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		<title>Mega Daily News</title>
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		<![CDATA[
		Mega Daily News		]]>
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		<link>https://megadailynews.com/</link>
		<lastBuildDate>Wed, 22 Apr 2026 06:52:43 +0530</lastBuildDate>
		<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 06:52:43 +0530</pubDate>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बस रोककर 9 यात्रियों की हत्या, पहचान पत्र देखकर बनाया निशाना]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हमलावरों ने बस रोककर 9 यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना बलूचिस्तान के झोब क्षेत्र की है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बस कलेटा से लाहौर जा रही थी। इस दौरान हमलावरों ने बस को रोक लिया और पहचान पत्र के जरिए यात्रियों की पहचान की इसके बाद पंजाब से संबंध रखने वाले यात्रियों को बस से उतार लिया। इसके बाद अज्ञात स्थान पर ले जाकर उनकी हत्या कर दी।</p>
<p>&nbsp;</p>]]>                    </description>

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						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/9-passengers-killed-by-stopping-bus-in-balochistan-pakistan-targeted-by-seeing-identity-card						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 11 Jul 2025 09:48:16 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[India-US ट्रेड डील के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- ‘शुक्रवार से देशों को टैरिफ पत्र भेजने जा रहे हैं’]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>Donald trump Big Statement amid india US trade Talks: भारत और अमेरिका के बीच पिछले कई दिनों से लगातार व्यापार वार्ता चल रही है। बहु-प्रतीक्षित अंतरिम ट्रेड डील के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ऐलान किया कि वॉशिंगटन शुक्रवार (4 जुलाई) से पत्र भेजना शुरू कर देगा। इन पत्रों में हर देश के लिए तय रेसिप्रोकल टैरिफ रेट की जानकारी होगी।</p>
<p>ट्रंप ने कहा, &ldquo;मेरा झुकाव एक पत्र भेजने और यह बताने का है कि देश क्या टैरिफ चुकाने जा रहे हैं। हमारे पास 170 से अधिक देश हैं। और आप कितने सौदे कर सकते हैं? और आप अच्छी डील कर सकते हैं, लेकिन वे बहुत अधिक जटिल हैं।&rdquo;</p>]]>                    </description>

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						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/donald-trumps-big-statement-amidst-india-rus-trade-deal-said-tariff-letters-are-going-to-be-sent-to-						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 04 Jul 2025 13:09:22 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[2 करोड़ की नौकरी, रहना खाना फ्री पर इस नौकरी के लिए नहीं है कोई उम्मीदवार]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>देश में बेरोजगारी की स्थिति ऐसी है कि पढ़े-लिखे युवा भी हर तरह के काम करने के लिए तैयार हैं। इस बेरोजगारी के कारण लोगों को विदेश जाना पड़ रहा है। ऐसे माहौल में, यदि किसी को घर में रहने के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मिलता है, तो वह क्या करेगा? निश्चित ही सभी आर्थिक रूप से जरूरतमंद व्यक्ति इस नौकरी को प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ऐसा प्रस्ताव वास्तव में मौजूद है। हालांकि, इस घर में रहने वाली नौकरी आसान नहीं होगी।</p>
<p>दरअसल, जब एक नौकरी अत्याधुनिक और आकर्षक नजर आती है, तो सामान्यतः लोग सिर्फ सैलरी या आवास के लिए नहीं बल्कि कई अन्य मामलों को भी ध्यान में रखते हैं। कुछ लोगों के लिए, नौकरी के संबंध में: काम की मान्यता, व्यक्तिगत संतोष, करियर के मार्ग, कार्यस्थल का माहौल आदि महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए, यह संभव है कि ऐसे बड़े पैमाने पर सैलरी और आवास के ऑफर के बावजूद भी कुछ लोग इस जॉब को करने के लिए तैयार नहीं हो रहे हों।</p>
<p>वास्तव में, इस नौकरी में कुछ ऐसी शर्तें हैं जिसको जानकर लोग सोचने पर मजबूर हो जाएंगे, भले ही इसमें 2 करोड़ रुपये की सैलरी है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, यह नौकरी चीन के शंघाई शहर में एक महिला द्वारा दी गई है और इसे एक “पर्सनल नैनी” की तरह समझा जाता है। यह महिला एक ऐसी पर्सनल नैनी चाहती हैं जो उसकी हर छोटी-बड़ी बात पर ध्यान दे, और उसके बदले में वह नौकरी करने वाले को 2 करोड़ रुपये सालाना सैलरी देगी।</p>
<p>विज्ञापन के अनुसार, इस नौकरी के लिए इस महिला द्वारा 1,644,435.25 रुपये प्रति माह, यानी सालभर में 1.97 करोड़ रुपये की सैलरी दी जाएगी। इस नौकरी के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं, जैसे कि आवेदक की लंबाई 165 सेंटीमीटर होना चाहिए, साथ ही उनका वजन 55 किलोग्राम से कम होना चाहिए। शिक्षा के मामले में, आवेदक को 12वीं कक्षा में पास होना आवश्यक है। आवेदक को साफ-सुथरा बाहरी रूप और नाच-गाने का कौशल भी होना चाहिए।</p>
<p>विज्ञापन  हाउसकीपिंग सर्विस की तरफ से दिया गया है और वर्तमान में चर्चा बना हुआ है है। यह मतलब नहीं है कि विज्ञापन देने वाली महिला के पास वर्तमान में कोई 24 घंटे की नैनी नहीं है, बल्कि वह पहले से ही 12-12 घंटे की काम करने वाली दो नैनियां रख रही हैं। और उन्हें भी उसी सैलरी की प्राप्ति हो रही है।</p>
<p>नई नैनी के लिए रखी गई शर्तों में पहली शर्त है कि वह खुद के स्वाभिमान को पाँव की जूती पर रखे और मालकिन के पैरों से जूते उतारने और पहनाने जैसे काम करे। इसके साथ ही, जब भी मालकिन जूस-फल या पानी के लिए मांगे, वह उसे तत्परता से और बिना देरी के सभी चीजें प्रदान करे। उसे मालकिन के आगमन से पहले गेट पर इंतजार करना होगा और उसके एक इशारे पर उसके कपड़े भी बदलने होंगे।</p>
<p>ये असाधारण नौकरियां अक्सर लोगों का ध्यान आकर्षित करती रहती हैं। हाल ही में, एक कंपनी ने गांजा पीने वालों के लिए विशेष रूप से एक अद्वितीय नौकरी का ऑफर दिया था। विज्ञापन के मुताबिक, इस नौकरी में गांजा फूंकने का काम था, और इसके बदले में 88 लाख रुपये की भारी सैलरी भी प्रदान की जानी थी। यह ऑफर जर्मनी की ‘कैनबिस सोम्मेलियर’ (Cannabis Sommelier) नामक एक कंपनी द्वारा दिया गया था।</p>]]>                    </description>

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						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/2-crore-job-food-and-living-is-free-but-there-is-no-candidate-for-this-job						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sun, 21 May 2023 19:15:23 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[दुनियाभर के शहरों की टॉप लिस्ट में 19वें नंबर पर पहुंचा मुंबई, लोकल ट्रेन की वजह से मिली यह सौगात, जानिए]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दुनिया के सबसे अच्छे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम वाले शहरों की लिस्ट में मुंबई को 19वां स्थान मिला है। शहर के जटिल स्थानीय ट्रेन नेटवर्क और चलो पे ऐप की शुरुआत की वजह से मुंबई को यह स्थान हासिल हुआ है। इस लिस्ट में शामिल होने वाला मुंबई एकमात्र भारतीय शहर है।</p>
<p>टाइम आउट ने यह लिस्ट जारी की है। इसके मुताबिक, मुंबई के 81 प्रतिशत स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें शहर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम उपयोग करने में सुविधाजनक लगता है। मुंबई की लोकल ट्रेन से हर दिन लाखों लोग यात्रा करते हैं। इसके अलावा, यहां ऑटो रिक्शा, बस सर्विस और टैक्सी से ट्रैवल करने वालों की संख्या भी काफी ज्यादा है। लिस्ट में शहर की इन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस का भी उल्लेख किया गया है।</p>
<p>लिस्ट में कहा गया है, “क्या आप मुंबई गए हैं यदि आपने यहां की लोकल ट्रेन में समय नहीं बिताया है? 81 प्रतिशत स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन द्वारा मुंबई में ट्रैवल करना आसान है और यह प्रणाली निश्चित रूप से महानगर में चलती रहेगी, जिसमें लाखों लोग शहर की बसों, रिक्शा, मेट्रो और टैक्सियों का दैनिक आधार पर उपयोग करते हैं। शहर ने चलो पे ऐप भी पेश किया है, जो भारतीय सार्वजनिक परिवहन के लिए अग्रणी और सभी चीजों को थोड़ा सा आसान बना रहा है।”</p>
<p>मुंबई के अलावा, जापान, ताइवान और चीन समेत अन्य एशियाई देशों के शहरों को भी लिस्ट में शामिल किया गया है। लिस्ट में जगह बनाने वाले छह अन्य एशियाई शहरों में टोक्यो (तीसरे नंबर पर), सिंगापुर (छठे नंबर पर), हांगकांग (सातवें नंबर पर), ताइपे (आठवें नंबर पर), शंघाई (नौवें नंबर पर) और बीजिंग (18वें नंबर पर) हैं।</p>
<p>लिस्ट में शामिल यूरोपीय शहरों में बर्लिन (पहले नंबर पर), प्राग (दूसरे नंबर पर), कोपेनहेगन (चौथे नंबर पर), स्टॉकहोम (पांचवें नबर पर), एम्स्टर्डम (10वें नंबर पर), लंदन (11वें नंबर पर), मैड्रिड (12वें नंबर पर), एडिनबर्ग (13वें नंबर पर) और पेरिस (14वें नंबर पर) न्यूयॉर्क (15वें नंबर पर), मॉन्ट्रियल (16वें नंबर पर), और शिकागो (17वें नंबर पर) सूची में उत्तर अमेरिकी शहर शामिल हैं।</p>
<p>टाइम आउट ने दुनियाभर के 50 से ज्यादा शहरों में 20,000 से अधिक स्थानीय लोगों का सर्वेक्षण किया गया और उनसे सवाल किया गया कि क्या पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के जरिए यात्रा करना उनके आसान रहा, जिसके आधार पर लिस्ट तैयार की गई। 19 चुनिंदा शहरों में पांच में से कम से कम चार लोगों ने स्थानीय आवागमन प्रणालियों की प्रशंसा की।</p>
<p>सूची में शहरी परिदृश्य में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया है। इसमें ट्रांसपोर्ट प्रणाली को इस पर भी देखा गया कि क्या यह किफायती यात्रा विकल्प प्रदान करने के अलावा, शहरों की बढ़ती ट्रैफिक समस्याओं को कम करने के साथ कार्बन फुटप्रिंट्स को कम करने में भी मदद करता है। कुछ मामलों में उनके सौंदर्यकरण संबंधी पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया, जिसकी वजह से लोग इनसे यात्रा करके अनुभव लेते हैं।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/mumbai-reached-number-19-in-the-top-list-of-cities-around-the-world-got-this-gift-because-of-the-loc						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sat, 08 Apr 2023 16:51:23 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[Richest Man in Asia : दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट जारी, मुकेश अंबानी बने एशिया के सबसे अमीर आदमी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p >फोर्ब्स ने मंगलवार को दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट जारी की है। जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में अपना स्थान हासिल कर लिया है। बता दें कि 4 अप्रैल को फोर्ब्स बिलियनेयर 2023 की लिस्ट जारी जारी हुई थी।</p>
<p >दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट के अनुसार, मुकेश अंबानी 83.4 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ दुनियाभर में 9वें स्थान पर हैं। दूसरी ओर, अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी 47.2 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ 24वें नं पर आ गए है।</p>
<strong>अंबानी के बाद अडानी दूसरे अमीर भारतीय</strong>
<p >बता दें कि अडानी 24 जनवरी को दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति थे, जब उनकी संपत्ति लगभग 126 बिलियन डॉलर थी। उस दिन बाद में यूएस शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा जारी एक रिपोर्ट के बाद उनकी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। जिस वजह से वह दुनिया के टॉप अमीरों की लिस्ट में पिछड़ गए थे। फिलहाल उनकी कुल संपत्ति अब $ 47.2 बिलियन डॉलर है और वह अंबानी के बाद दूसरे सबसे अमीर भारतीय हैं।</p>
<p >फोर्ब्स की दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट के अनुसार, दुनिया के 25 सबसे अमीर लोगों की कुल संपत्ति 2.1 ट्रिलियन डॉलर है, जो 2022 में 2.3 ट्रिलियन डॉलर से संयुक्त रूप से 200 बिलियन डॉलर कम है। यानी कह सकते है कि पिछले साल की तुलना में इस साल अमीरों की संपत्ति में कमी देखने को मिली है। जेफ बेजोस भी रैंकिंग में गिर गए क्योंकि ई-कॉमर्स फर्म अमेज़न के शेयरों में 38 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे वह 2022 में दुनिया में नंबर 2 से इस साल नंबर 3 पर आ गए।</p>
<strong>ये है दुनिया का सबसे अमीर </strong>बिजनेस<strong>मैन</strong>
<p >बता दें कि ट्विटर के सीईओ एलोन मस्क अब 180 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ नंबर 2 हैं। वहीं 211 बिलियन डॉलर की कुल संपत्ति के साथ, फ्रांसीसी लक्जरी सामान टाइकून बर्नार्ड अरनॉल्ट पहली बार दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन बने है।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/richest-man-in-asia-list-of-billionaires-of-the-world-released-mukesh-ambani-became-the-richest-man-						]]>
					</link>
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					<pubDate>Wed, 05 Apr 2023 12:50:34 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[लंदन में कट्टरपंथी खालिस्तान समर्थकों ने किया तिरंगे का अपमान, सिख समुदाय ने किया विरोध]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>खालिस्तान समर्थक अलगाववादियों द्वारा लंदन में भारतीय उच्चायोग में तिरंगे झंडे का अपमान किया गया था, जिसके विरोध में सोमवार को सिख समाज के लोगों ने दिल्ली में आक्रोश जताते हुए जमकर हंगामा किया. दिल्ली के चाणक्यपुरी में ब्रिटिश उच्चायोग के बाहर बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग जमा हुए. हाथों में तिरंगा झंडा और स्लोगन वाली तख्तियों से ये विरोध जता रहे थे. तख्तियों पर लिखा था- 'भारत हमारा स्वाभिमान है', 'राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे'.</p>
<p><strong>तिरंगे को उतारने की हुई थी कोशिश</strong></p>
<p>रविवार को लंदन में कट्टरपंथी खालिस्तान समर्थकों ने भारतीय उच्चायोग से तिरंगे को उतारने की कोशिश की थी. इस घटना के बाद भारत सरकार ने दिल्ली में ब्रिटेन के राजनयिकों को तलब किया था. साथ ही लंदन में भारतीय उच्चायोग की खिड़की तोड़ने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने कहा कि हमने कट्टरपंथियों के हमले को नाकाम कर दिया था और तिरंगा शान से लहरा रहा है. इस दौरान सुरक्षा कर्मचारियों के दो सदस्यों को भी चोट आई है.</p>
<p><strong>ब्रिटेन उच्चायोग के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई</strong></p>
<p>सिख समाज के आक्रोश को देखते हुए दिल्ली के ब्रिटिश उच्चायोग के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. सोमवार को उच्चायोग के सामने बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे, लोगों ने लंदन की घटना पर आक्रोश जताया. वहां पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को काफी मशक्कत के बाद दूर कर दिया. इसके बाद उच्चायोग के आसपास और भी सुरक्षा बढ़ा दी गई. प्रदर्शन के दौरान सिख समाज के लोग ब्रिटिश उच्चायोग के मुख्य द्वार तक पहुंच गए थे.</p>
<p><strong>भारतीय ध्वज का अपमान करने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई</strong></p>
<p>बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भारत विरोधी कृत्यों के खिलाफ और खालिस्तानी तत्वों का विरोध करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सिख कौम से अपील की है. उन्होंने खालिस्तानियों को संदेश दिया और कहा कि सिख समाज भारत से प्यार करता है और ब्रिटेन को भी संदेश दिया कि भारतीय ध्वज का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. भारतीय ध्वज का अपमान कतई सहन नहीं किया जाएगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/radical-khalistan-supporters-insult-tricolor-in-london-sikh-community-protests						]]>
					</link>
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					<pubDate>Tue, 21 Mar 2023 01:20:04 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[RRR को ऑस्कर मिलने पर आंध्र सीएम ने कहा-तेलगू का झंडा ऊंचा है, भड़के अदनान सामी बोले- आपको शर्म आनी चाहिए]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>साउथ सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली की फिल्म‘आरआरआर’दुनियाभर में सफलता का परचम लहरा दिया है। 95वें ऑस्कर्स अवॉर्ड 2023 में इस फिल्म के गाने ‘नाटू-नाटू’ को बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग कैटेगरी में ऑस्कर अवॉर्ड मिला है।</p>
<p>इससे पूरे देश में खुशी का माहौल है। हर तरफ से फिल्म की पूरी टीम को बधाइयां मिल रही हैं। फिल्म की टीम ने भी बेहद खास अंदाज में अपनी जीत का जश्न मनाया है। इसी बीच आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने भी फिल्म के डायरेक्टर एसएस राजामौली समेत पूरी टीम को एक ट्वीट करते हुए बधाई दी है।</p>
<p>उन्होंने लिखा कि तेलगू का झंडा ऊंचा उठ रहा है। अब इस पर जाने माने सिंगर अदनान सामी भड़क गए हैं। उन्होंने सीएम के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया देते आंध्र प्रदेश के सीएम को रीजनल दिमाग वाला मेंढक बता दिया है।</p>
आंध्र प्रदेश के सीएम ने ट्वीट कर क्या लिखा
<p>दरअसल आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने एसएस राजमौली, राम चरण, जूनियर एनटीआर, एमएम कीरवानी, चंद्रबोस, गाने के सिंगर काल भैरव और राहुल सिप्लिगुंज समेत पूरी टीम को मुबारकबाद देते हुए लिखा कि ‘तेलुगु झंडा ऊंचा उड़ रहा है। मैं एक तेलुगु गीत पर गर्व से भर गया हूं, जो इतनी खूबसूरती से हमारी लोक विरासत का जश्न मनाता है, जिसे आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उचित पहचान दी जा रही है। मुझे, करोड़ों तेलुगू लोगों और भारत को गर्व कराने के लिए शुक्रिया।’</p>
अदनान सामी ने दी प्रतिक्रिया
<p>आंध्र प्रदेश सीएम के ट्वीट पर आदनान सामी ने अपनी प्रतिक्रया देते हुए लिखा कि ‘एक तालाब में रीजनल दिमाग वाला मेंढक जो समुद्र के बारे में नहीं सोच सकता, क्योंकि यह उसकी छोटी नाक से परे है। क्षेत्रीय बंटवारा पैदा करने के लिए आपको शर्म आनी चाहिए और राष्ट्रीय गौरव का प्रचार करने में असमर्थ होने के लिए भी।’</p>
पहले भी आंध्रप्रदेश सीएम पर भड़क चुके हैं सिंगर
<p>बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब सिंगर आंध्र प्रदेश सीएम पर भड़के हो। इससे पहले भी जब जब आरआरआर के गाने नाटु-नाटु को गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स मिला था तब भी वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने कहा था कि ‘तुलेगू झंडा ऊंचा उड़ा रहा है। जिसपर अदनान ने कहा था कि तेलुगू झंडा? आपका मतलब इंडियन फ्लैग ना? हमलोग सबसे पहले भारतीय हैं, इसलिए पूरे देश से खुद को अलग करना बंद करें।’</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/on-receiving-oscar-for-rrr-andhra-cm-said-telugu-flag-is-high-adnan-sami-got-angry-and-said-you-shou						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/on-receiving-oscar-for-rrr-andhra-cm-said-telugu-flag-is-high-adnan-sami-got-angry-and-said-you-shou</guid>
					<pubDate>Tue, 14 Mar 2023 20:34:22 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तान : पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान होंगे गिरफ्तार!, बख्तरबंद वाहनों से पहुंची पुलिस, पार्टी के कार्यकर्ता आवास के बाहर जमा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार किया जा सकता है। लाहौर में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष (पीटीआई) इमरान खान के आवास के बाहर मंगलवार (14 मार्च, 2023) को बख्तरबंद पुलिस वाहन पहुंच चुके हैं। इस्लामाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने का इरादा रखती है। वहीं इमरान की पार्टी के कार्यकर्ता इमरान खान के आवास के बाहर जमा हैं।</p>
<p>इससे पहले इमरान खान ने सोमवार को अपने समर्थकों के साथ सड़क पर मार्च निकाला था। इस बीच इस्लामाबाद पुलिस उन्हें हेलीकॉप्टर से गिरफ्तार करने पहुंची थी, लेकिन इसी बीच इमरान खान समर्थकों की भीड़ के साथ सड़क पर निकल पड़े थे। 70 साल के इमरान खान के खिलाफ एक महिला जज को धमकाने और तोशाखाना मामले में अदालत के समक्ष पेश नहीं होने को लेकर दो गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। इससे पहले तोशाखाना केस में इमरान खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है।</p>
प्रशासन लगा दी थी धारा 144
<p>रविवार को ने प्रशासन की रोक के बाद लाहौर में अपनी चुनावी रैली को रद्द करने का ऐलान किया था। इमरान खान ने शनिवार को कहा था कि वह रविवार को लाहौर में चुनावी रैली की अगुवाई करेंगे। हालांकि, उनके इस ऐलान के बाद स्थानीय प्रशासन ने प्रांतीय राजधानी में धारा 144 लागू कर दी थी। इसके बाद खान ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए यह कहकर चुनाव आयोग का रुख किया कि धारा 144 लगाना गलत है। इसके साथ ही इमरान खान ने अपनी रैली स्थगित कर कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह के झांसे में नहीं फंसने को कहा था।</p>
इमरान खान पर आरोप-
<p>पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर आरोप है कि उन्होंने इस्लामाबाद में जिला अदालत की सेशन जज जेबा चौधरी को धमकी दी थी। खान ने महिला जज जेबा चौधरी को धमकी भरे लहजे में उन्हें देख लेने को कहा था। इमरान खान की पीटीआई पार्टी के नेता शाहबाज गिल को पिछले साल राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पिछले साल 17 अगस्त को पुलिस ने इनकी रिमांड बढ़ाने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। शाहबाज गिल की रिमांड बढ़ाने का फैसला जेबा चौधरी ने ही सुनाया था, जिससे इमरान खान भड़क गए थे।</p>
<p>एक रैली को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा था कि उनकी पार्टी के नेता शाहबाद गिल को जेल में परेशान किया गया और उनको जमानत नहीं दी गई। इस दौरान इमरान ने जेबा चौधरी को देख लेने की धमकी दी थी। इमरान खान के इस बयान को लेकर उनके ऊपर केस फाइल हुआ था। इसी केस में इस्लामाद हाई कोर्ट ने इमरान को नोटिस जारी किया था।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/pakistan-former-prime-minister-imran-khan-will-be-arrested-police-arrived-in-armored-vehicles-party-						]]>
					</link>
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					<pubDate>Tue, 14 Mar 2023 20:24:55 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन में भी है लोकप्रिय पीएम मोदी, वहां उन्हें इस खास नाम से पुकारते हैं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारत और चीन के रिश्ते लंबे समय से सहज नहीं रहे हैं. 2020 में हुई गलवान घाटी की हिंसक झड़प की घटना ने दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहद तनावपूर्ण बना दिया. लेकिन इसके बावजूद पीएम मोदी चीनी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं. इतना ही नहीं चीनी नागिरक सोशल मीडिया में पीएम मोदी को 'लाओशियान' निकनेम से बुलाते हैं.</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी पत्र म्यू चुनशान ने यह खुलासा किया है. चीनी पत्रकार के मुताबिक उनका एक सोशल मीडिया एकाउंट पर है जिस पर चीनी यूजर्स विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते रहते हैं. इससे उन्हें विदेशी मामलों में चीनी जनता की राय समझने में मदद मिलती है.</p>
<p><strong>चीनी नागरिकों को भारत और पश्चिम के बेहतर संबंध नहीं पसंद</strong></p>
<p>चीन यूजर्स की प्रतिक्रियाओं से यह भी पता चलता है कि चीनी लोग भारत के पश्चिम के साथ बेहतर होते रिश्तों को देख जलते हैं. वे पसंद नहीं करते कि भारत और अमेरिका करीब आए.</p>
<p>चीनी सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि भारत और रूस के बीच काफी अच्छे संबंध हैं. यूजर्स का यह भी कहना है कि अमेरका यूक्रेन युद्ध को लेकर चीन और भारत के लिए दोहरे मापदंड लागू करता है.</p>
<p><strong>भारत के बारे में और जानना चाहते हैं चीनी नागरिक</strong></p>
<p>चीनी पत्रकार का कहना है कि चीन के नागिरक कुल मिलाकर भारत से अनजान हैं लेकिन उनमें भारत के बारे में जानने की बड़ी इच्छा है. विशेष तौर पर चीनी नागिरक भारत की जाति व्यवस्था और हेल्थ केयर सिस्टम के बारे में जानने को बहुत उत्सुक है.</p>
<p><strong>पीएम मोदी को दिया निकनेम</strong></p>
<p>चीनी सोशल मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाओशियान निकनेम दिया है. लाओशियान शब्द का इस्तेमाल ऐसे व्यक्ति के लिए होता है जो अमर हो और जिसके पास स्पेशल पावर हो.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/pm-modi-is-also-popular-in-china-there-he-is-called-by-this-special-name						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sat, 11 Mar 2023 11:53:22 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[Pakistan PM : मोहम्मद यूसुफ एक दिन के लिए बनने जा रहे हैं पाकिस्तान के PM-शोएब अख्तर, पूर्व बल्लेबाज ने कहा- गरीबों में बांट दूंगा 600 अरब]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर अपना एक शो लेकर आ रहे हैं। यह शो ऊर्दूफ्लिक्स पर प्रसारित होगा। शो के एक एपिसोड में सकलैन मुश्ताक और मोहम्मद यूसुफ मेहमान थे। इस दौरा शोएब अख्तर ने उनसे कई तरह के सवाल किए। शोएब ने मोहम्मद यूसुफ से एक सवाल पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने को लेकर पूछा।</p>
<p>शोएब अख्तर ने मोहम्मद यूसुफ से पूछा, मोहम्मद यूसुफ एक दिन के लिए पाकिस्तान का प्राइम मिनिस्टर बनने जा रहे हैं। वह एक दिन के प्राइम मिनिस्टर बनेंगे। एक दिन में वह पाकिस्तान के लिए क्या काम करेंगे? यह सुनकर मोहम्मद यूसुफ हंसने लगे। उन्होंने कहा, पहले तो मैं होश में आने की कोशिश करूंगा।</p>
<p>अख्तर ने उलटा सवाल दागा, ऐसा क्या काम करेंगे कि आप बेहोश हो जाएंगे। मोहम्मद यूसुफ ने आश्चर्य जताते हुए कहा, प्राइम मिनिस्टर…। इस पर शोएब अख्तर ने कहा, आप बन सकते हैं प्राइम मिनिस्टर। बताइए रमीज राजा पर बैन लगाने के अलावा पहला काम आप कौन सा करेंगे? पाकिस्तान के लिए क्या करेंगे?</p>
<p>इस पर मोहम्मद यूसुफ ने कहा, एक दिन में क्या हो सकता है यार? इस पर शोएब अख्तर ने कहा, बहुत कुछ हो सकता है। आपको पता है, पाकिस्तान के प्राइम मिनिस्टर के पास ₹600 अरब रुपए का मॉनिटरी फंड होता है। कुछ भी कर सकते हैं उससे, कुछ भी कर सकते हैं।</p>
<p>मोहम्मद यूसुफ ने कहा, इंशाल्लाह देखो, जब बंदा जब कभी सीट पर बैठता है, तब उसे पता चलता है। ने फिर सवाल दागा, लेकिन कबूलियत का वक्त भी होता है। मैंने आपसे कहा है कि आपको पाकिस्तान का प्राइम मिनिस्टर बनना है, नाइजीरिया का नहीं। आप मानें कि 1 दिन के लिए पाकिस्तान का प्राइम मिनिस्टर बन सकते हैं।</p>
<p>इस पर मोहम्मद यूसुफ ने कहा, अच्छा देखें मद्रासी फिल्मों के हीरो। पहले मेरी बात सुनो, पहले तो मैं बन नहीं सकता। अगर बन जाता हूं तो यह जो आप 600 अरब रुपए की बात कर रहे हैं उन्हें मैं गरीबों में बांट दूंगा।</p>
<p>इतना सुनते ही ने कहा, यह है यूसुफ का दिल। यह बात सच है कि अगर पाकिस्तान टीम में मुश्किल हो और फाइनेंशियल मुश्किल हो, ये मैंने दो दफा आजमाया है, वैसे तो यह बहुत कंजूस आदमी है, लेकिन अल्लाह के मामलात में देने और सदका करने के मामले में यह बंदा सेकंड भर नहीं लगाता है। ये यूसुफ की क्वालिटी है। ताली बजाई इनके लिए।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/pakistan-pm-mohammad-yusuf-is-going-to-become-pm-of-pakistan-for-a-day-shoaib-akhtar-former-batsman-						]]>
					</link>
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					<pubDate>Tue, 07 Mar 2023 12:23:07 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[हम चाहते हैं भारत और चीन बन जाएं अच्छे दोस्त, हमारे दोनों देशों से अच्छे संबंध : रूसी विदेश मंत्री]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत और चीन को लेकर एक बयान दिया है। उन्होने कहा है कि कि मास्को चाहता है कि भारत और चीन दोनों दोस्त बनें। वह नई दिल्ली में रायसिना संवाद में भारत-चीन संबंधों पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस के दोनों देशों के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं।सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस इन दोनों देशों को करीब लाने में एक बेहतर भूमिका निभा सकता है, रूस हमेशा इस तरह के कदम उठाने के लिए आगे रहा है।</p>
यूक्रेन पर बोले रूस के विदेश मंत्री
<p>यूक्रेन युद्ध पर बोलते हुए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि हर कोई पूछ रहा है कि रूस कब बातचीत करने के लिए तैयार है। लेकिन कोई भी यह सवाल यूक्रेन के पीएम ज़ेलेंस्की से पूछता है? रूस हमेशा बातचीत का पक्षधर रहा है, लेकिन क्या यूक्रेन भी बातचीत के लिए तैयार है ? कोई उनसे यह सवाल क्यों नहीं करता है ? सिर्फ रूस से ही यह सवाल क्यों किया जाता है ? उन्होंने कहा कि वे पश्चिम के देशों की बजाए अब भारत और चीन जैसे विश्वसनीय भागीदारों पर भरोसा करेंगे।</p>
भारत की तारीफ
<p>रूस के विदेश मंत्री सर्गेई ने कहा कि चीन और भारत के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं। भारत के साथ संबंधों को रूस ने विशेष विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदार का दर्जा दिया है। ये दर्जा आधिकारिक है और दस्तावेजों में है। मुझे नहीं लगता कि हमने किसी अन्य देश को आधिकारिक तौर पर इस तरह का समान दर्जा दिया है।</p>
<p>उन्होने कहा कि हम कभी किसी देश को किसी दूसरे देश के खिलाफ षडयंत करने में शामिल नहीं होते हैं लेकिन दुर्भाग्य से कुछ अन्य बाहरी खिलाड़ियों द्वारा तथाकथित इंडो-पैसिफिक रणनीति के संदर्भ में क्वाड का उपयोग किया जा रहा है। आज क्वाड का उपयोग आर्थिक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा रहा है। बल्कि इसका सैन्यीकरण करने की कोशिश की जा रही है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि आसियान प्लस क्वाड के हमारे अमेरिकी मित्रों द्वारा प्रचारित विचार खुले तौर पर पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलनों को बर्बाद करने के उद्देश्य से है। दूसरे शब्दों में इसका अर्थ है पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन बिना चीन और रूस के है। </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/we-want-india-and-china-to-be-good-friends-good-relations-with-both-our-countries-russian-foreign-mi						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 03 Mar 2023 21:22:48 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बंपर बोनस : ये कंपनी दे रही कर्मचारियों को 3.5 लाख रुपये का बोनस !, क्या आप भी करना चाहते यहां नौकरी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p> मौजूदा हालात में जहां कंपनियां अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रही है वहीं हताशा से भरे कर्मचारियों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है जिसमें यहां पर एक कंपनी ने कर्मचारियों को बोनस देने का ऐलान किया है जो हजार या पचास हजार का नहीं लाखों का है। जिसे पाकर कर्मचारियों के दिन खुल जाएंगे।</p>
<strong>ये कंपनी दे रही बोनस</strong>
<p>यहां पर 19700 कर्मचारियों को कंपनी फ्रांस की लग्जरी डिजाइनिंग फर्म द्वारा 3.5 लाख रुपये का बोनस देने का एलान किया जा रहा है जिससे कर्मचारियों को बंपर खुशी मिलेगी। वहीं पर इसके अलावा कंपनी का कहना है कि, फरवरी के अंत में 4,000 यूरो या 3 लाख 50 हजार रुपये कंपनी को हुए मुनाफे पर गिफ्ट के तौर पर दिया जाएगा. पिछले साल की तुलना में इस साल कंपनी की सेल और कमाई तेजी से बढ़ी है, जिस कारण कंपनी कर्मचारियों को बोनस दे रही है।</p>
<strong>जानिए कंपनी के बारे में </strong>
<p>पेरिस की हेर्मेस कंपनी के 17 फरवरी को आए चौथे तिमाही की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल की इस अवधि की तुलान में 23 फीसदी रेवेन्यू बढ़ा है। यहां पर कंपनी की बात की जाए तो इसने लुई वुइटन और चैनल के बाद लेदर बनाने के मामले में ऊंची रैंक पाई है। लेदर मैन्यूफैक्चरिंग के मामले में कंपनी ने 29 फीसदी ज्यादा का रेवेन्यू हासिल किया है, जो 1 लाख करोड़ रुपये हो चुका है।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/bumper-bonus-this-company-is-giving-a-bonus-of-rs-35-lakh-to-its-employees-do-you-also-want-to-work-						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/bumper-bonus-this-company-is-giving-a-bonus-of-rs-35-lakh-to-its-employees-do-you-also-want-to-work-</guid>
					<pubDate>Sat, 25 Feb 2023 11:25:09 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई वाले इस देश के मंत्री ड्रग तस्करी के दोषी पाए गए]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>एक अमेरिकी जूरी ने मेक्सिको के पूर्व सुरक्षा मंत्री गेनेरो गार्सिया लूना को मादक पदार्थों की तस्करी के लिए दोषी ठहराया है. फैसला चार सप्ताह के परीक्षण और तीन दिनों के जूरी विचार-विमर्श के बाद आया है. अभियोजकों ने दावा किया कि पूर्व मैक्सिकन प्रमुख ने मेक्सिको के सबसे बड़े अपराध समूह सिनालोआ ड्रग कार्टेल द्वारा ब्रीफकेस में लाखों डॉलर को स्वीकार किया था.</p>
<p><strong>आजीवन जेल या 20 साल रहना होगा कारावास में </strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि लूना को आजीवन जेल हो सकता है या कम से कम 20 साल जेल में रहना पड़ सकता है. पूर्व मंत्री की ओर से कहा गया है कि प्रतिद्वंद्वियों के बारे में सिनालोआ ड्रग कार्टेल के साथ व्यापक रूप से जानकारी साझा की गई.</p>
<p><strong>2019 में टेक्सास से पकड़ा गया था पूर्व मंत्री को </strong></p>
<p>54 वर्षीय मंत्री को 2019 में टेक्सास में हिरासत में लिया गया था, जहां उन्होंने दोषी न होने का अनुरोध किया और बार-बार सभी आरोपों से इनकार किया. उन्होंने परीक्षण में गवाही देने से भी इनकार किया, लेकिन उनकी पत्नी लिंडा क्रिस्टीना पेरेरा ने स्टैंड लिया और अपने वित्त और जीवन शैली को कम करने की कोशिश की.</p>
<p><strong>राष्ट्रपति ने कोर्ट के फैसले की प्रशंसा की </strong></p>
<p>मादक पदार्थों की तस्करी का उनका मामला गुज़मैन के खिलाफ मुकदमे के दौरान सामने आया, जिसे 2019 में 30 साल जेल की सजा सुनाई गई थी.  वर्तमान मैक्सिकन राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज़ ओब्रैडोर के प्रवक्ता यीशु रामिरेज़ क्यूवास ने इस फैसले की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि हमारे लोगों के खिलाफ अपराध कभी नहीं भूलेंगे.</p>
<p><strong>भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के बड़े निहितार्थ</strong></p>
<p>मेक्सिको स्थित विशेषज्ञ इयान ग्रिलो ने बीबीसी को बताया कि इस सजा से भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ अमेरिका और मैक्सिकन सरकार की लड़ाई के लिए बड़े निहितार्थ हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह अभियोजकों को अन्य मामलों के बाद जाने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है. उन्होंने भौतिक सबूत नहीं होने और ड्रग तस्करों से गवाही पर उसे दोषी ठहराकर एक निश्चित जोखिम लिया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-minister-of-this-country-who-fought-against-corruption-was-found-guilty-of-drug-trafficking						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/the-minister-of-this-country-who-fought-against-corruption-was-found-guilty-of-drug-trafficking</guid>
					<pubDate>Thu, 23 Feb 2023 09:57:33 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अमीर मुस्लिम देश : एकमात्र मुस्लिम देश जो अमीरी का सुपर पावर बना, इसके आगे अमेरिका भी कुछ नहीं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दुनिया में जब ताकतवर और अमीर मुल्क की बात आती है तो पहला नाम अमेरिका का आता है लेकिन एक ऐसा भी मुल्क है जो अमेरिका से किसी भी मामले में कम नहीं है. जब आर्थिक सुपर पावर होने की बात आती है तो कहीं न कहीं इसके आगे अमेरिका पिछड़ा हुआ नजर आता है. यहां हम सऊदी अरब की बात कर रहे हैं, जहां कभी लोग ऊंट और भेड़-बकरियां चराया करते थे लेकिन मौजूदा समय में यह देश दुनिया के विकसित देशों में शामिल है. सऊदी अरब के ज्यादातर लोग इसकी तरक्की का श्रेय खुदा के रहम को देते हैं. लेकिन आज हम आपको बताएंगे कैसे सऊदी अरब गरीबी की गर्त से निकलकर अमीरी का सुपर पावर बना.</p>
<p><strong>इस शख्स ने रखी असल सऊदी अरब की नींव</strong></p>
<p>ज्यादातर मुल्क अपने नागरिकों की तकदीर लिखते हैं लेकिन सऊदी अरब की आधुनिक तकदीर लिखने वाला एक नौजवान था. एक समय था, जब यह देश कई कबीलाई हिस्सों में बंटा हुआ था और यहां के ज्यादातर लोग ऊंट और भेड़-बकरियां चराते थे. ये कबीले अक्सर एक-दूसरे से लड़ाई करता हुए नजर आते थे, जिस नौजवान का यहां जिक्र किया गया वो कोई और नहीं शेख अब्दुलाजीज अल-सौद (King Abdulaziz Al-Saud) ही थे जिन्होंने अपने 40 साथियों के मदद से इस मुल्क की नींव डाली. शेख अब्दुलाजीज अपने साथियों के साथ एक-एक कबीले को जीतते गए और खुद के साथ मिलाते हुए एकजुट करते गए. सभी कबीले को एकजुट करते हुए शेख ने 1932 के सऊदी अरब की नींव रखी थी.</p>
<p><strong>सालाना 19 लाख कमाते हैं लोग!</strong></p>
<p>साल 2021 में आई वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट बताती है कि सऊदी अरब में ‘जीडीपी पर कैपिटा’ औसतन 19 लाख रुपए है यानी यहां का हर एक व्यक्ति सालाना 19 लाख रुपए कमाता है, वहीं भारत की बात की जाए तो भारत सऊदी अरब से काफी पीछे है. भारत में औसतन एक शख्स सालाना 1.86 लाख रुपये कमाता है. सऊदी अरब की राष्ट्रीय भाषा अरबी है और यहां पर संविधान के लिए कुरान को रखा गया है. शेख ने अपने 20 साल के शासन काल में यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोरदार काम किया और देखते-देखते यह कबीलाई इलाका दुनिया के नक्शे पर पावरफुल देश बनने की ओर चल पड़ा था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/rich-muslim-country-the-only-muslim-country-which-became-the-super-power-of-emirati-america-is-nothi						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/rich-muslim-country-the-only-muslim-country-which-became-the-super-power-of-emirati-america-is-nothi</guid>
					<pubDate>Thu, 23 Feb 2023 09:50:46 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ब्रिटेन में ज्यादा सब्जी खरीदने पर लगी पाबंदी, धन-संपन्न होने के बावजूद ब्रिटेन में सब्जियों की राशनिंग क्यों]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>श्रीलंका के बाद पाकिस्तान में पनपे गहरे आर्थिक संकट को पूरी दुनिया ध्यान से देख रही है लेकिन अब विकसित देश कहे जाने वाले ब्रिटेन में भी सब्जियों की राशनिंग शुरू हो गई है. प्रत्येक व्यक्ति के लिए दिनभर में 2 टमाटर और 2 खीरा की लिमिटेशन तय कर दी गई है. यानी कि सुपरमार्केट से प्रत्येक व्यक्ति को इतनी अधिकतम चीजें दी जा सकती हैं. इसी तरह दूसरी सब्जियों पर भी लिमिट लगाई गई है. </p>
<p><strong>इन सुपरमार्केट्स ने शुरू कर दी राशनिंग</strong></p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन के बड़े सुपरमार्केट एस्डा और मॉरिसन ने सब्जियों की राशनिंग (Britain Vegetable Crisis) शुरू कर दी है. इसके तहत आलू, टमाटर, मिर्च, खीरा, ब्रोकली और सलाद पत्ता जैसी जल्दी खराब होने वाली सब्जियों की बिक्री पर लिमिटेशन लगाई गई है. लोगों को कहा जा रहा है कि वे इनमें से केवल 2 या 3 सब्जियां ही खरीद सकते हैं. </p>
<p><strong>ब्रिटेन में आखिर क्यों पनपा सब्जी संकट </strong></p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन (Britain Vegetable Crisis) के लिवरपूल, पूर्वी लंदन समेत देश के कई हिस्सों में सब्जियों की भारी किल्लत चल रही है. पैसों से धन-संपन्न होने के बावजूद ब्रिटेन में आखिरकार सब्जियों की राशनिंग क्यों शुरू हो गई है. आपको इसकी वजह भी जान लेनी चाहिए. असल में ब्रिटेन एक ठंडा देश है, जहां सर्दियों के दौरान खेती और बागवानी न के बराबर हो जाती है. ऐसे में वह हर साल स्पेन और मोरक्को से सब्जियों का आयात करके काम चलाता रहा है. </p>
<p><strong>मोरक्को में बाढ़-बारिश से बुरा हाल</strong></p>
<p>इस साल के लिए ब्रिटेन (Britain Vegetable Crisis) ने इन देशों से सब्जियों की आपूर्ति की तैयारी कर रखी थी. लेकिन मोरक्को में इस साल तेज ठंड की वजह से टमाटर की फसल पनप नहीं पाई. साथ ही दूसरी सब्जियों के उत्पादन पर भी असर पड़ा. रही-सही कसर वहां भारी बारिश और बाढ़ ने पूरी कर दी है. इसके चलते वहां पर इस साल सब्जियों का उत्पादन से आधे से ज्यादा घट गया है. खराब मौसम की वजह से सब्जियों की सप्लाई में भी दिक्कत आई है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/ban-on-buying-more-vegetables-in-britain-why-rationing-of-vegetables-in-britain-despite-being-rich						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/ban-on-buying-more-vegetables-in-britain-why-rationing-of-vegetables-in-britain-despite-being-rich</guid>
					<pubDate>Thu, 23 Feb 2023 09:30:50 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[रूस-अमेरिका में बढ़ी रार, बाइडेन ने पुतिन पर किया पलटवार, किया ये बड़ा ऐलान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की यूक्रेन यात्रा से रूस में खलबली मच गई है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बाइडेन की इस यात्रा आपत्ति जताई है. जिसके बाद जो बाइडेन ने भी पुतिन पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कीव गर्व के साथ खड़ा है और आजाद है. जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो नाटो और सभी लोकतंत्रों के साथ-साथ पूरी दुनिया ने युगों की परीक्षा का सामना किया.</p>
<p>पुतिन पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि एक साल बाद दुनिया रूस के हमले को दूसरी तरह से नहीं देखेगी. हम लोकतंत्र और संप्रभुता और लोगों के आक्रामकता से मुक्त रहने के अधिकार के लिए खड़े हैं. इस हफ्ते रूस के खिलाफ और प्रतिबंधों की घोषणा की जाएगी. मानवता के खिलाफ अपराध और रूस द्वारा किए गए युद्ध अपराधों को दंडित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका के यूक्रेन के साथ हमेशा खड़ा रहेगा.</p>
<p>बाइडेन ने कहा कि वह युद्ध से पैदा हुए लाखों शरणार्थियों के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा कि उनके सबसे बुरे क्षणों में, पोलैंड ने शरणार्थियों को सुरक्षा की पेशकश की. हम साथ मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि रूस अपने दुर्व्यवहार की कीमत चुकाए.</p>
<p>अपनी बात जारी रखते हुए बाइडेन ने कहा कि यूरोपीय संघ ने यूक्रेन के लिए अभूतपूर्व समर्थन के साथ कदम बढ़ाया है. पुतिन ने दुनिया को भूखा रखने और वैश्विक खाद्य संकट को बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन इसके बजाय अमेरिका और जी7 ने संकट को दूर करने और वैश्विक खाद्य आपूर्ति को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ जवाब दिया.</p>
<p>उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी इस मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पूरे अफ्रीका की यात्रा कर रही हैं. पुतिन के आक्रमण के एक साल बाद भी यूक्रेन स्वतंत्र और आजाद है. यूक्रेन का झंडा गर्व से फहराता है और यूक्रेन अभी भी स्वतंत्र और लोकतंत्र है. युद्ध एक त्रासदी है और पुतिन युद्ध को समाप्त कर सकते थे. हम साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यूक्रेन अपनी रक्षा कर सके.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/rar-increased-in-russia-america-biden-retaliated-on-putin-made-this-big-announcement						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/rar-increased-in-russia-america-biden-retaliated-on-putin-made-this-big-announcement</guid>
					<pubDate>Wed, 22 Feb 2023 10:28:48 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[यूक्रेन से युद्ध के साथ-साथ रूस ने इन देशों सहित भारत से भी सहयोग और व्यापार बढ़ाने के लिए कही ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने शुक्रवार (24 फरवरी) को यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के एक साल पूरा होने से पहले मंगलवार को देश को संबोधित किया. इस दौरान पुतिन ने पश्चिमी देशों की आलोचना की और युद्ध भड़काने का आरोप लगाया. राजधानी मॉस्को के गोस्टिवनी डावर हॉल में अपने भाषण के दौरान पुतिन ने भारत का भी जिक्र किया और एक अहम ऐलान किया. पुतिन ने कहा कि रूस आगे भी भारत के साथ अपने सहयोग और व्यापार को बढ़ाना जारी रखेगा.</p>
<p><strong>रूस विकसित कर रहा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर</strong></p>
<p>रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने कहा कि रूस व्यपार को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर (INSTC) विकसित कर रहा है, जिससे भारत के अलावा ईरान और पाकिस्तान के साथ-साथ पश्चिम एशियाई देशों के साथ व्यापार सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे. पुतिन ने यह भी कहा कि रूस आशाजनक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों का विस्तार करेगा. इसके साथ ही पुतिन ने कहा कि रूस नए आपूर्ति कॉरिडोर का निर्माण करेगा, क्योंकि अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों ने यूक्रेन युद्ध के लिए रूस के खिलाफ कठोर प्रतिबंध लगाए हैं.</p>
<p><strong>'कॉरिडोर से व्यापार सहयोग के नए मार्ग खुलेंगे'</strong></p>
<p>‘फेडरल एसेंबली’ में राष्ट्र के नाम एक घंटे 45 मिनट के संबोधन में व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने कहा, 'हम काला सागर और अजोव सागर के बंदरगाहों को विकसित करेंगे. हम इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर (INSTC) पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करेंगे.' पुतिन ने कहा कि यह कॉरिडोर भारत के अलावा ईरान, पाकिस्तान के साथ-साथ पश्चिम एशियाई देशों के साथ व्यापार सहयोग के नए मार्ग खोलेगा.</p>
<p><strong>पुतिन ने चीन को लेकर भी किया बड़ा ऐलान</strong></p>
<p>व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने कहा, 'राष्ट्र, क्षेत्रों और स्थानीय व्यवसायों को किन क्षेत्रों में अपनी साझेदारी के काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए? सबसे पहले, हम आशाजनक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों का विस्तार करेंगे.' उन्होंने आगे कहा, 'मास्को-कजान राजमार्ग को येकातेरिनबर्ग, चेल्याबिंस्क और टूमेन तक और भविष्य में इरकुत्स्क और व्लादिवोस्तोक तक तथा संभवतः कजाकिस्तान, मंगोलिया और चीन तक विस्तारित करने का निर्णय लिया जा चुका है, जो विशेष रूप से दक्षिण पूर्व एशिया के बाजार के साथ रूस के आर्थिक संबंधों का विस्तार करेगा.'</p>
<p><strong>क्या है इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर?</strong></p>
<p>इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर (INSTC) भारत, ईरान, अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, रूस, मध्य एशिया और यूरोप के बीच माल ढुलाई के लिए 7,200 किलोमीटर लंबी परिवहन परियोजना है. आईएनएसटीसी रूस और यूरोप तक पहुंचने और मध्य एशियाई बाजारों में प्रवेश करने के लिए माल के आयात-निर्यात में लगने वाले समय को कम करने की भारत की दृष्टि और पहल है.</p>
<p>अक्टूबर 2021 में आर्मेनिया में येरेवन की यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) ने प्रस्ताव दिया कि ईरान में रणनीतिक चाबहार बंदरगाह को उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे में शामिल किया जाए, जिसमें संपर्क बाधाओं को पाटने की क्षमता है. ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में चाबहार बंदरगाह भारत के पश्चिमी तट से आसानी से पहुंचा जा सकता है. चाबहार को लगभग 80 किमी की दूरी पर स्थित पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह के मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/along-with-the-war-with-ukraine-russia-said-this-to-increase-cooperation-and-trade-with-india-includ						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/along-with-the-war-with-ukraine-russia-said-this-to-increase-cooperation-and-trade-with-india-includ</guid>
					<pubDate>Wed, 22 Feb 2023 10:24:32 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इस खबर से पाकिस्तान में हलचल, सामने आए चालू खाते के घाटे के चौंकाने वाले आंकड़े]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान इन दिनों आर्थिक संकट से गुजर रहा है. पाकिस्तान में महंगाई काफी बढ़ गई है, जिसके कारण वहां के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान में महंगाई चरम पर होने के कारण लोगों को खाने-पीने की भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में पाकिस्तान को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है. वहीं इस खबर से पाकिस्तान में हलचल जरूर देखने को मिल सकती है. दरअसल पाकिस्तान के चालू खाते के घाटे के आंकड़े सामने आए हैं, जो कि काफी चौंकाने वाले हैं.</p>
<p><strong>पाकिस्तान</strong></p>
<p>नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान का चालू खाते का घाटा (कैड) जनवरी में 90.2 प्रतिशत घटकर 24 करोड़ डॉलर रह गया, जो पिछले साल समान महीने में 2.47 अरब डॉलर था. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी. इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने एक ट्वीट भी किया, जिसमें पूरी जानकारी दी गई थी.</p>
<p><strong>आयात पर प्रतिबंध</strong></p>
<p>केंद्रीय बैंक ने ट्विटर पर एक संक्षिप्त बयान में कहा कि चालू खाते का घाटा जनवरी, 2023 में 24 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया, जबकि जनवरी, 2022 में यह 2.5 अरब डॉलर था. दिसंबर में चालू खाते का घाटा 29 करोड़ डॉलर रहा था. समाचार पत्र ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह घाटा ऐसे समय में दर्ज किया गया है, जब भुगतान संकट के कारण आयात पर प्रतिबंध जारी है, जिससे देश दिवालिया होने के कगार पर आ गया है.</p>
<p><strong>पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था</strong></p>
<p>बता दें कि पाकिस्तान फिलहाल नकदी संकट का सामना कर रहा है. वहीं पाकिस्तान की बदहाली की तस्वीर बयां करते हुए कई वीडियो और तस्वीर आए दिन सामने आ रही हैं. पाकिस्तान की सरकार अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से मदद की गुहार भी लगा रही है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/there-was-a-stir-in-pakistan-due-to-this-news-shocking-figures-of-current-account-deficit-came-to-th						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/there-was-a-stir-in-pakistan-due-to-this-news-shocking-figures-of-current-account-deficit-came-to-th</guid>
					<pubDate>Tue, 21 Feb 2023 02:16:49 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सऊदी अरब के प्रिंस के ड्रीम प्रोजेक्ट की मुसलमान कर रहे आलोचना, वजह जान यकीन नहीं करेंगे आप]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) राजधानी रियाद के सेंटर में New Murabba नाम के हाईटेक शहर का निर्माण कराने जा रहे हैं. यह उनके ड्रीम प्रोजेक्ट विजन 2030 का हिस्सा है. इस प्रस्तावित शहर का सऊदी अरब की सरकार ने वीडियो भी जारी किया है, जिसमें इस हाईटेक सिटी की खासियतें और बड़ी इमारत Mukaab के बारे में बताया गया है. लेकिन इस इमारत के ढांचे पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं. खासकर मुसलमान इसे देखकर बहुत गुस्से में हैं और सऊदी अरब सरकार की निंदा कर रहे हैं. </p>
<p>लोगों का तर्क है कि मुकाब की इस बिल्डिंग की संरचना मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थल काबा से मिलती है. अरबी भाषा में मुकाब और काबा का मतलब एक ही है- घनाकार आकृति. कुछ लोगों ने तो सोशल मीडिया पर ये भी लिख दिया कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस अपने लिए अलग काबा का निर्माण कर रहे हैं, जो एंटरटेनमेंट के लिए है. मोहम्मद बिन सलमान ने गुरुवार को ही न्यू मुरब्बा डेवलपमेंट कंपनी के लॉन्च का ऐलान किया था. इसके तहत रियाद में दुनिया की सबसे हाईटेक सिटी बनाई जानी है.</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया कि मुरब्बा नाम के इस शहर में एक डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, संग्रहालय, बड़ा थियेटर और बाकी एंटरटेनमेंट और कल्चरल सेंटर्स होंगे. यहां पैदल चलने के लिए रास्ते बनाए जाएंगे और हरियाली का विशेष ध्यान रखा जाएगा. </p>
<p><strong>क्या हैं खासियतें</strong></p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि मुकाब नाम की यह विशालकाय इमारत मील का पत्थर साबित होगी. इसमें सभी तरह की तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. यह 400 मीटर लंबी, 400 मीटर चौड़ी और 400 मीटर ऊंची होगी. यह न्यूयॉर्क की एम्पायर स्टेट बिल्डिंग जैसी 20 बिल्डिंगों के बराबर होगी. इसके सेंटर में एक बड़ा सर्पिल टावर का भी निर्माण कराया जाएगा.</p>
<p>सऊदी प्रिंस के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी सॉवरेन वेल्थ फंड, पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड की है. इसको विजन 2030 को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है. माना जा रहा है कि इससे सऊदी अरब की इकोनॉमी को 50 अरब डॉलर का मुनाफा होगा. इससे तीन लाख 34 हजार डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियां मिलेंगी. </p>
<p><strong>लोग कर रहे आलोचना</strong></p>
<p>सऊदी प्रिंस के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की मुसलमान जमकर आलोचना कर रहे हैं. प्रोफेसर डॉ मुहम्मद अल-हचिमी अल-हमीदी ने ट्वीट कर लिखा, 'क्या रियाद में मोहम्मद बिन सलमान खुद का काबा बना रहे हैं? इस डिजाइन को उन्होंने अपने नए प्रोजेक्ट के लिए तय किया है...इसका मतलब यह एंटरटेनमेंट का नया काबा है.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/muslims-are-criticizing-the-dream-project-of-the-prince-of-saudi-arabia-you-will-not-believe-the-rea						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/muslims-are-criticizing-the-dream-project-of-the-prince-of-saudi-arabia-you-will-not-believe-the-rea</guid>
					<pubDate>Tue, 21 Feb 2023 00:10:43 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इमरान खान को हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, जमानत याचिका की मंजूर]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान में बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल रहा है. पाकिस्तान निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर हिंसक प्रदर्शन से जुड़े केस में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जमानत पर बड़ी बहस छिड़ी हुई है. इस बीच मामले की सुनवाई करते हुए इमरान खान की जमानत याचिका मंजूर कर ली है. वहीं, एक अन्य मामले में कोर्ट ने अभी फैसला नहीं सुनाया है. फैसला नहीं आने तक इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर कयास जोरों पर थे. इमरान खान जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए लाहौर उच्च न्यायालय जब पहुंचे तो उनके साथ समर्थकों की भारी भीड़ थी. काफी देर बाद वे कोर्ट परिसर में पहुंच सके. भीड़ के चलते कोर्ट को सुनवाई कुछ देर के लिए रोकनी भी पड़ी. इमरान के पहुंचने के बाद कोर्ट में सुनवाई शुरू हो सकी. लाहौर कोर्ट के बाहर बड़ी तादाद में इमरान के समर्थक मौजूद हैं.</p>
<p>बता दें कि पिछले साल निषिद्ध वित्तपोषण मामले में खान (70) को निर्वाचन आयोग द्वारा अयोग्य घोषित किये जाने के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था. पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के अनुसार, मामले में अपनी जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए खान के अदालत में पेश होने की संभावना है. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति तारिक सलील शेख कर रहे हैं.</p>
<p>सुनवाई से पहले उच्च न्यायालय के मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. इस्लामाबाद स्थित एक आतंकवाद रोधी अदालत ने पिछले हफ्ते मामले में उनकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/high-court-gives-big-relief-to-imran-khan-bail-plea-approved						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/high-court-gives-big-relief-to-imran-khan-bail-plea-approved</guid>
					<pubDate>Tue, 21 Feb 2023 00:00:58 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन ने जिसे दोस्त बनाया वही हुआ कंगाल, जाने पाकिस्तान का हाल और भारत की चेतावनी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान (Pakistan) इस वक्त गंभीर आर्थिक संकट (Economic Crisis) से जूझ रहा है. उसकी इकोनॉमी डिफॉल्ट की तरफ बढ़ रही है. अब उसका पक्का दोस्त चीन (China) भी उसको नहीं बचा सकता है. अब तो लोग पाकिस्तान की आर्थिक रूप से बर्बादी के लिए चीन को दोष दे रहे हैं. कहा जा रहा है कि चीन के पाकिस्तान में CPEC प्रोजेक्ट की वजह से उसकी लुटिया डूबी है. अगर सीपीईसी नहीं होता तो शायद पाकिस्तान की माली हालत इतनी ज्यादा खराब नहीं होती. चीन का ये प्रोजेक्ट पाकिस्तान में बुरी तरह फेल हो गया. सीपीईसी पर अरबों डॉलर खर्च हो चुके हैं और इसके बावजूद पाकिस्तान बड़ा कर्जदार बन गया है. इसका कोई अच्छा नतीजा नहीं निकला है. भारत ने भी इसको लेकर पाकिस्तान को चेतावनी दी थी, लेकिन पाकिस्तान नहीं माना और अब बर्बादी की कगार पर खड़ा है.</p>
