनाव करते हैं. दिल्ली नगर निगम एक्ट के अनुसार, हर साल अप्रैल में पहली बैठक में नया मेयर और डिप्टी मेयर चुना जाता है.</p>
<p><strong>पहले साल महिला के लिए आरक्षित होता है मेयर पद</strong></p>
<p>दिल्ली नगर निगम (MCD) के मेयर का पद पहले साल महिला के लिए आरक्षित होता है. इसके बाद दूसरे साल मेयर ((MCD Mayor) का पद अनारक्षित होता है. फिर तीसरे साल मेयर का पद अनुसूचित जाति के पार्षद के लिए आरक्षित होता है. चौथे और पांचवे साल भी मेयर का पद अनारक्षित होता है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/even-after-being-in-power-for-5-years-a-new-mayor-is-elected-every-year-in-mcd						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/even-after-being-in-power-for-5-years-a-new-mayor-is-elected-every-year-in-mcd</guid>
					<pubDate>Wed, 07 Dec 2022 12:12:42 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[दिल्ली एमसीडी चुनाव के शुरुआती रुझान आने शुरू, बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दिल्ली एमसीडी चुनाव के शुरुआती रुझान आने शुरू हो गए हैं. खबर लिखे जाने तक बीजेपी 115 और आम आदमी पार्टी 120 सीटों पर आगे चल रही थी. कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है. जबकि अन्य का खाता तक नहीं खुल पाया है. बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है.  </p>
आइए आपको बताते हैं कौन सी पार्टी कहां से आगे चल रही है.
<p>वार्ड-192 त्रिलोकपुरी से बीजेपी प्रत्याशी सुरेन्द्र आगे चल रहे हैं. जबकि आप के विजय कुमार पीछे हैं.</p>
<p>सीलमपुर विधानसभा वार्ड 225 से कांग्रेस प्रत्याशी मुमताज आगे चल रही हैं.</p>
<p>गौतमपुरी वार्ड 226 से बीजेपी के सत्य शर्मा पीछे चल रहे हैं. जबकि आम आदमी पार्टी के अनिल जैन बढ़त बनाए हुए हैं.</p>
<p>जामा मस्जिद वार्ड 75 से आम आदमी पार्टी आगे चल रही है </p>
<p> वार्ड-191 मयूर विहार फेस 1 से बीजेपी प्रत्याशी प्रेमा देवी आगे चल रही हैं. </p>
<p>सीलमपुर विधानसभा मौजपुर वार्ड 228 से बीजेपी के अनिल शर्मा आगे चल रहे हैं. </p>
<p>सीलमपुर विधानसभा वार्ड 227 चौहान बांगड़ से कांग्रेस आगे चल रही है </p>
<p>बुराड़ी वार्ड नंबर 6 से आप प्रत्याशी आशीष त्यागी आगे हैं.</p>
<p>पटेल नगर वार्ड नंबर 86 से AAP आगे </p>
<p>बल्लीमरान वॉर्ड नंबर 80 से BJP आगे है</p>
<p>मॉडल टाउन वार्ड नंबर 69 से AAP आगे </p>
<p>किराड़ी वार्ड नंबर 39 से BJP आगे </p>
<p>नांगलोई जट वार्ड नंबर 46 से AAP आगे </p>
<p>केशवपुरम वॉर्ड 64 से बीजेपी के योगेश वर्मा आगे चल रहे हैं. जबकि दूसरे नंबर पर आप के विकास गोयल हैं. </p>
<p>तिलक नगर वार्ड 101 से बीजेपी के राजकुमार ग्रोवर आगे हैं. वार्ड 103 से बीजेपी के हरीश ओबेरॉय आगे हैं. वहीं वार्ड 102 ख्याला से बीजेपी की परमजीत कौर आगे हैं. </p>
<p>वार्ड नंबर 206 आनंद विहार से बीजेपी उम्मीदवार डॉ मोनिका पंत आगे चल रही हैं. </p>
<p>वार्ड नंबर 204 प्रीत विहार से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी रमेश पंडित आगे  </p>
<p>आम आदमी पार्टी का वोट शेयर 44.03 प्रतिशत, बीजेपी का 33.43 प्रतिशत और कांग्रेस का 18.42 प्रतिशत है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/early-trends-of-delhi-mcd-elections-start-coming-tough-fight-between-bjp-and-aam-aadmi-party						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/early-trends-of-delhi-mcd-elections-start-coming-tough-fight-between-bjp-and-aam-aadmi-party</guid>
					<pubDate>Wed, 07 Dec 2022 12:07:02 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[दिल्ली नगर निगम चुनाव के नतीजे बुधवार को आएंगे, जानिए किसकी होगी एमसीडी, कौन मरेगा बाज़ी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी चुनाव के नतीजे बुधवार (7 दिसंबर) को आएंगे. दिल्ली में चार दिसंबर को हुए चुनाव में 50.48 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था. एमसीडी में 250 वार्ड हैं और इस चुनाव में 1,349 उम्मीदवार मैदान में हैं. नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप), बीजेपी और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखा गया. ‘आप’ और बीजेपी दोनों ने भरोसा जताया है कि वे चुनावों में विजयी होंगे, जबकि कांग्रेस खोई हुई जमीन हासिल करने की कोशिश कर रही है. बीजेपी पिछले 15 वर्षों से नगर निगम की सत्ता में है. </p>
<p>‘आप’ और उसके नेता अरविंद केजरीवाल के लिए चुनाव महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे देश में 2024 के आम चुनावों से पहले पार्टी का विस्तार चाहते हैं. बीजेपी ने एमसीडी चुनाव के प्रचार के लिए अपने शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारा था. इनमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी तथा पीयूष गोयल जैसे 19 केंद्रीय मंत्री और छह राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं. बीजेपी को 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में ‘आप’ के हाथों हार का सामना करना पड़ा था और उसने 70 में से सिर्फ आठ सीटें जीती थीं. </p>
<p>एमसीडी चुनाव में मतदान करने वाली महिलाओं के लिए साफ-सफाई, पार्क का रख-रखाव और पार्किंग सुविधाओं का अभाव चिंता के मुख्य मुद्दे थे. दिल्ली में 2012-2022 तक 272 वार्ड थे और तीन निगम - उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी), दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) और पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) थे. तीनों नगर निगमों के फिर से एकीकृत होने के बाद एमसीडी औपचारिक रूप से 22 मई को अस्तित्व में आया था.</p>
<p>वर्ष 1958 में स्थापित एमसीडी को 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल के दौरान तीन भागों में बांट दिया गया था. वर्ष 2017 में हुए नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने 270 वार्ड में से 181 वार्ड में जीत हासिल की थी. उस वर्ष हुए चुनाव में लगभग 53 प्रतिशत मतदान हुआ था. प्रत्याशियों के निधन के कारण दो सीट पर मतदान नहीं हो सका था. ’आप’ ने 48 और कांग्रेस ने 27 वार्ड में जीत दर्ज की थी.</p>
<p><strong>मतगणना की तैयारियां पूरी</strong></p>
<p>चुनाव के मतों की गिनती की तैयारियां पूरी कर ली गई और बुधवार को होनी वाली मतगणना के लिए 42 केंद्र बनाए गए हैं. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार को मतगणना सुबह आठ बजे शुरू होगी.</p>
<p>राज्य निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमने कल होने वाली मतगणना के लिए तैयारी पूरी कर ली है. 42 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती की जाएगी. मतगणना केंद्र शास्त्री पार्क, यमुना विहार, मयूर विहार, नंद नगरी, द्वारका, ओखला, मंगोलपुरी, पीतमपुरा, अलीपुर और मॉडल टाउन सहित क्षेत्रों में स्थित हैं. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा की गई है और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 20 कंपनियां और 10,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को केंद्रों पर तैनात किया गया है.</p>
<p><strong>एग्जिट पोल में आप की जीत का अनुमान</strong></p>
<p>ज्यादातर एग्जिट पोल में सोमवार को दिल्ली नगर निगम चुनाव में आप की स्पष्ट जीत का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया, जबकि बीजेपी के दूसरे स्थान पर रहने का अनुमान जताया गया. ZEE NEWS के लिए एग्जिट पोल BARC ने किया. BARC के एग्जिट पोल के अनुसार, चुनाव में आप सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है. आप को 134-146, बीजेपी को 82-94, कांग्रेस को 8-14 और अन्य को 14-19 सीटें मिल सकती हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/delhi-municipal-corporation-election-results-will-come-on-wednesday-know-who-will-win-mcd-who-will-d						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/delhi-municipal-corporation-election-results-will-come-on-wednesday-know-who-will-win-mcd-who-will-d</guid>
					<pubDate>Wed, 07 Dec 2022 00:34:40 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[एग्जिट पोल का अनुमान: हिमाचल प्रदेश में बीजेपी इतिहास रच सकती है]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश में बीजेपी इतिहास रच सकती है. एग्जिट पोल में ऐसा ही अनुमान दिख रहा है. एग्जिट पोल के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में बीजेपी को 35-40 सीटें, कांग्रेस को 20-25 सीटें, आप को 0-3 सीटें और अन्य को 1-5 सीटें मिल सकती हैं. एग्जिट पोल के अनुसार, बीजेपी हिमाचल प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है. हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल में जनता राज्य की बीजेपी सरकार पर मुहर लगाती हुई दिख रही है.</p>
<p><strong>हिमाचल में फिर बीजेपी सरकार</strong></p>
<p>एग्जिट पोल में हिमाचल प्रदेश में बीजेपी को बहुमत मिलता हुआ दिख रहा है. BARC के एग्जिट पोल के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 47 प्रतिशत, कांग्रेस को 41 फीसदी, आप को 2 प्रतिशत और अन्य को 10 फीसदी वोट मिल सकते हैं. आइए जानते हैं कौन से ऐसे मुद्दे हैं जो हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता के बीच प्रमुख रहे. एग्जिट पोल के लिए सर्वे के दौरान हिमाचल वासियों ने क्या जवाब दिया?</p>
<p><strong>1. हिमाचल सरकार ने कैसा काम किया?</strong></p>
<p>- बहुत बेहतर: 28%</p>
<p>-कुछ हद तक बेहतर: 38%</p>
<p>- बेहद खराब: 30%</p>
<p>- कह नहीं सकते: 4%</p>
<p><strong>2. सीएम जयराम ठाकुर के काम से कितने संतुष्ट?</strong></p>
<p>- बहुत बेहतर:  35%</p>
<p>- कुछ हद तक बेहतर:  42%</p>
<p>- बेहद खराब:  20%</p>
<p>- हम कह नहीं सकते:  3%</p>
<p><strong>3. किन मुद्दों पर वोट किया?</strong></p>
<p>- केंद्र-राज्य की योजनाएं: 32%</p>
<p>- पुरानी पेंशन स्कीम: 15%</p>
<p>- मोदी पर भरोसा: 15%</p>
<p>- बेरोजगारी: 15%</p>
<p>- अन्य: 1%</p>
<p><strong>4. क्या हिमाचल चुनाव में पीएम मोदी सबसे प्रभावशाली नेता रहे?</strong></p>
<p>- जरूर होंगे: 48%</p>
<p>- कुछ हद तक 35%</p>
<p>- कोई फर्क नहीं: 12%</p>
<p>- कह नहीं सकते: 5%</p>
<p><strong>5. सीएम के रूप में पहली पसंद?</strong></p>
<p>- जयराम सिंह ठाकुर: 35%</p>
<p>- प्रतिभा सिंह: 18%</p>
<p>- अनुराग ठाकुर: 12%</p>
<p>- मुकेश अग्निहोत्री: 9%</p>
<p>- हर्षवर्धन चौहान: 8%</p>
<p>- अन्य: 5%</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/exit-polls-predict-bjp-can-create-history-in-himachal-pradesh						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/exit-polls-predict-bjp-can-create-history-in-himachal-pradesh</guid>
					<pubDate>Tue, 06 Dec 2022 01:35:18 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात चुनाव ख़त्म होने से पहले ही बीजेपी लगी आगे के चुनावों की तैयारी में, बनाया ये प्लान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात में आज दूसरे चरण के लिए वोट डाले जाएंगे. नतीजों का ऐलान 8 दिसंबर को होगा. लेकिन बीजेपी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों और 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारियों में अभी से जुट जाना चाहती है. गुजरात में दूसरे चरण के मतदान के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह एक स्ट्रैटजी सेशन में हिस्सा लेंगे, जिसमें पार्टी पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस सत्र में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी.</p>
<p>अगले साल बीजेपी शासित मध्य प्रदेश और कांग्रेस शासित राजस्थान में चुनाव होने हैं. सूत्रों के मुताबिक, गांधीनगर में वोट डालने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी दो दिवसीय पार्टी पदाधिकारियों की बैठक के उद्घाटन के लिए दिल्ली लौट आएंगे. इस बैठक में पार्टी प्रभारी, सह प्रभारी, मोर्चों और संगठन के प्रभारी और सभी राज्यों के मंत्री हिस्सा लेंगे. गुजरात में आज दूसरे चरण के लिए 93 सीटों पर मतदान होगा, जिसमें गांधीनगर और अहमदाबाद शामिल हैं.</p>
<p><strong>नड्डा की अगुआई में होगी बैठक</strong></p>
<p>बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में पार्टी की भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा. राज्य विधानसभा चुनावों के अगले दौर के लिए तैयारियों का जायजा लिया जाएगा और विभिन्न संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी.</p>
<p>पार्टी के नेता साल भर संगठनात्मक कार्यों में लगे रहते हैं और यह बैठक जायजा लेने की कवायद के तौर पर काम करेगी. पिछले लोकसभा चुनाव में जिन सीटों पर पार्टी को हार मिली थी, वहां अपनी स्थिति मजबूत करने और 2024 में जीत सुनिश्चित करने के मद्देनजर केंद्रीय मंत्रियों सहित पार्टी के नेताओं के विभिन्न समूह भी इस बैठक में हिस्सा लें. लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों के अलावा त्रिपुरा और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं.</p>
<p><strong>सातवीं बार जीत दर्ज करना चाहेगी बीजेपी</strong></p>
<p>2024 लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी लगातार सातवीं बार गुजरात में जीत दर्ज करना चाहेगी. 1995 से गुजरात में बीजेपी का शासन है. पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी ने हाई वोल्टेज कैंपेन चलाया था. पार्टी के मुख्य रणनीतिकार अमित शाह ने 140 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है. फिलहाल बीजेपी के पास 99 सीटें हैं. पिछले चुनाव में कांग्रेस ने 77 सीटें जीती थीं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी फिलहाल भारत जोड़ो आंदोलन में व्यस्त हैं और उन्होंने गुजरात में सिर्फ एक दिन ही कैंपेन किया. वहीं अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी खुद को राज्य में बीजेपी की सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी बता रही है. </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/even-before-the-gujarat-elections-are-over-bjp-started-preparing-for-the-next-elections-made-this-pl						]]>
					</link>
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					<pubDate>Mon, 05 Dec 2022 11:01:40 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात चुनाव : दूसरे और आखिरी चरण का मतदान आज, मोदी और अमित शाह भी डालेंगे वोट]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात में विधानसभा चुनाव के लिए आज दूसरे और आखिरी चरण का मतदान होगा. राज्य के 14 जिलों की 93 सीटों के लिए वोटिंग सुबह 8 बजे से शुरू होगी और शाम 5 बजे तक मतदान चलेगा. दूसरे चरण में कुल 833 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत ईवीएम में बंद होगी. वोटिंग को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस बल के साथ साथ केंद्रीय बलों की भी तैनाती की गई है. साल 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 14 जिलों की इन 93 सीटों में से 51 पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस के खाते में 39 सीटें गई थीं और 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी. </p>
<p>बता दें कि इससे पहले गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए एक दिसंबर को पहले चरण का मतदान हुआ था और करीब 63.31 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था. गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं और 1 दिसंबर को सौराष्ट्र, कच्छ और दक्षिण गुजरात की 89 सीटों पर वोट डाले गए थे.</p>
