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कांग्रेस में एक और टूट का खतरा, पार्टी के कई विधायक दे सकते हैं दगा

Published On September 11, 2022 07:56 PM IST
Published By : Mega Daily News

'दोहरे इंजन वाली राजनीतिक ट्रेन' को पकड़ने के दो असफल प्रयासों के साथ गोवा में कांग्रेस के विधायकों (Goa Congress MLA's) ने एक बार फिर से पाला बदलने में दिलचस्पी दिखाई है. कहा जा रहा है कि पार्टी के कई विधायकों ने अभी अपनी उम्मीद नहीं छोड़ी है. इससे पहले दोनों मौकों पर उन्होंने कथित तौर पर सत्तारूढ़ बीजेपी (BJP) में शामिल होने का फैसला तो कर किया, लेकिन इसके लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सके.

गोवा कांग्रेस में पहले भी हो चुकी है टूट

10 जुलाई, 2019 को बीजेपी सरकार के अंतिम कार्यकाल के दौरान विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर के साथ कांग्रेस के 10 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे. हालांकि कावलेकर और छह अन्य राजनेता फरवरी 2022 में हुए विधानसभा चुनाव हार गए. जैसा कि वरिष्ठों द्वारा पार्टियों को बदलने का उदाहरण स्थापित किया गया था. वहीं 2022 में चुने गए नए चेहरों के साथ कांग्रेस के कुछ पुराने चेहरों ने 10 जुलाई 2022 को दलबदल का प्रयास किया था.

आठवें विधायक की तलाश जारी!

इन विधायकों का 'दलबदल' मोड में एक और कदम भी गणेश चतुर्थी के दौरान विफल हो गया, क्योंकि वो अपने लिए उस 'आठवें' विधायक का इंतजाम नहीं कर सके, जिसका होना बहुत जरूरी था. आपको बता दें कि 40 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 11 विधायक हैं और दो-तिहाई बहुमत के लिए 8 विधायकों की जरूरत है. कांग्रेस के एक केंद्रीय नेता ने आईएएनएस से कहा कि संख्या की कमी के कारण उनका दूसरा प्रयास भी विफल रहा.

बीजेपी नेता चाहते हैं कि न टूटे कांग्रेस

दिलचस्प बात यह है कि न केवल कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि पाला बदलने के मूड में एकदम तैयार बैठे ये कथित बागी विधायक पार्टी में बने रहें, बल्कि बीजेपी के कुछ मंत्री भी ऐसा ही चाहते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि नए लोगों को समायोजित करने के लिए उन्हें कैबिनेट से हटाया जा सकता है.

दिगंबर कामत और माइकल लोबो का दिल्ली दौरा

हाल ही में, ऐसी खबरें आई थीं कि कांग्रेस विधायक दिगंबर कामत और माइकल लोबो, जिनके खिलाफ पार्टी ने पार्टी को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए अयोग्यता नोटिस दिया है और वे बीजेपी नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली में थे. हालांकि, दोनों ने इसका खंडन करते किया.

9 जुलाई, 2022 को इन अटकलों के बीच कि कांग्रेस के कुछ विधायक दिल्ली में डेरा डाले हुए थे और बीजेपी नेताओं के साथ अपने पाले में शामिल होने के लिए बातचीत कर रहे थे, कांग्रेस गोवा डेस्क के प्रभारी दिनेश गुंडू राव ने कहा था कि वे सिर्फ अफवाहें थीं.

दिनेश गुंडू राव ने 10 जुलाई को दावा किया था कि बीजेपी कांग्रेस में दो-तिहाई विभाजन की कोशिश कर रही है. इसको लेकर राव ने कहा, 'बड़ी रकम की पेशकश के बावजूद, हमारे छह विधायक डटे हुए हैं. मुझे उन पर गर्व है. बीजेपी कांग्रेस में दो-तिहाई विभाजन की कोशिश कर रही थी, इसलिए कम से कम 8 विधायकों को पार्टी छोड़नी पड़ी.'

गोवा बीजेपी ने खारिज किए आरोप

गोवा में 11 जुलाई को बीजेपी इकाई ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था कि वे कांग्रेस विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, बीजेपी के गोवा डेस्क प्रभारी सी.टी रवि ने 28 मई को कहा था कि विपक्ष के पांच विधायक सत्ताधारी पक्ष में शामिल होने के इच्छुक हैं.

कांग्रेस ने 11 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत और माइकल लोबो के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए विधानसभा अध्यक्ष के पास अयोग्यता याचिका भी दायर की थी. यह बताता है कि कांग्रेस खेमे में 'सब ठीक नहीं है' और उन्हें उन विधायकों पर कोई भरोसा नहीं है जिन्हें वे 'दलबदलू' के रूप में देखते हैं. वहीं दिनेश गुंडू राव के साथ कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक के 11 या 12 सितंबर को विपक्ष के नेता का चयन करने और राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए गोवा आने की संभावना है. वे भविष्य में अपने विधायकों को 'डबल इंजन' ट्रेन में चढ़ने से भी रोकेंगे.

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