<p><strong>पाकिस्तान का सपना चकनाचूर!</strong></p>
<p>बता दें कि सीपीईसी, चीन के महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) प्रोजेक्ट का फ्लैगशिप प्रोजक्ट है. जिस वक्त पाकिस्तान में सीपीईसी की शुरुआत चीन ने की थी तब उसने वहां के लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे. यहां तक कहा गया था कि ग्वादर, दुबई बन जाएगा. पाकिस्तान का निर्यात कई गुना तक बढ़ जाएगा. इतनी कमाई होगी कि पाकिस्तान का सब कर्ज उतर जाएगा. नौकरियों की भरमार होगी, लेकिन हुआ बिल्कुल इसका उलटा. पाकिस्तान इस वक्त गंभीर आर्थिक संकट से घिरा हुआ है.</p>
<p><strong>लोन चुकाने के लिए लोन तलाश रहा पाकिस्तान</strong></p>
<p>जान लें कि साल 2013 में पाकिस्तान में सीपीईसी की शुरुआत हुई थी. इस प्रोजेक्ट पर अब तक 62 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं. पाकिस्तान को चीन का 30 अरब डॉलर कर्ज चुकाना है. वहीं, उसका टोटल कर्ज 126 अरब डॉलर है. पाकिस्तान पर आईएमएफ, एशियन डेवलपमेंट बैंक और विश्व बैंक का भी कर्ज है. पाकिस्तान की हालत ये हो गई है कि वह अपने पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नए लोन तलाश रहा है.</p>
<p><strong>भारत ने दी थी नसीहत</strong></p>
<p>गौरतलब है कि चीन ने भारत को भी अपने बीआरआई प्रोजेक्ट में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन भारत ने साफ मना कर दिया था. उस वक्त भारत ने पाकिस्तान समेत बाकी देशों को भी चीन की चाल के बारे में चेताया था और अब ऐसा ही हो रहा है. चीन, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे देशों को अपने कर्ज के जाल में फंसा चुका है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-one-whom-china-made-friend-became-poor-know-the-condition-of-pakistan-and-indias-warning						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/the-one-whom-china-made-friend-became-poor-know-the-condition-of-pakistan-and-indias-warning</guid>
					<pubDate>Sun, 19 Feb 2023 10:34:38 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[हिजाब को लेकर मौलवी ने दिया विवादित बयान, कहा-गर्मी में तो ये कपड़े उतार देंगी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>इन दिनों में ईरान में हिजाब प्रोटेस्‍ट चल रहा है. वहां पर कुछ महिलाएं हिजाब न पहनने की मांग कर रही हैं. इसी संबंध में 22 साल की महसा अमीनी की मौत भी हो चुकी है. उसके बाद से ही इस प्रोटेस्‍ट में ज्‍यादा इजाफा हो गया था. वहां पर आज भी कई मौलवी का कहना है कि हिजाब कानून रहना चाहिए. इस मामले में इमाम और मौलवियों ने हदें पार कर दी हैं. एक मौलवी तो यह कह चुका है कि अगर इन्‍होंने अभी हिजाब नहीं पहना तो गर्मी में ये कपड़े उतार देंगी. वहीं एक इमाम कहता है कि इनकी वजह से बारिश नहीं हुई.   </p>
<p><strong>ये कैसे बयान दे दिया </strong></p>
<p>मौलवी ने ऐसा बयान दे दिया है. वह ईरान ही नहीं पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन चुका है. उनका कहना है कि लोगों को गलत तरीके से हिजाब पहनने वाली महिलाओं को अलर्ट करना चाहिए और उनके खिलाफ चुपचाप नहीं बैठना चाहिए. नहीं तो, वे महिलाएं और लड़कियां गर्मियों में बिना कपड़ों के सड़कों पर आ जाएंगी. आपको बता दें कि ईरान में 22 साल की महसा अमीनी की मौत के बाद से ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. कुछ लड़कियों को गलत तरीके से हिजाब पहनने पर गिरफ्तार कर लिया गया था. अमीनी के समर्थन में आकर कई महिलाओं ने भी हिजाब पहनना बंद कर दिया था और वे रूढ़िवादी नियमों के खिलाफ खुलकर विरोध कर रही हैं और उन नियमों को तोड़ भी रही हैं. </p>
<p><strong>हिजाब नहीं पहना इसलिए बारिश नहीं हुई? </strong></p>
<p>आपने जो पढ़ा सही पढ़ा. हम आपको एक बार और बता रहे हैं कि महिलाओं ने हिजाब नहीं पहना इसलिए बारिश नहीं हुई. ये बात हम नहीं कह रहे हैं. पिछली महीने ईरान के एक इमाम ने यह बात कही थी. उन्‍होंने ईरान में कम बारिश होने के वजह हिजाब को बताया था. उन्‍होंने महिलाओं को दोषी ठहराते हुए कहा था कि इनकी वजह से ईरान में जल संकट आ गया है. इसके अलावा ईरान के सुप्रीम लीडर के करीबी मोहम्मद-मेहदी हुसैनी हमदानी ने भी कुछ ऐसा  ही बयान दिया था. उन्‍होंने कहा था कि हिजाब के नियमों को तोड़कर महिलाओं ने देश भर में बारिश की कमी पैदा कर दी है. इमाम का कहना है कि जो महिलाएं हिजाब नहीं पहनती हैं, उन्हें सजा होनी चाहिए.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/maulvi-gave-a-controversial-statement-regarding-hijab-said-she-will-take-off-her-clothes-in-summer						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/maulvi-gave-a-controversial-statement-regarding-hijab-said-she-will-take-off-her-clothes-in-summer</guid>
					<pubDate>Wed, 15 Feb 2023 01:34:22 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[यूक्रेन का साथ देने पर इस देश के खिलाफ रूस ने की तख्तापलट की साजिश]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>माल्दोवा ने मंगलवार को अस्थायी रूप से अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया. यूक्रेन का साथ देने वाले इस छोटे पूर्वी यूरोपीय देश के राष्ट्रपति ने रूस पर अपनी सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. रूस ने राष्ट्रपति मैया सैंडू के आरोपों का खंडन किया. मैया सैंडू ने फरवरी 2022 में मास्को पर यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से पूर्व सोवियत गणराज्य के प्रति रूस के इरादों के बारे में बार-बार चिंता व्यक्त की है. हवाई क्षेत्र को लेकर माल्दोवा विमानन प्राधिकरण ने कुछ देर बाद जानकारी दी कि दक्षिण पश्चिम यूक्रेन में रूसी ड्रोन गतिविधि की सूचना के बाद माल्दोवा के हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया था, अब इसे खोल दिया गया है.</p>
<p>रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक चिसिनाउ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सुरक्षा चिंताओं के कारण बंद किया गया. माल्दोवा की मुख्य एयरलाइन एयर मोल्दोवा ने फेसबुक पर यात्रियों के नाम एक संदेश भी जारी किया. इसमें कहा गया है कि प्रिय यात्रियों, इस समय माल्दोवा गणराज्य का हवाई क्षेत्र बंद है. हम उड़ानों के फिर से शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं.</p>
<p>रूसी समाचार एजेंसी आरआईए ने कहा कि हवाईअड्डे ने पुष्टि की है कि उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. इसपर माल्दोवा की सरकार ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की. यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि पिछले हफ्ते उनके देश ने "माल्दोवा के विनाश के लिए" एक रूसी खुफिया योजना का पर्दाफाश किया था. कुछ दिनों बाद माल्दोवा की सरकार ने इस्तीफा दे दिया.</p>
<p>माल्दोवा ने पिछले शुक्रवार को कहा कि एक रूसी मिसाइल ने यूक्रेनी बुनियादी ढांचे पर हमले के दौरान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया. जिसके बाद इस रूस के इस कदम को लेकर रूसी राजदूत को समन भी किया गया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/russia-has-planned-a-coup-against-this-country-for-supporting-ukraine						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/russia-has-planned-a-coup-against-this-country-for-supporting-ukraine</guid>
					<pubDate>Wed, 15 Feb 2023 01:26:52 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[न्यूजीलैंड में बाढ़ और भूस्खलन के बाद चक्रवाती तूफान ने मचाई तबाही, लगा आपातकाल]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>न्यूजीलैंड में बाढ़ और भूस्खलन के बाद एक और मुसीबत आने वाली है, जिसे देखते हुए न्यूजीलैंड सरकार ने मंगलवार को राष्ट्रीय आपातकाल (National State of Emergency) की घोषणा कर दी. दरअसल, न्यूजीलैंड में गेब्रियल चक्रवाती तूफान (Cyclone Gabriel) का खतरा मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए सरकार ने आपातकाल लगा दिया है. चक्रवात की वजह से न्यूजीलैंड के नॉर्थलैंड, ऑकलैंड, हॉक्स बे, वाइकाटो, बे ऑफ प्लेंटी और ताइराविटीमें पहले से ही आपातकाल लागू हैं.</p>
<p><strong>इतिहास में तीसरी बार न्यूजीलैंड में राष्ट्रीय आपातकाल</strong></p>
<p>न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, न्यूजीलैंड के इतिहास में यह तीसरी बार है, जब देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की गई है. इससे पहले साल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान न्यूजीलैंड में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की गई थी. जबकि न्यूजीलैंड में पहला राष्ट्रीय आपातकाल साल 2019 में क्राइस्टचर्च आतंकी हमले के दौरान लगाया गया था.</p>
<p><strong>तूफान और बारिश की वजह से 40 हजार घरों में बिजली गुल</strong></p>
<p>चक्रवाती तूफान गेब्रियल ((Cyclone Gabriel)) की वजह से न्यूजीलैंड को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है और उत्तरी द्वीप में बड़े पैमाने पर बाढ़ के बाद भूस्खलन हुआ है. तूफान की वजह से तेज समुद्री लहरें उमड़ रही हैं और कई इलाकों में भारी बारिश हई है. बारिश और तेज हवाओं की वजह से न्यूजीलैंड में करीब 40 हजार से ज्यादा घरों में बिजली गुल हो गई है. खतरे को देखते हुए प्रशासन ने न्यूजीलैंड आने और यहां जाने वाली सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी है.</p>
<p><strong>न्यूजीलैंड में सोमवार को आया था 6.1 तीव्रता का भूकंप</strong></p>
<p>चक्रवाती तूफान गेब्रियल (Cyclone Gabriel) के खतरे के बीच न्यूजीलैंड में केरमाडेक द्वीप में सोमवार को 09:18:07 जीएमटी पर 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने यह जानकारी देते हुए बताया कि भूकंप का केंद्र 374.033 किमी की गहराई के साथ शुरू में 29.5218 डिग्री दक्षिण अक्षांश और 177.9727 डिग्री पश्चिम देशांतर पर निर्धारित किया गया. हालांकि, भूकंप से किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/after-flood-and-landslide-in-new-zealand-cyclonic-storm-caused-havoc-emergency-imposed						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/after-flood-and-landslide-in-new-zealand-cyclonic-storm-caused-havoc-emergency-imposed</guid>
					<pubDate>Wed, 15 Feb 2023 01:22:21 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन के जिस जासूसी गुब्बारों को अमेरिका ने मार गिराया था वह गुब्बारा नहीं था]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अमेरिका द्वारा हवा में मार गिराए जाने वाले चीन के जासूसी गुब्बारों को लेकर अब नए तरह के सवाल उठने लगे हैं. इन सवालों ने अमेरिका की टेंशन बढ़ा दी है. दरअसल, इस टेंशन की वजह ये है कि 9 फरवरी को गुब्बारों को उड़ाने के मकसद से उड़े अमेरिकी फाइटर जेट, जब हवा में थे तो उन्हें कुछ ऐसा नजर आया, जो गुब्बारा नहीं था. वो एक UFO यानी अनआईडेंटीफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट (Unidentified flying object) था.</p>
<p>यूएफओ (UFO) को अक्सर हम एलियन तकनीक मानते हैं. UFO जब आसमान में दिखता है तो ये चर्चा आम हो जाती है कि क्या हमारी पृथ्वी से अलग किसी ग्रह में भी, जीवन है? हालांकि अक्सर एलियन को लेकर होने वाली चर्चा शांत हो जाती है. फिर अचानक एक दिन दोबारा कोई  UFO नजर आता है और फिर से एलियन वाली चर्चा शुरू हो जाती है. अमेरिका के साथ यही हो रहा है. पिछले कुछ दिनों में अमेरिका के फाइटर जेट 3 UFO को मार गिरा चुके हैं.</p>
<p>UFO का मिलना और अमेरिकी फाइटर जेट के साथ भिड़ंत की ये खबर पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है. विज्ञान के जानकार UFO को एलियन से जोड़कर नहीं देखते हैं, लेकिन अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने ये बात साफ शब्दों में कही कि फाइटर जेट ने कोई गुब्बारा नहीं गिराया है, बल्कि एक खास ऑब्जेक्ट यानी चीज थी. मतलब ये है कि अमेरिका भी अभी साफ तौर पर नहीं कह सकता कि उड़ रहा विमान किस तकनीक से उड़ रहा था, या फिर वो क्या था.</p>
<p><strong>अमेरिका में दिखे कई यूएफओ</strong></p>
<p>एक फरवरी को अमेरिका को मॉन्टाना में चीन का जासूसी गुब्बारा मिलने की जानकारी मिली थी. इसके बाद 4 फरवरी को अमेरिकी फाइटर जेट ने दक्षिण कैरोलीना में चीन का जासूसी गुब्बारा मार गिराया. इसके बाद से ही अमेरिकी फाइटर जेट मुस्तैद थे.</p>
<p>इसके बाद 9 फरवरी को पता चला कि अलास्का में एक UFO दिखाई दिया है. पहले इसे गुब्बारा ही माना गया, लेकिन बाद में पता चला कि ये गुब्बारा नहीं है. इसके बाद 10 फरवरी को अलास्का में दिखे UFO को मार गिराया गया. 11 फरवरी को कनाडा के यूकॉन में एक दूसरा UFO दिखाई दिया. इसे भी फाइटर जेट ने मार गिराया. इसके अगले दिन 12 फरवरी को अमेरिका के ग्रेट लेक्स पर तीसरा UFO दिखाई दिया, इसको भी तुरंत मार गिराया गया.</p>
<p><strong>20 हजार फीट की ऊंचाई पर गुब्बारा नहीं उड़ सकता</strong></p>
<p>एक के बाद एक UFO के मिलने से अमेरिका ही नहीं, दुनिया के कई देश हैरान हैं. वजह ये है कि 20 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रही वो 'चीज़' कोई गुब्बारा नहीं थी. इस चीज से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. जिस ऑब्जेक्ट को फाइटर जेट ने मार गिराया वो 20 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था. आमतौर पर 20 से 30 हजार फीट की ऊंचाई पर हवाई जहाज उड़ते हैं. यानी UFO हमारी पृथ्वी के एरियल रूट पर था.</p>
<p>दूसरी रोचक बात ये है कि ये विमान का आकार अष्टकोणीय यानी Octagonal था. आपने आजतक कभी कोई भी विमान Octagonal आकार का नहीं देखा होगा. क्योंकि ऐसा कोई भी विमान या ड्रोन आजतक बना ही नहीं है.</p>
<p>तीसरी रोचक बात ये है कि ये Octagonal UFO बेलनाकार आकार का था. देखा जाए तो एयरोडायनमिक्स के हिसाब से Octagonal Prism की कोई चीज़ 20 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरे, ऐसी तकनीक फिलहाल किसी देश के पास नहीं है. ये एक बड़ी वजह है कि इसे एलियन तकनीक कहा जा रहा है.</p>
<p><strong>नहीं मिला कोई मलबा</strong></p>
<p>ये पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने माना हो कि उनके आसमान में UFO देखे गए हैं. हलांकि ये पहली बार है जब अमेरिकी फाइटर जेट ने UFO को मार गिराया हो. अभी तक 3 UFO मार गिराने का दावा किया गया है, लेकिन किसी का भी मलबा नहीं मिला है. इसलिए ये कहना अभी मुश्किल है कि जो चीज़ UFO बताई जा रही थी वो असलियत में क्या थी.</p>
<p><strong>अमेरिका में दिखे 510 यूएफओ</strong></p>
<p>आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन अमेरिका में काफी बड़ी संख्या में UFO दिखाई देते हैं. इसी साल जनवरी में  यूएस इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले 17 सालों में UFO दिखाई देने की 510 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं. ये वो घटनाएं हैं, जिनके बारे में अमेरिका को मालूम है, लेकिन इसकी पूरी जानकारी उनके पास नहीं है. यानी उन्हें नहीं पता कि ये UFO कहां से आए और कहां चले गए. इन UFO दिखाई देने कि इस 510 घटनाओं 163 गुब्बारे थे, 26 ड्रोन निकले और 171 ऐसे UFO थे जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं है. </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-chinese-spy-balloon-shot-down-by-the-us-was-not-a-balloon						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/the-chinese-spy-balloon-shot-down-by-the-us-was-not-a-balloon</guid>
					<pubDate>Wed, 15 Feb 2023 00:22:35 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इस देश में मिला कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक वायरस, मृत्यु दर है 88 फीसदी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ, तब तक अफ्रीकी देश इक्वेटोरियल गिनी (Equatorial Guinea) में एक नए वायरस ने दस्तक दे दी है. मारबर्ग वायरस (Marburg Virus) के संक्रमण से अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और यह कोविड-19 (Covid-19) से भी ज्यादा खतरनाक है.</p>
<p><strong>इबोला वायरस की तरह हैं मारबर्ग वायरस के लक्षण</strong></p>
<p>इक्वेटोरियल गिनी (Equatorial Guinea) में मिले मारबर्ग वायरस (Marburg Virus) के लक्षण इबोला वायरस (Ebola Virus) की तरह हैं और बड़ी संख्या में लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं. मारबर्ग वायरस के आम लक्षणों में मरीज को बुखार और छाती में दर्द की समस्या रहती है. यह इतना खतरनाक है कि समय पर इलाज नहीं मिलने पर मरीज की मौत भी हो सकती है.</p>
<p><strong>WHO ने जारी की चेतावनी</strong></p>
<p>मारबर्ग वायरस (Marburg Virus) मिलने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी जारी की है और लोगों को सावधान रहने का निर्देश दिया है. डब्ल्यूएचओ के बयान के अनुसार, संक्रमित लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, आइसोलेट करने और बीमारी के लक्षण दिखाने वाले लोगों के इलाज और देखभाल करने के लिए प्रभावित जिलों में एडवांस टीमों को तैनात किया गया है.</p>
<p><strong>88 फीसदी तक हो जा सकती है मृत्यु दर</strong></p>
<p>मारबर्ग वायरस (Marburg Virus) काफी ज्यादा खतरनाक है और इसके संक्रमण के बाद मृत्यु दर 88 फीसदी तक जा सकती है. डब्लूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. मातशिदिसो मोइती ने बताया कि मारबर्ग वायरस का संक्रमण तेजी से फैलता है. वायरस के प्रसार को रोकने के लिए डब्ल्यूएचओ ने स्वास्थ्य आपातकाल विशेषज्ञ, संक्रमण को फैलने से रोकने वाली टीमें, लैब और कम्यूनिकेशन सपोर्ट सिस्टम को तैनात कर दिया है.</p>
<p><strong>चमगादड़ों से इंसानों में फैला मारबर्ग वायरस</strong></p>
<p>मारबर्ग वायरस (Marburg Virus) चमगादड़ों से इंसानों में फैला है. इसके बाद संक्रमित मरीज, सतहों और सामग्रियों के शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क के माध्यम से इंसानों से इंसानों में फैल रहा है. अब तक इस वायरस के इलाज के लिए कोई टीका या उपचार नहीं मिला है, हालांकि, समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/more-dangerous-virus-than-corona-found-in-this-country-death-rate-is-88-percent						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/more-dangerous-virus-than-corona-found-in-this-country-death-rate-is-88-percent</guid>
					<pubDate>Wed, 15 Feb 2023 00:10:23 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इमरान का दावा, पाकिस्तानी तालिबान सदस्य उनकी हत्या की कर रहे तैयारी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>तहरीक ए इंसाफ पार्टी के मुखिया और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने दावा किया है कि पाकिस्तानी तालिबान (TTP) उनके हत्या की साजिश रच रहा है. इमरान खान ने कहा है कि वजीरिस्तान (Waziristan) के पाकिस्तानी तालिबान सदस्य उनकी हत्या की तैयारी कर रहे हैं. आपको बता दें कि प्रतिबंधित संगठन पाकिस्तानी तालिबान (Pakistani Taliban) ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Former Prime Minister Imran Khan) के इस दावे को खारिज किया है कि संगठन के दक्षिण वजीरिस्तान (South Waziristan) प्रांत के सदस्य उनकी हत्या की योजना बना रहे हैं.</p>
<p><strong>संगठन ने इमरान के दावे को किया खारिज</strong></p>
<p>तहरीक-ए-तालिबान (Tehreek-e-Taliban) (टीटीपी-पाकिस्तानी तालिबान) ने इस पर जोर दिया है कि उसकी लड़ाई पाकिस्तान के सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के खिलाफ है और वह किसी राजनेता के खिलाफ नहीं है. पाकिस्तानी तालिबान ने बुधवार को एक बयान जारी करके कहा है कि हमें सूचना मिली है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (Tehreek-e-Insaf) के प्रमुख ने पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ताओं के साथ एक बैठक में दावा किया है कि टीटीपी उनकी हत्या की योजना बना रही है और इसे अंजाम देने की जिम्मेदारी दक्षिण वजीरिस्तान के लोगों को दी गई है. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रवक्ताओं के साथ बैठक में 70 वर्षीय खान ने कहा कि उनके हत्या की साजिश की जा रही है और दक्षिण वजीरिस्तान के दो लोगों को उनकी हत्या का जिम्मा सौंपा गया है.</p>
<p><strong>इमरान पर पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला</strong></p>
<p>आपको बता दें कि दक्षिण वजीरिस्तान कबालाई जिले को तहरीक-ए-तालिबान (TTP) का गढ़ माना जाता है और संगठन ने खान के दावे को खारिज करने के लिए बयान जारी किया है. गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में मध्यावधि चुनाव की घोषणा के लिए दबाव बनाने के लक्ष्य से निकाली जा रही यात्रा के दौरान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख खान पर गोलीबारी की गई थी, उन्हें पैर में गोली भी लगी थी. इस दौरान इमरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/imran-claims-pakistani-taliban-members-are-preparing-to-kill-him						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/imran-claims-pakistani-taliban-members-are-preparing-to-kill-him</guid>
					<pubDate>Fri, 10 Feb 2023 11:51:52 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन जिन देशों से लेता है पंगा, उन्ही देशों में फैला रखा है कमाई का धन्दा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पिछले कुछ सालों में चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को इतना बड़ा कर लिया है कि वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. मौजूदा समय में टेक्नोलॉजी के मामले में चीन अमेरिका को टक्कर दे रहा है. आपको जानकर हैरानी होगी कि चीन सालभर में जितना निर्यात करता है, वह दुनियाभर के अधिकतर देशों के सालाना बजट से भी ज्यादा होता है. ज्यादातर लोगों को लगता है कि चीन का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी अमेरिका है लेकिन जब व्यापारिक भागीदारी की बात आती है तब चीन अमेरिका से सबसे ज्यादा व्यापार करता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि अमेरिका के साथ चीन 759.4 अरब डॉलर तक का व्यापार कर चुका है.</p>
<p>अमेरिका के बाद चीन दक्षिण कोरिया के साथ सबसे ज्यादा व्यापार करता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि दक्षिण कोरिया के साथ चीन ने 362.2 अरब डॉलर का व्यापार किया था. जापान और चीन के बीच टेक्नोलॉजी को लेकर अक्सर प्रतिद्वंदी नेचर देखने को मिलता है लेकिन आपको बता दें कि जापान तीसरा ऐसा मुल्क है जिसके साथ चीन सबसे ज्यादा व्यापार करता है. जापान और चीन के व्यापार की बात की जाए तो यह सलाना 357.4 अरब डॉलर का है.</p>
<p>हाल ही में ताइवान और चीन के बीच युद्ध होने की आशंका जताई जा रही थी. हालांकि यह बात सच है कि चीन के सैन्य ताकत के आगे ताइवान कहीं भी नहीं ठहरता है. फिर भी ताइवान अपने वजूद की लड़ाई चीन के सामने लड़ता रहता है. ताइवान में नैंसी पेलोसी के दौरे के बाद चीन-ताइवान के बीच टेंशन और बढ़ गई थी लेकिन व्यापारिक संबंधों की बात की जाए तो ताइवान चौथा ऐसा मुल्क है जिसके साथ चीन सबसे ज्यादा व्यापार करता है. चीन और ताइवान के बीच सालाना 319.7 अरब डॉलर का है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-business-of-earning-has-been-spread-in-those-countries-from-where-china-messes-up						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/the-business-of-earning-has-been-spread-in-those-countries-from-where-china-messes-up</guid>
					<pubDate>Fri, 10 Feb 2023 11:48:40 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कर्ज का मायाजाल और खस्ताहाल पाकिस्तान, आर्थिक हालात और भी भयावह]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कंगाली के कगार पर खड़े पाकिस्तान (Pakistan) को एक और झटका लगा है. पाकिस्तान का विदेश मुद्रा भंडार (Pakistan Forex Reserve) गिरकर 3 बिलियन डॉलर से भी कम हो गया है. गुरुवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान का विदेश मुद्रा भंडार 2 अरब 91 डॉलर पर पहुंच गया जोकि पिछले 9 साल 3 महीने के सबसे कम है. बेलआउट पैकेज को लेकर पाकिस्तान की IMF के साथ अब तक बात नहीं बन पाई है. IMF पाकिस्तान के सामने नई-नई शर्तें रख रहा है. पाकिस्तान को उसकी आर्मी का बजट भी कम करने के लिए कहा गया है. ऐसे में अगर बेलआउट पैकेज पाकिस्तान को नहीं मिलता है तो यहां के आर्थिक हालात और भी भयावह हो सकते हैं.</p>
<p><strong>IMF बेलआउट पैकेज मिलने में आई ये रुकावट</strong></p>
<p>बता दें कि नकदी की दिक्कत से गुजर रहे पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज मिलने में बार-बार रुकावट आ रही है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से बेलआउट पैकेज जारी करवाने को लेकर चल रही बातचीत में एक रोड़ा अटक गया है. गुरुवार को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सटर्नल फंडिंग प्रोजेक्शन पर दोनों पक्ष बात नहीं कर पाए हैं. पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं.</p>
<p><strong>बढ़ गई पाकिस्तान की मुश्किल</strong></p>
<p>एक सीनियर अफसर ने कहा कि बुधवार रात तक उन्हें एमईएफपी मसौदा नहीं मिला. 2019 में इमरान खान सरकार के दौरान पाकिस्तान IMF के 6 अरब डॉलर प्रोग्राम का हिस्सा बना था. फिर इसे साल 2022 में बढ़ाकर 7 अरब डॉलर कर दिया गया था. 1.18 अरब डॉलर जारी करने के लिए प्रोग्राम की 9वीं समीक्षा पाकिस्तान सरकार और  आईएमएफ अधिकारियों के बीच होना बाकी है.</p>
<p><strong>IMF से नहीं बन पा रही बात!</strong></p>
<p>वित्त और राजस्व राज्य मंत्री आएशा गौश पाशा के मुताबिक, हम इसको पूरा करने के करीब हैं. उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान को एक बार आईएमएफ एमईएफपी दे दे, फिर सभी मुद्दों पर बातचीत पूरी हो जाएगी. उनके मुताबिक, कई मुद्दों पर बातचीत पूरी हो चुकी है. IMF को उनमें से कुछ पर स्पष्टता चाहिए. इन पर पाकिस्तान सरकार के लोग काम कर रहे हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-illusion-of-debt-and-the-decaying-pakistan-the-economic-situation-is-even-more-frightening						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/the-illusion-of-debt-and-the-decaying-pakistan-the-economic-situation-is-even-more-frightening</guid>
					<pubDate>Fri, 10 Feb 2023 11:44:57 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इस कट्टरपंथी मुस्लिम देश में बिन ब्याही लड़की भी बन सकती है मां, अब नहीं मिलेगी कठोर सजा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दुनिया में कई ऐसे इस्लामिक देश हैं जहां आज भी कट्टरपंथियों का फरमान देश के कानून से ऊपर है. ऐसे देशों में मॉरल पुलिसिंग के नाम पर लोगों को सरे आम कोड़े लगाने से लेकर तरह-तरह की सजा दी जाती हैं. पाकिस्तान में तो लोग पुलिस की परवाह किए बगैर खुद ही जज बनकर ऑन स्पॉट फैसला सुना देते हैं. आंकड़ों के हिसाब से इस्लाम दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मजहब है. यानी दुनिया की लगभाग 25% आबादी मुस्लिम है. हालांकि इन देशों में कुछ देश उदार भी हैं जहां न सिर्फ अपने मजहब और देश के लोगों बल्कि दूसरे देशों और दूसरे धर्म के मानने वालों के साथ भी उदारता बरतने के साथ समान व्यवहार किया जाता है.</p>
<p><strong>आजाद ख्याल देश में दूसरे मजहब वालों को आजादी</strong></p>
<p>यहां बात भारत के बेहद करीबी इस्लामिक देश यूएई (UAE) की जहां पिछले दिनों एक कानून बनाया गया है जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. दरअसल यूएई में इस कानून में यहां रह रहे विदेशी लोगों को और अधिक धार्मिक आजादी और उनके हिसाब से जीने की स्वतंत्रता दी गई है. आप इसी से अनुमान लगा सकते हैं कि यहां पर रहने वाले दूसरे देशों और दूसरे मजहब को मानने वाली बिन ब्याही लड़कियों को भी मां बनने की इजाजत दे दी गई है.</p>
<p><strong>गैर-मुस्लिम लोगों के लिए ‘फेडरल पर्सनल स्टेटस लॉ’ </strong></p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में इस कानून को आज की दुनिया की जरूरतों के हिसाब से इतना उदार कर दिया गया है कि आप अमेरिका या फिर यूरोप के किसी देश से इस कानून की तुलना कर सकते हैं. इसमें यूएई में रह रहे गैर मुस्लिम लोगों की शादी, तलाक, बच्चे की कस्टडी, संपत्ति पर अधिकार, विल आदि को लेकर बेहद उदार नजरिया अपनाया गया है.</p>
<p><strong>कैसे हुआ बदलाव?</strong></p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये नया कानून 1 फरवरी 2023 से प्रभावी हुआ. इन सुधारों को 27 नवंबर 2021 को मंजूरी दी गई थी. उस वक्त यहां के शेख दिवंगत बिन जायेद अल नहयान थे, जिन्होंने उस समय यूएई के करीब 40 कानूनों में बदलाव किया था. तब इसे अरब देशों के इतिहास में एक सबसे बड़ा सुधार करार दिया गया था. इसलिए आज इस दुनिया के सबसे विकसित मुस्लिम देशों में से एक यूएई की दरियादिली और आजाद ख्याली की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/unmarried-girl-can-also-become-a-mother-in-this-fundamentalist-muslim-country-now-there-will-be-no-h						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/unmarried-girl-can-also-become-a-mother-in-this-fundamentalist-muslim-country-now-there-will-be-no-h</guid>
					<pubDate>Thu, 09 Feb 2023 09:04:07 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन के खतरनाक इरादे: अमेरिका के अलावा भारत सहित इन देशों में भी भेजे जासूसी गुब्बारे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चीन के खतरनाक इरादे एक बार फिर दुनिया के सामने आए हैं. एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि बीजिंग ने ने भारत और जापान समेत कई देशों को निशाना बनाकर जासूसी गुब्बारों के एक बेड़े को संचालित किया है.  यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब कुछ ही दिन पहले अमेरिकी सेना ने अमेरिका के संवेदनशील प्रतिष्ठानों के ऊपर मंडरा रहे एक चीनी जासूसी गुब्बारे को मार गिराया था.</p>
<p>अमेरिकी अधिकारियों ने भारत समेत अपने मित्रों और सहयोगियों को चीनी गुब्बारे संबंधी जानकारी से अवगत कराया है. इस गुब्बारे को शनिवार को अटलांटिक महासागर के ऊपर साउथ कैरोलाइना के तट पर एक लड़ाकू विमान ने नष्ट कर दिया था.</p>
<p>अमेरिका की उप विदेश मंत्री वेंडी शर्मन ने सोमवार को करीब 40 दूतावासों के अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी.</p>
<p><strong>‘कई देशों से जानकारी इक्ट्ठा की गई’</strong></p>
<p>‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने मंगलवार को कहा कि गुब्बारे से निगरानी के प्रयास के तहत ‘जापान, भारत, वियतनाम, ताइवान और फिलीपीन समेत कई देशों और चीन के लिए उभरते रणनीतिक हित वाले क्षेत्रों में सैन्य संपत्तियों संबंधी जानकारी एकत्र की गई है.’</p>
<p>यह रिपोर्ट कई अनाम रक्षा एवं खुफिया अधिकारियों से ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ के इंटरव्यू पर आधारित है.</p>
<p><strong>पांच महद्वीपों में देखे गए ये निगरानी यान</strong></p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने कहा है कि चीन की पीएलए (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) वायु सेना द्वारा संचालित इन निगरानी यान को पांच महाद्वीपों में देखा गया है.</p>
<p>एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी के हवाले से कहा गया है, ‘ये गुब्बारे पीआरसी (चीनी जनवादी गणराज्य) के गुब्बारों के बेड़े का हिस्सा हैं, जिन्हें निगरानी अभियान चलाने के लिए विकसित किया गया है और इन्होंने अन्य देशों की संप्रभुता का उल्लंघन किया है.’</p>
<p><strong>अमेरिकी एयरस्पेस में देखे गए चार गुब्बारे</strong></p>
<p>दैनिक समाचार पत्र के अनुसार, हाल के वर्षों में हवाई, फ्लोरिडा, टेक्सास और गुआम में कम से कम चार गुब्बारे देखे गए और इसके अलावा पिछले सप्ताह एक गुब्बारा देखा गया.</p>
<p>इन चार में से तीन घटनाएं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान हुईं, लेकिन चीनी निगरानी यान के रूप में इनकी पहचान हाल में हुई.</p>
<p>पेंटागन ने मंगलवार को गुब्बारे की तस्वीरें जारी कीं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/dangerous-intentions-of-china-apart-from-america-spy-balloons-sent-to-these-countries-including-indi						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/dangerous-intentions-of-china-apart-from-america-spy-balloons-sent-to-these-countries-including-indi</guid>
					<pubDate>Thu, 09 Feb 2023 08:54:19 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[तुर्की की तस्वीरें डरा रही, मरने वालों का आंकड़ा 11,000 से अधिक, भारत सहित ये देश कर रहे सहायता]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>तुर्की और सीरिया में सोमवार को आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या 11,000 से अधिक हो गई है. अधिकारियों और बचाव दल द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है. समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान ने बुधवार को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और कहा कि देश में भूकंप से कुल 8,574 लोग मारे गए हैं. इससे पहले, देश की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा था कि 40,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं.</p>
<p><strong>सीरिया में 1200 से ज्यादा लोग मारे गए</strong></p>
<p>सीरिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में कम से कम 1,250 लोग मारे गए हैं और 2,054 घायल हुए. रिपोटर्स में बचावकर्मियों के हवाले से कहा गया है कि सीरिया में विपक्ष के कब्जे वाले क्षेत्र में कम से कम 1,280 लोग मारे गए और 2,600 से अधिक घायल हुए. सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 4:17 बजे तुर्की के दक्षिणी प्रांत कहारनमारस में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, इसके कुछ मिनट बाद देश के दक्षिणी प्रांत गजियांटेप में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया और कहारनमारस प्रांत में स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:24 बजे 7.6 तीव्रता का भूकंप आया.</p>
<p>बचावकर्मी सोमवार को कड़ाके की ठंड के बीच तुर्की और सीरिया में आए घातक भूकंपों के केंद्र कहारनमारस में लोगों का लगातार रेस्क्यू करने में जुटे रहे. कई देश और वैश्विक सहायता एजेंसियां भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दलों और राहत सामग्री की पेशकश कर रही हैं.</p>
<p>चीन का 82 सदस्यीय बचाव दल एक चार्टर्ड विमान से 8,000 किमी से अधिक की उड़ान भरने के बाद तुर्की में भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में बचाव प्रयासों में सहायता के लिए बुधवार को अदाना हवाई अड्डे पर पहुंचा.</p>
<p>चीनी बचाव दल के उप प्रमुख वांग मो ने कहा, आगमन पर टीम ऑडियो और वीडियो लाइफ डिटेक्टर, चिकित्सा उपकरण और रेस्क्यू कुत्तों को आपदा क्षेत्र में लाएगी और तुरंत खोज और बचाव कार्य शुरू करेगी. जबकि सीरिया भूकंपों के बीच कठिन संघर्ष कर रहा है, अमेरिकी प्रतिबंध अभी भी देश में मानवीय राहत कार्य को रोक रहे हैं. सीरियाई विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भूकंप आपदा से निपटने के दौरान सीरियाई लोग खाली हाथों से मलबे के बीच खुदाई कर रहे हैं, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा मलबे को हटाने के उपकरण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.</p>
<p><strong>मदद कर रहा है भारत </strong></p>
<p>तुर्की में भूकंप से हुए भारी नुकसान के बाद भारत सरकार ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं. इसी कड़ी में दो स्पेशल विमान सी-17 ग्लोबमास्टर से एनडीआरएफ के 101 जवान तुर्की पहुंच गए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. इसे ऑपरेशन दोस्त नाम दिया गया है. वहीं एक और एनडीआरएफ की टीम दिल्ली से तुर्की के लिए आज रवाना की जाएगी. एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल ने ये जानकारी दी है.</p>
<p>अतुल करवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि एनडीआरएफ की पहली टीम कल तुर्की के अदाना एयरपोर्ट पर उतरी थी जबकि दूसरी टीम को उर्फा डायवर्ट कर दिया गया क्योंकि अदाना में काफी भीड़ थी. दोनों टीमें नूडार्गी में एकत्रित हुई और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई हैं. उन्होंने बताया कि भूकंप से भारी तबाही हुई है और सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/pictures-of-turkey-are-frightening-the-death-toll-is-more-than-11-000-these-countries-including-indi						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/pictures-of-turkey-are-frightening-the-death-toll-is-more-than-11-000-these-countries-including-indi</guid>
					<pubDate>Thu, 09 Feb 2023 08:43:27 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अल्पसंख्यकों की उन्नति के लिए भारत को 110 देशों में नंबर एक का स्थान दिया गया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारत की अल्पसंख्यक नीति एक ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित है जो विविधता बढ़ाने पर जोर देती है. भारत के संविधान में संस्कृति और शिक्षा में धार्मिक अल्पसंख्यकों की उन्नति के लिए विशिष्ट और विशिष्ट प्रावधान हैं. रिपोर्ट के अनुसार, किसी अन्य संविधान में भाषाई और धार्मिक अल्पसंख्यकों को बढ़ावा देने के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है. द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल अल्पसंख्यकों पर सेंटर फॉर पॉलिसी एनालिसिस (सीपीए) के उद्घाटन मूल्यांकन में यह बातें कही गई हैं. इस मूल्यांकन में धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति समावेशी उपायों के लिए भारत को 110 देशों में नंबर एक का स्थान दिया गया है. सेंटर फॉर पॉलिसी एनालिसिस (CPA) एक शोध संस्थान है, जिसका मुख्यालय भारत के पटना में है.</p>
<p>सीपीए के उद्घाटन मूल्यांकन के अनुसार, 110 देशों में, भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्वीकृति का उच्चतम स्तर है, इसके बाद दक्षिण कोरिया, जापान, पनामा और अमेरिका का स्थान है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मालदीव, अफगानिस्तान और सोमालिया सूची में सबसे नीचे हैं, यूके और यूएई क्रमशः 54वें और 61वें स्थान पर हैं.</p>
<p><strong>'भारत में किसी भी धार्मिक संप्रदाय पर कोई प्रतिबंध नहीं'</strong></p>
<p>रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे, कई अन्य देशों के विपरीत, भारत में किसी भी धार्मिक संप्रदाय पर कोई प्रतिबंध नहीं है. मॉडल की समावेशिता और कई धर्मों और उनके संप्रदायों के खिलाफ भेदभाव की कमी के कारण संयुक्त राष्ट्र भारत की अल्पसंख्यक नीति को अन्य देशों के लिए एक मॉडल के रूप में उपयोग कर सकता है. हालांकि, यह अक्सर अपेक्षित परिणाम प्रदान नहीं करता है क्योंकि CPA की रिपोर्ट के अनुसार, बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के साथ, विभिन्न प्रकार की चिंताओं को लेकर संघर्ष की कई रिपोर्टें हैं.</p>
<p><strong>'अल्पसंख्यकों के प्रति अपने दृष्टिकोण को तर्कसंगत बनाना होगा'</strong></p>
<p>ऑस्ट्रेलिया टुडे के अनुसार रिपोर्ट में भारत की अल्पसंख्यक नीति पर प्रकाश डाला गया है जिसकी समय-समय पर समीक्षा और फिर से जांच की जानी चाहिए. इसमें आगे कहा गया है कि, यदि भारत देश को संघर्षों से मुक्त रखना चाहता है, तो उसे, अल्पसंख्यकों के प्रति अपने दृष्टिकोण को तर्कसंगत बनाना होगा.</p>
<p>CPA द्वारा बनाई गई वैश्विक अल्पसंख्यक रिपोर्ट का उद्देश्य भी विश्व समुदाय को विभिन्न देशों में उनकी आस्था के आधार पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव की व्यापकता पर शिक्षित करना है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/india-ranked-number-one-among-110-countries-for-the-advancement-of-minorities						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/india-ranked-number-one-among-110-countries-for-the-advancement-of-minorities</guid>
					<pubDate>Wed, 08 Feb 2023 01:10:41 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अमेरिका ने मार गिराया चीनी जासूसी गुब्बारे को, अमेरिका ढूंढ रहा गुब्बारे के अवशेष]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अमेरिका ने सोमवार को चीन के जासूसी गुब्बारे के अवशेष उसे लौटाने से इनकार कर दिया. इसके साथ ही अमेरिका सेना ने गुब्बारे के अवशेषों को इक्ट्ठा करने की कोशिशें तेज कर दी हैं. बता दें ये चीनी जासूसी गुब्बारा पिछले सप्ताह कई दिनों तक मोंटाना से साउथ कैरोलिना तक अमेरिका के आसमान में उड़ता दिखा था और शनिवार को साउथ कैरोलिना में अटलांटिक महासागर के तट पर इसे मार गिराया गया था.</p>
<p>व्हाइट हाउस ने गुब्बारे के बारे में मिली आरंभिक सूचना के आधार पर सोमवार को पूरे यकीन से कहा कि यह एक जासूसी गुब्बारा था जिसने अंतरराष्ट्रीय नियमों एवं देशों की संप्रभुता का उल्लंघन किया है.</p>
<p><strong>अमेरिकी सेना समुद्र में तलाश रही है अवशेष</strong></p>
<p>राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, ‘मैं इसे (गुब्बारे के अवशेष को) लौटाने की मंशा या ऐसी किसी योजना के बारे में नहीं जानता.’ उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने समुद्र से कुछ अवशेष बरामद किए हैं और वे अब भी समुद्र में उन्हें तलाश रहे हैं. इससे पहले शनिवार को गुब्बारे को एक लड़ाकू विमान द्वारा मार गिराए जाने से पहले किर्बी ने कहा कि इसके बारे में कई अहम सूचना एकत्रित की गई है.</p>
<p>व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केरिन ज्यां पीयरे ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने सेना, खुफिया समुदाय गुब्बारे के बारे में सूचनाएं इक्ट्ठा करने को कहा है कि ताकि चीन की क्षमताओं के बारे में ज्यादा से ज्यादा जाना जा सके.</p>
<p>नॉर्दर्न कमांड के कमांडर जनरल ग्लेन वानहर्क के अनुसार, गुब्बारा 200 फुट की ऊंचाई पर था. इसमें अमूमन एक क्षेत्रीय जेट विमान के बराबर आकार का कई हजार पाउंड का एक पेलोड था. विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने पत्रकारों से कहा कि चीन इसके बारे में जानता है कि वह क्या है.</p>
<p><strong>इस वजह से पकड़ा गया गुब्बारा</strong></p>
<p>अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा चीन की जासूसी के खिलाफ रक्षात्मक तरीकों की मजबूती में सुधार के आदेशों के कारण यह गुब्बारा पकड़ा गया. व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि बाइडन के कार्यभार संभालने के बाद से अमेरिका ने ‘अपने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है. हमने चीजों का पता लगाने की अपनी क्षमता में सुधार किया है जो पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में नहीं थी.’</p>
<p>ट्रंप प्रशासन के दौरान के कई अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान चीनी गुब्बारे के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/america-shot-down-chinese-spy-balloon-america-is-looking-for-the-remains-of-the-balloon						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/america-shot-down-chinese-spy-balloon-america-is-looking-for-the-remains-of-the-balloon</guid>
					<pubDate>Wed, 08 Feb 2023 01:03:31 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[तुर्की में भूकंप से पहले ही इस व्यक्ति ने कर दी थी भविष्यवाणी, मान लेते तो नहीं होती इतनी मौते]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>तुर्की में सोमवार को आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद तुर्की और सीरिया में हजारों लोगों की जान चली गई, इसके बाद कई मजबूत झटके भी आए. तुर्की और सीमावर्ती सीरिया में हजारों लोग घायल हो गए, जबकि मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अधिकारी बचाव और राहत कार्यों में संघर्ष कर रहे हैं. यह लगभग ऐसा है जैसे सोमवार की सुबह जब देश में भूकंप के झटके महसूस किए गए, तब देश अचंभित रह गया था, जबकि ज्यादातर लोग सो रहे थे. हैरान करने वाली बात यह है कि एक व्यक्ति ने विनाशकारी घटना के कहर से ठीक तीन दिन पहले स्पष्ट रूप से भूकंप की भविष्यवाणी की थी.</p>
<p><strong>फ्रैंक हॉगरबीट्स ने की थी भविष्यवाणी</strong></p>
<p>डच शोधकर्ता फ्रैंक हॉगरबीट्स ने 3 फरवरी को एक ट्वीट में चेतावनी दी थी कि "जल्दी या बाद में इस क्षेत्र (दक्षिण-मध्य तुर्की, जॉर्डन, सीरिया, लेबनान) में ~M 7.5 तीव्रता का भूकंप आएगा."</p>
<p><strong>कौन है फ्रैंक हॉगरबीट्स?</strong></p>
<p>ट्विटर पर फ्रैंक हॉगरबीट्स के बायो में कहा गया है कि वह नीदरलैंड में सोलर सिस्टम ज्योमेट्री सर्वे (एसएसजीएस) नाम के संगठन के लिए काम करते हैं. Hogerbeets ने SSGS के एक ट्वीट को भी रीट्वीट किया जिसमें कहा गया था कि 4 फरवरी और 6 फरवरी के बीच एक बड़ी भूकंपीय गतिविधि हो सकती है, जो मध्य या उच्च 6 परिमाण तक अधिक होने की संभावना है. सोमवार के विनाशकारी भूकंप के बाद उनकी भविष्यवाणी वाला ट्वीट वायरल हो गया है. नेटिज़ेंस उस सटीकता से हैरान थे जिसके साथ उन्होंने हजारों लोगों की जान लेने वाली आपदा की भविष्यवाणी की थी, और दक्षिण-पूर्व तुर्की में एक बड़े बुनियादी ढांचे को धराशायी कर दिया था.</p>
<p><strong>तबाही के बाद किया ये ट्वीट</strong></p>
<p>फ्रैंक हॉगरबीट्स ने बाद में ट्वीट किया, "मध्य तुर्की में बड़े भूकंप से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदना है. जैसा कि मैंने पहले कहा था, देर-सबेर इस क्षेत्र में ऐसा ही होगा. ये भूकंप हमेशा पूर्व में आते हैं. क्रिटिकल प्लैनेटरी ज्योमेट्री, जैसा कि हमने 4-5 फरवरी को किया था." फ्रैंक हॉगरबीट्स ने सोमवार के भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की भी चेतावनी दी थी. उन्होंने ट्वीट किया, "मध्य तुर्की और आस-पास के क्षेत्रों में अतिरिक्त मजबूत भूकंपीय गतिविधि पर नजर रखें. बड़े भूकंप के बाद झटके आमतौर पर थोड़ी देर के लिए जारी रहते हैं."</p>
<p><strong>आफ्टरशॉक्स की भी भविष्यवाणी</strong></p>
<p>भूकंप के बाद दर्जनों आफ्टरशॉक्स आए. उन आफ्टरशॉक्स में से एक जो शुरुआती भूकंप के लगभग नौ घंटे बाद आया था, लगभग पहले जितना ही मजबूत था और इसकी तीव्रता 7.5 मापी गई थी. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा कि सोमवार का पहला भूकंप तुर्की के गाजियांटेप शहर के पास करीब 18 किलोमीटर (11 मील) की गहराई में सुबह 4:17 बजे (0117 जीएमटी) आया, जहां करीब 20 लाख लोग रह रहे थे. निवासियों से भरी हजारों बहुमंजिला अपार्टमेंट इमारतें तुर्की में मलबे में तब्दील हो गईं. जबकि सीरिया ने दर्जनों इमारत ढहने की घोषणा की, साथ ही अलेप्पो में पुरातात्विक स्थलों को भी नुकसान पहुचा.</p>
<p><strong>क्या भूकंप की भविष्यवाणी की जा सकती है?</strong></p>
<p>भूकंप की भविष्यवाणियों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होने के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए डच शोधकर्ता ने ट्वीट किया, "हां, ग्रहों और चंद्रमा के प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक समुदाय के भीतर बहुत विरोध है. लेकिन ऐसा कोई विस्तृत शोध नहीं है जो इसे 'निष्क्रिय' करे यह केवल एक धारणा है." </p>
<p>भूकंप की भविष्यवाणियों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होने के दावे के जवाब में फ्रैंक हॉगरबीट्स ने ट्वीट किया. उन्होंने कहा कि सक्रिय दोषों वाले स्थानों में हमेशा भूकंप आने की संभावना होती है, लेकिन विशिष्ट पूर्वानुमान परीक्षण किए जाने पर यादृच्छिक से बेहतर प्रदर्शन नहीं करते हैं. सहसंबंध ग्रहों के संरेखण के दावों को गलत साबित किया गया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/this-person-had-made-a-prediction-even-before-the-earthquake-in-turkey-had-he-accepted-it-there-woul						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/this-person-had-made-a-prediction-even-before-the-earthquake-in-turkey-had-he-accepted-it-there-woul</guid>
					<pubDate>Wed, 08 Feb 2023 00:39:16 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन का जासूसी गुब्बारा अमेरिकी आसमान में, चीनी अखबार ने कहा- अमेरिका का एयर डिफेंस सिस्टम एक सजावट है]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अमेरिकी एयर स्पेस में में एक कथित चीनी जासूसी गुब्बारा देखे जाने के यूएस के दावे पर ग्लोबल टाइम्स ने तंज कसा है. चीन के सरकारी अखबार ने कहा कि है कि अगर अन्य देशों के गुब्बारे अमेरिकी आकाश में प्रवेश कर सकते हैं तो इसका यही मतलब है कि यूएस एयर डिफेंस सिस्टम एक सजावटी चीज है.</p>
<p>ग्लोबल टाइम्स ने एक कार्टून ट्वीट करते हुए कैप्शन में लिशा, ‘गुब्बारा अपने आप में एक बड़ा टारगेट है. यदि अन्य देशों के गुब्बारे वास्तव में महाद्वीपीय अमेरिका में आसानी से एंट्री कर सकते हैं, या कुछ राज्यों के  आकाश में भी प्रवेश कर सकते हैं, तो यह केवल इस बात को साबित करता है कि अमेरिका का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से एक सजावट है और उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है.’</p>
<p><strong>पेंटागन ने किया चीनी गुब्बारा देखे जाने का दावा  </strong></p>
<p>बता दें अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने गुरुवार को दावा किया कि अमेरिका के हवाई क्षेत्र में एक कथित चीनी जासूसी गुब्बारा देखा गया, जिसका आकार ‘तीन बसों’ के बराबर बताया जा रहा है. यह घटना विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की चीन यात्रा से कुछ दिन पहले हुई है.</p>
<p>पेंटागन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने गुरुवार को कहा, ‘अमेरिकी सरकार को एक जासूसी गुब्बारे का पता चला है और उस पर नज़र रखी जा रही है जो अभी अमेरिका के हवाई क्षेत्र में उड़ रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘नोराड (नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड) उस पर करीबी नजर बनाए है.’</p>
<p>पैट राइडर ने कहा कि गुब्बारे को गुरुवार को मोंटाना में देखा गया था और इसका आकार‘तीन बसों के बराबर’ बताया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘गुब्बारे के बारे में पता चलते ही अमेरिकी सरकार ने संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत कार्रवाई की.’</p>
<p><strong>कनाडा ने कही ये बात</strong></p>
<p>इस बीच कनाडा के राष्ट्रीय रक्षा विभाग ने गुरुवार (स्थानीय समय) को कहा कि वह उच्च ऊंचाई वाले संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारे को ट्रैक करने के लिए अमेरिका के साथ काम कर रहा है, और यह ‘संभावित दूसरी घटना’ की निगरानी कर रहा है।</p>
<p>राष्ट्रीय रक्षा प्रेस विज्ञप्ति विभाग ने कहा,  ‘एक उच्च ऊंचाई वाले जासूसी गुब्बारे का पता चला था और इसकी मूवमेंट को उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (एनओआरएडी) द्वारा सक्रिय रूप से ट्रैक किया जा रहा है। कनाडाई सुरक्षित हैं और कनाडा अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है, जिसमें संभावित दूसरी घटना की निगरानी भी शामिल है.’</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/chinas-spy-balloon-in-american-sky-chinese-newspaper-said-americas-air-defense-system-is-a-decoratio						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/chinas-spy-balloon-in-american-sky-chinese-newspaper-said-americas-air-defense-system-is-a-decoratio</guid>
					<pubDate>Sat, 04 Feb 2023 02:51:21 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सभी देशों के लिए हांगकांग का खुला ऑफर, मिलेगा फ्री हवाई टिकट]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हांगकांग के नेता जॉन ली ने गुरुवार को ऐसा ऑफर दिया जिसे सुनते ही सभी देश के लाेग खुश हो गए, उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण आभी तप यहां पर सब कुछ बंद था. इसके चलते अब जो भी लोग हांगकांग आकर अपना व्यापार करना चाहते हैं या फिर घूमने के उद्देश्य आते हैं उन्हें हवाई यात्रा कराई जाएगी. इस कैंपेन का नाम है हेलो हांगकांग. इसकी शुरुआत गुरुवार को शहर के कांफ्रेंस हाल में जगमगाती लाइटों के बीच किया गया. समारोह में हेलो हांगकांग का नारा भी दिया गया. इस नारे को रूसी, स्पेन सहित विभिन्न भाषाओं में दिया गया. नेता जॉन ली ने कहा कि कैंपेन दिखाएगा कि शहर टूरिस्टों के लिए अब खुल चुका है.</p>
<p><strong>दुनिया भर के लोग यहां आकर ले आनंद</strong></p>
<p>हांगकांग के नेता जॉन ली ने बताया कि हांगकांग अब मुख्य भूमि चीन और पूरी अंतरराष्ट्रीय दुनिया से फिर से जुड़ चुका है. यहां पर किसी भी तरह की पाबंदी नहीं है. ना ही कोविड आइसोलेशन का कोई नियम है. अब दुनिया भर के लोग यहां आकर आराम से रह सकते हैं. हेलो हांगकांग कैंपियन के लॉन्च के मौके पर शहर के पर्यटन, बिजनेसमैन और एयरलाइंस विभाग के कई ऑफिसर मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया कि एयरलाइन कैथे पैसिफिक, हांगकांग एक्सप्रेस और हांगकांग एयरलाइंस के जरिए 1 मार्च से 6 महीने के लिए विदेशों से आने वाले लोगों को मुक्त फ्लाइट टिकट बांटेगी.</p>
<p><strong>3 हफ्ते का जरूरी था आइसोलेशन</strong></p>
<p>अभी तक कोविड के कारण हांगकांग ने बॉर्डर को बंद रखा था. यहां पर आने वालों के लिए 3 हफ्ते का आइसोलेशन जरूरी था. इसके बाद कोविड टेस्ट और स्क्रीनिंग भी जरूरी थी. 2022 में हांगकांग में चीन की जीरो कोविड पॉलिसी का पालन किया. फिर धीरे-धीरे नियमों में ढिलाई देनी शुरू कर दी। दिसंबर आते-आते अधिकांश नियम खत्म हो गए. लेकिन स्टूडेंट के लिए डेली रैपिड एंटीजन टेस्ट के साथ-साथ कसरत करना और मास्क पहनना अभी भी अनिवार्य है.</p>
<p><strong>मार्केट भी खुलने लगी</strong></p>
<p>अब धीरे-धीरे सभी मार्केट भी खुलने लगी है. पहले की तरह सब कुछ सामान्य हाे चुका है. यहां घूमने आने वालाें काे भी किसी पाबंदी का सामना नहीं करना पड़ेगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/hong-kongs-open-offer-for-all-countries-will-get-free-air-ticket						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/hong-kongs-open-offer-for-all-countries-will-get-free-air-ticket</guid>
					<pubDate>Fri, 03 Feb 2023 02:14:48 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[आतंकवादियों ने पाकिस्तान को डसा, नमाज के दौरान मस्जिद में किया आत्मघाती हमला, १०० मृत और २२१ गंभीर घायल]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर शहर पेशावर के अति सुरक्षित क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद में सोमवार को दोपहर की नमाज के दौरान आत्मघाती हमला करने वाले संदिग्ध का क्षत-विक्षत सिर मंगलवार को बचाव कर्मियों ने बरामद कर लिया. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है और 221 लोग गंभीर रूप से घायल हैं व बचाव कर्मी अब भी मलबे से शवों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं.</p>
<p>उन्होंने बताया कि सोमवार को अपराह्न एक बजकर करीब 40 मिनट पर पुलिस लाइन स्थित एक मस्जिद में उस समय शक्तिशाली धमाका हुआ जब कई पुलिस कर्मी और सेना के बम निरोधक दस्ते के सदस्यों सहित कई लोग दोपहर की नमाज अता कर रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि आत्मघाती हमलावर आगे की कतार में मौजूद था और उसने खुद को उड़ा लिया जिससे मस्जिद की छत नामजियों पर गिर गई.</p>
<p>राजधानी शहर पुलिस अधिकारी (सीसीपीओ) पेशावर मोहम्मद ऐजाज खान ने बताया कि हमला आत्मघाती प्रतीत होता है और संदिग्ध हमलावर का सिर खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर के घटना स्थल से बरामद किया गया है.  संभव है कि हमलावर धमाके से पहले ही पुलिस लाइन में मौजद था और हो सकता है कि उसने दाखिल होने के लिए आधिकारिक वाहन का इस्तेमाल किया हो.</p>
<p>खान ने बताया कि धमाके की वास्तविक प्रकृति की जानकारी बचाव अभियान संपन्न होने के बाद ही मिल सकेगी. खैबर पख्तूनख्वा के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मुहम्मद आजम खान ने मंगलवार को हमले के मद्देनजर एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की.</p>
<p>तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जिसे पाकिस्तानी तालिबान के नाम से भी जानते हैं ने हमले की जिम्मेदारी ली है. टीटीपी ने कहा कि यह हमला उसके कमांडर उमर खारिद खुरसानी की हत्या का बदला है जो पिछले साल अगस्त महीने में अफगानिस्तान में मारा गया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मस्जिद का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया और माना जा रहा है कि कई लोग उसके नीचे दब गए.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/terrorists-attack-pakistan-suicide-attack-in-mosque-during-namaz-100-dead-and-221-seriously-injured						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/terrorists-attack-pakistan-suicide-attack-in-mosque-during-namaz-100-dead-and-221-seriously-injured</guid>