<p>दूसरे चरण में अहमदाबाद, गांधीनगर, मेहसाणा, पाटन, बनासकांठा, साबरकांठा, अरावली, महिसागर, पंचमहल, दाहोद, वडोदरा, आणंद, खेड़ा और छोटा उदयपुर जिले की 93 सीटों पर मतदान होगा. अंतिम चरण के चुनाव में घाटलोडिया, विरमगाम और गांधीनगर दक्षिण सीट सबसे ज्यादा चर्चित हैं. घाटलोडिया सीट से गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल चुनावी मैदान में हैं, जबकि विरमगाम सीट पर बीजेपी ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को उतारा है और गांधीनगर दक्षिण सीट से बीजेपी ने अल्पेश ठाकोर को उम्मीदवार बनाया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/gujarat-election-second-and-last-phase-of-voting-today-modi-and-amit-shah-will-also-vote						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/gujarat-election-second-and-last-phase-of-voting-today-modi-and-amit-shah-will-also-vote</guid>
					<pubDate>Mon, 05 Dec 2022 10:37:04 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात की चुनाव रैली में मोदी देरी से क्यों पहुंचे, कारण जानकर आप रह जायेंगे दंग, रैली में पहुंचने से पहले किया ये काम]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात विधानसभा चुनाव के मतदान में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. तमाम राजनीतिक पार्टियां जोरो-शोरों से प्रचार में जुट गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रविवार को गुजरात के नेत्रांग पहुंचे, जहां उन्होंने दो अनाथ आदिवासी भाइयों से मुलाकात की. नेत्रांग में पीएम मोदी ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, मैं यहां कुछ देर से इसलिए आया क्योंकि मुझे दो आदिवासी भाइयों से मिलना था, जिनके माता-पिता का देहांत 6 साल पहले हो गया था.</p>
<p><strong>6 साल पहले गुजर गए थे माता-पिता</strong></p>
<p>अवि (14) और जय (11) के माता-पिता का निधन 6 साल पहले लंबी बीमारी के बाद हो गया था. उसके बाद से दोनों मजदूरी कर एक-दूसरे की देखभाल कर रहे हैं. तमाम परेशानियों के बावजूद दोनों भाइयों ने पढ़ाई नहीं छोड़ी, अवि 9वीं में पढ़ रहा है, वहीं  जय छठी कक्षा में है. उनकी कहानी जानने के बाद पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि बुनियादी सुविधाओं के साथ दोनों भाइयों के लिए एक घर बनाया जाए. नेत्रांग में अपने दौरे के वक्त पीएम मोदी ने दोनों भाइयों से मुलाकात भी की. पीएम मोदी से मिलकर दोनों भाइयों ने कहा कि वह बेहद उत्साहित हैं और पीएम मोदी के सपोर्ट के लिए उनके शुक्रगुजार भी. </p>
<p>जब पूछा गया कि पीएम मोदी ने क्या कहा तो अवि ने बताया, 'उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं क्या बनना चाहता हूं? मैं उनको बताया कि मैं इंजीनियर बनना चाहता हूं. पीएम मोदी ने हमें आश्वासन दिया कि वह हमारी पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाएंगे.' जय ने कहा कि वह भी इंजीनियर बनना चाहता है. उसने कहा कि उनके घर में टीवी और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं. दोनों भाइयों से मुलाकात का वीडियो गुजरात बीजेपी ने ट्विटर पर शेयर किया है. </p>
<p>वहीं नेत्रंग रैली में मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में आदिवासी समुदाय के प्रति कोई सम्मान नहीं रखती है और उसने राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी का भी विरोध किया था. मोदी ने कहा, 'बिरसा मुंडा हों या गोविंद गुरु, कांग्रेस ने देश के आदिवासी नेताओं को सम्मान नहीं दिया.'</p>
<p><strong>'देखते हैं खड़गे कैसे औकात दिखाते हैं'</strong></p>
<p>गुजरात में रविवार को कांग्रेस के लिए प्रचार कर रहे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह मोदी को उसकी औकात दिखाएंगे. प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज कांग्रेस अध्यक्ष गुजरात में हैं. उन्हें सोनिया बेन (सोनिया गांधी) ने यहां भेजा है. वह यहां आये और कहा कि मोदी को उसकी औकात दिखाएंगे. मेरी कोई औकात नहीं है. मैं तो आम आदमी की तरह जन्मा था. देखते हैं कि वह मुझे मेरी औकात कैसे दिखाते हैं.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/why-did-modi-arrive-late-in-gujarats-election-rally-you-will-be-shocked-to-know-the-reason-he-did-th						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/why-did-modi-arrive-late-in-gujarats-election-rally-you-will-be-shocked-to-know-the-reason-he-did-th</guid>
					<pubDate>Mon, 28 Nov 2022 10:56:35 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[76 साल के इस BJP उम्मीदवार ने उम्र के सवाल पर, 80 साल के जो बाइडेन का उदहारण दिया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>76 साल की उम्र में भी बीजेपी उम्मीदवार योगेश पटेल राजनीतिक लड़ाई में कूद गए हैं. उनसे जब उनकी पार्टी द्वारा उम्मीदवारों के लिए निर्धारित 75 साल की आयु-सीमा के बारे में सवाल किया गया तो जवाब मिला, ‘जो बाइडेन को देखें. वह 80 साल की उम्र में अमेरिका का नेतृत्व कर रहे हैं.’</p>
<p>वड़ोदरा में मंजलपुर निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के उम्मीदवार योगेश पटेल आठवीं बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं और उनका दावा है कि उनका ‘होश’ और ‘जोश’ एक बार फिर से दिखेगा चाहे उनकी आयु कितनी भी क्यों न हो.</p>
<p><strong>'मैं हमेशा लोगों के साथ निकट संपर्क में रहा हूं'</strong></p>
<p>योगेश पटेल ने कहा, ‘मैं हमेशा लोगों के साथ निकट संपर्क में रहा हूं, उस समय भी जब मैं एक नहीं था विधायक. यह मुझे अच्छी स्थिति में खड़ा करता है.‘ 32 साल से विधायक रहे बीजेपी उम्मीदवार ने दावा किया कि उन्होंने हमेशा पूरे दिल से लोगों के लिए काम किया है और इस चुनाव को ईमानदारी से लड़ेंगे. योगेश से जब आप और कांग्रेस के उम्मीदवारों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘बस 8 दिसंबर को परिणामों की प्रतीक्षा करें.‘</p>
<p><strong>'जो बाइडेन पर विचार करें'</strong></p>
<p>अपनी अधिक उम्र पर बीजेपी उम्मीदवार ने कहा, ‘20 की उम्र में भी कुछ लोग हैं जो घर पर अपना समय बर्बाद कर रहे हैं, मेरे लिए, यह 'उम्र बढ़ना' , अब, जो बाइडेन पर विचार करें. वह 80 साल की उम्र में पूरे अमेरिका का प्रबंधन कर रहा है. इसलिए उम्र वास्तव में मायने नहीं रखती है.‘ उन्होंने आगे कहा कि जीवन के हर पहलू में समय की पाबंदी बनाए रखने से वह इतने लंबे समय तक चलते रहे हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/on-the-question-of-age-this-76-year-old-bjp-candidate-gave-the-example-of-80-year-old-joe-biden						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/on-the-question-of-age-this-76-year-old-bjp-candidate-gave-the-example-of-80-year-old-joe-biden</guid>
					<pubDate>Sat, 26 Nov 2022 01:54:51 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात चुनाव के पहले चरण में सभी पार्टियों ने अपराधियों को टिकट दिए, जाने किस पार्टी ने कितने दागियों को उम्मीदवार बनाया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात विधानसभा के लिए पहले चरण के तहत 89 सीट पर चुनाव हो रहे हैं और कुल 788 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें 167 प्रत्याशियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें से 100 उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या एवं बलात्कार जैसे गंभीर आरोप हैं. यह जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट से मिली.</p>
<p>इसके साथ ही 21 प्रतिशत प्रत्याशियों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं जबकि 13 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं. पहले चरण के तहत, आम आदमी पार्टी (आप)कुल 89 में से 88 सीट पर चुनाव लड़ रही है और वह इस सूची में सबसे ऊपर है जिसके 36 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.</p>
<p><strong>'आप के 32 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले'</strong></p>
<p>एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आप के 30 प्रतिशत उम्मीदवार हत्या, बलात्कार, अपहरण जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं. आप के 32 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं. अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी के बाद दूसरे नंबर पर कांग्रेस है जिसके 35 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं. ऐसे 20 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं. रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस पहले चरण में सभी 89 सीट पर चुनाव लड़ रही है और आपराधिक मामलों वाले उसके उम्मीदवारों की संख्या 31 है.</p>
<p>सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी पहले चरण के चुनाव में सभी सीट पर चुनाव लड़ रही है. एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने आपराधिक अतीत वाले 14 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. प्रतिशत के लिहाज से यह संख्या 16 प्रतिशत है. भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) पहले चरण में 14 सीट पर चुनाव लड़ रही है और उसके चार उम्मीदवारों (29 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले हैं. उसके सात प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं.</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार 2017 के विधानसभा चुनावों में, पहले चरण के 15 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले थे, जबकि आठ प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले थे. गंभीर आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों में जनक तलविया (भाजपा), वसंत पटेल (कांग्रेस), अमरदास देसानी (स्वतंत्र) शामिल हैं. आपराधिक रिकॉर्ड वाले अन्य उम्मीदवारों में भाजपा के पुरुषोत्तम सोलंकी, कांग्रेस के गनीबेन ठाकोर और जिग्नेश मेवानी, आप के गोपाल इटालिया और अल्पेश कठेरिया शामिल हैं.</p>
<p>वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और बीटीपी ने पहले चरण में क्रमश: 36, 25 और 67 प्रतिशत ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था जिनके खिलाफ आपराधिक मामले थे. उच्चतम न्यायालय के 25 सितंबर, 2018 के आदेश के अनुपालन में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों के लिए लंबित आपराधिक मामलों और ऐसे उम्मीदवारों के चयन की वजहों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य है.</p>
<p>इसके साथ ही जानकारी को एक स्थानीय और एक राष्ट्रीय दैनिक में प्रकाशित करने एवं आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर अपलोड करने की भी आवश्यकता होती है. एडीआर के प्रमुख अनिल वर्मा ने वीडियो लिंक के जरिए एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, इन निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा है... हमने गौर किया है कि स्थानीय समाचार पत्रों में गुजराती में जानकारी प्रकाशित की जाती है, लेकिन घोषणाएं अंग्रेजी में होती हैं. साथ ही, ऐसी जानकारी का ‘फ़ॉन्ट’ आकार 12 होना चाहिए, लेकिन उन्हें बहुत छोटे फ़ॉन्ट आकार में प्रकाशित किया गया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/in-the-first-phase-of-gujarat-elections-all-parties-gave-tickets-to-criminals-know-which-party-field						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/in-the-first-phase-of-gujarat-elections-all-parties-gave-tickets-to-criminals-know-which-party-field</guid>
					<pubDate>Fri, 25 Nov 2022 00:25:12 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात चुनाव के पहले चरण के उम्मीदवारों में 'आप' ने अपराधी किस्म के नेताओं को सबसे ज्यादा टिकट दिया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात विधानसभा के लिए पहले चरण के तहत 89 सीट पर चुनाव हो रहे हैं और कुल 788 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें 167 प्रत्याशियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें से 100 उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या एवं बलात्कार जैसे गंभीर आरोप हैं. यह जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट से मिली.</p>
<p>इसके साथ ही 21 प्रतिशत प्रत्याशियों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं जबकि 13 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं. पहले चरण के तहत, आम आदमी पार्टी (आप)कुल 89 में से 88 सीट पर चुनाव लड़ रही है और वह इस सूची में सबसे ऊपर है जिसके 36 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.</p>
<p><strong>'आप के 32 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले'</strong></p>
<p>एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आप के 30 प्रतिशत उम्मीदवार हत्या, बलात्कार, अपहरण जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं. आप के 32 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं. अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी के बाद दूसरे नंबर पर कांग्रेस है जिसके 35 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं. ऐसे 20 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं. रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस पहले चरण में सभी 89 सीट पर चुनाव लड़ रही है और आपराधिक मामलों वाले उसके उम्मीदवारों की संख्या 31 है.</p>
<p>सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी पहले चरण के चुनाव में सभी सीट पर चुनाव लड़ रही है. एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने आपराधिक अतीत वाले 14 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. प्रतिशत के लिहाज से यह संख्या 16 प्रतिशत है. भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) पहले चरण में 14 सीट पर चुनाव लड़ रही है और उसके चार उम्मीदवारों (29 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले हैं. उसके सात प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं.</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार 2017 के विधानसभा चुनावों में, पहले चरण के 15 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले थे, जबकि आठ प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले थे. गंभीर आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों में जनक तलविया (भाजपा), वसंत पटेल (कांग्रेस), अमरदास देसानी (स्वतंत्र) शामिल हैं. आपराधिक रिकॉर्ड वाले अन्य उम्मीदवारों में भाजपा के पुरुषोत्तम सोलंकी, कांग्रेस के गनीबेन ठाकोर और जिग्नेश मेवानी, आप के गोपाल इटालिया और अल्पेश कठेरिया शामिल हैं.</p>
<p>वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और बीटीपी ने पहले चरण में क्रमश: 36, 25 और 67 प्रतिशत ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था जिनके खिलाफ आपराधिक मामले थे. उच्चतम न्यायालय के 25 सितंबर, 2018 के आदेश के अनुपालन में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों के लिए लंबित आपराधिक मामलों और ऐसे उम्मीदवारों के चयन की वजहों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य है.</p>
