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पत्नी नौकरी करे या न करे, पति देगा खर्च : सामंथा जिस एलिमनी की वजह से ट्रोल हुईं, समझिए वो क्या है और कब मिलती है

Published On July 26, 2022 07:03 PM IST
Published By : Mega Daily News

'कॉफी विद करण' के लेटेस्ट एपिसोड में सामंथा रुथ प्रभु और अक्षय कुमार पहुंचे। शो को होस्ट कर रहे करण ने सामंथा से पूछा, आपने अपने बारे में सबसे खराब बात क्या पढ़ी है? सामंथा ने कहा, मैंने एलिमनी में 250 करोड़ रुपए लिए हैं। सामंथा का हाल ही में एक्टर नागा चैतन्य के साथ तलाक हुआ है और एक्ट्रेस ने 250 करोड़ की एलिमनी भी लेने से इंकार कर दिया था।

सामंथा की बात सुनने के बाद आपके मन में ये सवाल उठ रहा होगा कि आखिर एलिमनी क्या है? क्या आम महिलाओं को भी तलाक के समय एलिमनी मिलती है? चलिए इसके बारे में सब कुछ जानते हैं 

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सवाल 1- एलिमनी (गुजारा भत्ता) क्या होती है, जिसे सामंथा ने लेने से इनकार कर दिया?

जवाब- एलिमनी एक तरह की आर्थिक यानी फाइनेंशियल मदद है, जो पत्नी, पति से अलग होने के पहले या बाद में क्लेम कर सकती है। पति अपनी पत्नी को एलिमनी देने के लिए कानूनी तौर से कमिटेड होता है।

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सवाल 2- कौन ले सकता है एलिमनी?

जवाब- क्रिमिनल प्रोसीजर कोड 1973 के तहत पत्नी के एलिमनी की जिम्मेदारी उसके पति की होती है। कुछ मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें पति को पत्नी से एलिमनी मिली है और इसका ऑर्डर कोर्ट ने ही दिया है। जुलाई 2014 में गुजरात के गांधीनगर के एक फैमिली कोर्ट ने राजविंदर कौर को उनके पति दलबीर सिंह को एलिमनी देने का ऑर्डर दिया था।

सवाल 3- एलिमनी कितनी तरह की होती हैं?

जवाब-  एलिमनी 2 तरह की होती हैं।

पहली- यह कोर्ट में तलाक का मामला चलने के दौरान दी जाती है। इसे मेंटेनेंस अमाउंट भी कहा जाता है। केस लड़ते वक्त पत्नी को इसके जरिए आर्थिक मदद मिलती है।

दूसरी- जब पति-पत्नी कानूनी तौर पर अलग हो जाते हैं या उनका तलाक हो जाता है, तब दी जाती है। इसमें इकट्ठा, महीने में या किश्त के आधार पर एक निश्चित रकम तय की जाती है, जो पत्नी को दी जाती है।

हिंदू एडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट 1956 के मुताबिक, हिंदू पत्नी अपने पति से अलग होने का अधिकार रखती है और मेंटेनेंस का दावा किए बिना उसे पति की तरफ से एलिमनी दी जाएगी, लेकिन कुछ खास सिचुएशन में ही ऐसा मुमकिन है।

सवाल 4- एलिमनी की रकम किन-किन चीजों को देखकर डिसाइड की जाती है?

जवाब- एलिमनी की रकम कोर्ट पति की कुछ चीजों को देखकर डिसाइड करता है-

कहने का मतलब है कि पति की पूरी लाइफ स्टाइल देखी जाती है। ये भी देखा जाता है कि बच्चा किसके साथ है और उसकी पढ़ाई का खर्च। सबसे पहले पति से इन तीनों चीजों का कोर्ट में डिक्लेयर करवाया जाता है। उसके बाद कोर्ट तय करता है कि पत्नी को कितनी एलिमनी दी जा सकती है। सामंथा ने करण के शो में कहा था, 'ट्रोलर्स ने पहले 250 करोड़ एलिमनी के बारे में कहानी बनाई। फिर उन्हें लगा कि ये भरोसेमंद कहानी नहीं लग रही है, तो उन्होंने दूसरी कहानी बनाई कि मैंने प्री-नप साइन किया है। इसलिए मैं एलिमनी मांग ही नहीं सकती हूं।'

सवाल 5- सामंथा ने जिस प्री-नप का जिक्र किया वो क्या होता है?

जवाब- प्री-नप एक तरह का कॉन्ट्रैक्ट है, जो पति-पत्नी के बीच शादी से पहले साइन होता है। इसमें ये तय किया जाता है कि दोनों पक्षों को मृत्यु, तलाक या सेप्रेशन के वक्त कितने पैसे का बंटवारा किया जाएगा या फिर किया भी जाएगा या नहीं।

एडवोकेट कहते हैं कि प्री-नप एक वेस्टर्न टर्म है। जिसका फुल फॉर्म होता है- प्री मैरिज एग्रीमेंट। हिंदू मैरिज एक्ट के अनुसार, शादी से रिलेटेड किसी भी तरह का एग्रीमेंट लीगल नहीं होता है। यानी प्री मैरिज एग्रीमेंट भी लीगल नहीं है। इस तरह के एग्रीमेंट का इस्तेमाल रईस लोग करते हैं। मिडिल क्लास लोग ऐसी चीजों के चक्कर में कम ही पड़ते हैं।

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