					<pubDate>Wed, 01 Feb 2023 13:04:23 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ट्रक के समान एक एस्ट्रोराइड पृथ्वी के बेहद नजदीक से गुजरेगा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>American Space Agency नासा ने भविष्यवाणी की है कि साल 2023 में एक क्षुद्रग्रह या एस्ट्रोराइड (Asteroid) पृथ्वी के बेहद नजदीक से होकर निकलेगा. बाकी Asteroids की तुलना में ये Asteroid धरती के सबसे पास होगा जिसका आकार किसी ट्रक के समान है. नासा ने बताया है कि यह घटना इसी सप्ताह में होने वाली है. आपको बता दें कि यह पृथ्वी की सतह से केवल 2,200 मील ऊपर होगा. अब तक इतिहास में रिकॉर्ड किए गए सभी Asteroids में यह पृथ्वी के सबसे नजदीक से गुजरेगा. अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि क्षुद्रग्रह के पृथ्वी से टकराने का कोई खतरा नहीं है. अगर ऐसा होता भी है तो क्षुद्रग्रह पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने भर से विघटित हो जाएगा क्योंकि इसका आकार 11.5 से 28 फीट (3.5 से 8.5 मीटर)  जो वायुमंडल को पार नहीं कर पाएगा.</p>
<p><strong>गेनेडी बोरिसोव ने लगाया Asteroid का पता</strong></p>
<p>इस Asteroid का पता गेनेडी बोरिसोव ने लगाया है. शनिवार को खगोलशास्त्री गेनेडी बोरिसोव ने क्षुद्रग्रह को देखा और माइनर प्लेनेट सेंटर (Minor Planet Center) को इसकी सूचना दी. नासा के स्काउट इफेक्ट रिस्क असेसमेंट सिस्टम (Scout Impact Risk Assessment System) का उपयोग एमपीसी के डेटा का विश्लेषण करने और निकट चूक की भविष्यवाणी करने के लिए किया गया था. अगर यह धरती के वायुमंडल में आता है तो इसके कुछ बड़े मलबे संभावित रूप से छोटे उल्कापिंडों के रूप में धरती पर गिरेंगे.</p>
<p><strong>क्षुद्रग्रह से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं</strong></p>
<p>स्काउट विकसित करने वाले जेपीएल के एक नेविगेशन इंजीनियर डेविड फार्नोचिया ने कहा है कि स्काउट ने 2023 BU से किसी तरह का खतरा नहीं बताया है और इससे होने वाले खतरे को साफ-साफ खारिज कर दिया है लेकिन स्काउट ने यह साफ कर दिया कि ये क्षुद्रग्रह पृथ्वी के सबसे पास से होकर गुजरेगा. डेविड फार्नोचिया ने कहा है कि वास्तव में यह अब तक ज्ञात पहला Asteroids है जो धरती के इतने पास से होकर निकलेगा. हालांकि इस क्षुद्रग्रह से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है फिर भी नासा सुरक्षा के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. नासा सिस्टम्स ने भविष्यवाणी की है कि एक बॉक्स ट्रक के आकार का ये क्षुद्रग्रह इस सप्ताह पृथ्वी के बहुत करीब आएगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/an-asteroid-like-a-truck-will-pass-very-close-to-the-earth						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/an-asteroid-like-a-truck-will-pass-very-close-to-the-earth</guid>
					<pubDate>Sat, 28 Jan 2023 01:42:08 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[किसान का हिट ब‍िजनेस आइडिया: लीक से अलग हटकर शुद्ध हवा बेच रहा, 1 घंटे का पैकेज 2500 रुपये साथ में खाना फ्री]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कहते हैं कोई काम छोटा-बड़ा नहीं होता. ज‍िस काम से भी आपके पर‍िवार का खर्चा न‍िकल जाए वहीं बड़ा और सबसे बढ़िया काम होता है. जी हां, इंटरनेट ने दुन‍िया को बदला है तो काम करने के तरीके भी बदल गए हैं. आजकल एक नहीं ऐसे कई ऑनलाइन ब‍िजनेस हैं जिन्‍हें आप घर बैठे-बैठे आसानी से शुरू कर सकते हैं. </p>
<p><strong>क्‍या है ब‍िजनेस आइड‍िया?</strong></p>
<p>एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी के दौरान सबक लेते हुए थाइलैंड के एक किसान ने आपदा में ऐसा अवसर तलाशा है कि वो अपने खेत में सैलानियों को घंटेभर टिकाने के लिए 2500 रुपये वसूल रहा है.</p>
<p>ये किसान आम बिजनेस आइडिया (Business Idea) वाली लीक से अलग हटकर शुद्ध हवा बेच रहा (Farmer Sells Fresh Air) है. इस किसान ने घंटे भर धान के खेत में हवा खाने और सांस लेने का पैकेज लोगों के सामने रखा है.</p>
<p><strong>ताजी हवा का कारोबार</strong></p>
<p>52 साल के इस किसान के पास Hellfire Pass एरिया में काफी प्रॉपर्टी है जो शिमला और मनाली जैसी खूबसूरत है. जहां वो धान की पैदावार करता है. इस पेशेवर काम के साथ-साथ उसने अपने खेत में कैंपिंग एरिया बना दिया है. अब किसान का दावा है कि ये अकेली ऐसी जगह है, जहां देशभर की सबसे ताज़ी और शुद्ध हवा मौजूद है. ऐसे में वो लोगों को अपने कैंप में एक घंटा ठहरने के लिए 1,000 baht यानि भारतीय मुद्रा में करीब 2500 रुपये चार्ज करता है. एक घंटे के पैकेज में आप लंच या डिनर भी कर सकते हैं. अब ये आपकी मर्ज़ी है कि आप यहां कितनी देर रुकना चाहेंगे.</p>
<p><strong>हिट हुआ आइडिया</strong></p>
<p>एशियन लाइफ सोशल वेलफेयर डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन के सेक्रेटरी दुसित का ये आइडिया काफी लोकप्रिय हो रहा है. दुसित अपने खेत में आने वाले बच्चों और दिव्यांगों से पैसे नहीं लेते हैं. इतना ही नहीं आस-पास के शहरों से आने वाले लोकल लोगों से यहां एक्स्ट्रा चार्ज भी नहीं लिया जाता है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/farmers-hit-business-idea-selling-pure-air-out-of-the-box-1-hour-package-rs-2500-with-free-food						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/farmers-hit-business-idea-selling-pure-air-out-of-the-box-1-hour-package-rs-2500-with-free-food</guid>
					<pubDate>Fri, 20 Jan 2023 11:32:18 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[नेपाल में विमान हादसा, 68 लोगों की मौत, मृतकों में ५ युवक उत्तरप्रदेश के]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>नेपाल में रविवार को हुए प्‍लेन क्रैश की दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे में अब तक 68 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है. इस हादसे से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो को हादसे में जान गंवाने वाले गाजीपुर के युवक ने कैप्चर किया था. वीडियो बनाते वक्त यह हादसा हुआ और सब खाक हो गया.</p>
<p>यह वीडियो क्रैश से कुछ सेकेंड्स पहले का बताया जा रहा है. हादसे के बाद नेपाल सरकार तुरंत एक्टिव हुई और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया. घटनास्थल पर अब भी सैकड़ों की तादाद में राहत व बचावकर्मी मौजूद हैं. जहां प्लेन क्रैश हुआ वह इलाका पहाड़ी है. जिसके वजह से राहत कार्य में मुश्किल आ रही है. इस हादसे में भारत के पांच लोगों ने जान गंवाई है.</p>
<p><strong>नेपाल घूमने गए थे सभी युवक</strong></p>
<p>बता दें कि नेपाल प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले ये पांच युवक उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के रहने वाले थे. ये सभी युवक 13 जनवरी को नेपाल घूमने के लिए गए थे. इनकी पहचान अनिल राजभर, विशाल शर्मा, अभिषेक कुशवाहा, सोनू जयसवाल और संजय जयसवाल के रूप में हुई है. हादसे से पूर्व इन लोगों ने विमान के अंदर से फेसबुक लाइव किया था. ये सभी युवक अलावलपुर सिपाह और धरवा गांव के रहने वाले थे. अधिकारियों ने कहा कि प्लेन क्रैश में कम से कम 68 लोगों ने जान गंवाई है. रविवार को मध्य नेपाल के रिसॉर्ट शहर पोखरा में नए खुले हवाई अड्डे पर लैंड के दौरान यह प्लेन क्रैश हो गया. पांच भारतीयों सहित 72 लोगों के साथ येती एयरलाइंस यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.</p>
<p><strong>क्या कहा येती एयरलाइंस के एक अधिकारी ने?</strong></p>
<p>येती एयरलाइंस के एक अधिकारी ने बताया कि पांच भारतीयों की पहचान अभिषेक कुशवाहा (25), विशाल शर्मा (22), अनिल कुमार राजभर (27), सोनू जायसवाल (35) और संजय जायसवाल (35) के रूप में हुई है. पांच भारतीय नागरिकों में से चार शुक्रवार को ही भारत से काठमांडू पहुंचे थे. दक्षिणी नेपाल के सरलाही जिले के निवासी अजय कुमार शाह ने बताया कि ये चारों लेक सिटी और पर्यटन केंद्र पोखरा में पैराग्लाइडिंग का लुत्फ उठाने की योजना बना रहे थे. उन्होंने कहा कि हम एक ही वाहन में भारत से एक साथ आए थे. पोखरा जाने से पहले वे पशुपतिनाथ मंदिर के पास गौशाला में रुके और फिर होटल डिस्कवरी ऑफ थमेल में ठहरे.</p>
<p><strong>जयशंकर और सिंधिया ने जताया दुख</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि वे गोरखपुर के रास्ते पोखरा से भारत लौटने की योजना बना रहे थे. भारतीय नागरिकों में सबसे बड़े सोनू उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रहने वाले थे. इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विमान दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा, "हमारी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं." जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा, "नेपाल के पोखरा में विमान दुर्घटना के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ. हमारी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं." नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नेपाल में विमान दुर्घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया और इसे "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/plane-crash-in-nepal-68-people-died-5-youths-among-the-dead-are-from-uttar-pradesh						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/plane-crash-in-nepal-68-people-died-5-youths-among-the-dead-are-from-uttar-pradesh</guid>
					<pubDate>Mon, 16 Jan 2023 00:12:59 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कोरोना का सबसे खतरनाक वेरिएंट अमेरिका में तबाही मचाने के बाद इस देश में मिला]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>साउथ अफ्रीका में कोविड-19 का सबसे खतरनाक वेरिएंट मिला है. कोरोना के इस वैरिएंट का नाम XBB.1.5 'क्रैकेन वैरिएंट' है. यह तेजी से फैलने वाला वेरिएंट हैं. इस वेरिएंट के पहले मामले की पुष्टि के बाद से स्टेलनबॉश यूनिवर्सिटी के रिसचर्स कोरोना के संदिग्ध मरीजों के जिनोम सिक्वेंसिंग में जुट गए हैं. स्टेलनबॉश यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर एपिडेमिक रिस्पांस एंड इनोवेशन के डायरेक्टर के पद पर काम करने वाले तुलियो डी ओलिवेरा के मुताबिक, कोविड का ये स्ट्रेन काफी खतरनाक और तेजी से फैलने वाला है. </p>
<p>हालांकि, साउथ अफ्रीका में इसका सिर्फ एक ही मरीज मिला है और इससे कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है. जानकारी के मुताबिक कोरोना का ये स्ट्रेन जापान और अमेरिका में भी कहर बरपा चुका है. अमेरिका में कोरोना के इस वेरिएंट की वजह से मरीजों की संख्या अचानक दोगुनी हो गई थी.</p>
<p>वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने भी कोरोना के XBB.1.5 वेरिएंट को सबसे खतरनाक और तेज संक्रमण वाला सब वेरिएंट बताया है. जानकारी के मुताबिक ये स्ट्रेन कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट का एक सब वेरिएंट है. इसे 'क्रैकेन' के नाम से पुकारा जा रहा है. </p>
<p>समस्या ये है कि इसके लक्षणों और बाकी के वेरिएंट के लक्षणों में फर्क कर पाना बहुत मुश्किल है क्योंकि इसके अंतर की कोई रिपोर्ट मौजूद नहीं है. हालांकि, इससे कोरोना के प्रोटोकॉल को फॉलो करके, वैक्सीन से विकसित होने वाली प्रतिरक्षा प्रणाली से या पहले से मौजूद कोरोना के एंटीबॉडी से बचा जा सकता है.</p>
<p>विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक कोरना का ये वेरिएंट दुनियाभर के 29 देशों तक पहुंच चुका है. अमेरिका में ये वेरिएंट तबाही का सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है. वहां इस वेरिएंट के मरीजों की संख्या कुल मामलों में 41 परसेंट हैं. हालांकि, चीन की सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये वेरिएंट उनके यहां नहीं पहुंचा है, इससे कोई खतरा नहीं है. इस वेरिएंट को ब्रिटेन में भी पाया गया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-most-dangerous-variant-of-corona-was-found-in-this-country-after-wreaking-havoc-in-america						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/the-most-dangerous-variant-of-corona-was-found-in-this-country-after-wreaking-havoc-in-america</guid>
					<pubDate>Tue, 10 Jan 2023 00:57:25 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[एक परिवार बीच चौराहे पर पिछले 60 सालों से रहने को मजबूर, जाने चौराहे पर रहने की मजबूरी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>इंग्लैड के वेल्स में एक परिवार बीच चौराहे में पिछले 60 सालों से रहने को मजबूर है. ऐसा नहीं है कि इस फैमिली ने सरकारी जमीन पर कब्जा या बेघर होने की मजबूरी में यहां डेरा डाला हो, दरअसल यहां रह रहे लोग किसी झुग्गी में नहीं बल्कि एक शानदार और आलीशान घर में में रहते हैं जो उनकी निजी प्रॉपर्टी है. और अपने घर से इन्हें इतना लगाव है कि जान को खतरा होने के बावजूद वो इस घर को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है.</p>
<p><strong>चौराहे पर रहने की मजबूरी</strong></p>
<p>यूके की न्यूज़ वेबसाइट 'डेली मेल' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, वेल्स के डेनबिगशायर (Denbighshire) में एक परिवार चौराहे के बीचोंबीच (Family living on roundabout) रहता है. ऐसा इसलिए क्योंकि उनका बड़ा सा घर बीच चौराहे की जमीन पर बना हुआ है. ऐसे नजारे कम ही देखने को मिलते हैं इसलिए उनका घर वहां के आम लोगों के बीच काफी फेमस है. ये फैमिली इस घर में कई दशकों से रह रहा है.</p>
<p><strong>हमे यहां से बाहर निकालने का बस एक तरीका: डेविड जॉन </strong></p>
<p>इस घर के मालिक डेविड जॉन और उनकी पत्नी एरिआन का कहना है कि वो चाहे कुछ भी हो जाए इस घर को खाली नहीं करेंगे. उनके मुताबिक जब साल 1960 में उनके परिजन यहां आए तब ये इलाका निर्जन था. जहां ग्रामीण इलाकों की तरह दूर-दूर तक कोई आबादी नहीं होती थी. चारों ओर हरे-भरे मैदानों के अलावा यहां इक्का-दुक्का घर थे. उनका भी मकान यहां बना और वो इस इलाके के मॉर्डनाइजेशन होने से पहले करीब 20 साल तक बड़े आराम से जिंदगी गुजार रहे थे. अचानक एक दिन प्रशासन का नोटिस आया जिसमें ये कहा गया कि उन्हें अपना घर खाली करना पड़ेगा. क्योंकि उनका घर ठीक उस जगह पर है जहां नया चौराहा बनना है. इस बात से दोनों नाराज हुए और काफी चर्चा के बाद वो इस बात पर अड़ गए कि वो घर नहीं छोड़ेंगे. अब डेविड का कहना है कि वो इस घर से केवल कॉफिन में बाहर निकलेंगे यानी मरने के बाद ही वो इस जगह को खाली करेंगे.</p>
<p><strong>जिद या जान का जोखिम?</strong></p>
<p>'डेली मेल' में इस फैमिली का इंटरव्यू छपने के बाद यूके में डेविड के मकान का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. डेविड दंपत्ति की इस जिद पर सोशल मीडिया पर लोग खुलकर अपनी बात रख रहे हैं. क्योंकि उनकी जिद के बाद स्थानीय प्रशासन ने उनके घर को चौराहे में बदल दिया. अब दशकों से उनका घर चौराहे की जगह बसा है जिसके चारों ओर से ट्रैफिर गुजरता है. वो इस जगह पर 40 सालों से रह रहे हैं. रोड पर दिनभर काफी ट्रैफिक रहता है जिसके शोर से उन्हें परेशानी होती है. वहीं कहीं बाहर जाना होता है तो हादसे का खतरा टालने के लिए बड़ा ध्यान रखना पड़ता है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/a-family-is-forced-to-live-at-the-crossroads-for-the-last-60-years-know-the-compulsion-to-live-at-th						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/a-family-is-forced-to-live-at-the-crossroads-for-the-last-60-years-know-the-compulsion-to-live-at-th</guid>
					<pubDate>Mon, 09 Jan 2023 00:37:16 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अमेरिका में हुई विमान और कार की टक्कर, फिर क्या हुआ जाने पूरी बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अमेरिका के लास वेगास में एक विमान और एसयूवी कार में टक्कर हो गई. इस हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. नेवादा प्रांत की पुलिस ने बताया कि शनिवार को लास वेगास के उत्तर में एक हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान एक छोटे विमान ने एक एसयूवी को टक्कर मार दी. इस हादसे में तीन लोग घायल हो गए.</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, ये विमान दो सीटों वाला था. इस विमान में मैकेनिकल प्रॉब्लम थीं, जिसकी वजह से विमान की यूएस-95 हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी. जांच एजेंसी ने ट्विटर पर घटना की तस्वीरें पोस्ट कीं हैं. इन तस्वीरों में विमान के पंखे से टकराने के बाद एसयूवी कार की विंडशील्ड टूटी नजर आ रही है.</p>
<p>दरअसल, शनिवार की सुबह करीब 9:40 बजे विमान के पायलट को लगा कि विमान का फ्यूल खत्म होने वाला है. यही वजह रही कि पायलट ने विमान को हाईवे पर आपातकालीन लैंडिंग करने के लिए मजबूर हो गया. पुलिस ने कहा कि विमान ने एक सुरक्षित लैंडिंग की, लेकिन ऐसा लगता है कि पास से गुजर रही कार विमान के पंखों से टकरा गई.</p>
<p><strong>कार ड्राइवर अस्पताल में भर्ती</strong></p>
<p>कार के चालक को मामूली चोटें आने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है. राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड ने कहा है कि इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि विमान ने वाहन को टक्कर मारी या वाहन ने विमान को उतरने के बाद टक्कर मारी. हालांकि, उन्होंने पुष्टि की है कि विमान डायमंड डीए20 था.</p>
<p>हादसे के बाद विमान हाईवे की बाईं ओर पहुंच गया था. अधिकारियों ने कहा कि विमान और कार की टक्कर में घायल लोग जल्द ही ठीक होकर घर लौट जाएंगे. उनकी चोटें जानलेवा नहीं हैं. हादसे की वजह से हाईवे के एक साइड को कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया और लोगों को सलाह दी गई कि इस रूट पर जाने से बचें.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/plane-and-car-collided-in-america-then-what-happened-is-not-known						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/plane-and-car-collided-in-america-then-what-happened-is-not-known</guid>
					<pubDate>Mon, 09 Jan 2023 00:25:02 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सरकार बदलने के बाद भी नहीं बदला नेपाल का रवैया, भारत के प्रति बार-बार उगल रहे जहर]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी यूएमएल के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने शनिवार को एक बार फिर भारत के खिलाफ अपना गुस्सा निकालते हुए कहा कि पड़ोसी देश हिमालयी देश में सरकार के गठन में अनावश्यक रुचि ले रहे हैं. काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम में ओली ने कहा कि बाहरी ताकतों ने नेपाल में सरकार बनाने में अनावश्यक रुचि पैदा कर ली है. यूएमएल और ओली के समर्थन से, सीपीएन (माओवादी सेंटर) के अध्यक्ष, पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड नेपाल के प्रधानमंत्री बन गए हैं. पहले संसद में सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के साथ प्रचंड थे लेकिन प्रचंड को प्रधानमंत्री का पद सौंपने से इनकार करने के बाद वह ओली के समर्थन से सत्ता में काबिज हुए.</p>
<p>20 नवंबर के चुनाव से पहले, नेपाली कांग्रेस और माओवादी सेंटर का गठबंधन था, जहां उन्होंने लोकतांत्रिक-वाम गठबंधन के तहत एक साथ चुनाव लड़ा था. लेकिन चुनाव के बाद नेपाली कांग्रेस ने अंतिम समय में प्रचंड को प्रधानमंत्री पद देने से इनकार कर दिया. यूएमएल के ओली को मौका मिल गया और प्रचंड को समर्थन दे दिया.</p>
<p>शनिवार को ओली ने कहा कि कुछ पड़ोसी अभी भी दीवार लांघने और देश के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश कर रहे हैं. ओली ने भारत का नाम लिए बिना कहा, यह नेपालियों द्वारा बनाई गई सरकार है. नेपालियों को सरकार नहीं बनाने देने के प्रयास किए गए थे. मैंने अपने पड़ोसियों से आग्रह किया कि वह हमारी सरकार के गठन की प्रक्रिया में हस्तक्षेप न करें. कुछ ताकतें नेपाल की राजनीति को अस्थिर करने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन हमने इसे स्थिरता दी.</p>
<p>पूर्व प्रधानमंत्री को राष्ट्रवादी नेता के रूप में जाना जाता है जिन्होंने 2017 में राष्ट्रवादी तख्ती के तहत चुनाव जीता था. उन्होंने 20 नवंबर के चुनाव के दौरान फिर से भारत विरोधी भावना और सीमाओं के मुद्दे को उठाया था. यूएमएल, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और अन्य के समर्थन से, प्रचंड ने पिछले साल 26 दिसंबर को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी.</p>
<p>ओली ने कहा, हमारे कुछ दोस्त दरवाजे से नहीं बल्कि दीवार फांदकर हमारे घर में घुस रहे हैं और सरकार बदलने की कोशिश कर रहे हैं, जो संभव नहीं है. इस तरह की गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा. मैं अपने पड़ोसियों से आग्रह करता हूं कि वह नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करें.</p>
<p>यह पहली बार नहीं है जब ओली ने भारत के खिलाफ अपना गुस्सा उतारा है. नेपाल ने मई 2020 में एक नया नक्शा जारी किया था, तब ओली प्रधानमंत्री थे, जिसमें विवादित क्षेत्र को शामिल किया गया था जो भारत का हिस्सा है, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच क्षेत्रीय विवाद पैदा हो गया था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/nepals-attitude-did-not-change-even-after-change-of-government-spewing-poison-towards-india-again-an						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/nepals-attitude-did-not-change-even-after-change-of-government-spewing-poison-towards-india-again-an</guid>
					<pubDate>Mon, 09 Jan 2023 00:16:37 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[PM ऋषि सुनक लागू कर सकते हैं ये बड़ा नियम: 18 वर्ष की आयु तक के सभी छात्रों के लिए गणित का अध्ययन अनिवार्य]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक ने इंग्लैंड में 18 वर्ष की आयु तक के सभी छात्रों के लिए गणित का अध्ययन अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया है. उनके मुताबिक ‘एक ऐसी दुनिया में जहां डाटा हर जगह है और आंकड़े हर काम का आधार हैं’ युवाओं की मदद की जा सके.</p>
<p>वैसे पीएम सुनक की दलील वास्तव में सही है कि ब्रिटेन में गणितीय कौशल की कमी है. सरकार की 2017 स्मिथ रिव्यू में पाया गया कि उच्च शिक्षा में गैर-एसटीईएम डिग्री वाले लगभग 20 प्रतिशत छात्रों ने ही 16 साल की उम्र के बाद गणित का अध्ययन किया.</p>
<p>नफील्ड फाउंडेशन की एक रिपोर्ट, जिसने इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स की तुलना 20 अन्य विकसित देशों (एस्टोनिया, स्पेन, जापान, कोरिया और रूस सहित) से की, तो पाया कि वे केवल छह देशों में से चार थे जहां 16 के बाद गणित की किसी तरह की पढ़ाई जरूरी नहीं थी.</p>
<p>यही नहीं, यूके में लगभग आधे वयस्कों के पास उसी स्तर का संख्यात्मक कौशल होने की सूचना है जो प्राथमिक स्कूल में एक बच्चे से अपेक्षा की जाती है. गणित कौशल की इस कमी को दूर करने के लिए अनुमान लगाया गया है कि ब्रिटेन को प्रति वर्ष 20 अरब पाउंड खर्च करने होंगे.</p>
<p><strong>गणित के शिक्षकों की भारी कमी</strong></p>
<p>हालांकि, सुनक की योजना की आलोचना की गई है क्योंकि देश में गणित के शिक्षकों की व्यापक कमी है. यह कमी शिक्षकों द्वारा पेशा छोड़ने से और बढ़ जाती है. लगभग सभी शिक्षकों में से एक तिहाई ने योग्यता प्राप्त करने के पांच साल बाद यह पेशा छोड़ दिया है.</p>
<p>फंडिंग के मुद्दे भी हैं. स्कूलों को बजट में कटौती करनी पड़ी है, जिसका अर्थ है कि वे अपने कर्मचारियों और छात्रों को आवश्यक प्रावधानों की पेशकश करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.</p>
<p>हालांकि सरकार ने अभी तक यह निर्दिष्ट नहीं किया है कि 16 के बाद अनिवार्य गणित का स्वरूप क्या होगा, सुनक ने स्पष्ट किया है कि उनका इरादा यह नहीं था कि सभी विद्यार्थी ए-लेवल गणित की पढ़ाई करें.</p>
<p>इसके बजाय, सरकार विकल्प तलाश रही है जिसमें मौजूदा योग्यताएं शामिल हैं, जैसे कि मूल गणित विषय 2013 में पेश किया गया था और 2015 से पढ़ाया जा रहा है. यह ए-लेवल गणित से अलग है और इसमें वित्त, मॉडलिंग, अनुकूलन, सांख्यिकी, संभाव्यता और जोखिम जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जो इन विचारों के पीछे के सिद्धांत के बजाय इन विचारों के अनुप्रयोग का समर्थन करता है.</p>
<p>जिस पृष्ठभूमि गणितीय कौशल की जरूरत है वह अधिकांश जीसीएसई गणित के समान कठिनाई में हैं.</p>
<p><strong>मूल गणित का विस्तार करना</strong></p>
<p>अगर सरकार 16 के बाद गणित का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है, तो कोर गणित को अनिवार्य बनाना (उन लोगों के लिए जो ए-लेवल का गणित नहीं लेते हैं) सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है.</p>
<p>कोर गणित का अतिरिक्त लाभ यह है कि इसमें शिक्षकों को विषय विशेषज्ञ होने की सख्त आवश्यकता नहीं है, हालांकि शिक्षकों के पास गणित ज्ञान का एक सक्षम स्तर होना चाहिए.</p>
<p>यह ए-लेवल के छात्रों के लिए है, जिन्होंने जीसीएसई गणित पास कर लिया है, लेकिन जो गणित में ए-लेवल नहीं ले रहे हैं.</p>
<p>इसे मौजूदा ए-लेवल योग्यता के साथ-साथ पढ़ाया जा सकता है, यूसीएएस अंकों की समान संख्या को एएस-लेवल (लगभग आधा ए-लेवल के बराबर) के साथ सिखाया जा सकता है. इसे एक वर्ष में पढ़ाया जा सकता है या दो में फैलाया जा सकता है.</p>
<p><strong>गणित लेने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि</strong></p>
<p>कोर गणित लेने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है, चाहे धीरे-धीरे: 2015 में केवल 3,000 से कम से 2022 में 12,000 से अधिक छात्र. कॉलेजों ने सीमित संख्या में आगे की शिक्षा योग्यता उपलब्ध कराई है.</p>
<p>विश्वविद्यालय भी योग्यता को पहचानने में धीमे रहे हैं, क्योंकि मूल गणित को ए-स्तर की योग्यताओं के लिए आवश्यक तीन विषयों में से एक नहीं गिना जाता है. हालांकि, कुछ विश्वविद्यालयों ने छात्रों को दिए जाने वाले विषय प्रस्तावों में मूल गणित को पहचानना शुरू कर दिया है.</p>
<p>16 के बाद के कुछ शैक्षिक मार्ग जो ए-स्तर पर आधारित नहीं हैं, उनमें पहले से ही अनिवार्य गणित का कुछ रूप है. इनमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर और टी-लेवल जैसी कुछ व्यावसायिक योग्यताएं शामिल हैं.</p>
<p>इसके अलावा, 16 के बाद की शिक्षा के छात्र जो जीसीएसई गणित में स्तर 4 या ग्रेड सी तक पहुंचने में विफल रहे हैं, उन्हें पास होने तक इस योग्यता को फिर से जारी रखना होगा. हालांकि, अगर सुनक के बयान सही हैं कि 18 साल की उम्र तक गणित को अनिवार्य बनाने की स्पष्ट आवश्यकता है, तो यह सुझाव दिया जा सकता है कि जीसीएसई गणित पर्याप्त रूप से छात्रों की जरूरतों को पूरा नहीं कर रहा है.</p>
<p>16 वर्ष की आयु के बाद गणित की तरफ रूझान न होने के कारण अक्सर उन मुद्दों से उत्पन्न होते हैं जिनका शिक्षार्थी बहुत कम उम्र में सामना करते हैं. बहुत से बच्चे एक विषय के रूप में गणित को लेकर बहुत चिंतित रहते हैं और यहाँ तक कि इस विषय के प्रति तीव्र अरुचि भी महसूस करते हैं.</p>
<p>होना यह चाहिए कि 16 के बाद गणित को अनिवार्य बनाने से पहले मौजूदा गणित पाठ्यक्रम पर सावधानीपूर्वक विचार किया जाए.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/pm-rishi-sunak-can-implement-this-big-rule-mathematics-study-compulsory-for-all-students-till-the-ag						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/pm-rishi-sunak-can-implement-this-big-rule-mathematics-study-compulsory-for-all-students-till-the-ag</guid>
					<pubDate>Mon, 09 Jan 2023 00:07:50 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[आतंकवाद और महंगाई से जूझ रही पाक सरकार के ल‍िए बुरी खबर, विदेशी मुद्रा भंडार हुआ सबसे कम]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पड़ोसी मुल्‍क पाक‍िस्‍तान के बुरे द‍िन खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहे. आतंकवाद और महंगाई से जूझ रही पाक सरकार के ल‍िए अब एक और बुरी खबर आई है. पाक‍िस्‍तान के केंद्रीय बैंक का विदेशी मुद्रा भंडार आठ साल में सबसे कम हो गया है. यह ग‍िरकर 5.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. इससे देश के सामने चूक का जोखिम बढ़ गया है. पाक‍िस्‍तानी मीड‍िया की एक रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी गई. मीड‍िया र‍िपोर्ट में कहा गया क‍ि इकोनॉमी को संभालने की सरकार की कोश‍िशों के बावजूद देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई है.</p>
<p><strong>आठ साल का सबसे निचला स्तर</strong></p>
<p>डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसा स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) का विदेशी मुद्रा भंडार 30 दिसंबर 2022 को समाप्‍त हुए हफ्ते के दौरान घटकर 5.576 अरब डॉलर रह गया. यह आठ साल का सबसे निचला स्तर है. इस हफ्ते के दौरान, बाहरी कर्ज के रीपेमेंट के ल‍िए एसबीपी (SBP) के विदेशी विनिमय भंडार से 24.5 करोड़ डॉलर की निकासी हुई है. अब पाकिस्तान सरकार के समक्ष चूक का गंभीर खतरा मंडरा रहा है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ अगली किस्त जारी करने को वार्ता फिर से शुरू करने के कई प्रयास अब तक विफल रहे हैं.</p>
<p><strong>तीन हफ्ते का ही आयात हो पाएगा</strong></p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया कि जनवरी 2022 में एसबीपी (SBP) का विदेशी मुद्रा भंडार 16.6 अरब डॉलर था, तब से लेकर अब तक 11 अरब डॉलर की गिरावट आई और यह 5.6 अरब डॉलर रह गया. ऐसे में पाकिस्तान सरकार के पास विदेशी कर्ज को चुकता करने के लिए मित्र देशों से कर्ज लेने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार देश के पास विदेशी मुद्रा का जो भंडार बचा है उससे महज तीन हफ्ते का आयात ही किया जा सकता है</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/bad-news-for-pak-government-battling-terrorism-and-inflation-foreign-exchange-reserves-are-lowest						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sat, 07 Jan 2023 01:41:24 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[क्या आप इस खूबसूरत शहर में घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो अपना बजट बढ़ा लें, नए नियम के तहत अब आपको देना होगा एंट्री पर भारी भरकम टैक्स]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>नए साल की शुरूआत में देश दुनिया में कई तरह के बदलाव देखने को मिले हैं. इस बीच कई अजीबोगरीब खबरें भी देखने को मिलीं. कहीं आम लोगों पर महंगाई की मार पड़ी तो कहीं मौसम का भयानक कहर बरपा. बहुत से देशों ने इस साल अपने नियमों को लेकर कई बदलाव किए. एक ऐसा ही देश है इटली, जिसे किसी पहचान की जरूरत नहीं है. इस देश ने वेनिस शहर को लेकर नियमों कुछ बदलाव किए हैं. खबर है कि वेनिस में घूमने वालों को अब टैक्स देना पड़ेगा. वेनिस घूमने वालों के लिए इटली इसी साल ये नया कानून लेकर आया है. इस नियम के अनुसार अब वेनिस जाने वालों को पहले एक रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा. उसके बाद उन्हें शहर में मौजूद भीड़ के हिसाब से पैसे चुकाने होंगे जो 263 रुपये से लेकर 880 रुपये तक हो सकते हैं.</p>
<p><strong>क्यों लाया गया यह नियम?</strong></p>
<p>वेनिस को दुनिया के सबसे खूबसूरत शहरों की लिस्ट में शामिल किया जाता है. इस शहर का ज्यादातर हिस्सा पानी के ऊपर बसा हुआ है. इसके कनाल सिस्टम की वजह से यह दुनियाभर में मशहूर है. यहां एक दिन में करीब 1.20 करोड़ टूरिस्ट आते हैं जबकि पीक सीजन की बात की जाए तो इनकी संख्या बढ़कर करीब 3 करोड़ तक भी पहुंच जाती है. इतनी बड़ी संख्या में यहां टूरिस्ट आते जरूर हैं लेकिन वो रात में रुकने के बजाए दिन में ही वापस निकल जाते हैं. इसकी वजह से यहां के होटल्स को अक्सर घाटे का सामना करना पड़ता है. टूरिज्म के हिसाब से होटल्स कमाई का अच्छा जरिया बनते हैं. इसकी वजह से सरकार को फायदा होता है इसलिए इटली ने ऐसा फैसला लिया है. बता दें कि आपको फॉर्म भरते हुए ये भी बताना होगा कि आप वेनिस में दिन में रूकेंगे या रात में? अगर आप सिर्फ दिन गुजारने के इरादे से आए हैं तो आपको ज्यादा टैक्स भरना पड़ेगा.</p>
<p><strong>इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ता है असर</strong></p>
<p>इतने ज्यादा पर्यटक आने के बाद भी वेनिस से सरकार को खास फायदा नहीं होता है. इसके अलावा वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार को ज्यादा खर्च करना पड़ता है. इसी वजह से वेनिस में घूमने के लिए अब आपको पैसे देने पड़ेंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/are-you-planning-to-visit-this-beautiful-city-then-increase-your-budget-under-the-new-rule-now-you-w						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/are-you-planning-to-visit-this-beautiful-city-then-increase-your-budget-under-the-new-rule-now-you-w</guid>
					<pubDate>Fri, 06 Jan 2023 09:36:09 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन किसी का सगा नहीं, पाकिस्तान का सबसे बड़ा मददगार होने का दावा करने वाले ने दिया ऐसा दगा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान और चीन लंबे समय से दोस्ती का रिश्ता निभाते आ रहे हैं. लेकिन दोनों देशों की फितरत हमेशा सामने आती रही है. दोनों देशों की मंशा से दुनिया का कोई भी देश अंजान नहीं है. हद तो तब हो गई जब पाकिस्तान को दोस्त कहने वाले चीन ने धोखा दे दिया. कंगाली की मार झेल रहे पाकिस्तान को चीन ने बड़ा धोखा दिया है. पाकिस्तान में आई मेड इन चाइना ट्रेन बोगियां कबाड़ निकली हैं. आइये आपको बताते हैं इस पूरे मामले के बारे में.</p>
<p>पाकिस्तान सरकार हद से ज्यादा महंगाई और गरीबी से झेल रही है. खाने की चीजों की कीमतें आम आदमी की जेब के बजट से बाहर निकल चुकी हैं. पाकिस्तान का रेलवे विभाग भी कंगाली की मार झेल रहा है. इस दयनीय स्थिति में भी चीन अपनी हरकत से बाज नहीं आया. चीन ने पाकिस्‍तान के साथ रेलवे से जुड़ी डील में बड़ी धोखेबाजी की है. पाकिस्‍तान रेलवे ने चीन के साथ 14 करोड़ 90 लाख डॉलर की बोगियों की डील की थी. इन बोगियों को पाकिस्तान के रेलवे ट्रैक पर दौड़ाने की योजना थी. गौर करने वाली बात यह है कि तमाम टेस्टिंग के बाद चीनी बोगियां पाकिस्तान लाई गईं, लेकिन जब ट्रैक पर दौड़ने की बारी आई तो ये कबाड़ साबित हुईं.</p>
<p>इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान के रेल अधिकारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं. चीन जाकर इन बोगियों की जांच करने वाले पाक अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं. क्योंकि उस इन अधिकारियों ने चीनी बोगियों को पाकिस्तान के ट्रैक के अनुकूल बताया था. गौर करने वाली बात यह है कि इस डील को फाइनल करने के लिए पाकिस्तान ने अपने 88 अधिकारियों को मोटे खर्च पर चीन भेजा था.</p>
<p>सूत्रों के हवाले से पाकिस्‍तानी अखबार ने कहा कि इन बोगियों को पाकिस्तान के रेलवे ट्रैक के लायक बनाने में अब करोड़ों रुपये खर्च करने होंगे. अधिकारियों के मुताबिक चीनी बोगियों में ज्‍यादा मोटी प्रेसर पाइप लगी हैं. जिसकी वजह से ब्रेक सही तरीके से काम नहीं कर पाएगा, इतना ही नहीं इस वजह से हादसा होने का खतरा भी बना रहेगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/china-is-not-a-relative-of-anyone-the-one-who-claimed-to-be-the-biggest-helper-of-pakistan-gave-such						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/china-is-not-a-relative-of-anyone-the-one-who-claimed-to-be-the-biggest-helper-of-pakistan-gave-such</guid>
					<pubDate>Wed, 04 Jan 2023 10:17:48 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बड़ा खुलासा: इस यूट्यूबर ने लगाया पाक के पूर्व सेना प्रमुख जनरल बाजवा पर हीरोइनों के साथ सेक्स का आरोप]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. लंदन में रहने वाले पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना के आला अधिकारी एक्ट्रेसेस का इस्तेमाल देश के आला नेताओं को हनीट्रैप करने के लिए करते थे. उन्होंने दावा किया कि जनरल कमर जावेद बाजवा और आईएसआई चीफ रह चुके जनरल फैस इन पाकिस्तानी एक्ट्रेस को खुफिया एजेंसी के मुख्यालय में बुलाते थे और उनके साथ जिस्मानी रिश्ते बनाते थे. </p>
<p><strong>आरोपों पर एक्ट्रेसेस ने क्या कहा?</strong></p>
<p>बता दें कि आदिल राजा एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं. उनके 3 लाख सबस्काईबर्स हैं. आदिल राजा के चैनल का नाम सोल्डर स्पीक्स है. उन्होंने अपने चैनल पर ही ये खुलासा किया. आदिल राजा ने दावा किया कि पाकिस्तान की टॉप मॉडल का इस्तेमाल देश के सैन्य अधिकारी अपने फायदे के लिए करते हैं. ये आईएसआई के अधिकारी नेताओं और देश के अन्य पॉवरफुल लोगों को हनीट्रैप करने के लिए इन एक्ट्रेस को उनके पास भेजते हैं और फिर उनका वीडियो बना लेते हैं. </p>
<p>इस दावे के बाद आदिल राजा का वीडियो सोशल मीडिया में मेहविश हयात, माहिरा खान, सजल अली और कुब्रा खान की फोटोज के साथ वायरल हो गया. दरअसल आदिल राजा ने अपने खुलासे में एक्ट्रेसेस का नाम नहीं बताया. उन्होंने केवल शॉर्ट नेम बताया. राजा ने MH, MK और SA नाम बताया. </p>
<p>बाद में आदिल राजा ने सफाई देते हुए कहा कि उन नामों में पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया में कई मॉडल और एक्ट्रेसेस हैं. उन्होंने कहा कि मैं किसी नाम का ना तो समर्थन करता हूं और न ही सोशल मीडिया पर किसी नाम लिए जाने की निंदा करता हूं. उधर आदिल राजा के इस दावे पर पाकिस्तान में भूचाल आ गया है. </p>
<p>मेहविश हयात, माहिरा खान, सजल अली और कुब्रा खान ने आदिल राजा के दावे की कड़ी निंदा की है. वहीं उनके प्रशंसकों ने एक्ट्रेसेस को मानहानि का मुकदमा करने की सलाह दी है. सजल अली ने कहा कि ये उनके चरित्र को बदनाम करने की कोशिश है.</p>
<p>इस बीच कुब्रा खान ने कहा कि वह पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी के खिलाफ कानून कार्रवाई करने जा रही हैं. उन्होंने आदिल राजा को तीन दिनों के अंदर सबूतों के साथ सामने आने की चुनौती दी है. उन्होंने कहा, मैं शुरू में तो शांत रही, क्योंकि मुझे पता है कि फर्जी वीडियो मेरी पहचान को खराब नहीं कर सकता, लेकिन अब बहुत हुआ. आपको लगता है कि कोई रैंडम लोग मुझपर बैठे बैठ उंगली उठाएंगे और मैं चुप रहूंगी तो आपकी सोच है. तो आदिल राजा आप आरोप लगाने से पहले पहले सबूत दिखाएं. उन्होंने आगे कहा कि आपको 3 दिन के अंदर सबूत के साथ सामने आना होगा. नहीं तो मैं आपके के खिलाफ केस करूंगी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/big-disclosure-this-youtuber-accused-former-pakistan-army-chief-general-bajwa-of-having-sex-with-her						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/big-disclosure-this-youtuber-accused-former-pakistan-army-chief-general-bajwa-of-having-sex-with-her</guid>
					<pubDate>Wed, 04 Jan 2023 10:09:40 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इस पाकिस्तानी नागरिक को है बच्चे पैदा करने का शौक, 60 बच्चों के बाद भी चाहते है और बच्चे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दुनिया के तमाम देश जनसंख्या नियंत्रण पर जोर-शोर से काम कर रहे हैं. लेकिन कई ऐसे मुल्क हैं जहां जनसंख्या नियंत्रण का नामो-निशां दूर-दूर तक नहीं दिखता. इन देशों की लिस्ट में पाकिस्तान टॉप पर है. पाकिस्तान की यह हकीकत कई रिपोर्ट्स में सामने आती रहती है. पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में से है जो 2050 तक दुनिया की कुल जनसंख्या वृद्धि में 50 प्रतिशत योगदान देगा.</p>
<p>अब पाकिस्तान का ऐसा मामला सामने आया है जो बेहद हैरान करने वाला है. खुद को पेशे से डॉक्टर बताने वाले पाकिस्तान नागरिक को बच्चे पैदा करने का शौक है. वह अब तक 60 बच्चों को जन्म दे चुका है. आइये आपको बताते हैं बच्चे पैदा करने के शौकीन इस डॉक्टर के बारे में.</p>
<p>यहां बात हो रही है पाकिस्तान के बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में रहने वाले सरदार हाजी जान मोहम्मद की. उन्होंने रविवार को दावा किया कि वे अब 60 बच्चों के पिता बन चुके हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि हाजी के पांच बच्चों का निधन हो चुका है और उनके 55 बच्चे स्वस्थ हैं और जिंदा हैं.</p>
<p>हैरान करने वाली बात यह है कि हाजी अभी और बच्चे पैदा करने की कामना रखते हैं. इतना ही नहीं बच्चों की तादाद बढ़ाने के लिए वे चौथी शादी करने की प्लानिंग में भी लगे हुए हैं. 50 साल के हाजी जान क्वेटा के ईस्टर्न बाईपास पर अपने बड़े परिवार के साथ रहते हैं. वे खुद को डॉक्टर बताते हैं और उनका एक क्लीनिक भी है. इस क्लीनिक से ही उनके परिवार का खर्च चलता है. </p>
<p>हाजी जान ने अपने बेटे यानी 60वीं संतान का नाम खुशहाल खान रखा है. उन्होंने बताया कि खुशहाल के पैदा होने से पहले वे अपनी बेगम को उमरा पर ले गए थे, इसलिए वे अपने नवजात बेटे को हाजी खुशहाल खान भी पुकारते हैं. हाजी जान को अपने सभी बच्चों के नाम भी याद हैं. हाजी ने कहा कि वे और अधिक बच्चे पैदा करना चाहते हैं. उनकी इस इच्छा में उनकी पत्नियां भी शामिल हैं. जान मोहम्मद के कुछ बेटे-बेटियों की उम्र 20 साल के ऊपर है. उनके सारे बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/this-pakistani-citizen-is-fond-of-having-children-even-after-60-children-he-wants-more-children						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/this-pakistani-citizen-is-fond-of-having-children-even-after-60-children-he-wants-more-children</guid>
					<pubDate>Wed, 04 Jan 2023 10:00:08 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तान हुआ कंगाल, पैसे बचाने के लिए कर रहा अजीबोगरीब उपाय]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>आतंकवाद को अपनी अघोषित विदेश बना चुके पाकिस्तान की आर्थिक हालत दिनोंदिन खराब होती जा रही है. पाकिस्तान के पास आयात करने के लिए विदेशी मुद्रा का भंडार बेहद कम बचा है. ऐसे में पैसे बचाने के लिए वह अजीबोगरीब उपाय करने में जुट गया है, जिनके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. शहबाज शरीर सरकार के ऐसे ही एक आदेश ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. </p>
<p><strong>मार्केट और मैरिज हॉल जल्द बंद करने का आदेश</strong></p>
<p>बिजली की बचत करने के लिए सरकार ने मंगलवार को देशभर में मार्केट और मैरिज हॉलों को जल्दी बंद करने का आदेश दिया. इस आदेश के पीछे तर्क दिया गया कि ऐसा करने से बिजली की डिमांड कम होगी, जिससे बिजली बचत करने में लोगों को मदद मिलेगी. चूंकि पावर प्लांट चलाने के लिए सरकार को काफी मात्रा में तेल-कोयला बाहर के देशों से खरीदना पड़ता है. इसलिए सरकार को इस उपाय से काफी विदेशी मुद्रा बचने की उम्मीद है. </p>
<p><strong>60 अरब रुपये की बचत का दावा</strong></p>
<p>मंगलवार को हुई शहबाज शरीफ सरकार की कैबिनेट मीटिंग के बाद रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बैठक के नतीजों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि देश में अब सारे बाजार रात साढ़े आठ बजे बंद कर दिए जाएंगे, जबकि मैरिज हॉलों को रात 10 बजे तक बंद करना होगा. ऐसा न करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. उन्होंने दावा किया कि इन उपायों के जरिए देश को 60 अरब रुपये की बचत होगी. </p>
<p><strong>पीले बल्बों का उत्पादन भी होगा बंद</strong></p>
<p>उन्होंने बताया कि पैसे बचाने के लिए सरकार ने और भी बड़े फैसले लिए हैं. अब 1 फरवरी से देश में 100 वाट के पीले बल्बों का उत्पादन बंद कर दिया जाएगा. जबकि हल्की क्वालिटी वाले पंखों का निर्माण 1 जुलाई से रोक दिया जाएगा. ऐसा करने से सरकार को 22 अरब रुपये की बचत होगी. जिससे जनता के कल्याणकारी कार्यक्रमों पर खर्च किया जाएगा. </p>
<p>उन्होंने बताया कि सरकार एक साल के भीतर कोनिकल गीजर का इस्तेमाल भी अनिवार्य कर देगी, जिससे पाकिस्तान में गैस का इस्तेमाल कम होगा. कम गैस के इस्तेमाल से 92 अरब रुपये की बचत होगी. वहीं स्ट्रीट और स्ट्रीट लाइट के वैकल्पिक उपयोग से अन्य 4 अरब रुपये की बचत होगी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/pakistan-became-poor-taking-strange-measures-to-save-money						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/pakistan-became-poor-taking-strange-measures-to-save-money</guid>
					<pubDate>Wed, 04 Jan 2023 09:52:03 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तान में प्लास्टिक की थैली में कुकिंग गैस यानी एलपीजी गैस मिल रही है]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>आपने लोगों को प्लास्टिक की थैलियों में चावल, आटा या राशन खरीदते देखा होगा. लेकिन अगर हम बताएं कि प्लास्टिक की थैली में कुकिंग गैस यानी एलपीजी मिल रही है तो आप यकीनन चौंक जाएंगे. लेकिन ऐसा हो रहा है वो भी पड़ोसी देश पाकिस्तान में. यहां के खैबर पख्तूनख्वा में लोग प्लास्टिक की थैलियों में गैस भरवाकर खाना पका रहे हैं. यह आलम तब है, जब खैबर पख्तूनख्वा सबसे ज्यादा गैस उत्पाद करता है. पाक के इस प्रांत में गैस सिलेंडर अब तक आम लोगों तक नहीं पहुंचे हैं.</p>
<p>पाकिस्तान के आर्थिक हालात किसी से छिपे नहीं हैं. महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है. आर्थिक संकट के बीच अब वहां  प्लास्टिक की थैलियों में गैस बिक रही है और लोग उन्हें खरीदने को मजबूर हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो ये किसी बम से कम नहीं हैं. </p>
<p><strong>लोगों तक नहीं गैस कनेक्शन की पहुंच</strong></p>
<p>पाकिस्तान में एक बड़ी आबादी की पहुंच गैस कनेक्शन तक नहीं है. यहां महंगाई की मार के कारण गैस भंडारण में कमी आई है. इस वजह से फिलिंग स्टेशनों, इंडस्ट्रियल यूनिट्स और घरों तक सप्लाई कम कर दी गई है. ज्यादा कीमत पर मिल रही कुकिंग गैस, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और गैस की कमी के कारण भी लोग इन तरीकों का रुख करने को मजबूर हैं. </p>
<p>खैबर पख्तूनख्वा के कारक जिले में साल 2007 से गैस कनेक्शन नहीं बांटे गए हैं. पड़ोस के हांगू जिले से जो गैस की सप्लाई मिलती है, उसकी लाइन भी 2 साल से टूटी हुई है. जहां यह लाइन टूटी हुई है, वहां लोग प्लास्टिक की थैलियों में गैस भरने के लिए 2 घंटे लाइनों में लगते हैं. </p>
<p><strong>कैसे भरी जाती है गैस</strong></p>
<p>जो दुकानें गैस पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं, वहां प्लास्टिक की थैलियों में कंप्रेशर के जरिए 2 किलो, 3 किलो के हिसाब से एलपीजी भरी जाती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नॉजेल और वॉल्व को कसकर थैलियों के मुंह पर लगा दिया जाता है. 3-4 किलो की गैस थैली भरने में एक घंटे का वक्त लगता है. इसके बाद इनको लोगों को बेच दिया जाता है. महंगे सिलेंडर होने के कारण प्लास्टिक ये थैलियां 500 से 900 रुपये तक मिल जाती हैं. </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/cooking-gas-ie-lpg-gas-is-being-found-in-plastic-bags-in-pakistan						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/cooking-gas-ie-lpg-gas-is-being-found-in-plastic-bags-in-pakistan</guid>
					<pubDate>Sun, 01 Jan 2023 10:16:03 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[हिन्दू महिला की हत्या की खबर पर पाकिस्तानी अभिनेत्री उशना शाह ने लगाए ये गंभीर आरोप]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दया भील की दुखद हत्या की खबरों पर पाकिस्तानी अभिनेत्री उशना शाह ने देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे व्यवहार की आलोचना की है, मीडिया को यह जानकारी दी गई है. समा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, 'बशर मोमिन' की अदाकारा ने देश में पाकिस्तानी धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले बर्ताव पर नाराजगी जताते हुए ट्वीट किया. उन्होंने लिखा- दया भील, सिंधी हिंदू का सबसे जघन्य तरीके से बलात्कार, हत्या और सिर काट दिया गया, फिर भी मीडिया में कोई नाराजगी नहीं है. हम इस बारे में क्यों नहीं बोल रहे हैं.</p>
<p>44 वर्षीय विधवा दया भील की मंगलवार को कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी, और उसका क्षत-विक्षत शव सिंध के संघर जिला कार्यालय से 18 किमी दूर डिप्टी साहब गांव में उसके घर से आधा किलोमीटर दूर एक खेत में पाया गया था.</p>
<p>एक और ट्वीट में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की कोई आवाज नहीं है, ठीक दया भील की तरह. मेरे कुछ करीबी हिंदू-पाकिस्तानी दोस्त हैं. अद्भुत, दयालु लोग, कुछ मेरे लिए परिवार की तरह भी हैं. वह विशेषाधिकार प्राप्त घरों से हैं. मैं यह सोचकर कांप उठती हूं कि यदि वह नहीं होते तो बहुसंख्यक अल्पसंख्यकों की तरह उनका जीवन भी खराब होता, जिनकी कोई आवाज नहीं है, दयाभेल.</p>
<p>द करेंट ने बताया, इस साल की शुरूआत में रमजान के पवित्र महीने के दौरान, उशना ने एक उदाहरण शेयर किया था जहां उसे एक ईसाई और एक हिंदू द्वारा मदद की गई थी, जब वह रमजान में अस्र की नमाज अदा करने जा रही थी. शाह ने ट्वीट किया था, अभी-अभी एक ईसाई और एक हिंदू ने अस्र की नमाज अदा करने में मेरी मदद की और सहिष्णुता की मिसाल कायम की.</p>
<p>नाबिला सैलून में, मेकअप आर्टिस्ट (जो हिंदू है) ने फॉसट को पकड़ रखा था ताकि मैं आसानी से वुजू कर सकूं और एक अन्य मेकअप आर्टिस्ट (जिसने कल रात मेरा मेकअप किया था), जो ईसाई है, ने मेरे लिए जनमेज फैलाया.</p>
<p>पिछले साल उशना ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर देश में अल्पसंख्यकों के साथ एकजुटता का इजहार किया था. अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर कहा था, मैं स्वतंत्रता दिवस मनाऊंगी जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को आर्थिक, भौतिक और धार्मिक सुरक्षा के साथ-साथ नागरिक स्वतंत्रता का वादा किया जाएगा. वही वादा जिसने इस देश की नींव रखी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/pakistani-actress-ushana-shah-made-these-serious-allegations-on-the-news-of-the-murder-of-a-hindu-wo						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/pakistani-actress-ushana-shah-made-these-serious-allegations-on-the-news-of-the-murder-of-a-hindu-wo</guid>
					<pubDate>Sun, 01 Jan 2023 02:24:54 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कंबोडिया के कसीनो में लगी भीषण आग, जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे लोग]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कंबोडिया के एक होटल में भीषण आग लगने से 10 लोगों की मौत की खबर है. स्थानीय समय के मुताबिक होटल में भीषण आग सुबह 8.30 बजे लगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होटल ग्रांड डायमंड सिटी में लगी इस आग में 30 लोग गंभीर रूप से झुलसने के साथ घायल भी हुए हैं. फिलहाल वहां बचाव का काम अभी जारी है.</p>
<p><strong>आसमान छू रही थीं आग की लपटें</strong></p>
<p>न्यूज़ के मुताबिक इस होटल के कसीनो में बड़ी हलचल थी. वहां इस आग की वजह से करीब 50 लोग फंस गए थे. इस घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. जिनमें देखा जा सकता है कि आग की लपटें कैसे आसमान छू रही थीं. दूसरी वीडियो क्लिप में छत का एक बड़ा हिस्सा जलता हुआ दिख रहा है. वहीं होटल मैनेजमेंट के मुताबिक इस घटनाक्रम में भारी नुकसान हुआ है. </p>
<p><strong>जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे लोग</strong></p>
<p>आग लगते ही कुछ लोगों को जान बचाने के लिए कई मंजिला ऊंची खिड़कियों से छलांग लगाने को मजबूर होना पड़ा. वहीं होटल के अन्य हिस्से जले हुए और खोखले दिखाई दिए. इस बीच कसीनो के कर्मचारी इमारत की सीढ़ियों पर भागते नजर आए. इमारत के ढांचे का कुछ हिस्सा ढह गया है. जबकि एक दूसरा हिस्सा कुछ 'झुका हुआ' दिखाई दे रहा है.</p>
<p><strong>53 लोगों को बचाया गया</strong></p>
<p>आग की लपटें करीब 6 घंटे तक स्थानीय लोगों को डराती रहीं. रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय लोगों ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई. आग पर काबू पाने के लिए थाइलैंड से आपातकालीन कर्मचारियों को लाया गया है. इस दौरान दमकलकर्मियों को 53 लोगों को सुरक्षित बचाने में कामयाबी भी मिली है. फायरफाइटर्स ने बताया कि आग पर लगभग काबू पा लिया गया है और होटल के कमरों में एहतियातन तलाशी का काम जारी है ताकि किसी और जनहानि को रोका जा सके.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/huge-fire-broke-out-in-cambodias-casino-people-jumped-from-windows-to-save-their-lives						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/huge-fire-broke-out-in-cambodias-casino-people-jumped-from-windows-to-save-their-lives</guid>
					<pubDate>Fri, 30 Dec 2022 10:50:21 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इस देश ने लगाई भारतीयों को वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा देने पर रोक, यह है इसका कारण]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>सर्बिया की सरकार ने भारतीयों के लिए वीजा-फ्री एंट्री खत्म करने का फैसला लिया है. 1 जनवरी 2023 से भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब बिना वैध वीजा के सर्बिया की यात्रा करने की सुविधा नहीं होगी.  अवैध इमिग्रेशन को कंट्रोल करने और यूरोपीय वीजा पॉलिसी की आवश्यकताओं का पालन करने के लिए यह कदम उठाया गया है.</p>
<p>सरकार ने एक बयान में कहा, ‘सर्बिया में 30 दिनों तक रहने के लिए सभी भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए देश में वीजा-फ्री एंट्री की मौजूदा व्यवस्था को वापस ले लिया गया है.’</p>
<p>इससे पहले, राजनयिक और आधिकारिक भारतीय पासपोर्ट धारकों को बिना वीजा के 90 दिनों के लिए देश का दौरा करने की अनुमति थी, जबकि सामान्य पासपोर्ट धारकों के लिए यह अवधि 30 दिनों की थी.</p>
<p><strong>2017 में शुरू की गई थी यह व्यवस्था</strong></p>
<p>सितंबर 2017 में सर्बिया द्वारा वीज़ा-फ्री एंट्री शुरू की गई थी. सर्बिया की यात्रा करने वाले भारतीय वीज़ा-फ्री एंट्री के आधार पर सर्बिया के पड़ोसी देशों और अन्य यूरोपीय देशों सहित अन्य देशों की यात्रा नहीं कर सकते हैं.</p>
<p><strong>भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी</strong></p>
<p>सर्बिया सरकार की इस घोषणा के बाद राजधानी बेलग्रेड में स्थित भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों को वीजा नियमों में बदलाव के बारे में सूचित किया.</p>
<p>एडवाइजरी में कहा गया, ‘1 जनवरी 2023 से, सर्बिया जाने वाले सभी भारतीय नागरिकों को सर्बिया गणराज्य में प्रवेश करने के लिए वीजा की आवश्यकता होगी. सर्बिया में 30 दिनों तक रहने के लिए सभी भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा-फ्री एंट्री की मौजूदा व्यवस्था को सर्बिया सरकार द्वारा वापस ले लिया गया है. भारतीय नागरिक, जो 1 जनवरी 2023 को या उसके बाद सर्बिया जाने का इरादा रखते हैं, उन्हें नई दिल्ली में सर्बिया के दूतावास या जिस देश में वह रहते हो वहां वीजा के लिए आवेदन करना चाहिए.‘</p>
<p>एडवाइजरी में यह भी बताया गया है कि वैध शेंगेन, यूके वीजा, या संयुक्त राज्य अमेरिका के वीजा या इन देशों में रेजिडेंट स्टेट्स वाले भारतीय अभी भी 90 दिनों तक सर्बिया में प्रवेश कर सकते हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/this-country-has-banned-the-facility-of-visa-free-entry-to-indians-this-is-the-reason						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/this-country-has-banned-the-facility-of-visa-free-entry-to-indians-this-is-the-reason</guid>
					<pubDate>Fri, 30 Dec 2022 10:38:37 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[नेपाल के नव र्निवाचित पीएम की भारत के साथ क्या होगी विदेश नीति, इस पर सबकी निगाहें टिकी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>नेपाल के नव र्निवाचित पीएम पुष्प कमल दाहाल क्या विदेश नीति अपनाएंगे इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं. उनके पिछले कार्यकाल में उन पर चीन समर्थक होने का आरोप लगता रहा है. हालांकि अब उन्होंने कहा है कि वह नेपाल को केंद्र में रखकर दुनिया के साथ अपने रिश्ते बनाएंगे.</p>
<p>एक भारतीय टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह शुरुआत से ही प्रो-नेपाली पॉलिसी पर चले हैं और उनका मकसद भारत, चीन समेत अन्य देशों के साथ अच्छे संबंध बनाना है. उन्होंने प्रो चीन या प्रो भारत होने की बात से इनकार करते हुए कहा, 'राजशाही के समय पर किसी को प्रो इंडिया, प्रो चीन तो किसी को प्रो अमेरिका कहकर नेपाल की राजनीति को चलाने की गलत परंपरा थी.'</p>
<p><strong>‘भारत के साथ विशेष रिश्ता’</strong></p>
<p>नेपाल के पीएम के मुताबिक भारत-नेपाल संबंधों को आगे लेकर जाना है. दोनों देशों के संबंधों पर उनका कहना है, 'हमारा बॉर्डर, इतिहास, भाषा, संस्कृति और लोगों से लोगों का जो रिश्ता है वह कहीं देखने को नहीं मिलता है. ' उन्होंने संकेत दिए कि उनकी पहली विदेश यात्रा भारत की हो सकती है.</p>
<p>वैसे कई जानकार मानते हैं कि तीसरी बार पीएम की सत्ता संभालने वाले प्रचंड के सामने विदेश नीति के मोर्च पर काफी चुनौतियां हैं.</p>
<p><strong>प्रचंड के सामने आंतरिक चुनौती</strong></p>
<p>वैसे कई जानकार मानते हैं कि तीसरी बार पीएम की सत्ता संभालने वाले प्रचंड के सामने विदेश नीति के मोर्च पर काफी चुनौतियां हैं. वैसे उनके सामने ज्यादा गंभीर चुनौती सरकार की स्थिरता को लेकर भी है क्योंकि उनकी एक गठबंधन सरकार है. </p>