<p>इसके साथ ही जानकारी को एक स्थानीय और एक राष्ट्रीय दैनिक में प्रकाशित करने एवं आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर अपलोड करने की भी आवश्यकता होती है. एडीआर के प्रमुख अनिल वर्मा ने वीडियो लिंक के जरिए एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, इन निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा है... हमने गौर किया है कि स्थानीय समाचार पत्रों में गुजराती में जानकारी प्रकाशित की जाती है, लेकिन घोषणाएं अंग्रेजी में होती हैं. साथ ही, ऐसी जानकारी का ‘फ़ॉन्ट’ आकार 12 होना चाहिए, लेकिन उन्हें बहुत छोटे फ़ॉन्ट आकार में प्रकाशित किया गया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/in-the-first-phase-of-gujarat-elections-aap-has-given-maximum-number-of-tickets-to-the-candidates-of						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/in-the-first-phase-of-gujarat-elections-aap-has-given-maximum-number-of-tickets-to-the-candidates-of</guid>
					<pubDate>Thu, 24 Nov 2022 23:01:06 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात में राहुल गांधी के भाषण के दौरान इस शख्स ने इसलिए दिया दखल]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इसमें कूद पड़े हैं. सोमवार को राहुल गांधी गुजरात में भाषण दे रहे थे, तभी एक शख्स ने उन्हें टोकते हुए हिंदी में बोलने को कहा. दरअसल राहुल हिंदी में भाषण दे रहे थे, जिसका मंच से  जीपीसीसी के पूर्व अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी बतौर ट्रांसलेटर गुजराती में अनुवाद कर रहे थे.</p>
<p>उस शख्स ने चिल्लाते हुए कहा, 'आप हिंदी में बोलो, हम समझ लेंगे, हमें अनुवाद की जरूरत नहीं.' इसके बाद राहुल गांधी रुके और मंच से पूछा, क्या यह ठीक रहेगा- "हिंदी चलेगा? (क्या हिंदी चलेगी)". भीड़ ने उसका समर्थन किया और अनुवादक की जरूरत नहीं रह गई.</p>
<p>चुनावी राज्य गुजरात में राहुल गांधी की यह पहली रैली थी. वह सूरत जिले के महुवा में लोगों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने आदिवासियों को देश का पहला मालिक बताते हुए कहा कि बीजेपी इनके अधिकारों को छीनने का काम कर रही है.  राहुल ने कहा कि वे आपको 'वनवासी' कहते हैं. वे यह नहीं कहते कि आप भारत के पहले मालिक हैं, बल्कि यह कहते हैं कि आप जंगल में रहते हैं. आपको फर्क दिखाई दिया? इसका मतलब है कि वे नहीं चाहते कि आप शहर में रहें, वे नहीं चाहते कि आपके बच्चे डॉक्टर्स, इंजीनियर्स बनें, जहाज चलाना या अंग्रेजी बोलना सीखें. </p>
<p><strong>राहुल ने बोला हमला</strong></p>
<p>गौरतलब है कि गुजरात में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तमाम राजनीतिक पार्टियां मैदान में उतर गई हैं. बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के तमाम बड़े नेता राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रैलियां कर रहे हैं. राहुल ने नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने देश के भीतर दो राष्ट्र बनाए हैं. एक तरफ सुपर रिच लोग हैं जो कुछ भी सपना देख सकते हैं और हासिल कर सकते हैं, चाहे वह बंदरगाह हो या हवाईअड्डे या सार्वजनिक क्षेत्र खरीद सकते हैं और तरफ गरीब और मध्यम वर्ग का देश है, जिसे हर चीज के लिए संघर्ष करना पड़ता है. जो लोग गरीबी से उबरे थे, उन्हें फिर से गरीबी की ओर धकेल दिया गया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/this-person-interfered-during-rahul-gandhis-speech-in-gujarat						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/this-person-interfered-during-rahul-gandhis-speech-in-gujarat</guid>
					<pubDate>Tue, 22 Nov 2022 11:58:17 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA['आप' उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने पर मनीष सिसोदिया ने बीजेपी पर लगाया ये आरोप]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात की सूरत पूर्व विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार कंचन जरीवाला ने बुधवार को अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया, जिसके बाद ‘आप’ ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कहने पर जरीवाला का अपरहण किया गया और उन पर नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया गया. भाजपा ने इस आरोप का खंडन किया है.</p>
<p>उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि जरीवाला और उनके परिवार के सदस्य मंगलवार से लापता हैं. सिसोदिया ने कहा, भाजपा गुजरात चुनाव में बुरी तरह हार रही है और वह परेशान होकर इतने निचले स्तर पर गिर गई कि उसने सूरत पूर्व से हमारे उम्मीदवार का अपहरण कर लिया.</p>
<p>उन्होंने कहा, हार के डर से भाजपा के गुंडों ने सूरत से आप के उम्मीदवार कंचन जरीवाला का अपहरण कर लिया. सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भाजपा के गुंडों ने जरीवाला का नामांकन रद्द कराने की भी कोशिश की थी, लेकिन निर्वाचन अधिकारी ऐसा नहीं कर सके क्योंकि उनके कागजात में कोई कमी नहीं थी. सिसोदिया ने कहा, यह केवल हमारे उम्मीदवार का ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र का अपहरण है. गुजरात में हालात बहुत खतरनाक है. आप नेता ने गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पर भी जरीवाला का पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. </p>
<p><strong>मनीष सिसोदिया ने क्या आरोप लगाया</strong></p>
<p>सिसोदिया ने आरोप लगाया कि उम्मीदवार के पिछले 24 घंटे से लापता होने के बावजूद सीईओ यही कहते रहे कि जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक इस मामले को देख रहे हैं. उन्होंने कहा, इस घटना ने सीईओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने इस मामले में बातचीत करने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार से मिलने का समय मांगा.</p>
<p>भाजपा ने इस सीट से मौजूदा विधायक अरविंद राणा को खड़ा किया है. गुजरात विधानसभा की 182 सीटों के लिए एक दिसंबर एवं पांच दिसंबर को चुनाव होगा और मतगणना आठ दिसंबर को होगी.</p>
<p>आप की राज्य इकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया ने दावा किया कि जरीवाला सत्तारूढ़ दल के दबाव में अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के लिए बुधवार को निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच पहुंचे थे और इस दौरान ‘‘भाजपा के गुंडों’’ ने उन्हें घेर रखा था. उन्होंने कहा कि जब मीडियाकर्मियों ने जरीवाला से सवाल किए, तो उनके आसपास मौजूद लोग उन्हें तुरंत वहां से ले गए.</p>
<p>इटालिया ने आरोप लगाया कि जरीवाला लापता थे और उन्हें भाजपा के गुंडे किसी अज्ञात स्थान पर ले गए और उन पर चुनाव से दूर रहने का दबाव बनाया गया. उन्होंने कहा कि जरीवाला जिस प्रकार नामांकन लेने आए, उससे संकेत मिलता है कि उन पर भारी दबाव था.</p>
<p>इटालिया ने कहा, यदि कोई स्वयं अपनी उम्मीदवारी वापस लेना चाहता है, तो वह पुलिस की भारी सुरक्षा और 50 से 100 गुंड़ों के साथ कार्यालय क्यों आएगा. उन्होंने निर्वाचन आयोग से मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया. बहरहाल, भाजपा की सूरत शहर इकाई के अध्यक्ष निरंजन झांझमेरा ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि आप को ऐसा करने के बजाय अपने घर पर ध्यान देना चाहिए. इटालिया ने कहा कि आप इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी मामलों के विशेषज्ञों के अपने दल से सलाह लेगी.</p>
<p>आप की गुजरात इकाई के सह-प्रभारी राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि भाजपा के गुंडों ने मंगलवार को जरीवाला का अपहरण कर लिया ताकि उन पर उम्मीदवारी वापस लेने का दबाव बनाया जा सके. चड्ढा ने कहा कि पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस बारे में सूचित कर दिया है और मामले में एक लिखित शिकायत सौंपी जाएगी. उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन को भी इसकी सूचना दे दी गई है.</p>
<p>सूरत के पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है. उन्होंने कहा, हमें कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन यह मामला मेरे संज्ञान में आया है, इसलिए मैं इस पर काम कर रहा हूं.  कथित अपहरण को लेकर सिसोदिया और पार्टी के अन्य नेताओं ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.</p>
<p><strong>जरीवाला ने क्या कहा</strong></p>
<p>चुनाव लड़ने से पीछे हटने पर कंचन जरीवाला ने कहा, मेरे नामांकन वापस लेने का कारण यह था कि सूरत (पूर्व) विधानसभा में (आप) कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया था. कर्मचारी पैसे की मांग करने लगे. मैं इतना सक्षम नहीं हूं कि 80 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये खर्च कर सकूं. उनकी मांग इतनी थी कि मैं उसे पूरा नहीं कर सका. उन्होंने कहा, पार्टी का काफी दबाव था. लोग बार-बार फोन कर परेशान कर रहे थे. मैं अपने बेटे के दोस्तों के साथ चला गया, वहां बीजेपी का कोई नहीं था. अब मुझे क्या करना है, 5-7 दिन बाद बताऊंगा .</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/manish-sisodia-accuses-bjp-of-withdrawing-nomination-of-aap-candidate						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/manish-sisodia-accuses-bjp-of-withdrawing-nomination-of-aap-candidate</guid>
					<pubDate>Thu, 17 Nov 2022 00:40:54 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बीजेपी ने सत्ता में बने रहने के लिए इस राज्य की महिला वोटरों के लिए बनाया खास प्लान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश में हर चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रहती है, इसलिए राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा ने 'स्त्री संकल्प पत्र' पेश किया है, जो महिला सशक्तिकरण और महिला नेतृत्व वाले विकास के उद्देश्यों को और मजबूत करेगा. यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कही.</p>
<p>अपने चुनाव प्रचार के दौरान एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा, अपने पांच साल के कार्यकाल में हमने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं. अब अपने चुनावी घोषणापत्र में, हमने महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए 11 प्रतिबद्धताएं की हैं.</p>
<p>उन्होंने शिमला जिले के चौपाल में चुनाव प्रचार करते हुए कहा, कांग्रेस कहती है कि जय राम ठाकुर सरकार ने कुछ नहीं किया. सच्चाई यह है कि कांग्रेस हमारी योजनाओं का फायदा उठा रही है. यहां तक कि उनका बिजली और पानी का बिल भी शून्य है, लेकिन वे स्वीकार नहीं करेंगे. हमने गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू कीं, जिनका लाभ लाखों लोग उठा रहे हैं.</p>
<p>भाजपा के घोषणापत्र 'संकल्प पत्र' के हिस्से 'स्त्री शक्ति संकल्प' के तहत पार्टी ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का वादा किया है, ब्याज मुक्त ऋण देने के लिए 500 करोड़ रुपये का एक कोष स्थापित किया है. महिला उद्यमियों को सभी 12 जिलों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली लड़कियों के लिए दो छात्रावासों के निर्माण के अलावा होमस्टे स्थापित करने का वादा किया है.</p>
<p>मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के 18 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला को 1500 रुपये मासिक भत्ता देने के वादे और आम आदमी पार्टी (आप) ने महिलाओं के लिए 1,000 रुपये प्रति माह भत्ता देने का वादा किया है, इस पर मुख्यमंत्री ने आईएएनएस से कहा कि भाजपा एक जिम्मेदार पार्टी है. यह वही करती है जो कहती है.</p>
<p>ठाकुर ने कहा, हमने पांच साल गरीबों के लिए ईमानदारी से काम किया. कांग्रेस ने गरीबों के बारे में कभी नहीं सोचा. कांग्रेस के लोग कहते हैं कि वे महिलाओं के बैंक खातों में 1,500 रुपये डाल देंगे. यह एक झूठा वादा है. कांग्रेस ने 2012 में कहा था कि हर घर को नौकरी देंगे. साथ ही बेरोजगारी भत्ता की घोषणा की गई, वह भी नहीं दिया गया. </p>
<p><strong>प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने क्या कहा? </strong></p>
<p>प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष पायल वैद्य ने कहा कि भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसने महिला सशक्तिकरण के लिए एक एजेंडा 'स्त्री संकल्प पत्र' जारी किया है. यह महिलाओं के प्रति हमारी पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. इससे पहले पार्टी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, सिलाई शिक्षकों और मध्याह्न् भोजन कार्यकर्ताओं के मानदेय को 50 से बढ़ाकर 400 प्रतिशत कर दिया है.</p>
<p>एक चुनाव अधिकारी ने कहा कि राज्य में अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाली महिला मतदाताओं का प्रतिशत 1993 के विधानसभा चुनावों के बाद से बढ़ रहा है. एक चुनाव अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, करीब तीन दशकों से महिलाओं ने मतदाताओं के रूप में पुरुषों को पछाड़ दिया है और वे हर सरकार के गठन की कुंजी रखती हैं, चाहे वह संसदीय हो या विधानसभा या पंचायत हो. </p>
<p>सामाजिक वैज्ञानिक भारत के चुनाव आयोग द्वारा उच्च साक्षरता और जागरूकता अभियान के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का श्रेय देते हैं. अपने स्वस्थ लिंग अनुपात के लिए जाना जाता है, आदिवासी बहुल लाहौल-स्पीति जिला हर बार पुरुषों से अधिक महिला मतदाताओं का रिकॉर्ड बनाता है. विशाल बौद्ध बहुल जिले में 16,455 (52.20 प्रतिशत) पुरुष और 15,073 (47.80 प्रतिशत) महिला मतदाता हैं.</p>
<p>2017 के चुनाव में लाहौल-स्पीति जिले के हिक्कम में 15,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर सबसे ऊंचा मतदान केंद्र स्थापित किया गया था. 194 मतदाताओं के साथ शाम को हिमपात के बावजूद यहां 85 प्रतिशत मतदान हुआ था. दुख की बात है कि इस बार फिर राज्य की मुख्य पार्टियां- कांग्रेस, भाजपा और आप ने टिकट वितरण में महिलाओं के साथ न्याय नहीं किया है.</p>
<p>68 सदस्यीय विधानसभा के लिए 12 नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए 412 उम्मीदवारों में से 24 महिलाएं हैं, जबकि 388 पुरुष उम्मीदवार मैदान में हैं. इस बार भाजपा की ओर से छह महिला उम्मीदवारों के मुकाबले कांग्रेस ने तीन महिलाएं और आप ने छह उम्मीदवार उतारे हैं.</p>
<p>2017 के विधानसभा चुनावों में, महिलाओं का मतदान प्रतिशत 77.92 प्रतिशत था, जो पुरुषों की तुलना में 7.34 प्रतिशत अधिक था. उस चुनाव में भाजपा ने छह महिलाओं को टिकट दिया था, जबकि कांग्रेस ने तीन महिला नेताओं को टिकट दिया था. निवर्तमान विधानसभा में चार महिला विधायक हैं. वे हैं- डलहौजी से छह बार की विधायक आशा कुमारी (कांग्रेस), शाहपुर से चार बार के विधायक सरवीन चौधरी (भाजपा), इंदौरा से रीता देवी (भाजपा) और भोरंज से कमलेश कुमारी (भाजपा). चौधरी निवर्तमान 11 सदस्यीय मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला मंत्री हैं.</p>
<p>1972 से 2007 तक 36 निर्वाचन क्षेत्रों से केवल 19 महिलाओं ने जीत हासिल की है, कुछ कांग्रेस नेता और सात बार की विधायक विद्या स्टोक्स की तरह एक से अधिक बार जीती हैं. राज्य के 50.25 लाख मतदाताओं में से 74 प्रतिशत से अधिक, चार दशकों में सबसे अधिक, ने 9 नवंबर, 2017 को विधानसभा चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जहां सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवार सीधे मुकाबले में थे. 2012 के विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत का आंकड़ा 73.5 प्रतिशत से अधिक था, जो 1977 के बाद सबसे अधिक था, जबकि 2007 में यह 68.36 प्रतिशत था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/bjp-made-a-special-plan-for-the-women-voters-of-this-state-to-remain-in-power						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/bjp-made-a-special-plan-for-the-women-voters-of-this-state-to-remain-in-power</guid>
