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रिसर्च में हुआ खुलासा, रेडी टू ईट फूड ले सकते हैं आपकी जान, यह खाने से पहले करें एक बार विचार

Published On November 08, 2022 01:50 AM IST
Published By : Mega Daily News

अगर आप प्री-पैकेज्ड सूप, सॉस, फ्रोजन पिज्जा और रेडी-टू-ईट जैसे अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड्स रोज खाते हैं तो आपकी जल्दी मौत हो सकती है. एक रिसर्च में यह दावा किया गया है. यह रिसर्च 2019 में ब्राजील में समय से पहले रोके जा सकने वाली 10 प्रतिशत से अधिक मौतों के सिलसिले में किया गया है. अमेरिकन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन में पब्लिश हुई इस रिपोर्ट में रिसर्चर्स ने कहा कि अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड्स में से कोई पूरी तरह खाने वाला पदार्थ नहीं होता है, यही वजह है कि 2019 में ब्राजील में 57,000 लोगों की समय से पहले मौत हो गई.

लैब में होते हैं तैयार

ऐसे रेडी-टू-ईट-या-हीट इंडस्ट्रियल फॉर्मूलेशन, जो खाद्य पदार्थों से निकाले गए हिस्सों से बने होते हैं या लैब्स में सिंथेटिक से तैयार होते हैं, धीरे-धीरे कई देशों में पारंपरिक खाद्य पदार्थों और ताजा व न्यूनतम संसाधित सामग्री से बने भोजन की जगह ले रहे हैं. साओ पाउलो विश्वविद्यालय के प्रमुख इन्वेस्टिगेटर, एडुआडरे ए.एफ. निल्सन ने कहा, "पिछले मॉडलिंग अध्ययनों ने सोडियम, चीनी और ट्रांस वसा, और विशिष्ट खाद्य पदार्थ या पेय, जैसे चीनी मीठे पेय पदार्थों के स्वास्थ्य और आर्थिक बोझ का अनुमान लगाया है."

उन्होंने कहा, "हमारी जानकारी में आज तक किसी भी रिसर्च में समय से पहले होने वाली मौतों के कारण के तौर पर अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के प्रभाव का अनुमान नहीं लगाया है. इन खाद्य पदार्थों की खपत के कारण होने वाली मौतों के बारे में जानना जरूरी है. आहार पैटर्न में परिवर्तन बीमारी और समयपूर्व मौतों को रोक सकते हैं."

ये हैं ओवरप्रोसेस्ड फूड्स

ओवरप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के उदाहरण हैं- पैक सूप, सॉस, फ्रोजन पिज्जा, पहले से तैयार भोजन, हॉट डॉग, सॉसेज, सोडा, आइसक्रीम और स्टोर से खरीदे गए कुकीज, केक, कैंडी और डोनट्स. शोध की अवधि के दौरान सभी आयु समूहों और लिंग वर्गो में अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की खपत ब्राजील में कुल भोजन सेवन का 13 प्रतिशत से 21 प्रतिशत तक थी. 2019 में 30 से 69 वर्ष की आयु के कुल 5,41,260 वयस्कों की समय से पहले मौत हो गई, जिनमें से 2,61,061 रोके जाने योग्य, गैर-संचारी रोगों से थे.

शोध में पाया गया कि उस वर्ष लगभग 57,000 मौतों को अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की खपत के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जो सभी समय से पहले होने वाली मौतों का 10.5 प्रतिशत और 30 से 69 वर्ष की आयु के वयस्कों में रोकथाम योग्य गैर-संचारी रोगों से होने वाली सभी मौतों का 21.8 प्रतिशत है.

ये बोले रिसर्र्स

रिसर्चर्स ने सुझाव दिया कि अमेरिका, कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया जैसे उच्च आय वाले देशों में, जहां अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ कुल कैलोरी सेवन के आधे से अधिक खाते हैं, अनुमानित प्रभाव और भी अधिक होगा. ओवर प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की खपत को कम करने और स्वस्थ भोजन विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए कई हस्तक्षेपों और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की जरूरत हो सकती है. निल्सन ने कहा, "अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन मोटापे, हृदय रोग, मधुमेह, कुछ कैंसर और अन्य बीमारियों, जैसे कई रोग परिणामों से जुड़ा है, और यह ब्राजील के वयस्कों में रोकथाम योग्य और समय से पहले होने वाली मौतों का एक अहम कारण दर्शाता है."

 

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