<p>हालात चीन के लिए अधिक बेहतर दिख रहे हैं क्योंकि कम्युनिस्ट पार्टियों ने मिलकर सरकार बनाई है. वहीं अलग-अलग विचारधारा वाली पार्टियां सरकार में आई हैं और उनमें से कई नई हैं. इसलिए दिल्ली के लिए उनसे संबंध बढाना एक चुनौती होगा. हालांकि भविष्य में पीएम मोदी और प्रधानमंत्री प्रचंड भारत-नेपाल सीमा विवाद सुलझाने को लेकर बातचीत कर सकते हैं.</p>
<p>वैसे कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि प्रचंड की सरकार आर्थिक कूटनीति पर चलेगी. सरकार के  लिए अच्छा यही रहेगा कि वह विदेशी संबंधों के मामले में किसी पार्टी या देश की बजाय नेपाल को आगे रखकर काम करे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/what-will-be-the-foreign-policy-of-nepals-newly-elected-pm-with-india-everyones-eyes-are-on-it						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/what-will-be-the-foreign-policy-of-nepals-newly-elected-pm-with-india-everyones-eyes-are-on-it</guid>
					<pubDate>Fri, 30 Dec 2022 10:33:37 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[दुनिया के बेहद अजीबोगरीब है शहर, जहाँ रात में भी नहीं डूबता सूरज]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>आमतौर पर दुनिया में 12 घंटे का दिन और 12 घंटे की रात होती है और पूरा एक दिन 24 घंटे का होता है. यह खबर उन लोगों को हैरान कर देगी जिनको लगता है कि सारी दुनिया में दिन-रात होने का फॉर्मूला यही हैं. आपको बता दें कि कई सारे देश और शहर ऐसे भी हैं जहां सूरज कई दिनों तक चमकता रहता है. यह जगहें अपने आप में अनोखी हैं. इसके अलावा यहां पर्यटकों की काफी भीड़ लगी रहती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसी जगहों पर 70 दिनों तक सूरज चमकता रहता है.</p>
<p><strong>कौन से हैं वो देश जहां होते है अनोखे दिन</strong></p>
<p>1. नार्वे को मिडनाइट सन भी कहा जाता है. आपको बता दें कि यहां करीब 76 दिनों तक सूरज नजर आता है. 10 अप्रैल से लेकर 23 अगस्त तक यहां दिन होता है. इस बीच यहां रात नहीं होती है.</p>
<p>2. कनाडा के बारे में तो आप सभी ने सुना होगा. बता दें कि इस देश में नुनावुत नाम का एक शहर है जहां करीब 2 महीने तक लगातार सूरज आसमान में चमकता रहता है लेकिन यहां जब सर्दियां आती हैं तो सिर्फ रात ही रहती है.</p>
<p>3. फिनलैंड को हजारों झीलों की धरती के नाम से भी जाना जाता है. बता दें कि यहां गर्मियों में करीब 73 दिन तक सूरज के दर्शन होते हैं लेकिन सर्दियों में सूरज आसमान से ऐसे लापता होता है जैसे कभी दिन नहीं होगा यानी रात में यहां सूरज की रोशनी कई दिनों तक नहीं नजर आती है. आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन गर्मियों में यहां के लोग कम सोते हैं.</p>
<p>4. अलास्का की बात करें तो यहां मई के अंत से जुलाई के अंत तक सूरज आसमान में चमकता रहता है जबकि यहां इसके बाद करीब एक महीने तक रात रहती है. अलास्का को पोलर नाइट के नाम से भी जाना जाता है. यहां आपको बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिल सकते हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-worlds-most-strange-city-where-the-sun-does-not-set-even-at-night						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/the-worlds-most-strange-city-where-the-sun-does-not-set-even-at-night</guid>
					<pubDate>Thu, 29 Dec 2022 02:14:37 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन में हुआ बड़ा हादसा, अत्यधिक धुंध के कारण 200 से अधिक वाहन एक दूसरे से भिड़े]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चीन के राज्य मीडिया सीसीटीवी ने बताया कि बुधवार सुबह अत्यधिक धुंध की स्थिति के कारण हेनान प्रांत के मध्य चीनी शहर झेंग्झौ में एक पुल पर दर्जनों वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए. सोशल मीडिया पर तस्वीरों और वीडियो में झेंगक्सिन हुआंगे पुल पर कई कारों और ट्रकों को एक-दूसरे के दूसरे में घुसे हुए और ढेर होते देखा जा सकता है. सीसीटीवी के मुताबिक, दुर्घटनास्थल पर कई लोग घायल हो गए और दमकल विभाग पुल राहत और बचाव कार्य में लगा था. </p>
<p>स्थानीय टेलीविजन के अनुसार, घटनास्थल पर पहुंचे बचाव दल का प्रारंभिक अनुमान है कि दुर्घटना 200 से अधिक वाहन शामिल थे. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. झेंग्झौ यातायात अधिकारियों द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, दो घंटे पहले कोहरे के मौसम के कारण स्थानीय यातायात पुलिस ने सभी वाहनों को पुल से गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया था.</p>
<p>सीसीटीवी ने बताया कि झेंगक्सिन हुआंगे ब्रिज की मिडिल लाइन के पास नॉर्थ-से-साउथ और साउथ-से-नार्थ दिशाओं में कई टक्करें हुईं. झेंग्झौ और पड़ोसी शिनजियांग को जोड़ने वाला झेंगक्सिन हुआंगे ब्रिज पीली नदी के पार एक प्रमुख ओवरपास है.</p>
<p>चीन के ट्विटर जैसे वीबो प्लेटफॉर्म पर लगभग 42 सेकंड के एक वीडियो में क्षतिग्रस्त कारों और ट्रकों की कतार दिखाई गई,  जिसमें लोग पुल पर वीडियो और तस्वीरें लेते दिख रहे थे. एक ड्राइवर जो लगता है कि फिल्म बना रहा है, कहता है, ‘यह बहुत डरावना है. यह लोगों से भरा हुआ है. मुझे नहीं लगता कि हम पुल से उतर सकते हैं.‘</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/major-accident-occurred-in-china-more-than-200-vehicles-collided-with-each-other-due-to-excessive-fo						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/major-accident-occurred-in-china-more-than-200-vehicles-collided-with-each-other-due-to-excessive-fo</guid>
					<pubDate>Thu, 29 Dec 2022 01:39:10 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भारत से दुश्मनी कर पाकिस्तान को याद आ रहा आटा-दाल का भाव, आसमान छू रहा आटा, कैसे पेट भरेगी जनता]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारत से अंधी दुश्मनी पड़ोसी पाकिस्तान को बहुत महंगी पड़ रही है. पहले से पेट्रोल-डीजल समेत जरूरी चीजों की महंगाई से परेशान पाकिस्तानी अब पेट भरने के लिए दाने-दाने को भी मोहताज हो गए हैं. वहां पर आटे के रेट (Flour Rate in Pakistan) इतने ज्यादा बढ़ गए हैं कि औसत आमदनी कमाने वाला पाकिस्तानी उसे खरीद नहीं पा रहा है. जो इस महंगे आटे को खरीदने में सक्षम हैं, वे भी एक लिमिट से ज्यादा इसे खरीद नहीं सकते हैं. ऐसे में भूख से तड़पते बच्चों को देखते हुए लोग अब पाकिस्तानी सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं लेकिन सरकार कोई एक्शन लेने के बजाय आश्वासन की घुट्टी पिलाकर टाइम काट रही है. </p>
<p><strong>पाकिस्तान में 125 रुपये का एक किलो आटा</strong></p>
<p>पाकिस्तान अखबार डॉन के मुताबिक आटा मिल मालिकों ने आटे के दाम (Flour Rate in Pakistan) में अचानक 11 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. इसके चलते पंजाब और सिंध प्रांत में 104 रुपये  प्रति किलो बिकने वाला आटा शनिवार को 115 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया. इसके बाद रविवार को बिचौलियो ने इसमें 10 रुपये की और बढ़ोतरी कर दी है. जिसके चलते अब एक किलो आटा 125 रुपये किलो का हो चुका है. यानी कि भारत में 10 किलो आटे का जो पैक 340 रुपये में मिल रहा है, वही पैक अब पाकिस्तान के लोगों को 1250 रुपये में खरीदना पड़ रहा है. </p>
<p><strong>दाने-दाने के लिए तरस रहे पाकिस्तानी </strong></p>
<p>पाकिस्तान फ्लोर मिल एसोसिएशन (PFMA) के चेयरमैन आमिर अब्दुल्लाह कहते हैं कि सिंध सरकार हर महीने 10 हजार गेहूं की बोरियां हरेक मिल को दे रही है. सर्दियों में आटे की बढ़ी डिमांड की वजह से सरकार की यह सप्लाई नाकाफी साबित हो रही है. इसी के चलते मार्केट में आटे के रेट (Flour Rate in Pakistan) बढ़ते जा रहे हैं. वे कहते हैं कि इस काम में मिल प्रबंधकों की ओर से कोई स्मगलिंग नहीं हो रही है. मिलों से आटा खरीदने वाले व्यापारी जानबूझकर धीरे-धीरे आटे के पैकेट बेच रहे हैं, जिससे उसके दाम और बढ़ सकें. </p>
<p><strong>सरकारों ने साध रखी है चुप्पी</strong></p>
<p>आमिर अब्दुल्लाह कहते हैं कि एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया है कि वे 3 महीने बाद नई फसल के आने तक मिलों के दिए जा रहे गेहूं के कोटा में बढ़ोतरी करें, जिससे आटे के दाम और बढ़ने से रोके जा सकें लेकिन सिंध सरकार ने अब तक इस पर कोई रिस्पांस नहीं दिया है. </p>
<p><strong>क्या इस उपाय से सुलझेंगे हालात? </strong></p>
<p>कराची रिटेल ग्रोसर्स ग्रुप के महासचिव फरीद कुरैशी ने कहा कि सिंध सरकार के पास 7.5 मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक पड़ा है. वह चाहे तो मार्च तक इस गेहूं को सब्सिडाइज्ड रेट में मिल मालिकों को देकर हालात पर काबू (Flour Rate in Pakistan) पा सकती है. उसके बाद बाजार में नई फसल आ जाएगी, जिससे स्थिति काबू हद तक काबू में आ सकती है. </p>
<p><strong>एक्सपर्टों ने महंगाई पर कही ये बात</strong></p>
<p>पाकिस्तान में विकराल होते हालात को देखते हुए सरकारों में भी घबराहट है. अब सिंध सरकार ने फैसला लिया है कि वह तत्काल प्रभाव से इस सीजन में 1.4 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद करेगी. इसमें एक मीट्रिक टन किसानों से और 4 लाख टन पाकिस्तान के एग्रीकल्चर स्टोरेज  सर्विस कॉरपोरेशन से खरीदे जाएंगे. सरकार की इस पहल से लोगों को कितनी राहत मिलेगी, यह तो भविष्य बताएगा. लेकिन एक्सपर्टो का कहना है कि पाकिस्तान में आटे के जो रेट  (Flour Rate in Pakistan) बढ़ चुके हैं, उसमें अब बहुत ज्यादा कमी आने की संभावना नहीं है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/due-to-enmity-with-india-pakistan-is-remembering-the-price-of-flour-and-pulses-the-flour-is-touching						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/due-to-enmity-with-india-pakistan-is-remembering-the-price-of-flour-and-pulses-the-flour-is-touching</guid>
					<pubDate>Wed, 28 Dec 2022 11:08:06 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन की यह गलती एक बार फिर दुनिया पर पड़ेगी भारी, कोरोना मचा सकता है तबाही]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>देश में बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच जनवरी आते-आते चीन व्यावहारिक रूप से अपनी तीन साल पुरानी ‘शून्य कोविड नीति’ और अपने अंतरराष्ट्रीय अलगाव को त्याग देगा तथा यात्रा और व्यापार के लिए अपने हवाई अड्डों और बंदरगाहों को पूरी तरह से खोल देगा. चीन के इस कदम का घातक असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है. चीन में कोरोना महामारी तेजी से फैल रही है. तमाम रिपोर्ट्स में चीन में कोरोना के चलते बुरी हालत का खुलासा हो चुका है. ऐसे में चीन क यात्रा प्रतिबंधों का हटाना अन्य देशों में कोरोना केस बढ़ा सकता है. </p>
<p>चीनी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि आठ जनवरी से चीन अंतरराष्ट्रीय आगमन के लिए ‘न्यूक्लिक एसिड परीक्षण’, विदेशों में चीनी दूतावासों से कोविड ग्रीन कोड प्राप्त करने और आगमन पर पृथक-वास को बंद कर देगा.</p>
<p>यात्रा नियमों की पूरी तरह से समाप्ति ऐसे समय की जा रही है जब शी जिनपिंग शासन द्वारा इस महीने की शुरुआत में सरकार विरोधी प्रदर्शनों की लहर के बाद अपनी कठोर ‘शून्य-कोविड नीति’ में ढील दिए जाने के बाद चीन ओमीक्रॉन स्वरूपों के चलते संक्रमण के मामलों में अचानक आई तेजी का सामना कर रहा है.</p>
<p>अधिकारियों का तर्क है कि ओमीक्रॉन स्वरूप डेल्टा स्वरूप जितना घातक नहीं है, जिससे पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर मौतें हुई थीं.</p>
<p>पृथक-वास संबंधी सभी नियमों को समाप्त करने की घोषणा का व्यापक रूप से स्वागत किया गया है, विशेष रूप से चीन स्थित विदेशी कंपनियों ने इसका स्वागत किया है. लेकिन प्रतिबंध हटाए जाने के समय को लेकर चिंता भी है क्योंकि यह कदम 22 जनवरी को देश के वार्षिक वसंत महोत्सव से पहले उठाया गया है, जिसके दौरान लाखों चीनी यात्रा देश और विदेश में यात्रा करेंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/this-mistake-of-china-will-once-again-fall-heavily-on-the-world-corona-can-create-havoc						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/this-mistake-of-china-will-once-again-fall-heavily-on-the-world-corona-can-create-havoc</guid>
					<pubDate>Wed, 28 Dec 2022 10:50:05 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[जांच एजेंसी का बड़ा खुलासा, इमरान खान की हत्या की कोशिश ‘सुनियोजित साजिश’ थी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पिछले महीने इस्लामाबाद तक मार्च के दौरान हुई हत्या की कोशिश ‘सुनियोजित साजिश’ थी. यह दावा मामले की जांच कर रही संयुक्त जांच टीम (JIT) ने किया है. गौरतलब है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष खान पर तीन नवंबर को हमला हुआ था और एक गोली उनके दाहिने पैर में तब लगी जब दो बंदूकधारियों ने उस समय खान और अन्य पर गोली चलाई. गोली तब चलाई गई जब वे लाहौर से करीब 150 किलोमीटर दूर वजीराबाद इलाके में कंटेनर ट्रक पर खड़े थे. वह मध्यावधि चुनाव की मांग को लेकर इस्लामाबाद तक मार्च का नेतृत्व कर रहे थे.</p>
<p><strong>जेआईटी का बड़ा खुलासा</strong></p>
<p>लाहौर के पुलिस प्रमुख गुलाम महमूद डोगर के नेतृत्व में गठित जेआईटी जांच में सामने आई जानकारी मीडिया से साझा करते हुए पंजाब के गृहमंत्री उमर सरफराज चीमा ने सोमवार को कहा कि खान पर बंदूक से किया गया हमला एक संगठित और पूर्व सुनियोजित साजिश थी. उन्होंने बताया कि जेआईटी जांच में पाया गया कि एक से अधिक हमलावर थे, जिन्होंने 70 वर्षीय खान को रैली में मारने की कोशिश की. चीमा ने बताया कि पुलिस ने मुख्य संदिग्ध मुहम्मद नवीद को गिरफ्तार कर लिया है और वह तीन जनवरी तक पूछताछ के लिए जेआईटी की हिरासत में है.</p>
<p><strong>मंत्री का दावा</strong></p>
<p>मंत्री ने दावा किया कि नवीद ‘प्रशिक्षित था और अपने साथियों के साथ घटनास्थल पर मौजूद था.’ उन्होंने बताया कि नवीद पॉलीग्राफ जांच में असफल रहा. चीमा के मुताबिक नवीद ने पुलिस को बताया कि वह खान की तब हत्या करना चाहता था जब रैली में अजान के लिए तेज संगीत बजाया जा रहा था. उन्होंने बताया कि नवीद का रिश्ते का भाई मुहम्मद वकास भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश के लिए तीन जनवरी तक जेआईटी की हिरासत में है. वकास ने तीन नवंबर को ट्वीट किया था, ‘आज इमरान खान की रैली में कुछ बड़ा होने जा रहा है.’</p>
<p>उल्लेखनीय है कि खान ने मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, आतंरिक मंत्री राणा सन्नाउल्लाह और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के मेजर जनरल फैसल नसीर पर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था. पंजाब पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन खान के आरोप के बावजूद किसी व्यक्ति को नामजद नहीं किया था. खान इस समय स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं और लाहौर के जमन पार्क स्थित अपने निवास में हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/investigation-agencys-big-disclosure-imran-khans-assassination-attempt-was-a-well-planned-conspiracy						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/investigation-agencys-big-disclosure-imran-khans-assassination-attempt-was-a-well-planned-conspiracy</guid>
					<pubDate>Wed, 28 Dec 2022 10:43:41 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कोरोना से बेहाल चीन खो सकता हैं 'फैक्ट्री ऑफ वर्ल्ड' का ताज, भारत के हाथ लग सकता है ये अवसर]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कोरोना महामारी की मार झेल रहा चीन हर तरफ से नुकसान झेलता नजर आ रहा है. चीन के कारखानों में मजदूरों की भारी कमी की कई रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं. चीन में कम सैलरी में जोखिम भरा काम करने से मजदूर कतरा रहे हैं. इसका सीधा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. यहां बात हो रही है चीन के 'फैक्ट्री ऑफ वर्ल्ड' के ताज के बारे में. यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब चीन अपने इस ताज को खो दे.</p>
<p>कोरोना की बार-बार मार झेल रहे चीन के कारखानों में मजदूरों की कमी के कारण प्रोडक्शन का ग्राफ बेहद नीचे आ चुका है. चीन में मजदूर कोरोना से खौफ में तो हैं ही साथ ही वहां सैलरी का भी मसला बड़ा है. हमेशा शिकायत आती रही है कि चीन की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों को कम सैलरी दी जाती है. यह भी एक बड़ी वजह है जो चीन में मजदूरों की संख्या को कम कर रही है.</p>
<p>चीन के मौजूदा हालात को देखते हुए भारत को बड़ा मौका मिलने के अवसर साफ दिखाई दे रहे हैं. समय आ गया है जब भारत वर्ल्ड फैक्ट्री बनने के बारे में सोच सकता है. भारत अगर अच्छी सैलरी वाली नौकरियों का अवसर बढ़ाए तो देश को बड़ा फायदा हो सकता है, खासकर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में.</p>
<p>ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क की बैठक के दौरान भी यह चर्चा हुई थी. इसमें जोर देकर कहा गया था कि मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में दुनिया के तमाम देशों को चीन से इतर विकल्प तलाशना चाहिए. इसमें अमेरिका ने खास दिलचस्पी भी दिखाई दी है. अमेरिका ने चीन को छोड़कर दूसरे देशों में निवेश करने की बात भी कही है.</p>
<p>ऐसे में भारत के पास चीन से फैक्ट्री ऑफ वर्ल्ड का ताज छिनने का बड़ा मौका है. आंकड़ों पर गौर करें तो भारत में कम दर पर बड़ी लेबरफोर्स पहले ही मौजूद है. भारत अगर मैन्युफैक्चिरिंग हब के तौर पर अपनी पहचान बनाता है तो यहां दुनिया के कई देशों की कंपनियां फैक्ट्रियां स्थापित कर सकती हैं. इस स्थिति में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार भी आएगा</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/china-may-lose-the-crown-of-factory-of-world-due-to-corona-india-may-get-this-opportunity						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/china-may-lose-the-crown-of-factory-of-world-due-to-corona-india-may-get-this-opportunity</guid>
					<pubDate>Tue, 27 Dec 2022 01:24:49 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कोरोना के सही आंकड़े दुनिया से छुपाने के लिए चीन तरह-तरह के तरीके इजाद कर रहा, लाशों के लिए जगह कम पड़ने लगी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कोरोना के बढ़ते प्रकोप से दुनियाभर में एकबार फिर से खौफ का माहौल दिखने लगा है. चीन में कोविड का एक नया वेरिएंट BF.7 तबाही मचा रहा है. इसके कई मामले अमेरिका और भारत समेत दूसरे देशों में भी देखने को मिल रहे हैं. चीन में बढ़ते कोरोना के आंकड़े डराने वाले हैं. सही आंकड़े दुनिया से छुपाने के लिए चीन तरह-तरह के तरीके इजाद कर रहा है. इस बार चीन की राजधानी बीजिंग में भी हालात भयानक हो चुके हैं. खबर है कि चीन के फ्यूरनल सेंटर में अब लाशों के लिए जगह कम पड़ने लगी है.</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></p>
<p>कोरोना से हुई मौतों के सही आंकड़े पेश करने के मामले में चीन पहले से संदेह में है. इस बार हालात पहले से ज्यादा बुरे हो चुके हैं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो चीन की राजधानी बीजिंग में बड़े पैमाने पर कंटेनर बॉक्स लाए गए हैं जो फ्यूनरल सेंटर दांगजीओ के बाहर रखे गए हैं. हैरानी की बात यह है कि फ्यूनरल सेंटर के नजदीक किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है यहां तक की मीडिया को भी इसके पास जाने नहीं दिया जा रहा है. अंतिम संस्कार के लिए फ्यूरनल सेंटर में जगह न मिलने से शवों को पीले रंग के बैग्स में रखा जा रहा. फ्यूनरल सेंटर के बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल को तैनात किया गया है. इन बड़े-बड़े कंटेनरों में शवों को रखा जा रहा है.</p>
<p><strong>देश से बाहर जाने वालों पर पैनी नजर</strong></p>
<p>चीन ने देश के बॉर्डर को सील करना शुरू कर दिया है. नेशनल हेल्थ कमीशन के अनुसार चीन के गुआंगडोंग में कोरोना सबसे ज्यादा तबाही मचा रहा है. खबरों की मानें तो यहां रोज हजार से ज्यादा मामले देखने को मिल रहे हैं. वहीं चीन के फुजियान, युनान, हुनान, सिचुआन और तियांजिन में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि चीन ने जीरो कोविड पॉलिसी को वापस लिए जाने के बाद से नए मरीजों का कोई डेटा नहीं पेश किया है इसलिए यह कह पाना मुश्किल है कि वहां कैसे हालात हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/china-is-inventing-various-methods-to-hide-the-correct-figures-of-corona-from-the-world-the-space-fo						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/china-is-inventing-various-methods-to-hide-the-correct-figures-of-corona-from-the-world-the-space-fo</guid>
					<pubDate>Sun, 25 Dec 2022 01:45:35 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भारत की इस बात को लेकर हुई दुनियाभर में तारीफ, UN में बजा भारत का डंका]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>संयुक्त राष्ट्र (UN) के सदस्य देशों ने सुरक्षा परिषद (UNSC) में निर्वाचित गैर-स्थायी सदस्य के रूप में भारत (India) के सफल कार्यकाल और इस महीने इसकी उत्पादक अध्यक्षता की सराहना करते हुए कहा कि इसने बहुपक्षीय कूटनीति के उच्चतम मानकों का प्रदर्शन किया.</p>
<p><strong>भारत की तारीफ</strong></p>
<p>भारत ने 2021-22 में परिषद के निर्वाचित सदस्य के रूप में अपने दो साल के कार्यकाल में दूसरी बार एक दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की मासिक अध्यक्षता ग्रहण की थी. भारत ने इससे पहले अगस्त 2021 में यूएनएससी की अध्यक्षता संभाली थी.</p>
<p><strong>'सुधार की जरूरत'</strong></p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत रुचिरा कंबोज ने अवकाश सप्ताह से पहले दिसंबर के महीने के लिए लिए भारत की अध्यक्षता के तहत बृहस्पतिवार को यहां एक ब्रीफिंग में सुरक्षा परिषद के एजेंडे पर प्रकाश डाला. सुरक्षा परिषद के आने वाले सदस्यों सहित संयुक्त राष्ट्र के कई सदस्य देशों ने दिसंबर में अध्यक्ष के रूप में परिषद के भारत के नेतृत्व की सराहना की.</p>
<p>यूएनएससी में सुधारों की आवश्यकता पर बोलते हुए भारतीय अधिकारी रुचिरा कंबोज ने कहा कि हम इस तथ्य से पूरी तरह अवगत थे कि सुरक्षा परिषद में सुधार समय की आवश्यकता है. यह विश्वास हमारे कार्यकाल के बाद ही मजबूत हुआ है. भारत की यूएनएससी की गैर-स्थायी सदस्यता 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है. </p>
<p><strong>'आतंकवाद से दुनिया को बचाना है'</strong></p>
<p>कंबोज ने कहा, 'पिछले दो वर्षों के दौरान, हमने शांति, सुरक्षा और समृद्धि के समर्थन में बात की. हम आतंकवाद जैसे मानवता के साझा दुश्मनों के खिलाफ अपनी आवाज उठाने में संकोच नहीं करेंगे. हम इस बात के प्रति सचेत थे कि जब हमने सुरक्षा परिषद में बात की तो हम अरबों भारतीय की तरफ से बोल रहे थे.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/india-was-praised-all-over-the-world-for-this-matter-indias-sting-in-un						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/india-was-praised-all-over-the-world-for-this-matter-indias-sting-in-un</guid>
					<pubDate>Sun, 25 Dec 2022 01:33:07 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अब तालिबानियों ने अफगानी महिलाओं के काम करने पर भी लगाई पाबंदी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अफगानिस्तान सरकार एक बाद एक, महिलाओं से उनके अधिकारों को छीनते जा रही है. अफगानिस्तान की यूनिवर्सिटीज में महिलाओं की एंट्री बैन करने के बाद अब उनकी नौकरी पर भी पाबंदी लगा दी गई है. तालिबानी हुकूमत ने अपने नए फरमान में सभी स्थानीय और विदेशी गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) में काम करने वाली महिलओं की नौकरी छीन ली है. सरकार ने इन संगठनों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए काम पर आने से रोकने का आदेश जारी किया है.</p>
<p>सवाल है कि आखिर क्यों महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली तालिबानी सरकार ने अचानक अपने देश में महिलाओं के खिलाफ इतना कड़ा फैसला लिया? दरअसल, हालिया घटना को लेकर एक पत्र में बताया गया है कि महिला कर्मचारियों को अगली सूचना तक काम पर आने से मना कर दिया गया है, क्योंकि कुछ महिलाओं ने सरकार द्वारा बनाए गए इस्लामी ड्रेस कोड को फॉलो नहीं किया था.</p>
<p>आसान शब्दों में कहें तो नौकरी करने वाली कुछ महिलाओं ने अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार के खिलाफ जाकर कपड़े पहने थे, इसलिए सरकार ने उनके काम करने पर ही रोक लगा दी है. तालिबानी सरकार का ये आदेश यूनिवर्सिटी में महिलाओं की एंट्री को बैन करने के कुछ दिनों बाद आया है. यूनिवर्सिटी में महिलाओं की एंट्री पर रोक लगाए जाने के बाद दुनियाभर में अफगानिस्तान की आलोचना हुई. </p>
<p>वहीं, कुछ संगठनों ने अफगानिस्तान में भी विरोध के स्वर बुलंद किए. हालांकि, यूनिवर्सिटी में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने का विरोध कर रही महिलाओं को तितर-बितर करने के लिए तालिबानी सुरक्षा बलों ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. अफगान महिलाओं ने प्रतिबंध के खिलाफ प्रमुख शहरों में प्रदर्शन किया है.</p>
<p>सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे देशों के साथ-साथ अमेरिका और जी-7 के देशों ने भी तालिबानी सरकार के फैसले की निंदा की है. ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और ब्रिटेन सहित कई देशों ने तालिबान के इस फैसले को महिलाओं और लड़कियों की स्वतंत्रता पर ‘क्रूर हमला’ बताया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/now-the-taliban-have-banned-the-work-of-afghan-women						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/now-the-taliban-have-banned-the-work-of-afghan-women</guid>
					<pubDate>Sun, 25 Dec 2022 01:26:10 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कुख्यात ‘सीरियल किलर’ चार्ल्स शोभराज की रिहाई पर इस पुलिस अफसर ने जताई खुशी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>2003 में कुख्यात फ्रांसीसी सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज की हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक पूर्व नेपाली पुलिस अधिकारी केसी गणेश ने शोभराज की रिहाई पर खुशी जताई है. उन्होंने गुरुवार को कहा कि नदी में एक मृत अमेरिकी महिला के आधे जले हुए शरीर को देखने की दर्दनाक बचपन की याद ने उन्हें जासूस बनने के लिए प्रेरित किया. गणेश केसी 40 वर्ष के थे और 2003 में उप पुलिस अधीक्षक थे जब उन्होंने शोभराज को काठमांडू के एक कैसीनो से पकड़ा था.</p>
<p>नेपाल की सर्वोच्च अदालत ने बुधवार को ‘बिकिनी किलर’ और ‘द सर्पेंट’ के नाम से कुख्यात फ्रांसीसी ‘सीरियल किलर’ चार्ल्स शोभराज को उसकी सेहत के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया. भारतीय और वियतनामी माता-पिता की संतान शोभराज हत्या के आरोप में वर्ष 2003 से उम्रकैद की सजा काट रहा है.</p>
<p><strong>12 साल की उम्र में देखी थी अमेरिकी पर्यटक की लाश</strong></p>
<p>गणेश के लिए, अमेरिकी पर्यटक कोनी जो ब्रोंज़िच के आधे जले हुए शरीर को देखने की दर्दनाक बचपन की याद थी जिसने उन्हें एक अनुभवी और कठोर जासूस बनने के लिए प्रोत्साहित किया. पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘मैं बमुश्किल 12 साल का था, जब मैंने काठमांडू में मनहारा नदी के पास लोगों को कोनी जो ब्रोंजिच के शव की एक झलक पाने के लिए दौड़ते देखा, जो अमेरिकी बैकपैकर था, जिसे शोभराज ने मार डाला था.'’</p>
<p>1976 में ब्रोंज़िच और कनाडाई दोस्त लॉरेंट कैरिएर शोभराज द्वारा मारे गए दो बैकपैकर थे. यह संयोग ही था कि 27 साल बाद गणेश को सीरियल किलर का शिकार करने का काम सौंपा जाएगा. गणेश ने उन घटनाओं की श्रृंखला को उल्लास के साथ बताया जो शोभराज की सनसनीखेज गिरफ्तारी का कारण बनीं.</p>
<p>गणेश ने बताया, ‘वह (शोभराज) एक वृत्तचित्र फिल्माने के बहाने काठमांडू में उतरा. उसे दरबारमार्ग में रॉयल कैसीनो के पास देखा गया और द हिमालयन टाइम्स अख़बार ने उसकी तस्वीर प्रकाशित की. तस्वीर सामने आने के बाद काठमांडू मेट्रोपॉलिटन पुलिस उसकी खोज शुरू की.’</p>
<p><strong>'शोभराज को फंसाने के लिए नहीं था कोई ठोस सबूत'</strong></p>
<p>गणेश ने कहा कि हालांकि दोहरे हत्याकांड में शोभराज को फंसाने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं था, पुलिस ने पहले उसे इमिग्रेशन कानून का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया, फिर होटल की रजिस्ट्री में उसके हस्ताक्षर सहित परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर हत्या का आरोप लगाया.</p>
<p>पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘बैकपैकर्स की हत्या के लगभग तीन दशक बाद शोभराज को गिरफ्तार करने पर हमें गर्व है,  नेपाल में उसकी गिरफ्तारी देश की मजबूत आपराधिक न्यायिक प्रणाली को दिखाती है.’</p>
<p>शोभराज के खिलाफ दो मामले दर्ज थे - एक काठमांडू जिला अदालत में और दूसरा भक्तपुर जिला अदालत में - दो दिनों में दो अलग-अलग क्षेत्रों में दो बैकपैकरों की हत्या के लिए. शोभराज ने बैकपैकर्स को मारने से इनकार किया. उसके वकीलों ने कहा कि उसके खिलाफ आरोप धारणा पर आधारित था.</p>
<p>गणेश ने कहा, ‘अगस्त 2003 में जब हमने उसे कैसिनो परिसर से हिरासत में लिया, तो हमने उस पर इमिग्रेशन कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.’ इमिग्रेशन कानून के तहत उसे गिरफ्तार करने के बाद, हमने और सबूतों की तलाश की और फिर उस पर दोहरे हत्याकांड का आरोप लगाया.’</p>
<p>पूर्व पुलिस अधिकारी के अनुसार, ‘शोभराज ने दो बैकपैकर्स को मार डाला क्योंकि उनके पास गहने थे.’  शोभराज की गिरफ्तारी के बाद, सालों बाद गणेश को दो बैकपैकर्स के माता-पिता से प्रशंसा पत्र मिला.</p>
<p><strong>इसलिए शोभराज की रिहाई से हैं खुश गणेश</strong></p>
<p>गणेश कहते हैं कि वह शोभराज की जल्द रिहाई से खुश हैं. उन्होंने कहा, ‘वरिष्ठ नागरिक होने के नाते उनकी जल्द रिहाई के बारे में जानकर मुझे खुशी हुई. यह दर्शाता है कि हम वरिष्ठ नागरिकों के प्रति कितने संवेदनशील हैं और यह मानवाधिकारों के प्रति हमारे दृढ़ विश्वास को प्रदर्शित करता है.’</p>
<p>संयोग से, नेपाल में 2003 की सजा से पहले शोभराज को किसी भी देश में हत्या के लिए बुक नहीं किया जा सका था. माना जाता है कि उसने 1970 के दशक में 15 से 20 लोगों की हत्या की थी.</p>
<p>शोभराज ने एशिया में ज्यादातर पश्चिमी पर्यटकों के साथ दोस्ती की, बाद में 1972 और 1976 के बीच ज्यादातर उन्हें नशा देकर मार डाला. वर्षों से, धोखे और चोरी के काम में लगे शोभराज को जुर्म की दुनिया में ‘बिकनी किलर’ और ‘द सर्पेंट’ उपनाम अर्जित किया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/this-police-officer-expressed-happiness-over-the-release-of-infamous-serial-killer-charles-sobhraj						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/this-police-officer-expressed-happiness-over-the-release-of-infamous-serial-killer-charles-sobhraj</guid>
					<pubDate>Fri, 23 Dec 2022 10:14:40 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इस मुस्लिम देश ने किया बड़ा ऐलान, अब परीक्षा हॉल में 'अबाया' नहीं पहन सकेंगी छात्राएं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>सऊदी अरब की छात्राएं भविष्य में एक्जामिनेशन हॉल हॉल में 'अबाया' नहीं पहन सकेंगी. सऊदी अरब के प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से परीक्षाओं के दौरान अबाया पहनने पर बैन (Ban on Abaya) लगा दिया है. सऊदी शिक्षा और प्रशिक्षण मूल्यांकन आयोग (ETEC) ने कहा कि परीक्षा हॉल में सभी छात्राओं को स्कूल के नियमों का पालन करना होगा.</p>
<p><strong>सोशल मीडिया से मिली खबर</strong></p>
<p>'अबाया' सऊदी अरब में लड़कियों और महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले बुर्के को कहते हैं. काले रंग के इस लिबास में उनका पूरा शरीर ढका होता है. गौरतलब है कि अरब प्रायद्वीप समेत दुनियाभर के कई मुस्लिम देशों में अबाया (सिर से पांव तक पहना जाने वाला ढीला कपड़ा) पहना जाता है. ईटीईसी ने सऊदी की एक लड़की डालिया के ट्वीट का जवाब देते हुए ने ट्वीट किया, 'परीक्षा देने के समय अबाया पहनना मना है.'</p>
<p><strong>क्राउन प्रिंस बदल रहे देश की छवि</strong></p>
<p>सऊदी सरकार ने 2017 में ETEC की स्थापना की थी. ETEC को आम बोलचाल की भाषा में एजुकेशन एवेल्यूशन अथॉरिटी कहा जाता है. यह अथॉरिटी मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के तहत काम करती है. आपको बताते चलें कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) देश की इकॉनमी को ऑयल सेक्टर के पिलर से शिफ्ट करने के साथ देश के एजुकेशन सेक्टर को मॉडर्न बनाना चाहते हैं. तरक्की के लिए तालीम सबसे जरूरी होती है इसलिए सऊदी प्रशासन ने खासतौर पर ऑर्डर नंबर 120 जारी किया था. सऊदी सरकार के नए नियमों के मुताबिक ऑर्डर नंबर 120 के तहत किए जाने वाले आदेश का सख्ती से पालन करना होता है.</p>
<p><strong>बदल रही महिलाओं की स्थिति</strong></p>
<p>सऊदी में महिलाओं को अब पहले से कहीं ज्यादा अधिकार दिए जा रहे हैं, जिसमें महिलाओं को सार्वजनिक खेल आयोजनों में भाग लेने और कार चलाने का अधिकार शामिल हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/this-muslim-country-made-a-big-announcement-now-girl-students-will-not-be-able-to-wear-abaya-in-the-						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 23 Dec 2022 10:06:40 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी मुश्किल, टैक्स रिकॉर्ड में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>डोनाल्ड ट्रंप के कर रिकॉर्ड दिखाते हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति पद पर रहते हुए उच्च करों का भुगतान करने से बचने के लिए उसी तरह के आक्रामक उपायों का इस्तेमाल किया जैसा कि उन्होंने अपने व्यावसायिक करियर के दौरान किया था. ट्रंप के कर रिकॉर्ड का विवरण 21 दिसंबर, 2022 को जारी किया गया था. दरअसल, उन्होंने अपने राष्ट्रपति पद के अंतिम पूर्ण वर्ष - में शून्य कर का भुगतान किया. यह आंकड़े हाउस वेज़ एंड मीन्स कमेटी द्वारा डेमोक्रेटिक नियंत्रण के तहत अपने अंतिम कदमों के तहत जारी किए गए हैं.</p>
<p>पैनल जल्द ही छह साल के टैक्स रिटर्न के संशोधित संस्करण जारी करने की योजना बना रहा है. द कन्वरसेशन ट्रंप के करों को उस समय से कवर कर रहा है जब 2015 में उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए अपनी दौड़ शुरू की थी. उसके संग्रह के लेख, सभी 2020 के चुनाव से पूर्व प्रकाशित हुए, कर-भुगतान नैतिकता, अमेरिकी टैक्स कोड के साथ उन समस्याओं का पता लगाते हैं और क्यों कामकाजी गरीबों का ऑडिट लगभग उतना ही होता है जितना कि अमीरों का.</p>
<p><strong>कर चुकाने का सम्मान</strong></p>
<p>ट्रंप सहित कई धनी अमेरिकी, अपने कर बिल को कम करने के लिए बहुत मेहनत करते हैं और एकाउंटेंट पर इस काम के लिए बहुत पैसा खर्च करते हैं, अक्सर टैक्स कोड की खामियों का फायदा उठातें हैं और यहां तक ​​कि नकली टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं.</p>
<p>कुछ लोगों के लिए, कर से बचाव - जो अवैध कर चोरी से अलग है - को देशभक्ति भी माना जाता है, और अमीर लोग अक्सर कम या कोई कर नहीं देने का दावा करते हैं. इसके विपरीत, प्राचीन एथेनियन अपने करों का भुगतान करने के बारे में डींग मारते थे, कॉलेज ऑफ़ द होली क्रॉस में क्लासिक्स के प्रोफेसर थॉमस मार्टिन ने 2020 में लिखा था.</p>
<p>‘प्राचीन एथेंस में, केवल सबसे धनी लोग प्रत्यक्ष करों का भुगतान करते थे, और इस धन का उपयोग शहर-राज्य के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय खर्चों - नौसेना और देवताओं के सम्मान के लिए किया जाता था.’ ‘हालांकि आज यह आश्चर्यजनक लग सकता है, इन शीर्ष करदाताओं में से अधिकांश ने न केवल खुशी से भुगतान किया, बल्कि यह भी दावा किया कि उन्होंने कितना भुगतान किया.’</p>
<p><strong>करों का भुगतान करने की नैतिकता</strong></p>
<p>शायद एथेंस के धनी लोगों ने अपना बकाया भुगतान करने की संभावना को पसंद किया, लेकिन क्या उनसे बचने के लिए सही रास्ते से हटना अनैतिक है?  एरिन बास, जो नेब्रास्का विश्वविद्यालय, ओमाहा में व्यावसायिक नैतिकता का अध्ययन करती हैं, ने इस प्रश्न को एक दार्शनिक दृष्टिकोण से संबोधित किया, यह पता लगाते हुए कि विभिन्न नैतिक विचारक इस विषय को कैसे देखेंगे.</p>
<p>बास ने समझाया कि इमैनुएल कांट जैसे डीओन्टोलॉजिस्ट, जॉन स्टुअर्ट मिल जैसे उपयोगितावादी और अरस्तू जैसे सदाचार नैतिकतावादी सभी अलग-अलग निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि क्या कर से बचाव नैतिक है.</p>
<p>लेकिन के अनुसार, ‘जब ट्रंप और अन्य सार्वजनिक हस्तियों की बात आती है, तो यहां एक अतिरिक्त नैतिक चिंता होती है. सार्वजनिक नेताओं का मूल्यांकन न केवल उनकी व्यक्तिगत नैतिकता पर किया जाता है, बल्कि यह भी कि उनके व्यवहार का दूसरों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है.’ उन्होंने कहा, ‘यदि कोई सार्वजनिक नेता करों से बचता है, तो यह जनता को भी ऐसा करने का संकेत दे सकता है, जिसके अधिक बुरे परिणाम हो सकते हैं.’</p>
<p><strong>अमेरिकी टैक्स कोड में क्या गलत है?</strong></p>
<p>जबकि कुछ का कहना है कि ट्रंप और अन्य अपने करों को कम करने के लिए होशियारी दिखाते हैं, आलोचकों का कहना है कि वे अनैतिकता कर धोखा देते हैं. मिडिलबरी में राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर गैरी विंसलेट के लिए, ‘यह बताता है कि अमेरिकी टैक्स कोड कितना गलत है, जिसने अमेरिकी आयकर प्रणाली को घर खरीदने से लेकर मेन ब्लूबेरी उद्योग की रक्षा तक नियमित करदाताओं के लिए बहुत जटिल बना दिया है. इसमें ऐसी कई खामियां और अन्य उपाय हैं, जिनके द्वारा धनी अपने कर भुगतान को कम कर सकते हैं, जो दूसरों को अनुचित लगता है.</p>
<p><strong>कामकाजी गरीबों का लेखा-जोखा</strong></p>
<p>हाउस पैनल की एक और खोज यह है कि आईआरएस ने ट्रंप के राष्ट्रपति पद के पहले दो वर्षों के दौरान उनके कर रिटर्न का ऑडिट नहीं किया, भले ही ऐसा करना आवश्यक था. यह एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाता है: हालांकि ऑडिट को अक्सर मुख्य रूप से अमीरों को लक्षित करने के रूप में देखा जाता है, वास्तविकता यह है कि कामकाजी गरीबों का ऑडिट लगभग उच्च दरों पर किया जाता है, रिचमंड विश्वविद्यालय में कानून के सहायक प्रोफेसर हेस होल्डरनेस यह खुलासा करते हैं.  </p>
<p>उन्होंने लिखा, ‘आईआरएस के सीमित संसाधनों का मतलब है कि लेखा परीक्षक अधिक सीधे मुद्दों और अधिक सुलभ जानकारी वाले मामलों पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं’.</p>
<p>‘इसीलिए अर्जित आयकर क्रेडिट प्राप्त करने वाले निम्न-आय वाले व्यक्तियों का 2016 में 1.2% की दर से ऑडिट किया गया था, जो कि ज्यादातर पूर्ण डेटा का सबसे करीबी वर्ष है, जो 500,000 डॉलर से अधिक आय वाले व्यक्तियों के लिए लगभग 1.5% की ऑडिट दर के बराबर है.’</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/big-trouble-for-donald-trump-shocking-information-revealed-in-tax-records						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/big-trouble-for-donald-trump-shocking-information-revealed-in-tax-records</guid>
					<pubDate>Fri, 23 Dec 2022 09:59:13 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक इस बुखार से मचा हड़कंप, ले रहा बच्चों की जान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चीन से निकला कोरोना वायरस दुनियाभर के देशों में अपना प्रकोप दिखा रहा है. हाल ही में कोरोना के नए वेरिएंट BF.7 ने सबकी चिंता बढ़ा दी है. इस नए वेरिएंट के कई केस भारत में भी देखने को मिले हैं. एक तरफ दुनिया कोरोना का दंश झेल रही है कि इस बीच एक और बीमारी तेजी से पैर पसार रही है. इसके कहर से डॉक्टर्स भी खौफ में हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इन दिनों ब्रिटेन के डॉक्टर्स कोरोना के अलावा एक और बीमारी से डील कर रहे हैं. यह एक तरह का खतरनाक बुखार है जो मरीज के लिए जानलेवा होता जा रहा है.</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></p>
<p>इन दिनों ब्रिटेन में कोरोना से ज्यादा एक बुखार ने खौफ का माहौल बना दिया है. इसे स्कारलेट बुखार (Scarlet Fever) के नाम से जाना जाता है. स्कारलेट फीवर की वजह से ब्रिटेन में अब तक 19 बच्चों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा बीते सप्ताह में 10 हजार नए केसेस की पुष्टि भी की गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह बुखार अमेरिका को अपनी चपेट में ले सकता है. ब्रिटेन के एक मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 12 सितंबर से दिसंबर तक इसके करीब 30 हजार मामले देखे जा चुके हैं. इससे पहले साल 2017 और साल 2018 में भी इसके कई मामले यहां देखने को मिले थे.</p>
<p><strong>इस तरह फैलता है ये बुखार</strong></p>
<p>भारत में इस फीवर को लाल बुखार के नाम से भी जाना जाता है जो बैक्टेरियल इंफेक्शन (Bacterial Infection) के कारण होता है. इस बुखार में मरीज के गले में दर्द के साथ सूजन हो जाता है और तेज बुखार आता है. मरीज के गले के आस - पास लाल दाने नजर आते हैं और शरीर में भी रैशेज होने लगते हैं. यह बीमारी 5 से 15 साल के बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है और वक्त पर इलाज न मिलने से जानलेवा हो जाता है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/more-dangerous-than-corona-this-fever-created-panic-taking-the-lives-of-children						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/more-dangerous-than-corona-this-fever-created-panic-taking-the-lives-of-children</guid>
					<pubDate>Fri, 23 Dec 2022 09:51:03 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[रूस-यूक्रेन युद्ध के 10 महीने बाद पुतिन ने किया बड़ा ऐलान, ऐसे होगा युद्ध ख़त्म]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 10 महीने से युद्ध चल रहा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की अभी अमेरिकी दौरे पर हैं. इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि रूस यूक्रेन के साथ कूटनीतिक तरीके से युद्ध खत्म करना चाहता है. पुतिन ने कहा, 'हमारा लक्ष्य सैन्य संघर्ष का चक्का घुमाना नहीं है, बल्कि इसके उलट इस युद्ध को समाप्त करना है. हर कोशिश कर रहे हैं और करते रहेंगे. हम इसे खत्म करने की कोशिश करेंगे और निश्चित रूप यह जितनी जल्दी होगा, उतना बेहतर है.' </p>
<p>यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की अमेरिकी दौरे के एक दिन बाद पुतिन ने कहा, 'मैंने कई बार कहा है कि दुश्मनी बढ़ने से नुकसान होता है.' रूस ने कहा है कि वह बातचीत के लिए तैयार है. जबकि अमेरिका और उसके सहयोगियों का मानना है कि 10 महीने से जारी युद्ध में लगातार मिल रही हार के बीच रूस और समय चाहता है. रूस ने कहा कि यूक्रेन बातचीत के लिए तैयार नहीं है. कीव ने कहा कि रूस को अपने हमले रोक देने चाहिए और जिन इलाकों पर कब्जा जमाया है, उनको लौटाना चाहिए. </p>
<p>पुतिन ने कहा, 'सभी लड़ाइयां कूटनीतिक रास्ते पर किसी न किसी तरह की बातचीत के साथ किसी न किसी तरह से खत्म हो जाएंगे.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/putin-made-a-big-announcement-after-10-months-of-russia-ukraine-war-this-is-how-the-war-will-end						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/putin-made-a-big-announcement-after-10-months-of-russia-ukraine-war-this-is-how-the-war-will-end</guid>
					<pubDate>Fri, 23 Dec 2022 09:43:54 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[तालिबान ने तुगलकी फरमान जारी किया, लड़कियों की पढ़ाई के रास्ते हुए बंद]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अफगानिस्तान (Afghanistan) की सत्ता पर काबिज तालिबान को महिलाओं का पढ़ना-लिखना रास नहीं आ रहा है. तालिबान ने आदेश जारी कर महिलाओं के लिए यूनिवर्सिटी को बंद करने की घोषणा की है. हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के लिए तालिबान के प्रभारी मंत्री की ओर से जारी ने इस संबंध में आदेश में कहा गया है कि अगले आदेश तक लड़कियों के लिए यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई बंद कर दी गई है. इस आदेश को तुरंत प्रभाव से लागू करने का हुक्म सुनाया गया है. </p>
<p><strong>लड़कियों के लिए बंद हुए पढ़ाई के रास्ते</strong></p>
<p>सूत्रों के मताबिक अफगानिस्तान (Afghanistan) में 3 महीने पहले ही हजारों लड़कियों और महिलाओं ने यूनिवर्सिटीज में पढ़ने के लिए एडमिशन टेस्ट दिए थे. उन्हें उम्मीद थी कि पढ़-लिखकर वे भी कुछ हद तक अपना मुकद्दर संवार सकेंगी लेकिन अब तालिबान (Taliban) के इस आदेश से उनके लिए हायर एजुकेशन पाने के सारे रास्ते बंद हो गए हैं. ये यूनिवर्सिटीज आगे उनके लिए खुलेंगी भी या नहीं, इस बारे में भी कुछ स्पष्ट नहीं है. </p>
<p><strong>पहले भी तुगलकी फरमान जारी कर चुका तालिबान</strong></p>
<p>इस तुगलकी आदेश से पहले तालिबान ने फरमान जारी कर युवक-युवतियों के साथ पढ़ने पर बैन लगा दिया था. तालिबान ने आदेश जारी कर कहा था कि लड़के-लड़की किसी भी सूरत में एक साथ नहीं पढ़ सकते. इसके साथ ही तालिबानियों ने हुक्म जारी किया था कि लड़कों के स्कूलों में महिला और महिलाओं के स्कूलों में पुरुष नहीं पढ़ा सकेंगे. यह आदेश अफगानिस्तान पर कब्जे के दौरान अगस्त 2020 में जारी किया गया था. </p>
<p><strong>पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद में उलझा है तालिबान</strong></p>
<p>बताते चलें कि तालिबान (Taliban) इन दिनों अपने आका पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद में उलझा हुआ है. बॉर्डर इलाकों में पाकिस्तानी सैनिक फैंसिंग करना चाहते हैं लेकिन तालिबानियों को यह मंजूर नहीं है, जिसे लेकर दोनों के बीच कई बार गोली चल चुकी है. इसके चलते उसके और पाकिस्तान के रिश्ते भी जबरदस्त रूप से बिगड़ चुके हैं. अफगानिस्तान की सत्ता पर 2 साल के काबिज होने के बावजूद अभी तक पाकिस्तान को छोड़कर बाकी किसी भी देश ने तालिबान को मान्यता नहीं दी है. जिसके चलते तालिबान को देश चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. फिर भी वह महिलाओं और अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आ रहा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/taliban-issued-tughlaq-decree-the-way-of-education-of-girls-was-closed						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/taliban-issued-tughlaq-decree-the-way-of-education-of-girls-was-closed</guid>
					<pubDate>Thu, 22 Dec 2022 10:11:35 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन में हाहाकार मचाने के बाद कोरोना का नया वेरिएंट भारत पंहुचा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>गुजरात के वडोदरा में कोरोना के BF.7 वेरिएंट का मामला सामने आया है. 61 वर्षीय महिला में BF.7 वेरिएंट पाया गया है. कोरोना का वेरिएंट मिलने के बाद महिला घर में ही आइसोलेट थी.  फाइजर का टीका लगवाने के बावजूद महिला बीएफ.7 वेरिएंट से संक्रमित हुई. यह  महिला 11 नवंबर को अमेरिका से वडोदरा आई थी. महिला के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए गांधीनगर भेजे गए थे.</p>
<p>कोरोना के कई  वेरिएंट्स अब तक आ चुके हैं. ओमीक्रोन इनमें सबसे प्रमुख रहा है. ओमीक्रोन के भी कई सबवेरिएंट्स आए हैं. इसी का एक सबवेरिएंट है BF.7 जिसे BA.5.2.1.7 के रूप में जाना जाता है. यह ओमीक्रोन वेरिएंट BA.5 का एक सबवेरिएंट हैं.  चीन में कोरोना के मामलों के फिर से बढ़ने के पीछे यही वेरिएंट बताया जा रहा है. चीन के अलावा भी यह वेरिएंट अमेरिका, यूके और  बेल्जियम, जर्मनी, सहित दुनिया भर के कई अन्य देशों में पाया गया है. </p>
<p><strong>तेजी से फैलता है</strong></p>
<p>BF.7 अन्य वेरिएंट्स की तुलना में तेजी से फैलता है और ज्यादा लोगों को संक्रमित कर सकता है हालांकि यह ज्यादा खरतनाक नहीं है लेकिन चिंता की बात यह है कि यह कोरोना वायरस के टीके लगवा चुके लोगों को भी अपनी चपेट में ले सकता है.</p>
<p><strong>BF.7  के लक्षण</strong></p>
<p>BF.7 के लक्षण ओमीक्रोन के पिछले सभी वेरिएंट्स की तरह हैं. इसके लक्षण हैं:-</p>
<p>-बुखार</p>
<p>-खांसी</p>
<p>-गले में खराश</p>
<p>-नाक बहना</p>
<p>-थकान</p>
<p>-उल्टी और दस्त जैसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/coronas-new-variant-reached-india-after-creating-an-outcry-in-china						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/coronas-new-variant-reached-india-after-creating-an-outcry-in-china</guid>
					<pubDate>Thu, 22 Dec 2022 01:45:04 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पतंजलि के प्रोडक्ट बनाने वाली दिव्य फार्मेसी को नेपाल ने काली सूची में डाला]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पतंजलि के सारे प्रोडक्ट बनाने वाली बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी के लिए बुरी खबर आई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों पर खरा नहीं उतरने पर दिव्य फार्मेसी को नेपाल ने काली सूची में डाल दिया है. यह कठोर कदम सिर्फ दिव्य फार्मेसी ही नहीं बल्कि 16 भारतीय दवा कंपनियों के खिलाफ लिया गया है. नेपाल के औषधि नियामक प्राधिकरण के इस फैसले के बाद देश में पतंजलि प्रोडक्ट के निर्माण पर बड़ा संकट आ गया है. दिव्य फार्मेसी के साथ ही 16 उन भारतीय दवा कंपनियों के लिए भी बड़ी समस्या आ गई है जिन्हें नेपाल में काली सूची में डाल दिया गया है. पतंजलि के साथ सभी 16 भारतीय दवा कंपनियां विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दवा निर्माण मानकों खरी नहीं उतर पाईं.</p>
<p>औषधि प्रशासन विभाग 18 दिसंबर को नोटिस जारी करते हुए नेपाल में इन दवाओं की आपूर्ति करने वाले स्थानीय एजेंट को सख्त निर्देश दिए हैं. उन्हें इन कंपनियों के सभी प्रोडक्ट्स तुरंत वापस लेने को कहा है. विभाग द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक, सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा निर्मित दवाओं का नेपाल में आयात या वितरण नहीं किया जा सकता है. विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डब्ल्यूएचओ के मानकों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों की सूची उन दवा कंपनियों की विनिर्माण सुविधाओं के निरीक्षण के बाद प्रकाशित की गईं, जिन्होंने अपने उत्पादों को नेपाल में निर्यात करने के लिए आवेदन किया था.</p>
<p>अप्रैल और जुलाई में, विभाग ने दवा निरीक्षकों की एक टीम को उन दवा कंपनियों की निर्माण सुविधाओं का निरीक्षण करने के लिए भारत भेजा, जिन्होंने नेपाल को अपने उत्पादों की आपूर्ति के लिए आवेदन किया था. दिव्य फार्मेसी के अलावा, इस सूची में रेडियंट पैरेन्टेरल्स लिमिटेड, मरकरी लेबोरेटरीज लिमिटेड, एलायंस बायोटेक, कैपटैब बायोटेक, एग्लोमेड लिमिटेड, जी लेबोरेटरीज, डैफोडिल्स फार्मास्युटिकल्स, जीएलएस फार्मा, यूनिजूल्स लाइफ साइंस, कॉन्सेप्ट फार्मास्युटिकल्स, श्री आनंद लाइफ साइंसेज, आईपीसीए लेबोरेटरीज, कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड, डायल फार्मास्युटिकल्स और मैकुर लेबोरेटरीज शामिल हैं.</p>
<p>इसी तरह, विभाग ने 19 दिसंबर को जारी एक अन्य नोटिस में वितरकों को भारत की कंपनी ग्लोबल हेल्थकेयर द्वारा निर्मित 500 मिलीलीटर और 5 लीटर हैंड सैनिटाइजर को वापस लेने के लिए कहा. विभाग ने संबंधित संगठनों से हैंड सैनिटाइजर का उपयोग, बिक्री या वितरण नहीं करने को कहा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/nepal-blacklists-divya-pharmacy-which-manufactures-patanjalis-products						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/nepal-blacklists-divya-pharmacy-which-manufactures-patanjalis-products</guid>
					<pubDate>Wed, 21 Dec 2022 01:44:35 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[तिब्बत के नेता पेनपा सेरिंग की चीन को दो टूक चेतावनी देते हुए कसा ये तंज]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीनी सैनिकों ने 9 दिसंबर को घुसपैठ करने की कोशिश की उसे भारतीय सेना के जवानों ने अपने पराक्रम से फौरान नाकाम कर दिया. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तिब्बत के नेता पेनपा सेरिंग ने चीन को दो टूक चेतावनी देते हुए तंज कसा है. जम्मू यूनिवर्सिटी में बौद्ध अध्ययन विभाग के सहयोग से आयोजित भारत-तिब्बत संघ की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्य समिति बैठक-सह-संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेने पहुंचे शेरिंग ने उस आयोजन से इतर मीडिया से बात करते हुए क्या कुछ कहा, आइए बताते हैं.</p>
<p><strong>ये भूल न करे चीन: सेरिंग</strong></p>
<p>सेरिंग ने कहा कि चीन अगर भारत को कमजोर समझता है तो ये उसकी गलती है और भारत को धमकाया नहीं जा सकता है. इसलिए चीन को ये गलती तो बिलकुल भी नहीं करनी चाहिए क्योंकि आज का इंडिया 1962 वाला भारत नहीं है. इसके साथ सेरिंग ने कहा कि भारत के खिलाफ चीन के आक्रामक रुख से उसकी असुरक्षा की भावना जाहिर होती है. दरअसल चीन का मुख्य उद्देश्य भारत को रोकना है ताकि एशिया में उसके प्रभुत्व को चुनौती देना वाला कोई न बचे. चीनी सैनिक भारत के खिलाफ बिना वजह आक्रामक रुख बनाए हुए हैं जबकि ऐसा करने की उसे जरूरत नहीं है.</p>
<p><strong>तवांग में क्या हुआ था?</strong></p>
<p>तवांग में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन लगातार चालबाजियां कर रहा है. 9 दिसंबर को चीनी सैनिकों ने भारत में घुसने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना के जाबांज जवानों ने चीनी सैनिकों को मार-मार कर पीछे खदेड़ दिया था. पीएलए के जवानों ने सुबह करीब साढे 3 बजे भारत की सीमा में दाखिल होने की कोशिश की, लेकिन उसी दौरान सिख और जाट रेजीमेंट ने उनके नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/tibetan-leader-penpa-tsering-taunts-while-bluntly-warning-china						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/tibetan-leader-penpa-tsering-taunts-while-bluntly-warning-china</guid>
					<pubDate>Tue, 20 Dec 2022 01:38:24 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तान में आतंकी ने एके-47 छीनकर पुलिसकर्मियों को बंधक बनाया और साथियों को आज़ाद कराया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में पाकिस्तानी तालिबान आतंकवादियों ने आतंकवाद रोधी एक केंद्र पर कब्जा कर लिया और कुछ लोगों को बंधक बना लिया. इस दौरान गोलीबारी में कम से कम दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई.</p>
<p>अधिकारियों ने सोमवार को सेना के विशेष बलों को अलर्ट पर रखा और आतंकवादियों के साथ बातचीत शुरू की. आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) ने कुछ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था तथा उनसे पुलिस थाने में पूछताछ की जा रही थी. तभी, इनमें से एक आतंकवादी ने रविवार को पुलिसकर्मी से एके-47 छीन ली और गोलियां चलानी शुरू कर दी.</p>
<p><strong>आतंकियों ने परिसर को कब्जे में लिया</strong></p>
<p>उक्त आतंकवादी ने इमारत में रखे गए अन्य आतंकवादियों को मुक्त कराया और उन्होंने परिसर को अपने कब्जे में ले लिया. उन्होंने कई पुलिसकर्मियों को भी बंधक बना लिया. सैन्य कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन घटना के 21 घंटे बाद भी स्थिति तनावर्ण है. सूत्रों ने बताया कि गोलीबारी में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी और कुछ अन्य घायल हो गए.</p>
<p>प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री अकरम खान दुर्रानी और मौजूदा प्रांतीय मंत्री मलिक शाह मोहम्मद आतंकवादियों से बातचीत शुरू करने के लिए बन्नू गए हैं. दुर्रानी और मुहम्मद दोनों बन्नू से ताल्लुक रखते हैं.</p>
<p>आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों के साथ बातचीत के लिए एक स्थानीय धार्मिक व्यक्ति मौलाना अहमद उल्लाह को बुलाने की मांग की है. उन्होंने वार्ता प्रक्रिया में समन्वय के लिए एक बंधक को अपने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मोबाइल फोन पर बात करने की अनुमति भी दी.</p>
<p><strong>आतंवादियों ने रखी है यह मांग</strong></p>
<p>वार्ता विफल होने की स्थिति में बचाव अभियान के लिए विशेष सेवा समूह के सैनिकों को अलर्ट पर रखा गया है. आतंकवादियों ने बंधकों को छोड़ने के बदले में सुरक्षा बलों से उन्हें सुरक्षित अफगानिस्तान पहुंचाने के लिए एक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने की मांग की है.</p>
<p>खबर के मुताबिक, बन्नू के जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) मोहम्मद इकबाल ने कहा कि बाहर से कोई हमला नहीं किया गया और पूछताछ के दौरान एक आतंकवादी ने पुलिस से राइफल छीन ली और इमारत में तैनात सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां चलायी. उन्होंने कहा, ‘आतंकवादियों ने इमारत पर कब्जा कर लिया है और हमने पूरे बन्नू छावनी इलाके को घेर लिया है.’ बन्नू छावनी में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई है.</p>
<p><strong>टीटीपी ने दी सरकार को चेतावनी</strong></p>