					<pubDate>Wed, 09 Nov 2022 00:49:04 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[मुंबई की अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शिवसेना ने बाजी मारी, दूसरे नंबर पर रहा 'नोटा']]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव (Andheri East Assembly By Election) में उद्धव ठाकरे गुट की उम्मीदवार ऋतुजा लटके (Rutuja Latke) ने जीत दर्ज की. ऋतुजा ने चुनाव में 66530 मत हासिल कर बड़ी जीत दर्ज की, एक बात ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) समेत सबको 'हैरान' कर दिया.</p>
<p><strong>चुनाव में दूसरे स्थान पर रहा नोटा</strong></p>
<p>मुंबई में अंधेरी (पूर्व) विधानसभा उपचुनाव में ऋतुजा लटके (Rutuja Latke) की जीत के बावजूद नोटा (NOTA) की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, क्योंकि कुल मतदाताओं में से कम से कम 14.79 प्रतिशत मतदाताओं ने ‘उपरोक्त में से कोई नहीं’ (NOTA) का विकल्प चुना. चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद रविवार को किए गए डाटा विश्लेषण से इस बात की जानकारी मिली.</p>
<p>अंधेरी ईस्ट विधानसभा उपचुनाव (Andheri East Assembly By Election) में 86570 वोटर्स ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जिसमें से नोटा (NOTA) के पक्ष में 12806 मत पड़े, जो विजयी उम्मीदवार के बाद दूसरे स्थान पर रहा. नोटा के वोट का प्रतिशत 14.79 फीसदी रहा.</p>
<p><strong>नोटा को 5 उम्मीदवारों से ज्यादा वोट</strong></p>
<p>ऋतुजा लटके (Rutuja Latke) के अलावा छह निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे. इनमें राजेश त्रिपाठी को 1571 वोट, नीना खेडेकर को 1531, बाला नादर को 1515, फरहाना सैयद को 1093, मनोज नायक को 900 और मिलिंद कांबले को 624 वोट मिले. बता दें उपचुनाव में 31.74 प्रतिशत मतदान हुआ था.</p>
<p><strong>ऋतुजा लटके को मिले 76.85 फीसदी मत</strong></p>
<p>एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस समर्थित शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की उम्मीदवार ऋतुजा लटके (Rutuja Latke) ने उपचुनाव में कुल 86570 मतों में से 66530 मत हासिल कर जीत हासिल की. ऋतुजा लटके को कुल मतों का 76.85 फीसदी मत मिला.</p>
<p><strong>2019 में ऋतुजा के पति ने दर्ज की थी जीत</strong></p>
<p>अंधेरी (पूर्व) निर्वाचन क्षेत्र के 2019 के चुनाव में, शिवसेना के रमेश लटके (Ramesh Latke) ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मुरजी पटेल (निर्दलीय) के खिलाफ 62773 मत प्राप्त किए थे. उस समय मुरजी पटेल को 45808 मत मिले थे, जबकि नोटा की संख्या 4311 थी. मौजूदा विधायक और ऋतुजा के पति रमेश लटके का इस साल मई में निधन हो जाने के कारण उपचुनाव कराना पड़ा. ऋतुजा की जीत निश्चित थी, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार मुरजी पटेल ने आखिरी वक्त पर अपना नाम वापस ले लिया था और ऋतुजा के लिए एक प्रकार से मैदान खाली कर दिया था. </p>
<p><strong>उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर साधा निशाना</strong></p>
<p>नोटा टैली के बारे में पूछे जाने पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि यदि भाजपा (BJP) के उम्मीदवार ने उपचुनाव लड़ा होता तो उसे नोटा इतने ही वोट मिले होते. उपचुनाव परिणाम पर महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने ठाणे में कहा कि जिस दिन भाजपा ने अपना उम्मीदवार वापस लिया, उस दिन ऋतुजा की जीत निश्चित हो गई थी. उन्होंने याद दिलाया कि एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और मनसे नेता राज ठाकरे की ऋतुजा के लिए मैदान खाली कर देने की अपील के बाद भाजपा मैदान से हट गई थी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/shiv-sena-won-the-by-election-in-mumbais-andheri-east-assembly-seat-nota-came-second						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/shiv-sena-won-the-by-election-in-mumbais-andheri-east-assembly-seat-nota-came-second</guid>
					<pubDate>Mon, 07 Nov 2022 10:05:51 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[उपचुनाव के नतीजे: बीजेपी ने सात में से चार सीटों पर जीत हासिल की, अन्य दलों के रहे ये हाल]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>छह राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को लेकर परिणाम का इंतजार लगभग खत्म हो गया है. ज्यादातर सीटों पर मतगणना के बाद परिणाम भी सामने आ चुके हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चार सीटों पर जीत मिली है. वहीं राजद और शिवसेना को एक-एक सीट पर जीत मिली है. तेलंगाना में मतगणना जारी है. तेलंगाना की मुनुगोडे सीट पर भाजपा और टीआरएस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है.</p>
<p>बिहार के मोकामा, गोपालगंज, महाराष्ट्र के अंधेरी पूर्व, तेलंगाना के मुनुगोडे, उत्तर प्रदेश के गोला गोकर्णनाथ, ओडिशा के धामनगर, हरियाणा के आदमपुर के सात विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए थे. इन सभी सीटों पर परिणाम की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है. बिहार के मोकामा में राजद नेता नीलम देवी ने भाजपा की सोनम देवी को हराकर जीत हासिल की है.</p>
<p>वहीं, गोपालगंज सीट पर भाजपा की कुसुम देवी ने राजद के मोहन प्रसाद गुप्ता को हराकर कमल खिलाया है. महाराष्ट्र की अंधेरी पूर्व सीट से शिवसेना के उद्धव गुट को बड़ी जीत मिली है. अंधेरी ईस्ट उपचुनाव में शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी की प्रत्याश ऋतुजा लटके को कुल 66530 वोट मिले. चौंकाने वाली बात यह है कि यहां नोटा को 12,806 वोट मिले.</p>
<p>उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में गोला गोकर्णनाथ विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को बड़ी जीत मिली है. भाजपा उम्मीदवार अमन गिरी ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी विनय तिवारी को को इस सीट पर 34,298 वोटों से मात दी है. ओडिशा के धामनगर उचुनाव में भी भाजपा ने शानदार जीत हासिल की है. यहां भाजपा प्रत्याशी  सूर्यवंशी सूरज ने जीत दर्ज की है. हरियाणा के आदमपुर में भी भाजपा ने जीत दर्ज की है. आदमपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार भव्य बिश्नोई पहले राउंड से ही आगे रहे.</p>
<p>तेलंगाना में मुनूगोड़े विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में रविवार को छह चरण की मतगणना के बाद सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अपने निकतम प्रतिद्वंद्वी से आगे हैं.</p>
<p>रुझानों के अनुसार, टीआरएस उम्मीदवार कुसुकुंतला प्रभाकर रेड्डी को छह चरण की मतगणना के बाद 38,521 वोट मिले हैं जबकि भाजपा के उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कोमातीरेड्डी राजगोपाल रेड्डी को 36,352 वोट मिले हैं, कांग्रेस उम्मीदवार पलवई श्रावंती को महज 12,025 वोट मिले हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/by-election-results-bjp-won-four-out-of-seven-seats-other-parties-remained-the-same						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/by-election-results-bjp-won-four-out-of-seven-seats-other-parties-remained-the-same</guid>
					<pubDate>Mon, 07 Nov 2022 02:03:57 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात चुनाव में आप पार्टी ने इसुदान गढ़वी को बनाया सीएम कैंडिडेट]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी ने गुजरात चुनाव के लिए  सीएम कैंडिडेट के नाम का ऐलान कर दिया है. आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इसुदान गढ़वी  गुजरात में आप के सीएम कैंडिडेट होंगे.बता दें ‘आप’ से शीर्ष पद की दौड़ में इसकी गुजरात इकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया, महासचिव मनोज सोरठिया भी शामिल थे.</p>
<p>इस मौके दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम कमरे में बैठ कर यह तय नहीं करते कि हमारा सीएम उम्मीदवार कौन होगा. पंजाब के अंदर भी हमने यही किया था. भगवंत मान को सीएम कैंडिडेट केजरीवाल ने नहीं चुना था, पंजाब की जनता ने चुना था. हमने पंजाब की जनता से पूछा था आम आदमी पार्टी का सीएम कैंडिडेट कौन होना चाहिए. '</p>
<p><strong>'73 फीसदी लोगों ने ईशुदान गढ़वी का नाम लिया'</strong></p>
<p>केजरीवाल ने कहा, 'हमने गुजरात की जनता से पूछा था कि आम आदमी पार्टी का सीएम कैंडिडेट होना चाहिए. जनता ने जमकर वोटिंग की. हमारे पास 16 लाख 48 हजार 500 के करीब रेस्पॉन्स आए. 73 फीसदी लोगों ने ईशुदान गड़वी का नाम लिया.' </p>
<p><strong>केजरीवाल ने की थी लोगों से राय देने की अपील</strong></p>
<p>पिछले हफ्ते, केजरीवाल ने लोगों से एसएमएस, व्हाट्सएप, वॉयस मेल और ई-मेल के माध्यम से पार्टी से संपर्क करने की अपील की थी ताकि वे इस बारे में अपने विचार दे सकें कि राज्य में पार्टी से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होना चाहिए. उन्होंने कहा था कि लोग तीन नवंबर की शाम तक अपनी बात रख सकते हैं और उनकी राय के आधार पर अगले दिन पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा की जाएगी. उन्होंने पिछले शनिवार को कहा था, ‘हम 4 नवंबर को नतीजे घोषित करेंगे.’</p>
<p>182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा के लिए चुनाव अगले महीने दो चरणों में एक दिसंबर और पांच दिसंबर को होंगे जबकि वोटों की गिनती आठ दिसंबर को होगी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/in-gujarat-elections-aap-made-isudan-gadhvi-as-its-cm-candidate						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sat, 05 Nov 2022 01:58:28 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[दिल्ली नगर निगम के चुनावों की तारीखों की घोषणा, 4 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे और 7 दिसंबर को आएंगे नतीजे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दिल्ली नगर निगम के चुनावों की तारीखों की घोषणा आखिरकार शुक्रवार शाम को हो गई. दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने ऐलान किया कि एमसीडी चुनाव के लिए 4 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे और 7 दिसंबर को नतीजे आएंगे. </p>
<p>दिल्ली में इस साल अप्रैल में नगर निगम के चुनाव होने थे. तीन नगर निकायों को फिर से जोड़ने की केंद्र की योजना के कारण आठ मार्च को दिल्ली राज्य चुनाव आयुक्त एस के श्रीवास्तव को चुनाव की तारीखों की घोषणा करने से कुछ घंटे पहले रोक दिया गया था.</p>
<p><strong>मई में किया गया तीनों निकायों का एकीकरण</strong></p>
<p>इस साल मई में केंद्र द्वारा तीनों नगर निकायों का एकीकरण किया गया था और जुलाई 2022 में वार्डों के परिसीमन की कवायद शुरू की गई थी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 17 अक्टूबर को दिल्ली में नगर निगम वार्डों के पुनर्निर्धारण के लिए अंतिम गजट अधिसूचना जारी की थी.</p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी में पहले तीन नागरिक निकाय थे - उत्तर, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली नगर निगम, जिन्हें मई 2022 में दिल्ली नगर निगम के रूप में पुन: एकीकृत किया गया था.</p>
<p><strong>एमसीडी वार्डों की संख्या हुई 250</strong></p>
<p>दिल्ली में पिछले तीन निगमों में उत्तर और दक्षिण निगमों में प्रत्येक में 104 वार्ड शामिल थे जबकि पूर्वी नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में 64 वार्ड थे. परिसीमन के बाद, दिल्ली में नगर निगम वार्डों की संख्या अब 250 हो गई है, जिसमें से 42 अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी के लिए आरक्षित होंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/delhi-municipal-corporation-elections-dates-announced-votes-will-be-cast-on-december-4-and-results-w						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sat, 05 Nov 2022 01:51:40 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गुजरात चुनाव की सरगर्मी तेज, कांग्रेस ने बनाई बीजेपी को हराने की खास रणनीति और किया ये काम]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Election 2022) को लेकर सभा राजनीतिक पार्टियों ने तैयारी तेज कर दी है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बचाने की कोशिश में जुटी है, वहीं कांग्रेस 27 सालों बाद एक बार फिर सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Khadge) के नेतृत्व में हाल ही कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की पहली बैठक ढाई घंटे चली और पार्टी गुजरात चुनाव में एक नए सियासी समीकरण के साथ उतरने की कोशिश में जुट गई है.</p>
<p><strong>इन 5 समुदायों को साधने की तैयारी कर रही कांग्रेस</strong></p>
<p>गुजरात चुनाव (Gujarat Election 2022) को लेकर अब कांग्रेस ने ग्राउंड लेवल पर फोकस करने का निर्णय किया है. इसलिए पार्टी (आदिवासी, मुस्लिम, दलित, पिछड़ा वर्ग और पटेल) समुदाय को साधने में लग गई है. कांग्रेस पार्टी कोशिश कर रही है कि बीजेपी को इस बार कड़ा मुकाबला दिया जाए और एक बार सत्ता में फिर वापस आने की कोशिश की जाए.</p>
<p><strong>उम्मीदवारों के चयन में भी इसी समीकरण का ध्यान</strong></p>
<p>कांग्रेस पार्टी गुजरात चुनाव (Gujarat Election 2022) के लिए उम्मीदवारों के चयन में भी इसी समीकरण का ध्यान रख रही है और हाल ही में हुई बैठक में इसी पर चर्चा हुई. चुनाव प्रचार-प्रसार और नारों में भी पार्टी का झुकाव इसी समीकरण की ओर रहेगा. गुजरात चुनाव के मद्देनजर जल्द ही पार्टी के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Khadge)  29 अक्टूबर को आदिवासी बहुल नवसारी का दौरा करेंगे. उनके अलावा, राहुल, प्रियंका और बाकी बड़े नेताओं के कार्यक्रम भी बनाए जा रहे हैं.</p>
<p><strong>डोर टू डोर बांटे गए हैं राहुल के 8 वचन पत्र</strong></p>
<p>हालांकि, कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) गुजरात होकर नहीं गुजरेगी, लेकिन कांग्रेस इसके बावजूद पार्टी को गुजरात में मजबूत करने और अपनी को वोट हासिल करने में लग गई है. पार्टी ने करीब 1.65 करोड़ लोगों को डोर टू डोर राहुल गांधी के आठ वचन पत्र बांटे हैं. इसके अलावा कांग्रेस 31 अक्टूबर से राज्य के पांच क्षेत्रों में 'परिवर्तन संकल्प' यात्रा निकालेगी.</p>
<p>वैसे गुजरात विधानसभा के चुनाव (Gujarat Assembly Election 2022) के लिए अभी तारीखों की घोषणा नहीं हुई है. परिवर्तन संकल्प में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे, वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्मयंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ तथा वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक पांच अलग-अलग शहरों से इस यात्रा की शुरुआत करेंगे. राज्य के 182 विधानसभा क्षेत्रों में से 175 क्षेत्रों से यह यात्रा गुजरेगी और हर यात्रा करीब एक सप्ताह तक चलेगी. दुसरी पर सत्तारूढ़ भाजपा ने गुजरात गौरव यात्रा का आयोजन किया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के लिए कई रैलियों को संबोधित किया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/the-stirring-of-gujarat-elections-intensified-congress-made-a-special-strategy-to-defeat-bjp-and-did						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/the-stirring-of-gujarat-elections-intensified-congress-made-a-special-strategy-to-defeat-bjp-and-did</guid>
					<pubDate>Fri, 28 Oct 2022 11:11:52 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे ने शशि थरूर को बड़े अंतर से हराया, जाने कितने वोट मिले थरूर को]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे बुधवार को पार्टी के नए अध्यक्ष निर्वाचित हो गए. उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर को 6,825 मतों के अंतर से पराजित किया. कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने मल्लिकार्जुन खड़गे को निर्वाचित घोषित किया.</p>
<p><strong>6825 वोटों से जीते मल्लिकार्जुन खड़गे</strong></p>
<p>उन्होंने बताया कि खड़गे को 7,897 वोट मिले तथा थरूर को 1,072 वोट हासिल हुए. मिस्त्री ने बताया कि चुनाव में 9,385 वोट पड़े थे और इनमें से 416 वोट अवैध करार दिए गए. थरूर ने चुनाव नतीजों की आधिकारिक घोषणा से पहले ही अपनी हार स्वीकार कर ली और खड़गे को बधाई दी.</p>
<p>थरूर ने एक बयान में कहा, 'अंतिम फैसला खड़गे के पक्ष में रहा, कांग्रेस चुनाव में उनकी जीत के लिए मैं उन्हें हार्दिक बधाई देना चाहता हूं. उन्होंने कहा, 'कांग्रेस का अध्यक्ष बनना बड़े सम्मान, बड़ी जिम्मेदारी की बात है, मैं मल्लिकार्जुन खड़गे को इस चुनाव में उनकी सफलता के लिए बधाई देता हूं.'</p>
<p><strong>'राहुल गांधी, प्रियंका गांधी का धन्यवाद'</strong></p>
<p>उनका यह भी कहना था कि सर्वाधिक संकटपूर्ण स्थितियों में पार्टी का संबल बने रहने और नेतृत्व प्रदान करने के लिए सभी, निवर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के ऋणी हैं. थरूर ने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष पद का स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में अपना योगदान देने के लिए मैं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी का धन्यवाद करता हूं.'</p>
<p>शशि थरूर के प्रस्तावक रहे सांसद कार्ति चिदंबरम ने खड़गे को बधाई दी और कहा कि शशि थरूर को 1072 वैध मत मिले हैं. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं समेत करीब 9385 डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) ने पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान किया था.</p>
<p>पार्टी मुख्यालय में मतगणना बुधवार सुबह निर्धारित समय 10 बजे के कुछ देर बाद 10.20 बजे आरंभ हुई थी. इस मौके पर अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर के प्रस्तावक सांसद कार्ति चिदंबरम और कुछ अन्य चुनावी एजेंट मौजूद थे. खड़गे की तरफ से सांसद सैयद नासिर हुसैन और कुछ अन्य नेता मौजूद थे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/mallikarjun-kharge-defeated-shashi-tharoor-by-a-huge-margin-in-the-election-of-congress-president-kn						]]>
					</link>
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					<pubDate>Thu, 20 Oct 2022 10:08:10 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA['तीर-कमान' का चिह्न नहीं  मिलने पर अंधेरी पूर्व उपचुनाव में शिंदे गुट ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अंधेरी पूर्व उपचुनाव में शिंदे गुट ने अपना उम्मीदवार इसलिए नहीं उतारा क्योंकि उसे 'तीर-कमान' का चिह्न नहीं मिला</p>
<p>महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुआई वाले शिवसेना गुट ने आगामी अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है, क्योंकि उसे 'तीर-कमान' चुनाव चिह्न नहीं मिला. उपचुनाव 3 नवंबर को होना है. </p>
<p>उनकी यह टिप्पणी उन खबरों के बीच आई है, जिसमें कहा गया बीजेपी उपचुनाव में शिंदे गुट 'बालासाहेबंची शिवसेना' को दरकिनार कर रही है और उसने अपना खुद का उम्मीदवार उतारा है. उद्धव ठाकरे के धड़े ने दिवंगत विधायक रमेश लटके की पत्नी रुतुजा लटके को मैदान में उतारा है. जबकि बीजेपी के मुरजी पटेल उपचुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार हैं. रमेश के निधन के कारण ही इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है.</p>
<p><strong>'तीर-कमान नहीं मिला'</strong></p>
<p>शिंदे गुट के प्रवक्ता सामंत ने कहा, 'बालासाहेबंची शिवसेना ने अंधेरी पूर्व उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार इसलिए नहीं उतारा क्योंकि उसे 'तीर-कमान' का चिह्न नहीं मिला.' 'तीर कमान' पहले उद्धव ठाकरे गुट का चुनाव चिह्न था. इस चिह्न को लेकर दोनों गुटों के बीच हाल में रस्साकशी हुई, जिसके बाद आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग चुनाव चिह्न दे किए हैं. ठाकरे गुट को 'मशाल' जबकि शिंदे गुट को 'दो तलवार और एक ढाल' चुनाव चिह्न दिया गया है. </p>
<p><strong>पवार-राज ठाकरे ने कही ये बात</strong></p>
<p>तीन नवंबर को होने वाला विधानसभा उपचुनाव महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद बनी सरकार की लोकप्रियता की पहली चुनावी परीक्षा है. शिंदे शिवसेना के 55 विधायकों में से 40 विधायकों का समर्थन जुटाकर ठाकरे की जगह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए थे. वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव में उद्धव ठाकरे गुट की उम्मीदवार ऋतुजा लटके को निर्विरोध जिताने का आह्वान किया. पवार ने कहा कि उपचुनाव लड़ने के लिए बड़े प्रयास किए जाते हैं, जिसकी जरूरत तब नहीं होती जब कार्यकाल केवल एक वर्ष के लिए होता है. उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता के साथ पांच से छह महीने खर्च हो जाते हैं.</p>
<p>इससे पहले, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को खत लिखकर अंधेरी पूर्व उपचुनाव के लिए दिवंगत विधायक रमेश के सम्मान में अपनी पार्टी का उम्मीदवार नहीं खड़ा करने का अनुरोध किया था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/shinde-faction-did-not-field-its-candidate-in-andheri-east-by-election-for-not-getting-arrow-command						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/shinde-faction-did-not-field-its-candidate-in-andheri-east-by-election-for-not-getting-arrow-command</guid>
					<pubDate>Mon, 17 Oct 2022 11:35:34 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए मतदान कल, 24 वर्ष बाद गांधी परिवार के बाहर का कोई व्यक्ति कांग्रेस अध्यक्ष बनेगा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस पार्टी के तकरीबन 137 साल के इतिहास में छठी बार यह तय करने के लिए चुनावी मुकाबला होगा कि कौन पार्टी के इस अहम पद की कमान संभालेगा. इसके साथ ही सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव न लड़ने पर 24 वर्ष बाद गांधी परिवार के बाहर का कोई व्यक्ति कांग्रेस अध्यक्ष बनेगा. पार्टी अध्यक्ष पद के लिए मतदान सोमवार को होगा और मतगणना बुधवार को होगी.</p>
<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर इस मुकाबले में एक-दूसरे के सामने हैं और वे प्रदेश कांग्रेस समिति (पीसीसी) के 9,000 से अधिक ‘डेलीगेट्स’ (निर्वाचित मंडल के सदस्य) को लुभाने के लिए विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहे हैं.</p>
<p>खड़गे को इस पद के लिए पसंदीदा और ‘‘अनाधिकारिक रूप से आधिकारिक उम्मीदवार’’ माना जा रहा है और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता उनका समर्थन कर रहे हैं जबकि थरूर ने अपने आप को बदलाव लाने वाले उम्मीदवार के तौर पर पेश किया है.</p>
<p>थरूर ने अपने प्रचार के दौरान असमान मुकाबला होने के मद्दे को उठाया है जबकि दोनों उम्मीदवारों और पार्टी ने कहा है कि गांधी परिवार निष्पक्ष है और कोई ‘‘आधिकारिक उम्मीदवार’’ नहीं है.</p>
<p>चुनाव की महत्ता के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस की संचार इकाई के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘यह असल में छठी बार है कि कांग्रेस के 137 साल के इतिहास में अध्यक्ष पद के लिए आंतरिक रूप से चुनाव हो रहा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मीडिया ने 1939, 1950, 1997 और 2000 का उल्लेख किया है लेकिन 1977 में भी चुनाव हुए थे जब कासू ब्रह्मानंद रेड्डी निर्वाचित हुए थे.’’</p>
‘आम सहमति बनाने के कांग्रेस के मॉडल में विश्वास’
<p>रमेश ने कहा कि उनका हमेशा से ऐसे पदों के लिए आम सहमति बनाने के कांग्रेस के मॉडल में विश्वास रहा है. उन्होंने कहा कि नेहरू युग के बाद इस रुख को के. कामराज ने मजबूत किया था. उन्होंने विस्तारपूर्वक जानकारी दिए बगैर कहा, ‘‘जब कल हमारे सामने चुनावी दिन होगा तो यह विश्वास और मजबूत हो जाएगा. इसके कारण काफी स्पष्ट हैं.’’</p>
<p>रमेश ने कहा, ‘‘मैं इस बात से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हूं कि संगठनात्मक चुनाव वास्तव में किसी भी तरीके से संगठन को मजबूत करते हैं. इससे व्यक्तिगत उद्देश्यों की पूर्ति हो सकती है लेकिन सामूहिक भावना का निर्माण करने में इनका महत्व संदेह के घेरे में हैं.’’ उन्होंने कहा कि लेकिन फिर भी चुनाव होने का अपना महत्व है. उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं इन्हें ऐतिहासिक भारत जोड़ो यात्रा के मुकाबले कम संस्थागत महत्व का मानता हूं जो भारतीय राजनीति के लिए भी कांग्रेस की परिवर्तनकारी पहल है.’’</p>
<p>कांग्रेस ने दावा किया है कि उसके आंतरिक लोकतंत्र की किसी अन्य पार्टी से कोई बराबरी नहीं है और वह इकलौती पार्टी है जिसके पास संगठनात्मक चुनावों के लिए केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण है.</p>
कांग्रेस में कब-कब हुए चुनाव?
<p>-कांग्रेस के 1939 के अध्यक्ष पद के चुनाव में महात्मा गांधी के उम्मीदवार पी. सीतारमैया, नेताजी सुभाष चंद्र बोस से हार गए थे.</p>
<p>-इसके बाद 1950 में आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस में अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ था और उस समय पुरुषोत्तम दास टंडन तथा आचार्य कृपलानी के बीच मुकाबला था. आश्चर्यजनक रूप से सरदार वल्लभभाई पटेल के नजदीकी माने जाने वाले टंडन, प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पसंद के उम्मीदवार से चुनाव जीत गए थे.</p>
<p>-फिर 1977 में देवकांत बारुआ के इस्तीफे के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ था, जिसमें के. ब्रह्मानंद रेड्डी ने सिद्धार्थ शंकर रे और कर्ण सिंह को शिकस्त दी थी.</p>
<p>-इसके बाद पार्टी अध्यक्ष पद का अगला चुनाव 20 साल बाद 1997 में हुआ. तब सीताराम केसरी, शरद पवार और राजेश पायलट के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ था. महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों को छोड़कर कांग्रेस की सभी प्रदेश इकाइयों ने केसरी का समर्थन किया था. उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की थी.</p>
<p>-फिर अध्यक्ष पद का अगला चुनाव 2000 में हुआ था और इस बार सोनिया गांधी के सामने जितेंद्र प्रसाद थे. प्रसाद को सोनिया गांधी के हाथों करारी शिकस्त मिली थी.</p>
<p>-आगामी चुनाव निश्चित तौर पर ऐतिहासिक होगा क्योंकि नया अध्यक्ष, सोनिया गांधी का स्थान लेगा जो सबसे लंबे समय तक पार्टी की अध्यक्ष रहीं.</p>
आजादी के बाद 17 लोगों ने की पार्टी अगुवाई, पांच गांधी परिवार से
<p>-आजादी के बाद सितारमैया ने 1948 में एआईसीसी प्रमुख का पद संभाला था और अभी तक 17 लोगों ने पार्टी की अगुवाई की है, जिनमें से पांच गांधी परिवार के सदस्य रहे हैं.</p>
<p>-सितारमैया से पहले 1947 में आचार्य कृपलानी अध्यक्ष रहे. 1950 में टंडन पार्टी प्रमुख बने, जिसके बाद 1951 और 1955 के बीच नेहरू अध्यक्ष बने. नेहरू के बाद यू एन ढेबर ने पार्टी की कमान संभाली थी.</p>
<p>-इंदिरा गांधी 1959 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं और उनके बाद एन एस रेड्डी ने 1963 तक यह जिम्मेदारी संभाली. के. कामराज 1964-67 तक कांग्रेस अध्यक्ष रहे जबकि एस निजालिंगप्पा 1968-69 तक इस पद पर रहे.</p>
<p>-जगजीवन राम 1970-71 तक कांग्रेस अध्यक्ष रहे और फिर डॉ. शंकर दयाल शर्मा 1972-74 तक इस पर पर रहे. देवकांत बारुआ 1975-77 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे.</p>
<p>-फिर 1977-78 में के. ब्रह्मानंद रेड्डी कांग्रेस अध्यक्ष रहे. इंदिरा गांधी फिर कांग्रेस अध्यक्ष बनीं और 1978-84 तक पार्टी की कमान उनके हाथ में रही. 1985 से 1991 तक उनके बेटे राजीव गांधी कांग्रेस अध्यक्ष रहे.</p>
<p>-इसके बाद 1992-96 तक पी वी नरसिंह राव कांग्रेस अध्यक्ष रहे. इसके बाद केसरी ने कमान संभाली और उनके बाद सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष बनीं. 2017 में राहुल गांधी अध्यक्ष बने और फिर 2019 में सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनीं. </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/voting-for-the-post-of-congress-party-president-tomorrow-after-24-years-someone-outside-the-gandhi-f						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/voting-for-the-post-of-congress-party-president-tomorrow-after-24-years-someone-outside-the-gandhi-f</guid>
					<pubDate>Mon, 17 Oct 2022 00:05:32 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष: अशोक गहलोत के बाद अध्‍यक्ष पद के चुनाव के लिए अनुसूचित जाति से सामने आए दो नाम]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया अगले सप्ताह अधिसूचना जारी हो जाएगी। वहीं पार्टी के शीर्ष पद के लिए नामांकन करने वाले उम्मीदवारों को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।</p>
<p><strong>जी-23 समूह शशि थरूर को उतारने की तैयारी में</strong></p>
<p>सूत्रों का कहना है कि जी-23 समूह उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। फिलहाल, तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर उनकी शीर्ष पसंद हैं। गांधी परिवार के वफादारों में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हैं।</p>
<p><strong>अध्‍यक्ष पद के चुनाव के लिए अनुसूचित जाति से सामने आए दो नाम</strong></p>
<p>राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने से इंकार करने के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अध्यक्ष बनने के सबसे प्रबल दावेदार हैं। गांधी परिवार के करीबी होने के अलावा गहलोत को कांग्रेस में लगभग सभी वर्गों के नेताओं का भी समर्थन है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अशोक गहलोत राजस्‍थान के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए अनिच्छुक हैं। ऐसे में पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल वासनिक या राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को मैदान में उतारा जा सकता है। दोनों नेता अनुसूचित जाति समुदाय से हैं।</p>
<p>कांग्रेस अध्‍यक्ष पद के लिए नामांकन 24 से 30 सितंबर के बीच दाखिल किए जा सकते हैं और चुनाव 17 अक्टूबर को होना है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संकेत दिया है कि वह चुनाव नहीं लड़ने जा रहे हैं और भारत जोड़ी यात्रा में व्यस्त हैं।</p>
<p><strong>मतदाता सूची को लेकर जारी है रस्‍साकशी</strong></p>
<p>वहीं दूसरी ओर G- 23 समूह मतदाता सूची के प्रकाशन के लिए जोर दे रहा है और अब पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने कहा है कि जो चुनाव लड़ना चाहते हैं, उनको मतदाता सूची 20 सितंबर से उपलब्ध होगी, जबकि राज्य पीसीसी के पास प्रतिनिधियों की सूची भी होगी। पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने सभी 9,000 से अधिक प्रदेश-एआइसीसी प्रतिनिधियों को क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र जारी करने का फैसला किया है। ये सभी प्रतिनिधि ही कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में निर्वाचक मंडल के सदस्य हैं।</p>