<p>प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने एक बयान में कहा कि बन्नू सीटीडी कर्मियों को बंधक बनाने वाले लोगों में उसके कई सदस्य शामिल है. उसने सरकार को चेतावनी दी कि कैदियों को दक्षिण या उत्तर वजीरिस्तान में ले जाया जाए, जहां टीटीपी के ठिकाने हैं वरना हर नुकसान के लिए सेना जिम्मेदार होगी.</p>
<p>इससे पहले, सीटीडी परिसर से टीटीपी के आतंकवादियों ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि नौ पुलिसकर्मी उनके कब्जे में हैं. वर्ष 2007 में कई आतंकवादी संगठनों के अग्रणी समूह के रूप में स्थापित टीटीपी ने पिछले महीने जून में संघीय सरकार के साथ हुए संघर्ष विराम समझौते को रद्द कर दिया और अपने आतंकियों को देश भर में आतंकवादी हमले करने का आदेश दिया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/terrorist-in-pakistan-snatched-ak-47-and-took-policemen-hostage-and-freed-his-comrades						]]>
					</link>
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					<pubDate>Tue, 20 Dec 2022 01:26:06 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को हटाने की कोशिश, जा सकती है प्रधानमंत्री की कुर्सी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>संसद में छुट्टी होने के साथ ही ब्रिटेन में राजनीति भी छुट्टी पर है, जिसे इस देश में क्रिसमस की छुट्टी माना जाता है. लेकिन भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के पद पर बने रहने पर खतरे का अंदेशा है. हाउस ऑफ लॉर्डस में सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के सहकर्मी और पार्टी के सबसे बड़े वित्तीय दानदाताओं में से एक लॉर्ड पीटर क्रुडास ने साफ तौर पर द ऑब्जर्वर से कहा है कि कुछ गड़बड़ होने जा रही है, क्योंकि सदन के सदस्य ऋषि सुनक को नहीं चाहते. उनकी राह में ढेर सारी रुकावटें हैं.' 42 साल के ऋषि सुनक ने 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री का पद संभाला था. वह 1980 के दशक के बाद से यूके में यूनियनों की सबसे बड़ी हड़तालों के साथ-साथ अपनी पार्टी के भीतर की समस्याओं से घिरे हुए हैं.</p>
<p><strong>सुनक को हटाने का रचा जा सकता है प्लॉट</strong></p>
<p>क्रुडास ने कंजर्वेटिव पार्टी को 3.5 मिलियन पाउंड से ज्यादा का दान दिया है और जुलाई में इस्तीफा देने के लिए मजबूर किए जाने के बाद बोरिस जॉनसन को प्रधानमंत्री के रूप में वापस लाने के लिए अक्टूबर में एक कदम का समर्थन किया. इसलिए सुनक को हटाने का प्लॉट रचा जा सकता है. द ऑब्जर्वर के लेटेस्ट ओपिनियन पोल में संकेत दिया गया कि चरम दक्षिणपंथी रिफॉर्म पार्टी ने अपना समर्थन बढ़ाया है. इसे एक संकेत के तौर पर पढ़ा जाता है कि ब्रेक्सिट समर्थक और कम टैक्स पसंद करने वाले रूढ़िवादी मतदाता सुधार की ओर जा सकते हैं.</p>
<p><strong>सुनक को 24 प्रतिशत मतदाताओं का भरोसा हासिल</strong></p>
<p>14-15 दिसंबर को किए गए राष्ट्रीय मतदान इरादे के एक सर्वे में एक अन्य पोलस्टर यूगोव ने मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी के साथ 48 प्रतिशत और कंजर्वेटिव के साथ केवल 23 प्रतिशत शेष रखा, जिसने जॉनसन के तहत केवल तीन वर्षों में प्रचंड बहुमत हासिल किया.सुनक को 24 प्रतिशत मतदाताओं का भरोसा हासिल है, जबकि श्रमिक नेता सर कीर स्टारर का आंकड़ा 32 प्रतिशत है. हालांकि कंजर्वेटिव सांसदों ने सुनक को नेता चुनने के लिए भारी मतदान किया और इस तरह प्रधानमंत्री, पार्टी के रैंक और फाइल जिन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला - विश्वास नहीं होता कि वह अगले चुनाव जीतने के लिए ब्रिटिश जनता से जुड़ सकते हैं, जो दिसंबर 2024 तक होना संभावित है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/attempt-to-remove-british-prime-minister-rishi-sunak-prime-ministers-chair-may-go-away						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/attempt-to-remove-british-prime-minister-rishi-sunak-prime-ministers-chair-may-go-away</guid>
					<pubDate>Mon, 19 Dec 2022 12:10:17 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अमेरिका CIA प्रमुख ने पीएम नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की, सराहा मोदी की विदेश नीति को और यह कहा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अमेरिका ने एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है. इस फेहरिस्त में अब वहां की खुफिया एजेंसी सीआईए यानी सेंट्रल इंटेलिजेंस एंजेंसी के प्रमुख शुमार हो गए हैं. उन्होंने भारत की विदेश नीति की तारीफ की है. सीआईए चीफ बिल बर्न्स ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर दिए गए बयान ने रूसियों पर प्रभाव डाला और यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में वैश्विक तबाही टल गई. सीआईए के डायरेक्टर ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर चिंता जताई और वह शायद फायदेमंद साबित हुई. </p>
<p><strong>पुतिन ने कहा था- लंबा चलेगा संघर्ष</strong></p>
<p>उन्होंने कहा, हालांकि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि रूस परमाणु हथियार दागने की योजना बना रहा है या नहीं. लेकिन एक्शन तेज करना यूक्रेन को डराने के लिए हो सकता है. सीआईए चीफ बिल बर्न्स का बयान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें तीन दिसंबर को उन्होंने कहा था कि संघर्ष लंबा चलेगा. उन्होंने परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ने की भी चेतावनी दी थी. क्रेमलिन में ह्यूमन राइट्स काउंसिल में अपने भाषण में पुतिन ने कहा था कि रूस सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ युद्ध करेगा. उन्होंने यह भी कहा था कि रूस न्यूक्लियर हथियार का इस्तेमाल रक्षा के लिए करेगा. </p>
<p><strong>पीएम मोदी ने की थी पुतिन से बात</strong></p>
<p>यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जब से शुरू हुआ है, तब से भारत दोनों देशों से बातचीत से मुद्दा सुलझाने का आग्रह कर रहा है. 16 दिसंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर बात भी की थी. पीएम मोदी ने कहा था कि बातचीत और कूटनीति ही युद्ध में आगे का रास्ता है. इससे पहले दोनों नेताओं के बीच सितंबर में समरकंद में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) से इतर बातचीत हुई थी. बता दें कि यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध फरवरी में शुरू हुआ था. तब से अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं या बेघर हो गए हैं. </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/america-cia-chief-praised-pm-narendra-modi-appreciated-modis-foreign-policy-and-said-this						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/america-cia-chief-praised-pm-narendra-modi-appreciated-modis-foreign-policy-and-said-this</guid>
					<pubDate>Mon, 19 Dec 2022 12:05:52 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भारतीय मूल के लियो वराडकर बनेंगे आयरलैंड के प्रधानमंत्री, होगा मंत्रिमंडल में फेरबदल]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>फाइन गेल पार्टी के नेता भारतीय मूल के लियो वराडकर को आयरलैंड की संसद के निचले सदन में मतदान के बाद नया प्रधानमंत्री चुना गया. समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को सदन के कुल 87 सदस्यों ने नए प्रधानमंत्री के रूप में उनके पक्ष में मतदान किया, जबकि 62 सदस्यों ने उनके खिलाफ मतदान किया.</p>
<p><strong>मंत्रिमंडल में फेरबदल </strong></p>
<p>आयरिश राष्ट्रपति माइकल डी. हिगिंस द्वारा नए प्रधानमंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद, वराडकर ने मंत्रिमंडल में फेरबदल की घोषणा की है. कैबिनेट सदस्यों की एक लिस्ट के अनुसार, पूर्व आयरिश प्रधानमंत्री और फियाना फेल के नेता माइकल मार्टिन नए उप प्रधानमंत्री और विदेश और रक्षा मंत्री बनेंगे, जबकि पूर्व विदेश और रक्षा मंत्री साइमन कोवेनी उद्यम, व्यापार और रोजगार मंत्री बनेंगे.</p>
<p><strong>नई कैबिनेट की पहली बैठक</strong></p>
<p>पूर्व वित्त मंत्री पास्चल डोनोहो सार्वजनिक व्यय और सुधार मंत्री होंगे जबकि पूर्व सार्वजनिक व्यय और सुधार मंत्री माइकल मैकग्राथ नए वित्त मंत्री के रूप में डोनोहो का स्थान लेंगे. देश की नई कैबिनेट में कुल मिलाकर 15 सदस्य होते हैं. अन्य कैबिनेट सदस्यों द्वारा आयोजित सभी पद समान हैं. आयरिश संसद के निचले सदन द्वारा नामांकन को मंजूरी दिए जाने के बाद, नई कैबिनेट ने शनिवार रात अपनी पहली बैठक की.</p>
<p><strong>लगातार दूसरी बार रचा इतिहास</strong></p>
<p>यह दूसरी बार है जब वराडकर को आयरिश प्रधानमंत्री के रूप में चुना गया है. वह पहली बार जून 2017 में आयरिश प्रधानमंत्री बने. जून 2020 में, वराडकर के नेतृत्व वाली फाइन गेल पार्टी ने फियाना फेल और ग्रीन पार्टी के साथ एक गठबंधन सरकार बनाई, जिसमें उन्होंने उप प्रधानमंत्री और उद्यम, व्यापार और रोजगार मंत्री के रूप में कार्य किया.</p>
<p>गठबंधन सरकार स्थापित करने में तीनों दलों द्वारा किए गए एक समझौते के अनुसार, फियाना फेल पार्टी के नेता माइकल मार्टिन ने दिसंबर 2022 तक आयरिश प्रधानमंत्री के रूप में काम किया. फाइन गेल पार्टी के नेता वराडकर मौजूदा सरकार के पांच साल के कार्यकाल के समाप्त होने तक नए प्रधानमंत्री बनने के लिए मार्टिन की जगह लेंगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/leo-varadkar-of-indian-origin-will-become-the-prime-minister-of-ireland-there-will-be-a-cabinet-resh						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/leo-varadkar-of-indian-origin-will-become-the-prime-minister-of-ireland-there-will-be-a-cabinet-resh</guid>
					<pubDate>Sun, 18 Dec 2022 21:21:13 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन में 2023 में कोरोना महामारी की तबाही मचेगी, अप्रैल माह तक चरम पर होंगे मामले, लाखों मौतें होंगी...अमेरिकी रिसर्च]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>एक अमेरिकी रिसर्च में चीन के लिए एक भयानक अनहोनी का अनुमान लगाया गया है. दरअसल इस रिसर्च में दावा किया गया है कि साल 2023 में चीन में कोरोना महामारी की तबाही आने वाली है. ऐसा अनुमान है कि चीन में कोरोना के मामले अगले साल अप्रैल माह तक चरम पर होंगे. तब दुनिया को कोरोना का दंश देने वाले इस देश में मौत का आंकड़ा 10 लाख से भी पार होगा. उस वक्त चीन की करीब एक तिहाई आबादी कोरोना से संक्रमित हो जाएगी. जाहिर तौर पर दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश के लिए ये एक अच्छी खबर नहीं है.</p>
<p><strong>आने वाली है तबाही</strong></p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन ने अपनी हालिया स्टडी में ये बताया है कि चीन में हाल ही में जीरो कोविड पॉलिसी में ढील देने के बाद तेजी से कोरोना के नए केस सामने आ रहे हैं. चीन अब तेज रफ्तार से संक्रमण में बढ़ोतरी का सामना कर रहा है. ऐसे में अब नए साल की छुट्टियों के दौरान चिंता बढ़ने की चेतावनी जारी की गई है.</p>
<p><strong>क्या कहती है रिपोर्ट?</strong></p>
<p>ऐसे में देश की 1.4 बिलियन की आबादी पर नया संकट आ सकता है. इस स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक चीन में नए कोरोना केस 1 अप्रैल के आसपास चरम पर होंगे. उस दौरान मौतों का आंकड़ा 322000 तक पहुंच जाएगा. आईएचएमई के निदेशक क्रिस्टोफर मरे ने कहा कि ये वह समय होगा जब चीन की लगभग एक तिहाई आबादी संक्रमित हो चुकी होगी. </p>
<p>चीन लगातार कोरोना के मुद्दे पर दुनिया से झूठ बोल रहा है. वहीं चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने COVID प्रतिबंध हटाने के बाद से किसी भी आधिकारिक COVID मौत की सूचना नहीं दी गई है. चीन में अंतिम आधिकारिक मौत 3 दिसंबर को दर्ज की गई थी. चीन में फिलहाल कोरोना से आधिकारिक मौत का आंकड़ा 5235 बताया गया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/corona-epidemic-will-wreak-havoc-in-china-in-2023-cases-will-peak-by-april-millions-of-deaths-will-o						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/corona-epidemic-will-wreak-havoc-in-china-in-2023-cases-will-peak-by-april-millions-of-deaths-will-o</guid>
					<pubDate>Sun, 18 Dec 2022 01:56:30 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[निगाहें तिरछी करने का अंजाम क्या होता है, यह तवांग में चीन और UN में पाकिस्तान को भारत ने बता दिया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारत की तरफ निगाहें तिरछी करने का अंजाम क्या होगा? इसका जवाब पाकिस्तान और चीन को मिल चुका है. दोनों ही देश भारत के खिलाफ घात लगाकर मौके की तलाश में रहते हैं. पाकिस्तान और चीन की बुजदिली अब जगजाहिर हो चुकी है. हाल के दिनों में दोनों देशों की साजिशों को भारत ने बखूबी नाकाम किया है. भारत ने एलएसी पर अरुणाचल प्रदेश के तवांग में जहां चीन को धूल चटाई.. वहीं, यूएन में भारत ने पाकिस्तान की हकीकत बयां कर दुनिया की आंख खोल दी. जिसके बाद से चीन और पाकिस्तान बिलबिलाए हुए हैं. रोज भारत पर झूठे आरोप लगाकर घेरने की कोशिश कर रहे हैं.</p>
<p><strong>तवांग में चीन को भारत का तमाचा</strong></p>
<p>तवांग में चीनी सैनिकों की बुजदिली के बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद को बताया था कि भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर यथास्थिति को बदलने के चीन के प्रयास का पुरजोर विरोध किया. भारतीय सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिशों में लगे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों को पीछे धकेल दिया.</p>
<p><strong>अरुणाचल प्रदेश के तवांग में क्या हुआ?</strong></p>
<p>रक्षा मंत्री ने लोकसभा को बताया कि 9 दिसंबर को, पीएलए के सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में एलएसी के पार घुसपैठ की. चीनी सैनिकों ने एकतरफा रूप से यथास्थिति को बदलने की कोशिश की. हमारी सेना ने बड़ी बहादुरी के साथ पीएलए की घुसपैठ को रोका और उन्हें अपनी चौकी पर लौटने के लिए मजबूर किया.</p>
<p><strong>यूएन में भारत ने खोली पाकिस्तान की पोल</strong></p>
<p>संयुक्त राष्ट्र के मंच से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान की आतंकी मंशा को दुनिया के सामने रखा है. उन्होंने कहा कि दुनिया पाकिस्तान को आतंकवाद के ‘केन्द्र’ के रूप में देखती है. मुझे पता है कि हम ढाई साल से कोविड से जूझ रहे हैं और इस कारण यादें थोड़ी धुंधली हो गई हैं. लेकिन मैं आपको आश्वासन देता हूं कि दुनिया यह नहीं भूली है कि आतंकवाद शुरू कहां से होता है. यूएन में जयशंकर के बयान के बाद पाकिस्तानी नेता चिढ़े हुए हैं. एक-एक कर मौजूदा पाक सरकार के मंत्री भारत के खिलाफ जहर उगलने में लगे हुए हैं. लेकिन हकीकत यह है कि पाकिस्तान ही ऐसा देश है जहां आतंकियों की फैक्ट्री रच-बस रही है और भारत दुनिया के हर मंच से हमेशा इसका विरोध करता रहा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/india-told-china-in-tawang-and-pakistan-in-un-what-is-the-consequence-of-slanting-eyes						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sun, 18 Dec 2022 01:43:52 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इमरान खान की इस चाल से पाकिस्तान सरकार की बढ़ेंगी मुश्किलें, फैलेगी अराजकता]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान (Pakistan) से शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) की सरकार को हटाने के लिए आज (शनिवार को) इमरान खान (Imran Khan) अपने सबसे बड़े फॉर्मूले को लागू करने जा रहे हैं. इसके लिए इमरान खान किसी और की नहीं बल्कि अपनी ही पार्टी यानी पीटीआई के सरकारों की बलि चढ़ाने की तैयारी में हैं. इमरान खान आज उन राज्यों की विधानसभाओं को भंग करने का ऐलान करने जा रहे हैं जहां उनकी पार्टी सत्ता में है. पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा, इन दो प्रांतों में इमरान की पार्टी पीटीआई की सरकार है और दोनों ही जगह आज विधानसभा भंग होने का निर्णय लिया जा सकता है.</p>
<p><strong>पाकिस्तान में जल्द चुनाव कराना चाहते हैं इमरान</strong></p>
<p>बता दें कि लाहौर के लिबर्टी चौक पर इस ऐलान के लिए बाकायदा जलसे का इंतजाम किया जा रहा है. हालांकि, इमरान खान इस जलसे में सीधे शामिल नहीं हो रहे हैं बल्कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस जलसे से जुड़ेंगे. इमरान खान पाकिस्तान में जल्द चुनाव कराने के फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं. लिहाजा इस प्लान को कामयाब बनाने के लिए इमरान खान ने 'इलेक्शन कराओ, पाकिस्तान बचाओ' का नारा भी तैयार किया है. इसके साथ साथ इमरान खान लगातार पूरे शरीफ खानदान पर निशाना भी साध रहे हैं. </p>
<p><strong>पब्लिक के पैसे चोरी करने का आरोप</strong></p>
<p>इमरान खान ने कहा कि कोई सोच भी नहीं सकता है कि पब्लिक के पैसे चोरी करने वालों को पहले आप एक साजिश के तहत मुल्क के ऊपर मुस्सलत करें. मैंने पूरी कोशिश की, इनके केस मेच्योर थे. हमको कहा जाता था कि इनके केस मेच्योर हैं.</p>
<p><strong>बाजवा पर भी इमरान ने साधा निशाना</strong></p>
<p>गौरतलब है कि इमरान खान शहबाज, नवाज शरीफ के साथ-साथ आसिफ अली जरदारी पर भी निशाना साध रहे हैं. इसके अलावा इमरान के निशाने पर जनरल बाजवा भी हैं. इमरान खान ने नवाज शरीफ को पाकिस्तान का सबसे बड़ा क्रिमिनल तक कह दिया है.</p>
<p>इमरान खान ने कहा कि इस वक्त मुल्क के बड़े-बड़े क्रिमिनल बाहर घूम रहे हैं. मुल्क के ऊपर बैठे हैं और मुल्क के फैसले कर रहे हैं. अपने को केस से बचा रहे हैं. मुल्क की इकोनॉमी नीचे चली गई है और ये ऊपर हैं. इनके सारे केस माफ हो गए हैं और बाकी भी बैठे हुए हैं आने के लिए.</p>
<p>पाकिस्तान के पूर्व रेल मंत्री राशिद अहमद का दावा है कि इमरान खान की लोकप्रियता इस वक्त सबसे बेहतर दौर में है और पाकिस्तान के युवाओं का साथ भी इमरान खान को मिल रहा है. इसी वजह से पाकिस्तान की सरकार घबराई हुई है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/this-trick-of-imran-khan-will-increase-the-problems-of-the-government-of-pakistan-anarchy-will-sprea						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/this-trick-of-imran-khan-will-increase-the-problems-of-the-government-of-pakistan-anarchy-will-sprea</guid>
					<pubDate>Sat, 17 Dec 2022 11:49:25 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ब्रिटिश शाही घराने में गृह-कलेश, प्रिंस हेरी ने लगाया ये आरोप]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेघन एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है गुरुवार को जारी उन दोनों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री सीरीज के नए एपिसोड में प्रिंस हैरी ने ब्रिटिश रॉयल्स पर नए आरोप लगाए हैं. प्रिंस हैरी ने आरोप लगाया है कि शाही जीवन छोड़ने की उनकी योजना पर उनके भाई विलियम ने उग्र प्रतिक्रिया दी.</p>
<p>युवा लड़कों के रूप मे दोनों भाइयों की अपनी मां राजकुमारी डायना के अंतिम संस्कार में ताबूत के पीछे चलते हुए इमेज लोगों के जेहन में बसी है लेकिन दोनों अब कथित तौर पर एक दूसरे से बात नहीं कर रहे हैं. इसके पीछे है हेरी और मेघन का कैलिफोर्निया में बसने का फैसला.</p>
<p><strong>'पिता ऐसी बातें करने लगे, जो सच नहीं थीं'</strong></p>
<p>‘हैरी एंड मेगन’ के अंतिम तीन एपिसोड में, हैरी ने विदेश जाने की अपनी योजना पर जनवरी 2020 में एक पारिवारिक मुलाकात को याद किया.  हेरी आरोप लगाया कि  उनके बड़े भाई प्रिंस विलियम बुरी तरह चिल्लाने लगे. उनके पिता ऐसी बातें करने लगे, जो सच नहीं थीं और उनकी दादी चुप होकर यह सब देखतीं रहीं.</p>
<p>हेरी ने संकेत दिया कि उनके पिता (74) और भाई (40) ने स्थिति की गलत व्याख्या की, लेकिन वह और मेघन अपने फैसले पर आगे बढ़ गए. बता दें हैरी और मेघन ने मार्च 2020 में शाही कर्तव्यों से दे दिया था. उनका कहना था कि वे मीडिया उत्पीड़न से दूर नई जिंदगी जीना चाहते हैं.</p>
<p><strong>और क्या कहा हैरी ने?</strong></p>
<p>अंतिम एपिसोड्स का अधिकांश कंटेंट विशेष रूप से मेघन की शाही जीवन, आत्मघाती विचारों और नकारात्मक मीडिया कवरेज को अपनाने में कठिनाइयों से जुड़ा है. हैरी ने विलियम के सहयोगियों पर मीडिया में उनके और उनकी पत्नी के बारे में नेगेटिव न्यूज प्लांट करने का आरोप लगाया. हैरी ने कहा कि मेघन के गर्भपात की वजह प्रेस में छपने वाली ये स्टोरिज थीं.</p>
<p>बकिंघम पैलेस और विलियम के कार्यालय केंसिंग्टन पैलेस डॉक्यूमेंट्री पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/home-conflict-in-the-british-royal-family-prince-harry-made-this-allegation						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/home-conflict-in-the-british-royal-family-prince-harry-made-this-allegation</guid>
					<pubDate>Sat, 17 Dec 2022 10:58:49 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[जर्मनी में 1 लाख लीटर पानी से भरे दुनिया के सबसे बड़े फ्रीस्टैंडिंग एक्वेरियम में ब्लास्ट]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>जर्मनी में बने दुनिया के सबसे बड़े फ्रीस्टैंडिंग एक्वेरियम में अचानक से ब्लास्ट हो गया. देखते ही देखते करीब 1 लाख लीटर पानी शहर के आस-पास फैल गया. इस दुर्घटना में करीब 1500 मछलियों की मौत हो गई. जर्मनी के बर्लिन में बना यह एक्वेरियम इंजीनियरिंग का शानदार नमूना था. इस घटना के तुरंत बाद 100 लोगों की बचाव टीम घटना स्थल पर पहुंच गई. इस एक्वेरियम की हाइट 46 फीट के करीब थी.</p>
<p><strong>अचानक से हुआ ब्लास्ट</strong></p>
<p>अचानक से एक्वेरियम का शीशा टूट गया जिसकी वजह से सारा पानी शहर भर में फैल गया. जिस कॉम्प्लेक्स में एक्वेरियम फटा वहां रेडिसन होटल और कई दुकानों के अलावा एक म्यूजियम भी मौजूद था. घटना के तुरंत बाद जगह को खाली कराया गया. सुरक्षा अधिकारियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस हादसे में किसी को ज्यादा चोटें नहीं आईं हैं लेकिन शीशा फटने की वजह से दो लोग घायल हो गए हैं. जैसे ही एक्वेरियम फटा उस समय चारों तरफ भागादौड़ी मच गई और उसका मलबा सब तरफ फैल गया.</p>
<p><strong>होटल में मौजूद थे 350 लोग</strong></p>
<p>जर्मनी में जब यह हादसा हुआ तब वहां होटल में करीब 350 लोग मौजूद थे जिन्हें तुरंत बारह जाने के लिए कहा गया. इस समय जर्मनी का मौसम बेहद ठंडा होता है. इन दिनों वहां का तापमान करीब -7 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है इसलिए बाहर किए गए लोगों को बसों की मदद से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया. जर्मनी का यह एक्वेरियम पर्यटकों के बीच आर्कषण का बड़ा केंद्र था. जर्मनी पुलिस ने कहा है कि उनके देश के लिए यह एक बड़ी क्षति की तरह है. आपको बता दें कि साल 2020 में इस एक्वेरियम को रिनोवेट करके आम जनता के लिए खोल दिया गया था.</p>
<p><strong>नहीं पता चली दुर्घटना की वजह</strong></p>
<p>एक्नवाडोम नाम से मशहूर इस एक्वेरियम के फटने से कॉम्प्लेक्स को शुक्रवार के लिए बंद कर दिया गया है. इस विशालकाय फिश टैंक के ब्लास्ट की कोई ठोस वजह अब तक नहीं मिली है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/blast-in-worlds-largest-freestanding-aquarium-filled-with-1-lakh-liters-of-water-in-germany						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/blast-in-worlds-largest-freestanding-aquarium-filled-with-1-lakh-liters-of-water-in-germany</guid>
					<pubDate>Sat, 17 Dec 2022 10:53:55 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनने का दुनिया के कई शक्तिशाली देशों ने किया समर्थन]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनने की भारत की कोशिशों का बुधवार को दुनिया के कई शक्तिशाली देशों ने एक बार फिर समर्थन किया. ब्रिटेन, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि UNSC का परमानेंट मेंबर बनने के भारत के प्रयास का पूरी तरह समर्थन करते हैं. दुनिया को बहुधुव्रीय बनाने के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है. इससे पहले अमेरिका और रूस ने भी भारत को परिषद का स्थाई सदस्य बनाए जाने के समर्थन में अपना बयान दिया था.</p>
<p><strong>दिसंबर में भारत फिर बना UNSC का अध्यक्ष</strong></p>
<p>दुनिया के पावरफुल देशों के भारत के समर्थन में बयान देने की पहल ऐसे समय में हो रही है, जब भारत ने 1 दिसंबर से फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता संभाल ली है. भारत इस पूरे महीने परिषद का अध्यक्ष रहेगा. इस महीने के खत्म होते ही अस्थाई सदस्य के रूप में भारत का परिषद में 2 वर्षीय कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा. रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन की बढ़ रही आक्रामकता से परेशान दुनिया के देशों की भारत से उम्मीद बढ़ती जा रही है. जिसके चलते उसके प्रति वैश्विक समर्थन में लगातार इजाफा होता जा रहा है. </p>
<p><strong>भारत की स्थाई सदस्यता पर बढ़ा समर्थन</strong></p>
<p>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बुधवार को हुई बैठक में UAE की मंत्री नोरा बिंत मोहम्मद अल काबी ने कहा कि उनका देश सिक्योरिटी काउंसिल में सुधार और भारत की स्थाई सदस्य बनने की इच्छा का समर्थन करता है. मीटिंग में मौजूद ब्रिटेन और फ्रांस के प्रतिनिधियों ने अपने देश की ओर से इसी तरह के बयान दिए और भारत को UNSC का परमानेंट मेंबर बनाने का सपोर्ट किया. </p>
<p><strong>डॉ. जयशंकर ने देशों का जताया आभार</strong></p>
<p>न्यूयार्क में परिषद की अध्यक्षता कर रहे भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने इस समर्थन के लिए सदस्यों का आभार व्यक्त किया. जयशंकर ने कहा कि सुरक्षा परिषद को समृद्ध करने में लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, एशिया और छोटे द्वीपीय देशों का भी अहम योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि सुरक्षा परिषद जैसे वैश्विक संस्थानों में सुधार की प्रक्रिया शुरू की जाए, जिससे यह ज्यादा पारदर्शी, जिम्मेदार और मजबूत बन सके. </p>
<p>डॉ जयशंकर ने आतंकवाद के मसले पर दुनिया को एकजुट होने का आह्वान किया. जयशंकर ने कहा कि मल्टीलेट्रल प्लेटफॉर्म पर भी कुछ देश आतंकवाद को जस्टिफाई और आतंकियों को बचाने की कोशिश करते हैं. हमें एकजुट होकर ऐसे तत्वों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए आगे आना होगा. </p>
<p><strong>चीन लगातार अटका रहा है रोड़े</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने 'संकट के इस क्षण को बहुपक्षवाद के क्षण में बदलने' का सही आह्वान किया है. लेकिन हमें इस क्षण में परिवर्तन की उस भावना को पकड़ना चाहिए, और अतीत का कैदी नहीं रहना चाहिए. यह बहस इस बात को निर्धारित करने में मदद करेगी कि हम किस प्रकार का संयुक्त राष्ट्र देखना चाहते हैं. </p>
<p>बताते चलें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनने के लिए भारत लंबे समय से अभियान चला रहा है लेकिन अब तक उसे कामयाबी नहीं मिल पाई है. संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के मुताबिक जब तक परिषद के पांचों स्थाई सदस्य सुधार और खास देशों को परमानेंट मेंबर बनाने के लिए राजी नहीं होते, तब तक किसी भी देश को स्थाई सदस्य नहीं बनाया जा सकता. भारत के प्रयासों में इस वक्त चीन ही सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है. जबकि बाकी चारों परमामनेंट मेंबर उसके समर्थन में कई बार बयान दे चुके हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/many-powerful-countries-of-the-world-supported-india-becoming-a-permanent-member-of-the-un-security-						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/many-powerful-countries-of-the-world-supported-india-becoming-a-permanent-member-of-the-un-security-</guid>
					<pubDate>Thu, 15 Dec 2022 10:59:45 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[दुन‍िया में पहली बार क‍िसी देश की सरकार ने सिगरेट पर पूरी तरह रोक लगाई]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दुन‍िया में पहली बार क‍िसी देश की सरकार ने स्मोकिंग (Smoking) के ख‍िलाफ बेहद कड़ा कानून लागू किया है. न्यूजीलैंड (New Zealand) की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न (Jacinda Ardern) की सरकार ने युवाओं पर सिगरेट खरीदने पर आजीवन बैन लगाकर टोबैको स्मोकिंग (Tobacco Smoking) को पूरी तरह से खत्म करने के लिए एक कानून पारित किया है. </p>
<p><strong>क्या कहता है नया कानून?</strong></p>
<p>तंबाकू मुक्त देश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे इस देश ने पुख्ता तैयारी के साथ इस दिशा में अपने कदम बढ़ाए हैं. इसके व्यापक नतीजे निकलने का अनुमान लगाया जा रहा है. युवाओं के सिगरेट खरीदने पर आजीवन प्रतिबंध लगाकर टोबैको स्मोकिंग को पूरी तरह से खत्म करने के लिए जो कानून बना है उसके मुताबिक तत्काल प्रभाव से 1 जनवरी, 2009 के बाद पैदा हुए किसी भी व्यक्ति को न्यूजीलैंड में तंबाकू नहीं बेची जा सकती है.</p>
<p>नए कानून के तहत सिगरेट खरीदने की न्यूनतम उम्र समय के साथ-साथ बढ़ती रहेगी. सैद्धांतिक रूप से, कोई व्यक्ति जो अब से 50 साल बाद सिगरेट का एक पैकेट खरीदने की कोशिश करेगा, उसे यह साबित करने के लिए पहचान पत्र की आवश्यकता होगी कि वो कम से कम 63 साल का हो चुका है.</p>
<p><strong>सिगरेट के पैकेट के लिए आईकार्ड जरूरी</strong></p>
<p>सिगरेट खरीदने के लिए अब लोगों को हर जगह अपनी उम्र का प्रूफ देने वाली आईडी दिखानी होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजीलैंड की 2025 तक देश को धूम्रपान मुक्त बनाने की योजना है. स्टैटिस्टिक्स न्यूज़ीलैंड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, न्यूजीलैंड के करीब 8% वयस्क धूम्रपान करते हैं. यह बैन सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर भारी टैक्‍स लगाने के कई सालों बाद आया है.</p>
<p><strong>स्वास्थ्य मंत्री का बयान</strong></p>
<p>देश के स्वास्थ्य मंत्री को उम्मीद है कि इस कानून से देश में धूम्रपान कम हो जाएगा. इस फैसले से यहां तंबाकू बेचने के लिए अनुमति प्राप्त दुकानदारों की संख्या 6000 से घटकर 600 हो जाएगी और धूम्रपान वाले तंबाकू में निकोटीन की मात्रा भी कम होगी. स्वास्थ्य मंत्री डॉ आयशा वेराल के मुताबिक, ‘ऐसे उत्पाद को बेचने की इजाजत देने की कोई अच्छी वजह नहीं है, इसका इस्तेमाल लाखों लोगों की जान ले लेता है. मैं आपको बता सकती हूं कि हम इसे भविष्य में पूरी तरह खत्म कर देंगे. नई स्वास्थ्य प्रणाली धूम्रपान से होने वाली बीमारियों, जैसे कि कैंसर, दिल का दौरा, हृदयाघात के इलाज के लिए अरबों डॉलर की बचत करेगी.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/for-the-first-time-in-the-world-the-government-of-any-country-completely-banned-cigarettes						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/for-the-first-time-in-the-world-the-government-of-any-country-completely-banned-cigarettes</guid>
					<pubDate>Thu, 15 Dec 2022 10:55:11 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[एक ऐसा देश जहां समोसे पर बैन लगा होने के कारण खाने पर मिलती है सजा, जाने समोसे का इतिहास]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारत के ज्यादातर लोग समोसे के स्वाद से परिचित होंगे. आपको बता दें कि इसे सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि यूरोपियन देशों में भी खूब पसंद किया जाता है. यह स्ट्रीट फूड भारत के ज्यादातर जगहों पर मिल जाएगा. देश के पड़ोसी मुल्कों में भी समोसे को खूब पसंद किया जाता है. कई लोग इसे चाय के साथ लेते हैं तो कुछ लोग शाम के नाश्ते के तौर पर खाते हैं. कभी - कभी हल्की भूख को मिटाने के लिए भी लोग समोसा प्रेफर करते है. समोसा कई पार्टियों का पसंदीदा स्नैक्स होता है. इतना पसंद किए जाने के बावजूद एक ऐसा देश हैं जहां समोसे पर बैन लगा दिया गया है.</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></p>
<p>कई देशों में पसंद किए जाने वाला समोसा अफ्रीकी देश सोमालिया में पूरी तरह से बैन है. बता दें कि यहां अगर कोई शख्स समोसा खरीदते, खाते या बनाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके लिए यहां बकायदा सजा का प्रवाधान भी है. खबर है कि यहां के एक चरमपंथी संगठन ने समोसे के तिकोने आकार की वजह से इसे बैन किया है. उनका कहना है कि समोसे का तिकोना आकार क्रिश्चियन कम्यूनिटी के एक चिह्न से काफी हद तक मिलता है. इसी वजह से समोसे को सोमालिया में बैन होना पड़ा है. वहीं इसके विपरीत कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि समोसे में सड़े - गले मीट भरे जाते थे इसलिए यहां पर समोसे पर बैन लगाया गया है.</p>
<p><strong>क्या है समोसे का इतिहास?</strong></p>
<p>कुछ लोग को मानते हैं कि समोसे की भारत में एंट्री मध्य एशिया से हुई है. इसकी रेसिपी का श्रेय मध्य एशिया के अरबी सौदागरों को दिया जाता है. तेरहवीं शताब्दी की मशहूर किताब 'तारीख ए बेहाकी' में इसके बारे में बताया गया है. वहीं कुछ लोग समोसे को मिस्र का मानते हैं. मुगल काल के दौरान यह मुगल दरबार की शान भी हुआ करता था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/a-country-where-due-to-the-ban-on-samosas-punishment-is-given-for-eating-them-know-the-history-of-sa						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/a-country-where-due-to-the-ban-on-samosas-punishment-is-given-for-eating-them-know-the-history-of-sa</guid>
					<pubDate>Thu, 15 Dec 2022 10:49:56 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[हिजाब मामले में सख्ती दिखाने पर ईरान को संयुक्त राष्ट्र महिला आयोग से हटाया, भारत ने निभाई दोस्ती]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>विस्तारवादी चीन से निपटने के लिए भारत भले ही अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों से दोस्ती बढ़ा रहा हो लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता उसे गंवारा नहीं है. रूस-यूक्रेन युद्ध में कई बार अपनी स्वतंत्र विदेश नीति का इजहार कर चुके भारत ने अबकी बार ईरान के मामले में पश्चिमी देशों का साथ नहीं दिया और संयुक्त राष्ट्र महिला आयोग की बैठक से अनुपस्थित हो गया. </p>
<p><strong>भारत ने ईरान से निभाई दोस्ती</strong></p>
<p>दरअसल ईरान में चल रहे हिजाब विरोधी आंदोलन (Iran Hijab Protest) के दौरान महिलाओं समेत कई पुरुष पुलिस की गोली से मारे जा चुके हैं. इस एक्शन पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अमेरिका ने ईरान को संयुक्त राष्ट्र महिला आयोग (CSW) से हटाने का प्रस्ताव दिया था. इस पर बुधवार को 54 सदस्यीय आयोग में वोटिंग हुई, जिसमें 29 देशों ने प्रस्ताव के फेवर में वोट डाला और रूस-चीन समेत 8 देशों ने विरोध में वोटिंग की. जबकि भारत समेत 16 देश इस वोटिंग से गैर-हाजिर रहे. जिसके चलते प्रस्ताव बहुमत से पास हो गया और ईरान को इस वैश्विक निकाय से बाहर कर दिया गया. </p>
<p><strong>इसी साल सदस्य बना था ईरान</strong></p>
<p>बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महिला आयोग में 45 देशों का चयन किया जाता है. यह चयन संयुक्त राष्ट्र आर्थिक-सामाजिक परिषद 4 वर्षों के लिए करती है. इसके अलावा कुछ अन्य और संस्था भी इस आयोग के पदेन सदस्य होते हैं. ईरान (Iran Hijab Protest) इसी साल इस आयोग का सदस्य बना था और उसका कार्यकाल वर्ष 2026 तक था लेकिन उसे बीच में ही सदस्य देशों ने बहुमत के आधार पर संस्था से बाहर कर दिया है. </p>
<p><strong>अमेरिका ने फैसले का किया स्वागत</strong></p>
<p>अमेरिका के प्रस्ताव का विरोध करते हुए ईरान के प्रतिनिधियों ने कहा कि अमेरिका और उसके साझीदार देश खुद अपने मुल्कों में अल्पसंख्यकों खासकर महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ नस्लवादी हरकतें कर रहे हैं. वहीं ईरान जैसे देश में दंगा कर रहे लोगों का सपोर्ट कर अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है. </p>
<p>वहीं अमेरिका ने अपने प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि जो देश अपने मुल्क में महिलाओं को हिजाब के नाम पर गोली मार रहे हों, उन्हें संयुक्त राष्ट्र महिला आयोग में रहने का कोई हक नहीं है. इन जैसे देशों के इस संस्था में रहने से उसकी महत्ता कम होती है. ईरान (Iran Hijab Protest) की मेंबरशिप से इस वैश्विक निकाय की प्रतिष्ठा कम होती है, इसलिए उसे तुरंत बाहर कर देना ही बढ़िया है. </p>
<p><strong>ईरान में क्यों भड़के हुए हैं प्रदर्शन</strong></p>
<p>बताते चलें कि ईरान में हिजाब (Iran Hijab Protest) को लेकर सख्त कानून हैं. पिछले महीने महसा अमीन नाम की महिला सिर को पूरी तरह ढंके बिना हिजाब पहनकर जा रही थी. जिसे ईरानी पुलिस ने पकड़कर बहुत मारा. इस घटना में महसा अमीन की मौत हो गई, जिसके बाद से ईरान में लोग भड़के हुए हैं और लगातार अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए ईरानी सरकार लगातार बल प्रयोग का सहारा ले रही है, जिसमें अब तक कई लोग मारे जा चुके हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/iran-was-removed-from-the-united-nations-womens-commission-for-showing-strictness-in-the-hijab-case-						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/iran-was-removed-from-the-united-nations-womens-commission-for-showing-strictness-in-the-hijab-case-</guid>
					<pubDate>Thu, 15 Dec 2022 10:43:34 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इमरान की इस धमकी से डरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बातचीत को तैयार]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को कहा कि वह देश के लिए पूर्व पीएम इमरान खान के साथ अपने आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए तैयार हैं. शरीफ ने कहा, 'पाकिस्तान के लिए सौ कदम आगे बढ़ाए जा सकते हैं. सभी मतभेद दूर किए जा सकते हैं.' उन्होंने कहा कि हाल में राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से  वित्त मंत्री इशाक डार ने मुलाकात की थी, जो इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी से जुड़ी है. अल्वी की डार के साथ बैठक पर वहां की मीडिया ने कहा कि यह सत्ताधारी गठबंधन की तरफ से पूर्व पीएम इमरान खान के साथ बातचीत का एक चैनल बनाने की कोशिश है. शहबाज ने कहा, 'हम देश की स्थिरता के लिए 100 कदम आगे बढ़ाएंगे. जब देश ऐसी स्थिति में हो तो हमें त्याग करना पड़ता है.' </p>
<p>शहबाज शरीफ की तरफ से बातचीत का ऑफर इमरान खान की उस धमकी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने धमकी दी थी कि अगर 20 दिसंबर तक आम चुनावों की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ तो पंजाब और खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत की विधानसभा भंग कर दी जाएंगी. लेकिन बातचीत का ऑफर देते हुए शहबाज ने इमरान खान को अहंकारी और धोखेबाज बताया है. शरीफ ने कहा,  'मैं लोगों को बताना चाहता हूं कि यह शख्स (इमरान खान) एक फ्रॉड है, जिसे देश के भविष्य से कोई मतलब नहीं है. इमरान खान बहुत अहंकारी शख्स है, जो सिर्फ अपने निजी हितों की परवाह करता है और वह अपने निहित स्वार्थों के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकता है.' </p>
<p>उन्होंने डेली मेल की माफी के बारे में भी बात की. उन्होंने इसे पाकिस्तान के 220 मिलियन लोगों का समर्थन बताया, जिन्होंने इमरान खान और उनके साथियों की रची गई साजिश को भी विफल कर दिया. शहबाज ने यह कहकर खान का मजाक उड़ाया कि फाइनेंशियल टाइम्स अखबार में प्रकाशित एक लेख ने उन पर (खान) शौकत खानम अस्पताल के लिए एकत्र किए गए चंदे को अपनी राजनीति में खर्च करने का आरोप लगाया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/afraid-of-imrans-threat-pakistans-prime-minister-shahbaz-sharif-is-ready-for-talks						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/afraid-of-imrans-threat-pakistans-prime-minister-shahbaz-sharif-is-ready-for-talks</guid>
					<pubDate>Wed, 14 Dec 2022 12:16:35 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[तवांग में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद चीन का पहला बयान, कही ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प पर भारत ने कड़ा रुख अख्तियार किया है और केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है. इस बीच झड़प और सीमा विवाद (India-China Clash) पर चीन का पहला बयान सामने आया है और चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के साथ उसकी सीमा पर स्थिति स्थिर है.</p>
<p><strong>राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से बातचीत जारी: चीन</strong></p>
<p>भारत द्वारा अरुणाचल प्रदेश के तवांग में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन की सैनिकों की झड़प का मुद्दा उठाए जान पर चीन ने कहा कि सीमा पर स्थिति स्थिर है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन (Wang Wenbin) ने कहा, 'जहां तक हम समझते हैं, चीन-भारत सीमा की स्थिति समग्र रूप से स्थिर है.' उन्होंने आगे कहा, 'राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से सीमा मुद्दे पर लगातार बातचीत चल रही है.</p>
<p><strong>झड़प पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में दिया बयान</strong></p>
<p>इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने संसद के दोनों सदनों में तवांग में चीन और भारत के सैनिकों की झड़प पर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि चीन ने 9 दिसंबर 2022 को सीमा पर तवांग सेक्टर के यांग्त्से एरिया में यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया और भारतीय सेना ने बहादुरी से चीन के इस प्रयास रोका. भारतीय सेना ने पीएलए ट्रूप को उनकी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया.</p>
<p>इसके साथ ही राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने संसद में घटना की जानकारी देते हुए यह भी बताया कि इस झड़प में भारत और चीन के कुछ सैनिकों को चोटें आई है, लेकिन कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, कि इस घटना में भारत को कोई भी सैनिक शहीद नहीं हुआ है और ना ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/chinas-first-statement-after-the-clash-between-indian-and-chinese-soldiers-in-tawang-said-this						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/chinas-first-statement-after-the-clash-between-indian-and-chinese-soldiers-in-tawang-said-this</guid>
					<pubDate>Wed, 14 Dec 2022 12:12:19 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन में फिर बरसा कोरोना का कहर, जरुरी सामान के लिए लोग भटकने पर मजबूर, इन वजहों से बिगड़ी स्थिति]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कोरोना वायरस ने एक बार फिर चीन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. इसकी वजह से अलग-अलग तरह की समस्याएं सरकार के सामने आ रही हैं. पिछले महीने पहले सरकार को जीरो कोविड पॉलिसी की वजह से लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. इसके बाद कई बड़ी कंपनियों ने चीन में अपना कारोबार समेटने का फैसला किया. वहीं अब खबर है कि पूरे चीन में मेडिकल सप्लाई ठप पड़ गई है. मेडिकल स्टोर पर काफी लंबी-लंबी लाइन लग रही है. कम ही लोगों का नंबर आ पा रहा है. दवाइयों और अन्य मेडिकल सामान के लिए लोग भटकने को मजबूर हैं. शॉर्टेज की वजह से मौजूद दवाइयों और सामान की कीमत बढ़ गई है.</p>
<p><strong>इन वजहों से बिगड़ी स्थिति</strong></p>
<p>अचानक दवाइयों की कमी के पीछे दो वजहें प्रमुख हैं. पहला ये कि चीन में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं. केस बढ़ने की वजह से जो बीमार हैं उनके लिए जमकर दवाइयों की खरीदारी हो रही है. ऐसे में सामान की कमी हो रही है. वहीं दूसरी वजह लॉकडाउन में मिली छूट है. पहले लोग घरों में बंद थे तो खरीदारी भी कर रहे थे, लेकिन जैसे ही लॉकडाउन में छूट दी गई तो भीड़ बाहर निकलने लगी और दवाइयों की खरीदारी कर रही है. अचानक मांग बढ़ने से भी अफरातफरी मची हुई है. इसके अलावा चीन में जब जीरो कोविड पॉलिसी लागू थी तब ट्रांसपोर्टर एक शहर से दूसरे शहर जाने में जूझ रहे थे. उन्हें खास परमीशन की जरूरत पड़ती थी. इस वजह से भी दवाइयों की सप्लाई सही से नहीं हो पाई और अब स्टॉक खत्म होने पर दिक्कत हो रही है.</p>
<p><strong>सरकार का दावा- जल्द दूर होगी दिक्कत</strong></p>
<p>दवाई की किल्लत सबसे ज्यादा बीजिंग में ही है. हालांकि चीन सरकार का कहना है कि जल्द ही इस समस्या को दूर किया जाएगा. बता दें कि चीन में शुक्रवार को कोरोना के 13,585 नए वहीं अफसरों का कहना है कि अब कई प्रतिबंधों में छूट दी गई है, इससे दवाई की किल्लत खत्म होगी. चीन के परिवहन मंत्रालय ने एक नोटिस में कहा कि मेडिकल स्प्लाई की सुचारू डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जानी जाएगी. </p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/corona-wreaks-havoc-again-in-china-people-forced-to-wander-for-essential-goods-situation-worsens-due						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/corona-wreaks-havoc-again-in-china-people-forced-to-wander-for-essential-goods-situation-worsens-due</guid>
					<pubDate>Mon, 12 Dec 2022 10:08:45 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तानी सेना पर तालिबान का हमला, ये रही हमले की मुख्य वजह]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान और तालिबान की सेना में कई दिनों से तनाव जारी है, लेकिन अब ये मामला बढ़ता ही जा रहा है. तालिबान के लड़ाकों स्पिन बोल्डक-चमन बॉर्डर के माध्‍यम से पाकिस्तान के अंदर घुस गए और वहां हमला कर दिया. इस अटैक की वजह से पाकिस्‍तान में पांच लोगों की मौत हो गई. इस हमले में 20 लोग घायल भी हो गए हैं. तालिबान ने इस अटैक की वजह भी बताई है. उनकी तरफ से कहा गया है कि पाकिस्‍तान की सेना अफगानों को जबरन परेशान करती थी. इन लोगों को चमन बॉर्डर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया है. स्थिति इतनी नाजूक है कि वहां के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. इस बीच पाकिस्तान की सेना ने भी सीमा पर भारी संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया है. इसी वजह से बॉर्डर से होने वाले व्यापार पर भी रोक लगा दी है. खुद पाकिस्तान की सेना को आशंका है कि तालिबान के लड़ाके फिर से हमला कर सकते हैं.  </p>
<p><strong>इसलिए तालिबान ने किया अटैक </strong></p>
<p>तालिबान बीते कुछ महीनों से पाकिस्तान से नाराज है क्‍योंकि स्पिन बोल्डक-चमन बॉर्डर पर अफगानी नागरिकों को पाकिस्‍तानी सेना परेशान कर रही है. अफगानी नागरिकों का उत्पीड़न किया जा रहा है. तालिबान ने ऐसा आरोप लगाया है कि पाकिस्तान के सैनिक जबरन अफगानी नागरिकों को परेशान करते हैं. उन्‍हें घंटों भूखे-प्यासे लाइन में खड़ा करते हैं. अगर इस बात का विरोध जताते हैं तो पाकिस्‍तानी सैनिक उनकी पिटाई भी कर देते हैं. तालिबान ने ऐसा दावा किया है कि उन्‍होंने इस बात की शिकायत पाकिस्तानी सरकार से भी की, लेकिन बॉर्डर पर फिर भी हालात नहीं सुधारे गए.  </p>
<p><strong>स्पिन बोल्डक-चमन बॉर्डर से होता है ये व्‍यापार </strong></p>
<p>पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जो व्यापार होता है, वह स्पिन बोल्डक-चमन बॉर्डर के माध्‍यम से ही होता है. इसी रास्ते से अफगानिस्तान अनार, सूखे मेवे, कालीन और कई मिनरल्‍स पाकिस्तान के बंदरगाहों पर भेजता है और फिर ये सामान दुनिया के कई देशों में जाता है. अफगानिस्‍तान भी पाकिस्‍तान से अनाज, कपड़ों, दवाइयों और दूसरी जरूरी चीजों को इसी बॉर्डर से मंगाता है. रोजाना बड़ी संख्या में अफगानी नागरिक भी इसी बॉर्डर से पाकिस्तान आते-जाते हैं. </p>
<p><strong>पाकिस्तानी सेना पर तालिबान का हमला, ये रही हमले की मुख्य वजह</strong></p>
<p>पाकिस्तान और तालिबान की सेना में कई दिनों से तनाव जारी है, लेकिन अब ये मामला बढ़ता ही जा रहा है. तालिबान के लड़ाकों स्पिन बोल्डक-चमन बॉर्डर के माध्‍यम से पाकिस्तान के अंदर घुस गए और वहां हमला कर दिया. इस अटैक की वजह से पाकिस्‍तान में पांच लोगों की मौत हो गई. इस हमले में 20 लोग घायल भी हो गए हैं. तालिबान ने इस अटैक की वजह भी बताई है. उनकी तरफ से कहा गया है कि पाकिस्‍तान की सेना अफगानों को जबरन परेशान करती थी. इन लोगों को चमन बॉर्डर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया है. स्थिति इतनी नाजूक है कि वहां के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. इस बीच पाकिस्तान की सेना ने भी सीमा पर भारी संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया है. इसी वजह से बॉर्डर से होने वाले व्यापार पर भी रोक लगा दी है. खुद पाकिस्तान की सेना को आशंका है कि तालिबान के लड़ाके फिर से हमला कर सकते हैं.  </p>
<p><strong>इसलिए तालिबान ने किया अटैक </strong></p>
<p>तालिबान बीते कुछ महीनों से पाकिस्तान से नाराज है क्‍योंकि स्पिन बोल्डक-चमन बॉर्डर पर अफगानी नागरिकों को पाकिस्‍तानी सेना परेशान कर रही है. अफगानी नागरिकों का उत्पीड़न किया जा रहा है. तालिबान ने ऐसा आरोप लगाया है कि पाकिस्तान के सैनिक जबरन अफगानी नागरिकों को परेशान करते हैं. उन्‍हें घंटों भूखे-प्यासे लाइन में खड़ा करते हैं. अगर इस बात का विरोध जताते हैं तो पाकिस्‍तानी सैनिक उनकी पिटाई भी कर देते हैं. तालिबान ने ऐसा दावा किया है कि उन्‍होंने इस बात की शिकायत पाकिस्तानी सरकार से भी की, लेकिन बॉर्डर पर फिर भी हालात नहीं सुधारे गए.  </p>
<p><strong>स्पिन बोल्डक-चमन बॉर्डर से होता है ये व्‍यापार </strong></p>
<p>पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जो व्यापार होता है, वह स्पिन बोल्डक-चमन बॉर्डर के माध्‍यम से ही होता है. इसी रास्ते से अफगानिस्तान अनार, सूखे मेवे, कालीन और कई मिनरल्‍स पाकिस्तान के बंदरगाहों पर भेजता है और फिर ये सामान दुनिया के कई देशों में जाता है. अफगानिस्‍तान भी पाकिस्‍तान से अनाज, कपड़ों, दवाइयों और दूसरी जरूरी चीजों को इसी बॉर्डर से मंगाता है. रोजाना बड़ी संख्या में अफगानी नागरिक भी इसी बॉर्डर से पाकिस्तान आते-जाते हैं. </p>
<p><strong>दोनों देश में बना हुआ है सीमा विवाद  </strong></p>
<p>अफगानिस्तान में जब से तालिबान का शासन शुरू हुआ है, तब से वह अफगानिस्‍तान और पाकिस्तान की सीमा को नहीं मानता है. तालिबान दावा करता है कि डूरंड लाइन के उस पार यानी पाकिस्‍तान में भी अफगानिस्तान का कुछ इलाका है. तालिबान, पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के बड़े हिस्से को अपना बता चुका है. इसी वजह से पहले भी डूरंड लाइन को लेकर पकिस्तानी सेना और तालिबान के बीच झड़पें हो चुकी हैं.</p>
<p>अफगानिस्तान में जब से तालिबान का शासन शुरू हुआ है, तब से वह अफगानिस्‍तान और पाकिस्तान की सीमा को नहीं मानता है. तालिबान दावा करता है कि डूरंड लाइन के उस पार यानी पाकिस्‍तान में भी अफगानिस्तान का कुछ इलाका है. तालिबान, पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के बड़े हिस्से को अपना बता चुका है. इसी वजह से पहले भी डूरंड लाइन को लेकर पकिस्तानी सेना और तालिबान के बीच झड़पें हो चुकी हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/taliban-attack-on-pakistani-army-this-is-the-main-reason-for-the-attack						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/taliban-attack-on-pakistani-army-this-is-the-main-reason-for-the-attack</guid>
					<pubDate>Mon, 12 Dec 2022 10:03:29 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इस्लामिक स्टेट ने कबूली काबुल में पाकिस्तानी दूतावास पर हमले की बात, पाकिस्तान ने ये कहा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अफगानिस्तान में पिछले हफ्ते पाकिस्तान दूतावास पर हुए हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है. आईएस खुरासन शाखा नेने शनिवार देर रात जारी किए संक्षिप्त बयान में दावा किया.  </p>
<p>अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शुक्रवार को हुए हमले में दूतावास के प्रभारी राजदूत उबैद-उर-रहमान निज़ामी सुरक्षित बच गए थे लेकिन पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी इसरार मोहम्मद जख्मी हो गए थे. वह सेना की कमांडो इकाई से संबंधित हैं.</p>
<p><strong>क्या कहा आईएस ने?</strong></p>
<p>अपने बयान में आईएएस ने कहा, ‘उसके दो लड़ाकों ने ‘विधर्मी’ पाकिस्तानी राजदूत और उनके सुरक्षा कर्मियों पर तब हमला किया वे पाकिस्तानी दूतावास के परिसर में थे जिसमें एक सुरक्षा कर्मी जख्मी हुआ और इमारत को नुकसान पहुंचा.’ बयान में इससे ज्यादा कुछ नहीं बताया गया.</p>
<p>यह हमला ऐसे वक्त में हुआ जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव की स्थिति है. इसका कारण है कि इस्लामाबाद का दावा कि अफगानिस्तान में छुपी पाकिस्तान विरोधी ताकतें हमलों को अंजाम दे रही हैं.</p>
<p><strong>आईएस के दावे पर पाकिस्तान ने क्या कहा?</strong></p>
<p>इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस्लामिक स्टेट के दावे की पुष्टि करने की कोशिश कर रहा है. विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘स्वतंत्र रूप से और अफगान अधिकारियों के परामर्श से, हम इन रिपोर्ट की सत्यता की पुष्टि कर रहे हैं.’</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘इसके बावजूद, आतंकवादी हमला उस खतरे की याद दिलाता है कि अफगानिस्तान और क्षेत्र में आतंकवाद शांति और स्थिरता के लिए खतरा पैदा करता है.’ उसने कहा, ‘हमें इस खतरे को हराने के लिए सामूहिक तौर पर दृढ़ता से कार्रवाई करनी चाहिए.’</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-islamic-state-confessed-to-the-attack-on-the-pakistani-embassy-in-kabul-pakistan-said-this						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/the-islamic-state-confessed-to-the-attack-on-the-pakistani-embassy-in-kabul-pakistan-said-this</guid>
					<pubDate>Wed, 07 Dec 2022 00:20:03 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन दूसरे देशों में अनौपचारिक 'पुलिस स्टेशन' खोलकर  बढ़ा रहा अपनी घुसपैठ]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चीन पिछले कुछ साल में दुनिया के अलग-अलग देशों में अनौपचारिक 'पुलिस स्टेशन' खोलकर वहां अपनी घुसपैठ बढ़ा रहा है. समय-समय पर ऐसी खबरें भी सामने आती रहती हैं. इस बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है. स्पेन के नागरिक अधिकार समूह की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इटली में 100 से अधिक अनौपचारिक चीनी 'पुलिस स्टेशन' हैं. यह पूरी दुनिया में सबसे अधिक है.</p>
<p><strong>चीनी आबादी पर नजर रखने के बहाने खुलता है थाना</strong></p>
<p>द गार्जियन ने मैड्रिड स्थित सेफगार्ड डिफेंडर्स की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि दो स्थानीय चीनी सार्वजनिक सुरक्षा अधिकारियों ने कथित तौर पर मिलान का इस्तेमाल विदेशों में चीनी आबादी पर नजर रखने और असंतुष्टों को घर लौटने के लिए मजबूर करने के लिए एक यूरोपीयन टेस्टिंग ग्राउंड के रूप में किया है. सेफगार्ड डिफेंडर्स ने सितंबर में बताया था कि 54 ऐसे स्टेशन कथित तौर पर दुनिया भर में मौजूद हैं, जिससे कनाडा, जर्मनी और नीदरलैंड सहित कम से कम 12 देशों में पुलिस जांच को बढ़ावा मिला.</p>
<p><strong>48 अतिरिक्त स्टेशनों की पहचान की</strong></p>
<p>नागरिक अधिकार समूह ने सोमवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा कि उसने 48 अतिरिक्त स्टेशनों की पहचान की है, जिनमें से 11 इटली में हैं. अन्य नए पहचाने गए स्टेशन क्रोएशिया, सर्बिया और रोमानिया में हैं. गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, इतालवी स्टेशन रोम, मिलान, बोलजानो, वेनिस, फ्लोरेंस, प्राटो (फ्लोरेंस के पास एक शहर जो इटली में सबसे बड़े चीनी समुदाय की मेजबानी करता है) और सिसली में हैं.</p>
<p><strong>चीन ने बताया महस सर्विस स्टेशन</strong></p>
<p>इन स्टेशनों को लेककर कई तरह के आरोप लगने पर चीन का कहना है कि यह कार्यालय केवल 'सर्विस स्टेशन' हैं जो चीनी नागरिकों को नौकरशाही प्रक्रियाओं जैसे पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस को नवीनीकृत करने में सहायता करने के लिए स्थापित किए गए हैं. वहीं, सेफगार्ड डिफेंडर्स द्वारा की गई जांच सार्वजनिक रूप से उपलब्ध चीनी बयानों और डेटा पर आधारित थी और उन देशों में स्थानीय चीनी सार्वजनिक सुरक्षा अधिकारियों द्वारा स्थापित स्टेशनों तक सीमित थी जहां एक बड़ा चीनी समुदाय है.</p>
<p><strong>इस तरह के थाने पर उत्पीड़न का आरोप</strong></p>
<p>नागरिक अधिकार समूह का आरोप है कि चीन द्वारा अनौपचारिक पुलिस स्टेशनों का उपयोग 'उत्पीड़न के लिए चीन लौटने के लिए परेशान करने, धमकाने, डराने और मजबूर करने के लिए किया जाता है.' दि गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रुप का कहना है कि उसके पास डराने-धमकाने के सबूत हैं, प्रत्यर्पण के आधिकारिक चैनल के विपरीत, इटली से लोगों को घर भेजने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें गबन का आरोपी फैक्ट्री कर्मचारी भी शामिल है, जो इटली में 13 साल बाद चीन लौटा और बिना किसी निशान के गायब हो गया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/china-is-increasing-its-infiltration-by-opening-unofficial-police-stations-in-other-countries						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/china-is-increasing-its-infiltration-by-opening-unofficial-police-stations-in-other-countries</guid>