<p><strong>सोनिया गांधी की पसंद हैं अशोक गहलोत</strong></p>
<p>सोनिया गांधी की पसंद के रूप में अशोक गहलोत का नाम सबसे आगे चल रहे था। जबकि कुछ लोग राहुल गांधी की वापसी चाहते हैं। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कन्‍याकुमारी में अशोक गहलोत ने अध्‍यक्ष पद के लिए राहुल गांधी के नाम का प्रस्ताव रखा था। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए आखिरी बार चुनाव 2000 में हुआ था जब जितेंद्र प्रसाद ने सोनिया गांधी को चुनौती दी थी, लेकिन वे हार गए थे।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/kaun-banega-congress-president-after-ashok-gehlot-two-names-appeared-from-the-scheduled-castes-for-t						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sat, 17 Sep 2022 01:08:07 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष: गहलोत के साथ थरूर की हुई 'गुपचुप' मीटिंग से उनके अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव को लेकर नेताओं की खेमेबंदी अभी से तेज होने लगी है. इस क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर का नाम सुर्खियों में बना हुआ है. वे कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे या नहीं, अभी यह साफ नहीं हो सका है. लेकिन उनके हालिया बयान से कयास जरूर लगाए जा रहे हैं कि थरूर के मन में कुछ ना कुछ जरूर चल रहा है. इन कयासों को और बल तब मिला जब थरूर ने आज रविवार को महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की हल्ला बोल रैली में शामिल होने के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की.</p>
<p><strong>थरूर ने की गहलोत से मुलाकात</strong></p>
<p>सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रविवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की, जिस दौरान दोनों ने पार्टी के भविष्य के कदमों और अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चर्चा की. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत के साथ थरूर की यह मुलाकात उस वक्त हुई है, जब कुछ दिनों पहले ही तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य ने संकेत दिया था कि वह कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ सकते हैं.</p>
<p><strong>अध्यक्ष चुनाव को लेकर चर्चा</strong></p>
<p>सूत्रों ने बताया कि थरूर रविवार अपराह्न यहां जोधपुर हाउस पहुंचे और गहलोत से मुलाकात की. सूत्रों ने जानकारी दी कि गहलोत और थरूर के बीच हुई करीब आधे घंटे की मुलाकात के दौरान पार्टी के भविष्य के कदमों तथा अध्यक्ष के चुनाव के संदर्भ में चर्चा हुई. कांग्रेस की ओर से घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 22 सितंबर को पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी होगी. इसके बाद 24 सितंबर से नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं और यदि एक से अधिक उम्मीदवार हुए तो 17 अक्टूबर को मतदान होगा.</p>
<p><strong>कांग्रेस की हल्ला-बोल रैली</strong></p>
<p>गहलोत और थरूर, मुलाकात से पहले पार्टी की ‘महंगाई पर हल्ला-बोल’ रैली में भी शामिल हुए. थरूर ने रैली में राहुल गांधी की ओर से दिए गए भाषण के बाद कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ठोस भाषण दिया और अब संदेश को पूरे देश में ले जाना होगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/kaun-banega-congress-president-tharoors-secret-meeting-with-gehlot-has-led-to-speculations-about-him						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sun, 04 Sep 2022 22:07:04 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कैसे होता है, कौन इसमें वोट दे सकता है, आइए जानते हैं...]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए चुनाव का एलान हो गया है। तय कार्यक्रम के मुताबिक,19 अक्तूबर को कांग्रेस के नए अध्यक्ष का एलान हो जाएगा। 22 सितंबर को चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।नामांकन 24 सितंबर से 30 सितंबर तक दाखिल किए जाएंगे। अगर एक से ज्यादा उम्मीदवार हुए तो 17 अक्तूबर को चुनाव होगा। आखिर कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कैसे होता है? इसके नियम क्या हैं? इसमें कौन-कौन वोट दे सकता है? आइए जानते हैं...</p>
<p><strong>कैसे चुना जाता है कांग्रेस अध्यक्ष?</strong></p>
<p>कांग्रेस में पार्टी अध्यक्ष चुनाव के लिए सबसे पहले केंद्रीय चुनाव समिति गठन किया जाता है। समिति के अध्यक्ष और टीम का फैसला कांग्रेस अध्यक्ष CWC की मदद से करता है। समिति के गठन के बाद वह चुनाव की पूरी प्रक्रिया और शेड्यूल तैयार करती है। जिसमें हर स्तर पर चयन की प्रक्रिया, नामांकन, नाम वापसी से ले कर, स्क्रूटनी, इलेक्शन, नतीजा और जीत के बाद विजेता को सर्टिफिकेट देने तक सबकी तारीख तय होती है।</p>
<p><strong>कांग्रेस में कौन लोग डालते हैं वोट?</strong></p>
<p>कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव की शुरूआत सदस्यता अभियान से होती है। सदस्यता अभियान पूरा होने के बाद बूथ कमेटी और ब्लॉक कमेटी बनाई जाती है। इसके बाद जिला संगठन बनाया जाता है। इन कमेटियों का गठन भी चुनाव के आधार पर किया जाता है। कई बार इन्हें निर्विरोध भी चुन लिया जाता है। ब्लॉक कमेटी और बूथ कमेटी मिलकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रतिनिधि या पीसीसी डेलिगेट्स चुनते हैं। हर ब्लॉक से एक प्रतिनिधि का चुनाव किया जाता है। इसके बाद हर 8 पीसीसी पर एक केंद्रीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि या एआईसीसी डेलिगेट चुना जाता है। एआईसीसी और पीसीसी का अनुपात एक और आठ का होता है। पीसीसी डेलिगेट्स के वोटों से ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष और पार्टी अध्यक्ष के चुनाव किया जाता है।</p>
<p><strong>कौन लड़ सकता है अध्यक्ष का चुनाव?</strong></p>
<p>कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए पार्टी के किसी भी व्यक्ति को बतौर प्रस्तावक 10 पीसीसी डेलिगेट्स का समर्थन हर हाल में चाहिए होता है। उम्मीदवारों के नामों को रिटर्निंग अधिकारी के पास भेजा जाता है और चुनाव के लिए एक तारीख निर्धारित की जाती है। इस बीच नाम वापसी के लिए सात दिन का समय भी दिया जाता है। कांग्रेस पार्टी के संविधान के मुताबिक एक से ज्यादा उम्मीदवार होने पर ही चुनाव होता है और अगर एक ही प्रत्याशी रह जाता है तो उसे ही अध्यक्ष मान लिया जाता है।</p>
<p><strong>कांग्रेस अध्यक्ष का कितना होता है कार्यकाल?</strong></p>
<p>कांग्रेस में हर पांच साल में अध्यक्ष पद का चुनाव होता है। पहले इस पद का कार्यकाल तीन वर्ष का भी रहा है। आपात स्थिति यानि अध्यक्ष के निधन या अचानक उसके इस्तीफा देने पर कार्यकारी समिति पार्टी के सबसे वरिष्ठ महासचिव को अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी देती है, जो अगला पूर्णकालिक अध्यक्ष के चुने जाने तक कमान संभालता है। </p>
<p><strong>जानें- कांग्रेस में क्या होगी है CWC की भूमिका</strong></p>
<p>कांग्रेस में पार्टी के सभी बड़े फैसले कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) द्वारा लिए जाते हैं। एआईसीसी के प्रतिनिधियों के वोटिंग से कांग्रेस वर्किंग कमेटी चुनी जाती है। जब भी कोई अध्यक्ष बनता है तो वह अपनी सीडब्ल्यूसी का गठन करता है। एआईसीसी (AICC) डेलिगेट्स के द्वारा CWC के 12 सदस्य चुनकर आते हैं जबकि 11 सदस्य को अध्यक्ष मनोनीत करते हैं। हालांकि, आमतौर पर सीडब्ल्यूसी के सदस्यों को अध्यक्ष ही चुनता है। इस मेटी में अध्यक्ष के अलावा, संसद में पार्टी का नेता और अन्य सदस्य होते हैं। कांग्रेस में सीडब्ल्यूसी ही सबसे अहम होती है, जो तमाम अहम फैसले करती है।</p>
<p><strong>सिर्फ दो बार हुए अध्यक्ष पद के लिए चुनाव</strong></p>
<p>कांग्रेस में अध्यक्ष पद अधिकतर गांधी परिवार के पास ही रहा है। आजादी के 75 सालों में 40 साल नेहरू-गांधी परिवार से कोई न कोई अध्यक्ष रहा तो 35 साल पार्टी की कमान गांधी-परिवार से बाहर रही। पिछले तीन दशक में सिर्फ दो ही मौके ऐसे आए हैं जब चुनाव कराने की जरूरत पड़ी हो। 1997 में सीताराम केसरी के खिलाफ शरद पवार और राजेश पायलट ने पर्चा भरा था, जहां केसरी को जीत मिली। इस चुनाव में सीताराम केसरी को 6224 वोट मिले तो वहीं पवार को 882 और पायलट को 354 वोट मिले थे। इसके बाद 2000 में दूसरी बार वोटिंग की नौबत आई। तब जब सोनिया गांधी को कांग्रेस के भीतर से दिग्गज नेता जितेंद्र प्रसाद से चुनौती मिली। जब सोनिया गांधी को 7448 वोट मिले, वहीं प्रसाद को कुल 94 वोट मिले।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/how-is-the-election-for-the-post-of-congress-president-who-can-vote-in-it-lets-know						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 02 Sep 2022 08:36:10 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[गोवा पंचायत चुनाव के वोटों की गिनती आज, 186 पंचायत निकायों के आएंगे नतीजे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गोवा में दो दिन पहले हुए पंचायत चुनाव 2022 की वोटों की गिनती आज सुबह 8 बजे शुरू हो गई है। आज देर शाम तक सभी नतीजे आ जाएंगे। राज्य में 186 पंचायत निकायों के चुनाव 10 अगस्त को हुए थे। बता दें कि गोवा के 1,464 वार्डों से कुल 5,038 उम्मीदवारों ने इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमायी थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उत्तरी गोवा में 3,85,867 और दक्षिण गोवा में 4,11,153 मतदाता हैं।</p>
64 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने गए
<p>चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार उत्तरी गोवा जिले में 97 पंचायतें हैं, जिनमें से 2,667 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत दांव पर लगाई है। जबकि 2,371 उम्मीदवार दक्षिण गोवा में 89 पंचायतों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। गौरतलब है कि विभिन्न ग्राम पंचायतों से 64 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इनमें से 41 उम्मीदवार उत्तरी गोवा से जबकि 23 प्रत्याशी दक्षिण गोवा से जीते हैं।</p>
78 फीसद से अधिक हुआ मतदान
<p>पंचायत चुनाव में 78.70 फीसद मतदान हुआ, जिसमें कुल 6,26,496 मतदाताओं ने मतदान किया। उत्तरी गोवा में जहां 81.45 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, वहीं दक्षिण गोवा में 76.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। उत्तरी गोवा के सत्तारी तालुका में सबसे अधिक 89.30 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण गोवा के सालसेट तालुका में सबसे कम मतदान हुआ।</p>
एक वार्ड में चुनाव हो गया था स्थगित
<p>चुनाव अधिकारी ने कहा कि उत्तरी गोवा में कलंगुट पंचायत के एक वार्ड में चुनाव गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया क्योंकि एक उम्मीदवार ने अपने नाम और उसे आवंटित चुनाव चिन्ह में गड़बड़ होने की शिकायत की थी।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/counting-of-votes-for-goa-panchayat-elections-today-results-of-186-panchayat-bodies-will-come						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/counting-of-votes-for-goa-panchayat-elections-today-results-of-186-panchayat-bodies-will-come</guid>
					<pubDate>Fri, 12 Aug 2022 11:44:47 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[उपराष्ट्रपति चुनाव में जगदीप धनखड़ ने दर्ज की बड़ी जीत, विपक्षी एकता हुई तार-तार]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>नए उपराष्ट्रपति के रूप में राजग उम्मीदवार जगदीप धनखड़ की जीत तो पहले दिन से तय थी, लेकिन मतगणना के बाद वोटों का जो अंतर आया उसने यह सवाल खड़ा कर दिया कि विपक्ष क्या खुद से भी हार गया। कुल 725 वोट पड़े थे। इनमें से धनखड़ को 528 वोट मिले और विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को 182 वोट। 15 वोट अवैध पाए गए। इस तरह धनखड़ ने विपक्षी उम्मीदवार को 346 मतों से पराजित किया है, उन्हें 74.36 प्रतिशत वोट मिला।</p>
उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत का यह सबसे बड़ा अंतर
<p>वर्ष 1997 के बाद से उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत का यह सबसे बड़ा अंतर है। वर्तमान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त तक है। उसके अगले दिन यानी 11 अगस्त को धनखड़ उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। वह देश के 14वें और राजस्थान से दूसरे उपराष्ट्रपति होंगे। राजस्थान से पहले उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत थे। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष समेत पक्ष-विपक्ष के तमाम नेताओं ने धनखड़ को जीत की बधाई दी है।</p>
दिग्‍गजों ने डाले वोट
<p>नए उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए शनिवार को संसद भवन परिसर में सुबह 10 बजे वोटिंग शुरू हुई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने वोट डाले। कोरोना संक्रमित कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी पीपीई किट में मतदान के लिए पहुंचे। उपराष्ट्रपति चुनाव में केवल लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य ही मतदान करते हैं।</p>
725 ने किया मतदान
<p>शाम छह बजे के बाद मतगणना शुरू हुई और करीब 7.30 बजे यह पूरी हुई। लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने आंकड़ों के साथ धनखड़ की जीत की घोषणा की। दोनों सदनों में कुल सदस्यों की संख्या 788 है, लेकिन राज्यसभा की आठ सीटें खाली हैं। इसलिए कुल योग्य 780 वोटर थे, जिनमें से 725 ने मतदान किया।</p>
55 सांसद मतदान से गैरहाजिर रहे
<p>शिवसेना के सात सांसदों समेत कुल 55 सांसदों ने मतदान नहीं किया। शिवसेना के संजय राउत जेल में होने की वजह से वोट नहीं दे पाए। भाजपा के सनी देओल और संजय धोत्रे, समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव और शफीकुर रहमान बर्क, बसपा के दो और आप के एक सांसद ने भी मतदान नहीं किया।</p>
खुद से ही हारता नजर आया विपक्ष
<p>पिछल महीने हुए राष्ट्रपति चुनाव के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव का बड़ा राजनीतिक संदेश यह है कि विपक्ष सत्तापक्ष को हराने के बजाय खुद से ही हारता दिखा। यह स्पष्ट होना बाकी है कि जिन 15 सदस्यों के वोट अवैध हुए वे कौन हैं। विपक्षी दलों के कई सदस्यों ने वोट भी नहीं दिया।</p>
तृणमूल कांग्रेस के दो सदस्यों ने किया मतदान
<p>तृणमूल कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति चुनाव से दूर रहने का फैसला किया था। लेकिन उसके दो सदस्य शिशिर कुमार अधिकारी और दिब्येंदु अधिकारी ने मतदान किया। तृणमूल के कुल 36 सांसद हैं, जिनमें से 23 लोकसभा के सदस्य हैं। यह पूरा आंकड़ा इसलिए रोचक हो गया है क्योंकि इन्हीं कारणों से अल्वा को अपेक्षा से कम वोट मिले। राष्ट्रपति चुनाव में भी द्रौपदी मुर्मु को 17 सांसदों और 126 विधायकों ने क्रास वोटिंग की थी।</p>
आंकड़े विपक्ष के लिए चेतावनी
<p>राष्ट्रपति के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव के आंकड़े विपक्ष के लिए गंभीर चेतावनी है। राष्ट्रपति चुनाव के वक्त से ही विपक्षी एकजुटता की बात बार-बार की जाती रही और लगभग उसी वक्त से इसमें दरारें भी दिखती रहीं। क्षेत्रीय राजनीति का असर इन चुनावों पर भी दिखा और सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस लाचार नजर आई।</p>