					<pubDate>Tue, 06 Dec 2022 12:25:37 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन का परमाणु विस्तार अमेरिका को दुनिया की शीर्ष महाशक्ति के रूप में चुनौती देना, भारत के लिए भी खतरा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चीन को लेकर पेंटागन की एक चौंका देने वाली रिपोर्ट पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में बनी हुई है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन के पास मौजूदा समय में 400 परमाणु हथियार संग्रहित हैं. चीन अगले दशक के मध्य तक अपने परमाणु ताकत बढ़ाने के क्रम में शस्त्रागार को 1,500 हथियारों तक विस्तारित करने की राह पर है. सीएनएन ने बताया कि चीन 2035 तक अपने परमाणु हथियारों की संख्या को तीन गुना से अधिक करने की योजना पर अग्रसर है. इसके पीछे एक मात्र वजह यह है कि वह (चीन) अमेरिका को दुनिया की शीर्ष महाशक्ति के रूप में चुनौती देना चाहता है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन के इस कदम से भारत पर भी प्रभाव जरूर पड़ेगा. भारत के लिए यह विचार करने का विषय है. </p>
<p><strong>चीन बढ़ा रहा परमाणु ताकत</strong></p>
<p>पेंटागन ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में चीनी सेना पर ब्योरा देते हुए कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की योजना मूल रूप से 2035 तक अपने राष्ट्रीय रक्षा और सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को पूरा करने की है. पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अंतरिक्ष और काउंटरस्पेस हथियार भी विकसित कर रहा है. चीन के पास लगभग 10 लाख सैनिकों की स्थायी सेना है, जहाजों की संख्या के हिसाब से यह दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी वायु सेना है.</p>
<p><strong>भारत पर पड़ेगा असर?</strong></p>
<p>पेंटागन ने कहा कि चीन आक्रामक साइबरस्पेस क्षमताओं और निर्देशित-ऊर्जा हथियारों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं का विकास कर रहा है. इसे लेकर एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "चीनी परमाणु विस्तार से जुड़ी हर चीज किसी न किसी रूप में आश्चर्यजनक रही है..." वे बहुत तेज गति से आगे बढ़े हैं. एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने कहा, "बीजिंग शायद कई कारकों के कारण अपने शस्त्रागार का विस्तार कर रहा है, इसमें अन्य देशों के साथ तनाव भी एक बड़ा कारण है. वे शायद भारत के बारे में भी सोच रहे हैं.</p>
<p><strong>पेंटागन की चौंकाने वाली रिपोर्ट</strong></p>
<p>इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन 2035 तक अपने परमाणु शस्त्रागार को तीन गुना कर सकता है. यह कुछ ऐसा है जिसका भारत के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव है. रिपोर्ट में चीन-भारत सीमा मुद्दे पर भी टिप्पणी की गई है. इसमें कहा गया है कि पीएलए ने "बलों की तैनाती और एलएसी के साथ बुनियादी ढांचे के निर्माण को जारी रखा है." वर्तमान में, बीजिंग की परमाणु पकड़ अभी भी रूस और अमेरिका से बहुत ज्यादा पीछे है. रूस के पास लगभग 1,588 तैनात और 2,889 वॉरहेड संग्रहीत हैं, जबकि अमेरिका के पास 1,744 तैनात और 1,964 संग्रहीत वॉरहेड हैं. चीन को 350 स्टोर किए गए वॉरहेड्स के रूप में सूचीबद्ध किया गया था और भारत और पाकिस्तान के पास लगभग 160 हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/chinas-nuclear-expansion-challenging-america-as-the-worlds-top-superpower-also-a-threat-to-india						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/chinas-nuclear-expansion-challenging-america-as-the-worlds-top-superpower-also-a-threat-to-india</guid>
					<pubDate>Tue, 06 Dec 2022 12:22:10 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कोरोना वायरस को लेकर बड़ा खुलासा, मानव निर्मित था कोरोना वायरस और जानबूझ कर वुहान लैब से हुआ लीक]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कोरोना वायरस चीन के वुहान से निकला, इसे लेकर आपने तमाम खबरें पढ़ी होंगी, कई बार ये आरोप भी लगा कि चीन ने इसे जानबूझकर लीक किया. हालांकि हर बार चीन इसका खंडन करता रहा, लेकिन अब इसे लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. वुहान में एक विवादास्पद रिसर्च लैब में काम करने वाले अमेरिका के एक वैज्ञानिक ने एक आश्चर्यजनक रहस्योद्घाटन किया है. उसका कहना है कि COVID-19 एक "मानव निर्मित वायरस" था जो लैब से ही लीक हुआ था.</p>
<p><strong>राज्य द्वारा संचालित लैब है वुहान</strong></p>
<p>अमेरिकी साइंटिस्ट एंड्रयू हफ के बयान के आधार पर ब्रिटिश अखबार द सन में छपी रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे यह खतरनाक वायरस वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (डब्ल्यूआईवी) से लीक किया गया था, जो एक राज्य द्वारा संचालित और वित्त पोषित अनुसंधान सुविधा है. इसे अमेरिका से भी काफी फंड मिलता था.</p>
<p><strong>पर्याप्त नियंत्रण उपाय न होने की वजह से हुआ लीक</strong></p>
<p>साइंटिस्ट डॉ. एंड्रयू हफ ने अपनी किताब द ट्रुथ अबाउट वुहान में दावा किया है कि कोरोना महामारी खतरनाक जेनेटिक इंजीनियरिंग का परिणाम थी. उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि ईकोहेल्थ एलायंस और विदेशी प्रयोगशालाओं के पास उचित जैव सुरक्षा, बॉयो सिक्योरिटी और रिस्क मैनेजमेंट के लिए पर्याप्त नियंत्रण के उपाय नहीं थे, इसी वजह से वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की लैब से इस खतरनाक वायरस का रिसाव हुआ. बता दें कि  मिस्टर हफ न्यूयॉर्क में स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन इकोहेल्थ एलायंस के पूर्व उपाध्यक्ष हैं, जो संक्रामक रोगों का अध्ययन करता है. मिस्टर हफ ने अपनी किताब में दावा किया है कि चीन की तरफ से इसे लेकर काफी लापरवाही बरती गई थी. जिस कारण यह वायरस लैब से लीक हुआ. बता दें कि वुहान लैब COVID की उत्पत्ति पर हमेशा बहस का केंद्र रहा है, चीनी सरकार के अधिकारियों और लैब कर्मचारियों दोनों ने इस बात से इनकार किया है कि वायरस की उत्पत्ति वहीं हुई है.</p>
<p><strong>डॉ हफ का वुहान लैब से कनेक्शन</strong></p>
<p>डॉ. हफ वर्ष 2014 से 2016 तक ईकोहेल्थ एलायंस में काम कर चुके हैं. 2015 में उन्हें इस कंपनी का वाइस प्रेजिडेंट नियुक्त किया गया था. वे अमेरिकी सरकार के वैज्ञानिक के तौर पर इस रिसर्च प्रोग्राम पर सीक्रेट तरीके से काम कर रहे थे. उन्होंने बताया कि इकोहेल्थ एलायंस, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ से मिली फंडिंग के जरिए दस साल से अधिक समय से चमगादड़ों में पाए जाने वाले अलग-अलग तरह के कोरोना वायरसों का अध्ययन कर रहा था. इस काम को करने के दौरान उसके और चीन के वुहान लैब के बीच काफी घनिष्ठ संबंध बन गए थे.</p>
<p><strong>चीन को पहले से पता था कोरोना के बारे में</strong></p>
<p>उन्होंने दावा किया कि चीन पहले दिन से जानता था कि कोरोना वायरस जेनेटिकली इंजीनियर्ड वायरस है और यहीं से निकला है. इसके अलावा इसके लीक होने में अमेरिकी सरकार भी दोषी है. डॉ. हफ ने अपनी किताब में दावा किया कि चंद लालची वैज्ञानिकों ने दुनियाभर में लाखों लोगों को मार डाला. उन्होंने कहा कि किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि चीनियों ने SARS-CoV-2 के प्रकोप के बारे में झूठ बोला था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/big-disclosure-about-corona-virus-corona-virus-was-man-made-and-intentionally-leaked-from-wuhan-lab						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/big-disclosure-about-corona-virus-corona-virus-was-man-made-and-intentionally-leaked-from-wuhan-lab</guid>
					<pubDate>Tue, 06 Dec 2022 12:18:06 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[रातोंरात करोड़पति बने इस शख्श ने ख़ुशी के मारे रोते-रोते कहीं ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अगर आपको एक रात में करोड़ों रुपये मिल जाएं तो आपका रिएक्शन कैसा होगा? इस दौरान कुछ लोगों का जवाब वही रटा-रटाया होगा कि वो खुशी से पागल हो जाएंगे और भगवान का शुक्रिया करेंगे लेकिन जब सच में एक शख्स को ये पैसे मिलें तो वह रोने लगा. गरीबी में जिंदगी काट रहे थाईलैंड के एक टैक्सी ड्राइवर का नाम इन दिनों काफी सुर्खियों में है, शख्स ने एक लॉटरी खरीदी जिसमें उसने 2 करोड़ 80 लाख रुपये जीत लिए फिर उसने रोते हुए अपनी बेटी को गले से लगा लिया.</p>
<p><strong>ऐसे खरीदा लॉटरी का टिकट</strong></p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह घटना थाईलैंड के बैंकॉक की बताई जा रही है. जब एक टैक्सी ड्राइवर ने 2 करोड़ 80 लाख की लॉटरी जीती है. उस शख्स ने पहचान न बताते हुए कहा कि इन पैसों का इस्तेमाल वह अपना पिछला कर्ज भरने और अपनी बेटी की अच्छी परवरिश के लिए करेगा. शख्स ने बताया कि उसकी जिंदगी बहुत गरीबी में बीत रही थी और इसी बीच उसकी पत्नी की भी मौत हो गई. जब वह लॉटरी खरीद रहा था तब उसने अपनी पत्नी की उम्र के नंबर की दो लॉटरी खरीदी और यहीं से उसकी किस्मत का सितारा जाग उठा. शख्स ने इस बड़ी लॉटरी को जीतने में अपनी पत्नी को खास क्रेडिट दिया है.</p>
<p><strong>नौकरी छोड़ेगा या नहीं!</strong></p>
<p>इनाम जीतने के बाद वह शख्स खुशी से रोने लगा और अपनी बेटी को गले से लगा लिया. जब लोगों ने उससे पूछा कि क्या वह पैसे मिलने के बाद नौकरी छोड़ देगा? तब उसने कहा कि उसने इस बारे में अभी कुछ सोचा नहीं है. शख्स ने कहा कि पैसे मिलते ही सबसे पहले मैं उसे गले से लगा लूंगा. यह खबर इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रही है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/this-person-who-became-a-millionaire-overnight-said-this-while-crying-with-happiness						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/this-person-who-became-a-millionaire-overnight-said-this-while-crying-with-happiness</guid>
					<pubDate>Mon, 05 Dec 2022 10:52:48 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इंडो-पैसिफिक रणनीति को कनाडा ने लॉन्च किया, चीन को बताया विघटनकारी वैश्विक शक्ति]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>जिसका लंबे समय से इंतजार था, उस इंडो-पैसिफिक रणनीति को कनाडा ने रविवार को लॉन्च कर दिया. इसमें चीन को दुनिया के मंच पर बढ़ती विघटनकारी वैश्विक शक्ति के रूप में बताया गया है. इस स्ट्रैटजी में कहा गया है कि चीन की ओर से पैदा किए गए विभिन्न खतरे के बावजूद जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल हेल्थ, बायोडायवर्सिटी और परमाणु अप्रसार जैसे अहम मुद्दों पर सहयोग की जरूरत है. प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार इस अहम विदेश नीति के जरिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में व्यापार संबंधों को और ज्यादा बढ़ाना चाहती है. </p>
<p>रणनीति में कहा गया, 'चीन तेजी से बढ़ती विघटनकारी वैश्विक शक्ति है. चीन हितों और मूल्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को  ज्यादा रियायती वातावरण में बनाना चाहता है जो हमसे काफी अलग हैं.' स्ट्रैटजी के मुताबिक कनाडा  करीब 1.7 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसके देश की सेना की मौजूदगी और साइबर सिक्योरिटी तैयार हो सके. पॉलिसी में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की रक्षा के लिए सख्त फॉरेन इन्वेस्टमेंट के नियमों का भी जिक्र किया गया है, ताकि चीनी के स्वामित्व वाले कारोबारों को जरूरी खनिज आपूर्ति बंद करने से रोका जा सके. </p>
<p>स्ट्रैटजी में कहा गया, कनाडा चीन को एक बड़ी सामाजिक और आर्थिक शक्ति के तौर पर देखता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसमें यह भी कहा गया कि चीन अपने हितों को साधने के लिए नियमों को तोड़ने में भी पीछे नहीं रहेगा. कनाडा ने यह भी कहा कि चीन के मकसदों पर नजर रखनी जरूरी है. </p>
<p>इस 26 पेज के दस्तावेज के मुताबिक, इन्हीं अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों के जरिए चीन का उदय हुआ है, जिसे अब वह ठुकरा रहा है. इसका अब इंडो-पैसिफिक पर गहरा असर पड़ रहा है. अब वह पूरे क्षेत्र की बड़ी महाशक्ति बनना चाहता है. इसमें आगे कहा गया, 'चीन अपने आर्थिक-कूटनीतिक प्रभाव, आक्रामक सैन्य क्षमताओं और एडवांस तकनीकों को स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/canada-launches-indo-pacific-strategy-tells-china-disruptive-global-power						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/canada-launches-indo-pacific-strategy-tells-china-disruptive-global-power</guid>
					<pubDate>Tue, 29 Nov 2022 11:31:51 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[विमानबिजली के खंभे से टकरा गया और उसी में फंसा, 90 हजार घरों और व्यवसायों की बिजली गई]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अमेरिका के मैरीलैंड में रविवार रात को एक छोटा विमान बिजली के खंभे में जा घुसा, जिसके बाद हजारों घरों में बत्ती गुल हो गई. यह घटना मॉन्टगोमेरी काउंटी में हुई. इसमें किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है. दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. वॉशिंगटन पोस्ट ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी.</p>
<p>इस प्लेन क्रैश के कारण पूरे मॉन्टगोमरी काउंटी में 90 हजार घरों और व्यवसायों की बिजली चली गई. इसका मतलब है कि काउंटी के एक चौथाई इलाके में लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं. मॉन्टगोमरी काउंटी के पुलिस विभाग ने ट्वीट कर कहा, 'रोथबरी डॉ एंड गोशेन आरडी इलाके में एक छोटा विमान बिजली के खंभे में क्रैश हो गया, जिसकी वजह से काउंटी में बिजली गुल हो गई. @Mcfrs मौके पर है. इस इलाके से दूर रहें क्योंकि वहां कई तार हैं, जिनमें करंट दौड़ रहा है.'</p>
<p>फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट के मुताबिक सिंगल इंजन वाला मूने M20J विमान रविवार को शाम 5 बजकर 40 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर बिजली के खंभे से टकरा गया और उसी में फंस गया. हादसे की तस्वीरें और वीडियोज जमकर वायरल हो रहे हैं. इनमें दिखाई दे रहा है कि विमान बिजली के खंभे पर 100 फीट ऊपर लटका है. </p>
<p>वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, बारिश का मौसम होने के कारण विमान कमर्शियल एरिया के करीब क्रैश हो गया. फिलहाल यह जानकारी नहीं है कि यह हादसा क्यों हुआ. एक अनुमान के मुताबिक विमान शायद दस मंजिला ऊंचे बिजली के तारों से टकराया होगा. फिलहाल इसकी तुरंत पुष्टि नहीं हो पाई है. विमान हादसे की जांच की जा रही है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-plane-collided-with-the-electric-pole-and-got-stuck-in-it-90-thousand-homes-and-businesses-lost-						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/the-plane-collided-with-the-electric-pole-and-got-stuck-in-it-90-thousand-homes-and-businesses-lost-</guid>
					<pubDate>Tue, 29 Nov 2022 11:22:14 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[मौज मस्ती नहीं करने पर इस कंपनी ने कर्मचारी को बर्खास्त किया, अदालत ने ये फैसला सुनाया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हर बड़ी कंपनी की अपनी-अपनी पॉलिसी होती है और उसका पालन करना उसके एंप्लॉयी के लिए जरूरी होता है. नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनी किसी कर्मचारी को बर्खास्त भी कर सकती है. फ्रांस में एक ऐसी ही घटना हुई और इसकी वजह से एक कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया गया, लेकिन यह मामला बाकी से अलग था. इसमें कर्मचारी को कंपनी की ‘फन वैल्यू’ का पालन नहीं करने पर नौकरी से निकाल दिया गया. पीड़ित एंप्लॉयी ने इसे लेकर केस किया और लंबी जद्दोजहद के बाद अब उसे अदालत में जीत मिली है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला.</p>
<p><strong>2014 में पीड़ित ने जॉइन की थी कंपनी</strong></p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्टर टी नाम के एक शख्स ने फरवरी 2011 में फ्रांस की ‘क्यूबिक पार्टनर्स’ कंपनी को जॉइन किया था. 2014 में उन्हें प्रमोशन भी मिला, लेकिन ‘फन वैल्यू’ का पालन नहीं करने की वजह से उन्हें मार्च 2015 में कंपनी मैनेजमेंट ने बाहर का रास्ता दिखा दिया. कंपनी का कहना था कि टी के साथ काम करना मुश्किल है वह अच्छे श्रोता नहीं हैं.</p>
<p><strong>फन वैल्यू में ये चीजें थीं शामिल</strong></p>
<p>वहीं, नौकरी गंवाने वाले टी का कहना है कि उक्त कंपनी की फन वैल्यू यानी कंपनी के मौज मस्ती वाले दिन में अत्यधिक शराब पीना और अन्य मस्ती की चीजें शामिल हैं. उन्होंने बताया कि वह ड्रिंक और अन्य ऐसी गतिविधियां नहीं करते थे, इसलिए इनमें शामिल नहीं होते थे. ऐसे में वह कंपनी के फैसले से खुश नहीं थे. उन्होंने बर्खास्तगी के बाद अदालत में केस कर दिया. मामले में लंबी सुनवाई चली और आखिरकार 9 नवंबर 2022 को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया.</p>
<p><strong>अदालत ने फैसला सुनाते हुए ये कहा</strong></p>
<p>कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा ‘कोई भी कंपनी अपने कर्मचारियों को ‘फन वैल्यू’ में विफल रहने पर बर्खास्त नहीं कर सकती है.’ 9 नवंबर को जारी एक फैसले में, अदालत ने पाया कि टी की कंपनी ‘क्यूबिक पार्टनर्स’ के ‘फन वैल्यू’ और ‘महत्वपूर्ण व्यवहार’ में भागीदारी की कमी के कारण उन्हें गलत तरीकों से निकाला गया. अदालत ने फैसला सुनाया, ‘मिस्टर टी कंपनी की सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने से इनकार करके अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का यूज कर रहे थे, और उनकी ‘मौलिक स्वतंत्रता’ उनकी बर्खास्तगी का कारण नहीं हो सकती.’</p>
<p><strong>हर्जाना देने के भी दिए आदेश</strong></p>
<p>बता दें कि टी ने हर्जाने के रूप में कंपनी से 461,406 यूरो (लगभग 3,91,09,152.50 रुपये)  की भी मांग की थी. इस पर  भी अदालत ने विचार किया और क्यूबिक पार्टनर्स को 3,000 यूरो (2,53,524.00 रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया. इसके अलावा टी को हुए नुकसान की भी जांच की जाएगी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/this-company-sacked-the-employee-for-not-having-fun-the-court-gave-this-verdict						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/this-company-sacked-the-employee-for-not-having-fun-the-court-gave-this-verdict</guid>
					<pubDate>Tue, 29 Nov 2022 11:15:43 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अनोखी घटना : बेटी की मदद करने के बजाय माँ ने अपनी सारी सम्पति बेचकर, 6 करोड़ रुपये दान कर दिए]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कहते हैं कि दुनिया में मां-बेटी का संबंध बहुत प्यारा होता है. मां अपनी बेटी के लिए बेस्ट गाइड, पैरंट्स और बहुत अच्छी दोस्त होती है, जो जीवनभर उसके भले के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा देती है. लेकिन एक ऐसा विचित्र मामले ने लोगों को हैरान कर दिया है. चीन (China) से सामने आई इस घटना के मुताबिक एकमात्र बेटी के पास अपनी कॉलेज की फीस भरने के पैसे न होने के बावजूद उसकी मां ने 6 करोड़ रुपये दान कर दिए. इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग महिला के खिलाफ और फेवर में जमकर टिप्पणी कर रहे हैं.</p>
<p><strong>वर्ष 2019 में अपना लिया था बौद्ध धर्म</strong></p>
<p>साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, वर्ष 2019 में शंघाई में एक महिला ने बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला किया. इसके साथ ही उसने अपना घर, गाड़ी और सभी जरूरी चीजें बेच डाली. इन चीजों को बेचने के बदले में मिले करीब 5.88 मिलियन युआन (लगभग 6 करोड़ रुपये)  उसने सामाजिक कार्यों के लिए दान कर दिए. यह सारा पैसा दान करने के बाद वह महिला बौद्ध भिक्षु बन गई. </p>
<p><strong>बेटी की मदद के बजाय दान कर दिए 6 करोड़</strong></p>
<p>हैरत (Viral News) की बात ये थी कि महिला ने जब इतना बड़ा फैसला किया तो उसकी बेटी के पास अपनी कॉलेज की फीस भरने के लिए पैसे नहीं थे. पहले की फीस भी उसने एजुकेशन लोन लेकर भरी थी. ऐसे में बेटी की मदद करने के बजाय सारा पैसा दान करके महिला ने उसे बेघर और कर दिया. अब वह बेटी अपने नाना-नानी के पास रह रही है. महिला ने अपने बूढ़े मां-बाप के लिए भी कोई पैसा छोड़ना गंवारा नहीं किया.</p>
<p><strong>सोशल मीडिया पर वायरल हो गया इंटरव्यू</strong></p>
<p>महिला का दावा है कि मां-बाप ने उसके दान करने के फैसले का पूरा समर्थन किया. आखिर करें भी क्यों नहीं. वह सारा उसका कमाया हुआ पैसा था. उसका वह जो चाहे यूज करे, उसकी मर्जी. हालांकि बेटी को उसका यह फैसला समझ नहीं आया और वह अंत तक हैरानी में रही. इस महिला का यह इंटरव्यू चीनी सोशल मीडिया Weibo पर वायरल हो गया है. इस इंटरव्यू को 220 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है. </p>
<p><strong>लोग दे रहे हैं तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं</strong></p>
<p>महिला के इस फैसले (Viral News) पर लोग तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. एक यूजर का कहना है कि चैरिटी के लिए दान करने से पहले महिला को अपनी बेटी की मदद करनी चाहिए थी. आखिर उस लड़की के अलावा है ही कौन. एक दूसरे यूजर ने कहा कि अगर महिला को बेटी की मदद नहीं करनी थी तो उसने उसे पैदा क्यों किया. ये स्वार्थी व्यव्हार है. वहीं कुछ लोग महिला का समर्थन भी कर रहे हैं. एक यूजर ने कहा कि वह धन महिला ने अपनी मेहनत से कमाया था. ऐसे में उस महिला का अधिकार है कि वह उसे किस तरीके से खर्च करे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/unique-incident-instead-of-helping-her-daughter-the-mother-sold-all-her-property-and-donated-rs-6-cr						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/unique-incident-instead-of-helping-her-daughter-the-mother-sold-all-her-property-and-donated-rs-6-cr</guid>
					<pubDate>Mon, 28 Nov 2022 10:28:23 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कोरोना पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम लागू करने पर शी जिनपिंग के खिलाफ लोगों ने किया प्रदर्शन]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चीन में लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं, लेकिन लोगों ने इन नियमों के खिलाफ हल्ला बोल दिया है. पूरे चीन में कड़े प्रतिबंधों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. यहां कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं, रविवार को भी चीन में कोरोना के 40 हजार मामले दर्ज किए गए.</p>
<p>शी जिनपिंग और उनकी सरकार के खिलाफ लोगों का ऐसा विरोध प्रदर्शन बहुत कम ही देखने को मिलता है. लेकिन इस बार देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं. शंघाई समेत तमाम बड़े शहरों में लोग सड़क पर हैं और जिनपिंग व सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.</p>
<p><strong>बड़ी संख्या में लोगों की हुई गिरफ्तारी</strong></p>
<p>विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शन करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अलग-अलग यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों ने कोविड लॉकडाउन का विरोध किया है. इस बीच जिनपिंग सरकार की तरफ से शिनजियांग की राजधानी उरुमकी में शनिवार को लॉकडाउन से राहत दी गई. </p>
<p>यहां गुरुवार को एक अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई थी जिसमें जलकर 10 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद सरकार के प्रति लोगों का गुस्सा फुट पड़ा था. बेकाबू भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया था. दरअसल, उरुमकी में तीन महीने से भी ज्यादा समय से लॉकडाउन लागू था जिसके खिलाफ लोगों ने आवाज बुलंद की और सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा.</p>
<p><strong>लगे सरकार विरोधी नारे</strong></p>
<p>इस दौरान लोगों ने पुलिस द्वारा की गई बरबरता की भी शिकायत की. यहां प्रदर्शन कर रहे लोगों ने 'शी जिनपिंग इस्तीफा दो', 'कम्युनिस्ट पार्टी कुर्सी छोड़ो' और 'चीन से प्रतिबंध हटाओ' जैसे नारे लगाए. इसके साथ ही लोगों ने कहा कि वो कोविड का पीसीआर टेस्ट नहीं कराना चाहते, बल्कि वो स्वतंत्रता चाहते हैं.</p>
<p>चीन के मेडिकल डिपार्टमेंट ने बताया कि दश में शनिवार को कोरोना के 39,501 मामले दर्ज किए गए. बता दें कि पिछले 4 दिनों से लगातार मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. बतााय जा रहा है कि चीन के कई शहरों में कोरोना के मामलों में अप्रैल में आई तेजी के बाद से देखें तो ये संख्या सर्वाधिक है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/people-protested-against-xi-jinping-for-implementing-strict-rules-to-ban-corona						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/people-protested-against-xi-jinping-for-implementing-strict-rules-to-ban-corona</guid>
					<pubDate>Mon, 28 Nov 2022 10:28:07 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इमरान खान ने सभी विधानसभाओं को छोड़ने का फैसला किया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने पाकिस्तान के रावलपिंडी में एक सार्वजनिक सभा में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने सभी विधानसभाओं से इस्तीफा देने का फैसला किया है. उन्होंने अपने भाषण में कहा, 'हमे अब इस निजाम का हिस्सा नहीं रहना है. मैं अपने सभी मुख्यमंत्री और पार्लियामेंट्री पार्टी से मिलूंगा. हमने फैसला किया है कि हम सभी विधानसभाओं से निकलने लगे हैं. हम बजाय अपने मुल्क में तोड़फोड़ करें, बजाय अपने मुल्क में तबाही मचाएं, इससे बेहतर है कि हम इस करप्ट निजाम से बाहर निकलें.'</p>
<p>इमरान खान ने कहा कि देश का इतिहास याद रखेगा कि वो पाकिस्तान के लिए आखिरी गेंद तक लड़ते रहे. उन्होंने कहा, 'मैं यह भी कहना चाहता हूं कि जिन्होंने अपनी संपत्ति को बढ़ाकर देश के अधिकारों को रौंदा... इतिहास उन्हें भी याद रखेगा कि उन्होंने पाकिस्तान के साथ क्या किया.'</p>
<p><strong>'हम राजनीति के लिए नहीं आए'</strong></p>
<p>अपनी सभा के दौरान इमरान खान ने दावा किया कि उनकी पार्टी चुनाव या राजनीति के लिए रावलपिंडी नहीं आई. उन्होंने कहा कि नए सिरे से चुनाव कराना देश की जरूरत है. इमरान ने कहा कि उन्हें चुनाव की परवाह नहीं है क्योंकि चुनाव नौ महीने में होंगे और उनकी पार्टी जीतेगी.</p>
<p><strong>सभी विधानसभाओं को छोड़ने का फैसला किया</strong></p>
<p>पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं रहने का फैसला किया है. उनकी पार्टी के नेता सभी विधानसभाओं से इस्तीफा दे देंगे. इमरान ने कहा, 'हम इस सरकार का हिस्सा नहीं होंगे. हमने सभी विधानसभाओं को छोड़ने और इस भ्रष्ट व्यवस्था से बाहर निकलने का फैसला किया है.' </p>
<p>यहां यह बताना उचित होगा कि इमरान की पीटीआई पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान में सत्ता में है. इमरान ने कहा कि पीटीआई ने किसी भी प्रकार की तबाही या अराजकता को रोकने के लिए इस्लामाबाद छोड़ने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस मामले को लेकर अपने मुख्यमंत्रियों और संसदीय दल से मिलेंगे और जल्द ही इस बारे में घोषणा करेंगे कि पार्टी विधानसभाओं को कब छोड़ेगी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/imran-khan-decided-to-leave-all-assemblies						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/imran-khan-decided-to-leave-all-assemblies</guid>
					<pubDate>Sun, 27 Nov 2022 01:27:45 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तान में नए आर्मी प्रमुख की मंजूरी के साथ ही पाक सेना में हलचल बढ़ी, कई अफसर इससे खुश नहीं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने नए आर्मी चीफ के लिए लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर के नाम को मंजूरी दे दी है. इसी के साथ ही वह अब नए सेना प्रमुख बन गए हैं. लेकिन उनके आर्मी चीफ बनते ही पाक सेना में खूब हलचल होने लगी है. रिपोर्ट के मुताबिक, मुनीर के चीफ बनते ही एक टॉप लेवल के जनरल ने समय से पहले रिटायरमेंट तक मांग लिया है. कहा जा रहा है कि ऐसे कई और अफसर हैं जो मुनीर के चीफ बनने से खुश नहीं हैं और सेना छोड़ना चाहते हैं.</p>
<p><strong>आर्मी चीफ की रेस में खुद भी थे शामिल</strong></p>
<p>पाक मीडिया की रिपोर्ट की मानें तो रिटायरमेंट मांगने वाले जनरल चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अजहर अब्बास हैं. अजहर आर्मी चीफ चुनने के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए 6 नामों में शामिल थे. लेकिन यह रेस में काफी पीछे रह गए. शहबाज शरीफ सरकार ने जहां मुनीर को आर्मी चीफ नियुक्त किया वहीं जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को अगला सीजेसीएससी बनाया है. बता दें कि लेफ्टिनेंट जनरल अजहर अब्बास मौजूदा शीर्ष सैन्य अधिकारियों में से एक हैं. उन्हें पूरा भरोसा था कि उन्हें नया सेना प्रमुख बनाया जाएगा, लेकिन नाम कटने के बाद से वह काफी नाराज बताए जा रहे हैं.</p>
<p><strong>कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं तैनात</strong></p>
<p>अगर जनरल अब्बास के सफर की बात करें तो पाकिस्तान सैन्य अकैडमी से निकलने के बाद उन्हें 1987 में 41 बलूच रेजिमेंट में कमीशन किया गया था. वर्तमान में वह जनरल स्टाफ के हेड हैं. उनका मौजूदा पद अभी सीजीएस का है. इस जिम्मेदारी से पहले वह रावलपिंडी में एक्स कोर के प्रमुख भी रह चुके हैं. इस पोस्ट पर रहते हुए भारत और पाकिस्तान सेना के बीच 2003 में एलओसी पर संघर्ष विराम समझौता हुआ था. लेफ्टिनेंट जनरल अब्बास  मुरी स्थित 12 इंफेट्री डिवीजन के मुखिया भी रह चुके हैं. यहां भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को अच्छे से निभाया था. तब उनके पास कश्मीर की भी जिम्मेदारी थी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/with-the-approval-of-the-new-army-chief-in-pakistan-there-was-a-stir-in-the-pak-army-many-officers-a						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/with-the-approval-of-the-new-army-chief-in-pakistan-there-was-a-stir-in-the-pak-army-many-officers-a</guid>
					<pubDate>Sun, 27 Nov 2022 01:19:08 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ज्यादा टीवी देखने पर चीन में पैरेंट्स ने मासूम को ऐसी सजा दी, सोशल मीडिया ने इसकी जमकर आलोचना की]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>बच्चों के लिए बहुत ज्यादा मोबाइल और टीवी देखना नुकसानदायक होता है ये हम सब जानते हैं. इस नुकसान से बचाने के लिए पैरेंट्स बच्चों को समझाते भी हैं, कई बार बच्चे के न मानने पर अभिभावक उन्हें सजा भी देते हैं, लेकिन सजा छोटी-मोटी ही होती है. पर चीन में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें पैरेंट्स ने अपने बच्चे को ऐसी सजा दी, जिसकी चर्चा मीडिया में खूब हो रही है.</p>
<p><strong>रात भर जागकर पूरी कराई सजा </strong></p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में एक दंपति ने अपने आठ साल के बच्चे को बहुत अधिक टीवी देखने की सजा के रूप में उसे पूरी रात टीवी देखने की सजा दी. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के मुताबिक, मध्य चीन के हुनान प्रांत में यह कपल रहता है. दोनों कुछ दिन पहले बाहर गए थे. बाहर जाते वक्त इन्होंने बेटे को होमवर्क पूरा करने और जल्दी सोने का निर्देश दिया था, लेकिन जब दोनों घर लौटे तो उन्होंने देखा कि उनका बेटा टीवी देख रहा है. टीवी की वजह से उसने अपना होमवर्क भी पूरा नहीं किया था. इससे गुस्साए माता-पिता ने अपने बच्चे को पूरी रात टीवी देखने की सजा दी और उससे ऐसा करवाया भी. सजा में किसी तरह समझौता न हो इसके लिए दोनों बारी-बारी से रात में चेक भी करते रहे.</p>
<p><strong>सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस</strong></p>
<p>सजा मिलने के बाद लड़का शुरू में तो शांत रहा और कुछ देर टीवी भी देखता रहा, लेकिन कुछ घंटे के बाद वह थक गया और रोने लगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चे को सुबह 5 बजे तक सोने नहीं दिया गया. यहा मामला जब चीनी सोशल मीडिया पर आया तो लोगों ने इसकी जमकर आलोचना की. इसके बाद बच्चों के पालन-पोषण पर भी बहस छिड़ गई है.</p>
<p><strong>ऐसी घटना रोकने के लिए बना है कानून</strong></p>
<p>बता दें कि पहले भी पैरेंट्स की तरफ से बच्चों पर सख्ती के कई मामले सामने आ चुके हैं. इसके बाद चीन के सांसदों ने परिवार शिक्षा संवर्धन पर एक कानून पास किया था. इस कानून के तहत, माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों पर इस तरह की सख्ती करने की मनाही है. पैरेंट्स को पारिवारिक शिक्षा मार्गदर्शन कार्यक्रमों में भी शामिल कराया जाता है. अगर कोई पैरेंट्स अपने बच्चों के साथ बुरा व्यवहार या हिंसात्मक कार्रवाई करते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/parents-in-china-punished-the-innocent-for-watching-too-much-tv-social-media-criticized-it-fiercely						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/parents-in-china-punished-the-innocent-for-watching-too-much-tv-social-media-criticized-it-fiercely</guid>
					<pubDate>Sun, 27 Nov 2022 01:11:27 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन हिंद महासागर में अपनी ताकत को और मजबूत करने की कोशिश में, इन 19 देशों के साथ बैठक की]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>हिंद महासागर में चीन लगातार अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है. अब चीन ने हिंद महासागकर क्षेत्र के 19 देशों के साथ बैठक की है. ये मीटिंग जरूरी इसलिए हो जाती है क्योंकि इसके लिए भारत को आमंत्रण तक नहीं भेजा गया. चीनी विदेश मंत्रालय से जुड़ी एक एजेंसी ने जानकारी दी है कि 21 नवंबर को चीन-हिंद महासागर क्षेत्रीय मंच की मीटिंग हुई. इस बैठक में विकास और सहयोग पर बातचीत हुई. इसमें 19 देशों ने हिस्सा लिया. </p>
<p>सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग में चीन की तरफ से भारत को बुलावा ही नहीं भेजा गया था. यह बैठक यह बैठक यूनान प्रांत के कुनमिंग में ऑनलाइन आयोजित की गई थी. इसमें समुद्री इकॉनोमी के सिद्धांत और उसके तौर-तरीकों पर बातें हुईं. इसमें भारत के 6 पड़ोसी देशों को भी बुलाया गया था. इस मीटिंग को चीन की तरफ से हिंद महासागर में भारत को अलग-थलग करने की चाल का हिस्सा बताया जा रहा है.</p>
<p><strong>भारत के प्रभाव को कम करने की कोशिश </strong></p>
<p>चीन की तरफ से आयोजित की गई ये बैठक साफ तौर पर हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रभाव का मुकाबला करने के मकसद से है. बता दें कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के समर्थन वाले आईओएआरए जैसे संगठन ने अपने पैर जमा लिए हैं, इस संगठन में 23 देश शामिल हैं.</p>
<p><strong>इन 19 देशों ने बैठक में लिया हिस्सा</strong></p>
<p>चीन द्वारा बुलाई गई इस बैठक में भारत के सभी पड़ोसी देश शामिल हुए. इसमें इंडोनेशिया, पाकिस्तान, म्यांमार, श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव, नेपाल, अफगानिस्तान, ईरान, ओमान, दक्षिण अफ्रीका, केन्या, मोजाम्बिक, तंजानिया, सेशल्स, मेडागास्कर, मॉरीशस, जिबूती और ऑस्ट्रेलिया समेत तीन अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. </p>
<p>इससे पहले भी चीन ऐसी बैठकें कर चुका है जिसमें भारत को बुलावा नहीं था. साल 2021 में चीन ने भारत के बिना ही कोरोना वैक्सीन सहयोग पर कुछ एशियाई देशों के साथ बैठक की थी. चीन के विदेश मंत्रालय से जुड़े संगठन चाइना इंटरनेशनल डेवलपमेंट कोऑपरेशन एजेंसी (CIDCA) ने इस मीटिंग के बारे में बयान जारी किया है. भारत में राजदूत रह चुके लुओ झाओहुई ने वर्तमान में हुई बैठक का नेतृत्व किया.</p>
<p><strong>ताकत बढ़ाने में जुटा चीन</strong></p>
<p>CIDCA की एक आधिकारिक वेबसाइट पर इस बात की जानकारी दी गई है कि इस मीटिंग का मकसद विदेशी सहायता के लिए नीतियों को तैयार करने, देशों के मुद्दों में तालमेल बनाने और देश के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर देना है. भारत के पड़ोसी देशों समेत कई अन्य देशों में चीन बंदरगाहों और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर में इनवेस्टमेंट करने के साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी ताकत को और मजबूत करने की कोशिश में है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/in-an-attempt-to-further-strengthen-its-power-in-the-indian-ocean-china-held-a-meeting-with-these-19						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/in-an-attempt-to-further-strengthen-its-power-in-the-indian-ocean-china-held-a-meeting-with-these-19</guid>
					<pubDate>Sun, 27 Nov 2022 01:00:47 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तान के सेना प्रमुख और उनके परिवार के सदस्यों के टैक्स डाक्यूमेंट आनलाइन पोस्ट किए]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा (General Qamar Javed Bajwa) और उनके परिवार के टैक्स लीक मामले में शामिल आधिकारियों पर पाकिस्तानी टैक्स अथारिटी ने सख्त कदम उठाया है। अथारिटी ने टैक्स लीक के आरोप में दो अधिकारियों को सेवा से निलंबित कर दिया है। स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। वित्त मंत्री इशाक डार द्वारा शुरू की गई जांच के बाद दोनों अधिकारियों पर यह कार्रवाई की गई है। खोजी वेबसाइट फैक्ट फोकस की एक रिपोर्ट में बाजवा और उनके परिवार के सदस्यों के टैक्स संबंधी डाक्यूमेंट आनलाइन पोस्ट किए गए थे।</p>
<p><strong>दो अधिकारियों को सेवा से किया गया निलंबित</strong></p>
<p>वेबसाइट की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि सेना प्रमुख के रूप में उनके दोनों कार्यकाल के दौरान बाजवा और उनके परिवार की संपत्ति काफी तेजी से बढ़ी है। दुनिया न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विभाग द्वारा निलंबित अधिकारी देश के शीर्ष कर निकाय फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) की अंतर्देशीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं। सूत्रों ने दुनिया न्यूज को बताया कि शुरुआती जांच के बाद दोनों अधिकारी आतिफ नवाज और जहूर अहम को सेवा से निलंबित कर दिया गया है।</p>
<p><strong>वित्त मंत्री ने दिए थे जांच के आदेश</strong></p>
<p>शुरुआती जांच के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने लागइन और पासवर्ड के माध्यम से डेटा लीक किया जो फिलहाल जांच के घेरे में हैं। इससे पहले वित्त मंत्री डार ने निवर्तमान सेना प्रमुख के परिवार के सदस्यों की कर संबंधी जानकारी लीक होने पर जांच के आदेश दिए थे।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/tax-documents-of-pakistan-army-chief-and-his-family-members-posted-online						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/tax-documents-of-pakistan-army-chief-and-his-family-members-posted-online</guid>
					<pubDate>Sat, 26 Nov 2022 02:14:46 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन में कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद सख्ती और बढ़ी, लगा इतने दिन का लाकडाउन]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चीन में कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद जीरो कोरोना नीति के तहत सरकार ने सख्ती और बढ़ा दी है। राजधानी बीजिंग में सोमवार को बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना टेस्ट किए गए। कारोबार और स्कूलों को बंद कर दिया गया है। बीजिंग में साप्ताहांत में कारोना से तीन लोगों की मौत हुई है। इनमें से एक की शनिवार को जान गई थी, जो मई के बाद चीन में पहली मौत है। वहीं, दक्षिण चीन के गुआंगझोऊ के बैयून में पांच दिन का लाकडाउन लगा दिया गया है।</p>
<p><strong>बीजिंग शहर में लगी सख्त पाबंदियां</strong></p>
<p>हेनन प्रांत के मध्य झेंगझोऊ से लेकर दक्षिण-पश्चिम के चोंगकिंग तक बड़ी संख्या में कोरोना के मामले आने से चीन अपने तरीके से लड़ाई लड़ रहा है। बीजिंग शहर में बाहर से आने वाले लोगों के प्रवेश पर सख्त पाबंदियां लगा दी गई हैं। बीजिंग आने वालों को तीन दिन पहले कराए गए कोरोना टेस्ट का रिजल्ट दिखाना पड़ेगा। वहीं, पाबंदियों से आजिज कई जगह लोगों की अधिकारियों से झड़पें भी हो रही हैं।</p>
<p><strong>चीन में राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना के मामले</strong></p>
<p>रविवार को चीन में राष्ट्रीय स्तर पर 26,854 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि बीजिंग में 962 नए मामले सामने आए। 1.9 करोड़ की आबादी वाला हांगकांग से सटा चीन का दक्षिणी शहर गुआंगझोऊ कोरोना की मार झेल रहा है। यहां के बैयून जिले में पांच दिन का लाकडाउन लगा दिया गया है। कारोबार और नाइट क्लबों पर प्रतिबंध लग गया है। यह चीन का महत्वपूर्ण बिजनेस सेंटर है। लाकडाउन के चलते यहां की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है।</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/strictness-increased-after-the-increasing-cases-of-corona-in-china-the-lockdown-was-imposed-for-so-m						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/strictness-increased-after-the-increasing-cases-of-corona-in-china-the-lockdown-was-imposed-for-so-m</guid>
					<pubDate>Tue, 22 Nov 2022 02:08:50 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन की नज़र अब भारत के एक और पडोसी देश पर, इस तरह डोरे डाल रहा है ड्रैगन]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>नेपाल और श्रीलंका की तरह अब चीन की निगाह भारत के एक और पड़ोसी देश बांग्लादेश पर है. भले ही भारत-बांग्लादेश के संबंध बेहद मजबूत क्यों न हो लेकिन जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों में चीन बांग्लादेश के साथ सहयोग बढ़ा रहा है, उससे चीन के इरादों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. चीन बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है और साथ ही बांग्लादेश चीन से  हथियारों, टैंक, मिसाइल सिस्टम और जंगी जहाजों की खरीद में लगा हुआ है.</p>
<p><strong>बांग्लादेश ने चीन खरीदे बड़ी मात्रा में हथियार</strong></p>
<p>एक रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि पिछले कुछ सालों में चीन ने बांग्लादेश को फाइटर एयरक्राफ्ट से लेकर डीजल इलेक्ट्रिक सबमैरीन, पेट्रोल क्राफ्ट, K-8W एयरक्राफ्ट, FM-90 मिसाइल सिस्टम, बैटल टैंक और जंगी जहाज बेचे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक डिफेन्स सेक्टर के साथ-साथ चीन ने बांग्लादेश के इंफ्रास्ट्रचर क्षेत्र में भी काफी निवेश किया है.</p>
<p>चीन बांग्लादेश को हथियारों की सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश बन चुका है. हथियारों की इस साल ऐसे ही एक बड़ी डील के तहत बांग्लादेश चीन से 36 मल्टी रोल एयरक्राफ्ट खरीद रहा है. F-7 BGI जिस फाइटर जेल की सप्लाई चीन बांग्लादेश को करने जा रहा है वो F7 सीरीज को सबसे लेटेस्ट फाइटर एयरक्राफ्ट है.</p>
<p>इसी तरह चीन ने पिछले कुछ सालों में 2 मिंग क्लास टाइप 035B  डीजल इलेक्ट्रिक सबमैरीन (Ming Class Type 035 B Diesel Electric Submarines) , पेट्रोल क्राफ्ट (Durjoy Class Patrol Craft K-8W Aircraft) , मिसाइल सिस्टम (FM-90 Missile System), बैटल टैंक (MBT-200 Battle Tanks), टाइप 59 जी (Type -59G Battle Tanks) , टाइप 69 बैटल टैंक (Type 69 Battle Tanks) और Jianwei-11 class frigates की खरीद की है.</p>
<p>भले ही चीन बांग्लादेश को हथियारों की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा देश क्यों न बन गया हो लेकिन कई सप्लाई किए जा रहे हथियारों और उनके खराब पार्ट्स की वजह से बांग्लादेश की डिफेंस फोर्सज में इसे लेकर चिंता बढ़ रही है. खराब किस्म के चीनी हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान के लिए काफी परेशानी की वजह बनती जा रही है.</p>
<p><strong>इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में चीन कर रहा बांग्लादेश में बड़ा निवेश</strong></p>
<p>देखा जाए तो सिर्फ सैन्य क्षेत्र ही नहीं बल्कि चीनी कंपनियां बांग्लादेश के इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेश कर रही हैं. चीन बांग्लादेश में रेल, रोड, हाईवे, पावर, शिपिंग और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में काफी निवेश कर रहा है. चीन की एक्जिम बैंक (Exim Bank) बांग्लादेश को 7.64 बिलियन डॉलर का लोन दे रही हैं. साथ ही बंग्लादेश के 27 प्रोजेक्ट्स के लिए चीन की तरफ से 20 बिलियन डॉलर की मदद दी जा रही है.</p>
<p>चीन बांग्लादेश में बन रहे  8 ‘China-Bangladesh Friendship Bridge’ के लिए लोन मुहैया करा रहा है. ठीक इसी तरह ‘Construction of Dhaka-Ashulia Elevated Expressway Project’ के लिए भी चीन 1393.93 मिलियन डॉलर का लोन बांग्लादेश को दे रहा है.</p>
<p><strong>बांग्लादेश सरकार के साथ मजबूत किए चीन ने संबंध</strong></p>
<p>चीन बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत करने में लगा हुआ है. ऐसा माना जाता है कि साल 1980 में बांग्लादेश के राष्ट्रपति जियाउर रहमान की चीन की यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों की एक नई शुरुआत हुई. यही नहीं दोनों देशों ने साल 2000 में अपने डिप्लोमेटिक रिलेशन के 25 साल पूरा होने पोस्टल स्टाम्प जारी किये थे.</p>
<p>बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी चीन के साथ संबंधों को मजबूत करने पर प्राथमिकता दी और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के द्विपक्षीय समझौतों पर करार किए. एक बार फिर से साल 2016 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करते हुए स्ट्रैटेजिक को-ऑपरेटिव पार्टनरशिप (Strategic Cooperative Partnership) में तब्दील कर दिया. साल 2019 में शेख हसीना ने चीन की यात्रा पर गईं जहां दोनों देशों के बीच 7 अलग अलग द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर हुए.</p>
<p><strong>चीन-बांग्लादेश व्यापार में बढ़ोतरी</strong></p>
<p>साल 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन और बांग्लादेश के बीच हो रहे व्यापार में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. साल 20-21 के आंकड़ों पर नज़र डालें तो जहां बांग्लादेश ने चीन से 13263.02 मिलियन डॉलर का सामान आयात किया है. वहीं बांग्लादेश से चीन को सिर्फ 701.42 मिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट किया गया है. दोनों देशों के बीच 10 बिलियन डॉलर का ट्रेड गैप है. यही नहीं अमेरिका के बाद चीन बांग्लादेश में Foreign Direct Investment (FDI) सेक्टर में इन्वेस्टमेंट करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है.</p>
<p>जानकारों के मुताबिक जिस तरह से चीन बांग्लादेश को लोन मुहैया करा रहा है और चीन की कंपनियां जिस तरह से बांग्लादेश में निवेश कर रही हैं उससे ये आशंका बढ़ती जा रही है कि क्या आने वाले दिनों में बांग्लादेश चीन के कर्ज के जाल में न फंस कर रह जाए.</p>
<p>देखा जाए तो पिछले कुछ सालों में अफ्रीका, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे देश चीन की Debt Trap ( कर्ज के जाल) में फंस चुके हैं. सुरक्षा जानकारों के मुताबिक चीन बांग्लादेश में अपना प्रभाव बढ़ा कर भविष्य में भारत की सुरक्षा चिंता बढ़ा सकता है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/china-is-now-eyeing-another-neighboring-country-of-india-this-is-how-the-dragon-is-pulling-strings						]]>
					</link>
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					<pubDate>Tue, 22 Nov 2022 00:28:16 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[रूस यूक्रेन पर कर रहा है इस खास बम का इस्तेमाल जो इंसान को मिनटों में गलाकर कंकाल बना दे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>खेरसॉन से हटने के बाद रूसी सेना अब और आक्रामक हो गई है. उसने यूक्रेन पर मिसाइल से हमले तेज कर दिए हैं. अब रूसी सेना यूक्रेन पर ऐसे बम और मिसाइलें गिरा रही हैं, जो पल भर में बंकर और टैंक को तबाह कर दे. यही नहीं इनसे इंसान भी देखते ही देखते भाप बन जाता है. इस खतरनाक बम को पुअर मैन्स न्यूक या पुअर मैन न्यूक्लियर वेपन (Poor Man's Nuke or Poor Man's Nuclear Weapon)  के नाम से जाना जाता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि ये बम असल में थर्मोबेरिक फ्लेमथ्रोअर (Thermobaric Flamethrower) होते हैं. यानी ऐसे हथियार जो विस्फोट के साथ ही बहुत ज्यादा गर्मी पैदा करते हैं और इनके फटने से तेज शॉकवेव भी निकलती है.</p>
<p><strong>इंसान को मिनटों में गलाकर बना दे कंकाल</strong></p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, रूस अभी यूक्रेन में जिस बम को गिरा रहा है. उसका नाम TOS-1A Solntsepek heavy thermobaric flamethrower. ये हथियार किसी भी तरह की किलेबंदी को ध्वस्त कर सकते हैं. यह कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि अगर यह किसी इंसान के ऊपर गिर जाए तो वह कुछ ही मिनटों में उसका शरीर गलकर कंकाल बन जाता है.</p>
<p><strong>रूस के थर्मोबेरिक हथियार की खासियत</strong></p>
<p>रूस का TOS-1 थर्मोबेरिक हथियार 220 मिमी के 30 बैरल वाली एक आर्टिलरी गन है. इसे रॉकेट और टैंक दोनों से ही गिरा सकते हैं. इसकी रेंज 6 से 10 किलोमीटर है. ये जहां फटता है, वहां 1000 फीट के दायरे में सब कुछ तबाह कर देता है. विस्फोट और धमाके के बाद निकलने वाले शॉकवेव से सैनिकों के फेफड़े डैमेज हो जाते हैं. यही नहीं, धमाके के बाद आसपास 3 हजार डिग्री सेल्सियस तक का तापमान पैदा होता है, इससे शरीर का कोई भी हिस्सा कुछ ही सेकेंड्स में जलकर राख हो जाता है.</p>
<p><strong>ऐसे पड़ा 'पूअर मैन्स न्यूक' नाम</strong></p>
<p>इसके नाम को सुनकर अक्सर लोग जानना चाहते हैं कि इतना अजीब नाम किसने दिया. दरअसल, इसे पुअर मैन्स न्यूक्लियर वेपन नाम अमेरिकी फौज से रिटायर्ड कर्नल डेविड जॉनसन ने दिया था. रिपोर्ट की मानें तो रूस इन खतरनाक हथियारों को मॉस्को के सर्जीव पोसाद इलाके में मौजूद इंस्टिट्यूट ऑफ एप्लाइड केमिस्ट्री में तैयार करता है. अमेरिका ने कई बार इन हथियारों को प्रतिबंधित करने की कोशिश की, लेकिन उसे कभी सफलता नहीं मिली.</p>
<p><strong>यूक्रेन पर हमले का दिखा वीडियो</strong></p>
<p>रूस की ओर से यूक्रेन पर इस बम को गिराने का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में वैगनर ग्रुप के सैनिक तोप के गोलों के जरिए इन थर्मोबेरिक हथियारों को दाग रहे हैं. घटना यूक्रेनी सेना के गढ़ आर्तेमोवस्क की है. वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे पहले विस्फोट से कंटेनर खुलता है और वहां से फ्यूल मिक्सचर घने खतरनाक बादल की तरह फैल रहा है. उसके बाद चारों तरफ तेज धुंध छाती दिख रही है. जो आसपास के इमारतों में घुस जा रही है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/russia-is-using-this-special-bomb-on-ukraine-which-can-turn-a-person-into-a-skeleton-within-minutes						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/russia-is-using-this-special-bomb-on-ukraine-which-can-turn-a-person-into-a-skeleton-within-minutes</guid>
					<pubDate>Mon, 21 Nov 2022 23:53:53 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका समेत दुनिया पर कसा तंज और दिया ये बड़ा बयान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एशिया में कोल्ड वॉर जैसी स्थिति को लेकर चेतावनी दी है और बैंकॉक में एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन  (APEC) से पहले कहा है कि क्षेत्र में आपसी टकराव से बचना चाहिए. शी ने बैंकॉक में एपीईसी लीडर्स समिट की शुरुआत की और कहा कि वह चाहते हैं कि चीन को क्षेत्रीय एकता बनाए रखने वाले देश के तौर पर देखा जाए. शुक्रवार को एपीईसी समिट के ओपनिंग डे से पहले शी की लिखित स्पीच जारी की गई थी. सीएनएन के मुताबिक इसे अमेरिका पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है. शी ने कहा, एशिया-पैसिफिक क्षेत्र किसी का बैकयार्ड नहीं है और इसे ताकत दिखाने की प्रतियोगिता वाला क्षेत्र नहीं बनाना चाहिए. </p>
<p><strong>चीन-अमेरिका में जारी है तनाव</strong></p>
<p>शी के बयान को अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों की कोशिशों पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है. चीन के इस क्षेत्र में बढ़ते आर्थिक और सैन्य प्रभाव पर लगाम लगाने के लिए ये देश एकजुट हुए हैं. एक नए कोल्ड वॉर को छेड़ने के किसी भी प्रयास को लोगों या हमारे समय की ओर से कभी अनुमति नहीं दी जाएगी. दुनिया की दो महाशक्तियों चीन और अमेरिका के बीच कई मुद्दों को लेकर तनाव है. इन मुद्दों में ताइवान, टैरिफ, इटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, हॉन्ग कॉन्ग की स्वायत्तता हटाना, साउथ चाइना सी समेत कई अन्य शामिल हैं. </p>
<p><strong>इन मुद्दों पर होगी चर्चा</strong></p>
<p>शुक्रवार सुबह शी ने एपीईसी नेताओं को मुख्य समारोह से इतर संबोधित किया. उन्होंने इसमें स्थिरता, शांति और विकास पर बात की. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 देशों के नेता और प्रतिनिधि दो दिन के समिट के लिए थाइलैंड की राजधानी पहुंचे हैं, जिसमें क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने जैसा मुद्दा शामिल है. इस पर चीन-अमेरिका दोनों के बीच तनाव है. इसके अलावा क्षेत्रीय तनाव और यूक्रेन-रूस युद्ध पर भी चर्चा की जाएगी. इन सबके बीच नॉर्थ कोरिया ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की है. पिछले दो दिन में किम जोंग द्वारा किया गया ये दूसरा टेस्ट है, जिसे प्योंगयांग की ओर से उकसावे के तौर पर देखा जा रहा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/chinese-president-xi-jinping-taunted-the-world-including-america-and-gave-this-big-statement						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sun, 20 Nov 2022 01:52:27 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन का टॉर्चर: उइगर मुस्लिमों पर चीनी सरकार का अत्याचार जारी, महिलाओं की जबरन अंतर्जातीय शादी की जा रही]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चीन में रहने वाले उइगर मुस्लिमों पर चीनी सरकार का अत्याचार जारी है. वॉशिंगटन स्थित एक एडवोकेसी ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सरकार ने 2014 से उइगर महिलाओं को अंतर-जातीय विवाह के लिए मजबूर किया है. उइगर मानवाधिकार परियोजना (यूएचआरपी) का नया शोध चीनी राज्य मीडिया और नीति दस्तावेजों, सरकार द्वारा स्वीकृत प्रोफाइल और प्रशंसापत्र, और उइगर डायस्पोरा में महिलाओं के खातों के साक्ष्य पर आधारित है.</p>
<p><strong>जबरन शादी के खेल में चीनी सरकार सक्रिय रूप से शामिल</strong></p>
<p>इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘उइगर महिलाओं की पूर्वी तुर्किस्तान में जबरन अंतर-जातीय शादी कराई जा रही है. यही नहीं उइगर महिलाओं की हान पुरुषों के साथ भी जबरन अंतर-जातीय शादी कराई जा रही है. खास बात ये है कि इस जबरन के खेल में चीनी सरकार भी सक्रिय रूप से शामिल है.’ यूएचआरपी के कार्यकारी निदेशक ओमर कनाट बताते हैं कि ‘यह रिपोर्ट लिंग आधारित हिंसा के एक और रूप को उजागर करती है, जो संबंधित राज्यों, प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और महिला समूहों से कार्रवाई की मांग करती है.’</p>
<p><strong>जबरन नसबंदी के सबूत भी मिले हैं</strong></p>
<p>कनाट ने कहा, ‘चीनी सरकार उइगर लोगों के चल रहे नरसंहार में महिलाओं को निशाना बनाती है. महिलाएं चीन के एकाग्रता शिविरों और जेलों में नियमित यौन हिंसा की रिपोर्ट करती हैं. यही नहीं जबरन नसबंदी के सबूत भी मिले हैं.’ रिपोर्ट में उइगर-हान विवाहों से संबंधित पार्टी-राज्य नीतियों और कठोर प्रथाओं का दस्तावेजीकरण किया गया है. यूएचआरपी ने कहा, ‘साक्ष्य में अंतर-जातीय विवाह और शादियों के राज्य-अनुमोदित ऑनलाइन खाते शामिल हैं.</p>
<p><strong>संस्था ने किया इसे खत्म करने का आग्रह</strong></p>
<p>इन सबके बीच वॉशिंगटन स्थित UHRP ने महिलाओं के अधिकारों की वकालत करने वाले अभियानों से अपने उत्तरदायित्व के तहत उइगर और अन्य तुर्क महिलाओं द्वारा जबरन और प्रोत्साहन विवाह को समाप्त करने का आग्रह किया है. इसने महिलाओं के खिलाफ भेदभाव के उन्मूलन पर संयुक्त राष्ट्र की समिति (CEDAW) से चीन की 2023 की देश समीक्षा में लिंग-आधारित अपराधों के सबूतों की पूरी तरह से जांच करने का भी अनुरोध किया है. इसके अलावा चीनी सरकार से जबरन विवाह और यौन हिंसा को प्रभावी ढंग से समाप्त करने और इन्हें रोकने के उपायों को लागू करने का आह्वान किया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/chinas-torture-chinese-governments-atrocities-on-uygar-muslims-continue-women-are-being-forced-into-						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/chinas-torture-chinese-governments-atrocities-on-uygar-muslims-continue-women-are-being-forced-into-</guid>
					<pubDate>Sat, 19 Nov 2022 00:01:12 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी, कहा-भारत की तरह हम भी रूस से तेल खरीदेंगे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>रूस से तेल खरीदने को लेकर पाकिस्तान ने अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है. पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने कहा है कि अमेरिका पाकिस्तान को रूस से तेल खरीदने से नहीं रोक सकता और ऐसा करना जल्द ही संभव होगा. डार ने दुबई में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की. </p>
<p><strong>पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने और क्या कहा? </strong></p>
<p>सितंबर में अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान डार ने अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें पश्चिम के प्रतिबंधों के बीच रूस से तेल खरीद के मामले पर चर्चा हुई थी. उन्होंने कहा, हमने अमेरिका (विदेश विभाग) के अधिकारियों से कहा कि अमेरिका हमें रूस से तेल खरीदने से नहीं रोक सकता, क्योंकि हमारा पड़ोसी देश भारत भी रूस से तेल खरीद रहा है.</p>
<p>इससे पहले पाकिस्तान ने कहा था कि वह रूस से तेल खरीदने में दिलचस्पी रखता है बशर्ते उसे भारत के समान दर पर दिया जाए. पाकिस्तानी मंत्री ने दोहराया कि मंत्रालय भारत के समान शर्तों पर रूस से तेल खरीदने की कोशिश करेगा. डार ने कहा, अगले कुछ महीनों में आप देखेंगे कि सरकार इस संबंध में पाकिस्तान के पक्ष में महत्वपूर्ण कदम उठाएगी. </p>
<p>जानकारी के लिए बता दें कि 24 फरवरी को यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से ही अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर गंभीर प्रतिबंध लगा दिए हैं. हालांकि, यूक्रेन युद्ध और पश्चिम की आलोचना के बाद भी भारत रूस से तेल आयात बढ़ा रहा है. गौरतलब है कि पाकिस्तान दुनिया में कच्चे तेल का 35वां सबसे बड़ा आयातक है और 2020-21 में उसने 1.92 अरब डॉलर मूल्य का कच्चा तेल आयात किया. इससे पहले नवंबर में पाकिस्तानी सरकार ने अपनी घरेलू कमी को पूरा करने के लिए रूस से 300,000 टन गेहूं आयात करने के लिए लगभग 112 मिलियन अमेरीकी डालर के सौदे को मंजूरी दी थी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/pakistan-gave-a-stern-warning-to-america-said-like-india-we-too-will-buy-oil-from-russia						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/pakistan-gave-a-stern-warning-to-america-said-like-india-we-too-will-buy-oil-from-russia</guid>
					<pubDate>Fri, 18 Nov 2022 23:51:09 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तानी लव स्टोरी: 19 की लड़की ने 70 साल के बुजुर्ग को बनाया अपना हमसफ़र]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान में सुबह की सैर पर निकली एक 19 साल की लड़की का दिल 70 साल के बुजुर्ग पर आया तो उसने उन्हें अपना हमसफर बनाकर ही चैन की सांस ली. दरअसल इस जोड़े की उम्र में 50 साल से ज्यादा का अंतर है. इनकी लव स्टोरी का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. जिसमें दोनों ने नैन लड़ने से लेकर इजहार-ए-मोहब्‍बत' और फिर शादी तक का अफसाना बड़ी तसल्ली से बताया है.</p>
<p><strong>मोहब्बत की नहीं जाती... वो हो जाती है: शमाइला</strong></p>
<p>इस न्यूली वेडेड कपल का नाम लियाकत और शमाइला है. दोनों लाहौर में हंसी खुशी रह रहे हैं. इस बीच लियाकत और शमाइला ने अपनी मुकम्मल हुई लव स्टोरी को लेकर क्या कहा, आइए बताते हैं. दरअसल शमाइला से जब पूछा गया कि आपके शौहर की उम्र तो बहुत ज्‍यादा हैं तो नई नवेली दुल्हन ने कहा, 'देखिए इश्‍क में उम्र नहीं देखी जाती है, बस मोहब्‍बत हो जाती है. इसमें जात-पात, ऊंच और नीच कुछ मायने नहीं रखता है, तो ऐसे में मुझे भी मोहब्‍बत के इस मर्ज ने जकड़ लिया.'</p>
<p><strong>'दूल्हे ने सुनाई दास्तान ए मोहब्बत'</strong></p>
<p>वहीं लियाकत ने अपनी प्रेम कहानी सुनाते हुए अपने दिल का हाल बयान करते हुए कहा, 'रोमांटिक होने के लिए उम्र का कोई तकाजा नहीं होता है. हर उम्र का अपना एक अलग रोमांस होता है.' आगे की कहानी आप खुद ही देख-सुन लीजिए.</p>
<p></p>
<p>तो देखा आपने कैसे इस जोड़े ने एक दूसरे के लिए गाना गाते हुए अपनी खुशी का इजहार किया. दरअसल पाकिस्तान में हर 15 दिन में कोई न कोई प्रेम कहानी वायरल हो रही है. गौरतलब है कि कुछ समय पहले पोलैंड की एक एजेड महिला ने पाकिस्तान के तीस साल के लड़के से निकाह करने के लिए अपना देश छोड़ दिया था. तब ये कहानी इसलिए वायरल हुई थी क्योंकि अमूनन ऐसे किस्सों में दुल्हन कम उम्र की और दूल्हा कहीं ज्यादा उम्र का होता था, जैसा कि इस प्रेम कहानी में हुआ.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/pakistani-love-story-19-year-old-girl-made-70-year-old-man-her-partner						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/pakistani-love-story-19-year-old-girl-made-70-year-old-man-her-partner</guid>
					<pubDate>Fri, 18 Nov 2022 23:10:46 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[कंगाली के मुहाने पर पाकिस्तान, हो सकता है डिफॉल्टर, बचने के लिए सरकार ये काम कर सकती है]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>राजनीतिक उथल-पुथल और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ बातचीत को लेकर अनिश्चितता के बीच पाकिस्तान का डिफ़ॉल्ट जोखिम तेजी से बढ़ गया है. रिपोर्ट के अनुसार, देश के डिफॉल्ट रिस्क को पांच साल के क्रेडिट-डिफॉल्ट स्वैप (सीडीएस) द्वारा मापा गया. सीडीएस एक तरह का बीमा अनुबंध होता है जो एक निवेशक को डिफॉल्ट से बचाता है.</p>
<p>अनुसंधान फर्म आरिफ हबीब लिमिटेड द्वारा परिचालित आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि क्रेडिट-डिफॉल्ट स्वैप बुधवार को 56.2 प्रतिशत से 75.5 प्रतिशत तक पहुंच गया. सीडीएस में वृद्धि एक 'गंभीर स्थिति' को दर्शाती है, जिससे सरकार के लिए बॉन्ड या वाणिज्यिक उधारी के माध्यम से बाजारों से विदेशी मुद्रा जुटाना बेहद मुश्किल हो जाता है.</p>
<p>पाकिस्तान को अपने विदेशी कर्ज दायित्वों (Foreign Obligations) को पूरा करने के लिए इस वित्तीय वर्ष में 32 बिलियन USD से 34 बिलियन USD तक की आवश्यकता है. वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान को अभी भी शेष वित्तीय वर्ष में लगभग 23 बिलियन USD की आवश्यकता है. रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान आईएमएफ प्रोग्राम में बना हुआ है, जो इसे विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक और एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर बैंक से प्रवाह प्राप्त करने की अनुमति देता है.</p>
<p><strong>पहली तिमाही में घाटा बढ़ने से स्थिति और बिगड़ी</strong></p>
<p>हालांकि पाकिस्तान ने आईएमएफ से कहा था कि वह चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को ₹1500 बिलियन तक कम कर देगा. लेकिन, पहली तिमाही में घाटा बढ़ने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है. संयुक्त राज्य अमेरिका में आधिकारिक सूत्रों ने पिछले सप्ताह कहा था कि पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच वार्ता को पुनर्निर्धारित किया गया है.</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, आईएमएफ और पाकिस्तान सरकार के बीच नवंबर की शुरुआत में शुरू होने वाली वार्ता को नवंबर के तीसरे सप्ताह तक के लिए टाल दिया गया है. पाकिस्तान द्वारा पेट्रोलियम उत्पादों पर बिक्री कर को समायोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर काम करने और इस साल की शुरुआत में पुनर्जीवित एक ऋण समझौते के तहत आवश्यक अन्य उपाय करने के बाद वार्ता फिर से शुरू होगी.</p>
<p>आधिकारिक सूत्रों ने खुलासा किया कि अक्टूबर में जारी पाकिस्तान में बाढ़ के नुकसान पर विश्व बैंक की रिपोर्ट के बाद आईएमएफ और पाकिस्तान के बीच बातचीत को पुनर्निर्धारित किया गया था. पाकिस्तान 5 दिसंबर को पांच साल के सुकुक या इस्लामिक बॉन्ड की मैच्योरिटी के खिलाफ 1 बिलियन अमरीकी डालर का भुगतान करने वाला है.</p>
<p><strong>अंतरराष्ट्रीय बाजार को नहीं है भरोसा</strong></p>
<p>सुकुक भुगतान के लिए पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार के बार-बार आश्वासन के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय बाजार इन आश्वासनों पर भरोसा करने को तैयार नहीं है क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था बाजारों, दाताओं, वाणिज्यिक बैंकों और मित्र राष्ट्रों से अधिक उधार लेकर डिफ़ॉल्ट से बचने के लिए संघर्ष कर रही है.</p>
<p><strong>सरकार क्या कर सकती है?</strong></p>
<p>वित्तीय क्षेत्र ने कहा है कि फंड तरलता बढ़ाने और राजकोषीय घाटे के विस्तार से बचने के लिए नए करों की जरूरत है. सरकार को कम से कम ₹800 बिलियन की आवश्यकता है, जो रिपोर्ट के अनुसार नए करों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है. हालांकि सरकार के लिए नए कर आर्थिक और राजनीतिक उथल फुथल के बीच लगाने मुश्किल हो सकते हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/pakistan-at-the-mouth-of-kangali-may-be-a-defaulter-the-government-can-do-this-work-to-avoid						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/pakistan-at-the-mouth-of-kangali-may-be-a-defaulter-the-government-can-do-this-work-to-avoid</guid>
					<pubDate>Fri, 18 Nov 2022 22:52:43 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[धार्मिक था सद्दाम हुसैन, अपने 26 लीटर खून से लिखवाई 605 पेज की कुरान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>सद्दाम हुसैन, एक ऐसा नाम जिसे सुनकर आमतौर पर आपके दिमाग में तानाशाह की ही छवि बनती है. ऐसा तानाशाह जो काफी क्रूर था. उसकी क्रूरता से जुड़ी कई कहानियां आपने पढ़ी भी होंगी. पर ऐसा नहीं है कि वह सिर्फ क्रूर था, कुछ लोग उसे मसीहा भी मानते थे. बताते हैं कि उसकी धर्म में बड़ी आस्था थी. उसे आलीशान मस्जिदें बनवाने का बहुत शौक था. सद्दाम हुसैन की ओर से बनवाई गई इराक की एक मस्जिद बेहद खास है. दरअसल, इस मस्जिद में जो कुरान है, उसे सद्दाम हुसैन के खून से लिखा गया है.</p>
<p><strong>हर हफ्ते निकाला जाता था खून</strong></p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, सद्दाम हुसैन ने अपने कार्यकाल में एक ऐसी कुरान लिखने का आदेश दिया था, जो स्याही की जगह खून से लिखी जाए. इसके लिए सद्दाम हुसैन ने तीन साल में अपना 26 लीटर खून निकलवाया. हर हफ्ते एक नर्स सद्दाम के शरीर से खून लेती थी. वहीं दूसरी टीम इस खून से कुरान लिखने में जुट गई. कई दिनों की मेहनत के बाद सद्दाम हुसैन के खून से 605 पन्नों की यह कुरान लिखी जा सकी. यह कुरान आज भी वहां शीशे के फ्रेम में लोगों को दिखाने के लिए रखी गई है.</p>
<p><strong>इस कुरान को लेकर अलग-अलग कहानी</strong></p>
<p>खून से लिखे कुरान को लेकर अलग-अलग कहानियां प्रचलित हैं. अमेरिका की जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर कंटेम्पररी अरब स्टडीज के निदेशक जोसेफ ससून कहते हैं कि एक बड़े कार्यक्रम में इस कुरान को सद्दाम के सामने पेश किया गया था. तब सद्दाम ने कहा था कि उसने इसे अपने खून से लिखवाकर एक नजराना पेश किया है. वहीं कुछ लोगों का मानना था कि 1996 की जंग में उसका बेटा जिंदा बच गया था. ऐसे में उसने खुदा का शुक्र अदा करने के लिए इसे खून से लिखवाया था.</p>
<p><strong>आखिरी दिनों में मौत से डरने लगा था</strong></p>
<p>जिस तानाशाह को निडर माना जाता था, जिसने हजारों को मौत के घाट उतरवा दिया हो, उस सद्दाम हुसैन की अपने आखिरी दिनों में बहुत बुरी स्थिति थी. उसे हमेशा यह डर सताता रहता था कि कहीं कोई उसकी हत्या न कर दे. उनके सामने जो खाना आता था, उसमें जहर है या नहीं इसकी चेकिंग उसके कुक का बेटा करता था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/saddam-hussain-was-religious-got-605-pages-of-quran-written-with-his-26-liters-of-blood						]]>
					</link>
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					<pubDate>Fri, 18 Nov 2022 12:29:02 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[G-20 समिट अमेरिका के राष्ट्रपति सहित दुनिया के अन्य राष्ट्राध्यक्ष प्रधानमंत्री मोदी से मिलने को आतुर दिखे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अब तक आपने देखा होगा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर जब भी किसी बड़े संगठन की बैठक होती है तो उसमें पूरी दुनिया की नजर अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस जैसे देशों के सर्वोच्च नेताओं पर होती है और यहां इन देशों का ही एजेंडा चलता है. चीन और रूस के राष्ट्रपति से जुड़ी खबरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया का हिस्सा होती थीं, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दिखने वाली ये तस्वीरें बदल गई हैं और खबरों को देखने व समझने का नजरिया बदल गया है.</p>
<p><strong>अब हिंदुस्तान पर होती है पूरी दुनिया की नजर</strong></p>
<p>अब दुनिया के हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदुस्तान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर ही पूरी दुनिया की नजर होती है. पीएम मोदी से बातचीत करने के लिए और हाथ मिलाने के लिए अमेरिका से लेकर ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आतुर रहते हैं. भारत जो एजेंडा और लक्ष्य दुनिया के लिए तय करता है उसपर पूरी दुनिया मुहर लगाती है. उसपर दुनिया के देश एकमत होते हैं. विकसित हो या विकासशील देश आज सभी भारत को एक उम्मीद की नजर से देखते हैं और ऐसा ही कुछ जी-20 की बैठक में हुआ.</p>
<p><strong>पीएम मोदी की वजह से हिंदुस्तान को मिला ये रुतबा</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई. बाली में G-20 की दिनभर की बैठक के बाद डिनर का आयोजन किया गया था. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जिनपिंग एक दूसरे के आमने-सामने आए. फिर दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और थोड़ी देर बातचीत की. हालांकि, ये पूरी मुलाकात अनौपचारिक थी. भारत और चीन के बीच अभी तक किसी द्विपक्षीय वार्ता का कार्यक्रम तय नहीं है.</p>
<p><strong>जब जो बाइडेन खुद पीएम मोदी से मिलने पहुंचे</strong></p>
<p>इंडोनेशिया के बाली में G20 बैठक के पहले सेशन में जी-20 नेताओं के बीच फूड एंड एनर्जी सिक्योरिटी पर चर्चा हुई. बैठक के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन खुद मोदी से मिलने पहुंचे. दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी, बाइडेन को नहीं देख पाए थे. वो दूसरी तरफ जा रहे थे. इसी दौरान बाइडेन ने उन्हें पुकारा और फिर दोनों हंसते हुए गले लगे. इस अनौपचारिक मुलाकात और बॉडी लैंग्वेज को आपको देखना चाहिए.</p>
<p><strong>एक दोस्त की तरह हुई बाइडेन-मोदी की मुलाकात</strong></p>
<p>सामान्य तौर पर ऐसे किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर हर मुलाकात पहले से तय होता है. 1-1 मिनट की तैयारी की जाती है. कब-किससे मिलना है. किन मुद्दों पर चर्चा करनी है. बैठक में कौन-कौन शामिल होगा. सबकुछ पहले से तय होता है और इसमें सख्त प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, लेकिन जो बाइडेन की पीएम मोदी से मुलासात किसी प्रोटोकॉल का हिस्सा था ही नहीं, बल्कि बाइडेन और मोदी की मुलाकात एक दोस्त की तरह हुई.</p>
<p>ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. इससे पहले भी बाइडेन और प्रधानमंत्री मोदी की ऐसे ही बेहद इनफॉर्मल तरीके से मुलाकात होती रही है. यहां गौर करने वाली बात ये हैं कि बाइडेन से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप थे और उस दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी की ट्रंप से केमेस्ट्री की पूरी दुनिया में चर्चा होती थी. जी-20 की बैठक के पहले सेशन में बाइडेन और प्रधानमंत्री मोदी एक साथ बैठे थे.</p>
<p><strong>बाइडेन ही नहीं मैक्रों ने भी गर्मजोशी से की मुलाकात</strong></p>
<p>दुनिया के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता कितनी ज्यादा है. इसके लिए आपको एक और वीडियो देखना चाहिए, जिसमें बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी खड़े और बगल में बाइडेन बात कर रहे थे. उसी दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों वहां से गुजरते हैं, प्रधानमंत्री मोदी को देखते हैं और उनके पीठ पर थपकी करते हैं. फिर दोनों नेता गर्मजोशी से मिलते हैं.</p>
<p><strong>पीएम ऋषि सुनक से पीएम मोदी की पहली मुलाकात</strong></p>
<p>जी-20 के मंच पर ब्रिटेन के भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात पर दुनिया भर की मीडिया की नजर थी. प्रधानमंत्री बनने के बाद ऋषि सुनक और प्रधानमंत्री मोदी की ये पहली मुलाकात थी, लेकिन दोनों के मुलाकात की तस्वीरों को देखकर ऐसा नहीं लगता है कि ये पहली मुलाकात थी.</p>
<p><strong>कैसे पीएम मोदी के नेतृत्व को स्वीकर रही पूरी दुनिया</strong></p>
<p>आपने देखा कि जी-20 के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी सबसे चहेते अंतरराष्ट्रीय नेता हैं, लेकिन अब आपको बताते हैं कि आज कैसे पूरी दुनिया प्रधानमंत्री मोदी को सुनती और उनके नेतृत्व को स्वीकार कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने फूड एंड एनर्जी सिक्योरिटी पर हो रहे बैठक में हिस्सा लिया. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के बगल में राष्ट्रपति बाइडेन बैठे थे. इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र और रूस की गलतियों पर सवाल उठाए. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना और इसके बाद यूक्रेन संकट से पूरी दुनिया में तबाही आई है और संयुक्त राष्ट्र भी इन मुद्दों पर कुछ नहीं कर पाया. प्रधानमंत्री मोदी ने फिर से रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की बात कही.</p>
<p>पीएम मोदी की करिश्माई नेतृत्व का ही कमाल है कि आज रूस हो या अमेरिका दोनों देश भारत की दोस्ती चाहते हैं. भारत अगर युद्ध के मोर्चे पर रूस की आलोचना करता है और उसके बावजूद भारत को रूस सस्ते में कच्चा तेल देता है तो ये भारत की बढ़ती ताकत का सबूत है. अमेरिका के विरोध के बावजूद रूस के साथ भारत हथियारों के लिए करार करता है फिर भी अमेरिका, भारत के साथ अपनी दोस्ती को मजबूत करना चाहता है तो ये दुनिया में बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की भूमिका को दिखाता है.</p>
<p><strong>जी-20 में दिखा भारत के प्रभाव का असर</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी लगातार कहते रहे हैं कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं और रूस-यूक्रेन युद्ध को तुरंत रोका जाना चाहिए. इस वर्ष जून में जर्मनी में G-7 की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध को रोकने की अपील की थी और अब G-20 की बैठक में इसका असर देखने को मिला. पश्चिमी देश युद्ध को भड़का रहे है, रूस युद्ध रोकने को तैयार नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी लगातार इस युद्ध को रोकने की रूस से भी अपील कर रहे हैं. दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठन के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर देखने को मिला.</p>
<p>जी-20 में युद्ध रोकने के लिए ड्राफ्ट पर सहमति बनी है. इस ड्राफ्ट में युद्ध को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करने की बात कही गई है. ड्राफ्ट में कहा गया है कि मौजूदा समय युद्ध का नहीं है. ड्राफ्ट में परमाणु हथियार की धमकी की भी आलोचना की गई है. युद्ध के दौरान रूस कई बार परमाणु हमले की धमकी दे चुका है. ड्राफ्ट में लिखा गया है कि युद्ध की वजह से दुनिया भर में विकास पर असर हो रहा है, महंगाई बढ़ रही है, सप्लाई चेन टूट चुका है, एनर्जी की कीमत बढ़ रही है और अनाज की कमी हो गई है. ऐसे में युद्ध को रोकना बेहद जरुरी है. जी-20 के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की लगातार पहल के बाद ऐसा डॉफ्ट बनना हिंदुस्तान के बढ़ते रुतबे को ही दिखाता है.</p>
<p><strong>पूरी दुनिया के लिए एक उम्मीद की तरह भारत</strong></p>
<p>आज हिंदुस्तान पूरी दुनिया के लिए एक उम्मीद की तरह है. जब पूरी दुनिया आर्थिक संकट से गुजर रही है, अगले वर्ष दुनिया में ग्रोथ का इंजन धीमा होने की आशंका है. ऐसे में भारत एक ध्रुवतारा की तरह है, क्योंकि आज भारत में सबसे तेज आर्थिक ग्रोथ होने की संभावना है. आज भारत आतंकवाद, युद्ध जैसे मानवता के दुश्मनों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और इसका विरोध कर रहा है. इसलिए पूरी दुनिया अब भारत के नेतृत्व को स्वीकार कर रही है उसपर भरोसा जता रही है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/g-20-summit-including-the-president-of-america-and-other-heads-of-the-world-were-eager-to-meet-prime						]]>
					</link>
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					<pubDate>Wed, 16 Nov 2022 12:01:38 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[किंग चार्ल्स पर अंडा फेंकने वाले को मिली अनोखी सजा, जानिए ये है सजा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>यॉर्क सिटी में किंग चार्ल्स और क्वीन कंसोर्ट, कैमिला पर अंडे फेंकने के आरोप में पुलिस ने 23 साल के जिस आरोपी पैट्रिक थेलवेल को गिरफ्तार किया था. अब उसे अनोखी सजा सुनाई गई है. पैट्रिक को सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने और शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. </p>
<p><strong>किंग से पास नहीं फटकेगा आरोपी</strong></p>
<p>यूके (UK) की एक रिपोर्ट के मुताबिक किंग चार्ल्स और उनकी पत्नी कैमिला पर अंडे फेंकने के आरोप में गिरफ्तार शख्स पर सार्वजनिक रूप से अंडे ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. वहीं इसके साथ-साथ भविष्य में उसे किंग चार्ल्स से 500 मीटर दूर रहने का निर्देश दिये गए हैं. गौरतलब है कि किंग चार्ल्स पर उस समय अंडा फेका गया था जब वो नॉर्थ इंग्लैड की यॉर्क सिटी के मिकलेगेट बार लैंडमार्क पर लोगों से मुलाकात कर रहे थे. आपको बताते चलें कि फिलहाल आरोपी को पुलिस बेल पर रिहा कर दिया गया है.</p>
<p><strong>सोशल मीडिया पर बना विलेन</strong></p>
<p>वहीं कोर्ट में अपनी सफाई पेश करने वाले आरोपी ने कहा कि उसने भीड़ ने उकसाने पर ऐसा किया था. उसने यह भी कहा कि उसकी इस गलती के बाद उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही है. पुलिस ने पैट्रिक से पूछताछ की और बेल मिलने के बाद रिहा कर दिया. रिहा होने के बाद यॉर्क यूनिवर्सिटी के छात्र पैट्रिक ने कहा, 'भीड़ ने मुझ पर हमला किया था. मुझे लोगों ने विलेन बना दिया. उस दिन कोई मेरा बाल पकड़ रहा था तो कोई मुझे थप्पड़ मारना चाहता था. एक शख्स ने मुझ पर थूका भी था. मेरा वकील अच्छा था उसने मुझे बचा लिया. लोग मुझे सोशल मीडिया पर भी धमका रहे हैं.'</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-person-who-threw-an-egg-at-king-charles-got-a-unique-punishment-know-the-punishment						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/the-person-who-threw-an-egg-at-king-charles-got-a-unique-punishment-know-the-punishment</guid>
					<pubDate>Sat, 12 Nov 2022 12:00:01 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[रूस की फजीहत, जनमत संग्रह वाले इलाके में यूक्रेन का फिर कब्जा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>रूस की सेना के खेरसॉन शहर से निकलने के बाद यूक्रेनी सेना शुक्रवार को वहां दाखिल हो गई.  रूस से जारी युद्ध में यूक्रेन के लिए यह बेहद अहम मोड़ है क्योंकि खेरसॉन उन इलाकों में से एक था, जिस पर रूस ने कब्जा कर वहां जनमत संग्रह कराया था. खेरसॉन से रूसी सेना का निकलना राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए  बड़ा झटका माना जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियोज में नजर आ रहा है कि खेरसॉन के शुमेन्स्की जिले में यूक्रेनी सेनाओं का नागरिकों ने स्वागत किया. रूस की सेना पूरी तरह इस शहर को छोड़ चुकी है. </p>
<p><strong>रूसी सेना ने छोड़ा खेरसॉन</strong></p>
<p>रूसी रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए कहा कि सेना ने क्रेमलिन के रणनीतिक फैसले के बाद निप्रो नदी के पश्चिमी क्षेत्र को पूरी तरह से खाली कर दिया है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी भी तरह का हथियार या फिर उपकरण वहां नहीं बचा है. सारे रूसी सैनिक नीपर के बाएं तट पर आ गए हैं. यूक्रेनी सरकार ने पहले यह आशंका जताई थी कि खेरसॉन में अपनी स्थिति से पीछे हटने पर रूसी सेना बहुत नुकसान कर सकती है. हालांकि इन आशंकाओं की एक बार फिर पुष्टि हो गई क्योंकि वीडियो से पता चला कि निकासी के बाद निप्रो नदी पर एंटोनिव्स्की ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया. </p>
<p><strong>मौसम की पड़ेगी मार</strong></p>
<p>नीपर नदी पर काला सागर बंदरगाह का यह एकमात्र प्रमुख शहर है जिस पर रूस कब्जा करने में कामयाब रहा है और यह खेरसॉन ओब्लास्ट की प्रशासनिक राजधानी है, जो सितंबर में रूस के कब्जा किए गए चार क्षेत्रों में से एक था. वहीं उत्तरी और मध्य यूक्रेन में, संघर्ष तेजी से स्थिर होता जा रहा है, हालांकि दोनों तरफ युद्ध की बेताबी खत्म नहीं हुई है. मौसम में बदलाव दोनों पक्षों के लिए तेजी से आगे बढ़ना मुश्किल कर देता है. अब चूंकि मौसम का मिजाज बिगड़ रहा है, अग्रिम मोर्चे पर, जमीनी सेना को गिरते तापमान से बचने के लिए संघर्ष करना होगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/russias-embarrassment-ukraine-re-occupies-the-referendum-area						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/russias-embarrassment-ukraine-re-occupies-the-referendum-area</guid>
					<pubDate>Sat, 12 Nov 2022 11:56:25 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ईरान की सऊदी अरब को चेतावनी कहा गारंटी नहीं दे सकते कि सब्र कब तक बना रहेगा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव और बढ़ता जा रहा है. इस बार ईरान ने सऊदी अरब को कड़ी चेतावनी दे दी है. ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब ने सख्त लहजे में कहा कि ‘अभी तक तो ईरान तार्किक और रणनीतिक वजहों से धैर्य बनाए हुए है, लेकिन अगर तनाव इसी तरह से जारी रहता है तो हम यह गारंटी नहीं दे सकते कि ईरान का सब्र कब तक बना रहेगा.’ उन्होंने कहा कि ‘अगर हम जवाबी कार्रवाई करने और सजा देने का निर्णय लेते हैं तो सऊदी अरब के शीशे के महल टूट जाएंगे और यह देश स्थिरता का अनुभव नहीं कर पाएगा.’</p>
<p><strong>इसलिए नाराज है ईरान</strong></p>
<p>दरअसल, पुलिस कस्टडी में कुर्दिश महिला महसा अमिनी के मौत के बाद से ईरान में लंबे समय से हिजाब विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं और देश जल रहा है. ईरान को लगता है कि सऊदी अरब जैसी विदेशी ताकतें ईरानियों को भड़का रही है. यह विरोध-प्रदर्शन मौजूदा ईरान सरकार के लिए बड़ी समस्या बन गई है. पिछले ही महीने ईरानी रिवोल्युशनरी गार्ड के चीफ हुसैन सलामी ने सऊदी अरब को चेतावनी दी थी. तब उन्होंने कहा था कि अपने मीडिया संस्थानों को नियंत्रित कर लो, नहीं तो इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. सलामी ने सऊदी अरब पर मीडिया संस्थान के जरिए ईरान के आंतरिक मामलों में दखल का आरोप लगाया था.</p>
<p><strong>क्या है सऊदी अरब औऱ ईरान के बीच विवाद</strong></p>
<p>बता दें कि सऊदी अरब और ईरान दोनों पड़ोसी देश हैं और दोनों ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी दबदबा रखते हैं. पर इन दोनों देशों के बीच झगड़ा भी दशकों पुराना है, जिसका कोई समाधान नहीं निकल सका है. ईरान में रहने वाले अधिकतर मुसलमान शिया हैं, जबकि  सऊदी अरब में सुन्नी मुस्लिमों की संख्या अधिक है. धार्मिक मतभेदों के कारण यह विवाद और गहराता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से यह काफी बुरे दौर से गुजर रहा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/iran-warns-saudi-arabia-that-cannot-guarantee-how-long-patience-will-last						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/iran-warns-saudi-arabia-that-cannot-guarantee-how-long-patience-will-last</guid>
					<pubDate>Sat, 12 Nov 2022 11:53:17 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भारत की हार के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कसा तंज, इससे सोशल मीडिया पर कई यूजर भड़के]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की इंग्लैंड के हाथों सेमीफाइनल में बुरी हार से भारतीय दर्शकों में मायूसी छाई हुई है. इस हार को लेकर दुनियाभर से प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. इसी कड़ी में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने टीम इंडिया के जले पर नमक छिड़कते हुए ऐसा ट्वीट कर दिया जो शायद भारत के क्रिकेट प्रेमियों को पसंद नहीं आएगा. उन्होंने फाइनल मैच को लेकर यह ट्वीट किया है.</p>
<p><strong>'रविवार को 152/0 बनाम 170/0</strong></p>
<p>दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने ट्विटर पर लिखा कि इस रविवार को 152/0 बनाम 170/0 का मैच होगा. शाहबाज शरीफ ने भले ही ट्वीट में इसके अलावा और किसी भी चीज का जिक्र नहीं किया है लेकिन असल में शाहबाज शरीफ का यह ट्वीट टीम इंडिया पर एक तंज है क्योंकि यह पाकिस्तान और इंग्लैंड का वह स्कोरकार्ड है जिसमें दोनों ने भारत को दस विकट से करारी शिकस्त दी हैं.</p>
<p><strong>दोनों में भारत को दस विकट से हार!</strong></p>
<p>पहला स्कोरकार्ड 152/0 पाकिस्तान का है जब पिछले टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप मैच में भारत को अपने पहले ही मैच में पाकिस्तान ने दस विकट से हार का सामना करना पड़ा था. उस समय भी भारत के गेंदबाज पाकिस्तान का एक भी विकट नहीं गिरा पाए थे. जबकि दूसरा स्कोरकार्ड 170/0 आज के सेमीफाइनल का है जब इंग्लैंड ने भारत को दस विकट से करारी शिकस्त है. इसमें भी भारत इंग्लैंड का कोई विकट नहीं गिरा पाया.</p>
<p><strong>सोशल मीडिया पर यूजर्स भड़के</strong></p>
<p>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भले ही यह तंज कसा है लेकिन उनका यह ट्वीट लोगों को रास नहीं आ रहा है. सोशल मीडिया पर कई यूजर इस पर भड़के हुए हैं और पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप में भारत के बेहतरीन रिकार्ड्स का जिक्र कर रहा हैं. पाकिस्तान के ही सोशल मीडिया यूजर इस तरह ट्वीट करने पर शाहबाज शरीफ को ट्रोल कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि मुल्क में और भी समस्याएं हैं आपका ध्यान उन पर नहीं है. हालांकि सच्चाई यह भी है कि इन दोनों ही मौकों पर भारत को दस विकट से करारी शिकस्त मिली हैं.</p>
<p><strong>टीम इंडिया का सफर समाप्त</strong></p>
<p>बता दें कि फिलहाल टी20 वर्ल्ड कप 2022 में भारतीय टीम का सफर समाप्त हो गया है. गुरुवार को एडिलेड में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में टीम इंडिया को दस विकेट से हार का सामना करना पड़ा. भारत ने इंग्लैंड को जीत के लिए 169 रनों का टारगेट दिया था, जिसे उसने आसानी से हासिल कर लिया. अब फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड टीम का सामना पाकिस्तान से होगा.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/after-indias-defeat-the-prime-minister-of-pakistan-took-a-jibe-this-provoked-many-users-on-social-me						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/after-indias-defeat-the-prime-minister-of-pakistan-took-a-jibe-this-provoked-many-users-on-social-me</guid>
					<pubDate>Fri, 11 Nov 2022 00:18:11 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[बिना ब्याज के लोन चाहिए तो इस पडोसी देश में जाना होगा, जहा मिल रहा है 0% पर म‍िलेगा लोन]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>अगर आपको बैंक से सालाना 0 प्रत‍िशत (0%) पर लोन म‍िल जाए तो आप क्‍या कहेंगे. शायद यह आपके बड़ी खुशखबरी होगी. पड़ोसी मुल्‍क पाक‍िस्‍तान में जल्‍द ही यह व्‍यवस्‍था लागू की जा सकती है. पाकिस्तान के वित्त मंत्री इसहाक डार ने इस बारे में चर्चा करते हुए कहा क‍ि देश इस्लामिक कानून के तहत 2027 तक ब्याज मुक्त बैंक प्रणाली (Riba Free Banking System) की ओर बढ़ सकता है.</p>
<p><strong>सरकार के इरादे से अवगत कराया</strong></p>
<p>समाचार पत्र ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्री डार ने पांच साल में देश से ब्याज व्यवस्था खत्म करने के संघीय शरीयत अदालत (FSC) के अप्रैल के फैसले के खिलाफ अपनी अपील वापस लेने के सरकार के इरादे से अवगत कराया. उसके बाद यह घोषणा की गई. संघीय शरीयत अदालत के अनुसार पाकिस्तान में मौजूदा ब्याज वाली बैंक व्यवस्था शरीयत कानून के तहत खिलाफ है.</p>
<p><strong>इस्लामिक व्यवस्था लागू करने का पूरा प्रयास</strong></p>
<p>अखबार ने वित्त मंत्री के हवाले से लिखा है, 'प्रधानमंत्री की मंजूरी और स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) के गवर्नर के परामर्श से मैं सरकार की तरफ से घोषणा कर रहा हूं कि एसबीपी और नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान उच्चतम न्यायालय से अपने अपील वापस लेंगे. और हमारी सरकार जितनी जल्दी हो सके, देश में इस्लामिक व्यवस्था लागू करने का पूरा प्रयास करेगी.'</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि संघीय शरीयत अदालत के फैसले को लागू करने में चुनौतियां होंगी और पूरी बैंकिंग प्रणाली और उसके कामकाज को एकदम से नई व्यवस्था में तब्दील नहीं किया जा सकता. लेकिन इन सबके बावजूद सरकार ने अगले कुछ दिन में अपील को वापस लेने का निर्णय किया है और पाकिस्तान अदालत द्वारा तय समयसीमा में ब्याज मुक्त व्यवस्था की ओर बढ़ने के लिये कदम उठाए जाएंगे. शरीयत अदालत ने यह फैसला 20 साल से लंबित मामले में सुनाया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/if-you-want-a-loan-without-interest-you-will-have-to-go-to-this-neighboring-country-where-you-will-g						]]>
					</link>
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					<pubDate>Thu, 10 Nov 2022 12:00:24 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[आरोपों के बावजूद अपने करीबी को मंत्री बनाने के मामले में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने मांगी माफ़ी]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने धमकी देने के मामले में जांच जारी होने के बावजूद अपने करीबी सर गैविन विलियमसन को मंत्री बनाने पर खेद जताया है. हालांकि विलियमसन ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है लेकिन सुनक इस मामले में विपक्ष के निशाने पर हैं. विलियमसन पर कंजर्वेटिव पार्टी के अपने साथियों और सिविल सर्वेंट्स के प्रति अपमानजनक व्यवहार का आरोप है. हालांकि वह किसी भी गलत काम से इनकार करते हैं.</p>
<p><strong>विलियमसन को मंत्री बनाने से विपक्ष खफा</strong></p>
<p>ब्रिटेन के सियासी गलियारों में कुछ दिन से इस बात पर चर्चा गर्म थी कि विलियमसन को मंत्री बनाए जाने से पहले सुनक उनके बारे में क्या जानते थे. विलियमसन ने मंत्रालय सौंपे जाने से पहले ही मंगलवार रात मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. विपक्ष ने इस घटनाक्रम को सुनक की खराब समझ और नेतृत्व का सबूत करार दिया है. लेबर पार्टी के नेता केर स्टार्मर ने संसद में प्रधानमंत्री से होने वाले साप्ताहिक सवाल-जवाब के दौरान इस मामले को लेकर उनपर और दबाव बनाने का प्रयास किया. स्टार्मर ने सुनक से पूछा कि क्या उन्हें विलियमसन की नियुक्ति पर खेद है, तो सुनक ने कहा कि मुझे स्पष्ट रूप से इसका पछतावा है. मुझे किसी खास मामले के बारे में पता नहीं था. सुनक ने कहा कि यह सही हुआ कि जांच के दौरान मंत्री ने इस्तीफा दे दिया.</p>
<p><strong>विलियमसन ने दावों का किया खंडन</strong></p>
<p>विलियमसन ने अपने त्याग पत्र में कहा कि वह अपने आचरण के बारे में किए दावों का खंडन करते हैं लेकिन उन्हें लगा कि वह सरकार द्वारा किए जा रहे अच्छे काम से ध्यान भटकाने का कारण बन गए हैं इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया. विलियमसन पर आरोप है कि उन्होंने सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी की पूर्व व्हिप वेंडी मॉर्टन को संदेश भेजे थे, जिन्हें महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार के दौरान अनदेखा कर दिया गया था. 'द संडे टाइम्स' में इन आरोपों के बारे में खबर प्रकाशित होने के बाद से अन्य लोगों ने भी उनपर आरोप लगाया है कि पिछली सरकारों में मंत्री रहने के दौरान विलियमसन ने उन्हें धमकाया था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/british-prime-minister-rishi-sunak-apologized-for-making-his-close-a-minister-despite-allegations						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/british-prime-minister-rishi-sunak-apologized-for-making-his-close-a-minister-despite-allegations</guid>
					<pubDate>Thu, 10 Nov 2022 10:53:59 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[तांत्रिक के प्यार में पागल राजकुमारी ने तोडा परिवार से सम्बन्ध और छोड़े अपने सभी अधिकार]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>‘ये इश्क नहीं आसां इतना ही समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है’… जिगर मुरादाबादी की यह शायरी उन प्यार करने वालों पर फिट बैठती है, जो प्यार के लिए बड़ी कीमत चुकाने से भी पिछे नहीं हटते. समय-समय पर ऐसे मामले सामने आते रहते हैं. हाल ही में नॉर्वे के शाही परिवार से ही ऐसा मामला सामने आया है. इस बार यहां प्यार के लिए अपना सब कुछ छोड़ने वाली नॉर्वे की राजकुमारी मार्था लुईस हैं.</p>
<p><strong>प्यार के लिए सबकुछ छोड़ने को तैयार</strong></p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्वे के शाही परिवार ने मंगलवार को ऐलान किया कि राजकुमारी मार्था लुईस अपने आधिकारिक कर्तव्यों और शाही संरक्षण को छोड़ देंगी. वह ऐसा अपने प्यार के लिए करने जा रही हैं. राजकुमारी शाही परिवार से अपने सभी संबंधों को तोड़कर जादू के ताबीज बेचने वाले एक स्व-घोषित 'शामन' (तांत्रिक) के साथ रहेंगी. इस तांत्रिक का नाम ड्यूरेक वेरेट है.</p>
<p><strong>रॉयल कोर्ट ने जारी किया बयान</strong></p>
<p>इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए रॉयल कोर्ट ने कहा कि ‘मार्था लुईस अब “राजकुमारी” टाइटल का इस्तेमाल नहीं करेंगी. यही नहीं, वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट या बिजनेस में भी कहीं शाही परिवार का उल्लेख नहीं करेंगी. राजकुमारी मार्था वह सभी जिम्मेदारियां छोड़ देंगी जो उनके पास थी, अब इन्हें परिवार के अन्य सदस्य संभालेंगे.</p>
<p><strong>पहले भी विवादों में रह चुकी हैं राजकुमारी मार्था</strong></p>
<p>बता दें कि राजकुमारी मार्था लुईस पहली बार नहीं, बल्कि इससे पहले भी विवादों में रह चुकी हैं. वर्ष 2002 में उन्होंने दावा किया था कि वह एंजेल्स से बात कर सकती हैं.इसके बाद उन्होंने एक भविष्यवक्ता के रूप में काम करने का फैसला किया था. इस घोषणा की वजह से उन्हें अपना 'Her Royal Highness' खिताब गंवाना पड़ा था. अब एक बार फिर उनके फैसले ने उनसे एक और उपलब्धि छीन ली है.</p>
<p><strong>कौन है वह लड़का जिसके लिए मार्था छोड़ रहीं सबकुछ</strong></p>
<p>जिस तांत्रिक की वजह से राजकुमारी अपना सबकुछ छोड़ने को तैयार हैं, उसका नाम ड्यूरेक वेरेट है. वेरेट एक तथाकथित 'छठी पीढ़ी का तांत्रिक' होने का दावा करता है. वह एक वर्चुअल बातचीत के लिए 1500 डॉलर की फीस चार्ज करता है. वह कथित तौर पर ग्वेनिथ पाल्ट्रो और एंटोनियो बैंडेरस जैसी हस्तियों के साथ काम कर चुका है.</p>
<p><strong>मीडिया बुलाती है 'ठग'</strong></p>
<p>बेशक वेरेट खुद को तांत्रिक बताता है, लेकिन वहां की मीडिया उसे ठग बताती है. वेरेट अपनी वेबसाइट का यूज 'जादुई ताबीज' बेचने के लिए करते हैं. अपने ताबीज से कोरोना वायरस के इलाज का दावा करने वाले वेरेट को नॉर्वे की मीडिया में 'ठग' कहा जाता है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-princess-who-was-madly-in-love-with-the-tantrik-broke-the-relationship-with-the-family-and-gave-						]]>
					</link>
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					<pubDate>Thu, 10 Nov 2022 10:22:41 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी नीरव मोदी को भारत लाया जायेगा, ब्रिटेन अदालत ने किया रास्ता साफ]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>लंदन की उच्च न्यायालय ने बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) कर्ज घोटाले के मामले में करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी करने तथा काले धन को सफेद बनाने के आरोपों का सामना करने के लिए हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दे दिया. न्यायाधीश जेरेमी स्टुअर्ट-स्मिथ और न्यायाधीश रॉबर्ट जे ने फैसला सुनाया. उन्होंने इस साल की शुरुआत में नीरव की अपील पर सुनवाई की अध्यक्षता की थी.</p>
<p><strong>नीरव मोदी ने की थी अपील</strong></p>
<p>दक्षिण-पूर्व लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद 51 वर्षीय नीरव को गत फरवरी में जिला न्यायाधीश सैम गूजी की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत की प्रत्यर्पण के पक्ष में दी गयी व्यवस्था के खिलाफ अपील करने की अनुमति दी गयी थी.</p>
<p>उच्च न्यायालय में अपील पर सुनवाई की अनुमति दो आधार पर दी गयी थी. यूरोपीय मानवाधिकार समझौते (ईसीएचआर) के अनुच्छेद 3 के तहत यदि नीरव की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसका प्रत्यर्पण अनुचित या दमनकारी है तो दलीलों पर सुनवाई करने की अनुमति थी और मानसिक सेहत से ही संबंधित प्रत्यर्पण अधिनियम 2003 की धारा 91 के तहत इसकी अनुमति दी गयी.</p>
<p>नीरव पर दो मामले हैं. एक धोखाधड़ी से ऋण समझौता करके या सहमति-पत्र हासिल करके पीएनबी के साथ बड़े स्तर पर जालसाजी करने से संबंधित मामला जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच कर रहा है और दूसरा उस धोखाधड़ी से प्राप्त काले धन को सफेद में बदलने से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच वाला मामला है. उस पर साक्ष्यों को गायब करने और गवाहों को डराने-धमकाने के दो अतिरिक्त आरोप भी हैं जो सीबीआई के मामले में जोड़े गये.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/two-billion-dollar-fraud-accused-nirav-modi-will-be-brought-to-india-uk-court-clears-the-way						]]>
					</link>
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					<pubDate>Thu, 10 Nov 2022 10:15:00 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ब्रिटेन के किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला पर प्रदर्शनकारी ने फेंका अंडा, वायरल वीडियो से सामने आया सच]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>ब्रिटेन (UK) के यॉर्क इलाके में किंग चार्ल्स (King Charles) और क्वीन कैमिला (Queen Camilla) पर एक प्रदर्शनकारी ने अंडा फेंका तो वहां मौजूद लोग हक्का-बक्का रह गए. आपको बताते चलें कि हल्की फुल्की नारेबाजी के बीच जैसे ही किंग चार्ल्स के कपड़ों से अंडा टच हुआ तब कुछ पलों के लिए अफरातफरी का माहौल देखने को मिला. लेकिन जल्द ही हालात एकदम सामान्य हो गए.  </p>
<p><strong>वायरल हुआ वीडियो</strong></p>
<p>आपको बता दें कि किंग चार्ल्स उत्तरी इंग्लैंड के दो दिवसीय दौरे पर कुछ आयोजनों में हिस्सा लेने वहां पहुंचे थे. इसी बीच एक पारंपरिक समारोह के शुरू होने से पहले ब्रिटिश किंग और क्वीन को निशाना बनाते हुए उन पर अंडा फेंका गया था. रॉयल कपल इस घटना से भले ही बेफिक्र दिखे हों, पर दूसरी ओर उनके फैंस के शिकायत करने से पहले ही स्थानीय पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया. अब इसी पूरे घटनाक्रम का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में आवाज भी सुना जा सकता है कि भीड़ 'गॉड सेव द किंग' के नारे लगा रही है और अंडे फेंकने वाले को लोग शेम ऑन यू कहते हुए अपनी भड़ास निकाली.</p>
<p>ब्रिटिश न्यूज़ वेबसाइट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, घटना में किंग चार्ल्स और उनकी पत्नी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. कहा जा रहा है कि उनको निशाना बनाते हुए चार अंडे फेंके गए थे. फुटेज में चार अंडे किंग चार्ल्स के पास से उड़ते हुए और उनके बगल में जमीन पर टूटते हुए दिखाई दे रहे हैं. वहीं स्थानीय पुलिस ने पुष्टि की है कि 23 वर्षीय व्यक्ति को सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.</p>
<p><strong>कौन है आरोपी?</strong></p>
<p>पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया प्रदर्शनकारी पैट्रिक थेलवेल 2019 के स्थानीय चुनावों ग्रीन पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ चुका है. फिलहाल ये सीट लेबर पार्टी के पास है. आरोपी यूनिवर्सिटी ऑफ़ यॉर्क गार्डनिंग सोसाइटी का अध्यक्ष भी रह चुका है. वो एक ब्लॉग पर नियमित रूप से जलवायु परिवर्तन के बारे में लिखता रहता है.</p>
<p><strong>ट्वीट कर जताया था विरोध</strong></p>
<p>आरोपी ने इससे पहले रिपब्लिकन भावनाओं को व्यक्त करते हुए ट्वीट किया था कि जब रानी की मृत्यु हो जाएगी तब वह 'नए झूठे राजा के सामने नहीं झुकेगा'. आरोपी पहले लंदन ब्रिज और प्रिंटिंग प्रेस की ओर जाने वाली रोड को ब्लॉक करने वाले कई धरने-प्रदर्शनों में शामिल हो चुका है. हालांकि तब तत्कालीन पीएम बोरिस जॉनसन ने उसके स्टंट को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/protester-throws-egg-at-britains-king-charles-and-queen-camilla-truth-revealed-from-viral-video						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/protester-throws-egg-at-britains-king-charles-and-queen-camilla-truth-revealed-from-viral-video</guid>
					<pubDate>Thu, 10 Nov 2022 10:07:21 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[6 घंटे में 4 बार भूकंप से थर्राया नेपाल, भारत और चीन में भी महसूस किए गए झटके]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>दिल्ली-एनसीआर मंगलवार देर रात भूकंप के तेज झटकों से हिल गए. भूकंप का केंद्र नेपाल में था, जहां छह लोगों के मरने की खबर है. स्‍थानीय पुलिस के मुताबिक नेपाल के डोटी (Doti) जिले में एक मकान ढहने से छह लोगों की मौत हो गई. नेपाल और मणिपुर में 6.3 तीव्रता वाले भूकंप के झटके देर रात 1 बजकर 57 मिनट पर महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप की गहराई जमीन से 10 किमी नीचे थी.</p>
<p>देर रात आए इस भूकंप के बाद लोग दहशत में आ गए और घरों से बाहर निकलकर खड़े हो गए. लोगों को आफ्टर शॉक का खतरा भी सता रहा था. लखनऊ और दिल्ली में करीब 5.7 तीव्रता वाले भूकंप के झटके लगे. </p>
<p>रात को सो रहे लोगों के बेड और सीलिंग फैन अचानक हिलने लगे, जिसके बाद खौफ पसर गया. लोग फोन कर अपनों की खैरियत पूछने लगे. जानकारी के मुताबिक 6.3 तीव्रता वाले इस भूकंप का सबसे ज्यादा असर नेपाल में पड़ने की आशंका जताई जा रही है. नेपाल, भारत के अलावा चीन में भी भूकंप के झटके लोगों ने महसूस किए. </p>
<p><strong>नेपाल में 6 घंटे में 4 बार भूकंप</strong></p>
<p>नेपाल में धरती लगातार कांप रही है. पिछले 5 घंटे में वहां 3 भूकंप आ चुके हैं. पहला रात 8 बज कर 52 मिनट पर आया था, जिसकी तीव्रता 4.9 थी. दूसरा 3.5 तीव्रता वाला भूकंप रात 9 बज कर 41 मिनट पर आया. इसके बाद देर रात 1 बज कर 57 मिनट पर तीसरी बार भूकंप के झटके लगे. नेपाल में रात 2.12 बजे आए एक और भूकंप से डोटी जिले में एक घर गिर गया, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई. इससे पहले 5 से कम तीव्रता के भूकंप पिछले 24 घंटे में आ चुके हैं, जिसका केंद्र नेपाल और मिजोरम रहे हैं. दिल्ली सिस्मिक जोन 4 में है. यहां 5 से ऊपर का भूकंप इमारतों के लिए खतरनाक माना जाता है. देर रात आए भूकंप की तीव्रता 6.3 थी. लिहाजा दिल्ली के लिए ये भूकंप बड़े खतरे की घंटी जैसा था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/earthquake-trembled-4-times-in-6-hours-tremors-were-also-felt-in-nepal-india-and-china						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/earthquake-trembled-4-times-in-6-hours-tremors-were-also-felt-in-nepal-india-and-china</guid>
					<pubDate>Thu, 10 Nov 2022 02:17:39 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[अंतिम सांसे गईं रही माँ ने बेटे लिए किया ये काम कि बेटे के भी आँसू निकल आए]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>रोज हम सभी सोशल मीडिया पर तरह-तरह के वायरल वीडियो देखते हैं. कुछ वीडियो दर्शकों को हंसाते हैं तो कुछ सोचने पर मजबूर कर देते हैं. इन दिनों चीन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर हर किसी के आंखों में पानी आ जाएगा. यह वीडियो एक मां और बेटे का है. इसे देखकर आप समझ सकते हैं कि मां और बेटे का रिश्ता कितना पवित्र होता है. इस वीडियो को जिसने भी देखा सभी का गला भर गया.</p>
<p><strong>क्या है इस वीडियो?</strong></p>
<p>कैंसर से लड़ना हर किसी के बस की बात नहीं है. कैंसर से पीड़ित मरीज को हर सेकेंड मौत का डर सताता रहता है. कोई लोग अपने ऊपर भरोसा रखते हैं और मौत को मात देने में कामयाब हो जाते हैं. बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो चीन का है जिसे डेंग नाम के एक शख्स ने पोस्ट किया है. देखते ही देखते यह दुनियाभर में ये वायरल हो गया. इस वीडियो में कैंसर से पीड़ित एक मां अपने बेटे के लिए आखिरी बार खाना बना रही है. यह डेंग की ही मां है. खबरों की मानें तो 20 साल के डेंग की मां की मौत नवंबर के शुरुआत में ही हो गई है. यह वीडियो डेंग की मां के मौत के पहले का है.</p>
<p><strong>डेंग ने मां को बताया</strong></p>
<p>डेंग ने कहा कि उसकी मां बहुत बहादूर थी. उसकी मां ने कैंसर की बात घर में किसी को भी नहीं बताई. वह अंदर से काफी मजबूत थी. डेंग ने बताया कि मां ने इस डर से लोगों को कुछ नहीं बताया कि घर के लोगों को चिंता होगी. एक दिन की बात है जब डेंग की मां ने उससे अचानक से पूछा कि उसे क्या खाना है. उसके बाद वह बाजार से सामान लाती हैं और डेंग के लिए खाना बनाने लगती हैं. मां को ऐसे खाना बनाते देख डेंग दूसरे कमरे में जाकर रोने लगाता है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/the-mother-who-passed-away-did-this-work-for-the-son-that-even-the-sons-tears-came-out						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/the-mother-who-passed-away-did-this-work-for-the-son-that-even-the-sons-tears-came-out</guid>
					<pubDate>Tue, 08 Nov 2022 01:56:18 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[आखिर ईरान ने माना कि उसने रूस यूक्रेन युद्ध में रूस को ड्रोन दिए]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>ईरान ने पहली बार स्वीकार किया है कि उसने रूस को ड्रोन दिए हैं. हालांकि, इस्लामिक रिपब्लिक ने जोर देकर कहा है कि रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण शुरू करने से पहले ड्रोन की आपूर्ति की गई थी. ईरान लंबे समय से रूस को हथियार भेजने के अंतरराष्ट्रीय आरोपों का सामना कर रहा है.</p>
<p>ईरान सरकार की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA के हवाले से विदेश मंत्री विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दोल्लाहियां ने कहा, ‘हमने यूक्रेन युद्ध से कुछ महीने पहले रूस को सीमित संख्या में ड्रोन की आपूर्ति की थी.’ बता दें ईरान बार-बार यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल के लिए रूस को हथियारों की आपूर्ति करने के आरोपों से इनकार करता रहा है.</p>
<p><strong>‘पिछले हफ्ते यूक्रेन के विदेश मंत्री से बात हुई’</strong></p>
<p>अमीर अब्दोल्लाहियां ने कहा, ‘पिछले हफ्ते यूक्रेन के विदेश मंत्री के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में,  हम इस बात पर सहमत हुए कि अगर (मास्को द्वारा ईरानी ड्रोन के इस्तेमाल के) सबूत हैं, तो वह हमें मुहैया कराएंगे.‘</p>
<p>तेहरान में एक बैठक के इतर ईरान के शीर्ष राजनयिक ने कहा, "हम यूक्रेन के विदेश मंत्री से सहमत हैं कि अगर उनके पास यूक्रेन में ईरानी ड्रोन के रूस द्वारा उपयोग पर कोई दस्तावेज है, तो उन्हें हमें प्रदान करना चाहिए." उन्होंने कहा, "अगर यूक्रेनी पक्ष अपना वादा पूरा करता है, तो हम आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं और हम उनके सबूतों को ध्यान में रखेंगे."</p>
<p><strong>मिसाइलों की आपूर्ति से किया इनकार</strong></p>
<p>हालांकि, ईरानी मंत्री ने फिर से इनकार करने किया कि उनके देश ने रूस को मिसाइलों की आपूर्ति की थी. उन्होंने इन आरोपों को ‘पूरी तरह से झूठा’ बताया. वाशिंगटन पोस्ट ने 16 अक्टूबर को बताया कि ईरान रूस को मिसाइल भेजने की तैयारी कर रहा है. यूक्रेन का दावा है कि लगभग 400 ईरानी ड्रोन पहले ही उसकी नागरिक आबादी के खिलाफ इस्तेमाल किए जा चुके हैं. कीव ने यह भी कहा है कि रूस ने करीब 2000 ऐसे ड्रोन का ऑर्डर दिया है.</p>
<p>यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम ने तीन ईरानी जनरलों और एक हथियार फर्म पर रूस को ड्रोन की आपूर्ति करने का आरोप लगाया है. सितंबर में, कीव ने देश में कथित हथियारों की शिपमेंट्स के कारण तेहरान के साथ राजनयिक संबंधों को काफी कम करने का फैसला किया.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/after-all-iran-admitted-that-it-gave-drones-to-russia-in-the-russia-ukraine-war						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/after-all-iran-admitted-that-it-gave-drones-to-russia-in-the-russia-ukraine-war</guid>
					<pubDate>Sun, 06 Nov 2022 01:34:56 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[56 साल की माँ ने सरोगेसी की मदद से बेटे और बहू के बच्चे को जन्म दिया]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपको सरोगेसी की कई कहानियां मिल जाएंगी. ऐसा ही एक घटना अमेरिका में साने आई है जहां एक महिला ने सरोगेट बन और अपने बेटे और बहू के बच्चे को जन्म दिया. महिला की बहू हिस्टेरेक्टॉमी (गर्भाशय के सभी या एक हिस्से को हटाने के लिए एक सर्जिकल ऑपरेशन) से गुजरने के कारण बच्चे को जन्म देने में असमर्थ थी.</p>
<p>जेफ हॉक की 56 वर्षीय मां नैन्सी हॉक ने जब उनके और उनकी पत्नी कंब्रिया के सामने सरोगेट की जिम्मेदारी उठाने का विकल्प रखा, तो उन्होंने इसे एक संभावना के रूप में नहीं लिया. हालांकि,  यह विकल्प काम कर गया और नैंसी ने दंपति के पांचवें बच्चे को जन्म दिया - एक बेटी.</p>
<p>हॉक, जो एक वेब डेवलपर हैं, ने पूरे अनुभव को "एक सुंदर क्षण" कहा. उन्होंने कहा, ‘कितने लोग अपनी मां को जन्म देते हुए देख पाते हैं." रिपोर्ट में कहा गया है कि नैन्सी हॉक बच्चा पैदा करने की नई भावनाओं का सामना कर रही हैं, लेकिन बच्चे को अपने साथ घर नहीं ला रही हैं.</p>
<p><strong>‘छोटी बच्ची का रखा गया नाम’</strong></p>
<p>छोटी बच्ची का नाम भी हन्ना रखा गया है. मिस्टर हॉक ने कहा कि उनकी मां आधी रात को उठी और एक आवाज सुनी जो कह रही थी "मेरा नाम हन्ना है." कंबीरा ने बताया कि ‘नैन्सी नाम हन्ना से आया है. उन दोनों का अर्थ अनुग्रह है.’ रिपोर्ट के मुताबिक यूटा टेक यूनिवर्सिटी में काम करने वाली दादी को विश्वास हो गया था कि बच्चा लड़की ही होगी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/56-year-old-mother-gives-birth-to-son-and-daughter-in-law-with-the-help-of-surrogacy						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/56-year-old-mother-gives-birth-to-son-and-daughter-in-law-with-the-help-of-surrogacy</guid>
					<pubDate>Sun, 06 Nov 2022 01:30:15 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तान के इस्लामाबाद में लॉकडाउन, इमरान पर हमले के बाद उठाया ये कदम]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) को पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) अध्यक्ष इमरान खान (Imran Khan) पर गुजरांवाला में गुरुवार को हुए जानलेवा हमले के बाद सील कर दिया गया है. शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) सरकार ने आदेश दिया है कि अगले आदेश तक इस्लामाबाद में लॉकडाउन (Lockdown In Islamabad) रहेगा. हालांकि, इस्लामाबाद में लॉकडाउन के दौरान जरूरी सेवाओं पर रोक नहीं रहेगी. पानी की सप्लाई, राशन की सप्लाई और मेडिकल सेवाएं आदि जारी रहेंगी.</p>
<p><strong>पैर में गोली लगने से घायल हुए इमरान</strong></p>
<p>बता दें कि गुरुवार शाम को पाकिस्तान के गुजरांवाला में पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान पर हमलावरों ने फायरिंग की थी. इस दौरान इमरान खान के पैर में गोली लग गई थी. उनका इलाज अस्पताल में जारी है. घटना के बाद इमरान खान के समर्थकों में काफी रोष हैं. इमरान खान की पार्टी की तरफ से कहा गया है कि इमरान खान ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राना सनाउल्लाह और एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी का हाथ हमले के पीछे होने का शक जताया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/lockdown-in-islamabad-pakistan-this-step-was-taken-after-the-attack-on-imran						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/lockdown-in-islamabad-pakistan-this-step-was-taken-after-the-attack-on-imran</guid>
					<pubDate>Fri, 04 Nov 2022 12:05:29 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[रैली के दौरान गोली लगने से इमरान खान हुए घायल]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के ऊपर पंजाब प्रांत के वजीराबाद में हमला हुआ, जिसमें वह घायल हो गए हैं. उनके पैर में गोली लगी है. इमरान खान पर ये हमला आजादी मार्च के दौरान हुआ है. हमले में एक शख्स की मौत हो गई है, जबकि 5 लोग घायल हो गए हैं. इमरान खान के हमले के बाद अब पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने बयान दिया है. </p>