संसद के दोनों सदनों के अध्यक्ष होंगे राजस्थान से
<p>धनखड़ की जीत के साथ ही संसद के दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा के अध्यक्ष राजस्थान से होंगे। उपराष्ट्रपति के तौर पर धनखड़ राज्यसभा के सभापति होंगे। वह राजस्थान के झुंझुनूं जिले के रहने वाले हैं। लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला भी राजस्थान के कोटा जिले के रहने वाले हैं। वह कोटा से ही सांसद भी हैं।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/jagdeep-dhankhar-registered-a-big-victory-in-the-vice-presidential-election-the-opposition-unity-bec						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/jagdeep-dhankhar-registered-a-big-victory-in-the-vice-presidential-election-the-opposition-unity-bec</guid>
					<pubDate>Sun, 07 Aug 2022 11:18:36 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[विपक्ष की एकता में फिर फूट,  उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नहीं बन पा रही एक राय, मायावती ने कह दी ये बड़ी बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भाजपा के विरुद्ध विपक्षी बिखराव की स्थिति एक बार फिर सामने आ रही है। राष्ट्रपति चुनाव की तरह ही उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए भी बसपा प्रमुख मायावती ने राजग प्रत्याशी जगदीप धनखड़ को समर्थन की घोषणा कर दी है। तेलुगु देसम पार्टी (TDP) ने भी राजग प्रत्याशी धनखड़ को समर्थन देने की घोषणा की है। बीजू जनता दल (BJD) पहले ही धनखड़ को समर्थन देने की घोषणा कर चुका है। तृणमूल कांग्रेस ने तो उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग में दूर रहने का फैसला किया है।</p>
राष्ट्रपति चुनाव का दिया उदाहरण
<p>मायावती ने बुधवार को ट्वीट में सबसे पहले राष्ट्रपति चुनाव का ही उदाहरण दिया, जिसमें राजग प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मु के नाम पर विपक्ष के साथ सहमति नहीं बन सकी। विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा थे। यहां उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस ने यशवंत का समर्थन किया, जबकि बसपा, सुभासपा और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने राजग प्रत्याशी मुर्मु को समर्थन दिया। सपा विधायकों ने भी क्रास वोटिंग की और परिणामस्वरूप द्रौपदी मुर्मु की जीत में उत्तर प्रदेश ने भी बड़ी भूमिका निभाई। अब उपराष्ट्रपति चुनाव होने जा रहे हैं, जिसमें जगदीप धनखड़ राजग प्रत्याशी हैं।</p>
<p>मायावती ने ट्वीट में लिखा- 'सर्वविदित है कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में सत्ता व विपक्ष के बीच आम सहमति न बनने की वजह से ही इसके लिए फिर अंतत: चुनाव हुआ। अब ठीक वही स्थिति बनने के कारण उपराष्ट्रपति पद के लिए भी छह अगस्त को चुनाव होने जा रहा है। बसपा ने ऐसे में उपराष्ट्रपति पद के लिए हो रहे चुनाव में भी व्यापक जनहित व अपने मूवमेंट को भी ध्यान में रखकर जगदीप धनखड़ को अपना समर्थन देने का फैसला किया है। मैं आज इसकी औपचारिक रूप से घोषणा कर रही हूं।'</p>
झामुमो और आप ने दिया मार्गरेट अल्वा को समर्थन
<p>उपराष्ट्रपति चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के लोकसभा व राज्यसभा सदस्य कांग्रेस प्रत्याशी मार्गरेट अल्वा को समर्थन करेंगे। झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन ने इस संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी किया है। राष्ट्रपति चुनाव में झामुमो ने राजग प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मु को समर्थन दिया था। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी बुधवार निर्णय लिया कि उपराष्ट्रपति पद के लिए हो रहे चुनाव में आप विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को समर्थन देगी। बैठक के बाद आप के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय ¨सह ने पीएसी में लिए गए निर्णय के बारे में बताया।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/there-is-a-split-in-the-unity-of-the-opposition-an-opinion-is-not-being-formed-for-the-vice-presiden						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/there-is-a-split-in-the-unity-of-the-opposition-an-opinion-is-not-being-formed-for-the-vice-presiden</guid>
					<pubDate>Thu, 04 Aug 2022 10:25:05 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[विपक्ष को तगड़ा झटका, उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले ममता की पार्टी ने लिया ये बड़ा फैसला]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी उपराष्ट्रपति चुनावों में NDA के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ का समर्थन नहीं करेगी. साथ ही TMC ने यह भी तय किया है कि पार्टी आगामी उपराष्ट्रपति चुनावों से दूर रहेगी.</p>
<p>तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी उपराष्ट्रपति चुनावों में NDA के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ का समर्थन नहीं करेगी. साथ ही TMC ने यह भी तय किया है कि पार्टी आगामी उपराष्ट्रपति चुनावों से दूर रहेगी. इसके पीछे पार्टी का मानना है कि विपक्ष ने मार्गरेट अल्वा का नाम चुनने से पहले TMC से बात नहीं की. </p>
इस बात की नाराजगी
<p>TMC नेता ने कहा कि NDA उम्मीदवार के समर्थन का तो सवाल भी खड़ा नहीं होता. लेकिन जिस तरह से दोनों सदनों में 35 सांसदों वाली पार्टी के साथ उचित परामर्श और विचार-विमर्श के बिना विपक्षी उम्मीदवार का फैसला लिया गया था, इसी वजह से हमने सर्वसम्मति से मतदान प्रक्रिया से दूर रहने का फैसला किया है.</p>
'हर चर्चा के लिए तैयार'
<p>अभिषेक बनर्जी ने कहा कि किसी भी तरह का वैचारिक मतभेद विपक्ष की एकता को कमजोर नहीं करेगा. कोई भी विपक्षी दल - आप, DMK अगर वे कुछ भी चर्चा करना चाहते हैं, तो हम हर तरह की चर्चा के लिए तैयार हैं.</p>
शरद पवार ने किया नाम का ऐलान
<p>गौरतलब है कि NCP अध्यक्ष शरद पवार ने मार्गरेट अल्वा को 17 विपक्षी दलों की ओर से संयुक्त रूप से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की थी. </p>
TMC पहले से ही थी अस्पष्ट
<p>इसके बाद TMC ने कहा था कि वो 21 जुलाई को इसपर अपना रूख साफ करेगी. विपक्ष ने जहां एक तरफ मार्गरेट अल्वा तो एनडीए ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को उम्मीदवार बनाया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/big-blow-to-the-opposition-mamtas-party-took-this-big-decision-before-the-vice-presidential-election						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/big-blow-to-the-opposition-mamtas-party-took-this-big-decision-before-the-vice-presidential-election</guid>
					<pubDate>Fri, 22 Jul 2022 01:55:18 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना आज सुबह 11 बजे से]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राष्ट्रपति चुनाव के वोटों की गिनती आज संसद भवन में सुबह 11 बजे शुरू होगी. इस समय प्रेजिडेंट इलेक्शन के लिए जो इलेक्टोरल कॉलेज है, उसके सदस्यों के वोटों का कुल वेटेज 10,98,882 है, तो जीत के लिए कैंडिडेट को हासिल करने होंगे 5,49,442 वोट की जरूरत होगी. जो प्रत्याशी सबसे पहले यह कोटा हासिल करता है, वो प्रेजिडेंट चुन लिया जाता है. 25 जुलाई को देश के नए राष्ट्रपति शपथ लेंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/counting-of-presidential-election-from-today-at-11-am						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/counting-of-presidential-election-from-today-at-11-am</guid>
					<pubDate>Thu, 21 Jul 2022 11:37:07 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[नगरीय निकाय चुनाव में ओवैसी की पार्टी AIMIM ने दिखाया जलवा, सात पार्षद जीते जिनमे एक हिंदू महिला प्रत्‍याशी भी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>मध्यप्रदेश में पहली बार नगरीय निकाय चुनाव लड़ने वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद उल मुस्लिमीन (AIMIM) ने जलवा दिखाया है. बुधवार को घोषित हुए नतीजों के बाद उसके तीन और पार्षदों को जीत मिली है, जिसके बाद विजय पताका लहराने वाले AIMIM पार्षदों की संख्या सात हो गई है. </p>
<p>मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के लिए 6 जुलाई और 13 जुलाई को दो चरणों में मतदान हुआ था. पहले चरण के मतदान की मतगणना 17 जुलाई हो हुई थी, जिसमें एआईएमआईएम के चार पार्षद प्रत्याशी जीते थे, जबकि दूसरे चरण में बुधवार हो हुई मतगणना में पार्टी के तीन पार्षद प्रत्याशी और जीत गए हैं.</p>
तीनों सीटें खरगोन नगरपालिका की
<p>पार्टी ने बुधवार को जो सीटें जीती हैं, वो तीनों खरगोन नगरपालिका की हैं. इस नगरपालिका के वार्ड नंबर 2 से एआईएमआईएम प्रत्याशी अरुणा बाई उपाध्याय ने बीजेपी प्रत्याशी सुनीता देवी को 31 वोटों से हराया, जबकि वार्ड नंबर 15 से एआईएमआईएम प्रत्याशी शकील खान ने निर्दलीय प्रत्याशी आसिफ खान को 662 मतों से मात दी और वार्ड नंबर 27 से एआईएमआईएम प्रत्याशी शबनम अदीब ने निर्दलीय प्रत्याशी शकीला खान को 774 वोटों से हराया. ओवैसी ने इस जीत के लिए मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया है.</p>
<p>एआईएमआईएम के इन तीन प्रत्याशियों के अलावा, खरगोन नगरपालिका चुनाव में बीजेपी के 18, कांग्रेस के चार और आठ निर्दलीय पार्षद चुनाव जीते हैं. एआईएमआईएम का मुख्यालय हैदराबाद में है और इस पार्टी ने पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित मध्यप्रदेश में नगर निकाय चुनाव लड़ा है.</p>
किन नगर निगम में जीते AIMIM प्रत्याशी
<p>मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, पहले चरण के मतदान की रविवार को हुई मतगणना में एआईएमआईएम के चार प्रत्याशियों ने खंडवा नगर निगम, बुरहानपुर नगर निगम और जबलपुर नगर निगम चुनाव में पार्षद के पद के लिए जीत दर्ज की है. इन चार में से जबलपुर में पार्टी के दो प्रत्याशियों ने और बुरहानपुर एवं खंडवा में एक-एक ने जीत दर्ज की है.</p>
<p>एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में खंडवा में एक जनसभा की थी. ओवैसी ने भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने के लिए जनसभाएं की थी. मध्यप्रदेश में कुल 16 नगर निगमों, 99 नगर पालिकाओं और 298 नगर परिषदों के चुनाव दो चरणों में मतदान हुआ था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/owaisis-party-aimim-showed-in-the-urban-body-elections-seven-councilors-won-including-a-hindu-woman-						]]>
					</link>
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					<pubDate>Thu, 21 Jul 2022 11:31:02 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कांग्रेस ने द्रोपदी मुर्मू पर विधायकों को रिश्वत देकर वोट डालने का आरोप लगाया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>NDA की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में कहा गया कि राष्ट्रपति चुनाव में कानून के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है.</p>
<p>कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने NDA की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू और अन्य के खिलाफ मंगलवार को यहां चुनाव आयोग के समक्ष 18 जुलाई को हुए राष्ट्रपति चुनाव में कानून के प्रावधानों के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटनिर्ंग ऑफिसर को निर्देश दें कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के हित में बेंगलुरु के विधानसभा में द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में डाले गए सभी वोटों को अमान्य मान लें.</p>
कांग्रेस ने लगाया आरोप 
<p>कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि द्रौपदी मुर्मू के कहने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कैथल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता बी. एस. येदियुरप्पा, बीजेपी के मुख्य सचेतक सतीश रेड्डी और भाजपा के मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने एक साथ मिलकर भाजपा के सभी विधायकों को 17 जुलाई को बेंगलुरु के एक फाइव स्टार होटल में बुलाया. शिकायत में कहा गया है कि राष्ट्रपति चुनाव में मतदान के लिए विधायकों के प्रशिक्षण सत्र की आड़ में उन्हें आलीशान कमरे, भोजन, शराब, पेय पदार्थ, मनोरंजन प्रदान किया गया.</p>
विधायकों को रिश्वत देने की कही बात
<p>18 जुलाई की सुबह लगभग सभी मंत्री, विधायक और अन्य भाजपा नेता बीएमटीसी की वातानुकूलित बसों में होटल से विधानसभा में वोट डालने आए. यह सब प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों में बताया गया है. कांग्रेस ने कहा कि भाजपा नेताओं की ये सभी हरकतें मुर्मू के इशारे पर विधायकों को रिश्वत देने और मतदाताओं पर अनुचित प्रभाव डालने के अलावा और कुछ नहीं हैं.</p>
BJP की सुविधाओं पर उठ रहे सवाल
<p>शिकायत में कहा गया है कि इन कृत्यों से भाजपा नेतृत्व ने विधायकों के चुनावी अधिकारों के स्वतंत्र प्रयोग में हस्तक्षेप किया है और होटल से विधानसभा तक जाने के लिए बस और अन्य वाहन उपलब्ध कराए हैं. कांग्रेस ने कहा कि होटल के बिल का भुगतान मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व द्वारा किया गया है, जो राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 के तहत धारा 181ए के प्रावधानों के साथ पठित भारतीय दंड संहिता की धारा 171 बी, 171 सी, 171 ई और 171 एफ के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है.</p>
आपराधिक मामला दर्ज करने की अपील 
<p>शिकायत के अनुसार, 'उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, हम आपके सम्मानित कार्यालय से एनडीए राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार, विधानसभा के मुख्य सचेतक और भाजपा के मंत्री, भाजपा के विधायक और अन्य वरिष्ठ नेताओं द्वारा किए गए चुनावी अपराधों का संज्ञान लेने की अपील करते हैं. हम अपील करते हैं कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए.'</p>
<p>शिकायत पर विपक्ष के नेता सिद्धारमैया, राज्य कांग्रेस प्रमुख डी. के. शिवकुमार और विधान परिषद में विपक्ष के नेता बी. के. हरिप्रसाद ने हस्ताक्षर किए हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/congress-accuses-draupadi-murmu-of-casting-votes-by-bribing-mlas						]]>
					</link>
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					<pubDate>Wed, 20 Jul 2022 11:28:39 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राष्ट्रपति के चुनाव में इन सांसदों ने नहीं किया मतदान, जानें क्या रही वजह]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>देशभर के सांसदों और विधायकों ने भारत के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान किया. सांसदों और विधायकों ने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) और विपक्षी दलों के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) में से किसी एक के लिए मतदान किया. हालांकि, इस दौरान कुछ विधायक और सांसद अनुपस्थित रहे. इनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद और फिल्म अभिनेता सनी देओल (Sunny Deol) और केंद्रीय मंत्री संजय धोत्रे उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में मतदान नहीं किया.</p>
सनी देओल ने क्यों नहीं किया मतदान?