<p><strong>शोएब अख्तर ने दिया ये बयान </strong></p>
<p>शोएब अख्तर ने इमरान खान के हमले के बाद कहा, 'इमरान भाई पर हमले के बारे में सुना. अभी वह ठीक हैं और अल्लाह उनको महफूज रखें. मैं हमले की कड़ी निंदा करता हूं. जिसने भी ये हरकत की है ये चीजें इस मुल्क में बंद होनी चाहिए. दिल अभी इतना ताकतवर नहीं रहा है कि बुरी खबरें सुनी जा सकें. अल्लाह हमारे मुल्क को हिफाजत में रखे. सब ड्रॉमा बंद होना चाहिए हमें किसी निष्कर्ष पर पहुंचना होगा.' </p>
<p><strong>रैली के दौरान लगी गोली </strong></p>
<p>इमरान खान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के वजीराबाद इलाके में मार्च निकाल रहे थे. उसी समय उन पर फायरिंग की गई. इससे वह घायल हो गए और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया. फिलहाल उन्हें सुरक्षित बताया जा रहा है. वहीं, घायल हुए उनके एक सपोर्टर की अस्पताल में मौत हो गई. </p>
<p><strong>1992 में दिलाया था वर्ल्ड कप </strong></p>
<p>इमरान खान की गिनती दुनिया के महानतम ऑलराउंडर्स में होती है. उनकी कप्तानी में ही पाकिस्तान टीम ने साल 1992 में वर्ल्ड कप का खिताब जीता था. उन्होंने तीन शादियां की हैं और वह पाकिस्तान तहरीके इंसाफ (PTI) पार्टी के चीफ हैं. उन्होंने अपने दम पर पाकिस्तानी टीम को कई मैच जिताए हैं. इमरान खान ने पाकिस्तान की तरफ से 88 टेस्ट मैचों में 362 विकेट और 3807 रन बनाए हैं. वहीं, 175 वनडे मैचों में 182 विकेट और 3709 रन बनाए हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/imran-khan-injured-after-being-shot-during-rally						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/imran-khan-injured-after-being-shot-during-rally</guid>
					<pubDate>Fri, 04 Nov 2022 02:18:18 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पाकिस्तान की साजिश को लेकर बड़ा खुलासा: भारत में अशांति फैलाने लिए पाकिस्तान खालिस्तानी समर्थकों और आतंकियों को दे रहा मदद]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>खालिस्तान पर पाकिस्तान की साजिश को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने दुनिया के अलग-अलग देशों में रह रहे खालिस्तानी समर्थकों के जरिये भारत से पंजाब को अलग करने की साजिश में लगा हुआ है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) खालिस्तानी आतंकियों के साथ पाकिस्तान के लाहौर में कई बैठक कर चुकी है. पाकिस्तान ने दुनिया भर में मौजूद अपने दूतावासों और हाई कमीशन के जरिये खालिस्तानी समर्थकों और आतंकियों को मदद करने के साथ-साथ उन्हें फंडिंग और हथियार भी मुहैया करा रही है जिससे भारत में अशांति फैलाई जा सके.</p>
<p>सैकड़ों की संख्या में फेक ट्विटर हैंडल</p>
<p>सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने सैकड़ों की संख्या में फेक ट्विटर हैंडल बनाये हैं, जिनके जरिये खालिस्तान रेफरेंडम (Khalistan Referendum) वाली साजिश रची जा रही है. सोशल मीडिया पर खालिस्तान के समर्थन वाले 1450 घोस्ट ट्विटर एकाउंट (Ghost Twitter Account) की जानकारी मिली है जिनके फॉलोवर ज़ीरो हैं.</p>
<p>खालिस्तान से जुड़े हैशटैग को सोशल मीडिया पर ट्रेंड कराने के लिए ऐसे Ghost Twitter Account का सहारा खालिस्तानी ग्रुप लेते हैं. यही नहीं पिछले महीने 10 सिंतबर से 10 अक्टूबर के बीच में खालिस्तान रेफरेंडम के समर्थन में 29032 ट्वीट किये गये, जिन्हें दुनिया भर में 7826 लोगों ने रिट्वीट किया. साथ ही इसी महीने खालिस्तान के समर्थन में 334 नये ट्विटर अकाउंट भी बनाये गये. सुरक्षा एजेंसी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक खालिस्तान को हवा देने के लिए पाकिस्तान की आईएसआई लगातार खालिस्तानी आतंकियों और खालिस्तानी समर्थकों के संपर्क में हैं. </p>
<p>पाकिस्तान से रची जा रही साजिश</p>
<p>जिन ट्विटर अकाउंट से खालिस्तान के समर्थन में ट्वीट किये गये उनमें से ज्यादातर ट्विटर एकाउंट से हिजाब बैन, पाकिस्तान सेना, कश्मीर से जुड़े हैशटैग वाले ट्वीट भी किये गये. जानकारी के मुताबिक खालिस्तान के समर्थन वाले ज्यादातर ट्विटर अकाउंट पाकिस्तान से ऑपरेट किये जा रहे हैं और कई खालिस्तानी ट्विटर अकाउंट को पाकिस्तान से ट्रेंड कराया जा रहा है. पाकिस्तान की आईएसआई कनाडा, जर्मनी, अमेरिका और ब्रिटेन में बैठे खालिस्तानियों को खुला समर्थन दे रही है. पाकिस्तानी सेना के कई रिटायर्ड अधिकारी लगातार खालिस्तान रेफरेंडम के समर्थन में अपने ट्विटर अकाउंट से पोस्ट कर रहे हैं.</p>
<p>देश में बैन हुए ये मोबाइल ऐप</p>
<p>खालिस्तान रेफरेंडम को सफल बनाने के लिए खालिस्तानी फेसबुक,यू-ट्यूब के साथ-साथ मोबाइल ऐप की भी मदद ले रहे हैं. भारत सरकार ने “2020 Sikh Referendum” से जुड़े मोबाइल ऐप को देश में बैन कर दिया है लेकिन दुनिया के कई देशों में ये मोबाइल ऐप एक्टिव है जिसके जरिये खालिस्तान का एजेंडा चलाया जा रहा है. पंजाब और कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान ने बड़ी साजिश रची है. ख़ुफ़िया एजेंसीज़ के मुताबिक  पाकिस्तान की ISI कश्मीर और खालिस्तानी आतंकियों को एक साथ मिलाकर भारत में आपनी आंतकी गतिविधियों को तेज़ करने को कहा है. </p>
<p>आतंकियों के साथ कई राउंड की मीटिंग</p>
<p>विदेशों में रह रहे खालिस्तानी समर्थकों और कश्मीरी  अलगावादियो को एक साथ जोड़ने की भी कोशिश की जा रही है . यूके ,कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन और दूतावासों के जरिये पाकिस्तान इन ग्रुप्स को मजबूत करने में लगा हुआ है. पाकिस्तान में रह रहे खालिस्तानी आतंकियों और कश्मीरी आतंकियों को प्लान K-2 के तहत जोड़ा जा रहा है इसके लिए पाकिस्तान की आइएसआई ने इन आतंकियों के बीच कई राउंड की मीटिंग में करा चुकी है. पिछले दिनों  पाकिस्तान से मैच हारने के बाद क्रिकेटर अर्शदीप सिंह के खिलाफ पाकिस्तान ने सोशल मीडिया पर खालिस्तान बताने वाले ट्वीट किए. ज़ी मीडिया को मिली जानकारी के मुताबिक अर्शदीप सिंह के खिलाफ पाकिस्तान की ISPR ने पाकिस्तानी सोशल मीडिया आर्मी की मदद से अर्शदीप सिंह के खिलाफ हज़ारों की संख्या में ट्वीट कराए. </p>
<p>पंजाब के सिखों को भड़काया जा रहा</p>
<p>इनमें से कुछ ट्वीट पाकिस्तान से किये गए और कुछ ट्वीट फेक ट्विटर हैंडल से किये गए. पाकिस्तान की ISPR ने इस तरह से ट्वीट किए जिससे ये लगे कि ये अर्शदीप सिंह के खिलाफ ये आम भारतीयों का गुस्सा है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक भारत के खिलाफ खालिस्तानी साजिश को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान ने खालिस्तानियों ग्रुप का इस्तेमाल किया जिससे पंजाब में रह रहे सिखों को भारत के खिलाफ भड़काया जा सके और देश मे दंगा कराया जा सके. जानकारी के मुताबिक साजिश को अंजाम देने के लिए विदेशों में रह रहे पाकिस्तानियो की मदद से भी अर्शदीप सिंह के खिलाफ खालिस्तान वाले ट्वीट कराए गए. सूत्रों के मुताबिक अर्शदीप सिंह की तरफ से पाकिस्तानी क्रिकेटर का कैच गलती से छूटने के तुरंत बाद ISI ने  अपनी सोशल मीडिया आर्मी की मदद से खालिस्तान से जुड़े कई हैशटैग बनाये और पाकिस्तानियों की मदद से इस पर पोस्ट कराए गए जिससे कुछ ही देर में ये सभी ट्वीट्स ट्रैंड करने लगे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/big-disclosure-about-pakistans-conspiracy-pakistan-is-giving-help-to-khalistani-supporters-and-terro						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/big-disclosure-about-pakistans-conspiracy-pakistan-is-giving-help-to-khalistani-supporters-and-terro</guid>
					<pubDate>Fri, 04 Nov 2022 01:41:28 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इमरान खान को अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब पार्टी अध्यक्ष पद भी खतरे में, कोर्ट ने मंजूर की ये याचिका]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>लाहौर हाईकोर्ट ने तोशाखाना मामले में अयोग्य ठहराए जाने के बाद इमरान खान को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने की मांग वाली एक याचिका सुनवाई के लिए बुधवार को मंजूर कर ली. रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को सुनवाई की अध्यक्षता जस्टिस मुहम्मद साजिद महमूद सेठी करेंगे.</p>
<p>पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) ने 21 अक्टूबर को अनुच्छेद 63 (1) (पी) के तहत तोशाखाना संदर्भ में खान को अयोग्य घोषित कर दिया था. इसके बाद 24 अक्टूबर को ईसीपी ने उन्हें 'तत्काल प्रभाव' से एनए-95 के बजाय एमएनए के रूप में अधिसूचित किया था. एडवोकेट मोहम्मद अफाक की ओर से पेश याचिका में इमरान, ईसीपी, फेडरेशन और पाकिस्तान की सरकार और अन्य का प्रतिवादी के तौर पर जिक्र किया गया है.</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका में तर्क दिया गया है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1976 और राजनीतिक दल आदेश (पीपीओ) 2002 के अनुसार, पार्टी पदाधिकारियों के लिए संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के अनुसार योग्य होना एक कानूनी जरूरत है.</p>
<p>याचिका में कहा गया कि एनए-95 निर्वाचन क्षेत्र से खान की अयोग्यता के बाद उन्हें पीटीआई अध्यक्ष के रूप में गैर-अधिसूचित किया जाना सही है और इस संबंध में एक आदेश जारी किया जाना चाहिए. इसमें कहा गया कि खान को पार्टी के मुखिया पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है, क्योंकि यह पीपीओ का उल्लंघन है. याचिका में यह भी मांग की गई है कि ईसीपी अध्यक्ष को पीटीआई के नए अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए आदेश देना चाहिए.</p>
<p>ईसीपी ने अक्टूबर में तोशाखाना के संदर्भ में इमरान को अयोग्य घोषित कर दिया था. फैसले में कहा गया था कि पूर्व प्रधानमंत्री ने उन्हें मिले उपहारों के बारे में 'झूठे बयान दिए थे और गलत घोषणाएं' की थीं. तोशाखाना कैबिनेट डिवीजन के प्रशासनिक नियंत्रण में एक विभाग है, जो शासकों, सांसदों, नौकरशाहों और अधिकारियों को दूसरे राज्यों की सरकारों और राज्यों के प्रमुखों और विदेशी गणमान्य हस्तियों की ओर से दिए गए कीमती उपहारों का कलेक्शन रखता है. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, तोशाखाना नियमों के अनुसार, जिन लोगों पर ये नियम लागू होते हैं, उन्हें उपहार और अन्य ऐसी सामग्री हासिल होने पर इसकी सूचना कैबिनेट डिवीजन को देनी पड़ती है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/after-disqualification-of-imran-khan-now-the-post-of-party-president-is-also-in-danger-the-court-app						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/after-disqualification-of-imran-khan-now-the-post-of-party-president-is-also-in-danger-the-court-app</guid>
					<pubDate>Thu, 03 Nov 2022 08:58:44 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सऊदी अरब पर छाया युद्ध का साया, इस देश से है खतरा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>रूस और यूक्रेन के बीच कई महीनों से युद्ध (Russia-Ukraine War) जारी है और इस बीच सऊदी अरब (Saudi Arabia) पर खतरा मंडराने लगा है. सऊदी अरब ने अमेरिका के साथ एक खुफिया जानकारी साझा की है और बताया है कि सऊदी अरब में ईरान कई टारगेट पर हमला कर सकता है. सऊदी और अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है और बताया है कि इसके बाद खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है.</p>
<p><strong>48 घंटे में ईरान कर सकता है हमला</strong></p>
<p>खुफिया जानकारी साझा करने की पुष्टि करने वाले अधिकारियों में से एक ने बताया कि ईरान (Iran) 'जल्द ही या 48 घंटों के भीतर' हमला कर सकता है. अधिकारियों ने कहा खुफिया जानकारी सामने आने के बाद सऊदी अरब, अमेरिका और कई अन्य पड़ोसी देशों ने अपने सैन्य बलों के लिए अलर्ट का स्तर बढ़ा दिया है. हालांकि, अधिकारियों ने इस बात की जानकारी नहीं दी कि सऊदी अरब (Saudi Arabia) को यह जानकारी कैसे मिली.</p>
<p><strong>रक्षा और बचाव का अधिकार सुरक्षित रखते हैं: US</strong></p>
<p>सऊदी द्वारा साझा की गई खुफिया रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर पेंटागन के प्रेस सचिव ब्रिगेडियर जनरल पैट्रिक राइडर ने कहा कि अमेरिकी सैन्य अधिकारी खतरे की स्थिति के बारे में चिंतित हैं. राइडर ने कहा, 'सऊदी अरब से मिली जानकारी को लेकर हम अपने सऊदी भागीदारों के साथ नियमित संपर्क में हैं. लेकिन, जो हमने पहले कहा है मैं इसे दोहराऊंगा. वह यह है कि हम अपनी रक्षा और बचाव का अधिकार सुरक्षित रखते हैं. चाहे हमारी सेना इराक में या कहीं और सेवा कर रही हो.'</p>
<p><strong>सऊदी पर लगाया प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप</strong></p>
<p>बता दें कि ईरान में हिजाब से जुड़ा प्रदर्शन चल रहा है और अब तक 200 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. ईरान ने सऊदी अरब पर अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर सऊदी में इन प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया है. पिछले महीने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर ने सऊदी अरब को विरोध प्रदर्शन की टीवी कवरेज पर लगाम लगाने के लिए चेतावनी दी थी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/shadow-war-on-saudi-arabia-this-country-is-in-danger						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/shadow-war-on-saudi-arabia-this-country-is-in-danger</guid>
					<pubDate>Wed, 02 Nov 2022 23:21:19 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[चीन में कोविड के फिर से फैलने के साथ ही लॉकडाउन जैसे सख्त प्रतिबंध लगे]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>चीन में कोविड के फिर से फैलने के साथ ही सरकार लॉकडाउन जैसे सख्त प्रतिबंध लगा रही है. इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक कोरोना मरीज को क्रेन की मदद हवा में लहराते हुए एक जगह से दूसरे जगह ले जाया जा रहा है. इस वीडियो को अब तक 2 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं.</p>
<p>यह वीडियो एक खिड़की से रिकॉर्ड किया गया लगता है. इसमें दिखाया गया है कि अधिकारी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए क्रेन से एक व्यक्ति को सावधानी से उठाते और ले जाते हैं. बताया जा रहा है कि यह आदमी कोरोना से संक्रमित है और उसे समुदाय से अलग ले जाने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया गया.</p>
<p>बता दें इस हफ्ते संपन्न हुए सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के अधिवेशन में राष्ट्रपति शी चिनफिंग के तीसरे कार्यकाल को मंजूरी दी गई, जिसके बाद से चीन ने कोविड-19 के प्रति अपनाई गई बेहद सख्त जीरो कोविड पॉलिसी से पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है.</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के कई शहरों में सख्त लॉकडाउन लगा हुआ है. इस बीच देश के सबसे बड़े शहर शंघाई के यांगपु जिले में सभी 13 लाख निवासियों की शुक्रवार को कोविड-19 जांच का आदेश दिया गया और कम से कम इसके नतीजे आने तक उन्हें अपने घरों के अंदर रहने को कहा गया है.</p>
<p>उल्लेखनीय है कि गर्मियों के मौसम में 2.5 करोड़ की आबादी वाले शहर में दो महीने का लॉकडाउन लागू होने के कारण अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा था. खाद्य सामग्री की कमी हो गई थी और निवासियों एवं अधिकारियों के बीच टकराव देखने को मिले थे.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/with-the-re-spread-of-kovid-in-china-strict-restrictions-like-lockdown-were-imposed						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/with-the-re-spread-of-kovid-in-china-strict-restrictions-like-lockdown-were-imposed</guid>
					<pubDate>Sun, 30 Oct 2022 10:10:46 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[साउथ कोरिया में हैलोवीन पार्टी के दौरान दर्दनाक हादसा, हार्ट अटैक से 146 की दर्दनाक मौत]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>साउथ कोरिया की राजधानी सियोल में दर्दनाक हादसे की खबर आई है. सियोल में हैलोवीन पार्टी (Halloween Party) के दौरान हार्ट अटैक पड़ने से 100 से ज्यादा लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. एएनआई ने योनहाप समाचार एजेंसी के हवाले से बताया कि दक्षिण कोरिया में हैलोवीन भगदड़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 146 हो गई है. जिसमें 150 लोग घायल हुए हैं. स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में पैक्ड हैलोवीन पार्टी के दौरान यह भगदड़ हुई. इस हैलोवीन पार्टी में एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे. हताहतों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है. हैलोवीन मनाने के लिए दक्षिण कोरियाई राजधानी के मध्य जिले में भारी भीड़ के आने के बाद भगदड़ मच गई. बता दें कि COVID-19 प्रतिबंधों में ढील के बाद देश में यह सबसे बड़ा जमघट बताया जा रहा है. अधिकारियों को सांस लेने में कठिनाई की शिकायत को लेकर कम से कम 81 कॉल मिली.</p>
<p><strong>146 लोगों की दर्दनाक मौत</strong></p>
<p>दक्षिण कोरिया की न्यूज एजेंसी के मुताबिक, फायरब्रिगेड अधिकारियों ने बताया कि हैलोवीन पार्टी में भारी भीड़ इकठ्ठा हुई. सियोल के इटावन में ये पार्टी आयोजित की गई थी. भीड़ ज्यादा होने से वहां भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में 146 लोगों की मौत हो गई. ज्यादातर मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है. पार्टी में बेहोश होकर गिरे लोगों को सीपीआर दिया गया. इमरजेंसी डिपार्टमेंट में 80 से ज्यादा लोगों के कॉल आए, जिसमें बताया गया कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है.</p>
<p><strong>करीब 1 लाख लोग थे मौजूद</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, कोरोना महामारी के बाद दो साल बाद सियोल में आउटडोर नो-मास्क हेलोवीन पार्टी आयोजित की गई थी. इस पार्टी में करीब 1 लाख लोग मौजूद थे.</p>
<p><strong>क्या है हेलोवीन फेस्टिवल?</strong></p>
<p>बता दें कि हेलोवीन फेस्टिवल दुनिया के कई शहरों में मनाया जाता है. खासतौर पर ये फेस्टिवल पश्चिमी देश मनाते हैं. लेकिन अब दुनिया के बाकी हिस्सों में भी इसे मानाया जाने लगा है. इस फेस्टिवल के दौरान रात को चांद अपने नए अवतार में दिखाई देता है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/tragic-accident-during-halloween-party-in-south-korea-146-die-of-heart-attack						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/tragic-accident-during-halloween-party-in-south-korea-146-die-of-heart-attack</guid>
					<pubDate>Sun, 30 Oct 2022 09:53:25 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[यह कंपनी लोगों को जिन्दा जमीन में गाड़ कर दे रही ये अनोखी थेरेपी, फ़ीस है 47 लाख रुपये]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कई बार लोग शरीर को आराम देने के लिए तमाम प्रकार की थेरेपी लेते हैं. इसके लिए वे डॉक्टरों की सलाह लेते हैं या फिर कई अन्य निजी संस्थाओं से संपर्क करते हैं. हाल ही में एक रूसी कंपनी का एक ऑफर काफी वायरल हो रहा है जिसमें वह लोगों को ऐसी थेरेपी देने का वादा कर रही है जिसके माध्यम से लोग जिंदा दफन किए जाएंगे हुए कुछ समय बाद वापस भी निकाल लिए जाएंगे.</p>
<p>दरअसल, एक रिपोर्ट के मुताबिक यह एक रूसी कंपनी है और इस कंपनी का नाम प्रीकेटेड एकेडमी है. इस कंपनी ने अजीबोगरीब थेरेपी की शुरुआत की है. इस थेरेपी के तहत शख्‍स को जमीन के अंदर जिंदा दफन होना पड़ता है. कंपनी का दावा है कि इस थेरेपी से एंजाइटी से जूझ रहे लोगों को निजात मिलेगी. कंपनी ने बकायदा इसके बारे में विस्तार से समझाया है. </p>
<p>असल में इस थेरेपी का मुख्य मकसद लोगों को अपने खुद के अंतिम संस्कार का अनुभव देना है. इसके अलावा इसमें लोगों को भागदौड़ भरे जीवन के बीच कुछ शांति प्रदान करने की भी कोशिश बताई गई है. थेरेपी के दौरान संगीत सुनने का मौका मिलता है, मोमबत्तियां जलाई जाती हैं और उसे एक आभासी वसीयत लिखने का मौका भी मिलता है. </p>
<p>इस कंपनी को फिलहाल रूस में शुरू किया गया है कंपनी के मालिक ने बताया लोगों को अपने डर और एंजाइटी से निपटने में मदद की जाती है. उन्‍होंने यह भी बताया कि यह थेरेपी पूरी तरह सुरक्षित है. हम अपने क्‍लाइंट्स को बिना वजह रिस्‍क में नहीं डालते हैं. फ़िलहाल इसकी कीमत 47 लाख रुपये रखी गई है और यह करीब एक घंटे की थेरेपी है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/this-company-is-burying-people-in-the-ground-this-unique-therapy-the-fee-is-rs-47-lakhs						]]>
					</link>
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					<pubDate>Sat, 29 Oct 2022 12:13:57 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इमरान खान ने ISI चीफ को दी धमकी कहा, कान खोलो और सुनो, मैं बहुत सी चीजें जानता हूं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश की खुफिया एजेंसी को कड़ी चेतावनी देते हुए शुक्रवार को कहा कि ‘वह आईएसआई का पर्दाफाश कर सकते है लेकिन देश की बेहतरी के लिए ऐसा नहीं करना चाहते.‘ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने एक रैली के दौरान यह बात कही.  पीटीआई ने लाहौर के लिबर्टी चौक से इस्लामाबाद तक बहुप्रतीक्षित "हकीकी आजादी लॉन्ग मार्च" शुरू किया है.</p>
<p>इमरान खान ने कहा, ‘डीजी आईएसआई (आईएसआई महानिदेशक नदीम अंजुम) अपने कान खोलो और सुनो, मैं बहुत सी चीजें जानता हूं लेकिन मैं केवल इसलिए चुप हूं क्योंकि मैं अपने देश को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता... मैं बेहतरी के लिए रचनात्मक आलोचना करता हूं अन्यथा बहुत कुछ था मैं कह सकता था.’</p>
<p><strong>इमरान और आईएसआई के बीच दूरियां</strong></p>
<p>सत्ता से बेदखल होने के बाद से इमरान खान और आईएसआई के बीच प्रतिद्वंद्विता एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है. इससे पहले इससे पहले, इमरान खान ने कहा था कि तत्कालीन विपक्षी गठबंधन को "डर" था कि वह पूर्व आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को सेना के अगले प्रमुख के रूप में नियुक्त करेंगे.</p>
<p>पीटीआई प्रमुख ने कहा, “वे डरते थे कि मैं लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को नियुक्त करना चाहता हूं. उन्हें डर था कि अगर ऐसा हुआ तो इससे उनका भविष्य खराब हो जाएगा.' अपना रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, 'मैंने कभी किसी को सेना प्रमुख नियुक्त करने के बारे में नहीं सोचा था. मैंने कभी ऐसा निर्णय नहीं लिया जो योग्यता के आधार पर न हो."</p>
<p><strong>इमरान ने भारत के विदेश नीति की तारीफ की </strong></p>
<p>इमरान खान ने एक बार फिर भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और नई दिल्ली द्वारा यूक्रेन युद्ध के बीच पश्चिमी दबाव के बावजूद अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप रूसी तेल खरीदने की सराहना की. अपने पहले भाषण के दौरान, पीटीआई ने कहा था कि भारत अपनी इच्छा से रूस से तेल आयात करने में सक्षम है, जबकि पाकिस्तानी (सरकार) गुलाम हैं जो अपने देश के लोगों के कल्याण के लिए निर्णय लेने में विफल रहे हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/imran-khan-threatened-isi-chief-said-open-your-ears-and-listen-i-know-many-things						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/imran-khan-threatened-isi-chief-said-open-your-ears-and-listen-i-know-many-things</guid>
					<pubDate>Sat, 29 Oct 2022 00:28:09 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[भारतीय-अमेरिकी उद्यमी दंपत्ति ने ह्यूस्टन विश्वविद्यालय को दान में दिए 10 लाख डॉलर]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारतीय मूल के लोग अमेरिका में सिर्फ अपने काम से ही नहीं, बल्कि समाज सेवा से भी काफी नाम कमा रहे हैं. इसी कड़ी  भारतीय-अमेरिकी उद्यमी दंपत्ति ने ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में प्रयोगशाला उपकरणों के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर यानी 8 करोड़ 29 लाख 61 हजार 550 रुपये दान में दिए हैं. इन दान की चर्चा सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक में खूब हो रही है.</p>
<p><strong>इसलिए दिया है इतना दान</strong></p>
<p>विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र बृज अग्रवाल और उनकी पत्नी सुनीता ग्रेटर ह्यूस्टन के उपनगर ‘शुगर लैंड’ में यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन (यूएच) कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी बिल्डिंग में प्रयोगशाला उपकरणों के निर्माण के लिए यह डोनेशन दे रहे हैं. इन पैसों से वहां लेटेस्ट थ्रीडी प्रिंटर, मशीन उपकरण और मापन परीक्षण उपकरण के अलावा और सामान मंगाया जाएगा.</p>
<p><strong>दान के पैसों से बढ़ाई जाएंगी सुविधाएं</strong></p>
<p>कारोबारी बृज अग्रवाल अपने इस दान को लेकर हते हैं कि यह देने के पीछे मेरा मकसद कॉलेज में ज्यादा से ज्यादा और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना था. वह कहते हैं कि अगर ह्यूस्टन विश्वविद्यालय नहीं होता तो मैं कॉलेज से स्नातक नहीं कर पाता. यही वजह है कि उन्होंने यह दान दिया है.</p>
<p><strong>कारोबारी दंपत्ती को यूनिवर्सिटी करेगा सम्मानित</strong></p>
<p>वहीं कारोबारी बृज अग्रवाल के इस योगदान से गदगद यूनिवर्सिटी प्रशासन दोनों को सम्मानित करेगा. यही नहीं सम्मान में इनके नाम से कॉलेज के भूतल पर स्थित सभागार का नाम ‘बृज और सुनीता अग्रवाल सभागार’ रखा जाएगा. अग्रवाल का जन्म मूलरूप से पंजाब के लखनपुर इलाके में हुआ था. वह 17 साल के थे तभी अमेरिका चले गए थे.</p>
<p><strong>अमेरिका में अपनी मेहनत ने नाम कमा रहे भारतीय</strong></p>
<p>बता दें कि अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की संख्या काफी है. इनमें से कई लोगों ने अपनी मेहनत के दम पर अच्छी तरक्की हासिल की है. इन्हीं वजहों से अब बाइडन भी अपनी टीम में इंडियन मूल के लोगों को शामिल कर रहे हैं. उनकी टीम में कई भारतीय शर्ष पदों पर तैनात हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/indian-american-entrepreneur-couple-donates-1-million-to-university-of-houston						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/indian-american-entrepreneur-couple-donates-1-million-to-university-of-houston</guid>
					<pubDate>Sat, 29 Oct 2022 00:21:04 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने मोदी को बताया सच्चा देशभक्त और कह दी ये बात]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) बहुत अच्छे दोस्त हैं. ये बात तो पूरी दुनिया जानती है, लेकिन पुतिन, पीएम मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. इसके बारे में कम लोगों को पता होगा. यूक्रेन से युद्ध और अमेरिका से तनाव के बीच रूस के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी की खूब तारीफ की है. पुतिन ने खासकर मोदी सरकार (Modi Govt) की विदेश नीति की जमकर सराहना की है.</p>
<p><strong>भारत के लिए सख्त कदम उठाते रहे पीएम मोदी: पुतिन </strong></p>
<p>मॉस्को में एक कार्यक्रम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के बारे में कहा, 'वह (पीएम नरेंद्र मोदी) उन लोगों में से एक है, जो एक स्वतंत्र विदेश नीति को लागू करने में सक्षम हैं, जो अपने लोगों के हितों के बारे में सोचते हैं और कदम उठाते हैं. भारत पर किसी तरह के प्रतिबंध लगाने के सभी प्रयासों के बावजूद, वह सख्त रहे और उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिसकी भारत को जरूरत है.'</p>
<p><strong>अमेरिकी दबाव के बाद भी नहीं झुके पीएम मोदी</strong></p>
<p>दरअसल, यूक्रेन वॉर के बीच भारत पर रूस से रिश्ता तोड़ने को लेकर अमेरिका समेत पश्चिमी देश लगातार दबाव बनाते आ रहे हैं, लेकिन भारत ने झुकने के बजाय दबाव का बखूबी सामना किया. व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को भारत का सच्चा देशभक्त भी बताया और कहा कि आने वाला समय भारत का है.</p>
<p><strong>पुतिन ने मेक इन इंडिया का भी किया जिक्र</strong></p>
<p>रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) भारत की ऐतिहासिक प्रगति से भी खासे खुश दिखाई दिए. उन्होंने हिंदुस्तान की तारीफ करते हुए भारत के 75 साल के सफर का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बहुत कुछ किया गया है. वह सच्चे देशभक्त हैं. 'मेक इन इंडिया' का उनका विचार आर्थिक और नैतिकता दोनों लिहाज से मायने रखता है. भविष्य भारत का है, इस बात पर गर्व किया जा सकता है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है.</p>
<p><strong>महाशक्ति के तौर पर पुतिन को की समझाने की कोशिश</strong></p>
<p>भारत ने ब्रिटेन की गुलामी से आजाद होने से आधुनिक राज्य बनने तक अपने विकास में जबरदस्त प्रगति की है. लगभग 1.5 अरब लोग और मूर्त विकास परिणाम भारत के लिए सभी के सम्मान और प्रशंसा का कारण हैं. इस युद्ध में कई मौकों पर भारत और रूस की दोस्ती का इम्तिहान हुआ और भारत ने एक दोस्त की भूमिका भी निभाई. एक उभरती महाशक्ति के तौर पर युद्ध रोकने के लिए पुतिन को समझाने की कोशिश भी की. आपको याद होगा, जब SCO की बैठक में पीएम मोदी ने पुतिन को युद्ध रोकने की नसीहत दी थी और उनके इस बयान की पूरी दुनिया ने तारीफ की थी.</p>
<p><strong>पुतिन ने यूक्रेन में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से किया इनकार</strong></p>
<p>व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने यूक्रेन में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के किसी भी इरादे से इनकार किया है, लेकिन वहां के संघर्ष को पश्चिम द्वारा अपने वैश्विक प्रभुत्व को सुरक्षित करने के कथित प्रयासों का हिस्सा बताया हैं. इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि वैश्विक प्रभुत्व के पश्चिम के प्रयास नाकाम होंगे. पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय विदेश नीति विशेषज्ञों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि रूस के लिए यूक्रेन पर परमाणु हथियारों से हमला करना निरर्थक है. उन्होंने कहा कि हमें इसकी कोई जरूरत नहीं दिख रही है. इसका कोई मतलब नहीं है, न तो राजनीतिक और न ही सैन्य. उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी नीतियों से और अधिक अराजकता पैदा होगी.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/russian-president-putin-told-modi-a-true-patriot-and-said-this						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/russian-president-putin-told-modi-a-true-patriot-and-said-this</guid>
					<pubDate>Sat, 29 Oct 2022 00:07:30 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[सावधान: सर्दियों में सतर्क रहने की जरूरत, पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है ओमिक्रॉन का सब-वेरिएंट]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>कोरोना महामारी से इतनी जल्दी छुटकारा नहीं मिलने वाला है. बार-बार कई रिपोर्ट में कोरोना के वेरिएंट और सब वेरिएंट को लेकर कई दावे किये जा चुके हैं. मौजूदा स्थिति में ओमिक्रॉन का सब-वेरिएंट पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है. इस बीच वाशिंगटन विश्वविद्यालय ने एक विश्लेषण में कहा कि COVID-19 संक्रमण का दैनिक आंकड़ा फरवरी तक धीरे-धीरे बढ़कर लगभग 18.7 मिलियन होने का अनुमान है. जो वर्तमान में 16.7 मिलियन पर है. इस रिपोर्ट के आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि पूरी दुनिया में कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ सकते हैं.</p>
<p><strong>सर्दियों में सतर्क रहने की जरूरत</strong></p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार पहले की सर्दियों के मुकाबले यह नया अनुमानित औसत कम है. 2022 के जनवरी में ओमिक्रॉन वेरिएंट के तेजी से फैलने के बाद स्थिति बिगड़ गई थी लेकिन यह घातक साबित नहीं हुई थी. राहत की बात यह है कि इस रिपोर्ट के साथ ही वाशिंगटन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) ने यह भी कहा कि मामलों में वृद्धि से मौतों में वृद्धि की उम्मीद नहीं है.</p>
<p><strong>जर्मनी में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के मामले</strong></p>
<p>इस रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि आने वाले फरवरी माह में वैश्विक दैनिक मृत्यु औसतन 2,748 होगी. जबकि वर्तमान में यह लगभग 1,660 है. IHME का अनुमान है कि अमेरिका में दैनिक संक्रमण एक तिहाई से बढ़कर एक मिलियन से अधिक हो जाएगा. जर्मनी में कोरोना के मामलों में पहले ही उछाल देखने को मिल चुका है. इससे जुड़ी एक रिपोर्ट बीती 24 अक्टूबर को सामने आई थी. रिपोर्ट बताती है कि जर्मनी में हाल ही में COVID वृद्धि Omicron सबवेरिएंट BQ.1 या BQ.1.1 के कारण हो सकती है. साथ ही आने वाले हफ्तों में ये यूरोप के अन्य हिस्सों में देखी जा सकती है. जर्मनी में 2020 के बाद से अस्पतालों में मरीजों के भर्ती होने की संख्या ज्यादा देखी जा रही है, जो कि चिंता का विषय है.</p>
<p><strong>सिंगापुर में भी तेजी से फैल रहा कोरोना</strong></p>
<p>IHME के ​मुताबिक Omicron का सबवेरिएंट XBB सिंगापुर में भी तेजी से फैल रहा है. वहां भी अस्पताल में भर्ती होने की वालों की संख्या में वृद्धि देखने को मिली है. ये तेजी से फैल रहा है लेकिन कम गंभीर है. रिपोर्ट में कहा गया है कि XBB उन लोगों पर ज्यादा प्रभाव नहीं डाल सकेगा जो Omicron के BA.5 सबवेरिएंट से पहले ही संक्रमित हो चुके हैं.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/caution-need-to-be-cautious-in-winter-omicrons-sub-variant-is-spreading-rapidly-all-over-the-world						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/caution-need-to-be-cautious-in-winter-omicrons-sub-variant-is-spreading-rapidly-all-over-the-world</guid>
					<pubDate>Fri, 28 Oct 2022 23:57:58 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[पुलिस से बचने के लिए लुटेरों ने की पैसों के बारिश, जाने फिर क्या हुआ]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>आपने कई फिल्मों में देखा होगा, जब पुलिस किसी लुटेरे या चोर के पीछे पड़ जाती है तो उसे पकड़कर ही मानती है. हालांकि, लुटेरे उनसे पीछा छुड़ाने के लिए कई ट्रिक अपनाते हैं. कुछ ऐसा ही एक सीन चिली में भी देखने को मिला, जब एक पुलिस की टीम लुटेरों के पीछे पड़ गई. चिली में एक हाईवे पर पैसे की बारिश हुई, जब पुलिस चोरों का पीछा कर रही थी. लुटेरों ने सड़क पर नोटों से भरे एक बैग को हवा में फेंक दिया. ऐसा लगा कि लुटेरों ने पैसों की बारिश की. संदिग्धों ने कथित तौर पर एक गैम्बलिंग हॉल को लूट लिया और फिर भागने की कोशिश की जिसके कारण पुलिस ने पीछा किया.</p>
<p><strong>गैम्बलिंग हॉल से पैसे लूटने के बाद फरार हुए लुटेरे</strong></p>
<p>कथित तौर पर, जब पुलिस संदिग्धों का पीछा कर रही थी तो लुटेरों ने अपने वाहन से पैसे से भरा एक बैग हाईवे पर फेंक दिया, ताकि उन्हें पुलिस से छुटकारा मिल सके. हालांकि, यह घटना पुडाहुएल शहर की है. अपनी रणनीति के बावजूद छह संदिग्ध पुलिस की नजरों से दूर नहीं हो सके और अंततः चिली के सैंटियागो में गिरफ्तार कर लिया गया. यह हरकत सीसीटीवी में कैद हो गई और इसे ट्विटर पर कई अकाउंट से शेयर किया गया.</p>
<p><strong>पुलिस से पीछा छुड़ाने के लिए की नोटों की बारिश</strong></p>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की शुरुआत में देख सकते हैं कि एक बिजी हाईवे पर गाड़ियां चलती रहती हैं. जल्द ही नीले रंग की तेज रफ्तार में भागने वाली गाड़ी शेवरले सड़क पर नकदी से भरा एक काला बैग गिरा देती है, जिसका कुछ पुलिस वाहनों द्वारा पीछा किया जा रहा था. पुलिस से पीछा छुड़ाने के लिए लुटेरों ने बैग का जिप खोलकर सड़क पर फेंक दिया. पुलिस वाहनों में से एक को पीछा करते हुए बैग के ऊपर से गाड़ी दौड़ते हुए देखा जा सकता है. चिली पैसों को देखकर कई राहगीर वहीं पर रुक गए और फिर पुलिसकर्मी सड़क पर पड़े हुए नोटों को उठाकर जब्त करने लगे.</p>
<p><strong>आखिर में पुलिस ने छह लोगों को किया गिरफ्तार</strong></p>
<p>चोरी के अधिकांश पैसे स्थानीय पुलिस ने बरामद कर लिए थे, हालांकि कुछ हवा में उड़ गए या राहगीरों द्वारा ले लिए गए. विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पैसा कथित तौर पर पुडाहुएल में एक गैम्बलिंग हॉल से लिया गया था. डकैती के दौरान चोरों ने एक कर्मचारी को बन्दूक से धमकाया. लेकिन जैसे ही शहर पुलिस को इसकी सूचना मिली, उन्होंने लुटेरों का पीछा करना शुरू कर दिया. लुटेरों ने 10 मिलियन चिली पेसोस (Chilean Pesos), या 10,300 डॉलर चोरी करने की कोशिश की. बाद में लूट के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार करने की बात कही गई है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/to-escape-from-the-police-the-robbers-rained-money-know-what-happened-then						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/to-escape-from-the-police-the-robbers-rained-money-know-what-happened-then</guid>
					<pubDate>Thu, 27 Oct 2022 11:40:49 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[वाह रे पाकिस्तान : फोन को दिया तिजोरी का दर्जा और ज्यादा पढ़ने पर लगाया टैक्स, जाने और क्या है नियम]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तानी लोगों के रूढ़िवादी सोच के बारे में तो आप अच्छे से जानते होंगे. समय-समय पर ऐसी कई खबरें आती रहती हैं जो वहां की असली तस्वीर को दर्शाती रहती हैं. महिलाओं पर तमाम बंदिशें और मॉडर्न चीजें वहां के कट्टरपंथियों को बिल्कुल भी पसंद नहीं हैं. पर क्या आप जानते हैं कि पाकिस्तानी कानूनी में भी कई ऐसे नियम हैं जिन्हें सुनकर आप हैरान हो जाएंगे. इनमें से कुछ तो इतने फालतू कानून हैं जिनके बारे में जानकर शायद आपको हंसी भी आए और आप कहेंगे कि शुक्र है कि हम पाकिस्तान में नहीं हैं. चलिए जानते हैं कुछ ऐसे ही कानूनों के बारे में.</p>
<p><strong>1. फोन को तिजोरी के बराबर दर्जा</strong></p>
<p>दोस्तों औऱ अपनों के बीच एक-दूसरे का फोन देखना और यूज करना भारत में आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप पाकिस्तान में ऐसा नहीं कर सकते. अगर पकड़े गए तो जेल हो सकती है. दरअसल, पाकिस्तान फोन को तिजोरी के बराबर का दर्जा दिया गया है. वहां आप बिना अनुमति के किसी का भी फोन नहीं छू सकते हैं. इसे गैरकानूनी माना जाता है. इस कानून का उल्लंघन करने पर 6 महीने जेल का प्रावधान है.</p>
<p><strong>2. ज्यादा पढ़ने पर लगता है टैक्स</strong></p>
<p>पाकिस्तान में ज्यादा पढ़ना भी नुकसानदायक हो सकता है. यहां ज्यादा पढ़ने पर टैक्स लगता है. मान लीजिए कि अगर पाकिस्तान में किसी स्टूडेंट की पढ़ाई पर साल में 2 लाख से ज्यादा का खर्चा आता है तो उसे 5% टैक्स का भुगतान करना पड़ता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि यह टैक्स यहां के लोगों के कम पढ़े लिखे होने की बड़ी वजह है.</p>
<p><strong>3. गर्लफ्रेंड के साथ रहने पर होगी जेल</strong></p>
<p>पाकिस्तान में शादी से पहले कोई भी लड़का और लड़की साथ नहीं रह सकते. कुल मिलाकर यहां के लोगों को गर्लफ्रेंड बनाने की अनुमति नहीं है. अगर कोई गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड बनाता है और बिना शादी के साथ रहते पाया जाता है तो उसे जेल की सजा मिलती है.</p>
<p><strong>4. इजरायल जाने की अनुमति नहीं</strong></p>
<p>पाकिस्तान के लोगों को इजरायल जाने की अनुमति नहीं है. वहां की सरकार अपने नागरिकों को इजरायल जाने के लिए वीजा नहीं देती. दरअसल, पाकिस्तान ने इजरायल को देश के रूप में मान्यता नहीं दी है. इसलिए यह नियम यहां चलता है.</p>
<p><strong>5. कुछ शब्दों को इंग्लिश में नहीं कर सकते ट्रांसलेट</strong></p>
<p>ट्रांसलेशन ऐसी चीज है जिसकी वजह से किसी एक भाषा की चीज दूसरी भाषा में उस भाषाई समुदाय तक पहुंचती है. यही वजह है कि ट्रांसलेशन का काफी महत्व है. पर पाकिस्तान में कुछ शब्दों के ट्रांसलेशन की मनाही है. वहां अल्लाह, मस्जिद, रसूल या नबी का अंग्रेजी अनुवाद करना गैरकानूनी है. इस नियम को तोड़ने पर आपके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/wah-re-pakistan-vault-status-given-to-phone-and-tax-imposed-on-reading-more-know-what-else-is-the-ru						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/wah-re-pakistan-vault-status-given-to-phone-and-tax-imposed-on-reading-more-know-what-else-is-the-ru</guid>
					<pubDate>Wed, 26 Oct 2022 10:55:25 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[रूस-यूक्रेन युद्ध में तीसरा देश भी कूदा, मंडराया विश्व युद्ध का खतरा]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>क्या रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) में अब ईरान की भी एंट्री हो गई है. अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर ऐसी सनसनीखेज बात कही है, जिस पर दुनियाभर में चिंता पसर गई है. अमेरिका ने दावा किया है कि यूक्रेन के खिलाफ जंग के लिए ईरानी सैनिक रूस में पहुंच गए हैं. वे क्रीमिया में मौजूद रहकर यूक्रेन की ढांचागत सुविधाओं पर ड्रोन अटैक कर रहे हैं. अमेरिका के इस दावे पर रूस और ईरान ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन इस खुलासे के बाद से इस जंग के विश्व युद्ध में तब्दील होने की आशंका तेज हो गई है.  </p>
<p><strong>क्रीमिया में पहुंचे हुए हैं ईरानी सैनिक</strong></p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि ईरानी सैनिक क्रीमिया में मौजूद हैं. वे युद्ध के मैदान में सीधे रूप से सक्रिय हैं और यूक्रेन के नागरिकों व बुनियादी ढांचे पर ड्रोन हमले (Iranian Drones) करने में रूस (Russia) की मदद कर रहे हैं. </p>
<p><strong>ड्रोन हमलों में रूस की कर रहे मदद</strong></p>
<p>जॉन किर्बी ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि ईरान ने अपेक्षाकृत कम संख्या में सैनिक क्रीमिया भेजे हैं. वे क्रीमिया में मौजूद रहकर यूक्रेन पर शाहीद ड्रोन से हमला (Iranian Drones) करने में रूस (Russia) की सहायता कर रहे हैं. किर्बी ने कहा, 'हमारे पास जानकारी है कि ईरानियों ने क्रीमिया में अपने प्रशिक्षकों और तकनीकी सहायकों को भेजा है, लेकिन यूक्रेन में ड्रोन हमलों को रूसी ही अंजाम दे रहे हैं.'</p>
<p><strong>रूस ने ईरान से खरीदे हैं ड्रोन?</strong></p>
<p>अमेरिका ने पहली बार इन गर्मियों में खुलासा किया था कि यूक्रेन पर हमले के लिए रूसी सेना ईरान से ड्रोन (Iranian Drones) खरीद रही है. हालांकि ईरान ने रूस (Russia) को हथियार बेचने की खबरों को खारिज किया था. वहीं रूस ने भी चुप्पी साध ली थी. अब अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध में ईरान की मिलीभगत के अपने दावे को फिर दोहराया है. हालांकि इस बार भी रूस और ईरान दोनों ही इस मसले पर चुप हैं. बताते चलें कि क्रीमिया यूक्रेन का वह हिस्सा है, जिस पर रूस (Russia) ने 2014 में बल प्रयोग के जरिए कब्जा जमा लिया था.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/third-country-also-jumped-in-russo-ukraine-war-threat-of-world-war-looms						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/third-country-also-jumped-in-russo-ukraine-war-threat-of-world-war-looms</guid>
					<pubDate>Fri, 21 Oct 2022 11:34:31 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[रूस ने पाकिस्तान और चीन को दिया झटका, रूस के इस कदम से भारत का पक्ष होगा मजबूत]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>भारत के दोस्त रूस ने पाकिस्तान और चीन (Pakistan and China) को झटका दिया है. रूस ने एक नक्शे में पूरे पीओके (PoK) को भारत का हिस्सा दिखाया है. सिर्फ इतना ही नहीं अक्‍साई चिन (Aksai Chin) जो चीन के कब्‍जे में है, रूस ने उसे भी भारत का अंग दिखाया है. बता दें कि इससे पहले रूस हमेशा पीओके पर बयान देने से बचता आया है और कई बार जम्मू-कश्मीर को भारत का आंतरिक मसला करार दे चुका है.</p>
<p><strong>रूस सरकार ने जारी किया नक्शा</strong></p>
<p>रूसी सरकार द्वारा जारी किए गए एससीओ सदस्य देशों (SCO Countries) के नक्शे में जम्मू-कश्मीर, लद्धाख और अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न हिस्सा दिखाया गया है. पाकिस्तान और चीन (Pakistan and China) के एससीओ के सदस्य देश होने के बावजूद रूस ने यह कदम उठाया है. इससे पाकिस्तान और चीन को मिर्ची लगना तय है.</p>
<p><strong>रूस के इस कदम से भारत का पक्ष होगा मजबूत</strong></p>
<p>रूस द्वारा जारी इस नक्शे की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के भीतर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत का पक्ष मजबूत होगा. इसको लेकर भारत के सरकारी सूत्रों ने कहा है कि एससीओ के संस्थापक सदस्यों में होने के नाते रूस ने नक्शे का सही ढंग से चित्रण कर रिकॉर्ड स्थापित किया है.</p>
<p><strong>चीन ने भारतीय इलाकों को बताया था अपना</strong></p>
<p>हाल ही में चीन ने भी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के लिए एक नक्शा जारी किया था और भारत के कुछ इलाकों को अपना बताया था. चीन (China) ने नक्शे के जरिए विस्तारवाद की नीति को दिखाया था, लेकिन रूस के इस कदम से चीन को बड़ा झटका लगा है.</p>
<p><strong>अमेरिकी राजदूत ने पीओके को बताया था आजाद कश्मीर</strong></p>
<p>हाल ही में अमेरिकी राजूदत ने पीओके की यात्रा के दौरान विवादित ट्वीट किया था और इस इलाके को 'आजाद कश्मीर' कहा था. पाकिस्‍तान में तैनात अमेरिकी राजदूत डेविड ब्‍लोम द्वारा पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (POK) को आजाद कश्‍मीर करार दिए जाने के बाद अमेरिका की तरफ से कुछ नहीं कहा गया, लेकिन रूस ने अमेरिका को करारा झटका दिया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/russia-gives-a-blow-to-pakistan-and-china-this-move-of-russia-will-strengthen-indias-side						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/russia-gives-a-blow-to-pakistan-and-china-this-move-of-russia-will-strengthen-indias-side</guid>
					<pubDate>Fri, 21 Oct 2022 11:29:48 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्र पर जानलेवा हमला, चाकू से किए कई वार, वीजा के लिए परिवार परेशान]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>ऑस्ट्रेलिया में 28 वर्षीय भारतीय छात्र पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है. छात्र के चेहरे, सीने और पेट पर चाकू से कई वार किए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, बदमाश ने लूट के इरादे से यह हमला किया. न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि घटना 6 अक्टूबर को रात करीब साढ़े 10 बजे की है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.</p>
<p><strong>हाइवे पर रोककर किया हमला</strong></p>
<p>न्यू साउथ वेल्स पुलिस के मुताबिक, छात्र की पहचान शुभम गर्ग के रूप में हुई है. यह घटना तब हुई जब शुभम गर्ग पैसिफिक हाइवे पर पैदल चल रहा था. तभी एक अज्ञात शख्स गर्ग के पास आया और उससे पैसे मांगते हुए कथित तौर पर धमकी देने लगा. शुभम ने उसे पैसे देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद हमलावर ने उस पर चाकू से कई वार किए और फिर फरार हो गया.</p>
<p><strong>सीने, पेट और चेहरे पर किए गए हैं कई वार </strong></p>
<p>पुलिस ने बताया कि गर्ग के चेहरे, सीने और पेट पर चाकू से कई वार किए गए. उसने एक नजदीकी मकान में रह रहे लोगों से मदद मांगी, जिसके बाद उसे रॉयल नॉर्थ शोर अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में गर्ग की सर्जरी हुई है, लेकिन वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.</p>
<p><strong>हमला करने वाले को पुलिस ने पकड़ा</strong></p>
<p>‘डेली टेलीग्राफ’ अखबार ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में 27 वर्षीय डेनियल नोर्वुड को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर हत्या के प्रयास के आरोप लगाए गए हैं. अखबार के मुताबिक, डेनियल के घर से कई सामान बरामद किए गए हैं और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. वहीं गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सोमवार को हॉर्न्सबाय की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां उसने जमानत की मांग की, लेकिन कोर्ट ने जिसने उसे जमानत देने से इनकार कर दिया.</p>
<p><strong>परिवार ने बताया नस्लीय हमला</strong></p>
<p>वहीं इस घटना के बाद से आगरा में रहने वाले छात्र के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है. शुभम के पिता रामनिवास गर्ग का कहना है कि न शुभम और न ही उसका कोई दोस्त हमलावर को जानता है. यह नस्लीय हमला है. शुभम ने आईआईटी मद्रास से पोस्ट ग्रैजुएशन किया है. वह पिछले महीने ही ऑस्ट्रेलिया गया है, जहां वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी कर रहा है.</p>
<p><strong>शुभम का परिवार परेशान, पर नहीं मिला है वीजा</strong></p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, शुभम के परिवार ने ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए वीजा के लिए आवेदन दिया है लेकिन अभी तक उन्हें वीजा नहीं मिल पाया है. परिवार वीजा के लिए परेशान है और अफसरों से गिड़गिड़ा कर विनती कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि शुभम के भाई का वीजा आवेदन अभी प्रोसेस में है. जिला प्रशासन इस मामले में विदेश मंत्रालय के संपर्क में है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/deadly-attack-on-indian-student-in-australia-multiple-stab-wounds-family-upset-for-visa						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/deadly-attack-on-indian-student-in-australia-multiple-stab-wounds-family-upset-for-visa</guid>
					<pubDate>Sat, 15 Oct 2022 02:06:04 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[वर्ल्‍ड बैंक की चिंता: पूरी दुनिया की वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरनाक रूप से मंदी की ओर बढ़ रही है]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>वर्ल्‍ड बैंक के चेयरमैन डेविड मालपास ने आगाह किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरनाक रूप से मंदी की ओर बढ़ रही है. उन्होंने गरीबों को लक्षित समर्थन देने का भी आह्वान किया. हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे ओलिवर गोरिंचेस ने कहा था क‍ि भारत ऐसे समय में चमकदार रोशनी की तरह उभरा है जब दुनिया मंदी की आशंका का सामना कर रही है.</p>
<p><strong>इकोनॉम‍िक ग्रोथ का अनुमान घटाया</strong></p>
<p>डेविड मालपास ने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक की सालाना बैठक के दौरान मीड‍िया से कहा, 'हमने 2023 के लिये आर्थिक वृद्धि दर (Economic Growth Rate) के अनुमान को 3 प्रतिशत से घटाकर 1.9 प्रतिशत कर दिया है. वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरनाक रूप से मंदी की ओर बढ़ रही है. वैश्विक मंदी कुछ परिस्थितियों के अंतर्गत हो सकती है.'</p>
<p><strong>मुद्रास्फीति सबसे बड़ी समस्या</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति बड़ी समस्या है, ब्याज दर बढ़ रही है और विकासशील देशों में जो पूंजी प्रवाह हो रहा था, वह बंद हो गया है. इससे गरीबों पर असर पड़ रहा है. मालपास ने कहा, 'हम विकासशील देशों में लोगों को आगे बढ़ने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं... बेशक, सभी देश अलग हैं, हम आज कुछ देशों की चर्चा करेंगे.'</p>
<p><strong>ज्‍यादा ब्याज दर कर्ज बढ़ने का कारण</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि विकासशील देशों में कर्ज बढ़ने का कारण ब्याज दर ज्‍यादा है. एक तरफ कर्ज बढ़ रहा है और दूसरी तरफ उनकी मुद्राएं कमजोर हो रही हैं. मालपास ने कहा, 'मुद्रा के मूल्य में गिरावट कर्ज का बोझ बढ़ा रही है. विकासशील देशों के सामने कर्ज संकट की समस्या है...' उन्होंने बहुपक्षीय संस्थान की ओर से गरीबों को लक्षित समर्थन देने का भी आह्वान किया.</p>
<p><strong>दुनिया को रोशनी दिखाएगा भारत</strong></p>
<p>आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे ओलिवर गोरिंचेस ने कहा भारत ऐसे वक्त में चमकदार रोशनी की तरह उभरा है जब दुनिया मंदी संकट का सामना कर रही है. उन्होंने कहा भारत को 10,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को पाने के लिए ढांचागत सुधार करने होंगें. गोरिंचेस ने कहा, भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. जब यह 6.8 या 6.1 की ठोस दर के साथ बढ़ रही है तो यह उल्लेखनीय बात है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/world-bank-concern-the-global-economy-of-the-whole-world-is-moving-dangerously-towards-recession						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/world-bank-concern-the-global-economy-of-the-whole-world-is-moving-dangerously-towards-recession</guid>
					<pubDate>Fri, 14 Oct 2022 11:13:57 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[प्लेन में बम : मॉस्को से दिल्ली आने वाली फ्लाइट में बम की सूचना हड़कंप]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>मॉस्को से दिल्ली आने वाली फ्लाइट में बम होने की सूचना मिलने के बाद हड़कंप मच गया, जिसके बाद विमान को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Indira Gandhi International Airport) पर लैंड किया गया. फ्लाइट को दिल्ली एयरपोर्ट पर तड़के 3.20 बजे लैंडिंग हुई, जिसके बाद जांच की जा रही है.</p>
<p><strong>दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारे गए सभी यात्री</strong></p>
<p>दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने जानकारी देते हुए बताया कि कल रात मॉस्को से दिल्ली आ रहे विमान में बम होने की सूचना मिली थी. फ्लाइट करीब 3.20 बजे दिल्ली में लैंड हुई. सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) पर उतार दिया गया है और फ्लाइट की जांच की जा रही है.</p>
<p><strong>अब तक विमान में कुछ नहीं मिला</strong></p>
<p>दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) पर लैंडिंग के बाद विमान (Moscow-Delhi flight) की जांच की जा रही है और अब तक कुछ भी नहीं मिला है. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बताया कि विमान की लैंडिंग के बाद आसपास के इलाकों को खाली करा दिया गया और गहन जांच जारी है. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/bomb-in-plane-bomb-information-stirred-up-in-flight-coming-from-moscow-to-delhi						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/bomb-in-plane-bomb-information-stirred-up-in-flight-coming-from-moscow-to-delhi</guid>
					<pubDate>Fri, 14 Oct 2022 10:59:39 +0530</pubDate>
				</item>

							<item>
                    
                    <title><![CDATA[इमरान खान को डर है इन 4 लोगों से, ये उन्हें मारने की साजिश रच रहें हैं]]></title>
					<description>
                    	<![CDATA[<p>पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान (Imran Khan) ने एक बार फिर अपनी हत्या की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि ईशनिंदा का आरोप लगाकर उन्हें मारा जा सकता है. इसके लिए 4 लोग साजिश रच रहे हैं. इमरान ने कहा कि अगर उन्हें कुछ अनहोनी हो जाती है तो उन साजिशकर्ताओं के नाम देश के सामने रखे जाएंगे.</p>
<p><strong>4 लोग रच रहे मारने की साजिश</strong></p>
<p>तहरीके इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान (Imran Khan) शुक्रवार को पंजाब के मियांवाली इलाके में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि 4 लोग उन पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके साथ कुछ भी अनहोनी होती है तो इन साजिशकर्ताओं के नाम देश के सामने रखे जाएंगे. </p>
<p><strong>ईशनिंदा के आरोप में फंसाने की साजिश</strong></p>
<p>इमरान खान (Imran Khan) ने कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के नेता उन पर धार्मिक नफरत भड़काने के लिए ईशनिंदा करने का आरोप लगा रहे हैं. खान ने आरोप लगाया, ‘इसके (आरोप के) पीछे क्या खेल था. बंद दरवाजों के पीछे बैठे 4 लोगों ने मुझे ईशनिंदा के आरोपों में मारने का फैसला किया.’</p>
<p><strong>'मुल्क इन साजिशकर्ताओं को माफ नहीं करेगा'</strong></p>
<p>उन्होंने घोषणा की कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो साजिशकर्ताओं के नाम वाला एक वीडियो जारी किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘अगर मैं मारा जाता हूं तो वे कहेंगे कि एक धार्मिक कट्टरपंथी ने उसे (इमरान को) मार डाला क्योंकि उसने ईशनिंदा की थी.’ उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘मुल्क इन साजिशकर्ताओं को माफ नहीं करेगा.’ यह पहला मौका नहीं है जब खान ने दावा किया है कि उनकी जान को खतरा है.</p>]]>                    </description>

					<link>
						<![CDATA[
						https://megadailynews.com/world/imran-khan-is-afraid-of-these-4-people-they-are-plotting-to-kill-him						]]>
					</link>
					<guid isPermaLink="true">https://megadailynews.com/world/imran-khan-is-afraid-of-these-4-people-they-are-plotting-to-kill-him</guid>
					<pubDate>Sun, 09 Oct 2022 16:54:19 +0530</pubDate>
				</item>

				</channel>
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