<p>बता दें कि पंजाब के गुरदासपुर से बीजेपी सांसद सनी देओल (Sunny Deol) इलाज के लिए विदेश में हैं और इस वजह से वह मतदान के लिए संसद भवन नहीं पहुंच पाए. वहीं, केंद्रीय मंत्री संजय धोत्रे (Sanjay Dhotre) की भी तबीयत ठीक नहीं है और वो आईसीयू में भर्ती हैं.</p>
किस पार्टी के कितने सांसदों ने नहीं दिया वोट
<p>भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के दो-दो सांसद और बहुजन समाज पार्टी (BSP), कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के एक-एक सांसद सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मतदान नहीं किया.</p>
जेल में बंद हैं बसपा सांसद अतुल सिंह
<p>जेल में बंद बहुजन समाज पार्टी (BSP) सांसद अतुल सिंह मतदान करने नहीं आ सके. शिवसेना नेता गजानन कीर्तिकर और हेमंत गोडसे ने भी मतदान नहीं किया. एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील भी उन आठ लोगों में शामिल थे, जिन्होंने मत नहीं दिया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/these-mps-did-not-vote-in-the-presidential-election-know-what-was-the-reason						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/these-mps-did-not-vote-in-the-presidential-election-know-what-was-the-reason</guid>
					<pubDate>Tue, 19 Jul 2022 09:56:42 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग आज, जानिए वोटिंग के लिए MP को हरा और MLA को पिंक मतपत्र क्यों देते हैं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राष्ट्रपति चुनाव 2022 (President Election 2022) के लिए वोटिंग आज (सोमवार को) सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक होगी. एनडीए (NDA) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) को विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) चुनौती दे रहे हैं. वोटिंग से पहले ये जान लीजिए कि राष्ट्रपति चुनाव (President Election) में वोटिंग किस प्रक्रिया के तहत होती है? राष्ट्रपति चुनाव में ईवीएम (EVM) का इस्तेमाल क्यों नहीं होता है और इसके अलावा वोटिंग के लिए सांसदों को हरा और विधायकों को गुलाबी मतपत्र क्यों दिया जाता है? इसके पीछे की वजह क्या है?</p>
राष्ट्रपति चुनाव में इस प्रक्रिया के तहत होती है वोटिंग
<p>जान लें कि राष्ट्रपति चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के मुताबिक एकल संक्रमणीय मत के जरिए होता है. आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के मुताबिक एकल संक्रमणीय मत के जरिए से, हर निर्वाचक उतनी ही वरीयताएं अंकित कर सकता है, जितने कैंडिडेट चुनाव लड़ रहे हैं. ये वरीयताएं निर्वाचक द्वारा उम्मीदवारों के लिए मतपत्र के कॉलम 2 में दी गई जगह पर उम्मीदवारों के नाम के सामने वरीयता क्रम में, नंबर 1,2,3, 4, 5 और इसी तरह रखकर चिह्नित की जाती हैं.</p>
ईवीएम का इस्तेमाल राष्ट्रपति चुनाव में क्यों नहीं होता?
<p>गौरतलब है कि इसी कारण राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में ईवीएम का उपयोग नहीं किया जाता है. दरअसल ईवीएम एक ऐसी टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिसमें वो लोकसभा और विधानसभा जैसे प्रत्यक्ष चुनावों में वोटों को जमा करने का काम करती है. वोटर अपनी पसंद के उम्मीदवार के नाम के सामने वाले बटन को दबा देते हैं और जो सबसे ज्यादा वोट पाता है उसे विजयी घोषित किया जाता है.</p>
सांसदों-विधायकों को क्यों दिए जाते हैं अलग रंग के मतपत्र?
<p>निर्वाचन आयोग के निर्देश के मुताबिक, राष्ट्रपति चुनाव के तहत वोटिंग के दौरान सांसदों और विधायकों को अलग-अलग रंग का मतपत्र दिया जाता है. सांसदों को हरा और विधायकों को गुलाबी रंग का मतपत्र मिलता है. ऐसा इसलिए किया जाता है, जिससे काउंटिंग के दौरान निर्वाचन अधिकारियों को वोटों की गिनती करने में आसानी हो.</p>
<p>बता दें कि वोटिंग की गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचन अधिकारी और वोटर्स को अपने मतपत्रों पर निशान लगाने के लिए बैंगनी स्याही वाला एक खास तरह का पेन उपलब्ध कराया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/voting-for-presidential-election-today-know-why-you-give-green-ballot-to-mp-and-pink-ballot-to-mla-f						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/voting-for-presidential-election-today-know-why-you-give-green-ballot-to-mp-and-pink-ballot-to-mla-f</guid>
					<pubDate>Mon, 18 Jul 2022 12:15:31 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[छत्तीसगढ़ में भाजपा की करारी हार]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>छत्तीसगढ़ में बीजेपी के हाथ से एक नगर सरकार कांग्रेस ने छीन ली है. नगरपालिका परिषद महासमुंद में भाजपा की टिकट से अध्यक्ष बने  प्रकाश चंद्राकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया.</p>
<p><strong>जन्मजय सिन्हा/महासमुंद:</strong> मध्य प्रदेश में निकाय चुनावों का दौर चल रहा है. भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज शहरों में अपनी सरकार बनाने के लिए जद्दोजहत कर रहे हैं. इस बीच छत्तीसगढ़ में बीजेपी के हाथ से एक नगर सरकार कांग्रेस ने छीन ली है. नगरपालिका परिषद महासमुंद में भाजपा की टिकट से अध्यक्ष बने  प्रकाश चंद्राकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया. प्रस्ताव के पक्ष में 20 वोट, विपक्ष में 3 वोट पड़े, जबकि 6 मत रिजेक्ट हो गए.</p>
30 में से 29 पार्षद ही हुए उपस्थित
<p>सोमवार सुबह 11 बजे से अविश्वास प्रस्ताव पर बहस शुर हुई. नगर पालिका परिषद महासमुंद के निर्वाचन अधिकारी भागवत जयसवाल के समक्ष 29 पार्षद उपस्थित हुए. भाजपा की महिला पार्षद लता यादव वार्ड नं 22 से मतदान में अनुपस्थित रहीं. बहस के बाद निर्वाचन अधिकारी ने मदतान कराया तब तक 30 वार्डों की संख्या वाले नगर पालिका में केवल 29 पार्षद नगर पालिका पहुंच पाए थे.</p>
भाजपा की करारी हार
<p>मतदान की प्रकिया संपन्न होने के बाद भाजपा को कांग्रेस ने करारी शिकस्त देते हुए दो तिहाई वोट हासिल कर ली. कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव को 20 वोट मिले. जबकि अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ 3 वोट डाले गए और 6 वोट रिजेक्ट हो गए. 30 वार्डों की संख्या वाले नगर पालिका में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग में 29 पार्षदों ने ही हिस्सा लिया. मतदान के दौरान भाजपा की महिला पार्षद लता यादव अनुपस्थित रहीं.</p>
परिणाम के बाद क्या बोला पक्ष-विपक्ष
<p>हार के बाद पूर्व अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकार नें कहा कि धनबल का प्रयोग कर के हमारी सरकार को गिराया गया है. वहीं जीत के बाद कांग्रेस विधायक और संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकार नें कहा कि कांग्रेस सरकार के होते हुए महासमुंद नगरपालिका में विकास रूका हुआ था. यही वजह है कि कांग्रेस के काम से प्रभावित हो कर पार्षदों नें जीत दिलाई है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/bjps-crushing-defeat-in-chhattisgarh						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/bjps-crushing-defeat-in-chhattisgarh</guid>
					<pubDate>Wed, 06 Jul 2022 11:52:05 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने संविधान उसके मूल्यों की रक्षा के लिए कही ये बड़ी बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने रविवार को कहा कि कर्नाटक में भाजपा सरकार राज्य में स्कूली पाठ्यक्रम को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास कर रही है. सिन्हा 17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन जुटाने के लिए कर्नाटक पहुंचे हैं. इस क्रम में उन्होंने आज रविवार को कांग्रेस विधायकों से बेंगलुरु में मुलाकात की. यशवंत सिन्हा ने कहा, 'कर्नाटक में सरकार सत्तारूढ़ पार्टी के वैचारिक एजेंडे द्वारा रंगा एक नया स्कूल पाठ्यक्रम शुरू कर युवा पीढ़ी के दिमाग को सांप्रदायिक बनाने का प्रयास कर रही है.'</p>
सिन्हा ने की चीफ जस्टिस की तारीफ
<p>इस दौरान उन्होंने देश के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति एन वी रमण की भी तारीफ की. उन्होंने चीफ जस्टिस के इस बयान का स्वागत किया कि न्यायपालिका केवल संविधान के प्रति जवाबदेह है. सिन्हा ने कहा कि वास्तव में, जब से मैंने 27 जून को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है, मैं कह रहा हूं कि संयुक्त विपक्ष के उनके उम्मीदवार होने के प्रस्ताव को स्वीकार करने के पीछे एकमात्र उद्देश्य संविधान और उसके उच्च मूल्यों की रक्षा करना है, जो आज बड़े खतरे में है.</p>
द्रौपदी मुर्मू को लेकर सिन्हा ने क्या कहा?
<p>पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह भाजपा की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का बहुत सम्मान करते हैं, जो एक आदिवासी नेता हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भगवा पार्टी के उम्मीदवार को संवैधानिक मूल्यों के लिए खड़े होने की प्रतिज्ञा करनी चाहिए और रबर स्टैंप अध्यक्ष नहीं बने रहना चाहिए. पिछले आठ वर्षों में केंद्र में सत्तारूढ़ सरकार ने लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता पर बार-बार हमले किए हैं. इसने भारत के बहु-धार्मिक समाज को विभाजित करने के लिए एक जहरीला सांप्रदायिक प्रचार किया है</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/presidential-candidate-yashwant-sinha-said-this-big-thing-to-protect-the-constitution-and-its-values						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/election-news/presidential-candidate-yashwant-sinha-said-this-big-thing-to-protect-the-constitution-and-its-values</guid>
					<pubDate>Mon, 04 Jul 2022 01:31:20 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हैदराबाद के इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हैदराबाद के इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की शुरुआत हुई. इस दौरान बीजेपी के निशाने पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर रहे.</p>
<p>हैदराबाद में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक चल रही है. इसमें शामिल होने के लिए पीएम मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री पहुंचे हुए हैं. इस दौरान जेपी नड्डा ने मोदी सरकार की गरीब कल्याणकारी नीतियों का उल्लेख किया. वहीं, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में हमारी सरकार ने देश की सेवा के लिए महिलाओं और सहायता प्राप्त युवाओं के सशक्तिकरण के लिए काम किया है.</p>
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर में किया काम
<p>समृति ईरानी ने कहा कि केसीआर की पार्टी के लिए राजनीति शायद एक सर्कस है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए यह सामाजिक मुक्ति और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है. बंगाल और केरल के भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया और उनकी हत्या कर दी गई. जबकि, जम्मू-कश्मीर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन लोगों का सामना किया जो भारत को तोड़ना चाहते थे.</p>
सरकार को योजना पर बातचीत
<p>भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जन धन योजना पर सरकार की योजनाओं पर विस्तार से बात की, जिसने करीब 45 करोड़ लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान की. पीएम आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना के साथ किसानों के लिए सामाजिक सेवा योजनाओं और नीतियों का उल्लेख किया.</p>
हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बैठक
<p>बीजेपी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में चल रही है. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा में पार्टी के नेता पीयूष गोयल और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने द्वीप प्रज्वलित कर की.</p>
पीएम मोदी विजय संकल्प रैली को करेंगे संबोधित
<p>इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित पार्टी के तमाम शीर्ष नेता इस अवसर पर मौजूद रहे. कार्यसमिति की बैठक की औपचारिक शुरुआत के बाद नड्डा का अध्यक्षीय भाषण हुआ. बैठक में एक राजनीतिक और एक आर्थिक प्रस्ताव भी पेश किया गया. कार्यसमिति की बैठक की शुरुआत से पहले भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की एक बैठक भी हुई, जिसमें कार्यसमिति के एजेंडे को अंतिम रूप दिया गया. दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति का समापन रविवार को प्रधानमत्री मोदी के भाषण से होगा. वह रविवार शाम हैदराबाद के परेड मैदान में ‘विजय संकल्प रैली’ को भी संबोधित करेंगे.</p>
इन मुद्दों पर चर्चा
<p>वहीं, बैठक में पिछले दिनों चार राज्य में चुनावों में मिली विजय, आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आठ साल की सफलताओं जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. इस दौरान तेलंगाना की सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) और अन्य ‘भ्रष्ट और परिवारवादी’ दलों को घेरने की रणनीति पर भी चर्चा की सकती है.</p>
अग्निपथ योजना का हो रहा है विरोध
<p>यह बैठक ऐसे समय में शुरु हो रही है, जब एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने पार्टी की निंलबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर कड़ी आलोचना की. यह बैठक रक्षा सेवाओं में भर्ती की नयी ‘अग्निपथ योजना’ के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में भी हो रही है.</p>
राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार पर चर्चा
<p>राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की उम्मीदवार के रूप में द्रौपदी मुर्मू के नामांकन का जिक्र होने की भी संभावना है और भाजपा यह दावा कर सकती है कि वह समाज के पिछड़े और वंचितों को सशक्त करने की दिशा में काम कर रही है. बता दें कि महाराष्ट्र की सत्ता पर काबिज होने के बाद भाजपा ने जहां पश्चिमोत्तर क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और अब उसकी नजर दक्षिण के राज्य तेलंगाना पर है. यह भाजपा की राष्ट्रीय समिति की तीसरी बैठक है, जो 2014 में पार्टी के सत्ता में आने के बाद दक्षिण के किसी राज्य में आयोजित हुई है. इससे पहले, भाजपा ने बेंगलुरू और केरल के कोझिकोड़ में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की थी.</p>]]>                    </description>

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						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/election-news/bjp-national-executive-meeting-at-international-convention-center-in-hyderabad						]]>
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					<pubDate>Sun, 03 Jul 2022 02:04:07 +0530</pubDate>
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                    <title><![CDATA[रामपुर चुनाव में सपा को बड़ा झटका, बीजेपी की जीत]]></title>
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                    	<![CDATA[<p>सपा नेता आजम खान का गढ़ माने जानी वाली रामपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी ने सपा को बड़ा झटका दिया है. सपा प्रत्याशी घनश्याम लोधी ने जीत हासिल की है. उन्होंने सपा प्रत्याशी मोहम्मद आसिम राजा को हरा दिया है.</p>]]>                    </description>

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						https://megadailynews.com/election-news/big-blow-to-sp-in-rampur-elections-bjps-victory						]]>
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					<pubDate>Sun, 26 Jun 2022 22:27:29 +0530</pubDate>
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